<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/vaishnavi-j/author-12" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Vaishnavi.J - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/author/12/rss</link>
                <description>Vaishnavi.J RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>RPSC RAS Recruitment 2026 – 607 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 जारी की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rpsc-ras-recruitment-2026-%E2%80%93-online-application-starts-for-607/article-54370"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/rpsc-ras-recruitment-2026.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 (RAS/RTS) की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 607 पदों को भरा जाएगा, जो राज्य प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। यह भर्ती राजस्थान (<span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rajasthan</span></span>) सरकार की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को प्रशासनिक और विभिन्न सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 04 जून 2026 से शुरू होकर 03 जुलाई 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले RPSC द्वारा जारी आधिकारिक सूचना-पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ें, ताकि परीक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी जैसे पात्रता, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस, शुल्क और अन्य नियम स्पष्ट हो सकें। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे और इसके लिए One Time Registration (OTR) अनिवार्य होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जो 01 जनवरी 2027 के आधार पर मानी जाएगी। सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। यह नियम उम्मीदवारों को अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल 607 पदों में से 192 पद राजस्थान राज्य सेवा परीक्षा (State Service Exam) के अंतर्गत हैं, जबकि 415 पद अधीनस्थ सेवाओं (Subordinate Services) के लिए निर्धारित किए गए हैं। राज्य सेवा के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। वहीं अधीनस्थ सेवा के लिए पद के अनुसार अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इनमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। आवेदन करते समय सभी जानकारी सही और स्पष्ट रूप से भरना जरूरी है, क्योंकि किसी भी प्रकार की त्रुटि आवेदन को निरस्त कर सकती है। आवेदन जमा करने से पहले फॉर्म का प्रीव्यू देखना और सभी विवरणों की जांच करना अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">आवेदन शुल्क का भुगतान भी निर्धारित समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा। यदि उम्मीदवार शुल्क का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनका आवेदन अधूरा माना जाएगा और स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को अंतिम सबमिट किए गए फॉर्म का प्रिंट आउट सुरक्षित रखना चाहिए, जो भविष्य में परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन के समय काम आएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">RPSC RAS परीक्षा राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है, जिसमें लाखों उम्मीदवार हर साल शामिल होते हैं। यह परीक्षा राज्य प्रशासनिक सेवाओं में अधिकारी बनने का अवसर प्रदान करती है। चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल होते हैं। यह परीक्षा न केवल ज्ञान की परीक्षा होती है, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता को भी परखती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी तैयारी शुरू करें और परीक्षा पैटर्न के अनुसार अध्ययन करें। सही रणनीति और नियमित अभ्यास से इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है। यह भर्ती उन सभी युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो सरकारी सेवा में अपना करियर बनाना चाहते हैं और राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर RPSC RAS Recruitment 2026 एक महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया है जो राजस्थान में प्रशासनिक सेवाओं के क्षेत्र में नई संभावनाएं लेकर आई है। योग्य उम्मीदवारों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rpsc-ras-recruitment-2026-%E2%80%93-online-application-starts-for-607/article-54370</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rpsc-ras-recruitment-2026-%E2%80%93-online-application-starts-for-607/article-54370</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/rpsc-ras-recruitment-2026.jpg"                         length="116387"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खोपरा पाक: मध्यप्रदेश का पारंपरिक नारियल आधारित स्वादिष्ट मिठाई</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश की मिठाई संस्कृति में खोपरा पाक एक खास स्थान रखता है, जो नारियल, दूध और घी के समृद्ध स्वाद से तैयार किया जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a16d53a04ddf/article-54355"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/khopra-pak.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत अपनी विविध मिठाइयों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। हर राज्य की अपनी खास मिठाई होती है, जो उसकी संस्कृति और परंपरा को दर्शाती है। मध्यप्रदेश की मिठाई संस्कृति भी बेहद समृद्ध है, और इसी में एक खास नाम है खोपरा पाक का। यह एक पारंपरिक नारियल आधारित मिठाई है, जिसे खास मौकों, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है।</p>
<p>खोपरा पाक मुख्य रूप से नारियल, दूध, घी और चीनी से तैयार किया जाता है। इसका स्वाद बेहद समृद्ध और मुलायम होता है। यह मिठाई न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि ऊर्जा से भरपूर भी होती है। नारियल के प्राकृतिक गुण और दूध की पौष्टिकता इसे और भी खास बनाते हैं।</p>
<p>इस मिठाई की खासियत इसकी सरल लेकिन पारंपरिक तैयारी विधि है। सबसे पहले ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल लिया जाता है। फिर इसे धीमी आंच पर दूध और घी के साथ पकाया जाता है। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगता है, तब इसमें चीनी मिलाई जाती है। धीरे-धीरे यह मिश्रण एक ठोस लेकिन नरम मिठाई का रूप ले लेता है। अंत में इसे एक थाली में फैलाकर ठंडा किया जाता है और छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है।</p>
<p>खोपरा पाक का स्वाद बेहद खास होता है क्योंकि इसमें नारियल की प्राकृतिक मिठास और घी की समृद्ध सुगंध शामिल होती है। यह मिठाई मुंह में जाते ही घुल जाती है और एक अलग ही अनुभव देती है। यही कारण है कि यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है।</p>
<p>मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में, खासकर मालवा और निमाड़ क्षेत्र में, खोपरा पाक को पारंपरिक मिठाई के रूप में बनाया जाता है। त्योहारों जैसे दिवाली, होली और नवरात्रि में यह मिठाई विशेष रूप से तैयार की जाती है। इसके अलावा शादी-विवाह और धार्मिक पूजा-पाठ में भी इसका उपयोग प्रसाद के रूप में किया जाता है।</p>
<p>खोपरा पाक केवल एक मिठाई नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा भी है। पुराने समय में इसे घरों में पारंपरिक तरीके से बनाया जाता था, लेकिन आज यह मिठाई मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट्स में भी आसानी से मिल जाती है। हालांकि, घर में बनी खोपरा पाक का स्वाद अभी भी सबसे बेहतर माना जाता है।</p>
<p>इस मिठाई की एक और खास बात यह है कि यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी लाभदायक है। नारियल में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए अच्छे होते हैं। दूध और घी ऊर्जा प्रदान करते हैं और शरीर को ताकत देते हैं। इसलिए खोपरा पाक को एक पौष्टिक मिठाई भी कहा जा सकता है।</p>
<p>आज के समय में जब लोग नए-नए डेजर्ट्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, तब भी खोपरा पाक अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए है। यह मिठाई भारतीय स्वाद की सादगी और गहराई को दर्शाती है। इसकी लोकप्रियता न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बल्कि शहरी इलाकों में भी लगातार बढ़ रही है।</p>
<p>खोपरा पाक की एक खास बात यह भी है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसकी बनावट और सामग्री इसे टिकाऊ बनाती है, जिससे यह यात्रा या उपहार के रूप में भी बहुत उपयोगी होती है। कई लोग इसे त्योहारों पर गिफ्ट के रूप में भी देते हैं।</p>
<p>मध्यप्रदेश की मिठाई संस्कृति में खोपरा पाक का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। यह मिठाई न केवल स्वाद का प्रतीक है बल्कि परंपरा, संस्कृति और प्रेम का भी प्रतीक है। जब भी कोई व्यक्ति मध्यप्रदेश की मिठाइयों की बात करता है, तो खोपरा पाक का नाम जरूर लिया जाता है। अंत में कहा जा सकता है कि खोपरा पाक सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की आत्मा से जुड़ा हुआ एक मीठा अनुभव है। इसका हर एक टुकड़ा परंपरा, स्वाद और खुशियों से भरा होता है, जो हर किसी के दिल में अपनी जगह बना लेता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a16d53a04ddf/article-54355</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a16d53a04ddf/article-54355</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/khopra-pak.jpg"                         length="236691"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर भर्ती 2026 – 3951 पदों पर बड़ी सरकारी नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[RSSB ने बेसिक और सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की, योग्य उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rajasthan-computer-instructor-recruitment-2026-%E2%80%93-big-government-job-for/article-54373"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/rssb-computer-instructor-recruitment-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (<span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rajasthan Staff Selection Board</span></span>) ने वर्ष 2026 के लिए बेसिक और सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती का विज्ञापन संख्या 07/2026 के तहत कुल 3951 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग में कंप्यूटर शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 जून 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भर्ती में दो प्रमुख श्रेणियाँ शामिल हैं – सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर और बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर। सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर के लिए कुल 322 पद निर्धारित किए गए हैं, जबकि बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर के लिए 3629 पद रखे गए हैं। इन पदों का उद्देश्य राज्य के विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर पद के लिए उम्मीदवार के पास कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी या संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में मास्टर डिग्री होना आवश्यक है। वहीं बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ कंप्यूटर में A लेवल, PGDCA या संबंधित डिग्री/डिप्लोमा आवश्यक है। कुछ तकनीकी इंजीनियरिंग डिग्री धारक भी इस पद के लिए पात्र हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। यह प्रावधान अधिक से अधिक उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले One Time Registration (OTR) करना अनिवार्य है। इसके बाद वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य विवरण भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय फोटो, हस्ताक्षर, पहचान पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">फॉर्म भरते समय सभी जानकारी सही-सही भरना बहुत जरूरी है क्योंकि किसी भी प्रकार की गलती आवेदन को अमान्य कर सकती है। आवेदन जमा करने से पहले सभी कॉलम को ध्यानपूर्वक जांचना चाहिए और प्रीव्यू अवश्य देखना चाहिए। आवेदन शुल्क का भुगतान भी अंतिम तिथि 23 जून 2026 तक करना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">RSSB कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर भर्ती राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा अवसर है, जिसमें हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा। यह भर्ती न केवल रोजगार प्रदान करती है बल्कि राज्य में डिजिटल शिक्षा को भी मजबूत बनाती है। चयनित उम्मीदवारों को सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा देने की जिम्मेदारी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सभी पात्रता शर्तों को समझकर ही आवेदन करें। परीक्षा से संबंधित सभी नियम, चयन प्रक्रिया और सिलेबस आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही मान्य होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर RSSB Computer Instructor Recruitment 2026 तकनीकी और शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर है। योग्य उम्मीदवारों को इस अवसर का लाभ उठाकर समय पर आवेदन करना चाहिए और अपनी तैयारी को मजबूत बनाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rajasthan-computer-instructor-recruitment-2026-%E2%80%93-big-government-job-for/article-54373</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rajasthan-computer-instructor-recruitment-2026-%E2%80%93-big-government-job-for/article-54373</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/rssb-computer-instructor-recruitment-2026.jpg"                         length="117486"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दंतेश्वरी मंदिर – बस्तर की कुलदेवी और आस्था का पवित्र धाम</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मियों में यात्रा, संस्कृति और पारंपरिक भोजन का अनोखा अनुभव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/danteshwari-temple-%E2%80%93-kuldevi-of-bastar-and-holy-place-of/article-54369"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/danteshwari-temple-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दंतेश्वरी मंदिर (Chhattisgarh के दंतेवाड़ा जिले में स्थित) छत्तीसगढ़ का एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर माँ दंतेश्वरी को समर्पित है, जिन्हें बस्तर क्षेत्र की कुलदेवी माना जाता है। यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत केंद्र है। यह शक्तिपीठों में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है और हजारों श्रद्धालु हर साल यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दंतेश्वरी मंदिर का इतिहास बहुत प्राचीन माना जाता है। यह माना जाता है कि यह मंदिर प्राचीन काल से बस्तर राजवंश की आराध्य देवी का केंद्र रहा है। यहाँ की वास्तुकला सरल लेकिन अत्यंत आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। मंदिर में प्रवेश करते ही भक्तों को एक शांत और दिव्य वातावरण का अनुभव होता है, जो मन को सुकून देता है। यहाँ हर दिन पूजा-अर्चना होती है, लेकिन विशेष अवसरों पर जैसे बस्तर दशहरा के समय यह स्थान भव्य उत्सव का केंद्र बन जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों के मौसम में दंतेश्वरी मंदिर की यात्रा करना एक विशेष अनुभव होता है। दंतेवाड़ा क्षेत्र प्राकृतिक रूप से हरियाली और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे गर्मी के मौसम में भी यहाँ का वातावरण अपेक्षाकृत शांत और सुहावना रहता है। हालांकि दिन में तापमान बढ़ सकता है, इसलिए सुबह या शाम के समय मंदिर जाना अधिक आरामदायक माना जाता है। यात्रियों को हल्के कपड़े पहनने, पानी साथ रखने और धूप से बचाव का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में यात्रा के दौरान स्थानीय जीवन और संस्कृति को समझना भी एक अनोखा अनुभव होता है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। यहाँ के लोग सरल जीवन जीते हैं और उनकी परंपराएँ बहुत समृद्ध हैं। पर्यटक यहाँ स्थानीय हस्तशिल्प, लकड़ी की कला और पारंपरिक वस्तुएँ भी देख सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दंतेश्वरी मंदिर की यात्रा के दौरान यहाँ के स्थानीय भोजन का स्वाद लेना भी एक महत्वपूर्ण अनुभव है। बस्तर और छत्तीसगढ़ का भोजन बहुत ही सरल, पौष्टिक और देसी स्वाद से भरपूर होता है। गर्मियों में खासतौर पर हल्का और सुपाच्य भोजन पसंद किया जाता है। यहाँ चावल आधारित व्यंजन प्रमुख होते हैं, जैसे चिला, फरा और बोरे बासी। ये व्यंजन शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चिला एक लोकप्रिय नाश्ता है जो चावल के घोल से बनाया जाता है और हल्का तला या सेंका जाता है। यह गर्मियों में बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है क्योंकि यह पेट पर भारी नहीं पड़ता। फरा भी एक पारंपरिक व्यंजन है जो चावल के आटे से बनता है और स्टीम करके तैयार किया जाता है। यह भी हल्का और पौष्टिक होता है। बोरे बासी, जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर खाया जाता है, बस्तर की एक अनोखी परंपरा है और गर्मियों में शरीर को ठंडक प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा यहाँ स्थानीय दाल, सब्जियाँ और हरी चटनी भी भोजन का हिस्सा होती हैं। महुआ से बने पारंपरिक व्यंजन और पेय भी बस्तर संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। गर्मियों में नारियल पानी और नींबू पानी जैसे पेय भी यात्रियों को राहत देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दंतेश्वरी मंदिर की यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और प्राकृतिक अनुभव के रूप में भी महत्वपूर्ण है। यहाँ आकर व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ स्थानीय जीवन की सादगी को समझने का अवसर मिलता है। मंदिर परिसर में होने वाली आरती और पूजा का वातावरण बहुत ही दिव्य और मन को शांति देने वाला होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बस्तर दशहरा के समय यहाँ का दृश्य और भी भव्य हो जाता है, जब हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ एकत्र होते हैं। यह पर्व दुनिया के सबसे लंबे चलने वाले त्योहारों में से एक माना जाता है और दंतेश्वरी देवी इसकी मुख्य आराध्य देवी होती हैं। इस समय मंदिर और पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंगा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर दंतेश्वरी मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह बस्तर की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सुंदरता का भी प्रतीक है। गर्मियों में यहाँ की यात्रा श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए एक यादगार अनुभव बन जाती है, जहाँ आध्यात्मिकता, स्वाद और संस्कृति एक साथ देखने को मिलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/danteshwari-temple-%E2%80%93-kuldevi-of-bastar-and-holy-place-of/article-54369</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/danteshwari-temple-%E2%80%93-kuldevi-of-bastar-and-holy-place-of/article-54369</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/danteshwari-temple-%281%29.jpg"                         length="235338"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिला (Chila) – छत्तीसगढ़ का पारंपरिक चावल से बना स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन</title>
                                    <description><![CDATA[देसी स्वाद, सादगी और सेहत का अनोखा मेल—जानिए चिला की रेसिपी, महत्व और पोषण गुण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chila-%E2%80%93-a-delicious-and-nutritious-dish-made-from-traditional/article-54368"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chila-recipe.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति में चिला एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन माना जाता है। यह चावल के घोल से बनने वाला पतला और हल्का व्यंजन है, जिसे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़े चाव से खाया जाता है। सरल सामग्री, कम लागत और आसान विधि के कारण यह हर घर में बनने वाला आम नाश्ता या हल्का भोजन बन चुका है। आज भी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इसे रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा माना जाता है और यह राज्य की पारंपरिक खानपान शैली का महत्वपूर्ण प्रतीक है।</p>
<p style="text-align:justify;">चिला को बनाने के लिए मुख्य रूप से चावल को भिगोकर उसका घोल तैयार किया जाता है। कुछ लोग इसमें उड़द दाल या चना दाल भी मिलाते हैं ताकि इसका स्वाद और पौष्टिकता बढ़ सके। तैयार घोल को तवे पर पतला फैलाकर हल्के तेल में सेंका जाता है, जिससे यह बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम बन जाता है। इसे तुरंत परोसा जाता है और यह गर्मागर्म खाने पर सबसे ज्यादा स्वादिष्ट लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में चिला केवल भोजन नहीं बल्कि एक परंपरा भी है। सुबह के नाश्ते में या शाम की हल्की भूख में इसे बड़े आराम से बनाया और खाया जाता है। खेतों में काम करने वाले लोग इसे ऊर्जा के स्रोत के रूप में उपयोग करते हैं क्योंकि यह हल्का होने के साथ-साथ पेट भरने वाला भोजन है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय या सामग्री की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह हर वर्ग के लोगों के लिए सुलभ है।</p>
<p style="text-align:justify;">चिला का पोषण मूल्य भी इसे खास बनाता है। चावल से बनने के कारण इसमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। जब इसमें दाल मिलाई जाती है तो यह प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत बन जाता है। यह तैलीय और भारी भोजन की तुलना में अधिक हल्का और पचने में आसान होता है। इसलिए इसे बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की खाद्य परंपरा में चिला का एक सांस्कृतिक महत्व भी है। यह व्यंजन पीढ़ियों से चला आ रहा है और आज भी लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बना हुआ है। त्योहारों, पारिवारिक मेलजोल और विशेष अवसरों पर भी इसे बड़े प्रेम से बनाया जाता है। ग्रामीण संस्कृति में यह सादगी और देसी जीवनशैली का प्रतीक माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि कम संसाधनों में भी स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चिला को आमतौर पर विभिन्न प्रकार की चटनी के साथ परोसा जाता है। हरी धनिया चटनी, टमाटर चटनी या लाल मिर्च की तीखी चटनी इसके स्वाद को और बढ़ा देती हैं। कुछ लोग इसे अचार या दही के साथ भी खाना पसंद करते हैं। इसके साथ इसका स्वाद और भी संतुलित और लाजवाब हो जाता है। यह संयोजन इसे और अधिक लोकप्रिय बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के समय में जब फास्ट फूड का चलन बढ़ रहा है, चिला जैसे पारंपरिक व्यंजन लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर वापस लाने में मदद कर रहे हैं। यह न केवल स्वादिष्ट है बल्कि शरीर के लिए भी लाभकारी है। आधुनिक पोषण विशेषज्ञ भी इसे एक हेल्दी ब्रेकफास्ट विकल्प के रूप में देखते हैं। इसकी सादगी और पौष्टिकता इसे हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर चिला छत्तीसगढ़ की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह व्यंजन न केवल स्वाद में बेहतरीन है बल्कि स्वास्थ्य और परंपरा का भी अद्भुत मेल है। इसकी लोकप्रियता आज भी कम नहीं हुई है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पारंपरिक भोजन बना रहेगा।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chila-%E2%80%93-a-delicious-and-nutritious-dish-made-from-traditional/article-54368</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chila-%E2%80%93-a-delicious-and-nutritious-dish-made-from-traditional/article-54368</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/chila-recipe.jpg"                         length="192636"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बकरीद (Eid al-Adha) 2026 – भारत में 28 मई को मनाया जाएगा त्योहार, चाँद दिखने के आधार पर बदली तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[धार्मिक घोषणा के बाद भारत में अधिकांश जगहों पर बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bakrid-eid-al-adha-2026-%E2%80%93-the-festival-will-be-celebrated/article-54374"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/eid-al-adha-2026-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बकरीद या ईद-उल-अजहा (Eid al-Adha) इस्लाम धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जिसे दुनिया भर में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) की कुर्बानी की भावना और अल्लाह के प्रति उनकी अटूट आस्था को याद करने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2026 में भारत में बकरीद (<span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Eid al-Adha</span></span>) का पर्व गुरुवार, 28 मई 2026 को मनाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में बकरीद की तारीख चाँद दिखने पर आधारित होती है। इस वर्ष धुल-हिज्जा महीने के चाँद के दर्शन को लेकर कई क्षेत्रों में अलग-अलग स्थिति बनी रही। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुछ देशों और क्षेत्रों में बकरीद 27 मई को मनाई गई, लेकिन भारत में अधिकतर धार्मिक समितियों और चाँद देखने वाली संस्थाओं ने पुष्टि की कि धुल-हिज्जा का चाँद अपेक्षित समय पर नहीं देखा गया। इसके कारण अधिकांश राज्यों में ईद-उल-अजहा का मुख्य उत्सव एक दिन बाद यानी 28 मई 2026 को मनाने का निर्णय लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में यह त्योहार केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि यह सामाजिक एकता, भाईचारे और बलिदान की भावना का प्रतीक भी है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह विशेष नमाज अदा करते हैं, जिसे ईद की नमाज कहा जाता है। इसके बाद लोग एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं और शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बकरीद का मुख्य संदेश त्याग और समर्पण है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की उस घटना की याद दिलाता है जब उन्होंने अल्लाह के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था। उनकी इस आस्था और समर्पण को देखकर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी स्वीकार की। इसी परंपरा को याद करते हुए आज भी बकरीद के दिन कुर्बानी दी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में बकरीद का उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। देश के सभी राज्यों में मुस्लिम समुदाय इस दिन विशेष तैयारियाँ करता है। लोग नए कपड़े पहनते हैं, मस्जिदों में नमाज पढ़ते हैं और अपने परिवार व दोस्तों के साथ त्योहार मनाते हैं। इस दिन बकरा या अन्य हलाल पशुओं की कुर्बानी दी जाती है और उसका मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है—एक हिस्सा गरीबों को, दूसरा रिश्तेदारों को और तीसरा परिवार के लिए रखा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बकरीद का सामाजिक महत्व भी बहुत बड़ा है। यह त्योहार समाज में समानता और दान की भावना को मजबूत करता है। इस दिन जरूरतमंदों की मदद करना, भोजन बांटना और गरीबों का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है। यह परंपरा समाज में एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के विभिन्न राज्यों में बकरीद को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। उत्तर भारत, दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में ईद की रौनक देखने लायक होती है। बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, मिठाइयों की दुकानें सज जाती हैं और लोग अपने घरों को विशेष रूप से सजाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष बकरीद की तारीख को लेकर शुरुआती असमंजस इसलिए हुआ क्योंकि कुछ देशों जैसे खाड़ी देशों में चाँद पहले दिखाई देने के कारण वहाँ 27 मई को ईद मनाई गई। लेकिन भारत में चाँद की स्थिति अलग होने के कारण धार्मिक समितियों ने अलग दिन की घोषणा की। इस प्रकार भारत में 28 मई 2026 को मुख्य रूप से बकरीद मनाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">त्योहार के दौरान लोग विशेष दुआएँ करते हैं और अल्लाह से शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। यह दिन केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि मानवता, दया और त्याग का प्रतीक भी है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग इस त्योहार में शामिल होकर इसकी खुशियों को साझा करते हैं। कुल मिलाकर बकरीद 2026 भारत में एकता, आस्था और त्याग का संदेश लेकर आएगी। यह त्योहार लोगों को एक-दूसरे के करीब लाता है और समाज में प्रेम और भाईचारे को मजबूत करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bakrid-eid-al-adha-2026-%E2%80%93-the-festival-will-be-celebrated/article-54374</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bakrid-eid-al-adha-2026-%E2%80%93-the-festival-will-be-celebrated/article-54374</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/eid-al-adha-2026-india.jpg"                         length="145228"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NALCO Non Executive Recruitment 2026 – 268 पदों पर ऑनलाइन आवेदन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड ने विभिन्न नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों की भर्ती जारी की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nalco-non-executive-recruitment-2026-%E2%80%93-online-application-starts-for/article-54371"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/nalco-recruitment-2026.jpg" alt=""></a><br /><p>नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड  ने वर्ष 2026 के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव विभिन्न पदों पर भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 268 पदों को भरा जाएगा। यह अवसर उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी क्षेत्र (PSU) में तकनीकी और औद्योगिक नौकरी की तलाश कर रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 10 जून 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।</p>
<p>इस भर्ती में विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी पद शामिल हैं, जिनमें सुपरवाइजर, ऑपरेटर, फिटर, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, लैबोरेटरी, माइनिंग और फोरमैन जैसे पद प्रमुख हैं। यह भर्ती विशेष रूप से ITI, डिप्लोमा और साइंस ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर है। चयनित उम्मीदवारों को PSU सेक्टर में स्थिर करियर और आकर्षक वेतनमान का लाभ मिलेगा।</p>
<p>आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम आयु पद के अनुसार 27 वर्ष से 40 वर्ष तक रखी गई है। विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। यह नियम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए लागू रहेगा।</p>
<p>पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है। अधिकांश तकनीकी पदों के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना आवश्यक है और साथ ही संबंधित ट्रेड में ITI प्रमाणपत्र (NCVT/NCVET) होना चाहिए। कुछ पदों के लिए डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग आवश्यक है, जबकि लैब असिस्टेंट जैसे पदों के लिए B.Sc (केमिस्ट्री) की डिग्री जरूरी है। इसके अलावा कई पदों के लिए 2 वर्ष का कार्य अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है।</p>
<p>ऑपरेटर, फिटर, इलेक्ट्रिकल और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसे पदों पर विशेष रूप से तकनीकी दक्षता वाले उम्मीदवारों की आवश्यकता है। वहीं माइनिंग मेट और HEMM ऑपरेटर जैसे पद खनन क्षेत्र में कार्य करने के लिए हैं, जहां अनुभव को भी महत्वपूर्ण मानदंड बनाया गया है। यह भर्ती औद्योगिक क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आयोजित की जा रही है।</p>
<p>आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले One Time Registration (OTR) पूरा करना अनिवार्य है। इसके बाद वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक विवरण भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को फोटो, हस्ताक्षर, पहचान पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे।</p>
<p>फॉर्म भरते समय सभी जानकारी सही-सही भरना आवश्यक है क्योंकि किसी भी प्रकार की त्रुटि आवेदन को अमान्य कर सकती है। आवेदन सबमिट करने से पहले उम्मीदवारों को सभी कॉलम ध्यानपूर्वक जांचने चाहिए। आवेदन शुल्क का भुगतान भी अंतिम तिथि 10 जून 2026 तक करना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन अधूरा माना जाएगा।</p>
<p>NALCO जैसी बड़ी PSU कंपनी में नौकरी मिलना उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा अवसर होता है। यह न केवल स्थिर रोजगार प्रदान करता है बल्कि करियर विकास के लिए भी कई संभावनाएँ खोलता है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और अन्य चरण शामिल हो सकते हैं, जिनका विवरण आधिकारिक अधिसूचना में दिया गया है।</p>
<p>इस भर्ती के माध्यम से कंपनी अपने विभिन्न यूनिट्स और प्रोजेक्ट्स के लिए कुशल और योग्य कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। यह अवसर विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं।</p>
<p>उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। सही तैयारी और समय प्रबंधन के साथ उम्मीदवार इस भर्ती में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह भर्ती न केवल रोजगार का अवसर है बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nalco-non-executive-recruitment-2026-%E2%80%93-online-application-starts-for/article-54371</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nalco-non-executive-recruitment-2026-%E2%80%93-online-application-starts-for/article-54371</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/nalco-recruitment-2026.jpg"                         length="84715"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NTA UGC NET June 2026 – ऑनलाइन आवेदन शुरू, JRF और Assistant Professor परीक्षा का बड़ा अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा 2026 के लिए NTA ने अधिसूचना जारी की, आवेदन प्रक्रिया शुरू जल्द]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nta-ugc-net-june-2026-%E2%80%93-online-application-started-big/article-54372"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/ugc-net-june-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (<span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">National Testing Agency</span></span>) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह परीक्षा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अंतर्गत आयोजित की जाती है और इसका उद्देश्य देशभर में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। इस परीक्षा को भारत की सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार UGC NET जून 2026 परीक्षा का आयोजन 22 जून से 30 जून 2026 के बीच किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया निर्धारित तिथियों के अनुसार खुलेगी और उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें ताकि अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके। यह परीक्षा उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">UGC NET परीक्षा के लिए पात्रता के अनुसार उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होना आवश्यक है, जिसमें न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। इसके अलावा 4 वर्षीय स्नातक डिग्री धारक भी इस परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। जो उम्मीदवार अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं, वे भी नियमों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो कॉलेज या विश्वविद्यालय में अध्यापन करना चाहते हैं या शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">JRF (Junior Research Fellowship) के लिए अधिकतम आयु सीमा 31 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। सरकार द्वारा आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाती है। यह प्रावधान अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परीक्षा में कुल 80 से अधिक विषय शामिल हैं, जिनमें मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान, भाषा और तकनीकी विषय प्रमुख हैं। प्रमुख विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, वाणिज्य, प्रबंधन, कंप्यूटर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, कानून, भूगोल और पत्रकारिता शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रीय भाषाएँ जैसे तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली, असमिया, कन्नड़ और अन्य विषय भी परीक्षा का हिस्सा हैं। यह विविधता इस परीक्षा को व्यापक और समावेशी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">UGC NET परीक्षा का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण क्षमता का मूल्यांकन करना और शोध कार्यों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। इस परीक्षा के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य करने का अवसर मिलता है। वहीं JRF प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को शोध कार्य के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मोड में रखी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना आवश्यक है। इसके बाद वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य विवरण भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सभी जानकारी सही और स्पष्ट रूप से भरना आवश्यक है क्योंकि किसी भी प्रकार की गलती आवेदन को निरस्त कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फॉर्म जमा करने से पहले उम्मीदवारों को सभी विवरणों का ध्यानपूर्वक निरीक्षण करना चाहिए। आवेदन शुल्क का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन अधूरा माना जाएगा। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद उम्मीदवारों को उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना चाहिए, जो भविष्य में परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के समय आवश्यक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">UGC NET परीक्षा न केवल एक प्रतियोगी परीक्षा है बल्कि यह उम्मीदवारों के शैक्षणिक और शोध करियर की दिशा तय करती है। यह परीक्षा उम्मीदवारों की विषय ज्ञान, विश्लेषण क्षमता और शिक्षण योग्यता का मूल्यांकन करती है। सही तैयारी और नियमित अभ्यास के माध्यम से उम्मीदवार इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर UGC NET जून 2026 परीक्षा उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह परीक्षा न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करती है बल्कि शैक्षणिक क्षेत्र में सम्मानजनक स्थान भी दिलाती है। योग्य उम्मीदवारों को इस अवसर का लाभ उठाकर समय पर आवेदन करना चाहिए और अपनी तैयारी को मजबूत करना चाहिए।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nta-ugc-net-june-2026-%E2%80%93-online-application-started-big/article-54372</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nta-ugc-net-june-2026-%E2%80%93-online-application-started-big/article-54372</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/ugc-net-june-2026-%281%29.jpg"                         length="105536"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मां बगलामुखी मंदिर: शक्ति उपासना का दिव्य केंद्र और ग्रीष्मकालीन यात्रा मार्गदर्शिका</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश के नलखेड़ा स्थित इस शक्तिपीठ में जानिए दर्शन, पूजा विधि, यात्रा योजना और गर्मियों में घूमने का पूरा अनुभव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/maa-baglamukhi-temple-divine-center-of-shakti-worship-and-summer/article-54366"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/khopra-pak-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के प्रमुख शक्ति उपासना स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर देवी बगलामुखी को समर्पित है, जिन्हें दस महाविद्याओं में आठवां स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी बगलामुखी को “स्तंभन शक्ति” की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, जो शत्रुओं की नकारात्मक ऊर्जा, बाधाओं और विपरीत परिस्थितियों को शांत करने की शक्ति प्रदान करती हैं। यही कारण है कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था, साधना और आत्मिक शक्ति का केंद्र माना जाता है, जहां देशभर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ पहुंचते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में जब अधिकतर लोग यात्रा की योजना बनाते हैं, तब मां बगलामुखी मंदिर एक शांत और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने वाला स्थान बन जाता है। हालांकि गर्मियों में तापमान अधिक रहता है, फिर भी सुबह और शाम के समय मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत शीतल और मन को सुकून देने वाला होता है। इस समय यात्रा करने से न केवल भीड़ से राहत मिलती है, बल्कि दर्शन और पूजा का अनुभव भी अधिक सहज और प्रभावशाली बन जाता है। मंदिर में प्रवेश करते ही पीले रंग की भव्यता और शांत आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को एक अलग ही ऊर्जा से भर देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई व्यक्ति गर्मियों में यहां घूमने की योजना बनाता है, तो यात्रा की सही तैयारी करना अत्यंत आवश्यक है। हल्के और सूती कपड़े पहनना, सिर को धूप से बचाने के लिए टोपी या छाता रखना और पर्याप्त पानी साथ रखना यात्रा को अधिक आरामदायक बनाता है। मंदिर परिसर में पूजा के दौरान पीले रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए कई श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण करके दर्शन के लिए आते हैं। यह रंग देवी बगलामुखी को अत्यंत प्रिय माना जाता है और इसे सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर में दर्शन के साथ-साथ कई धार्मिक गतिविधियाँ भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होती हैं। यहां आने वाले भक्त सबसे पहले मां बगलामुखी के दर्शन करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद वे हल्दी, पीले फूल, पीले वस्त्र और मिठाई अर्पित करते हैं। मंदिर में विशेष हवन और तांत्रिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाते हैं, जिन्हें अनुभवी आचार्यों द्वारा संपन्न किया जाता है। इन अनुष्ठानों में भाग लेने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि इससे उनके जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, मंदिर में मनोकामना सूत्र बांधने की भी परंपरा है, जिसमें श्रद्धालु एक धागा बांधकर देवी से अपनी इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। यह परंपरा यहां आने वाले हर भक्त के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई लोग यहां कुछ समय ध्यान और साधना में भी बिताते हैं, क्योंकि मंदिर का शांत वातावरण मानसिक एकाग्रता और आत्मिक शांति के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस समय न केवल मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है बल्कि मंदिर परिसर भी कम भीड़भाड़ वाला होता है। दोपहर में तेज धूप के कारण यात्रा थोड़ी कठिन हो सकती है, इसलिए स्थानीय लोग और पुजारी भी सुबह या शाम के दर्शन की सलाह देते हैं। मंदिर तक पहुंचना भी आसान है क्योंकि यह सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है और आसपास के शहरों से बस और टैक्सी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर के आसपास का क्षेत्र भी धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां छोटे भोजनालयों में सात्विक भोजन उपलब्ध होता है, जो श्रद्धालुओं की यात्रा को और भी सहज बनाता है। गर्मियों में ठंडा पानी, लस्सी और स्थानीय पेय पदार्थ यात्रियों को राहत प्रदान करते हैं। इसके साथ ही श्रद्धालु आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कर सकते हैं, जिससे उनकी यात्रा और भी समृद्ध बन जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मां बगलामुखी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि शक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल पूजा-पाठ करते हैं बल्कि अपने जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की मानसिक शक्ति भी प्राप्त करते हैं। यह मंदिर इस बात का प्रतीक है कि आस्था और विश्वास मनुष्य को किसी भी परिस्थिति में मजबूत बना सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के समय में जब लोग मानसिक तनाव और व्यस्त जीवन से गुजर रहे हैं, तब ऐसे धार्मिक स्थल उन्हें आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान करते हैं। मां बगलामुखी मंदिर की दिव्यता, पीले रंग की आभा और शांत वातावरण इसे एक अनोखा अनुभव बनाते हैं। विशेषकर गर्मियों में यहां की यात्रा एक आध्यात्मिक अवकाश की तरह होती है, जो शरीर और मन दोनों को नई ऊर्जा प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अंततः कहा जा सकता है कि मां बगलामुखी मंदिर न केवल मध्य प्रदेश का बल्कि पूरे भारत का एक महत्वपूर्ण शक्ति उपासना केंद्र है। गर्मियों में यहां की यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जो श्रद्धालुओं को जीवन भर याद रहता है। यहां की दिव्यता, परंपराएं और आध्यात्मिक वातावरण हर व्यक्ति के मन में आस्था और विश्वास की गहरी छाप छोड़ते हैं।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/maa-baglamukhi-temple-divine-center-of-shakti-worship-and-summer/article-54366</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/maa-baglamukhi-temple-divine-center-of-shakti-worship-and-summer/article-54366</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 00:00:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/khopra-pak-%281%29.jpg"                         length="331809"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए इलेक्ट्रिक बसें होंगी उपलब्ध: मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम ने एक्सप्रेसवे, परिवहन और औद्योगिक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/electric-buses-will-be-available-for-jewar-airport-connectivity-chief/article-54376"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/yogi-adityanath.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के संचालन के साथ यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आवागमन के लिए प्राथमिक चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं तथा वर्ष 2030 तक 10 हजार चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक लगभग 2500 चार्जिंग स्टेशन संचालित हो चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति देगी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और विनिमय संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 55 प्रतिशत भूमि प्राप्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण जून माह के अंत तक पूरा कर लिया जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है तथा भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश संबंधी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और निवेशकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। डेवलपर चयन के लिए निविदा की अंतिम तिथि बढ़ाकर 6 जुलाई 2026 कर दी गई है। वहीं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए 200 हेक्टेयर में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को निवेश अनुकूल व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि भवन स्वीकृति संबंधी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि राज्य स्तर पर 136 रिक्त पदों में से 40 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा शेष 96 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। जिला एवं विकासखंड स्तर पर 360 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क और टेक्सटाइल पार्क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को प्रदेश के कृषि और औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में बताया गया कि सीड पार्क परियोजना के संबंध में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और प्रमुख बीज कंपनियों के साथ विचार-विमर्श किया गया है तथा आगे की कार्यवाही पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निवेशकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि आइकॉन्स हिंदुस्तान एयरोस्पेस एंड डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अलीगढ़ डिफेंस नोड में 125 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। तकनीकी मूल्यांकन समिति तथा भूमि आवंटन समिति द्वारा कंपनी के पक्ष में संस्तुति की जा चुकी है और आगे की प्रक्रिया प्रचलित है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><img alt="Z"></img></p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निकट प्रस्तावित एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब तथा उन्नाव में एक्वा ब्रिज परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषि और मत्स्य आधारित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग और निर्यात सुविधाएं विकसित की जाएं। बैठक में बताया गया कि एग्री एक्सपोर्ट हब के लिए 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में 29 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है। वहीं उन्नाव में एक्वा ब्रिज परियोजना के लिए 60 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है, जहां फिश प्रोसेसिंग, फीड प्लांट, पैकेजिंग और निर्यात संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए आधुनिक नगरीय अवसंरचना का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में ‘सीएम समीक्षा’ में शामिल परियोजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सेल गठित कर इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/electric-buses-will-be-available-for-jewar-airport-connectivity-chief/article-54376</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/electric-buses-will-be-available-for-jewar-airport-connectivity-chief/article-54376</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 21:01:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/yogi-adityanath.jpg"                         length="177756"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>“Disclosure Day” (डिस्क्लोज़र डे): स्टीवन स्पीलबर्ग की नई साइंस-फिक्शन थ्रिलर का बड़ा इंतज़ार</title>
                                    <description><![CDATA[सबहेडलाइन: यूएफओ, एलियन मुठभेड़ और मानव अस्तित्व की रहस्यमयी कहानी—12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/6a16c6a746bbc/article-54347"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/disclosure-day.jpg" alt=""></a><br /><p>हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग एक बार फिर दर्शकों को एक नई और रोमांचक साइंस-फिक्शन दुनिया में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी आगामी फिल्म “Disclosure Day” (डिस्क्लोज़र डे) को लेकर फिल्म प्रेमियों में पहले से ही भारी उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<p>यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की संभावना जताई जा रही है और इसे वर्ष 2026 की सबसे बड़ी साइ-फाई फिल्मों में से एक माना जा रहा है।</p>
<h5><strong><span>कहानी: UFO और एलियन मुठभेड़ की रहस्यमयी घटना</span></strong></h5>
<p>“Disclosure Day” की कहानी एक रहस्यमयी यूएफओ घटना और एलियन मुठभेड़ के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक सामान्य मानव समाज अचानक उस समय बदल जाता है जब आकाश में कुछ अनजान और अत्यधिक उन्नत तकनीक वाले अंतरिक्ष यान दिखाई देते हैं।</p>
<p>कहानी केवल एलियंस और स्पेस इनवेज़न तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह मानव मनोविज्ञान, डर, जिज्ञासा और सत्ता के संघर्ष को भी गहराई से दर्शाती है। फिल्म का मुख्य प्रश्न यह है—क्या मानवता वास्तव में ब्रह्मांड में अकेली है, या हम लंबे समय से किसी बड़े रहस्य का हिस्सा हैं? स्पीलबर्ग की फिल्मों की खासियत रही है कि वे सिर्फ विज़ुअल स्पेक्टेकल नहीं होतीं, बल्कि उनमें भावनात्मक गहराई भी होती है, और “Disclosure Day” भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाती है।</p>
<h5><strong><span> मुख्य कलाकार और प्रदर्शन</span></strong></h5>
<p>इस फिल्म में दो बड़े और प्रतिभाशाली कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे:</p>
<ul>
<li>एमिली ब्लंट</li>
<li>जोश ओ’कॉनर</li>
</ul>
<p>एमिली ब्लंट को उनकी मजबूत और भावनात्मक एक्टिंग के लिए जाना जाता है, और इस फिल्म में उनका किरदार एक वैज्ञानिक या खोजी पत्रकार के रूप में दिखाया जा सकता है, जो इस रहस्य को उजागर करने की कोशिश करता है। वहीं जोश ओ’कॉनर का किरदार संभवतः एक सरकारी एजेंट या खुफिया अधिकारी का हो सकता है, जो इस UFO घटना की सच्चाई को नियंत्रित या उजागर करने की कोशिश करता है। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री और अभिनय फिल्म की कहानी को और भी प्रभावशाली बनाने की उम्मीद है।</p>
<h5><strong><span>निर्देशन और लेखन: स्पीलबर्ग की क्लासिक शैली की वापसी</span></strong></h5>
<p>इस फिल्म का निर्देशन खुद स्टीवन स्पीलबर्ग कर रहे हैं, जो पहले भी “E.T.”, “Close Encounters of the Third Kind” और “Jurassic Park” जैसी आइकॉनिक फिल्में बना चुके हैं। फिल्म की कहानी डेविड कोएप द्वारा लिखी गई है, जिन्होंने स्पीलबर्ग के साथ पहले भी “Jurassic Park” जैसी सफल फिल्म पर काम किया है। यह कहानी स्पीलबर्ग के मूल विचार पर आधारित है, जिससे यह फिल्म और भी व्यक्तिगत और क्रिएटिव बन जाती है। स्पीलबर्ग की यह जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को एक ऐसी कहानी देने की कोशिश करेगी जो विज्ञान, कल्पना और भावनाओं का संतुलन बनाए रखे।</p>
<h5><strong><span> विजुअल्स और थीम</span></strong></h5>
<p>“Disclosure Day” को एक हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स फिल्म माना जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष यान, एलियन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल घटनाओं को बहुत ही रियलिस्टिक तरीके से दिखाया जाएगा। फिल्म की थीम सिर्फ बाहरी अंतरिक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता की सीमाओं और ज्ञान की परिभाषा को भी चुनौती देती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>दर्शकों की उम्मीदें</span></strong></h5>
<p>फिल्म प्रेमियों और स्पीलबर्ग फैंस के बीच इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह फिल्म “Close Encounters” और “E.T.” जैसी क्लासिक फिल्मों की आधुनिक पुनर्व्याख्या साबित होगी। अगर फिल्म अपनी कहानी और विजुअल्स पर खरी उतरती है, तो यह 2026 की सबसे बड़ी साइ-फाई हिट बन सकती है।</p>
<p>“Disclosure Day” सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सिनेमैटिक अनुभव बनने की क्षमता रखती है। स्टीवन स्पीलबर्ग की निर्देशन शैली, मजबूत कलाकार और रहस्यमयी कहानी इसे एक अत्यंत प्रतीक्षित हॉलीवुड प्रोजेक्ट बनाते हैं। अब सभी की निगाहें 12 जून 2026 पर टिकी हैं, जब यह फिल्म बड़े पर्दे पर उतरकर दर्शकों को एक नई अंतरिक्षीय दुनिया में ले जाने का वादा करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/6a16c6a746bbc/article-54347</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/6a16c6a746bbc/article-54347</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 17:07:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/disclosure-day.jpg"                         length="95477"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मई 2026 में प्रदोष व्रत: महत्व, पूजा समय और संपूर्ण विधि</title>
                                    <description><![CDATA[28 मई 2026 को गुरुवार के दिन आने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/pradosh-vrat-importance-puja-time-and-complete-method-in-may/article-54348"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pradosh-vrat-2026-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और फलदायी व्रत माना जाता है, जिसे हर महीने की त्रयोदशी तिथि को शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। वर्ष 2026 में मई माह का प्रदोष व्रत 28 मई, गुरुवार के दिन पड़ रहा है, जो जेष्ठ माह के शुक्ल पक्ष का महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर माना जा रहा है। इस दिन देशभर के शिवभक्त विशेष रूप से उपवास रखते हैं और संध्या काल में भगवान शिव की आराधना कर उनके आशीर्वाद की प्राप्ति की कामना करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का वह समय होता है जिसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना गया है। मान्यता है कि इसी समय भगवान शिव और माता पार्वती अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं, इसलिए इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">28 मई 2026 को प्रदोष व्रत के दिन सूर्यास्त लगभग शाम 07:02 बजे होगा, जिसके तुरंत बाद प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होकर रात 09:11 बजे तक रहेगा। इसी संध्या काल में भक्तजन पूजा-अर्चना करते हैं, दीप प्रज्वलित करते हैं और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत कथा का श्रवण करते हैं। त्रयोदशी तिथि इस दिन सुबह 07:57 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 29 मई को सुबह 09:51 बजे तक रहेगी, लेकिन धार्मिक दृष्टि से संध्या काल का समय ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण से भक्त विशेष रूप से सूर्यास्त के बाद शिव पूजा की तैयारी करते हैं और पूरे विधि-विधान के साथ आराधना करते हैं। यह व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आत्मसंयम, भक्ति और आध्यात्मिक शुद्धि का भी मार्ग माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदोष व्रत की पूजा विधि अत्यंत सरल होने के बावजूद गहरी आस्था और शुद्धता की मांग करती है। इस दिन श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और दिनभर उपवास का पालन करते हैं। कई भक्त निर्जला व्रत रखते हैं जबकि कुछ फलाहार या सात्विक भोजन का सेवन करते हैं। सूर्यास्त से लगभग एक घंटे पहले पूजा की तैयारी शुरू की जाती है। घर या मंदिर में पूजा स्थल को शुद्ध करके भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी की स्थापना की जाती है। इसके बाद शिवलिंग का अभिषेक दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से किया जाता है। बिल्वपत्र अर्पित करना इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है क्योंकि इसे भगवान शिव को अत्यंत प्रिय बताया गया है। पूजा के दौरान भक्त “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हैं और कई स्थानों पर महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार उच्चारण भी किया जाता है, जिसे जीवन में स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु प्रदान करने वाला माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूजा के पश्चात प्रदोष व्रत कथा का श्रवण या पाठ किया जाता है, जिसमें इस व्रत के महत्व और इसके पालन से मिलने वाले लाभों का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि इस कथा को सुनने और सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। पूजा समाप्त होने के बाद भक्त अपने माथे पर भस्म या चंदन का तिलक लगाते हैं और कलश के पवित्र जल को ग्रहण करते हैं। इसके बाद कई श्रद्धालु शिव मंदिर जाकर दर्शन करते हैं और दीपदान करते हैं, जिसे अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। पूरे वातावरण में भक्ति, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, जो श्रद्धालुओं के मन को शांति और संतोष प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">धार्मिक ग्रंथों विशेषकर स्कंद पुराण में प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व बताया गया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इस व्रत को पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ करता है, उसे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत न केवल भौतिक सुख-संपत्ति और समृद्धि प्रदान करता है, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का भी माध्यम बनता है। गुरुवार को पड़ने के कारण यह व्रत “गुरुवारा प्रदोष” कहलाता है, जिसे विशेष रूप से ज्ञान, बाधाओं के निवारण और पूर्वजों के आशीर्वाद के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन की गई साधना से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस प्रकार 28 मई 2026 का प्रदोष व्रत शिवभक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, जो आस्था, भक्ति और आत्मिक शुद्धि का संदेश देता है और जीवन में सुख-शांति तथा कल्याण की कामना को पूर्ण करने वाला माना जाता है।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/pradosh-vrat-importance-puja-time-and-complete-method-in-may/article-54348</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/pradosh-vrat-importance-puja-time-and-complete-method-in-may/article-54348</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 17:07:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/pradosh-vrat-2026-%282%29.jpg"                         length="176079"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        