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सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी, निफ्टी भी मजबूत कारोबार
बिजनेस डेस्क
9 जून को शेयर बाजार में हल्की तेजी, ऑटो-रियल्टी शेयरों में खरीदारी से सेंटीमेंट मजबूत, वैश्विक संकेत मिले-जुले
शेयर बाजार तेजी के साथ 9 जून के कारोबार की शुरुआत हुई और शुरुआती मिनटों से ही बाजार में हल्का सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 100 अंक की तेजी के साथ 73,700 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 50 अंक की बढ़त के साथ 23,200 के स्तर तक पहुंच गया। सुबह के सत्र में ही निवेशकों का रुख थोड़ा बेहतर नजर आया और कई सेक्टरों में खरीदारी बढ़ी। खासकर ऑटो और रियल्टी सेक्टर में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती ट्रेड में ऐसा लगा कि पिछले सत्र की गिरावट के बाद बाजार धीरे-धीरे रिकवरी की तरफ बढ़ रहा है, हालांकि उतार-चढ़ाव भी बना रहा।
आज के सत्र में शेयर बाजार तेजी का माहौल देखने को मिला, लेकिन यह पूरी तरह एकतरफा नहीं था। ग्लोबल संकेतों का असर भी साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग दबाव में रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स भी सकारात्मक दायरे में रहा और निवेशकों को कुछ राहत दी। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में मिश्रित रुख रहा था—नैस्डैक और S&P 500 में बढ़त देखने को मिली, जबकि डाउ जोन्स थोड़ा कमजोर बंद हुआ। इन वैश्विक संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी आज बाजार की दिशा तय करने में अहम रहीं। 8 जून के आंकड़ों के मुताबिक एफआईआई ने करीब 5,556 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस दौरान 5,165 करोड़ रुपये की खरीदारी कर कुछ संतुलन बनाने की कोशिश की। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखें तो एफआईआई लगातार नेट सेलर बने हुए हैं, जबकि डीआईआई बाजार को सहारा दे रहे हैं। इससे साफ है कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी अभी भी बाजार को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले 8 जून को बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 719 अंक टूटकर 73,524 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी करीब 244 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी और यह 23,123 के स्तर पर बंद हुआ था। उस गिरावट के बाद आज की हल्की तेजी को बाजार में एक तकनीकी रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर पूरी तरह रोक नहीं लगती, तब तक बाजार में स्थिरता पूरी तरह नहीं आ सकती।
सेक्टरल फ्रंट पर आज ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिली। ऑटो सेक्टर में मांग और भविष्य की बिक्री को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं, वहीं रियल्टी सेक्टर में भी खरीदारी का रुझान जारी है। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में हल्की सुस्ती देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक बना रहा। कारोबार के बीच कई स्टॉक्स में दिनभर उतार-चढ़ाव चलता रहा, जिससे ट्रेडर्स के लिए माहौल थोड़ा सतर्क बना रहा। मौजूदा समय में बाजार एक सीमित दायरे में घूम रहा है, जहां वैश्विक संकेत, एफआईआई की चाल और घरेलू निवेशकों की खरीदारी मिलकर दिशा तय कर रहे हैं। आने वाले सत्रों में अगर विदेशी बिकवाली कम होती है और घरेलू खरीदारी बनी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखी जा सकती है।
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सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी, निफ्टी भी मजबूत कारोबार
बिजनेस डेस्क
शेयर बाजार तेजी के साथ 9 जून के कारोबार की शुरुआत हुई और शुरुआती मिनटों से ही बाजार में हल्का सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 100 अंक की तेजी के साथ 73,700 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी लगभग 50 अंक की बढ़त के साथ 23,200 के स्तर तक पहुंच गया। सुबह के सत्र में ही निवेशकों का रुख थोड़ा बेहतर नजर आया और कई सेक्टरों में खरीदारी बढ़ी। खासकर ऑटो और रियल्टी सेक्टर में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती ट्रेड में ऐसा लगा कि पिछले सत्र की गिरावट के बाद बाजार धीरे-धीरे रिकवरी की तरफ बढ़ रहा है, हालांकि उतार-चढ़ाव भी बना रहा।
आज के सत्र में शेयर बाजार तेजी का माहौल देखने को मिला, लेकिन यह पूरी तरह एकतरफा नहीं था। ग्लोबल संकेतों का असर भी साफ नजर आया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग दबाव में रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स भी सकारात्मक दायरे में रहा और निवेशकों को कुछ राहत दी। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में मिश्रित रुख रहा था—नैस्डैक और S&P 500 में बढ़त देखने को मिली, जबकि डाउ जोन्स थोड़ा कमजोर बंद हुआ। इन वैश्विक संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी आज बाजार की दिशा तय करने में अहम रहीं। 8 जून के आंकड़ों के मुताबिक एफआईआई ने करीब 5,556 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस दौरान 5,165 करोड़ रुपये की खरीदारी कर कुछ संतुलन बनाने की कोशिश की। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखें तो एफआईआई लगातार नेट सेलर बने हुए हैं, जबकि डीआईआई बाजार को सहारा दे रहे हैं। इससे साफ है कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी अभी भी बाजार को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले 8 जून को बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 719 अंक टूटकर 73,524 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी करीब 244 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी और यह 23,123 के स्तर पर बंद हुआ था। उस गिरावट के बाद आज की हल्की तेजी को बाजार में एक तकनीकी रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर पूरी तरह रोक नहीं लगती, तब तक बाजार में स्थिरता पूरी तरह नहीं आ सकती।
सेक्टरल फ्रंट पर आज ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिली। ऑटो सेक्टर में मांग और भविष्य की बिक्री को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं, वहीं रियल्टी सेक्टर में भी खरीदारी का रुझान जारी है। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में हल्की सुस्ती देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक बना रहा। कारोबार के बीच कई स्टॉक्स में दिनभर उतार-चढ़ाव चलता रहा, जिससे ट्रेडर्स के लिए माहौल थोड़ा सतर्क बना रहा। मौजूदा समय में बाजार एक सीमित दायरे में घूम रहा है, जहां वैश्विक संकेत, एफआईआई की चाल और घरेलू निवेशकों की खरीदारी मिलकर दिशा तय कर रहे हैं। आने वाले सत्रों में अगर विदेशी बिकवाली कम होती है और घरेलू खरीदारी बनी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखी जा सकती है।
