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                <title>देश विदेश - दैनिक जागरण</title>
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                <description>देश विदेश RSS Feed</description>
                
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                <title>मिर्जापुर में भीषण सड़क हादसा, पीएम मोदी ने मृतकों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे देने का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[मिर्जापुर सड़क हादसा के बाद पीएम राहत की घोषणा, मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/horrific-road-accident-in-mirzapur-pm-modi-announced-compensation-of/article-51947"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mirzapur-road-accident-pm-relief-fund-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद केंद्र सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। यह मिर्जापुर सड़क हादसा देर रात ड्रामंडगंज घाटी क्षेत्र के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन की वजह से कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सरकारी घोषणा ऐसे समय आई है जब पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">हादसे की वजह</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित तकनीकी खराबी को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। एक वाहन के अनियंत्रित होने के बाद पीछे आ रही कई गाड़ियां उससे टकरा गईं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">टक्कर के बाद एक वाहन में आग लग गई, जिससे उसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। घाटी क्षेत्र में मोड़ और सीमित दृश्यता ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">राहत और बचाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस सेवाएं मौके पर पहुंचीं। बचाव टीमों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया और आग पर काबू पाया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अधिकारियों के मुताबिक, राहत कार्य रात भर जारी रहा। घटनास्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह घटना अत्यंत दुखद है और सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। साथ ही, राहत राशि जल्द से जल्द वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">राज्य सरकार ने भी इस मिर्जापुर सड़क हादसा पर गहरा शोक व्यक्त किया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन को हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घाटी और पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। तेज रफ्तार, वाहन फिटनेस और ड्राइवर की सतर्कता ऐसे हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है, जिसमें बेहतर साइन बोर्ड, स्पीड कंट्रोल और निगरानी शामिल है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और वाहनों की तकनीकी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की संभावना है। मिर्जापुर सड़क हादसा अब एक बड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जहां सरकार और प्रशासन दोनों को सड़क सुरक्षा पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:13:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी: 10वीं में 90.42% पास</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 upmsp.edu.in पर घोषित, 12वीं में 80.38% छात्र सफललाखों छात्रों का इंतजार खत्म हुआ।यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/up-board-result-2026-released-9042-passed-in-10th/article-51940"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/up-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद</span></span> ने गुरुवार शाम यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया। इस बार 10वीं और 12वीं के नतीजे एक साथ जारी किए गए, जिसका इंतजार करीब 55 लाख छात्रों को था। बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभापति डॉ. महेंद्र देव और सचिव भगवती सिंह ने परिणाम जारी किए। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।</p>
<p>इस वर्ष हाईस्कूल (10वीं) का पास प्रतिशत 90.42% रहा, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) में 80.38% छात्र सफल हुए। बोर्ड ने परीक्षा समाप्त होने के बाद रिकॉर्ड समय में मूल्यांकन पूरा कर परिणाम घोषित किया है।</p>
<p><strong>बेहतर प्रदर्शन </strong><br />आंकड़ों के अनुसार, इस बार भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 93.76% और छात्रों का 87.30% रहा। वहीं 12वीं में छात्राओं का 86.32% और छात्रों का 75.04% परिणाम दर्ज किया गया।रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईस्कूल परीक्षा में कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने संयुक्त रूप से टॉप किया है।</p>
<p><strong>परीक्षा और तकनीकी बदलाव</strong><br />इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। कुल 53 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से करीब 2.87 लाख छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए।</p>
<p>बोर्ड ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई तकनीकी उपाय लागू किए। 10वीं की OMR शीट्स का मूल्यांकन हाई-स्पीड स्कैनर से किया गया, जिससे त्रुटि की संभावना लगभग खत्म हो गई। साथ ही, डिजिटल मार्कशीट में QR कोड जोड़ा गया है, जिससे सत्यापन आसान होगा।</p>
<p><strong>रिजल्ट से जुड़ी अहम बातें</strong><br />छात्रों को सलाह दी गई है कि वे रिजल्ट चेक करते समय नाम, रोल नंबर और अंक ध्यान से मिलाएं। ऑनलाइन जारी मार्कशीट अस्थायी होगी, जबकि मूल प्रमाणपत्र 15–20 दिनों में स्कूलों में उपलब्ध कराया जाएगा।अगर किसी छात्र को अपने अंकों में संदेह है, तो वे 24 घंटे के भीतर स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p><strong>क्या है असर</strong><br />शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेहतर पास प्रतिशत सख्त परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली का परिणाम है। इससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है।अच्छे अंक लाने वाले छात्रों के लिए अब उच्च शिक्षा और स्कॉलरशिप के अवसर भी खुलेंगे। कई विश्वविद्यालय जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं।</p>
<p>12वीं पास छात्र अब अपने करियर विकल्पों को लेकर निर्णय लेने की तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि छात्र अपनी रुचि के अनुसार कोर्स और कॉलेज का चयन करें और जल्दबाजी में फैसला न लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सबरीमाला केस सुनवाई: SC में ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ पर टिप्पणी</title>
                                    <description><![CDATA[सबरीमाला केस सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा- बिना ठोस स्रोत जानकारी स्वीकार नहींसुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान टिप्पणियों ने बहस को नया मोड़ दे दिया। धार्मिक परंपरा बनाम संवैधानिक अधिकार पर फिर से गहन चर्चा तेज हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/comment-on-whatsapp-university-in-sabarimala-case-hearing-sc/article-51928"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/sabarimala-case-hearing.jpg" alt=""></a><br /><p>सबरीमाला केस सुनवाई के दौरान गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण टिप्पणियां सामने आईं, जब जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने स्पष्ट कहा कि “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” से मिली जानकारी को अदालत स्वीकार नहीं कर सकती। यह टिप्पणी उस समय आई, जब दलीलों के दौरान विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी को स्वीकार करने पर बहस चल रही थी। अदालत ने यह भी साफ किया कि निजी लेख या विचार, जैसे कि किसी नेता का लेख, कानूनी आधार नहीं बन सकते।</p>
<p>सबरीमाला केस सुनवाई इस समय देश में धार्मिक स्वतंत्रता और लैंगिक समानता से जुड़े बड़े संवैधानिक प्रश्नों के केंद्र में है। 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नौ जजों की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान अदालत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि किसी भी धार्मिक प्रथा की वैधता का परीक्षण ठोस सबूत और संवैधानिक कसौटियों के आधार पर ही किया जाएगा।</p>
<h5><strong>दलीलों में टकराव</strong></h5>
<p>सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने तर्क दिया कि ज्ञान और जानकारी किसी भी स्रोत से मिले, उसे खारिज नहीं किया जाना चाहिए। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत को प्रमाणिक और सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करना होगा।</p>
<p>इसी दौरान चीफ जस्टिस ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति का लेख, चाहे वह कितना ही प्रतिष्ठित क्यों न हो, व्यक्तिगत राय ही माना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अदालत का यह रुख इस बात को रेखांकित करता है कि न्यायिक प्रक्रिया में केवल प्रमाणिक और कानूनी रूप से स्वीकार्य सामग्री ही अहम होती है।</p>
<h5><strong>संवैधानिक बहस</strong></h5>
<p>धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार को लेकर सुनवाई में अनुच्छेद 25 और 26 की व्याख्या पर भी गहन चर्चा हुई। अदालत ने पूछा कि किसी प्रथा को “आवश्यक धार्मिक प्रथा” मानने का आधार क्या होना चाहिए।</p>
<p>एडवोकेट्स ने अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि हर धार्मिक प्रथा को अनिवार्य नहीं माना जा सकता, खासकर जब वह सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हो। रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत इस बात पर विचार कर रही है कि क्या धार्मिक परंपराओं के नाम पर भेदभाव को वैध ठहराया जा सकता है।</p>
<h5><strong>क्या है विवाद</strong></h5>
<p>सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी, लेकिन इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं।</p>
<p>इसके बाद मामला बड़ी संविधान पीठ को सौंपा गया, जहां अब व्यापक स्तर पर यह तय किया जा रहा है कि धार्मिक संस्थाओं के अधिकार और व्यक्तिगत मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पहले भी अपनी दलीलों में कहा है कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं, याचिकाकर्ताओं का पक्ष है कि संविधान के तहत समानता और गैर-भेदभाव का अधिकार सर्वोपरि है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, अदालत इस पूरे मामले को केवल एक मंदिर विवाद के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक संवैधानिक सिद्धांतों के संदर्भ में देख रही है।</p>
<p>यह मामला केवल सबरीमाला तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के अन्य धार्मिक स्थलों पर लागू हो सकता है। यदि अदालत स्पष्ट दिशा-निर्देश देती है, तो यह कई परंपराओं और व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>आगे की सुनवाई में विभिन्न पक्ष अपनी दलीलें जारी रखेंगे और अदालत सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला सुनाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 15:17:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल चुनाव: कृष्णानगर रैली में मोदी का जीत का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[बंगाल चुनाव प्रचार के बीच मोदी बोले—झालमुड़ी मैंने खाई, बदलाव की आंधी दिख रही

झालमुड़ी वाले बयान के साथ पीएम मोदी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। पहले चरण की वोटिंग के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bhilai-chemical-factory-controversy-questions-on-investigation-of-multiple-units/article-51912"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/pm-modi-(11).jpg" alt=""></a><br /><p>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">नरेंद्र मोदी</span></span> ने गुरुवार को कृष्णानगर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने मतदाताओं से रिकॉर्ड मतदान की अपील की और दावा किया कि इस बार राज्य में “परिवर्तन की आंधी” चल रही है। अपने भाषण में उन्होंने चुनावी माहौल को हल्का बनाने के लिए झालमुड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि “झालमुड़ी मैंने खाई है, लेकिन झाल उन्हें लग रही है।” यह बयान तेजी से ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया का हिस्सा बन गया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशकों की तुलना में इस बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भारत निर्वाचन आयोग</span></span> की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में मतदान प्रतिशत पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।</p>
<p><strong>राजनीतिक मुकाबला तेज</strong><br />प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सत्तारूढ़ <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">तृणमूल कांग्रेस</span></span> पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से भ्रष्टाचार और सिंडिकेट संस्कृति हावी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद राज्य में “सुरक्षा और स्थिरता” का नया दौर शुरू होगा।</p>
<p>उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं, जिनमें नागरिकता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं, को राज्य में लागू किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने का आह्वान किया।</p>
<p>कृष्णानगर क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण दिलचस्प बने हुए हैं। यहां मुस्लिम और मतुआ समुदाय के मतदाताओं की अहम भूमिका है। 2021 के चुनाव में इस क्षेत्र की अधिकांश सीटों पर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">तृणमूल कांग्रेस</span></span> का दबदबा रहा था, जबकि भाजपा ने कुछ शहरी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत की थी।</p>
<p>राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान जारी है। शेष सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिनमें वेबकास्टिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती शामिल है। इससे मतदान को निष्पक्ष बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>इस चुनाव का असर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार स्तर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि इसे 2026 के प्रमुख राजनीतिक संकेतकों में शामिल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दूसरे चरण के मतदान और प्रमुख नेताओं के प्रचार कार्यक्रम चुनावी माहौल को और तेज करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 13:40:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिर्जापुर सड़क हादसा: 11 की मौत, बोलेरो में 9 जिंदा जले</title>
                                    <description><![CDATA[मिर्जापुर-रीवा हाईवे पर भीषण टक्कर के बाद आग, मुंडन से लौट रहा परिवार पूरी तरह खत्म भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक ही परिवार के कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/mirzapur-road-accident-11-dead-9-burnt-alive-in-bolero/article-51890"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mirzapur-accident.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिसमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात करीब 9:30 बजे मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का ब्रेक फेल होने के बाद उसने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में आग लग गई और उसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों में एक ही परिवार के 8 सदस्य शामिल हैं, जो मैहर से एक बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे।</p>
<h5><strong>कैसे हुआ हादसा</strong></h5>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चना लदा ट्रक अचानक बेकाबू हो गया।उसने पहले बोलेरो को टक्कर मारी, जो आगे चल रहे ट्राले से जा भिड़ी। इसके बाद ट्रक ने स्विफ्ट कार को भी टक्कर मार दी, जो ट्रक और ट्राले के बीच फंस गई।रफ्तार तेज होने के कारण टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई और तेज धमाके के साथ पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।</p>
<h5><strong>आग में फंसे लोग</strong></h5>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके।बोलेरो में सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है।स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्राले के क्लीनर की भी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<h5><strong>परिवार खत्म</strong></h5>
<p>अधिकारियों के अनुसार, बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव के रहने वाले थे।परिवार मैहर से 8 वर्षीय बच्चे का मुंडन संस्कार कराकर लौट रहा था। हादसे में उसी बच्चे समेत परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई।यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का कारण बन गई है।</p>
<h5><strong>प्रशासन का बयान</strong></h5>
<p>पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण अधिकांश लोगों को बचाया नहीं जा सका।अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते रहते हैं।उनका आरोप है कि सड़क पर पर्याप्त संकेतक नहीं हैं और खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम कमजोर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।</p>
<p>प्रशासन ने मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 10:38:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल में वोटिंग से पहले बम हमला, तमिलनाडु में शांतिपूर्ण मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा, मालदा में EVM खराब; तमिलनाडु में रजनीकांत-विजय समेत कई दिग्गजों ने डाला वोट देश के दो बड़े राज्यों में मतदान जारी है। जहां एक ओर बंगाल में तनाव दिखा, वहीं तमिलनाडु में शांत माहौल में वोटिंग हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bomb-attack-before-voting-in-bengal-peaceful-voting-in-tamil/article-51888"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/west-bengal-election.jpg" alt=""></a><br /><p>पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार, 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के तहत मतदान जारी है। बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 9 बजे तक बंगाल में करीब 19% और तमिलनाडु में 18% मतदान दर्ज किया गया। हालांकि बंगाल के मुर्शिदाबाद में वोटिंग शुरू होने से पहले हिंसा की घटना सामने आई, जहां भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के दौरान देशी बम फेंके गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वहीं मालदा में ईवीएम खराब होने के कारण मतदान केंद्र के बाहर हंगामा देखने को मिला।</p>
<h5><strong>बंगाल में तनाव</strong></h5>
<p>मुर्शिदाबाद के नाओदा क्षेत्र में मतदान से पहले राजनीतिक टकराव ने हिंसक रूप ले लिया।सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देशी बम का इस्तेमाल किया गया।इसके अलावा मालदा के एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम में खराबी आने से मतदाताओं ने विरोध जताया और चुनाव अधिकारियों को घेर लिया।</p>
<h5><strong>मतदान केंद्रों पर भीड़</strong></h5>
<p>पूरे पश्चिम बंगाल में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं।रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला मतदाताओं की भागीदारी खास तौर पर अधिक रही। चुनाव आयोग द्वारा कई बूथों पर वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की जा रही है।</p>
<h5><strong>तमिलनाडु में शांत मतदान</strong></h5>
<p>दूसरी ओर तमिलनाडु में मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।चेन्नई में सुपरस्टार <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">रजनीकांत</span></span> और अभिनेता-राजनेता <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">विजय</span></span> समेत कई हस्तियों ने वोट डाला।इनकी एक झलक पाने के लिए मतदान केंद्रों के बाहर भारी भीड़ उमड़ी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी।</p>
<h5><strong>मुख्य मुकाबला</strong></h5>
<p>पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच माना जा रहा है।राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।वहीं तमिलनाडु में सभी सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है, जहां द्रविड़ दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।</p>
<p>चुनाव आयोग के अनुसार, दोनों राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।आने वाले घंटों में मतदान प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 10:26:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका सीजफायर बढ़ा, ट्रंप के फैसले में पाकिस्तान की भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-अमेरिका सीजफायर पर डोनाल्ड ट्रंप का बदला रुख, पाकिस्तान की अपील के बाद बढ़ा युद्धविरामसीजफायर खत्म होने से ठीक पहले बड़ा कूटनीतिक मोड़ आया। पाकिस्तान की मध्यस्थता ने अमेरिका के फैसले को प्रभावित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/iran-america-ceasefire-increased-pakistans-role-in-trumps-decision-increased/article-51834"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/iran-us-ceasefire.jpg" alt=""></a><br /><p>ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच सीजफायर को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">डोनाल्ड ट्रंप</span></span> ने खत्म होने जा रहे युद्धविराम को अचानक आगे बढ़ाने का फैसला लिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">शहबाज शरीफ</span></span> और पाकिस्तानी सेना प्रमुख <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">आसिम मुनीर</span></span> की अपील के बाद लिया गया।</p>
<p>8 अप्रैल से लागू यह सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन अंतिम समय में इसे बढ़ा दिया गया। हालांकि, ईरान ने इस फैसले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और साफ कहा है कि किसी भी वार्ता में शर्तें वही तय करेगा। इस घटनाक्रम ने वैश्विक कूटनीति, सुरक्षा समीकरण और क्षेत्रीय राजनीति को नए सिरे से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा घटनाक्रम</strong><br />रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम पहले से तय था, जिसकी अवधि 22 अप्रैल को समाप्त हो रही थी। इसी बीच ट्रंप ने घोषणा की कि सीजफायर को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक ईरान कोई ठोस शांति प्रस्ताव नहीं देता।ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोकी गई है, लेकिन ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी घेराबंदी जारी रहेगी। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका रणनीतिक दबाव बनाए रखना चाहता है।</p>
<p><strong>पाकिस्तान की भूमिका</strong><br /><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">पाकिस्तान</span></span> इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ने ट्रंप से आग्रह किया कि वे तत्काल सैन्य कार्रवाई से बचें और बातचीत को मौका दें।इस अपील के बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना रुख बदला। पाकिस्तान सरकार ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए ट्रंप का धन्यवाद किया और इसे कूटनीतिक सफलता बताया।</p>
<p><strong>ईरान का सख्त जवाब</strong><br />ईरान की ओर से इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि “हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं थोप सकता” और यह संकेत दिया कि अमेरिका की रणनीति पर उन्हें भरोसा नहीं है।ईरानी सेना और IRGC के मुताबिक, बातचीत तभी संभव है जब शर्तें उनके पक्ष से तय हों। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीजफायर बढ़ाना अमेरिका की रणनीतिक चाल हो सकती है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े कूटनीतिक और सैन्य समीकरण काम कर रहे हैं।अमेरिका जहां दबाव बनाए रखते हुए बातचीत चाहता है, वहीं ईरान अपनी स्थिति मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की भूमिका क्षेत्रीय संतुलन में अहम बनती जा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:48:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर पर FIR के आदेश, 500 की शर्त बनी विवाद का कारण</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर पर कबड्डी मैच में ₹500 की शर्त को लेकर कोर्ट सख्त, FIR दर्ज करने का निर्देश ₹500 की एक कथित दोस्ताना शर्त ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मामला अब कानूनी दायरे में पहुंच चुका है और जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/order-of-fir-against-karnataka-home-minister-g-parameshwara-became/article-51832"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/g-parameshwara-fir.jpg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक के गृह मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जी. परमेश्वर</span></span> एक मामूली दिखने वाले मामले में कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक अदालत ने कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान ₹500 की कथित शर्त लगाने के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह घटना तुमकुरु में आयोजित एक राज्य स्तरीय प्री-यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता से जुड़ी बताई जा रही है, जहां मंत्री ने कथित तौर पर जिला कलेक्टर के साथ मैच के परिणाम को लेकर शर्त लगाई थी। हालांकि मंत्री ने इसे महज मजाक बताया है, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि मामला एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार अब पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करनी होगी।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />रिपोर्ट्स के अनुसार, तुमकुरु में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान मंत्री ने एक टीम की जीत पर ₹500 की शर्त लगाई थी। बाद में सार्वजनिक मंच से उन्होंने खुद इस शर्त का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह रकम हारनी पड़ी।इस बयान के सामने आने के बाद एचआर नागभूषण नामक व्यक्ति ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई। उनका तर्क था कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की शर्त लगाना कानून के दायरे में आता है और इसे बढ़ावा देना गलत संदेश देता है।</p>
<p><strong>कोर्ट का रुख सख्त</strong><br /><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">बेंगलुरु कोर्ट</span></span> ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए पुलिस को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने माना कि आरोपों की जांच जरूरी है, चाहे मामला छोटा ही क्यों न हो।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण की जांच पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुलिस विभाग स्वयं गृह मंत्रालय के अधीन आता है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।</p>
<p>इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जी. परमेश्वर</span></span> ने कहा कि यह कोई गंभीर सट्टेबाजी नहीं थी, बल्कि खेल के दौरान हुआ हल्का-फुल्का मजाक था।उन्होंने कहा, “क्या एक गृह मंत्री इस स्तर की सट्टेबाजी करेगा? इसे अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।” हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद मामला कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है।</p>
<p>अब पुलिस को अदालत के निर्देश के अनुसार FIR दर्ज कर जांच शुरू करनी होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि मामला केवल मजाक तक सीमित था या इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का संदेश, आतंक के खिलाफ सख्त रुख</title>
                                    <description><![CDATA[पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा—भारत कभी नहीं झुकेगा पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर देश ने एक बार फिर उस दर्द को याद किया। प्रधानमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए आतंकवाद के खिलाफ संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modis-message-on-the-anniversary-of-pahalgam-attack-strict/article-51821"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/pm-modi-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली में पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">नरेंद्र मोदी</span></span> ने हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकता और देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे झुकने वाला नहीं है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गहरी पीड़ा का कारण रही है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र इस कठिन समय में एकजुट है और आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2046770966685163989?s=20">https://twitter.com/narendramodi/status/2046770966685163989?s=20</a></blockquote>
<h5><strong>

बरसी पर श्रद्धांजलि</strong></h5>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले नागरिकों को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवादियों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे और देश की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।अधिकारियों के अनुसार, इस अवसर पर देशभर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने पीड़ितों को याद किया और शांति की कामना की।</p>
<p>22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">पहलगाम</span></span> के बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने लोगों की पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया, जिससे देशभर में आक्रोश फैल गया था।इस घटना के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कई कदम उठाए। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चलाए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:10:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Dham 2026: केदारनाथ के कपाट खुले, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा धाम</title>
                                    <description><![CDATA[Kedarnath Dham वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई चारधाम यात्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने पहले दिन ही दर्शन किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/kedarnath-dham-2026-doors-of-kedarnath-open-dham-echoes-with/article-51806"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/kedarnath-dham-2026.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह 8 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक शुभारंभ हो गया। कपाट खुलने के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">पुष्कर सिंह धामी</span></span> भी धाम में मौजूद रहे और विशेष पूजा-अर्चना की।</p>
<p>कपाट खुलने से पहले मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। प्रशासन के अनुसार, करीब 51 क्विंटल फूलों से पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया था। जैसे ही कपाट खुले, “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा केदारनाथ घाटी गूंज उठी। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन के लिए कतार में खड़े नजर आए।</p>
<h3><span><strong>भव्य शुरुआत और सुरक्षा व्यवस्था</strong></span></h3>
<p>कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए हैं।<br />राज्य सरकार और प्रशासन ने यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने पूजा के बाद श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्रा को सफल बनाना सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि हर यात्री की जिम्मेदारी है।</p>
<p>इस दौरान मंदिर परिसर में हेलिकॉप्टर के जरिए पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया।</p>
<h3><span><strong>प्रधानमंत्री का संदेश</strong></span></h3>
<p>प्रधानमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">नरेंद्र मोदी</span></span> ने भी केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने अपनी कामना व्यक्त की कि बाबा केदार सभी श्रद्धालुओं पर कृपा बनाए रखें और यात्रा मंगलमय हो।</p>
<h3><span><strong>यात्रा का महत्व</strong></span></h3>
<p>केदारनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।इस वर्ष भी यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कपाट खुलने से पहले ही लाखों श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था।</p>
<p>अब अगले लगभग छह महीने तक केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह आयोजन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 09:53:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सबरीमाला केस: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, मूर्ति छूना अपमान कैसे</title>
                                    <description><![CDATA[सबरीमाला केस में धार्मिक परंपरा बनाम संवैधानिक अधिकार पर बहस तेज, फैसला जल्द संभव सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों ने बहस को नया मोड़ दे दिया। देशभर में नजरें अब इस अहम फैसले पर टिकी हैं।

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sabarimala-case-supreme-court-asked-how-touching-the-idol-is/article-51778"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/sabarimala-case-supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">सुप्रीम कोर्ट</span></span> में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">सबरीमाला मंदिर</span></span> से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई मंगलवार को निर्णायक चरण में पहुंचती दिखी। नौ जजों की संवैधानिक पीठ ने सुनवाई के दौरान अहम सवाल उठाते हुए पूछा कि किसी भक्त द्वारा मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को केवल जन्म, लिंग या वंश के आधार पर देवता को छूने या मंदिर में प्रवेश से रोका जाता है, तो क्या संविधान उसकी रक्षा के लिए आगे नहीं आएगा। यह मामला महिलाओं के प्रवेश, धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा है और आज की ताज़ा ख़बरें व भारत समाचार अपडेट में प्रमुख बना हुआ है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि आस्था और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन जरूरी है। जजों ने कहा कि आधुनिक समाज में बदलती सोच और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए धार्मिक प्रथाओं की समीक्षा जरूरी हो सकती है। कोर्ट ने संकेत दिया कि किसी भी परंपरा को अंतिम मानने से पहले यह देखना होगा कि वह संविधान के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है या नहीं।</p>
<h3><strong>धार्मिक तर्क</strong></h3>
<p>मंदिर पक्ष की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि हर मंदिर की अपनी विशिष्ट परंपराएं होती हैं, जो वहां के देवता की प्रकृति और मान्यताओं पर आधारित होती हैं। उनके अनुसार, भगवान अयप्पा को ‘नैष्ठिक ब्रह्मचारी’ माना जाता है, इसलिए सबरीमाला मंदिर में कुछ विशेष नियम लागू हैं। वकीलों ने कहा कि पूजा-पद्धति और धार्मिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप आस्था पर सीधा असर डाल सकता है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत संरक्षण प्राप्त है।</p>
<h3><strong>संवैधानिक बहस</strong></h3>
<p>सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या कोई आस्तिक व्यक्ति अपने ही धर्म की प्रथाओं को अदालत में चुनौती दे सकता है। जजों ने कहा कि यदि धार्मिक समुदाय के भीतर ही किसी प्रथा को लेकर मतभेद है, तो अदालत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रगति के दौर में धार्मिक मान्यताओं की व्याख्या बदली जा सकती है।</p>
<p>इस मामले में कुल 66 याचिकाएं जुड़ी हुई हैं, जिनमें महिलाओं के प्रवेश पर रोक, धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार जैसे मुद्दे शामिल हैं। इससे पहले 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटाने का फैसला सुनाया था। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गईं, जिन पर अब सुनवाई जारी है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, इस संवेदनशील मामले में फैसला जल्द आ सकता है। इसका असर न केवल सबरीमाला मंदिर की परंपराओं पर पड़ेगा, बल्कि देशभर में धार्मिक प्रथाओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर एक नई दिशा भी तय कर सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:54:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UN दूत का आरोप: भारत ने इजराइल को हथियार भेजकर कानून तोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[UN रिपोर्ट में भारत-इजराइल संबंधों पर सवाल, अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का दावा वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है। UN रिपोर्ट के बाद कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-broke-law-by-sending-weapons-to-israel-alleges-ambassador/article-51766"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/un-report.jpg" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">फ्रांसेस्का अल्बनीज</span></span> ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इजराइल को हथियार भेजना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है। यह टिप्पणी उनकी रिपोर्ट ‘टॉर्चर एंड जेनोसाइड’ के संदर्भ में सामने आई, जिसे उन्होंने <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद</span></span> में पेश किया था। रिपोर्ट में भारत के इजराइल के साथ बढ़ते संबंधों और युद्ध के संदर्भ में उसकी भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, अल्बनीज ने कहा कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस द्वारा इजराइल के कब्जे को लेकर दिए गए संकेतों के बावजूद यदि कोई देश हथियारों का लेन-देन जारी रखता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हो सकता है। उन्होंने भारत की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया।</p>
<h3><strong>रिपोर्ट के प्रमुख आरोप</strong></h3>
<p>UN दूत के मुताबिक, गाजा में हालात बेहद गंभीर हैं और वहां व्यवस्थित तरीके से मानवाधिकार उल्लंघन हो रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2023 के बाद से गाजा में रहने वाले लोगों के खिलाफ व्यापक स्तर पर दमनात्मक उपाय अपनाए गए हैं। अल्बनीज ने यह भी कहा कि निगरानी, ड्रोन और चेकपॉइंट्स जैसे साधनों के जरिए आम नागरिकों के जीवन पर लगातार नियंत्रण रखा जा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।</p>
<h3><strong>भारत पर सवाल</strong></h3>
<p>रिपोर्ट में भारत और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इजराइल</span></span> के बीच ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का भी जिक्र किया गया है। अल्बनीज के अनुसार, इस तरह के संबंध वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन पर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि, इस मामले पर भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की रिपोर्ट्स पर आमतौर पर संबंधित देश अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखते हैं।</p>
<h4><strong>वैश्विक प्रतिक्रिया और असर</strong></h4>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो सकती है। कई देशों द्वारा पहले ही गाजा की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा चुकी है, और कुछ राष्ट्र इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।रिपोर्ट में कोलंबिया, दक्षिण अफ्रीका और स्पेन जैसे देशों के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है, जो इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक मंचों पर और उठ सकता है, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस पर आगे चर्चा करेंगी। फिलहाल, UN दूत भारत आरोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज होती दिख रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:11:38 +0530</pubDate>
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