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                <title>देश विदेश - दैनिक जागरण</title>
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                <description>देश विदेश RSS Feed</description>
                
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                <title>एक दीप से जलते हैं अनगिनत दीप : गुरु से विश्वगुरु भारत तक</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">भारत की आत्मा को यदि किसी एक शब्द में अभिव्यक्त करना हो, तो वह शब्द है—ज्ञान। और ज्ञान की इस अखंड परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने वाला सबसे पवित्र माध्यम रहा है—गुरु। भारत ने गुरु को कभी केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं माना; वह जीवन का पथप्रदर्शक है, संस्कारों का संवाहक है, जिज्ञासा का जागरणकर्ता है और भविष्य का शिल्पकार है। इसीलिए हमारी परंपरा में गुरु के लिए कहा गया— “गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ अपनी प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जोड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/countless-lamps-burn-from-one-lamp-from-guru-to-vishwaguru/article-63231"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/teachers-day.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">भारत की आत्मा को यदि किसी एक शब्द में अभिव्यक्त करना हो, तो वह शब्द है—ज्ञान। और ज्ञान की इस अखंड परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने वाला सबसे पवित्र माध्यम रहा है—गुरु। भारत ने गुरु को कभी केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं माना; वह जीवन का पथप्रदर्शक है, संस्कारों का संवाहक है, जिज्ञासा का जागरणकर्ता है और भविष्य का शिल्पकार है। इसीलिए हमारी परंपरा में गुरु के लिए कहा गया— “गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ अपनी प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जोड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है, तब सबसे अधिक आवश्यकता उस शक्ति को पहचानने की है, जो इस परिवर्तन की वास्तविक आधारशिला है—हमारा शिक्षक।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">वर्ष 2020 में भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। उस यात्रा के दौरान मेरे मन में एक प्रश्न बार-बार उठ रहा था कि फिनलैण्ड जैसा देश शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विश्व के अग्रणी देशों में कैसे बना रहता है। मैंने अपने सहयोगियों से आग्रह किया कि मेरी भेंट फिनलैण्ड की शिक्षा मंत्री से कराई जाए। बातचीत में मैंने उनसे यही प्रश्न पूछा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">उनका उत्तर अत्यंत सहज था, किंतु उसके भीतर एक संपूर्ण शिक्षा-दर्शन छिपा था। उन्होंने कहा कि उनके देश में समाज के सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रतिभाशाली लोगों को शिक्षक बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। शिक्षक का पद वहाँ अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता है और शिक्षक बनना आसान नहीं है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">उस क्षण मुझे लगा कि शिक्षा की सफलता का रहस्य केवल विशाल भवनों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं या तकनीकी संसाधनों में नहीं छिपा है। उसकी सबसे बड़ी शक्ति उस शिक्षक में होती है, जो कक्षा में खड़ा होकर किसी बालक की आँखों में छिपे सपने को पहचान लेता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और नॉर्वे के शिक्षा मंत्रियों से भी संवाद का अवसर मिला। अलग-अलग देशों की अपनी परिस्थितियाँ, संस्कृतियाँ और शिक्षा-व्यवस्थाएँ थीं, लेकिन एक बात समान रूप से दिखाई दी—जिन देशों ने शिक्षा को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया, उन्होंने शिक्षक को भी उसी अनुपात में सम्मान, स्वतंत्रता और प्रतिष्ठा प्रदान की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">तब यह और स्पष्ट हुआ कि यदि भारत को अपनी शिक्षा-व्यवस्था में व्यापक और स्थायी परिवर्तन लाना है, तो परिवर्तन का प्रारंभ शिक्षक से ही होना चाहिए। शिक्षक को सम्मान देना होगा, उसे निरंतर सीखने और स्वयं को विकसित करने के अवसर देने होंगे, उसके प्रशिक्षण को उत्कृष्ट बनाना होगा और समाज में अध्यापन को गौरवपूर्ण दायित्व के रूप में प्रतिष्ठित करना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">मेरे लिए शिक्षा का यह विश्वास किसी पद पर रहते हुए पैदा नहीं हुआ। इसकी पहली अनुभूति मेरे बचपन की उन कठिन पगडंडियों पर हुई, जहाँ हिमालय की दुर्गम घाटियों से होकर मुझे लगभग आठ किलोमीटर पैदल विद्यालय जाना पड़ता था। वह यात्रा केवल घर से विद्यालय तक की यात्रा नहीं थी; वह मेरे जीवन की पहली पाठशाला थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">कभी धूप, कभी वर्षा, कभी ठंड और कभी कठिन पहाड़ी रास्ते—लेकिन विद्यालय पहुँचने की आकांक्षा हर कठिनाई से बड़ी थी। उन्हीं पगडंडियों ने मुझे सिखाया कि परिस्थितियाँ मनुष्य की गति को धीमा कर सकती हैं, उसके संकल्प को नहीं। वहीं मैंने जाना कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं है; वह व्यक्ति को अपने जीवन की दिशा चुनने का सामर्थ्य देती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">बाद में जब स्वयं अध्यापन का अवसर मिला और शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करने का दायित्व मिला, तब शिक्षक की भूमिका को और निकट से समझने का अवसर मिला। सामने बैठे बच्चे केवल विद्यार्थी नहीं होते। उनमें भविष्य के वैज्ञानिक, चिकित्सक, साहित्यकार, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी, सैनिक और राष्ट्रनिर्माता छिपे होते हैं। शिक्षक का स्पर्श उनके व्यक्तित्व को आकार देता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">एक शिक्षक कभी-कभी विद्यार्थी को केवल एक वाक्य कहता है, लेकिन वह वाक्य उसके पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है। कभी एक प्रोत्साहन किसी संकोची बालक के भीतर आत्मविश्वास जगा देता है, तो कभी शिक्षक का विश्वास किसी सामान्य विद्यार्थी में असाधारण बनने की आकांक्षा पैदा कर देता है। यही शिक्षक की अदृश्य शक्ति है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">शिक्षक ज्ञान का संचार करता है, लेकिन उसका सबसे बड़ा कार्य ज्ञान से भी आगे है—वह विवेक का निर्माण करता है। वह बच्चों को केवल यह नहीं बताता कि क्या सोचना है; वह उन्हें यह सिखाता है कि कैसे सोचना है। वह प्रश्न पूछने का साहस देता है, असफलता से सीखना सिखाता है और जीवन की चुनौतियों के सामने खड़े होने का आत्मबल प्रदान करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">इसी व्यापक दृष्टि को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी स्थान दिया गया। जब इस नीति को आकार देने का अवसर मिला, तब हमारा स्पष्ट विश्वास था कि भारत को ज्ञान-आधारित, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है तो शिक्षा को उसकी मूल शक्ति के साथ पुनर्स्थापित करना होगा। और शिक्षा की वह मूल शक्ति शिक्षक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षक शिक्षा को अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। बहुविषयक उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षक शिक्षा के एकीकरण, वर्ष 2030 तक चार वर्षीय समेकित बी.एड. को न्यूनतम योग्यता की दिशा में ले जाने तथा राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (NPST) जैसी पहलें इसी सोच की अभिव्यक्ति हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">हमारा उद्देश्य केवल डिग्रीधारी शिक्षक तैयार करना नहीं है। हमारा उद्देश्य ऐसे शिक्षक तैयार करना है, जो भारतीय ज्ञान-परंपरा की गहराई को समझें, आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की गति से परिचित हों, विद्यार्थियों की बदलती मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझें और उनमें सृजनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवेदनशीलता तथा राष्ट्रबोध का विकास कर सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">भारत की शिक्षा-दृष्टि सदैव मनुष्य को केंद्र में रखती रही है। हमारे यहाँ शिक्षा का अर्थ केवल सूचना प्राप्त करना नहीं, बल्कि “सा विद्या या विमुक्तये”—अर्थात वह विद्या जो मनुष्य को अज्ञान, भय और सीमाओं से मुक्त करे। इसलिए हमारे लिए शिक्षक का दायित्व भी अत्यंत व्यापक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">भारत में शिक्षक दिवस महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है। उनका जीवन स्वयं इस बात का प्रमाण है कि अध्यापन केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र और मानवता की सेवा का माध्यम है। सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुँचने के बाद भी उन्होंने अपने शिक्षक-स्वरूप को सर्वोच्च माना।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भी शिक्षक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते थे। उनके लिए विद्यार्थियों के मन में स्वप्न जगाना और उन्हें उन स्वप्नों को साकार करने का सामर्थ्य देना शिक्षा का मूल उद्देश्य था। उनके जीवन का सबसे बड़ा संदेश यही था कि किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके युवा मनों में छिपी होती है और उन मनों को दिशा देने का दायित्व शिक्षक का है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">संत कबीर ने गुरु की महिमा को जिस आत्मीयता से व्यक्त किया, वह भारतीय मानस की गहराई को दर्शाती है—</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाय।<br /><span> </span>बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">गुरु हमें केवल संसार का ज्ञान नहीं देते; वे हमें स्वयं को जानने की दृष्टि देते हैं। वे अंधकार में प्रकाश की दिशा बताते हैं। वे हमारी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सार्थकता प्रदान करते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र का माली कहना केवल एक सुंदर उपमा नहीं है। जैसे माली किसी पौधे को अपनी इच्छानुसार खींचकर बड़ा नहीं करता, बल्कि उसकी प्रकृति को समझकर उसे उचित मिट्टी, जल, प्रकाश और संरक्षण देता है, उसी प्रकार एक श्रेष्ठ शिक्षक विद्यार्थी की मौलिक प्रतिभा को पहचानता है और उसे विकसित होने का अवसर देता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">आज दुनिया तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वचालन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा शिक्षा की परिभाषा को बदल रहे हैं। ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि पहले से अधिक महत्वपूर्ण हुई है। मशीन सूचना दे सकती है, लेकिन संवेदना नहीं दे सकती। तकनीक उत्तर दे सकती है, लेकिन जीवन का अर्थ नहीं समझा सकती। कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्लेषण कर सकती है, लेकिन किसी बच्चे की आँखों में छिपे मौन प्रश्न को शिक्षक ही पढ़ सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">भारत को ऐसा शिक्षा-तंत्र बनाना होगा जहाँ आधुनिकता और परंपरा का सुंदर समन्वय हो; जहाँ विज्ञान के साथ संस्कार हों, तकनीक के साथ मानवीयता हो, कौशल के साथ चरित्र हो और ज्ञान के साथ विवेक हो। इस संतुलित शिक्षा-व्यवस्था के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे केंद्रीय होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">विश्व के जिन देशों ने प्रगति की ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, उनके अनुभव से भी यही स्पष्ट होता है कि विद्यालयों की गुणवत्ता अंततः शिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। अब भारत के सामने अवसर है कि वह अपनी प्राचीन गुरु-परंपरा और आधुनिक शिक्षा-विज्ञान का ऐसा समन्वय करे, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नई दिशा निर्धारित करे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">विश्वगुरु भारत की परिकल्पना केवल अतीत के गौरव को स्मरण करने से साकार नहीं होगी। इसके लिए हमें ऐसा वर्तमान गढ़ना होगा, जिसकी नींव ज्ञान पर हो, जिसकी दीवारें कौशल से निर्मित हों और जिसकी आत्मा संस्कारों से प्रकाशित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">और इस निर्माण का पहला शिल्पकार शिक्षक ही होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">अपने सार्वजनिक जीवन में, चाहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया हो या भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में, मैंने शिक्षा को सदैव राष्ट्र की आत्मा माना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मेरे लिए केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान-परंपरा को आधुनिक आवश्यकताओं के साथ जोड़ने का एक व्यापक राष्ट्रीय संकल्प है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">आज आवश्यकता है कि हम शिक्षक को केवल सम्मानित करने की बात न करें, बल्कि उसके सम्मान को व्यवहार में उतारें। समाज के श्रेष्ठतम मस्तिष्क अध्यापन की ओर आकर्षित हों, शिक्षक निरंतर सीखते रहें, शोध और नवाचार से जुड़े रहें और उन्हें अपने विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता तथा संसाधन प्राप्त हों।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">क्योंकि किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी उसके भवन नहीं, उसकी मशीनें नहीं, बल्कि उसकी जाग्रत और संस्कारित पीढ़ियाँ होती हैं। और जाग्रत पीढ़ियों का निर्माण जाग्रत शिक्षकों से ही होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">एक शिक्षक एक दीपक है। वह स्वयं प्रकाश देता है और उसके प्रकाश से अनगिनत दीप प्रज्वलित होते हैं। उन दीपों से घर रोशन होते हैं, घरों से समाज और समाज से राष्ट्र। यही प्रकाश एक दिन पूरे विश्व को आलोकित कर सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">इसलिए भारत के विश्वगुरु बनने की यात्रा का आरंभ किसी दूर क्षितिज से नहीं, बल्कि हमारी कक्षाओं से होगा; किसी विशाल भवन से नहीं, बल्कि शिक्षक के भीतर जलती उस छोटी-सी ज्योति से होगा, जो किसी बालक के अंतर्मन में ज्ञान, चरित्र और स्वप्न का प्रकाश भरती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">गुरु की यही ज्योति भारत के भविष्य का प्रकाश है।<br /><span> </span>और इसी प्रकाश से विश्वगुरु भारत का नया प्रभात जन्म लेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">इस शिक्षक दिवस पर मैं अपने जीवन के उन सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने मेरे जीवन को दिशा दी, मुझे कठिनाइयों के बीच आगे बढ़ना सिखाया और शिक्षा के प्रति मेरी आस्था को दृढ़ किया। देश के प्रत्येक शिक्षक को मेरा सादर नमन—आप केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं गढ़ रहे, आप भारत के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin:12pt 0cm;text-align:justify;"><span lang="en-gb" style="font-family:'Palanquin Dark';" xml:lang="en-gb">गुरु की ज्योति प्रज्वलित रहे,<br /><span> </span>ज्ञान की गंगा प्रवाहित रहे,<br /><span> </span>और भारत विश्व के ज्ञान-आकाश में पुनः<br /><span> </span>अपने प्रखर प्रकाश से आलोकित होता रहे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 19:05:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka]]></dc:creator>
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                <title>मिस वर्ल्ड 2026 फिनाले: भारत की निकिता पोरवाल ताज की दौड़ में</title>
                                    <description><![CDATA[मिस वर्ल्ड 2026 का फिनाले 5 सितंबर को वियतनाम के न्हा ट्रांग में होगा। भारत की निकिता पोरवाल 111 प्रतिभागियों के बीच प्रतिष्ठित ताज के लिए मुकाबला करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/miss-world-2026-finale-indias-nikita-porwal-in-the-race/article-63184"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(33).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के उज्जैन की निकिता पोरवाल 5 सितंबर को वियतनाम के न्हा ट्रांग में होने वाले 73वें मिस वर्ल्ड फिनाले में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।</p>
<p>भारत की निकिता पोरवाल शनिवार को वियतनाम के न्हा ट्रांग में होने वाले मिस वर्ल्ड 2026 के भव्य फिनाले में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। दुनिया के अलग-अलग देशों से आईं 111 प्रतिभागियों के बीच निकिता प्रतिष्ठित मिस वर्ल्ड ताज के लिए मुकाबला करेंगी। 73वें मिस वर्ल्ड फेस्टिवल का फिनाले 5 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वाली निकिता को 2024 में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब मिला था। इसके बाद से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी की। अभिनय और रंगमंच से जुड़ी निकिता ने मिस वर्ल्ड यात्रा के दौरान भारत की संस्कृति के साथ सामाजिक सरोकारों को भी सामने रखा है।</p>
<h4><strong>न्हा ट्रांग में होगा फिनाले</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मिस वर्ल्ड 2026 का अंतिम मुकाबला वियतनाम के तटीय शहर <strong>न्हा ट्रांग</strong> में होगा। भारत में दर्शक इसे शनिवार शाम <strong>5:30 बजे से</strong> लाइव देख सकेंगे। भारत में फिनाले का आधिकारिक लाइव प्रसारण जियोहॉटस्टार पर किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह संस्करण मिस वर्ल्ड की 75वीं वर्षगांठ से जुड़ा है और प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न चुनौतियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा ‘ब्यूटी विद अ पर्पज’ पहल में हिस्सा लिया।</p>
<h4><strong>उज्जैन से वैश्विक मंच तक</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">निकिता पोरवाल का सफर केवल सौंदर्य प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहा है। आधिकारिक मिस वर्ल्ड प्रोफाइल के अनुसार, वह अभिनेत्री, फैशन मॉडल, नाटककार और थिएटर कंपनी रंगरेज की क्रिएटिव डायरेक्टर हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने अभिनय और रंगमंच में व्यापक अनुभव हासिल किया है। मिस वर्ल्ड की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, निकिता ने 60 से अधिक थिएटर प्रस्तुतियों में काम किया है और कहानी कहने तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति में उनकी विशेष रुचि है।</p>
<h4><strong>‘ब्यूटी विद अ पर्पज’ पर फोकस</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में सामाजिक कार्य को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। निकिता ने अपनी पहल के जरिए आदिवासी समुदायों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर काम किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनका यह प्रयास प्रतियोगिता के <strong>‘ब्यूटी विद अ पर्पज’</strong> अभियान के अनुरूप है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को अपने समुदायों से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर काम करने और उन्हें वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अवसर देना है।</p>
<h4><strong>प्रतियोगिता में 111 प्रतिभागी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मिस वर्ल्ड 2026 के फिनाले में दुनिया के विभिन्न देशों और क्षेत्रों की 111 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की जानकारी सामने आई है। निकिता के साथ कई अन्य मजबूत दावेदार भी खिताब की दौड़ में हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिनाले से पहले प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने मॉडलिंग, प्रतिभा, खेल, ‘हेड-टू-हेड’ और ‘ब्यूटी विद अ पर्पज’ जैसी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।</p>
<h4><strong>भारतीय संस्कृति की झलक</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">वियतनाम में मिस वर्ल्ड की यात्रा के दौरान निकिता ने भारतीय संस्कृति और शिल्प परंपरा को भी मंच पर प्रस्तुत किया। उनके विभिन्न परिधानों और प्रस्तुतियों में भारतीय कला एवं सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd">मिस वर्ल्ड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, निकिता की रुचियों में कविता लेखन, चित्रकला, संगीत वाद्य बजाना, शतरंज और पशु कल्याण भी शामिल हैं।</p>
<h4><strong>फिनाले से पहले बढ़ा उत्साह</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">फिनाले से पहले निकिता के प्रदर्शन को लेकर भारत में भी उत्सुकता बढ़ी है। उनकी यात्रा में फैशन और मंचीय प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक पहल को भी प्रमुखता मिली है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालिया कार्यक्रमों में उन्होंने भारतीय शिल्प और सांस्कृतिक पहचान को अपने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से सामने रखा। इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की विविधता को प्रदर्शित करने का अवसर मिला।</p>
<h4><strong>आज तय होगा ताज</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">शनिवार शाम होने वाला फिनाले निकिता पोरवाल की मिस वर्ल्ड यात्रा का निर्णायक चरण होगा। कार्यक्रम के अंत में मौजूदा मिस वर्ल्ड <strong>ओपल सुचाता चुआंग्स्री</strong> अपनी उत्तराधिकारी को ताज पहनाएंगी।</p>
<p>भारत में दर्शक शाम 5:30 बजे से जियोहॉटस्टार पर फिनाले देख सकते हैं। अब निगाहें न्हा ट्रांग पर हैं, जहां निकिता पोरवाल भारत की उम्मीदों के साथ मिस वर्ल्ड 2026 के ताज के लिए अंतिम मुकाबले में उतरेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैरिफ नीति पर ट्रंप पर बेल्जियम PM का तंज, बोले- सोमवार का फैसला बुधवार को वापस</title>
                                    <description><![CDATA[बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने बिना नाम लिए ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर तंज कसा। उन्होंने मनमाने व्यापारिक फैसलों और संरक्षणवाद पर चिंता जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/belgium-pm-taunts-trump-on-tariff-policy-mondays-decision/article-63183"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(32).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने बिना नाम लिए अमेरिकी व्यापार नीति पर निशाना साधा। उन्होंने मनमाने टैरिफ और व्यापारिक बाधाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बेल्जियम के प्रधानमंत्री <strong>बार्ट डी वेवर</strong> ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ और व्यापार नीतियों पर बिना नाम लिए तीखा कटाक्ष किया। मुंबई में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) पर आयोजित उच्चस्तरीय संवाद में बोलते हुए डी वेवर ने कहा कि कुछ देश व्यापार बाधाएं और टैरिफ मनमाने ढंग से लागू करते हैं और उनके फैसलों में आर्थिक तर्क दिखाई नहीं देता।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सोमवार को कोई फैसला लेते हैं और बुधवार तक उसे वापस ले लेते हैं। डी वेवर ने किसी देश या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को ट्रंप प्रशासन की लगातार बदलती टैरिफ नीतियों की ओर इशारा माना गया।</p>
<h4><strong>टैरिफ पर बेल्जियम PM का तंज</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">डी वेवर ने कहा कि दुनिया में ऐसी आवाजें बढ़ रही हैं जो बाजारों को बंद करने, व्यापार पर रोक लगाने और टैरिफ बढ़ाने की मांग कर रही हैं। उन्होंने ऐसी नीतियों को मनमाना बताते हुए कहा कि इससे व्यापारिक साझेदारों को गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की टैरिफ नीतियां वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर रही हैं।</p>
<h4><strong>भारत-ईयू FTA का किया समर्थन</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">डी वेवर ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को वैश्विक व्यापार में स्थिरता और रणनीतिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं को बाहरी दबाव और व्यापारिक व्यवधानों के खिलाफ अधिक मजबूत बना सकता है। उनके अनुसार, खुले और मध्यम आकार की व्यापारिक अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक अलगाव या व्यापारिक बाधाओं के हथियारीकरण का जोखिम नहीं उठा सकतीं।</p>
<h4><strong>संरक्षणवाद पर जताई चिंता</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने बढ़ते संरक्षणवाद को लेकर चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि जब बड़े देश अचानक व्यापार नीति बदलते हैं, तो इसका असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और निवेश के फैसलों पर भी पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने स्थिर और पूर्वानुमेय व्यापार व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। डी वेवर के मुताबिक, वैश्विक अर्थव्यवस्था को ऐसी व्यापार व्यवस्था चाहिए जो साझेदार देशों के बीच भरोसा और दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा दे।</p>
<h4><strong>भारत को बताया अहम साझेदार</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी डी वेवर ने जोर दिया। उनके भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, तकनीक, आर्थिक सुरक्षा और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p class="isSelectedEnd">बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। विशेष रूप से वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार के साथ संबंधों को यूरोप के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<h4><strong>वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">डी वेवर ने कहा कि व्यापारिक बाधाओं और अप्रत्याशित टैरिफ से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ता है। इससे कंपनियों के लिए निवेश और उत्पादन से जुड़े दीर्घकालिक फैसले लेना मुश्किल हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने आर्थिक संबंधों को अधिक स्थिर और विविध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत-ईयू समझौते को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।</p>
<h4><strong>हीरा कारोबार पर भी जोर</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोप के बीच हीरा कारोबार में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आयात शुल्क में और कमी तथा कुछ क्षेत्रों में शून्य टैरिफ की संभावनाओं पर जोर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत और बेल्जियम के बीच हीरा उद्योग के क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत कारोबारी संबंध हैं। एंटवर्प वैश्विक हीरा व्यापार के प्रमुख केंद्रों में शामिल है, जबकि भारत में कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग की बड़ी भूमिका है।</p>
<h4><strong>भारत-ईयू संबंधों का नया दौर</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">डी वेवर की टिप्पणी भारत और बेल्जियम के बीच बढ़ते रणनीतिक तथा आर्थिक सहयोग के बीच आई है। दोनों देशों ने व्यापार के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और आर्थिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता ऐसे समय में दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दुनिया में संरक्षणवाद और व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ी हुई है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि स्थिर नियमों और खुले बाजारों पर आधारित व्यापार व्यवस्था ही दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग का मजबूत आधार बन सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:56:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल के त्रिशूर में भीषण सड़क हादसा, लॉरी से टकराई कार; 8 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात कार हाईवे पर खड़ी लॉरी से टकरा गई। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जिन्हें तमिलनाडु का छात्र बताया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0--8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4/article-63181"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(30).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">कैपमंगलम के पास पनंबिकुन्नु में शुक्रवार देर रात हादसा हुआ। पुलिस के मुताबिक, कार में सवार सभी मृतक तमिलनाडु के रहने वाले छात्र बताए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतकों के तमिलनाडु के पड़ोसी क्षेत्र से आने वाले छात्र होने की आशंका है। हादसा कैपमंगलम के पास पनंबिकुन्नु इलाके में हुआ, जहां तेज रफ्तार कार हाईवे पर खड़ी एक लॉरी से टकरा गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना रात करीब <strong>11:40 बजे</strong> हुई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी आठ लोगों की जान चली गई।</p>
<h4><strong>देर रात हुआ भीषण हादसा</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के अनुसार, युवाओं का समूह कार से यात्रा कर रहा था। शुक्रवार रात करीब 11:40 बजे कैपमंगलम के पनंबिकुन्नु इलाके में उनकी कार सड़क किनारे खड़ी लॉरी से जा भिड़ी।</p>
<p class="isSelectedEnd">टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार को भारी नुकसान पहुंचा। मौके पर पहुंचे बचावकर्मियों और पुलिस ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।</p>
<h4><strong>आठ लोगों की मौत</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">हादसे में कार सवार आठ लोगों की मौत की पुष्टि पुलिस ने की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सभी मृतक युवा थे और उनके तमिलनाडु के रहने वाले छात्र होने की संभावना जताई गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस मृतकों की पहचान और उनके पारिवारिक विवरण की पुष्टि करने में जुटी है। पहचान की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद हादसे में जान गंवाने वालों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।</p>
<h4><strong>हाईवे पर खड़ी थी लॉरी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय लॉरी हाईवे पर खड़ी थी। कार उसी लॉरी से टकराई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार की गति कितनी थी और चालक को खड़ी लॉरी दिखाई क्यों नहीं दी। दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति और रोशनी से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।</p>
<h4><strong>कैपमंगलम में मचा हड़कंप</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">हादसे की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में मदद की।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने दुर्घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। क्षतिग्रस्त वाहन को हटाने और सड़क को सामान्य करने की प्रक्रिया की गई।</p>
<h4><strong>मृतकों की पहचान जारी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रही है। चूंकि मृतकों के तमिलनाडु से होने की बात सामने आई है, इसलिए उनके परिवारों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों की ओर से मृतकों के नाम और उनकी शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं कराई गई है।</p>
<h4><strong>दुर्घटना के कारणों की जांच</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में कार की स्थिति, सड़क पर खड़ी लॉरी की स्थिति और दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों को देखा जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह भी पता लगाया जाएगा कि लॉरी को हाईवे पर किस परिस्थिति में खड़ा किया गया था और क्या वहां पर्याप्त चेतावनी संकेत या रोशनी मौजूद थी।</p>
<h4><strong>परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">एक ही हादसे में आठ युवाओं की मौत ने उनके परिवारों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है। छात्र होने की शुरुआती जानकारी के कारण यह हादसा विशेष रूप से चिंताजनक माना जा रहा है।</p>
<p>पुलिस की जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल अधिकारियों का मुख्य ध्यान मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:56:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल में धूमधाम से मनी जन्माष्टमी, सैकड़ों कृष्ण भक्तों ने लगाए जयकारे</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तरी इजरायल के मोशाव अवीएल में सैकड़ों कृष्ण भक्तों ने जन्माष्टमी मनाई। अधिकांश श्रद्धालु यहूदी समुदाय से थे और भजन-कीर्तन व नाटक में शामिल हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/janmashtami-celebrated-with-great-pomp-in-israel-hundreds-of-krishna/article-63180"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(29).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">उत्तरी इजरायल के मोशाव अवीएल में सैकड़ों कृष्ण भक्त जन्माष्टमी समारोह में जुटे। अधिकांश श्रद्धालु यहूदी समुदाय से थे और उन्होंने भजन-कीर्तन के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इजरायल में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। उत्तरी इजरायल के मोशाव अवीएल में सैकड़ों कृष्ण भक्तों ने भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव में हिस्सा लिया। इस दौरान पूरे परिसर में ‘हरे राम हरे कृष्ण’ के जयकारे गूंजते रहे। खास बात यह रही कि समारोह में शामिल अधिकांश श्रद्धालु यहूदी समुदाय से थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">भगवान कृष्ण को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। जन्माष्टमी उनके जन्म की स्मृति में मनाई जाती है। इजरायल में कृष्ण भक्ति से जुड़े समुदाय के लिए यह पर्व प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है।</p>
<h4><strong>मोशाव अवीएल में जुटे भक्त</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">कृष्ण जन्माष्टमी के लिए उत्तरी इजरायल के कृषि आधारित सामूहिक समुदाय मोशाव अवीएल का सांस्कृतिक केंद्र शुक्रवार को भक्तों से भर गया। आयोजन स्थल को भगवान कृष्ण और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रतीकों और सजावटी तत्वों से सजाया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">इजरायल के अलग-अलग हिस्सों से कृष्ण भक्त यहां पहुंचे। इनमें आसपास के कस्बों में रहने वाले वे लोग भी शामिल थे, जो लंबे समय से कृष्ण भक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़े आयोजनों में भाग लेते रहे हैं।</p>
<h4><strong>यहूदी समुदाय की खास भागीदारी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय बात स्थानीय यहूदी समुदाय की भागीदारी रही। यहां मौजूद कई श्रद्धालु यहूदी थे और वे लंबे समय से कृष्ण भक्ति की परंपराओं का पालन कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कृष्ण भक्तों का यह छोटा समुदाय भारत की यात्राओं के दौरान वृंदावन और मायापुर में सीखी गई धार्मिक परंपराओं और शिक्षाओं का पालन करता है। उनके लिए गौरा पूर्णिमा और जन्माष्टमी सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में शामिल हैं।</p>
<h4><strong>दो दशक से समारोह में शामिल</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पास के एक कस्बे में रहने वाली तामार ने बताया कि वह दो दशक से अधिक समय से हर साल जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा ले रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि इस समूह से जुड़ने के बाद भारतीय संस्कृति में उनकी रुचि और गहरी हुई है। उनके अनुभव से पता चलता है कि कृष्ण भक्ति से जुड़े ये आयोजन इजरायल में भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि पैदा करने में भी भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<h4><strong>कृष्ण-राधा पर नाटक</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">समारोह के दौरान भक्तों ने ‘एलोहिम प्लस’ (गॉड प्लस) नामक नाटक भी प्रस्तुत किया। नाटक में भगवान कृष्ण और राधा के जीवन से जुड़े केंद्रीय संदेशों को मंच पर पेश किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्तुति में कृष्ण और राधा की एकता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। नाटक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि दोनों का साथ ही ईश्वरत्व में ‘प्लस’ का भाव जोड़ता है।</p>
<h4><strong>भजन और संगीत से सजा माहौल</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">नाटक से पहले भक्तों ने कई घंटे तक भजन और कीर्तन किया। तबला और ढोलक की ताल के साथ हारमोनियम, झाल और बांसुरी की धुनों ने पूरे आयोजन को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रद्धालुओं ने संगीत की धुनों पर नृत्य भी किया। ‘हरे राम हरे कृष्ण’ के सामूहिक जयकारों के बीच समारोह में भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।</p>
<h4><strong>108 व्यंजनों का प्रसाद</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">समारोह का समापन भगवान कृष्ण को समर्पित प्रसाद के वितरण के साथ हुआ। मेहमानों और श्रद्धालुओं को <strong>108 शाकाहारी व्यंजनों</strong> से तैयार विशेष भोजन परोसा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हिंदू धार्मिक परंपरा में 108 संख्या को पवित्र माना जाता है। इसी मान्यता के अनुरूप जन्माष्टमी समारोह में 108 शाकाहारी व्यंजनों का प्रसाद तैयार किया गया।</p>
<h4><strong>इजरायल में बढ़ती सांस्कृतिक रुचि</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">इजरायल में आयोजित यह जन्माष्टमी समारोह धार्मिक आयोजन के साथ भारतीय संस्कृति और कृष्ण भक्ति के प्रति स्थानीय रुचि की भी झलक देता है। वृंदावन और मायापुर की यात्राओं से प्रभावित श्रद्धालु यहां भारतीय धार्मिक परंपराओं को अपने तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं।</p>
<p>भजन, नृत्य, नाटक और प्रसाद के साथ मनाया गया यह आयोजन इजरायल में भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की मौजूदगी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक उदाहरण बनकर सामने आया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:56:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में वर्चुअल भारत की तीन डॉक्यूमेंट्री चयनित</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव IFFJK 2026 में भारतबाला की वर्चुअल भारत श्रृंखला की तीन लघु डॉक्यूमेंट्री चयनित हुई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/three-documentaries-of-virtual-india-selected-in-the-first-international/article-63178"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(28).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतबाला की वर्चुअल भारत श्रृंखला की तीन लघु डॉक्यूमेंट्री 7 से 10 सितंबर तक होने वाले IFFJK 2026 में दिखाई जाएंगी। श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग में होगा आयोजन।</p>
<p class="isSelectedEnd">जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव <strong>इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (IFFJK) 2026</strong> में फिल्म निर्माता भारतबाला की वर्चुअल भारत श्रृंखला की तीन लघु डॉक्यूमेंट्री का चयन हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इन फिल्मों की स्क्रीनिंग 7 से 10 सितंबर के बीच आयोजित महोत्सव में की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘रंग-ए-सिनेमा’ थीम पर आधारित यह महोत्सव जम्मू-कश्मीर सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव के कार्यक्रम श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग में होंगे। आयोजन का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक अभिव्यक्ति को व्यापक मंच देना है।</p>
<h4><strong>तीन डॉक्यूमेंट्री का चयन</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">वर्चुअल भारत श्रृंखला की तीन फिल्मों को महोत्सव के अलग-अलग वर्गों में जगह मिली है। इनमें ‘नक्श-ए-दौर’, ‘द स्टोरी ऑफ गुलाम नबी दार’ और ‘तालीम’ को जम्मू-कश्मीर चयन प्रतियोगिता खंड के लिए चुना गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं, ‘कुनेमेची – ए होम कार्व्ड इन एंसिस्ट्री’ को गैर-प्रतियोगिता खंड में प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन से जुड़ी आधिकारिक प्रवक्ता श्रेया सिंघल ने फिल्मों के चयन की जानकारी दी।</p>
<h4><strong>‘नक्श-ए-दौर’ की कहानी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">‘नक्श-ए-दौर’ वर्चुअल भारत परियोजना का हिस्सा है और इसमें एक स्थानीय जीवन एवं विरासत की कहानी को सामने रखा गया है। फिल्म के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान और अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद मानवीय अनुभवों को दर्शाने का प्रयास किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस फिल्म का IFFJK के प्रतियोगिता खंड में चयन इसे महोत्सव की प्रतिस्पर्धी फिल्मों में शामिल करता है।</p>
<h4><strong>गुलाम नबी दार पर फिल्म</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">वर्चुअल भारत की एक अन्य डॉक्यूमेंट्री ‘द स्टोरी ऑफ गुलाम नबी दार’ भी जम्मू-कश्मीर चयन प्रतियोगिता खंड में दिखाई जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म का केंद्र गुलाम नबी दार की कहानी है। डॉक्यूमेंट्री प्रारूप के जरिए स्थानीय व्यक्ति और उनकी जीवन यात्रा को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।</p>
<h4><strong>‘तालीम’ भी प्रतियोगिता में</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd"><strong>‘तालीम’</strong> को भी JK Select Competition सेक्शन के लिए चुना गया है। फिल्म का चयन वर्चुअल भारत श्रृंखला के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रतियोगिता खंड में शामिल फिल्मों को महोत्सव के दौरान दर्शकों और निर्णायक मंडल के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इससे फिल्मों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।</p>
<h4><strong>विरासत पर ‘कुनेमेची’</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd"><strong>‘कुनेमेची – ए होम कार्व्ड इन एंसिस्ट्री’</strong> को गैर-प्रतियोगिता खंड में शामिल किया गया है। नाम के अनुरूप यह फिल्म विरासत, घर और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक पहचान के विषय से जुड़ी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गैर-प्रतियोगिता खंड में इसका प्रदर्शन दर्शकों को वर्चुअल भारत श्रृंखला के जरिए भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने का अवसर देगा।</p>
<h4><strong>‘रंग-ए-सिनेमा’ थीम</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">IFFJK 2026 की थीम <strong>‘रंग-ए-सिनेमा’</strong> रखी गई है। महोत्सव का आयोजन जम्मू-कश्मीर सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम को श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग तक फैलाया गया है। अलग-अलग स्थानों पर फिल्मों की स्क्रीनिंग से महोत्सव को क्षेत्र के व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की योजना है।</p>
<h4><strong>7 से 10 सितंबर तक आयोजन</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन <strong>7 से 10 सितंबर 2026</strong> तक किया जाएगा। इसमें विभिन्न फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित किए जाने के साथ फिल्म निर्माण एवं सिनेमा से जुड़े प्रतिभागियों के लिए संवाद का मंच भी उपलब्ध होगा।</p>
<p>वर्चुअल भारत की तीन डॉक्यूमेंट्री का चयन ऐसे समय हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में पहली बार आयोजित किए जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को क्षेत्र की सांस्कृतिक और सिनेमाई पहचान को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने रखने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:55:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: छठा और आखिरी आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[कौशांबी अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने छठे और आखिरी नामजद आरोपी शकील को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। हादसे में 14 लोगों की मौत हुई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/kaushambi-firecracker-factory-blast-sixth-and-last-accused-arrested-after/article-63177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(27).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">31 अगस्त को हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शकील को गिरफ्तार कर मामले में नामजद सभी छह आरोपियों को पकड़ लिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उत्तर प्रदेश के कौशांबी में 31 अगस्त को हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने छठे और आखिरी नामजद आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मंझनपुर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार रात मुठभेड़ के बाद शकील को पकड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले में नामजद छह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। शकील की गिरफ्तारी के साथ ही सभी छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।</p>
<h4><strong>भागने की सूचना पर पहुंची टीम</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को शुक्रवार शाम सूचना मिली थी कि शकील इलाके से भागने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलने के बाद मंझनपुर पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने उसकी तलाश शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर शकील को रोकने का प्रयास किया। बताया गया कि वह मोटरसाइकिल से क्षेत्र से निकलने की कोशिश कर रहा था।</p>
<h4><strong>मोटरसाइकिल पर रोका गया</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक, संयुक्त टीम ने शकील को मोटरसाइकिल पर जाते समय रोकने की कोशिश की। अधिकारियों का आरोप है कि रुकने के बजाय उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चला दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान शकील के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।</p>
<h4><strong>पैर में लगी गोली</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोली लगने के बाद घायल शकील को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसकी स्थिति और आगे की चिकित्सकीय कार्रवाई के संबंध में स्थानीय अधिकारियों की निगरानी में प्रक्रिया जारी रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने मुठभेड़ के घटनाक्रम और बरामद सामान को मामले की जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपी से पूछताछ के जरिए विस्फोट से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<h3><strong>तमंचा और कारतूस बरामद</strong></h3>
<p class="isSelectedEnd">गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने शकील के कब्जे से देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अब बरामद हथियार और कारतूस की भी जांच करेगी। इसके साथ ही आरोपी की भूमिका और अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।</p>
<h4><strong>31 अगस्त को हुआ विस्फोट</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">कौशांबी में 31 अगस्त को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था। हादसे में 14 लोगों की जान चली गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए अवैध पटाखा निर्माण और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच तेज की गई।</p>
<h4><strong>छह आरोपी गिरफ्तार</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद पुलिस ने मामले में छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार रात शकील की गिरफ्तारी के साथ अब इस मामले के सभी छह नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी और इसमें सुरक्षा मानकों का कितना उल्लंघन हुआ था।</p>
<h4><strong>जांच में आगे क्या होगा</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस की जांच अब विस्फोट के कारण, अवैध पटाखा निर्माण की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पर केंद्रित रहेगी। बरामद हथियार और अन्य सामान को भी जांच में शामिल किया जाएगा।</p>
<p>31 अगस्त की घटना में हुई बड़ी जनहानि के बाद अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रखे हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/kaushambi-firecracker-factory-blast-sixth-and-last-accused-arrested-after/article-63177</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:26:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल बाढ़ में 5 साल के बच्चे समेत 3 भारतीय बचाए गए, 275 लापता</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल बाढ़ के बीच त्रिशूली बाजार से पांच साल के बच्चे समेत तीन भारतीयों को बचाया गया। अब तक 169 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, जबकि 275 अभी भी लापता हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/3-indians-including-5-year-old-child-rescued-275-missing/article-63158"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(25).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">त्रिशूली बाजार इलाके से तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। अब तक 169 भारतीयों का रेस्क्यू हो चुका है, जबकि 275 नागरिक अभी भी लापता हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस बीच बाढ़ प्रभावित त्रिशूली बाजार इलाके से तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें पांच साल का एक बच्चा भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसके साथ ही नेपाल में अब तक बचाए गए भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़कर 169 हो गई है। हालांकि, 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित मीडिया ब्रीफिंग में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नेपाल के संपर्क में है और लापता भारतीयों की तलाश तथा सुरक्षित वापसी के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।</p>
<h4><strong>त्रिशूली बाजार से तीन भारतीय बचाए</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार से त्रिशूली बाजार क्षेत्र से बचाए गए तीन भारतीय नागरिकों की पहचान अभिजीत सुरेश पवार, दीपिका अभिजीत पवार और पांच वर्षीय समर्थ अभिजीत पवार के रूप में हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय दूतावास, काठमांडू इन तीनों नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्था कर रहा है। उनके घर लौटने के लिए उड़ान की सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में दूतावास सहयोग कर रहा है।</p>
<h4><strong>169 भारतीयों का हुआ रेस्क्यू</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल में बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं, 275 भारतीयों के अभी भी लापता होने की जानकारी है। जायसवाल ने कहा कि भारत इस मामले में नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने नेपाल के अधिकारियों के राहत और बचाव प्रयासों की सराहना भी की।</p>
<h4><strong>चीन से 1,907 भारतीय पहुंचे</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। जायसवाल ने कहा कि चीन में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फिलहाल कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे नेपाल और चीन के बीच बाढ़ तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर जारी चिंता कुछ कम हुई है। हालांकि, लापता भारतीयों की तलाश अभी भी प्राथमिकता बनी हुई है।</p>
<h4><strong>भारत ने भेजी 95 टन राहत सामग्री</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">भारत ने नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान के लिए अब तक लगभग 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री सात विमानों के जरिए नेपाल पहुंचाई गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत नेपाल सरकार की जरूरत के मुताबिक आगे भी सहायता भेजता रहेगा। इसमें फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को बाढ़ आने के दिन नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत की थी। मोदी ने उस दौरान नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेजी थी।</p>
<h4><strong>54 विशेषज्ञ नेपाल में तैनात</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">राहत सामग्री के अलावा भारत ने बचाव और राहत अभियान में सहयोग के लिए 54 कर्मियों को नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और पांच सदस्यीय चिकित्सा दल शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय बचाव और फोरेंसिक टीमें नेपाल में जमीन पर काम कर रही हैं और नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत ने यह भी संकेत दिया है कि नेपाल की जरूरत के अनुसार आगे अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<h4><strong>नेपाल में भारी तबाही</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल के अधिकारियों के अनुसार बाढ़ और फ्लैश फ्लड से देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। अब तक कम से कम 1,295 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। राहत एवं बचाव दलों ने 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि करीब 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार 35 मोटर योग्य पुल, 45 झूला पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।</p>
<h4><strong>जलवायु संकट पर भारत का रुख</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल की आपदा और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंध को लेकर पूछे गए सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन को साझा चुनौती मानता है। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं के सिद्धांत को आधार बनाया जाना चाहिए।</p>
<p>भारत ने विकसित देशों से उत्सर्जन कम करने और विकासशील देशों को वित्तीय सहायता तथा तकनीकी हस्तांतरण उपलब्ध कराने में नेतृत्व करने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत नेपाल के राहत, पुनर्निर्माण और रिकवरी प्रयासों में जरूरत के मुताबिक सहयोग जारी रखेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/3-indians-including-5-year-old-child-rescued-275-missing/article-63158</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 10:52:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SEMICON India 2026: 17 सितंबर से पहले मीडिया-लॉजिस्टिक्स तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[SEMICON India 2026 की तैयारियां तेज हैं। 17-19 सितंबर को यशोभूमि दिल्ली में होने वाले आयोजन में मीडिया और लॉजिस्टिक्स पर फोकस है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/media-logistics-preparations-intensified-before-semicon-india-2026-17-september/article-63134"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/new-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में होगा। सेमीकंडक्टर उद्योग के इस बड़े आयोजन की तैयारियां चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही हैं।</p>
<h4><strong>SEMICON India की तैयारी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">SEMICON India 2026 की तैयारियां नई दिल्ली में 17–19 सितंबर के आयोजन से पहले जारी हैं। यह भारत के प्रमुख सेमीकंडक्टर उद्योग कार्यक्रमों में शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसमें सेमीकंडक्टर कंपनियां, नीति निर्माता, तकनीकी कंपनियां, शोधकर्ता, स्टार्टअप और उद्योग से जुड़े अन्य हितधारक भाग लेंगे।</p>
<h4><strong>यशोभूमि में तीन दिवसीय आयोजन</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">तीन दिवसीय आयोजन दिल्ली के यशोभूमि में होगा। आधिकारिक कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई चेन, एडवांस्ड पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, नीति, स्टार्टअप और वर्कफोर्स डेवलपमेंट जैसे विषय शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">2026 संस्करण की थीम <strong>“Silicon to Systems: Building the Ecosystem”</strong> है।</p>
<h4><strong>मीडिया और प्रशासनिक इंतजाम</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम नजदीक आने के साथ मीडिया और प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी तैयार की जा रही हैं। उपलब्ध आयोजन जानकारी के अनुसार प्रतिभागियों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए मीडिया रजिस्ट्रेशन और प्रशासनिक काउंटर बनाए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर मीडिया संसाधन और मीडिया पार्टनर्स से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है। इससे आयोजन के दौरान मीडिया कवरेज के महत्व का पता चलता है।</p>
<h4><strong>प्रदर्शकों की लॉजिस्टिक्स तैयारी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मुख्य कार्यक्रम से पहले प्रदर्शकों की लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया शुरू हो जाती है। आधिकारिक एग्जिबिटर गाइड के अनुसार रॉ-स्पेस प्रदर्शकों के लिए बूथ पजेशन 14 सितंबर से निर्धारित है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शेल-स्कीम प्रदर्शकों के लिए पजेशन 15 सितंबर से शुरू होगा। भारी प्रदर्शनों के लिए लिफ्टिंग उपकरण और वाहनों की आवाजाही भी 15 सितंबर को निर्धारित की गई है।</p>
<h4><strong>सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर फोकस</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">SEMICON India 2026 किसी एक तकनीक तक सीमित नहीं है। इसका फोकस भारत के व्यापक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम पर है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में फैब और मैन्युफैक्चरिंग बेस, OSAT/ATMP सुविधाओं, एडवांस्ड मैटेरियल्स, पैकेजिंग, AI आधारित औद्योगिक अनुप्रयोगों और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर सत्र शामिल हैं।</p>
<h4><strong>स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">स्टार्टअप और वर्कफोर्स डेवलपमेंट भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अंतिम दिन डीप-टेक स्टार्टअप पर विशेष सत्र होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक अन्य सत्र भारत के सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स, मैन्युफैक्चरिंग जॉब्स, अकादमिक साझेदारी और प्रतिभा पाइपलाइन पर केंद्रित होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी कार्यक्रम के एजेंडे में शामिल है। विभिन्न देशों के दूतावासों और प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है।</p>
<h4><strong>17 सितंबर से पहले अंतिम तैयारी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मुख्य आयोजन से पहले प्रदर्शक रजिस्ट्रेशन, बूथ निर्माण, लॉजिस्टिक्स, मीडिया समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्थाएं अलग-अलग चरणों में पूरी की जा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">आधिकारिक गाइड में रजिस्ट्रेशन, बूथ निर्माण, भारी उपकरणों की आवाजाही और डिस्मेंटलिंग के विस्तृत कार्यक्रम दिए गए हैं।</p>
<p>SEMICON India 2026 भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, चिप डिजाइन, सप्लाई चेन और तकनीकी इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण बैठक स्थल बनने जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 00:00:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षक दिवस 2026: शिक्षा मंत्रालय Viksit Bharat 2047 में शिक्षकों की भूमिका पर देगा जोर</title>
                                    <description><![CDATA[Teachers’ Day 2026 पर शिक्षा मंत्रालय विकसित भारत 2047 में शिक्षकों की भूमिका पर डिजिटल और जमीनी कार्यक्रम आयोजित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B8-2026--%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-viksit-bharat-2047-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0/article-63136"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/new-(6)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">शिक्षक दिवस 2026 पर शिक्षा मंत्रालय डिजिटल और जमीनी स्तर के कार्यक्रमों के जरिए विकसित भारत 2047 में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करेगा।</p>
<h4><strong>शिक्षक दिवस पर विशेष पहल</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा मंत्रालय शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर डिजिटल और जमीनी स्तर की कई पहल आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इनका उद्देश्य विकसित भारत 2047 की यात्रा में शिक्षकों की भूमिका को सामने लाना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।</p>
<h4><strong>विकसित भारत में शिक्षकों की भूमिका</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">इन पहलों का मुख्य फोकस भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा में शिक्षकों की भूमिका पर रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में शिक्षक युवाओं में कौशल, नवाचार और भविष्य के अवसरों के लिए तैयारी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रमों के जरिए तकनीकी और सामाजिक बदलावों के साथ शिक्षा और शिक्षण पद्धतियों में बदलाव पर भी चर्चा की जा सकती है।</p>
<h4><strong>विशेष वेबिनार और डिजिटल कार्यक्रम</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">इस वर्ष शिक्षक दिवस समारोह में डिजिटल भागीदारी महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है। विशेष वेबिनार और ऑनलाइन कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों के शिक्षकों और छात्रों को जोड़ने में मदद करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे कार्यक्रमों से भौगोलिक सीमाओं के बिना शिक्षा के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।</p>
<h4><strong>5 सितंबर को शिक्षक दिवस</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है, जिनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd">राधाकृष्णन दार्शनिक, शिक्षाविद् और भारत के पूर्व राष्ट्रपति थे। शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के कारण उनकी जयंती शिक्षकों के सम्मान के अवसर के रूप में मनाई जाती है।</p>
<h4><strong>राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार भी</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा मंत्रालय की शिक्षक दिवस गतिविधियों के साथ राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 समारोह भी आयोजित होगा। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को 48 स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तीन चरणों वाली प्रक्रिया से हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कुल 82 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 48 स्कूल शिक्षक, 21 उच्च शिक्षा शिक्षक और 13 कौशल विकास से जुड़े शिक्षक शामिल हैं।</p>
<h4><strong>भविष्य के लिए तैयार शिक्षा</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा प्रणाली में डिजिटल लर्निंग, उभरती तकनीक, कौशल और नई शिक्षण पद्धतियों से जुड़े बदलावों के बीच शिक्षक दिवस की ये पहल महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा मंत्रालय का फोकस शिक्षकों को विकसित भारत 2047 के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने की प्रक्रिया के केंद्र में रखने पर है।</p>
<h4><strong>शिक्षक दिवस 2026 के मुख्य बिंदु</strong></h4>
<ul>
<li>तारीख: 5 सितंबर 2026</li>
<li>अवसर: Teachers’ Day</li>
<li>स्मरण: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती</li>
<li>मंत्रालय: Ministry of Education</li>
<li>प्रमुख फोकस: Viksit Bharat 2047</li>
<li>पहल: Digital programmes, special webinars और on-ground activities</li>
<li>राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार: 82 शिक्षक</li>
<li>स्कूल शिक्षक: 48</li>
<li>पुरस्कार समारोह: Vigyan Bhawan, New Delhi</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 00:00:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>National Teachers Awards 2026: राष्ट्रपति मुर्मू 82 शिक्षकों को करेंगी सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को National Teachers Awards 2026 में 82 शिक्षकों को सम्मानित करेंगी, जिनमें 48 स्कूल शिक्षक शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/national-teachers-awards-2026--%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82-82-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-63139"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/new-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 82 शिक्षकों को National Teachers Awards 2026 प्रदान करेंगी।</p>
<h4><strong>82 शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में National Teachers Awards 2026 प्रदान करेंगी। इस वर्ष स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास क्षेत्र से कुल 82 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इनमें 48 स्कूल शिक्षक, 21 उच्च शिक्षा शिक्षक और 13 कौशल विकास से जुड़े शिक्षक शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय समारोह का लाइव प्रसारण भी करेगा।</p>
<h4><strong>स्कूल शिक्षकों का चयन</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 48 शिक्षकों का चयन तीन चरणों वाली प्रक्रिया के जरिए किया है। चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन पुरस्कार विजेताओं में 27 राज्यों, सात केंद्रशासित प्रदेशों और छह केंद्रीय सरकारी संगठनों के शिक्षक शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">48 स्कूल शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं।</p>
<h4><strong>शिक्षक दिवस पर पुरस्कार समारोह</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह हर साल 5 सितंबर को शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन पुरस्कारों का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करना है जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">समारोह के दौरान 48 स्कूल शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के कार्य और उपलब्धियों पर आधारित लघु डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी।</p>
<h4><strong>48 स्कूल शिक्षकों का चयन</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">योग्य शिक्षकों से 15 जून से 20 जुलाई 2026 के बीच ऑनलाइन सेल्फ-नॉमिनेशन मांगे गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। मंत्रालय के अनुसार अंतिम सूची किसी विशेष मेरिट क्रम में नहीं रखी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुरस्कार विजेताओं में सरकारी स्कूलों के साथ-साथ केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल और सैनिक स्कूलों से जुड़े शिक्षक भी शामिल हैं।</p>
<h4><strong>मध्य प्रदेश से दो शिक्षक</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश से दो स्कूल शिक्षकों को National Teachers Awards 2026 के लिए चुना गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">डॉ. अर्चना शुक्ला का चयन भोपाल स्थित Government Mahatma Gandhi Sandipani Higher Secondary School, BHEL से हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शैलेंद्र प्रताप सिंह का चयन सीधी जिले के Government Middle School Kanjwar से किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोनों शिक्षकों की मौजूदगी राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती है।</p>
<h4><strong>देशभर से शिक्षक शामिल</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">48 स्कूल शिक्षकों की सूची में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों, दक्षिणी राज्यों और उत्तर तथा मध्य भारत के कई क्षेत्रों के शिक्षक हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय सरकारी संगठनों के तहत आने वाले संस्थानों से जुड़े शिक्षक भी इस सूची में शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्कूल शिक्षा के अलावा उच्च शिक्षा और कौशल विकास क्षेत्र के शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिससे कुल पुरस्कार विजेताओं की संख्या 82 हो जाती है।</p>
<h4><strong>समारोह का लाइव प्रसारण</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">5 सितंबर का पुरस्कार समारोह कई सरकारी प्रसारण और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन और SWAYAM PRABHA चैनलों पर होगा। इसे सरकारी वेबकास्ट प्लेटफॉर्म और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया चैनलों पर भी स्ट्रीम किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे विद्यार्थी, शिक्षक और आम लोग राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों के सम्मान का कार्यक्रम देख सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>National Teachers Awards 2026: मुख्य तथ्य</strong></p>
<ul>
<li>तारीख: 5 सितंबर 2026</li>
<li>स्थान: Vigyan Bhawan, New Delhi</li>
<li>सम्मान प्रदान करेंगी: President Droupadi Murmu</li>
<li>कुल पुरस्कार विजेता: 82</li>
<li>स्कूल शिक्षक: 48</li>
<li>उच्च शिक्षा शिक्षक: 21</li>
<li>कौशल विकास शिक्षक: 13</li>
<li>पुरुष स्कूल शिक्षक: 26</li>
<li>महिला स्कूल शिक्षक: 22</li>
<li>स्कूल शिक्षक प्रतिनिधित्व: 27 States, 7 Union Territories और 6 Central Government organisations</li>
<li>मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षक: Dr Archana Shukla और Shailendra Pratap Singh</li>
<li>चयन प्रक्रिया: District, State और National level</li>
<li>लाइव कवरेज: Doordarshan, SWAYAM PRABHA और government webcast platforms</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 00:00:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Modi 5 सितंबर को SRCC में Gen Z छात्रों से कर सकते हैं संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[PM Modi के 5 सितंबर को SRCC जाने की संभावना है। शताब्दी समारोह और शिक्षक दिवस पर वह छात्रों से संवाद कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-5-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-srcc-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-gen-z-%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6/article-63137"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/new-(7)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जाने की संभावना है। वह कॉलेज के शताब्दी समारोह में छात्रों से संवाद कर सकते हैं।</p>
<h4><strong>SRCC में संभावित दौरा</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स यानी SRCC जाने की संभावना है। कॉलेज 2026 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्तावित दौरा शिक्षक दिवस के दिन होगा और प्रधानमंत्री के कॉलेज के छात्रों से सीधे संवाद करने की उम्मीद है।</p>
<h4><strong>SRCC के 100 साल पूरे</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">SRCC की स्थापना 1926 में उद्योगपति और परोपकारी सर श्रीराम ने की थी। 2026 में कॉलेज अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संस्थान ने पूरे वर्ष शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों के साथ शताब्दी समारोह की योजना बनाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">SRCC दिल्ली विश्वविद्यालय का एक घटक कॉलेज है और वाणिज्य, अर्थशास्त्र तथा प्रबंधन के लिए जाना जाता है। कॉलेज को NAAC से A++ ग्रेड भी प्राप्त है।</p>
<h4><strong>छात्रों से सीधा संवाद</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्तावित कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा प्रधानमंत्री और Gen Z छात्रों के बीच सीधा संवाद हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस दौरान छात्रों को अपनी आकांक्षाओं, चिंताओं और भविष्य की उम्मीदों पर चर्चा का अवसर मिल सकता है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में संवाद के अंतिम प्रारूप और विषयों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<h4><strong>शिक्षक दिवस का संयोग</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। ऐसे में SRCC का शताब्दी कार्यक्रम और शिक्षक दिवस एक साथ होने से प्रस्तावित दौरे का शिक्षा-केंद्रित महत्व बढ़ जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में छात्र, शिक्षक, पूर्व छात्र और संस्थान से जुड़े अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार पूर्व प्राचार्यों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को भी आमंत्रित किया गया है।</p>
<h4><strong>मोदी का पुराना SRCC संबंध</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री मोदी का SRCC से यह पहला जुड़ाव नहीं होगा। उन्होंने 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए कॉलेज का दौरा किया था और छात्रों के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस वर्ष की शुरुआत में SRCC की गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने भी कॉलेज के शताब्दी समारोह के संबंध में मोदी से मुलाकात की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">रिपोर्टों के अनुसार उस दौरान प्रधानमंत्री ने उच्च शिक्षा में SRCC के योगदान का उल्लेख किया। कॉलेज की शताब्दी के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया।</p>
<h4><strong>Gen Z पर बढ़ता फोकस</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्तावित छात्र संवाद ऐसे समय में हो रहा है जब राजनीतिक दल युवा आबादी और उनकी चिंताओं पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">भाजपा की Gen Z आउटरीच रणनीति में प्रत्यक्ष संवाद, कैंपस कार्यक्रम और युवाओं से जुड़े प्रयास शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">SRCC का कार्यक्रम इसलिए कॉलेज परिसर से बाहर भी ध्यान आकर्षित कर सकता है, खासकर शिक्षा, रोजगार, तकनीक और युवा आकांक्षाओं जैसे मुद्दों के संदर्भ में।</p>
<h4><strong>5 सितंबर को संभावित कार्यक्रम</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के 5 सितंबर को SRCC में जाने और छात्रों से संवाद करने की संभावना है। कार्यक्रम कॉलेज के शताब्दी समारोह और शिक्षक दिवस दोनों से जुड़ा होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>मुख्य जानकारी:</strong></p>
<ul>
<li>संभावित तारीख: 5 सितंबर 2026</li>
<li>स्थान: Shri Ram College of Commerce, Delhi University</li>
<li>अवसर: SRCC centenary celebrations और Teachers’ Day</li>
<li>संभावित कार्यक्रम: छात्रों से सीधा संवाद</li>
<li>श्रोता: छात्र, शिक्षक, पूर्व छात्र और संस्थान से जुड़े लोग</li>
<li>स्थापना: 1926</li>
<li>2026 में उपलब्धि: 100 वर्ष</li>
<li>मोदी का पिछला दौरा: 2013</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 00:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
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