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                <title>धर्म - दैनिक जागरण</title>
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                <description>धर्म RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>21 जुलाई महाकाल भस्म आरती: भांग-चंदन और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल, भक्तों ने किए दिव्य दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[आषाढ़ शुक्ल अष्टमी पर तड़के संपन्न हुई विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती, मंत्रोच्चार और जयघोष से गूंजा श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/21-july-mahakal-bhasma-aarti-baba-mahakal-devotees-adorned-with/article-59322"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mahakal-21-july-darshan.jpg" alt=""></a><br /><p>उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार, 21 जुलाई को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के चार बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। सुबह की पवित्र बेला में भगवान श्री महाकाल की विश्व विख्यात भस्म आरती विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी इस अलौकिक आरती के साक्षी बने। जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" के जयघोष और घंटियों की मधुर ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। भक्तों के चेहरों पर उत्साह और श्रद्धा साफ दिखाई दे रही थी। हर कोई बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए आतुर नजर आया।</p>
<p>मंदिर परंपरा के अनुसार सबसे पहले गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया। फिर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। अभिषेक के बाद भगवान का भांग, चंदन और सुगंधित द्रव्यों से श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही रजत आभूषणों, रुद्राक्ष की मालाओं और ताजे पुष्पों से बाबा महाकाल का मनोहारी अलंकरण किया गया। गर्भगृह में दीपों की रोशनी, धूप और चंदन की सुगंध ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु इस दिव्य दृश्य को अपने मन में संजोते नजर आए।</p>
<p>भस्म आरती की प्रक्रिया निर्धारित परंपरा के अनुसार आगे बढ़ी। भस्म अर्पित करने से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रों के बीच भगवान का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती हुई और ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर पवित्र भस्म अर्पित की गई। यह अनूठी परंपरा श्री महाकालेश्वर मंदिर की सबसे विशेष धार्मिक परंपराओं में मानी जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी कारण प्रतिदिन तड़के होने वाली यह आरती लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।</p>
<p>भस्म आरती के उपरांत भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट धारण कराया गया। साथ ही रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और रंग-बिरंगे पुष्पों की मालाओं से उनका भव्य श्रृंगार किया गया। सुगंधित पुष्पों और आकर्षक आभूषणों से सजे बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप देखते ही बन रहा था। गर्भगृह में मौजूद पुजारियों ने विधिपूर्वक आरती संपन्न कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए। इस दौरान पूरा वातावरण शिवमय हो गया और श्रद्धालु लगातार "हर-हर महादेव" तथा "जय श्री महाकाल" के जयकारे लगाते रहे।</p>
<p>सुबह की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कई श्रद्धालु रात से ही मंदिर परिसर में पहुंच गए थे ताकि उन्हें भस्म आरती के दर्शन का अवसर मिल सके। मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं, जिससे दर्शन सुचारु रूप से संपन्न हो सके। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद नंदी महाराज के भी दर्शन किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि नंदी महाराज के कान में अपनी इच्छा व्यक्त करने से वह सीधे भगवान महाकाल तक पहुंचती है।</p>
<p>श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा महाकाल की भस्म आरती का अनुभव शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। तड़के ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली यह आरती भक्तों को आध्यात्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव कराती है। कई परिवार हर वर्ष विशेष अवसरों पर उज्जैन पहुंचकर इस आरती में शामिल होते हैं। सावन का महीना नजदीक होने के कारण भी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है और यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। धार्मिक परंपराओं, वैदिक विधानों और अनूठी पूजा पद्धति के कारण महाकाल मंदिर की अलग पहचान है। मंगलवार को संपन्न हुई भस्म आरती भी इसी आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का दिव्य स्वरूप लेकर सामने आई, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर अपने दिन की शुरुआत आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 08:04:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंगलवार के अचूक उपाय: बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सभी संकट, बरसेगा अपार धन और सुख-समृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[जीवन में सफलता, कर्ज से मुक्ति और मंगल दोष के निवारण के लिए मंगलवार को करें ये विशेष ज्योतिषीय टोटके]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/perfect-remedies-for-tuesday-by-the-grace-of-bajrangbali-all/article-59317"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mangalwar-ke-upay-hindi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span class="citation-517 citation-end-517">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी को 'संकटमोचन' कहा जाता है, यानी वे अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेते हैं।<sup class="superscript"></sup></span> मंगलवार के दिन पूरी श्रद्धा और सही विधि से किए गए उपाय न केवल बजरंगबली को प्रसन्न करते हैं, बल्कि कुंडली में कमजोर मंगल ग्रह को भी मजबूती प्रदान करते हैं। <span class="citation-516 citation-end-516">आइए जानते हैं उन महाउपायों के बारे में जिन्हें मंगलवार को करने से सुख, समृद्धि और अपार सफलता की प्राप्ति होती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति के उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या किसी पुराने कर्ज से छुटकारा नहीं पा रहे हैं, तो मंगलवार के दिन ये उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं:</strong> मंगलवार के दिन बंदरों को गुड़, भुना हुआ चना या केला खिलाना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आपके आसपास बंदर न हों, तो आप यह सामग्री किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर सकते हैं। इस उपाय को लगातार 11 मंगलवार तक करने से धन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होने लगती हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ऋण चुकाने की शुरुआत:</strong> <span class="citation-515 citation-end-515">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि आपने किसी से कर्ज लिया है, तो उसकी पहली किस्त हमेशा मंगलवार के दिन ही चुकाएं।<sup class="superscript"></sup></span> ऐसा करने से कर्ज बहुत जल्दी उतर जाता है। हालांकि, ध्यान रखें कि मंगलवार को किसी से नया कर्ज या उधार पैसा कभी नहीं लेना चाहिए। </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2. नौकरी और बिजनेस में सफलता के उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">करियर में तरक्की और व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मंगलवार को निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>तुलसी पत्र की माला:</strong> <span class="citation-514 citation-end-514">मंगलवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद हनुमान मंदिर जाएं।<sup class="superscript"></sup></span> तुलसी के पत्तों पर साफ चंदन से <strong>'जय श्री राम'</strong> लिखें और इन पत्तों की एक माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। <span class="citation-513 citation-end-513">इस उपाय से नौकरी और बिजनेस में आ रही सभी बाधाएं तुरंत दूर होती हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>चोला और बूंदी के लड्डू का भोग:</strong> बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार को उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाएं और बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। <span class="citation-512 citation-end-512">भोग लगाने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-511 citation-end-511">महिलाओं के लिए चोला चढ़ाना वर्जित है, इसलिए वे केवल लाल फूल और भोग अर्पित कर सकती हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>3. शत्रुओं के षड्यंत्र और भय से मुक्ति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आपके गुप्त शत्रु आपको परेशान कर रहे हैं या आपको किसी अज्ञात भय ने घेर रखा है, तो रक्षा कवच के रूप में यह उपाय अपनाएं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>बजरंग बाण का पाठ:</strong> <span class="citation-510">मंगलवार के दिन शाम के समय हनुमान जी के सामने बैठकर कम से कम 11 बार </span><strong><span class="citation-510">बजरंग बाण</span></strong><span class="citation-510 citation-end-510"> का पाठ करें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-509 citation-end-509">ज्योतिषियों के अनुसार, लगातार 21 मंगलवार तक ऐसा करने से शत्रुओं के सभी षड्यंत्र विफल हो जाते हैं और जीवन में सुरक्षा का अनुभव होता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>नीम के पेड़ का उपाय:</strong> <span class="citation-508 citation-end-508">मंगलवार की शाम को नीम के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं और किसी भी नजदीकी हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं。 यह उपाय तंत्र-मंत्र और नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को पूरी तरह नष्ट कर देता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>4. मंगल दोष निवारण और स्वास्थ्य लाभ</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष (Manglik Dosha) है या जो लोग हमेशा अकारण क्रोध और स्वास्थ्य समस्याओं से घिरे रहते हैं, उनके लिए यह उपाय संजीवनी की तरह है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>लाल चीजों का दान:</strong> <span class="citation-507 citation-end-507">मंगलवार के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनें या लाल रुमाल अपने पास रखें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-506">इस दिन किसी गरीब व्यक्ति या मंदिर में </span><strong><span class="citation-506">लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल चंदन</span></strong><span class="citation-506 citation-end-506"> का दान करें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-505 citation-end-505">इससे मंगल का अशुभ प्रभाव शांत होता है और स्वभाव में सौम्यता आती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>मीठी रोटी का उपाय:</strong> <span class="citation-504 citation-end-504">मंगलवार के दिन गेहूं के आटे में गुड़ मिलाकर मीठी रोटी बनाएं और उसे किसी लाल या चितकबरी गाय को खिलाएं।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-503 citation-end-503">यह उपाय आपके भाग्योदय के साथ-साथ गंभीर बीमारियों से भी रक्षा करता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>मंगलवार का मूल मंत्र:</strong> आज के दिन पूरी श्रद्धा के साथ <strong>"ॐ हनुमते नमः"</strong> या <strong>"ॐ मंगलाय नमः"</strong> मंत्र का 108 बार जप करना जीवन की सभी विसंगतियों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>पूजा पाठ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:03:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>टैरो राशिफल 21 जुलाई 2026: 'द वर्ल्ड' और 'द व्हील ऑफ फॉर्च्यून' का अद्भुत महायोग, आज खुलेगा इन राशियों की किस्मत का ताला</title>
                                    <description><![CDATA[मिस्टिक एनर्जी और ब्रह्मांडीय शक्तियों से चमकेगा सभी 12 राशियों का भाग्य, जानिए अपना भविष्यफल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/tarot-horoscope-21-july-2026-amazing-grand-combination-of-the/article-59316"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tarot-horoscope-21-july-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">टैरो कार्ड की भविष्यवाणियों के अनुसार, आज कुछ राशियों को अपने करियर में अप्रत्याशित सफलता मिलेगी, तो कुछ को अपने व्यक्तिगत रिश्तों और स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>12 राशियों का विस्तृत टैरो राशिफल</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मेष राशि (Aries) - थ्री ऑफ स्वॉर्ड्स (Three of Swords)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-357 citation-end-357">मेष राशि के जातकों के लिए आज का टैरो कार्ड संकेत दे रहा है कि आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आप किसी रिश्ते या काम में लगातार अधिक प्रयास कर रहे हैं और बदले में आपको वैसा सम्मान नहीं मिल रहा है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-356 citation-end-356">आज शिकायत करने के बजाय अपनी सीमाएं तय करने का दिन है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-355 citation-end-355">आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी, लेकिन जल्दबाजी में किसी भी तरह के निवेश से बचें।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वृषभ राशि (Taurus) - फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स (Five of Swords - Reversed)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-354 citation-end-354">वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-353 citation-end-353">सुबह के समय किसी की कही हुई बात आपको चुभ सकती है, लेकिन कार्ड्स की सलाह है कि हर बात को दिल पर न लें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-352 citation-end-352">शाम तक कोई छोटी सी सकारात्मक घटना आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी।<sup class="superscript"></sup></span> काम पर ध्यान बनाए रखने से मानसिक शांति मिलेगी। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मिथुन राशि (Gemini) - द सन (The Sun)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>भाग्यशाली राशि:</strong> मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। 'द सन' कार्ड आपके जीवन में नई रोशनी और सकारात्मकता लेकर आया है। <span class="citation-351 citation-end-351">यदि आपका कोई काम काफी समय से अटका हुआ था, तो वह आज पूरा हो जाएगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-350 citation-end-350">कार्यस्थल पर आपके प्रबंधकीय कौशल की सराहना होगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-349 citation-end-349">परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कर्क राशि (Cancer) - क्वीन ऑफ वांड्स (Queen of Wands)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-348 citation-end-348">कर्क राशि वालों के लिए आज ऊर्जा और आत्मविश्वास का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना की जाएगी। <span class="citation-347 citation-end-347">आर्थिक रूप से दिन काफी अनुकूल रहने वाला है और पुराने निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-346 citation-end-346">पार्टनर के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और आपसी विश्वास मजबूत होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सिंह राशि (Leo) - द चेरियट (The Chariot)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सिंह राशि के जातकों को आज अपने लक्ष्यों पर पूरी तरह केंद्रित रहने की आवश्यकता है। 'द चेरियट' कार्ड यह दर्शाता है कि आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति आपको हर बाधा को पार करने में मदद करेगी। <span class="citation-345 citation-end-345">विरोधियों पर आपका दबाव बना रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतें। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कन्या राशि (Virgo) - पेज ऑफ कप्स (Page of Cups)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन रचनात्मकता से भरपूर रहेगा। <span class="citation-344 citation-end-344">यदि आप कला, लेखन या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आज आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-343 citation-end-343">वित्तीय मामलों में संतुलन बनाकर चलें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-342 citation-end-342">शाम के समय किसी पुराने मित्र से मुलाकात पुरानी यादें ताजा कर देगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तुला राशि (Libra) - जस्टिस (Justice)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">तुला राशि वालों के लिए आज का दिन न्याय और संतुलन का रहेगा। यदि आपका कोई कानूनी मामला चल रहा था, तो आज फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। <span class="citation-341 citation-end-341">साझेदारी के काम में जबरदस्त लाभ मिलने की संभावना है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-340 citation-end-340">व्यापार विस्तार के लिए की गई योजनाएं आज धरातल पर उतरेंगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio) - द लवर्स (The Lovers)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="citation-339">भाग्यशाली राशि:</span></strong><span class="citation-339 citation-end-339"> वृश्चिक राशि वालों के लिए प्रेम और आपसी संबंधों के लिहाज से आज का दिन बेहद खूबसूरत रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-338 citation-end-338">आपकी लव लाइफ में पुरानी मिठास वापस लौटेगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-337 citation-end-337">कार्यक्षेत्र में भी कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>धनु राशि (Sagittarius) - टेन ऑफ पेंटाकल्स (Ten of Pentacles)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-336 citation-end-336">धनु राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मोर्चे पर शानदार परिणाम मिलने वाले हैं।<sup class="superscript"></sup></span> पारिवारिक संपत्ति या पैतृक व्यवसाय से बड़ा लाभ होने के संकेत हैं। <span class="citation-335 citation-end-335">समाज में आपका पद और प्रभाव बढ़ेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-334 citation-end-334">मित्रों का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मकर राशि (Capricorn) - द हर्मिट (The Hermit)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-333 citation-end-333">मकर राशि के जातकों को आज जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> 'द हर्मिट' कार्ड यह सुझाव देता है कि आज आपको थोड़ा समय एकांत में बिताकर आत्ममंथन करना चाहिए। <span class="citation-332 citation-end-332">कार्यस्थल पर काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन आपका धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कुंभ राशि (Aquarius) - द व्हील ऑफ फॉर्च्यून (The Wheel of Fortune)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>भाग्यशाली राशि:</strong> कुंभ राशि के जातकों की किस्मत का पहिया आज तेजी से घूमने वाला है। <span class="citation-331 citation-end-331">भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-330 citation-end-330">यदि आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए बेहतरीन अवसर लेकर आ सकता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-329 citation-end-329">आपके कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मीन राशि (Pisces) - द स्टार (The Star)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आशा, शांति और नई शुरुआत का है। <span class="citation-328 citation-end-328">पिछले कुछ समय से चल रही मानसिक उलझनें और शारीरिक समस्याएं आज समाप्त होंगी।<sup class="superscript"></sup></span> आपके भीतर एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ आपका रुझान बढ़ेगा। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज की विशेष टैरो सलाह</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज के दिन ब्रह्मांडीय ऊर्जा का पूरा लाभ उठाने के लिए सुबह के समय ध्यान (Meditation) अवश्य करें। सफ़ेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनना आज आपके लिए भाग्यशाली रहेगा और आपके चक्रों को संतुलित रखने में मदद करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:03:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 21 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल अष्टमी पर 'सिद्ध योग' का महासंयोग, जानें आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[बजरंगबली की पूजा का विशेष दिन, राहुकाल में भूलकर भी न करें कोई नया काम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-21-july-2026-know-the-great-coincidence-of/article-59315"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/today-panchang-21-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई नया व्यवसाय, गृह प्रवेश, वाहन की खरीदारी या कोई अन्य मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले आज का पंचांग और शुभ-अशुभ समय जरूर नोट कर लें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल जैसे अशुभ समय में शुरू किए गए कार्यों में विघ्न आने की आशंका रहती है, जबकि अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्य निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाते हैं। आइए जानते हैं 21 जुलाई 2026 का पूरा पंचांग विवरण।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के पंचांग के पांच मुख्य तत्व (Five Elements of Panchang)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-148 citation-end-148">भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचांग पांच महत्वपूर्ण अंगों—तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण से मिलकर बनता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-147 citation-end-147">21 जुलाई 2026 के लिए इन तत्वों की स्थिति इस प्रकार है:<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>तिथि (Tithi):</strong> <span class="citation-146">आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की </span><strong><span class="citation-146">अष्टमी तिथि</span></strong><span class="citation-146 citation-end-146"> है, जो कि अगले दिन 22 जुलाई को सुबह 05:16 बजे तक रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-145 citation-end-145">इसके बाद नवमी तिथि का प्रारंभ होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>नक्षत्र (Nakshatra):</strong> <span class="citation-144">आज </span><strong><span class="citation-144">चित्रा नक्षत्र</span></strong><span class="citation-144 citation-end-144"> रात 08:49 बजे तक रहेगा, जिसके बाद स्वाति नक्षत्र लग जाएगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>वार (Vara):</strong> <span class="citation-143">आज </span><strong><span class="citation-143">मंगलवार</span></strong><span class="citation-143 citation-end-143"> है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-142 citation-end-142">यह दिन शक्ति और साहस के प्रतीक हनुमान जी और मंगल ग्रह की उपासना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>योग (Yoga):</strong> <span class="citation-141">आज शाम 06:25 बजे तक </span><strong><span class="citation-141">सिद्ध योग</span></strong><span class="citation-141 citation-end-141"> रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> सिद्ध योग को तंत्र-मंत्र साधना और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। <span class="citation-140 citation-end-140">इसके बाद साध्य योग शुरू होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>करण (Karana):</strong> <span class="citation-139 citation-end-139">आज प्रथम करण विष्टि (भद्रा) रहेगा, जिसके बाद बव और बालव करण का आगमन होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्य और चंद्रमा की गणना (Sun and Moon Timing)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-138 citation-end-138">पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को मुख्य आधार माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> स्थान के भेद से इस समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>सूर्योदय (Sunrise):</strong> <span class="citation-137 citation-end-137">प्रातः 05:36 बजे<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>सूर्यास्त (Sunset):</strong> <span class="citation-136 citation-end-136">सायं 07:19 बजे<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>सूर्य राशि (Sun Sign):</strong> सूर्य देव इस समय कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>चंद्र राशि (Moon Sign):</strong> <span class="citation-135 citation-end-135">चंद्रमा आज पूरे दिन और रात कन्या राशि में संचार करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Timing)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्यों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat):</strong> सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक। किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए यह दिन का सबसे उत्तम समय होता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>अमृत काल (Amrit Kaal):</strong> शाम को 05:10 बजे से 06:46 बजे तक का समय अमृत बेला का रहेगा, जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta):</strong> प्रातः 04:02 बजे से 04:49 बजे तक। साधना और अध्ययन के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है।</p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Ashubh Muhurat &amp; Rahukaal)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शास्त्रों के अनुसार, अशुभ समय के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों, बड़े वित्तीय लेन-देन या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>राहुकाल (Rahu Kaal):</strong> <strong><span class="citation-134">दोपहर 03:53 बजे से शाम 05:36 बजे तक</span></strong><span class="citation-134 citation-end-134">।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-133 citation-end-133">पंचांग के अनुसार, राहुकाल में कभी भी कोई मांगलिक या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>यमगण्ड (Yamaganda):</strong> सुबह 09:02 बजे से 10:45 बजे तक।</p>
</li>
<li>
<p><strong>गुलिक काल (Gulika Kaal):</strong> दोपहर 12:26 बजे से 02:09 बजे तक।</p>
</li>
<li>
<p><strong>वर्ज्यम् (Varjyam):</strong> <span class="citation-132 citation-end-132">शाम 06:30 बजे से रात 08:06 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का विशेष धार्मिक महत्व और उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को पड़ने वाली आषाढ़ शुक्ल अष्टमी का बड़ा आध्यात्मिक महत्व है। <span class="citation-131 citation-end-131">इस दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप और बजरंगबली की पूजा एक साथ करने से जातकों के जीवन से सभी प्रकार के कष्ट, रोग और शत्रुओं का नाश होता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>आज का अचूक उपाय:</strong> आज शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। साथ ही लाल चंदन या लाल पुष्प अर्पित करने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और भूमि-भवन से जुड़े मामलों में सफलता मिलती है।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:03:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक राशिफल 21 जुलाई 2026: कॉस्मिक क्रैडल का दुर्लभ महायोग, जानें आपकी राशि के भाग्य का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA['बारबोल्ट बास्केट' और गुरु-यूरेनस की युति से बदलेगी सभी 12 राशियों की तकदीर, जानिए अपना आज का भविष्यफल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-horoscope-21-july-2026-rare-mahayoga-of-cosmic-cradle/article-59314"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/daily-horoscope-21-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p><span class="citation-143">इस समय अंतरिक्ष में बाहरी ग्रहों की एक विशेष ज्यामितीय रचना बन रही है, जिसे ज्योतिष की भाषा में </span><span class="citation-143">'बारबोल्ट बास्केट' (Barbault Basket) या 'कॉस्मिक क्रैडल' (Cosmic Cradle)</span><span class="citation-143 citation-end-143"> कहा जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-142 citation-end-142">इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति और यूरेनस की जुगलबंदी से तीन विशेष राशियों का भाग्य पूरी तरह पलटने वाला है।<sup class="superscript"></sup></span> आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन तक, सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन आर्थिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर कैसा रहने वाला है। </p>
<h5><strong>12 राशियों का विस्तृत राशिफल</strong></h5>
<h5><strong>मेष राशि (Aries)</strong></h5>
<p>आज का दिन आपके लिए उत्सव जैसा रहेगा। <span class="citation-141 citation-end-141">यदि आप किसी पारिवारिक या सामाजिक गेट-टुगेदर की योजना बना रहे हैं, तो शानदार भोजन और अपनों का साथ आपको खुशी देगा।<sup class="superscript"></sup></span> आर्थिक स्थिति पूरी तरह स्थिर रहेगी, इसलिए पैसों की चिंता आज छोड़ दें। <span class="citation-140 citation-end-140">व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं भविष्य के लिए नए दरवाजे खोलेंगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-139 citation-end-139">किसी परेशान रिश्तेदार की मदद करनी पड़ सकती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>वृषभ राशि (Taurus)</strong></h5>
<p>स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का दिन है। <span class="citation-138 citation-end-138">संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।<sup class="superscript"></sup></span> व्यापारिक मामलों में किए गए नए प्रयोग आज अत्यधिक मुनाफा कमा कर दे सकते हैं। हालांकि, आज किसी पारिवारिक समारोह में आपको ऐसा लग सकता है कि आपकी उपेक्षा की जा रही है, जिससे आपका मूड खराब हो सकता है। <span class="citation-137 citation-end-137">सामाजिक स्तर पर किसी के उकसावे में आने से बचें।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong></h5>
<p>भाग्यशाली राशि: यूरेनस और गुरु की विशेष कृपा से आज आपका नजरिया पूरी तरह सकारात्मक रहेगा और यह सकारात्मकता आपके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होगी। पिछले कुछ समय से चली आ रही आर्थिक और मानसिक चिंताएं आज खत्म होंगी। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारी आपके विचारों की सराहना करेंगे। <span class="citation-136 citation-end-136">किसी करीबी मित्र या प्रियजन से मिला कोई सरप्राइज गिफ्ट आपके दिन को और भी खुशनुमा बना देगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong></h5>
<p>कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक उन्नति लेकर आया है। फ्रीलांसरों और सलाहकारों (Consultants) को आज मोटी कमाई होने के योग हैं। <span class="citation-135 citation-end-135">परिवार में कुछ बदलाव हो सकते हैं, जिन्हें आपको खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-134 citation-end-134">दोस्तों के साथ यात्रा करने का प्लान बन सकता है, जो बेहद आनंददायक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-133 citation-end-133">आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति का अनुभव होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>सिंह राशि (Leo)</strong></h5>
<p>सिंह राशि के जातकों का स्वास्थ्य आज बिल्कुल दुरुस्त रहेगा और वित्तीय मोर्चे पर भी दिन बेहद आशाजनक है। <span class="citation-132 citation-end-132">कार्यस्थल पर चल रही किसी भी कठिन या प्रतिस्पर्धी परिस्थिति को आप अपनी बुद्धिमानी से आसानी से पार कर लेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-131 citation-end-131">परिवार के किसी बुजुर्ग की राय शुरू में अजीब लग सकती है, लेकिन बाद में आपको उसकी अहमियत समझ आएगी।<sup class="superscript"></sup></span> किसी पुराने बोझ या तनाव से आज मुक्ति मिलेगी। </p>
<h5><strong>कन्या राशि (Virgo)</strong></h5>
<p><span class="citation-130 citation-end-130">फिटनेस को लेकर किए जा रहे आपके प्रयास अब रंग ला रहे हैं, जिससे आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> पैसों का सही प्रबंधन आज आपको किसी भी तरह के वित्तीय दबाव से बचा कर रखेगा। <span class="citation-129 citation-end-129">जो लोग ट्रैवल इंडस्ट्री या पर्यटन से जुड़े हैं, उनके काम में आज बड़ी तेजी देखने को मिलेगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-128 citation-end-128">परिवार के साथ किसी धार्मिक या दर्शनीय स्थल पर जाने का मौका मिल सकता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>तुला राशि (Libra)</strong></h5>
<p>आज आप खुद को ऊर्जा के चरम पर पाएंगे। यदि आप कोई बड़ा निवेश या खरीदारी करने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन उत्तम है, यह सौदा फायदे का साबित होगा। <span class="citation-127 citation-end-127">नए उद्यमियों (Entrepreneurs) को आज बाजार में बेहतरीन शुरुआत मिल सकती है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-126 citation-end-126">हालांकि, यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और अपने सामान का खास ख्याल रखें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-125 citation-end-125">आपका सामाजिक दायरा और लोकप्रियता बढ़ेगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong></h5>
<p>भाग्यशाली राशि: ब्रह्मांडीय ऊर्जा आज आपके पक्ष में है। यदि आप लेखक, संपादक या क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, तो आज आपकी प्रतिभा का लोहा हर कोई मानेगा। <span class="citation-124 citation-end-124">पुराने निवेशों से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> घर में छोटी-मोटी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन शांत रहकर बात को बढ़ने न दें। <span class="citation-123 citation-end-123">उत्तर दिशा की यात्रा आपके लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong></h5>
<p>धनु राशि वालों के लिए आज का दिन अपनी पुरानी आदतों और उन उम्मीदों को छोड़ने का है जो अब उनके काम की नहीं रहीं। काम के सिलसिले में आपके भीतर एक नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिलेगा। कोई अप्रत्याशित समाचार या संदेश आज आपके भविष्य की चिंताओं को दूर कर सकता है। दूसरों के साथ मिलकर किए गए कार्यों में आज आपको एकतरफा सफलता मिलेगी।</p>
<h5><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong></h5>
<p><span class="citation-122 citation-end-122">मकर राशि के जातकों को आज कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले थोड़ा एकांत समय बिताने की जरूरत है।<sup class="superscript"></sup></span> दूसरों की राय से प्रभावित होने के बजाय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मेहनत में कोई कमी न आने दें। पार्टनर के साथ चल रहे वैचारिक मतभेदों को आज बैठकर सुलझाया जा सकता है। </p>
<h5><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong></h5>
<p>भाग्यशाली राशि: आपकी किस्मत आज पूरी तरह से पलटने वाली है। कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन दोनों में आपके संचार कौशल (Communication Skills) की वजह से बिगड़े हुए काम बन जाएंगे। आप सही समय पर सही जगह मौजूद रहेंगे, जिससे करियर में कोई बड़ा मौका हाथ लग सकता है। अपने मन की बात को दबाने के बजाय खुलकर सामने रखें, सफलता निश्चित है।</p>
<h5><strong>मीन राशि (Pisces)</strong></h5>
<p><span class="citation-121 citation-end-121">जिज्ञासा और कुछ नया सीखने की चाह आज आपको एक बड़ी सफलता दिला सकती है।<sup class="superscript"></sup></span> किसी नई नौकरी, प्रोजेक्ट या व्यापारिक सौदे का प्रस्ताव मिल सकता है जो आपके कम्फर्ट जोन से बाहर का होगा, लेकिन आपको इसे स्वीकार करना चाहिए। वित्तीय स्थिति सामान्य रहेगी। <span class="citation-120 citation-end-120">मित्रों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>आज का विशेष ज्योतिषीय उपाय</strong></h5>
<p>आज के दिन कॉस्मिक क्रैडल के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए सुबह के समय भगवान शिव या भगवान विष्णु की आराधना करें। गाय को हरा चारा खिलाना और जरूरतमंदों की मदद करना आज आपकी राशि के नकारात्मक प्रभावों को दूर करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-horoscope-21-july-2026-rare-mahayoga-of-cosmic-cradle/article-59314</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकाल की भस्म आरती में अलौकिक शृंगार: भोर में गूंजा हर-हर महादेव, बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर निहाल हुए श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[20 जुलाई को श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में विधि-विधान से हुई भस्म आरती, भांग-चंदन और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/in-the-bhasma-aarti-of-mahakaal-supernatural-adornment-echoed-in/article-59216"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mahakal-darshan-(2).jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mahakal-darshan-(2).jpg" alt="Mahakal darshan (2)" width="1080" height="1350"></img></p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सोमवार, 20 जुलाई 2026 की सुबह पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। तड़के मंदिर के पट खुलने के बाद भगवान महाकाल की परंपरागत पूजा-अर्चना शुरू हुई। पुजारियों ने बाबा महाकाल का विधि-विधान से अभिषेक किया और इसके बाद आकर्षक शृंगार किया गया। भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, घंटियों और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p>भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परंपरागत तरीके से पूजा की गई। भगवान महाकाल को भांग, चंदन और आभूषणों से मनमोहक स्वरूप दिया गया। फूलों से सजे बाबा महाकाल के शृंगार ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शृंगार पूरा होने के बाद भगवान की आरती उतारी गई और मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार भस्म अर्पित कर भस्म आरती संपन्न की गई। इस दौरान नंदी हॉल से लेकर मंदिर परिसर तक श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखाई दिए।</p>
<p>सावन का महीना होने के कारण महाकाल मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से भक्त बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं। भगवान शिव की आराधना के लिए सावन को विशेष फलदायी माना जाता है। इसी वजह से श्रद्धालु जलाभिषेक, पूजन और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महाकाल की नगरी पहुंचते हैं। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।</p>
<p>श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती अपनी अनूठी धार्मिक परंपरा के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। प्रतिदिन सूर्योदय से पहले भगवान महाकाल की पूजा, अभिषेक और शृंगार के बाद भस्म आरती की जाती है। इस आरती के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष आस्था रहती है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल श्री महाकालेश्वर का विशेष धार्मिक महत्व है। महाकालेश्वर को दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के रूप में भी विशिष्ट स्थान प्राप्त है और यहां होने वाली भस्म आरती मंदिर की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल है।</p>
<p>20 जुलाई की सुबह भी मंदिर के पट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हो गया। गर्भगृह में भगवान महाकाल की सेवा-पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों की ध्वनि गूंजती रही। अभिषेक के बाद बाबा का विशेष शृंगार किया गया और फिर भस्म आरती हुई। दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का स्वरूप देखते ही श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। मंदिर में मौजूद भक्त हाथ जोड़कर बाबा की आराधना करते नजर आए और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगल की कामना की।</p>
<p>सावन के कारण उज्जैन शहर का धार्मिक वातावरण भी इन दिनों अलग ही दिखाई दे रहा है। सुबह भस्म आरती से शुरू होने वाला श्रद्धालुओं का सिलसिला पूरे दिन जारी रहता है। महाकाल मंदिर के दर्शन के बाद श्रद्धालु शिप्रा नदी के घाटों और शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी पहुंच रहे हैं। मंदिर के आसपास ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष लगातार सुनाई दे रहे हैं। बाबा महाकाल के शृंगार दर्शन के दौरान भक्तों में ‘कण-कण में महादेव’ की भावना दिखाई दी।</p>
<p>श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से बाबा महाकाल के दर्शन कराने के लिए निर्धारित मार्गों से प्रवेश और निकासी की व्यवस्था की गई है। सावन के दौरान देशभर से आने वाले भक्तों के कारण उज्जैन में धार्मिक गतिविधियां बढ़ गई हैं और महाकाल मंदिर सुबह से ही आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।</p>
<p>भस्म आरती संपन्न होने के बाद भी भगवान महाकाल के दर्शन का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालु बाबा के शृंगारित स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते रहे। महाकाल की नगरी में सुबह से गूंजते शिव मंत्र, डमरू और घंटियों की ध्वनि ने वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। बाबा महाकाल के सामने शीश झुकाकर भक्तों ने अपनी मनोकामनाएं रखीं और सावन के पावन अवसर पर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 08:46:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakal Darshan: सावन में दिव्य रूप में सजे बाबा महाकाल, दद्योदक आरती में भक्तों ने किए मनोहारी दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में 19 जुलाई 2026 की सुबह श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रही, प्रातःकालीन दद्योदक आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष पूजन और श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/mahakal-darshan-devotees-had-a-beautiful-darshan-of-baba-mahakal/article-59142"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/dr-ishwar-bohra--(1).jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/dr-ishwar-bohra--(1).jpg" alt="Dr Ishwar Bohra  (1)" width="1080" height="1350"></img></p>
<p>ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः... भगवान शिव की नगरी उज्जैन में रविवार, 19 जुलाई 2026 की सुबह एक बार फिर बाबा महाकाल की भक्ति के रंग में रंगी दिखाई दी। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातःकालीन दद्योदक आरती के अवसर पर भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन और आकर्षक श्रृंगार किया गया। सावन के पवित्र माह में ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। सुबह मंदिर परिसर में भगवान शिव के जयकारों और मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।</p>
<p>बारह ज्योतिर्लिंगों में श्री महाकालेश्वर का विशेष स्थान माना जाता है। यहां भगवान शिव दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं। इसी वजह से उज्जैन का महाकाल मंदिर देशभर के शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन में यहां की धार्मिक गतिविधियां और अधिक बढ़ जाती हैं। रविवार की सुबह भी मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। अलग-अलग शहरों और राज्यों से पहुंचे भक्त बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए मंदिर पहुंचे।</p>
<p>प्रातःकालीन पूजा परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल की विधि-विधान से आराधना की गई। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का पूजन किया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग का मनोहारी श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल का स्वरूप अत्यंत आकर्षक दिखाई दिया। आरती के दौरान मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।</p>
<p>दद्योदक आरती श्री महाकालेश्वर मंदिर की नियमित धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुबह होने वाली अलग-अलग पूजा और आरती के क्रम में श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन का अवसर मिलता है। विशेष रूप से सावन के दिनों में बाबा महाकाल के प्रतिदिन होने वाले श्रृंगार को लेकर भक्तों में खास उत्सुकता रहती है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी देश-दुनिया में मौजूद श्रद्धालु महाकाल के दैनिक दर्शन से जुड़ते हैं।</p>
<p>सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान उज्जैन में धार्मिक माहौल अपने चरम पर रहता है। महाकाल मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करने, दर्शन करने और अपनी मनोकामनाओं के साथ प्रार्थना करने आते हैं। रविवार होने के कारण मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के दर्शन को व्यवस्थित रखने के लिए निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रवेश कराया जाता है।</p>
<p>भगवान महाकाल के दर्शन के साथ उज्जैन में सावन की अपनी अलग ही छटा दिखाई देती है। सुबह से ही मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है। कोई परिवार के साथ बाबा के दर्शन के लिए पहुंचता है तो कोई लंबी दूरी तय करके पहली बार ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आता है। कई श्रद्धालु ‘जय श्री महाकाल’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का उद्घोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं।</p>
<p>महाकालेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी विशेषताओं में यहां होने वाली दैनिक पूजा-पद्धति और अलग-अलग समय पर भगवान के स्वरूप में होने वाला परिवर्तन है। प्रातःकाल से लेकर रात्रि तक बाबा महाकाल की सेवा का क्रम चलता रहता है। विभिन्न आरतियों के दौरान भगवान का पूजन और श्रृंगार अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया जाता है। इसी कारण प्रतिदिन होने वाले महाकाल दर्शन की तस्वीरें और वीडियो शिवभक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं।</p>
<p>19 जुलाई की सुबह दद्योदक आरती के समय भी भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। भगवान महाकाल के सजे हुए स्वरूप के सामने श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के क्षेत्र में मंत्रोच्चार की ध्वनि ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। आरती के दौरान दीपों की रोशनी और भगवान के श्रृंगार ने दर्शन को और भव्य बना दिया।</p>
<p>उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां वर्षभर पहुंचते हैं, लेकिन सावन, महाशिवरात्रि और नागपंचमी जैसे अवसरों पर भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सावन में सोमवार का विशेष महत्व होने के कारण मंदिर में अतिरिक्त धार्मिक आयोजन भी होते हैं और भगवान महाकाल की सवारी उज्जैन की धार्मिक परंपरा का प्रमुख आकर्षण बनती है।</p>
<p>मान्यता है कि उज्जैन के राजा के रूप में बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसी परंपरा के कारण सावन-भादो में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर से निकलकर भगवान की पालकी जब शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती है तो पूरा उज्जैन ‘जय महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठता है।</p>
<p>महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह का समय विशेष धार्मिक अनुभव लेकर आता है। प्रातःकालीन वातावरण, मंदिर की घंटियां, वैदिक मंत्र और बाबा महाकाल के श्रृंगार दर्शन मिलकर एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति देते हैं। कई श्रद्धालु सुबह-सुबह शिप्रा स्नान के बाद महाकाल मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव के दर्शन के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करते हैं।</p>
<p>सावन के कारण उज्जैन में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहने की संभावना है। महाकाल लोक भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद बड़ी संख्या में लोग महाकाल लोक परिसर पहुंचते हैं, जहां भगवान शिव से जुड़ी कथाओं और स्वरूपों को मूर्तियों तथा कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।</p>
<p>19 जुलाई के प्रातःकालीन दद्योदक आरती श्रृंगार में बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन के साथ मंदिर में शिव आराधना का क्रम जारी रहा। सुबह से श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंजता रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 08:20:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>18 जुलाई महाकाल भस्म आरती: भाल पर अंकित हुआ पवित्र ॐ, राजवैभव के स्वरूप में दिखे बाबा महाकाल</title>
                                    <description><![CDATA[श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के बाद भगवान को चंदन, रुद्राक्ष, बेलपत्र, पुष्पहार और राजसी अलंकरण से सजाया गया, दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ रही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/18-july-mahakal-bhasma-aarti-bhaal-inscribed-with-holy-om/article-59043"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/untitled-design-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/untitled-design-(1).jpg" alt="Untitled design (1)" width="595" height="744"></img></p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार तड़के होने वाली भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल ने इस बार अलग ही राजवैभव वाले स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। गर्भगृह में पूजा की सभी पारंपरिक विधियां पूरी होने के बाद भगवान का विशेष शृंगार किया गया। उनके ललाट पर चंदन से त्रिपुंड उकेरा गया और उसके मध्य में पवित्र <strong>ॐ</strong> अंकित किया गया। भाल पर सजा यह स्वरूप दूर से ही भक्तों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था। चेहरे पर चंदन की आभा, बड़ी-बड़ी आकर्षक आंखें और शांत भाव के साथ बाबा महाकाल का रूप बेहद मनोहारी दिखाई दिया। भगवान के गले में रुद्राक्ष की कई मालाएं पहनाई गईं, साथ ही सुगंधित पुष्पहार और बेलपत्र अर्पित कर उन्हें राजसी अंदाज में सजाया गया। सिर पर सुसज्जित मुकुट ने इस शृंगार को और भव्य बना दिया।</p>
<p>ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हुई भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय वातावरण में डूबा रहा। डमरू और शंख की ध्वनि के बीच वैदिक मंत्रों का उच्चारण होता रहा और आरती पूरी होने के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए, गर्भगृह के बाहर मौजूद भक्त बाबा के दिव्य स्वरूप को निहारते रह गए। कई श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिखाई दिए तो कई लोग "महाकाल की जय" के जयघोष लगाते रहे। शनिवार होने के कारण भी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की थी, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।</p>
<p>शनिवार के इस विशेष शृंगार में बाबा महाकाल के स्वरूप को राजाधिराज की गरिमा के अनुरूप सजाया गया। चंदन का त्रिपुंड, मध्य में अंकित ॐ, रुद्राक्ष की मालाएं, बेलपत्र, पुष्पों की सजावट और आकर्षक मुकुट ने पूरे शृंगार को दिव्यता से भर दिया। गर्भगृह से बाहर आते श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और भक्ति का भाव साफ दिखाई दे रहा था। सुबह के समय मंदिर परिसर और महाकाल लोक में भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी आवाजाही रही। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे भक्तों ने बाबा महाकाल के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 08:14:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल से बाबा बर्फानी के बुलावे पर निकले श्रद्धालु, 20 जुलाई को होगी पवित्र गुफा में हाजिरी</title>
                                    <description><![CDATA[सावन का महीना शुरू होते ही शिवभक्ति का रंग और गहरा हो गया है। राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा से शनिवार को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का एक जत्था पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ। यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/devotees-who-came-from-bhopal-on-the-call-of-baba/article-59031"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-17-at-5.50.13-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इस जत्थे में कुल <strong>20 श्रद्धालु</strong> शामिल हैं, जो 20 जुलाई को पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे। यात्रा पर रवाना होने से पहले परिजनों और स्थानीय लोगों ने सभी यात्रियों का तिलक लगाकर, पुष्पमालाएं पहनाकर और मंगलकामनाओं के साथ विदा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दल का प्रतिनिधित्व <strong>भारतीय जनता पार्टी स्टेशन मंडल के मंडल महामंत्री दुर्गेश बैंन</strong> कर रहे हैं। उनके साथ <strong>विपिन शर्मा, रजनीश पांडे, प्रदीप पांडे, सनी यादव, मुकेश साहू, चंद्रमोहन साहू, संदीप साहू, दीपक महावर</strong> सहित अन्य श्रद्धालु भी बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-17-at-5.50.14-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-07-17 at 5.50.14 PM (1)" width="720" height="1280"></img></p>
<p style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, तप और विश्वास की परीक्षा है। बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिलना स्वयं भगवान शिव का आशीर्वाद माना जाता है। सभी यात्रियों ने देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना के साथ यात्रा का संकल्प लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि हर वर्ष सावन में लाखों श्रद्धालु हिमालय की दुर्गम वादियों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। प्राकृतिक रूप से बर्फ से बनने वाले शिवलिंग के दर्शन के लिए देशभर से भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। भोपाल से रवाना हुआ यह जत्था भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 18:13:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के साथ हुए बाबा महाकाल के दिव्य शृंगार, भक्तों ने किए अलौकिक दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का मनमोहक शृंगार किया गया। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने 'कण-कण में महादेव' के जयघोष के बीच दर्शन किए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/divine-adornment-of-baba-mahakal-along-with-bhasma-aarti-in/article-58940"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/baba-mahakal-24.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/baba-mahakal-24.jpg" alt="BABA-MAHAKAL-24" width="1080" height="1258"></img>उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध <strong>श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग</strong> में शुक्रवार <strong>17 जुलाई 2026</strong> की सुबह प्रतिदिन की तरह ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली <strong>भस्म आरती</strong> के बाद बाबा महाकाल का अत्यंत आकर्षक और दिव्य शृंगार किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। गर्भगृह में वैदिक मंत्रों का उच्चारण, शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और डमरू की गूंज के बीच भगवान महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। आरती के बाद जब बाबा महाकाल का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया तो पूरा मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" और "जय श्री महाकाल" के जयघोष से गूंज उठा।</p>
<p class="isSelectedEnd">आज के विशेष शृंगार में भगवान महाकाल को रजत मुकुट, पारंपरिक आभूषण, रंग-बिरंगी पुष्पमालाओं, मोरपंख और सुगंधित फूलों से सजाया गया। शिवलिंग पर आकर्षक त्रिपुंड, चंद्रमा का चिह्न, तिलक और विभिन्न धार्मिक प्रतीकों का अलंकरण किया गया। बाबा महाकाल के मुखारविंद को विशेष रूप से सजाया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत मनोहारी दिखाई दे रहा था। मोरपंखों से की गई सजावट ने पूरे शृंगार को और अधिक भव्य बना दिया। श्रद्धालु गर्भगृह में पहुंचकर इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">महाकाल मंदिर की भस्म आरती विश्वभर में अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यह आरती प्रतिदिन सूर्योदय से पहले ब्रह्ममुहूर्त में संपन्न होती है। सबसे पहले भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। इसके बाद जल, दूध, दही, घी, शहद और अन्य पूजन सामग्री से विधिवत स्नान कराया जाता है। फिर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पवित्र भस्म अर्पित की जाती है। भस्म आरती के बाद भगवान का विशेष शृंगार किया जाता है, जिसमें ऋतु, पर्व और विशेष अवसरों के अनुसार अलग-अलग प्रकार की सजावट की जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आज की आरती में मंदिर के पुजारियों ने परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक विधियों का पालन किया। आरती के दौरान वेद मंत्रों के साथ भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया गया। इसके पश्चात दीप, धूप, नैवेद्य और आरती के साथ पूजा संपन्न हुई। गर्भगृह में उपस्थित श्रद्धालु पूरे समय शिव मंत्रों का जाप करते रहे। धार्मिक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने हर श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रावण मास की शुरुआत से पहले ही महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंचे। कई श्रद्धालु रात में ही मंदिर पहुंच गए थे ताकि उन्हें सुबह होने वाली भस्म आरती के दर्शन का अवसर मिल सके। मंदिर परिसर के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं की बड़ी संख्या देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए। प्रवेश और निकास मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मंदिर परिसर में पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है। इसे एकमात्र <strong>दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग</strong> माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भस्म आरती का महत्व भी अन्य मंदिरों की आरतियों से अलग माना जाता है। यह आरती जीवन की नश्वरता और शिव के वैराग्य स्वरूप का प्रतीक मानी जाती है। इसी कारण देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">धार्मिक विद्वानों के अनुसार बाबा महाकाल का भस्म शृंगार व्यक्ति को यह संदेश देता है कि संसार की सभी भौतिक वस्तुएं नश्वर हैं और अंततः हर जीव को परमात्मा की शरण में ही जाना है। भगवान शिव का यह स्वरूप त्याग, वैराग्य और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण भस्म आरती को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना का भी महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आज के दिव्य शृंगार में शिवलिंग पर आकर्षक नेत्र, चंद्र, त्रिपुंड और अन्य पारंपरिक अलंकरण श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण बने रहे। मोरपंखों से सुसज्जित स्वरूप ने बाबा महाकाल की छवि को और अधिक भव्य बना दिया। गर्भगृह में फूलों की सुगंध, दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार का वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा था। कई श्रद्धालु दर्शन के बाद मंदिर परिसर में बैठकर भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप करते नजर आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">भस्म आरती के बाद पूरे दिन भगवान महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा। मंदिर परिसर के बाहर प्रसाद, पूजन सामग्री और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर भी अच्छी चहल-पहल देखने को मिली। उज्जैन आने वाले श्रद्धालु महाकाल दर्शन के साथ हरसिद्धि मंदिर, कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर और रामघाट भी पहुंच रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी शहर में इन दिनों विशेष रौनक देखने को मिल रही है।</p>
<p>बाबा महाकाल के आज के दिव्य शृंगार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। श्रद्धालु "कण-कण में महादेव", "जय श्री महाकाल" और "हर-हर महादेव" लिखकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। भक्ति और आस्था से भरे इस वातावरण में महाकाल मंदिर एक बार फिर देशभर के शिव भक्तों की श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 08:11:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जगन्नाथ रथयात्रा 2026: 87 दिनों की कड़ी मेहनत से सजते हैं महाप्रभु के तीन रथ, जानिए क्यों यात्रा के बाद लाखों में बिकता है एक पहिया</title>
                                    <description><![CDATA[बिना किसी नक्शे और आधुनिक तकनीक के पीढ़ियों पुरानी माप से तैयार होते हैं दिव्य रथ, ओडिशा सरकार बिना कीमत देती है 13 प्रजातियों की लकड़ियां]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/jagannath-rath-yatra-2026-mahaprabhus-three-chariots-are-decorated-after/article-58853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/jagannath-rath-yatra-2026-puri.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को हर साल की तरह इस साल भी 16 जुलाई 2026 को विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गई है। महाप्रभु जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपने-अपने भव्य रथों पर सवार होकर मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। पुरी की सड़कों पर लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। लेकिन इस आलौकिक यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण वे तीन दिव्य रथ हैं, जिन्हें बनाने में 220 से अधिक कारीगर पूरे 87 दिनों तक दिन-रात पसीना बहाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रथयात्रा से जुड़ी कई ऐसी अद्भुत और रोचक परंपराएं हैं, जो न सिर्फ वैज्ञानिकों को हैरान करती हैं, बल्कि भक्तों को भी विस्मित कर देती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन रथों का निर्माण कैसे होता है, इनके नाप का रहस्य क्या है और यात्रा के बाद इन रथों के हिस्सों का क्या किया जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तीन रथ, चार मूर्तियां और 'पहांडी' व 'छेरा-पहरा' की अद्भुत परंपरा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जगन्नाथ रथयात्रा में रथ तो तीन होते हैं, लेकिन उनमें विराजमान होने वाले देवताओं की संख्या चार होती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के अलावा सुदर्शन चक्र की मूर्ति को भी रथ पर ले जाया जाता है। रथयात्रा के दिन गर्भगृह से देवताओं को बाहर लाने की पारंपरिक प्रक्रिया को 'पहांडी' कहा जाता है, जिसमें मूर्तियों को आगे-पीछे झुलाते हुए लाया जाता है। सबसे पहले भगवान सुदर्शन, फिर बलभद्र, सुभद्रा और अंत में महाप्रभु जगन्नाथ रथ पर विराजते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद पुरी के राजा यानी गजपति महाराज 'छेरा-पहरा' की रस्म निभाते हैं, जिसके तहत वे सोने की झाड़ू से रथों को साफ करते हैं और उन पर सुगंधित जल छिड़कते हैं। इसके बाद ही लाखों श्रद्धालु मोटी रस्सियों की मदद से रथों को खींचना शुरू करते हैं। सबसे आगे बलभद्र का रथ 'तालध्वज', बीच में सुभद्रा का रथ 'दर्पदलन' और अंत में जगन्नाथ जी का रथ 'नंदीघोष' चलता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वसंत पंचमी से लेकर अक्षय तृतीया तक: 13 तरह के पेड़ों से निर्माण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रथों के निर्माण की प्रक्रिया बेहद अनुशासित और लंबी होती है। ओडिशा का वन विभाग मंदिर को पूरी तरह से मुफ्त (बिना किसी कीमत के) लकड़ियां उपलब्ध कराता है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 13 विशेष प्रजातियों के पेड़ों की लकड़ियों से ये रथ बनते हैं, जिनमें मुख्य रूप से फासी, धौरा, आसन, मोई, सिमिली, साल, गम्भारी, कदंब और देवदारु शामिल हैं। भविष्य में पर्यावरण को नुकसान न हो और लकड़ियों की कमी न हो, इसके लिए राज्य सरकार विशेष जंगल प्रोजेक्ट भी चला रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">रथ निर्माण की शुरुआत वसंत पंचमी पर लकड़ियों की पूजा से होती है। इसके बाद रामनवमी पर तीन धौरा लट्ठों की चिराई का काम शुरू होता है और अक्षय तृतीया के शुभ दिन से रथों का वास्तविक निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बिना किसी नक्शे या ब्लूप्रिंट के बनती है पीढ़ियों पुरानी माप</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन गगनचुंबी रथों को बनाने के लिए किसी मॉडर्न इंजीनियरिंग नक्शे, कंप्यूटर डिजाइन या ब्लूप्रिंट की आवश्यकता नहीं होती। कारीगर पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक ज्ञान पद्धति का उपयोग करते हैं। नाप के लिए आज भी करीब 20 इंच की एक विशेष लकड़ी की छड़ी और रस्सी का इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कारीगर सबसे पहले विशालकाय पहिए तैयार करते हैं और फिर नीचे से ऊपर की ओर रथ का ढांचा खड़ा करते हैं। यह हुनर नई पीढ़ी के कारीगर पुराने उस्तादों के साथ 'रथखला' (रथ निर्माण स्थल) में काम करके सीखते हैं। हालांकि, परंपरा के साथ-साथ सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। रथ तैयार होने के बाद सरकारी इंजीनियर इनके पहियों, धुरी और जोड़ों की गहन तकनीकी जांच करते हैं और फिटनेस प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही इन्हें खींचने की अनुमति दी जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>यात्रा के बाद लाखों रुपये में बिकता है रथ का एक पहिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गुंडिचा मंदिर में सात दिन रहने के बाद, 24 जुलाई को 'बहुड़ा यात्रा' (उल्टा रथयात्रा) के जरिए भगवान मुख्य मंदिर लौटेंगे। 27 जुलाई को मंदिर प्रवेश के कुछ दिन बाद मंदिर प्रशासन इन रथों को खोलने की तारीख तय करता है। पारंपरिक भोई सेवकों द्वारा करीब 20 दिनों की मेहनत से इन रथों को खोला जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">रथों में इस्तेमाल किए गए सारथी, घोड़े और पार्श्व देवी-देवताओं की लकड़ी की मूर्तियों को हर साल नया नहीं बनाया जाता, बल्कि उन्हें सुरक्षित उतारकर रख लिया जाता है। रथों की लोहे की कीलें मंदिर कार्यालय में जमा होती हैं। इसके बाद रथ के पहियों और नक्काशीदार हिस्सों को आम जनता और भक्तों के लिए बेचा जाता है। पिछले वर्ष (2025) के आंकड़ों के अनुसार, जगन्नाथ जी के रथ के एक पहिए की न्यूनतम कीमत 3 लाख रुपये, बलभद्र के पहिए की 2 लाख रुपये और सुभद्रा के रथ के पहिए की कीमत 1.5 लाख रुपये रखी गई थी। भक्त इन पहियों को सौभाग्य और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में अपने घरों में स्थापित करने के लिए खरीदते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 11:41:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंक ज्योतिष 16 जुलाई 2026: मूलांक 7 और भाग्यांक 6 का चमत्कारी संयोग, जानें आपका भाग्यशाली अंक, रंग और भविष्यफल</title>
                                    <description><![CDATA[आज का भाग्यांक 6 लाएगा सुख-समृद्धि, मूलांक 1 से 9 तक के जातक करियर और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लें बड़े फैसले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/numerology-16th-july-2026-miraculous-combination-of-radix-number-7/article-58848"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/numerology-predictions-16-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज केतु के मूलांक 7 और शुक्र के भाग्यांक 6 का यह संयोजन बेहद अनूठा और शक्तिशाली है। यह दिन भौतिक सुख-सुविधाओं को पाने के साथ-साथ अपने भीतर की आध्यात्मिक चेतना को जगाने के लिए बेहतरीन है। जहाँ मूलांक 7 आपको गंभीर फैसले लेने के लिए अंतर्दृष्टि देगा, वहीं भाग्यांक 6 आपके रचनात्मक कार्यों में सफलता के द्वार खोलेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज 16 जुलाई 2026 को मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए दिन कैसा रहने वाला है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 1 से 9 तक का दैनिक अंक राशिफल (Daily Numerology Predictions)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 1 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है):</strong> मूलांक 1 वाले जातकों के लिए आज का दिन अपनी क्षमताओं को साबित करने का है। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। भाग्यांक 6 के प्रभाव से आज आपको कला या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े कार्यों में विशेष सफलता मिल सकती है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> हल्का पीला और सुनहरा</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 1 और 6</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 2 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ है):</strong> आज केतु के प्रभाव के कारण आपका मन थोड़ा सा संवेदनशील या भ्रमित हो सकता है। कोई भी बड़ा व्यापारिक या वित्तीय निर्णय लेते समय अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। परिवार के साथ बैठकर बातचीत करने से मानसिक तनाव दूर होगा।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> सफेद और क्रीम</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 2 और 7</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 3 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ है):</strong> अध्ययन-अध्यापन, परामर्श (Consultancy) और ज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन बहुत अनुकूल है। व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं। पुरानी किसी निवेश योजना से आज आपको अच्छा लाभ मिलने की संभावना है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> पीला और केसरिया</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 3 और 9</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 4 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ है):</strong> आज आपको अचानक कुछ अप्रत्याशित अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। तकनीकी क्षेत्र (IT/Tech) से जुड़े लोगों को कोई नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। हालांकि, आवेश में आकर किसी से भी वाद-विवाद करने से बचें, अन्यथा आपकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> ग्रे और हल्का नीला</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 4 और 8</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 5 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख को हुआ है):</strong> आपकी संवाद शैली और हाजिरजवाबी आज आपको व्यापार में नए कांट्रैक्ट दिलाने में मदद करेगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मेहनत का पूरा फल मिलेगा। प्रेम संबंधों में आज नई ताजगी और मधुरता का अनुभव होगा।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> हरा और समुद्री नीला</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 5 और 1</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 6 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख को हुआ है):</strong> चूंकि आज का भाग्यांक भी 6 है, इसलिए आज आपके आकर्षण और सुख-सुविधाओं में जबरदस्त वृद्धि होने वाली है। विलासिता (Luxury) की वस्तुओं पर धन खर्च हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नए लोगों से संपर्क स्थापित होंगे, जो भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> चमकीला सफेद और गुलाबी</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 6 और 2</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 7 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख को हुआ है):</strong> आज आपका ही मूलांक सक्रिय है, जिससे आपका अंतर्ज्ञान (Intuition) बहुत तीव्र रहेगा। यदि आप किसी शोध, लेखन या आध्यात्मिक कार्य में लगे हैं, तो आज आपको बड़ी सफलता मिलेगी। आर्थिक मामलों में आज का दिन सामान्य लेकिन संतोषजनक रहेगा।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> हल्का हरा और कपूर जैसा सफेद</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 7 और 6</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 8 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख को हुआ है):</strong> मूलांक 8 वाले जातकों के लिए आज का दिन कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का है। संपत्ति (Real Estate) या कानूनी मामलों में चल रहे विवाद आज सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें और पैरों में दर्द की समस्या से बचें।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> गहरा नीला और बैंगनी</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 8 और 4</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूलांक 9 (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख को हुआ है):</strong> मूलांक 9 वाले जातकों में आज नई ऊर्जा और साहस का संचार रहेगा। रुके हुए सरकारी काम आज मित्रों की मदद से पूरे हो सकते हैं। व्यापारिक यात्राओं के योग बन रहे हैं, जो भविष्य में आपके करियर को एक नई दिशा प्रदान करेंगी।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ रंग:</strong> लाल और मैरून</p>
</li>
<li>
<p><strong>भाग्यशाली अंक:</strong> 9 und 5</p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का विशेष अंक ज्योतिष उपाय (Numerology Remedy)</strong></h5>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>आज का उपाय:</strong> आज मूलांक 7 और भाग्यांक 6 के इस विशेष संयोग का पूरा लाभ उठाने के लिए माता लक्ष्मी को सफेद चंदन और मिश्री का भोग लगाएं। इसके साथ ही, छोटी कन्याओं को कुछ मीठा दान करने से आपके शुक्र और केतु के नकारात्मक प्रभाव शांत होंगे और सुख-समृद्धि के मार्ग खुलेंगे।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 11:12:01 +0530</pubDate>
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