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                <title>मध्य प्रदेश - दैनिक जागरण</title>
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                <description>मध्य प्रदेश RSS Feed</description>
                
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                <title>रीवा में रात 10 बजे के बाद बेवजह घूमने वालों पर पुलिस सख्त, विशेष अभियान शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[चोरी और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए शहरभर में चेकिंग, संदिग्धों से पूछताछ और कार्रवाई के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/police-starts-strict-special-campaign-against-those-roaming-unnecessarily-after/article-55184"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-police.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के रीवा शहर में अब रात 10 बजे के बाद बिना किसी जरूरी कारण के सड़कों पर घूमना लोगों को भारी पड़ सकता है। शहर में बढ़ती चोरी, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। शनिवार शाम से शुरू हुए इस अभियान के तहत पुलिस की टीमें प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में तैनात की गईं। देर रात तक चलाए गए अभियान के दौरान वाहनों की जांच की गई, संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें देर रात सड़कों पर घूमने वाले लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कुछ मामलों में ऐसे लोग सीधे तौर पर अपराध में शामिल थे, जबकि कई बार वे अपराधियों की मदद करते हुए भी पाए गए। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों के अनुसार रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों से उनके बाहर रहने का कारण पूछा जाएगा। यदि कोई व्यक्ति संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता है तो उसकी पहचान, पता और अन्य जानकारियां दर्ज की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शनिवार रात शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिस बल की मौजूदगी साफ दिखाई दी। प्रमुख सड़कों पर बैरिकेड लगाकर वाहनों की जांच की गई। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई, जबकि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई देने वाले लोगों से पूछताछ की गई। अभियान के दौरान कई स्थानों पर युवाओं के समूहों को भी रोका गया और उनसे देर रात बाहर रहने का कारण पूछा गया। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस विशेष अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक ने किया। उनके साथ थाना प्रभारी सामान विजय सिंह बघेल और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया और पुलिस टीमों को आवश्यक निर्देश दिए। देर रात तक चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने उन स्थानों पर विशेष नजर रखी जहां पहले अपराध की घटनाएं सामने आ चुकी हैं या जहां असामाजिक तत्वों की गतिविधियां अधिक रहती हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में चोरी और मारपीट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। कई मामलों में अपराधी देर रात सुनसान सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का फायदा उठाते हैं। ऐसे में नियमित निगरानी और चेकिंग से अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यदि अपराधियों और असामाजिक तत्वों को यह एहसास होगा कि पुलिस लगातार निगरानी कर रही है, तो वे अपराध करने से पहले कई बार सोचेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करने वालों पर भी विशेष नजर रखी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क, पार्क या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा तेज रफ्तार वाहन चलाने, बिना दस्तावेज के वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर के कई नागरिकों ने पुलिस के इस कदम का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय कई इलाकों में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना रहती थी। नियमित पुलिस गश्त और चेकिंग से आम नागरिकों को राहत मिलेगी। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और कार्रवाई केवल संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ ही हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस का कहना है कि यह कोई एक दिन का अभियान नहीं है बल्कि आने वाले समय में इसे लगातार चलाया जाएगा। शहर के सभी थाना क्षेत्रों में इसी प्रकार की निगरानी और चेकिंग की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है जो रात के समय नियमित रूप से गश्त करेंगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि नागरिकों का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि अपराध रोकने में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फिलहाल रीवा पुलिस का यह अभियान शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में कानून का भय पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:26:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विश्व शांति महायज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन, मुनि संभव सागर ने दिया संयम, जीवदया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/shri-siddha-chakra-mahamandal-vidhan-concluded-with-world-peace-mahayagya/article-55183"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल में पिछले आठ दिनों से चल रहे श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान का रविवार को भव्य और आध्यात्मिक माहौल के बीच समापन हो गया। अंतिम दिन आयोजित विश्व शांति महायज्ञ और भगवान जिनेंद्र की विशाल शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। सुबह से ही मंदिर परिसर और आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। धर्म, भक्ति और संयम की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों के साथ अन्य श्रद्धालु भी शामिल हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम के समापन अवसर पर निकाली गई भगवान जिनेंद्र की भव्य शोभायात्रा आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रजतमय पालकी में विराजमान भगवान जिनेंद्र के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। शोभायात्रा के आगे-आगे केसरिया ध्वज लहराते हुए श्रद्धालु चल रहे थे, जबकि पूरे मार्ग में जयकारों और धार्मिक उद्घोषों की गूंज सुनाई दे रही थी। शहर की सड़कों पर निकली इस शोभायात्रा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर श्रीफल अर्पित किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयोजन के दौरान विश्व शांति महायज्ञ का भी आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार महायज्ञ के माध्यम से विश्व में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने वैदिक और जैन परंपराओं के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर समाज और राष्ट्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। महायज्ञ के दौरान पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">समाज प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि आठ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन अभिषेक, पूजन, जाप और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने मंडल की परिक्रमा कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजन के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही और बड़ी संख्या में परिवारों ने सामूहिक रूप से धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इन आठ दिनों के दौरान कई श्रद्धालुओं ने व्रत और उपवास रखकर आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना का मार्ग अपनाया। श्रद्धालुओं ने सांसारिक सुख-सुविधाओं से दूरी बनाकर धर्म आराधना में समय बिताया। सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा-अर्चना, प्रवचन और धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम चलता रहा। आयोजकों के अनुसार युवाओं और बच्चों की भागीदारी भी इस बार उल्लेखनीय रही, जिससे धार्मिक संस्कारों के प्रति नई पीढ़ी की रुचि भी दिखाई दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुनि संभव सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संयम और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संयम भारत की सबसे बड़ी आध्यात्मिक संपदा है और यही हमारी सांस्कृतिक पहचान भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकता और प्रतिस्पर्धा के बीच मनुष्य को अपने भीतर आत्मसंयम विकसित करने की आवश्यकता है। संयम केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और शांति प्रदान करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण और जीवदया का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और जीवों के प्रति करुणा का भाव रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। यदि समाज पर्यावरण संरक्षण और जीवदया के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाए, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सकता है। उनके संदेश को श्रद्धालुओं ने गंभीरता से सुना और उसे जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन अविनाश भैया के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान सो धर्म इंद्र, प्रियंका, महेंद्र, श्रीपाल, मेना सुंदरी, ऋषभ, मंजू, कुबेर, आशा और विजेंद्र सहित विभिन्न पात्रों ने मंडल पर अर्घ्य अर्पित किए। इस अवसर पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार विशेष पूजन और विधान भी संपन्न हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। कई श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मकता, एकता और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रविवार को संपन्न हुआ यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को संयम, सेवा, जीवदया और विश्व शांति का संदेश देकर एक सकारात्मक प्रेरणा भी छोड़ गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:25:55 +0530</pubDate>
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                <title>रीवा रेप कांड में चौंकाने वाला खुलासा, मां से विवाद का बदला बच्ची से लेने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[छह वर्षीय बच्ची आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही, आरोपी रिश्तेदार की तलाश में लगातार दबिश दे रही पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/shocking-revelation-in-rewa-rape-case-allegation-of-taking-revenge/article-55182"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-crime-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के रीवा जिले में छह वर्षीय बच्ची के साथ हुई हैवानियत की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मासूम बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की जांच के दौरान जो जानकारी सामने आई है, उसने लोगों को और ज्यादा स्तब्ध कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी का बच्ची की मां के साथ विवाद चल रहा था और उसी रंजिश के चलते उसने कथित तौर पर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद से अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची की मां बार-बार यही सवाल पूछ रही है कि आखिर उसकी मासूम बेटी का क्या कसूर था। अस्पताल में भर्ती बच्ची की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और हर घंटे उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्ची को गंभीर शारीरिक चोटें आई हैं, जिसके कारण उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना से एक दिन पहले आरोपी और बच्ची की मां के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से भी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। जांच में सामने आया है कि घरेलू विवाद के बाद आरोपी ने बच्ची को निशाना बनाया। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है और आरोपी की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बच्ची की मां का कहना है कि जब उसने अपनी बेटी को दर्द से कराहते देखा तो उसकी दुनिया ही बदल गई। मां के मुताबिक, बच्ची ने जो कुछ बताया उसे सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता कि उसकी बेटी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हो। उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए उदाहरण बने।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अस्पताल के बाहर मौजूद रिश्तेदारों और परिचितों का कहना है कि पूरा परिवार सदमे में है। परिवार के लोग बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। कई लोग अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। अस्पताल परिसर में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है और लोग इस अपराध को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है। मोहल्ले के लोगों ने भी आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई होगी तो समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया है। आरोपी की संभावित लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के जिलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच टीम तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्ष जानकारी दोनों के आधार पर आगे बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस फिलहाल वर्तमान मामले की जांच पर ज्यादा ध्यान दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  इस तरह की घटनाएं केवल एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार, समाज और प्रशासन सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, डर या चुप्पी जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और समय रहते उनकी बात सुननी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की मांग है कि मामले की सुनवाई तेजी से हो और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पूरे जिले की नजर अस्पताल में भर्ती मासूम की सेहत और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बच्ची जल्द स्वस्थ होगी और उसे न्याय मिलेगा। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपी ज्यादा समय तक कानून से बच नहीं पाएगा और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:25:37 +0530</pubDate>
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                <title>रक्षक ही बना भक्षक, 60 वर्षीय नामी व्यापारी दादा ने 12 साल की पोती के साथ की घिनौनी करतूत</title>
                                    <description><![CDATA[शराब के नशे में मासूम को दिखाता था अश्लील वीडियो, विरोध करने पर मां से अलग करने और जान से मारने की दी धमकी; कोर्ट के आदेश पर पिता के पास रह रही थी पीड़िता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-protector-became-the-eater-60-year-old-famous-businessman/article-55179"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p>रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक बेहद ही सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने समाज और पारिवारिक कस्टडी के सुरक्षित माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के एक प्रतिष्ठित और संपन्न व्यवसायी पर अपनी ही 12 वर्षीय सगी पोती का शारीरिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगा है। आरोपी दादा पिछले चार महीनों से शराब के नशे में मासूम के साथ गंदी हरकतें कर रहा था। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची गर्मी की छुट्टियों में गुजरात के सूरत शहर में अपनी मां के पास पहुंची और वहां अपनी आपबीती सुनाते हुए फूट-फूट कर रो पड़ी। पीड़िता की मां की शिकायत पर गुजरात पुलिस ने जीरो पर प्राथमिकी दर्ज कर केस डायरी ग्वालियर के जनकगंज थाने भेज दी है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।</p>
<h5><strong>माता-पिता का हो चुका है तलाक, अदालती आदेश पर पिता को मिली थी कस्टडी</strong></h5>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली 37 वर्षीय महिला वर्तमान में गुजरात के सूरत शहर में रह रही है और वहां ज्योतिषशास्त्र (एस्ट्रोलॉजर) का कार्य करती है। महिला का विवाह वर्ष 2012 में ग्वालियर के एक नामी व्यापारी के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों की एक बेटी हुई, जो वर्तमान में 12 वर्ष की है। वैवाहिक जीवन में आए मनमुटाव और आपसी विवादों के चलते 20 अक्टूबर 2023 को अदालत के माध्यम से दोनों का कानूनी रूप से तलाक हो गया था। कोर्ट के आदेशानुसार, मासूम बेटी की कस्टडी पिता को सौंपी गई थी। इसके बाद से ही कक्षा में पढ़ने वाली यह मासूम बच्ची ग्वालियर में अपने पिता, दादा और दादी के साथ रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी।</p>
<h5><strong>गर्मी की छुट्टियों में मां के पास पहुंची बच्ची ने बयां किया दर्द</strong></h5>
<p>बीती 20 मार्च 2026 को स्कूल में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के बाद, बच्ची की मां (एस्ट्रोलॉजर) अपनी बेटी को लेने के लिए ग्वालियर आई थीं। वह फ्लाइट के जरिए अपनी बेटी को ग्वालियर से सूरत (गुजरात) ले गईं। मां के पास पहुंचने के बाद भी मासूम बच्ची बेहद शांत, डरी-सहमी और गुमसुम रहने लगी। वह अपनी मां से भी खुलकर बात नहीं कर पा रही थी। शुरुआत में मां को लगा कि शायद नया माहौल, स्कूल बदलने या परीक्षाओं के तनाव के कारण बच्ची इस तरह का व्यवहार कर रही है। लेकिन जब दो-तीन दिन बीत जाने के बाद भी मासूम के स्वभाव में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं दिखा, तो मां को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। मां ने ममता और दुलार दिखाते हुए बच्ची को अपनी गोद में बैठाया और उससे प्यार से पूछा कि क्या उसे कोई परेशानी है? इतना पूछते ही मासूम बेटी मां के गले लगकर फफक-फफक कर रो पड़ी। इसके बाद उसने जो सच्चाई बताई, उसे सुनकर मां के पैरों तले से जमीन खिसक गई।</p>
<h5><strong>शराब पीकर रात में जगाता था दादा, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी</strong></h5>
<p>मासूम ने रोते हुए अपनी मां को बताया कि ग्वालियर वाले घर में उसका सगा दादा (उम्र 60 वर्ष) पिछले तीन-चार महीनों से उसके अकेलेपन का फायदा उठा रहा था। बच्ची ने बताया, "जब घर में कोई नहीं होता था या रात को सब सो जाते थे, तो दादू रोज शराब पीने के बाद मुझे नींद से जगाते थे। वे मुझे जबरन अपने पास सुलाते थे, अपनी गोद में बैठाते थे और मेरे टी-शर्ट में हाथ डालकर गलत तरीके से छूते थे।"</p>
<p>बच्ची ने आगे बताया कि जब वह रोती थी और विरोध करती थी, तो आरोपी दादा अपने मोबाइल फोन पर उसे जबरन न्यूड (अश्लील) वीडियो दिखाता था और कहता था कि "तुम अब बड़ी हो रही हो, यह सब सीख लो, आगे चलकर यही सब करना पड़ता है।" जब मासूम ने इस घिनौनी हरकत की शिकायत दूसरों से करने की बात कही, तो आरोपी दादा ने उसे बुरी तरह डराया और धमकाया। आरोपी कहता था कि अगर यह बात घर में किसी को भी बताई, तो वह उसे जान से मार देगा और उसे उसकी मम्मी से मिलने के लिए कभी सूरत नहीं जाने देगा। इसी खौफ के कारण मासूम ग्वालियर में घुटती रही और डर के मारे किसी को कुछ नहीं बता सकी।</p>
<h5><strong>पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी</strong></h5>
<p>बेटी की दर्दनाक दास्तान सुनने के बाद, पीड़ित मां ने दो-तीन दिनों तक गहरे सोच-विचार और कानूनी सलाह के बाद हिम्मत जुटाई और सूरत के स्थानीय पुलिस थाने पहुंची। मां ने अपने पूर्व ससुर के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। मामला संवेदनशील और ग्वालियर कार्यक्षेत्र का होने के कारण सूरत पुलिस ने तुरंत 'जीरो पर एफआईआर' दर्ज कर केस डायरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जनकगंज थाने ट्रांसफर कर दी।</p>
<p>जनकगंज थाना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सूरत से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर आरोपी 60 वर्षीय व्यवसायी के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है और आरोपी दादा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी शहर का एक प्रतिष्ठित व्यापारी है, लेकिन कानून के आगे कोई भी बड़ा नहीं है; जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:25:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धूप में तड़पता रहा बीमार बेटा, स्ट्रेचर धकेलते रहे माता-पिता</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर के एमवाय और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के बीच करीब एक किलोमीटर तक बीमार बच्चे को खुद ले गए परिजन, वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/sick-son-kept-suffering-in-the-sun-parents-kept-pushing/article-55178"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-hospital-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">इंदौर के सरकारी अस्पताल परिसर से सामने आई एक तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार दोपहर भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता खुद स्ट्रेचर पर धकेलते हुए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाते दिखाई दिए। करीब एक किलोमीटर लंबे रास्ते में मां अपने बेटे को धूप से बचाने के लिए बार-बार पानी से चुन्नी भिगोकर उसके ऊपर डालती रही, जबकि पिता स्ट्रेचर को आगे बढ़ाते रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामला 12 वर्षीय आदर्श नामक बच्चे का बताया जा रहा है, जो रीढ़ की हड्डी से जुड़ी एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है। परिजनों के अनुसार बच्चे का पिछले लगभग 15 दिनों से इलाज चल रहा है। पहले उसे न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, जिसके बाद उसे एमवाय अस्पताल में उपचार के लिए रखा गया। शनिवार को चिकित्सकों ने उसे आगे की जांच और सलाह के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर किया। परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल प्रशासन मरीज को वहां तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजबूरी में माता-पिता को खुद ही स्ट्रेचर संभालना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोपहर की तेज धूप में अस्पताल परिसर का रास्ता तय करना परिवार के लिए बेहद कठिन साबित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चा दर्द और गर्मी से परेशान दिखाई दे रहा था। मां लगातार पानी की मदद से अपनी चुन्नी भिगोती और उसे बेटे के शरीर पर डाल देती ताकि धूप का असर कम हो सके। वहीं पिता स्ट्रेचर को धक्का देते हुए अस्पताल से अस्पताल तक का सफर पूरा करने की कोशिश करते रहे। इस दौरान उन्होंने कई बार आसपास मौजूद लोगों और कर्मचारियों से मदद की उम्मीद भी की, लेकिन तत्काल कोई सहायता नहीं मिल सकी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों का आरोप है कि जब वे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें बताया गया कि बच्चे को भर्ती करने की जरूरत नहीं है। केवल मेडिकल रिकॉर्ड और फाइल देखने के लिए बुलाया गया था। यह जानकारी मिलने के बाद परिवार को एक बार फिर उसी बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर वापस लौटना पड़ा। परिजनों का कहना है कि यदि केवल दस्तावेज देखने थे तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी दी जा सकती थी। इससे बच्चे और परिवार को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ती।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद अस्पताल परिसर में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि अस्पतालों में मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड या एक भवन से दूसरे भवन तक पहुंचाने के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद जरूरत पड़ने पर स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और सहायक कर्मचारी उपलब्ध नहीं हो पाते। कई मरीजों और उनके परिजनों को मजबूरी में खुद ही व्यवस्था संभालनी पड़ती है। स्वास्थ्य सेवाओं पर हर महीने बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद ऐसी घटनाएं सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के मुताबिक जिस आउटसोर्स कंपनी को अस्पताल परिसर में कई सेवाओं की जिम्मेदारी दी गई है, वह पहले भी विवादों में रह चुकी है। हाल के महीनों में सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर भी कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे। कुछ अन्य मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में यह नया मामला एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी जुटाने की बात कही है। एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उनके अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को किस अस्पताल से रेफर किया गया था और किन परिस्थितियों में परिजनों को स्वयं स्ट्रेचर लेकर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी एकत्र करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रभारी अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी लेने की बात कही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चे की स्थिति, उसकी बीमारी और रेफरल प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई। यह घटना केवल एक परिवार की परेशानी तक सीमित नहीं रह गई है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने लोगों को झकझोर दिया है। कई लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ मरीजों को सम्मानजनक और मानवीय सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:37:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>विश्व साइकिल दिवस पर भोपाल की सड़कों पर उमड़ा उत्साह, ‘संडे ऑन साइकिल’ ने दिया फिटनेस का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[टीटी नगर स्टेडियम से निकली हजारों लोगों की साइकिल रैली, खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ना समय की जरूरत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/on-world-bicycle-day-there-was-enthusiasm-on-the-streets/article-55174"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sunday-on-cycle.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल। रविवार सुबह राजधानी भोपाल की सड़कों पर रोजाना से कुछ अलग नजारा देखने को मिला। जहां आम दिनों में वाहन दौड़ते नजर आते हैं, वहीं इस बार सड़कों पर साइकिलों की लंबी कतारें दिखाई दीं। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। सुबह की हल्की ठंडक और ताजी हवा के बीच लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। टीटी नगर स्टेडियम से शुरू हुए इस आयोजन ने शहरवासियों को फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">साई और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को इस बार पहले की तुलना में अधिक व्यापक स्वरूप दिया गया। अभियान की शुरुआत प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने फ्लैग ऑफ कर की। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही टीटी नगर स्टेडियम परिसर में बड़ी संख्या में प्रतिभागी पहुंचने लगे थे। कई लोग अपने परिवार के साथ आए थे, जबकि बड़ी संख्या में युवा समूह बनाकर कार्यक्रम में शामिल हुए। कुछ प्रतिभागी पेशेवर साइकिल चालक थे तो कई ऐसे लोग भी थे जिन्होंने केवल फिटनेस और जागरूकता के उद्देश्य से इस अभियान में भाग लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुबह करीब सात बजे जैसे ही साइकिल यात्रा शुरू हुई, पूरा माहौल उत्साह से भर गया। प्रतिभागियों का कारवां टीटी नगर स्टेडियम से लिंक रोड और रोशनपुरा होते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा। रास्ते भर लोगों ने साइकिल चालकों का स्वागत किया और कई स्थानों पर नागरिकों ने कार्यक्रम की सराहना भी की। शहर की व्यस्त सड़कों पर एक साथ हजारों लोगों को साइकिल चलाते देख राहगीर भी कुछ देर रुककर इस दृश्य को निहारते नजर आए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शामिल खेल मंत्री विश्वास सारंग स्वयं भी साइकिल चलाते हुए प्रतिभागियों के साथ आगे बढ़े। उन्होंने युवाओं से बातचीत की और उन्हें नियमित व्यायाम तथा खेल गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। सारंग ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण लोगों की दिनचर्या पहले की तुलना में काफी व्यस्त और शारीरिक रूप से कम सक्रिय हो गई है। ऐसे में फिट रहने के लिए साइकिल चलाना एक सरल, सस्ता और प्रभावी विकल्प है। उनका कहना था कि यदि लोग प्रतिदिन कुछ समय साइकिल चलाने या किसी अन्य शारीरिक गतिविधि को दें तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया अभियान का उद्देश्य देश के नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। ‘संडे ऑन साइकिल’ जैसी पहल उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। बताया गया कि देश के विभिन्न शहरों में भी विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने भी साइकिलिंग के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना था कि साइकिल चलाने से न केवल शरीर फिट रहता है बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है। कई प्रतिभागियों ने बताया कि वे नियमित रूप से साइकिल चलाते हैं और इससे उनकी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आया है। कुछ युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से लोगों में प्रेरणा पैदा होती है और फिटनेस को लेकर एक सकारात्मक माहौल बनता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी इस आयोजन की खास बात रही। बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार के साथ साइकिल लेकर पहुंचीं। कई बच्चों ने पहली बार इतने बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उनके चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों को मोबाइल और डिजिटल उपकरणों से दूर रखने के लिए खेल और साइकिलिंग जैसी गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। बढ़ते प्रदूषण, तनाव और अनियमित जीवनशैली के बीच साइकिलिंग जैसी गतिविधियां लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है और शरीर की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में साइकिल चलाने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भोपाल में आयोजित ‘संडे on साइकिल’ अभियान केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि स्वास्थ्य और जागरूकता का जन अभियान बनकर सामने आया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में जो उत्साह दिखाई दिया, उसने यह संकेत दिया कि शहर के नागरिक अब फिटनेस को लेकर पहले से अधिक गंभीर हो रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। रविवार की सुबह साइकिलों के साथ निकला यह कारवां लोगों को यही संदेश देकर लौटा कि फिट शरीर और स्वस्थ समाज के लिए छोटी शुरुआत भी बड़ा बदलाव ला सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:36:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल के लालघाटी में तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में आग, छह रेस्टोरेंट प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[भोज इन रेस्टोरेंट के किचन से शुरू हुई आग ने पूरे भवन को चपेट में लिया, फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/fire-in-three-storey-complex-in-lalghati-bhopal-six-restaurants-affected/article-55173"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-fire-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भोपाल के लालघाटी इलाके में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत से घना धुआं उठता दिखाई दिया। एलर कॉम्प्लेक्स नाम की इस इमारत में स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय इमारत के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग की वजह से रेस्टोरेंट और अन्य दुकानों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले भोज इन रेस्टोरेंट के किचन में लगी थी। शुरुआती समय में किसी को इसका अंदाजा नहीं हुआ। सुबह करीब सात बजे पड़ोस की एक इमारत में तैनात सुरक्षा गार्ड ने कॉम्प्लेक्स की खिड़कियों से धुआं निकलते देखा। पहले उसे लगा कि यह रोज की तरह किचन से निकलने वाला सामान्य धुआं है, लेकिन कुछ ही देर बाद जब धुएं के साथ लपटें दिखाई देने लगीं तो स्थिति की गंभीरता समझ में आई। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलर कॉम्प्लेक्स इलाके की प्रमुख व्यावसायिक इमारतों में गिना जाता है। यहां कुल छह रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। बेसमेंट में प्रसिद्ध भोजनालय बापू की कुटिया स्थित है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर डोमिनोज का आउटलेट और कई अन्य दुकानें मौजूद हैं। आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं भर गया और कुछ ही समय में आसपास के क्षेत्र में भी इसकी चर्चा फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत से उठ रहा काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूचना मिलने के बाद शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। तीन वाटर टैंकरों सहित कुल आठ दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए दमकलकर्मियों को भवन के अंदर पहुंचने में कठिनाई हुई। कई हिस्सों में घना धुआं भर जाने के कारण सामान्य रास्तों से प्रवेश संभव नहीं था। ऐसे में फायर ब्रिगेड के जवानों ने एक दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगातार पानी की बौछार और विशेष उपकरणों की मदद से लपटों को नियंत्रित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हादसे के दौरान सबसे बड़ा खतरा रेस्टोरेंट के किचन में रखे कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों से था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वहां चार बड़े एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे। यदि इनमें विस्फोट हो जाता तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था और आसपास की इमारतें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। दमकलकर्मियों ने तेजी दिखाते हुए सबसे पहले इन सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते यह कदम उठा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक आग की लपटें तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच रही थीं। रेस्टोरेंट के अंदर मौजूद फर्नीचर, लकड़ी की सजावट और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग फैलने की गति और बढ़ गई। हालांकि दमकल विभाग की टीमों ने लगातार प्रयास करते हुए आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया। करीब एक घंटे बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उनके अनुसार जिस समय आग लगी, उस वक्त रेस्टोरेंट बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि परिसर में फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस घटना के बाद एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स में बड़ी मात्रा में गैस, बिजली के उपकरण और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए नियमित सुरक्षा जांच और फायर सेफ्टी ड्रिल बेहद जरूरी है। स्थानीय प्रशासन भी अब इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी कर रहा है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन और फायर विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:06:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा-हैदराबाद के बीच समर स्पेशल ट्रेन शुरू, 8 जून से यात्रियों को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे का फैसला, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/summer-special-train-between-rewa-hyderabad-will-start-from-june-8/article-55102"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-hyderabad-special-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दक्षिण मध्य रेलवे ने रीवा और चारलपल्ली (हैदराबाद) के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि जून महीने में बड़ी संख्या में लोग छुट्टियों, पारिवारिक कार्यक्रमों, शिक्षा और नौकरी से जुड़े कारणों से यात्रा करते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों पर दबाव काफी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए यह विशेष ट्रेन शुरू की जा रही है, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सेवा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। रीवा-हैदराबाद के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अब अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा और कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 02158 रीवा-चारलपल्ली समर स्पेशल 8 जून 2026 से 28 जून 2026 तक प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन रीवा स्टेशन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे चारलपल्ली पहुंचेगी। निर्धारित अवधि के दौरान यह विशेष ट्रेन कुल चार फेरे लगाएगी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी और कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति बनी हुई थी। रेलवे ने यात्रियों की मांग और उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद इस विशेष सेवा को मंजूरी दी है। इससे उन लोगों को विशेष राहत मिलेगी जो हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा या पारिवारिक कारणों से नियमित रूप से यात्रा करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">चारलपल्ली से रीवा लौटने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रेन संख्या 02157 चारलपल्ली-रीवा समर स्पेशल 7 जून से 29 जून 2026 तक संचालित होगी। यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार को शाम 5 बजे चारलपल्ली से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी दिशा में भी यह सेवा कुल चार ट्रिप के लिए उपलब्ध रहेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोनों दिशाओं में समान रूप से यात्री दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे उन यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी जो छुट्टियां बिताने के बाद अपने कार्यस्थल या घर वापस लौटना चाहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा, सतना और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा लोग हैदराबाद, सिकंदराबाद और तेलंगाना के अन्य शहरों की ओर यात्रा करते हैं। आईटी सेक्टर, शिक्षा संस्थानों और निजी कंपनियों में कार्यरत लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में रीवा-हैदराबाद रेल संपर्क को मजबूत बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। गर्मी के मौसम में यह मांग और बढ़ जाती है क्योंकि परिवारों के साथ यात्रा करने वालों की संख्या भी काफी अधिक रहती है। कई यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण अंतिम समय में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे को उम्मीद है कि विशेष ट्रेन के संचालन से ऐसी समस्याओं में कमी आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे यात्रियों को अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिल सकेगा। हालांकि सीटों की उपलब्धता और बुकिंग की स्थिति पर नजर रखने की सलाह भी दी गई है क्योंकि विशेष ट्रेनों में भी छुट्टियों के दौरान मांग तेजी से बढ़ जाती है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को समय पर टिकट आरक्षित कराने का प्रयास करना चाहिए ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए भारतीय रेलवे अलग-अलग जोनों में विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। रीवा-चारलपल्ली समर स्पेशल भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्रियों की संख्या और मांग अपेक्षा से अधिक रहती है तो भविष्य में ऐसे रूटों पर अतिरिक्त सेवाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद रीवा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। यात्रियों का मानना है कि हैदराबाद जैसे बड़े शहर के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रा का दबाव कम होगा और सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनेगा।  यह विशेष सेवा यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी और छुट्टियों के दौरान यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली के तार विवाद में भतीजे ने चाचा-चाची पर किया चाकू से हमला, दोनों घायल</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के महाजन टोला में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, बीच-बचाव करने पहुंची चाची भी हमले की शिकार हुईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/nephew-attacks-uncle-and-aunt-with-knife-in-electric-wire/article-55101"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-crime-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्यप्रदेश के रीवा जिले में शनिवार को एक पारिवारिक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बिछिया थाना क्षेत्र के महाजन टोला में रहने वाले एक युवक ने कथित तौर पर अपने ही चाचा और चाची पर चाकू से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बिजली मीटर के तार काटे जाने की शिकायत को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने आपा खो दिया और हमला कर बैठा। इस घटना में पति-पत्नी दोनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों के अनुसार घटना शनिवार दोपहर की है। इलाके में रहने वाले उमेश साकेत ने अपने एक रिश्तेदार के घर लगे बिजली मीटर के तार काटे जाने की शिकायत आरोपी के पिता से की थी। यह बात परिवार के भीतर चर्चा का विषय बन गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शिकायत को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई। इसी दौरान आरोपी चाहत साकेत मौके पर पहुंचा और शिकायत को लेकर नाराजगी जताने लगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी हो रही थी। आसपास मौजूद लोगों को भी लगा कि मामला सामान्य पारिवारिक विवाद की तरह शांत हो जाएगा, लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि बहस के दौरान आरोपी का गुस्सा बढ़ता गया और उसने अपने पास रखा चाकू निकाल लिया। इसके बाद उसने सीधे अपने चाचा उमेश साकेत पर हमला कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अचानक हुए हमले से मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। उमेश साकेत खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान उनकी पत्नी सीमा साकेत बीच-बचाव के लिए आगे आईं। परिवार के लोगों और पड़ोसियों के मुताबिक सीमा ने झगड़ा शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। चाकू के वार से वह भी घायल हो गईं। कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के दौरान आसपास के लोगों ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया। स्थानीय नागरिकों ने आरोपी को रोकने की कोशिश की और घायल दंपती को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हमले के बाद इलाके में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पारिवारिक रिश्तों के बीच हुई इस हिंसक घटना ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया। कई लोगों ने कहा कि मामूली विवाद का इस तरह खतरनाक रूप लेना चिंता का विषय है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूचना मिलने के बाद बिछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। घायलों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिजली मीटर के तार काटने की शिकायत के बाद ही दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में हमले में बदल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह पारिवारिक विवाद प्रतीत होता है, लेकिन घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। दोनों घायलों का उपचार जारी है। चिकित्सकों ने उनका मेडिकल परीक्षण कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद घायलों की चोटों की प्रकृति के आधार पर मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवारों के बीच छोटे-छोटे विवाद अक्सर बातचीत से सुलझ जाते हैं, लेकिन जब गुस्सा नियंत्रण से बाहर हो जाए तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। महाजन टोला में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक और सामाजिक विवादों को समय रहते सुलझाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी हिंसक घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें और बातचीत या कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करें। पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई मेडिकल रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रायसेन रोड चौड़ीकरण के लिए बड़ी कार्रवाई, 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाईं</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में सड़क विस्तार और ब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान, 40 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीन कराई गई मुक्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a23e25e3b884/article-55100"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल के रायसेन रोड पर शनिवार को जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सुबह शुरू हुए अभियान के दौरान 70 दुकानों और 42 झुग्गियों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और प्रस्तावित ब्रिज निर्माण के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। वहीं दूसरी तरफ प्रभावित लोगों और कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुनर्वास और मुआवजे की मांग उठाई है। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह कार्रवाई पिपलानी चमारन स्थित लेबर कॉलोनी झुग्गी बस्ती क्षेत्र में की गई। ग्लोबल स्किल पार्क के सामने सड़क के दोनों ओर वर्षों से बने अस्थायी और स्थायी ढांचे सड़क विस्तार में बाधा बन रहे थे। प्रशासन के अनुसार कई बार नोटिस जारी करने और समझाइश के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। शनिवार सुबह जेसीबी मशीनों और नगर निगम के अमले के साथ टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की। कुछ परिवारों ने घरों से घरेलू सामान निकालने में जल्दबाजी दिखाई, जबकि कई दुकानदार अपने व्यवसाय से जुड़ी सामग्री को बचाने में लगे रहे। सुबह से दोपहर तक चले अभियान में कच्चे और पक्के दोनों तरह के निर्माण हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए निर्धारित क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि जिस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, उसका बाजार मूल्य लगभग 40 करोड़ रुपए से अधिक है। प्रशासन के अनुसार करीब चार हजार वर्ग मीटर यानी लगभग 43 हजार वर्गफीट भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी और सड़क विकास परियोजना के अंतर्गत आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में फोरलेन सड़क और नए ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायसेन रोड भोपाल के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल है। यहां बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण सड़क चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से उठ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त समय में इस मार्ग पर जाम की स्थिति आम बात हो गई है। प्रशासन का दावा है कि सड़क विस्तार और पुल निर्माण के बाद यातायात सुगम होगा और आसपास के क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि कार्रवाई को लेकर विरोध के स्वर भी सामने आए हैं। कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना हटाया गया है। विरोध जताने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पुनर्वास नीति लागू करने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की। कुछ स्थानीय नेताओं ने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय पार्षद जीत राजपूत ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक था तो पहले प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय और वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की आजीविका इन दुकानों पर निर्भर थी, उनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकार से मुआवजे और पुनर्वास की ठोस योजना लागू करने की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाना प्रशासनिक जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर संबंधित विभागों के स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। रायसेन रोड पर हुई इस कार्रवाई ने विकास और पुनर्वास के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर प्रशासन सड़क चौड़ीकरण को शहर की जरूरत बता रहा है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के प्रस्ताव पर भोपाल में विरोध तेज, पैदल मार्च का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने नाम परिवर्तन का विरोध किया, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव वापस लेने की मांग करेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/protest-in-bhopal-against-the-proposal-to-change-the-name/article-55099"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/barkatullah-university1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ एकजुट होकर सड़क पर उतरने का फैसला किया है। संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय का नाम केवल एक पहचान नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और भोपाल की विरासत से जुड़ा हुआ है। ऐसे में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव न केवल ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी है बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े एक महत्वपूर्ण अध्याय को कमजोर करने का प्रयास भी माना जा रहा है। इसी विरोध के तहत शुक्रवार शाम 4:30 बजे जहांगीराबाद स्थित जिंसी चौकी से पैदल मार्च निकाला जाएगा। मार्च में शामिल लोग राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि मौलाना बरकतउल्ला भोपाली देश के उन स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल थे जिन्होंने विदेशों में रहकर भी भारत की आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी। जमीअत उलेमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कहा कि मौलाना बरकतउल्ला केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि बरकतउल्ला ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाई और देश की पहली निर्वासित सरकार में प्रधानमंत्री की भूमिका भी निभाई थी। उनका मानना है कि ऐसे व्यक्तित्व के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय का नाम बदलना उनके योगदान को कम करके आंकने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संस्थान का नाम बदलने का मामला नहीं है बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों और विरासत से जुड़ा विषय है। इसी वजह से विभिन्न वर्गों के लोग इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने भी नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई चुनौतियां मौजूद हैं और सरकार को नए तथा विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसी नए नाम से संस्थान स्थापित करना चाहती है तो उसके लिए नए विश्वविद्यालय खोले जा सकते हैं, लेकिन वर्षों पुरानी संस्थाओं की पहचान बदलना उचित नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए और विश्वविद्यालयों को ज्ञान तथा शोध के केंद्र के रूप में विकसित करने पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नाम परिवर्तन जैसे मुद्दे छात्रों और शिक्षकों के बीच अनावश्यक बहस और विवाद की स्थिति पैदा कर सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विरोध करने वाले संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि कार्य परिषद द्वारा पारित नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। उनका कहना है कि यह निर्णय भोपाल की ऐतिहासिक पहचान और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। संगठनों के अनुसार शहर के लोगों की भावनाएं इस मुद्दे से जुड़ी हुई हैं और किसी भी निर्णय से पहले व्यापक जनमत लिया जाना चाहिए था। कई संगठनों का यह भी कहना है कि विश्वविद्यालय का नाम बदलने से शिक्षा की गुणवत्ता या संस्थान की उपलब्धियों में कोई बदलाव नहीं आएगा, इसलिए ऐसे कदमों की आवश्यकता समझ से परे है। विरोध करने वालों का कहना है कि यदि सरकार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच पैदल मार्च को लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। आयोजकों ने शहर के नागरिकों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह केवल किसी एक समुदाय या संगठन का मुद्दा नहीं बल्कि इतिहास और विरासत को संरक्षित रखने का प्रश्न है। बताया जा रहा है कि मार्च के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी जाएगी और राज्यपाल के माध्यम से सरकार तक मांग पहुंचाई जाएगी। आयोजकों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं और समाज के अलग-अलग वर्गों का समर्थन मिल रहा है। भोपाल में विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब एक बड़े सार्वजनिक मुद्दे का रूप लेता दिखाई दे रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:17 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार पर सस्पेंस, बीजेपी के संकेतों से बढ़ी सियासी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद अटकलें तेज, कांग्रेस की अंदरूनी नाराजगी पर भी नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a23dd0479a37/article-55092"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-rajya-sabha-election.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी ने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस ने अपनी ओर से पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है। इसी बीच बीजेपी की ओर से तीसरे उम्मीदवार को उतारने की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पार्टी भले ही आधिकारिक तौर पर इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रही हो, लेकिन नेताओं के बयान और संगठन के भीतर चल रही गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि अंतिम समय में कोई बड़ा राजनीतिक दांव खेला जा सकता है। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो उसे जिताने की पूरी कोशिश की जाएगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्यसभा की जिन तीन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें से दो सीटें वर्तमान में बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। बीजेपी ने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन सबसे ज्यादा नजर तीसरी सीट पर है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अंदरूनी स्तर पर तीसरे उम्मीदवार की संभावना को लेकर तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि संभावित नामांकन की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए कुछ विधायकों से प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अंतिम समय तक अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती और विधानसभा के वर्तमान आंकड़ों के साथ-साथ विपक्ष की स्थिति पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुक्रवार देर शाम भोपाल पहुंचे बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी तरुण चुग से जब तीसरे उम्मीदवार की संभावना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है और वह केवल संगठन के निर्णयों का पालन करते हैं। उनके इस जवाब को भी राजनीतिक जानकार संभावनाओं को खुला रखने वाला बयान मान रहे हैं। दूसरी ओर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार देती है तो उसे जिताने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। उनके इस कथन को बीजेपी की रणनीतिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। विजयवर्गीय प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इधर कांग्रेस की स्थिति भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन इस फैसले को लेकर कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की चर्चा सामने आ रही है। राजनीतिक हलकों में यह बात भी कही जा रही है कि राज्यसभा की दावेदारी रखने वाले कई नेता उम्मीदवार चयन से संतुष्ट नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांत रहने को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी प्रकार के मतभेद की बात स्वीकार नहीं की गई है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी नेता संगठन के फैसले के साथ हैं और चुनाव में पूरी एकजुटता के साथ काम करेंगे।</p>
<p>बीजेपी के भीतर तीसरी सीट के लिए संभावित नामों को लेकर भी अटकलें जारी हैं। कुछ राजनीतिक सूत्र पूर्व विधायक जीतू जिराती का नाम चर्चा में बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का नाम भी राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रहा है। हालांकि इन नामों को लेकर किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि बीजेपी को आवश्यक समर्थन और संख्या बल का भरोसा मिलता है तो अंतिम समय में चौंकाने वाला फैसला सामने आ सकता है। राज्यसभा चुनाव के नामांकन और राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि बीजेपी केवल दो उम्मीदवारों के साथ चुनाव मैदान में रहती है या फिर तीसरे उम्मीदवार के जरिए मुकाबले को और दिलचस्प बनाती है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले दिन सियासी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:03 +0530</pubDate>
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