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                <title>छत्तीसगढ़ - दैनिक जागरण</title>
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                <description>छत्तीसगढ़ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में आज राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज, सीएम साय की समीक्षा बैठक समेत कई अहम कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा, भाजपा में संगठनात्मक बैठकों का दौर शुरू, प्रदेशभर में आप का हनुमान चालीसा पाठ और रेलवे ने ट्रेनों में किया अस्थायी बदलाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/political-and-administrative-stir-in-chhattisgarh-today-many-important-programs/article-59337"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में मंगलवार का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। राजधानी रायपुर में सुबह से ही कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे, वहीं भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश सिंह दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच रहे हैं। उनके आगमन के साथ प्रदेश भाजपा में महत्वपूर्ण बैठकों का सिलसिला भी शुरू होगा। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन करने की घोषणा की है। इसी बीच रेलवे ने भी यात्रियों के लिए अहम सूचना जारी करते हुए बताया है कि हावड़ा स्टेशन पर तकनीकी कार्य के चलते कई प्रमुख ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया जाएगा। राजधानी में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम भी पूरे दिन आयोजित होंगे, जिससे शहर में गतिविधियां सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दिखाई देंगी।</p>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><span><strong>1. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे विभागीय समीक्षा</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सुबह <strong>11:00 बजे</strong> मुख्यमंत्री निवास से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे।</li>
<li><strong>11:30 बजे</strong> मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे।</li>
<li>विभाग की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति पर होगी चर्चा।</li>
<li>दोपहर बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय <strong>कुशाभाऊ ठाकरे परिसर</strong> पहुंचेंगे।</li>
<li>संगठनात्मक बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे।</li>
<li>रात <strong>9:15 बजे</strong> मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।</li>
</ul>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><span><strong>2. भाजपा में आज से बैठकों का दौर शुरू</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री <strong>शिवप्रकाश सिंह</strong> दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचेंगे।</li>
<li><strong>दोपहर 3:00 बजे</strong> प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी।</li>
<li><strong>शाम 6:00 बजे</strong> प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होगी।</li>
<li>बुधवार को प्रदेश महामंत्रियों और प्रकोष्ठ संयोजकों की बैठक होगी।</li>
<li>बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहेंगे।</li>
<li>संगठन विस्तार, आगामी कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना।</li>
</ul>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><span><strong>3. प्रदेशभर में AAP करेगी हनुमान चालीसा का पाठ</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की <strong>90 विधानसभा क्षेत्रों</strong> में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है।</li>
<li>कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे।</li>
<li>उद्देश्य सामाजिक समरसता, शांति और जनकल्याण का संदेश देना है।</li>
<li>विभिन्न जिलों में सुबह से धार्मिक आयोजन शुरू होंगे।</li>
</ul>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><span><strong>4. रेलवे ने ट्रेनों के संचालन में किया बदलाव</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>24 से 27 जुलाई</strong> तक हावड़ा स्टेशन पर तकनीकी कार्य रहेगा।</li>
<li>कुछ ट्रेनें <strong>शालीमार</strong> स्टेशन से संचालित होंगी।</li>
<li>कुछ ट्रेनों का समापन <strong>सांतरागाछी</strong> स्टेशन पर होगा।</li>
<li>यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन का अपडेट देखने की सलाह दी गई है।</li>
<li>हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस और गीतांजलि एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।</li>
</ul>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><span><strong>रायपुर में आज के प्रमुख कार्यक्रम</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>5. महंत हरिदास त्यागी पुण्यतिथि समारोह</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>समय:</strong> सुबह <strong>10:30 बजे</strong></li>
<li><strong>स्थान:</strong> श्री संकट मोचन वीर हनुमान मंदिर, बूढ़ेश्वर चौक, रायपुर</li>
<li>श्रद्धांजलि सभा एवं धार्मिक आयोजन होंगे।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>6. सिद्ध चक्र महामंडल विधान</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>समय:</strong> सुबह <strong>10:00 बजे</strong></li>
<li><strong>स्थान:</strong> श्रीमुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, अमलतास, कचना, रायपुर</li>
<li>धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजन आयोजित होगा।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">दिनभर राजधानी रायपुर में राजनीतिक बैठकों, प्रशासनिक समीक्षा, धार्मिक आयोजनों और रेलवे से जुड़ी घोषणाओं के चलते गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। सरकारी विभागों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के कई कार्यक्रम एक ही दिन होने से शहर का माहौल काफी सक्रिय रहेगा। लोगों की नजर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, भाजपा की संगठनात्मक बैठकों और प्रदेशभर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों पर बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:11:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में मानसून फिर सक्रिय, अगले एक सप्ताह तक बारिश के आसार; कई जिलों में यलो अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर समेत कई इलाकों में सुबह से बदला मौसम, मौसम विभाग ने तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/monsoon-active-again-in-chhattisgarh-yellow-alert-issued-in-many/article-59325"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-weather.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। मंगलवार सुबह राजधानी रायपुर में दिन की शुरुआत हल्की बूंदाबांदी और घने बादलों के साथ हुई। सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा बना रहा, जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसूनी गतिविधियां प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में अधिक प्रभावी बनी हुई हैं और अगले 24 घंटे तक इसका असर जारी रह सकता है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल लोगों को उमस से राहत मिलेगी और तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।</p>
<p>पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। गुरुवार से शुरू हुआ भारी बारिश का दूसरा दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की ओर है, हालांकि मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों में भारी बारिश का दायरा सीमित हो सकता है, लेकिन हल्की और मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। राजधानी रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।</p>
<p> 21 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा का क्षेत्र सीमित रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ता है तो प्रदेश में फिर से व्यापक और अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की नजर मौसम के अगले बदलाव पर बनी हुई है।</p>
<p>पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रतापपुर में सबसे अधिक 11 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लवन और बलौदाबाजार में 7-7 सेंटीमीटर, मनोरा में 6 सेंटीमीटर तथा दर्गी, ओडगी, पलारी और माना में लगभग 5 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने लगा है, जिससे खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर स्थानीय प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।</p>
<p>मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी संबंधित जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर सहित कई अन्य जिलों में भी हल्की वर्षा के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश हो सकती है। किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है ताकि वर्षा का अधिकतम लाभ लिया जा सके।</p>
<p>बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं लगातार बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:13:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुर्ग में महिला की सिर कुचलकर हत्या, CCTV में दो युवकों के साथ दिखी थी आखिरी बार</title>
                                    <description><![CDATA[वारदात से पहले अलग-अलग जगह महिला के साथ नजर आए दो युवक, ओवरब्रिज तक मिले सुराग; शहर से ग्रामीण इलाकों तक पहचान में जुटी पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/the-murder-of-a-woman-by-crushing-her-head-in/article-59269"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/durg-murder-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पुलगांव थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय महिला की हत्या की जांच अब CCTV फुटेज पर टिक गई है। पुलिस को शहर के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें महिला के साथ दो युवक दिखाई दे रहे हैं। दोनों युवक वारदात से पहले कई जगह कैमरों में नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान कर हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच में मिले फुटेज के आधार पर दोनों युवकों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है कि महिला के साथ उन्हें पुलगांव ओवरब्रिज की तरफ जाते हुए भी देखा गया था। इसी वजह से दोनों युवक जांच के केंद्र में आ गए हैं, हालांकि अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने दुर्ग शहर से लेकर पुलगांव ओवरब्रिज तक के रास्ते में लगे कई CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई है। संबंधित कैमरों के DVR भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं। फुटेज को अलग-अलग समय और लोकेशन के आधार पर मिलाकर महिला की आखिरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 16 जुलाई को घर से निकलने के बाद महिला सबसे पहले कहां गई थी। रास्ते में उसकी मुलाकात किन लोगों से हुई और CCTV में दिखाई दे रहे दोनों युवक उसके संपर्क में कब आए, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड के आसपास के कैमरों से भी कुछ महत्वपूर्ण फुटेज मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध युवक इन इलाकों में भी दिखाई दिए हैं। अलग-अलग कैमरों में उनकी तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस ने पहचान की कोशिश तेज कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संदिग्धों की तस्वीरें स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों को दिखाई गई हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि सार्वजनिक स्थानों पर सक्रिय रहने वाले ऑटो चालक या दुकानदार उन्हें पहचान सकते हैं, लेकिन अब तक दोनों युवकों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। जांच का दायरा दुर्ग शहर तक सीमित नहीं रखा गया है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोनों युवकों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फुटेज और तस्वीरों के आधार पर जानकारी जुटा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">महिला के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई है। CCTV में दिखाई दे रहे युवकों की तस्वीरें परिजनों को दिखाई गईं, लेकिन परिवार के लोग भी उन्हें पहचान नहीं सके। इससे पुलिस यह भी जांच रही है कि दोनों युवक महिला के पहले से परिचित थे या उनसे उसकी मुलाकात उसी दिन हुई थी। मामला 17 जुलाई को सामने आया था। पुलगांव नाला क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास से शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में महिला का शव मिला था। स्थानीय लोगों की नजर शव पर पड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए इलाके को सुरक्षित किया गया और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। आसपास मौजूद संभावित साक्ष्यों को जांच के लिए एकत्र किया गया। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसी कारण पुलिस ने हत्या के साथ यौन अपराध की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार इसकी पुष्टि केवल पोस्टमार्टम, मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुरुआती जांच में महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आशंका है कि किसी भारी वस्तु या पत्थर से सिर पर हमला किया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल वस्तु और हमले के तरीके को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि महिला की हत्या उसी जगह हुई जहां शव मिला या वारदात कहीं दूसरी जगह करने के बाद शव को झाड़ियों में छोड़ा गया। इसके लिए घटनास्थल के आसपास मिले निशानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मृतका के पति का पहले निधन हो चुका था। वह अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती थीं। परिवार के मुताबिक महिला मजदूरी करके घर के खर्च में सहयोग करती थीं और सामान्य दिनों की तरह कामकाज के लिए घर से बाहर आती-जाती थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि 16 जुलाई की शाम महिला घर से निकली थीं। देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की। परिचितों और आसपास के संभावित स्थानों पर जानकारी ली गई, लेकिन उनका पता नहीं चला।</p>
<p class="isSelectedEnd">रात बीतने के बाद भी महिला घर नहीं पहुंचीं तो परिवार की चिंता बढ़ गई। अगले दिन 17 जुलाई को सिटी कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी दौरान पुलगांव क्षेत्र में एक महिला का शव मिलने की सूचना सामने आई। शव की पहचान के बाद गुमशुदगी का मामला हत्या की जांच में बदल गया। पुलिस ने महिला के घर से निकलने के समय से लेकर शव मिलने तक की गतिविधियों को दोबारा खंगालना शुरू किया। इसी क्रम में शहर के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग निकाली गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">फुटेज देखते समय जांच टीम की नजर उन दो युवकों पर गई जो महिला के आसपास दिखाई दे रहे थे। अलग-अलग कैमरों में दोनों की मौजूदगी मिलने के बाद पुलिस ने उनके आने-जाने का रास्ता ट्रैक करना शुरू किया। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों युवक किस वाहन या साधन से दुर्ग पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की रिकॉर्डिंग देखने के पीछे पुलिस का मकसद उनके शहर में आने और यहां से निकलने की जानकारी जुटाना भी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऑटो स्टैंड के आसपास की फुटेज भी इसी कड़ी में खंगाली गई है। पुलिस यह पता कर रही है कि महिला या दोनों संदिग्धों ने किसी ऑटो का इस्तेमाल किया था या नहीं। यदि कोई वाहन सामने आता है तो उसके चालक से पूछताछ कर घटनाक्रम से जुड़ी नई जानकारी मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CCTV फुटेज की गुणवत्ता और कैमरों के समय का भी मिलान किया जा रहा है। कई अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर यह समझने की कोशिश हो रही है कि महिला किस रास्ते से पुलगांव क्षेत्र तक पहुंची और दोनों युवक कब तक उसके साथ रहे। मोबाइल और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद भी ली जा रही है। महिला के संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जांच में उपयोगी हो सकती है। तकनीकी टीम उपलब्ध डेटा के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती CCTV में नजर आए दोनों युवकों की पहचान है। तस्वीरें मिलने के बावजूद उनके नाम और पते की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके लिए शहर के साथ आसपास के थाना क्षेत्रों से भी जानकारी साझा की जा रही है। पुलिस पुराने अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों के रिकॉर्ड से भी तस्वीरों का मिलान कर सकती है। यह देखा जा रहा है कि फुटेज में दिखाई देने वाले चेहरे किसी पुराने पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद हैं या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलगांव थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी जांच में लगाया गया है। दोनों टीमें अलग-अलग स्तर पर सुराग जुटाकर उनकी जानकारी साझा कर रही हैं। तकनीकी और मैदानी जांच एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी नमूने जुटाए हैं। वैज्ञानिक जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वारदात के समय वहां कितने लोग मौजूद थे और महिला के साथ संघर्ष हुआ था या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटनास्थल के आसपास मिले संदिग्ध निशान, कपड़े और दूसरी वस्तुओं की भी जांच की जा सकती है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। डॉग स्क्वाड की मदद भी शुरुआती जांच में ली गई है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर सुराग तलाशने की कोशिश की गई। पुलिस इन सभी जानकारियों को CCTV रिकॉर्डिंग के साथ जोड़कर वारदात का क्रम समझने में जुटी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">महिला का शव जिस हालत में मिला था, उसके आधार पर पुलिस ने यौन अपराध की आशंका को जांच में शामिल किया है। फिलहाल इसे पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा रहा। पोस्टमार्टम और संबंधित मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही इस पहलू पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महिला की मौत का सटीक कारण और अनुमानित समय भी स्पष्ट हो सकेगा। इससे CCTV फुटेज में दर्ज समय के साथ घटनाक्रम का मिलान करने में मदद मिलेगी। पुलिस के लिए यह तय करना आसान होगा कि आखिरी बार महिला को जीवित कब और कहां देखा गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार के सदस्यों से महिला की दिनचर्या, परिचितों और घर से निकलने के कारण के बारे में जानकारी ली गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने घर से निकलने से पहले किसी से फोन पर बात की थी या किसी से मिलने की जानकारी दी थी। जांच टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने महिला को 16 जुलाई को देखा था। उसके घर से निकलने के बाद की हर संभावित जानकारी को दर्ज किया जा रहा है। छोटी से छोटी सूचना को CCTV फुटेज से मिलाकर सत्यापित करने की कोशिश हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलगांव क्षेत्र में शव मिलने वाली जगह अपेक्षाकृत सुनसान होने के कारण आसपास के रास्तों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस यह पता कर रही है कि संदिग्ध वहां पैदल पहुंचे थे या किसी वाहन से आए थे। शिवनाथ नदी की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते और आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई गई है। घटनास्थल तक पहुंचने के संभावित रास्तों के कैमरे और वहां से गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड जांच के दायरे में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ से जल संरक्षण को रफ्तार, 6.60 लाख काम पूरे</title>
                                    <description><![CDATA[33 जिलों की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें अभियान से जुड़ीं, मनरेगा के जरिए 6.08 लाख से अधिक कार्य; गांवों में वर्षा जल सहेजने के साथ रोजगार और जनभागीदारी पर जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/660-lakh-works-completed-in-chhattisgarh-to-speed-up-water/article-59268"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mor-gaon-mor-pani-campaign.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ के गांवों में पानी बचाने और वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर सहेजने के लिए चलाए जा रहे ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान का दायरा लगातार बढ़ा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार अभियान के तहत अब तक 6 लाख 60 हजार 105 जल संरक्षण से जुड़े काम पूरे किए जा चुके हैं। प्रदेश के सभी 33 जिलों की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें इस मुहिम से जुड़ी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस अभियान की शुरुआत 24 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की थी। योजना के केंद्र में गांव और वहां रहने वाले लोगों को रखा गया। किस इलाके में किस तरह का जल संरक्षण कार्य ज्यादा जरूरी है, इसका फैसला स्थानीय जरूरत और भौगोलिक स्थिति को देखकर करने पर जोर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘मोर गांव-मोर पानी’ को केवल सरकारी निर्माण योजना के रूप में लागू करने के बजाय जनभागीदारी आधारित अभियान का रूप दिया गया है। ग्रामीणों को जल संरक्षण के कामों की पहचान, उनकी प्राथमिकता तय करने और क्रियान्वयन से जोड़ने की कोशिश की गई। इससे गांव के लोग विकास कार्यों में सीधे भागीदार बने हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान के तहत बड़े बजट वाली कुछ चुनिंदा परियोजनाओं के बजाय गांव-गांव में छोटे और उपयोगी जल संरक्षण ढांचे तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके पीछे सोच यह रही कि स्थानीय स्तर पर वर्षा का पानी रोका जाए और उसे जमीन में पहुंचने का ज्यादा अवसर मिले। मनरेगा को इस अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से गांवों में जल संरक्षण से जुड़े लाखों काम कराए गए। इससे पानी बचाने के साथ ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश भी हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकारी आंकड़ों के अनुसार पूरे हो चुके 6 लाख 60 हजार 105 कार्यों में सबसे बड़ा हिस्सा मनरेगा का है। अकेले मनरेगा के माध्यम से 6 लाख 8 हजार 909 जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए हैं। यानी अभियान के अधिकांश काम ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़े संसाधनों और श्रमिकों के जरिए किए गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच समन्वय बनाकर 51 हजार 196 अतिरिक्त कार्य कराए गए हैं। इसमें संबंधित क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार विभागों की योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों को जोड़ा गया। इसका उद्देश्य एक ही गांव में अलग-अलग योजनाओं को जल संरक्षण के साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों तक पहुंच चुका है। मैदानी क्षेत्रों से लेकर वनांचल और आदिवासी बहुल इलाकों तक स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार काम किए गए हैं। पानी की जरूरत और उपलब्धता हर क्षेत्र में अलग होने के कारण एक जैसा मॉडल लागू करने के बजाय स्थानीय समाधान पर जोर दिया गया है। प्रदेश की 146 जनपद पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। जनपद स्तर पर ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों, उपलब्ध संसाधनों और कामों की प्रगति के बीच समन्वय बनाया जा रहा है। इससे कई पंचायतों में जल संरक्षण के छोटे काम एक साथ शुरू किए जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्य की 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों की भागीदारी इस अभियान का सबसे बड़ा आधार बनी है। गांव के स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को यह तय करने में शामिल किया गया कि उनके क्षेत्र में पानी रोकने के लिए किस तरह के काम की सबसे ज्यादा जरूरत है। कहीं पुराने तालाबों और जल स्रोतों को सुधारने की जरूरत सामने आई तो कहीं वर्षा जल को बहकर बाहर जाने से रोकने वाले छोटे ढांचों को प्राथमिकता दी गई। खेत और गांव की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कार्ययोजनाएं तैयार करने की व्यवस्था अपनाई गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार ने अभियान में ‘बॉटम-टू-टॉप’ मॉडल पर काम करने का दावा किया है। सामान्य तौर पर बड़ी योजनाएं ऊपर से तय होकर गांवों तक पहुंचती हैं, लेकिन इस मॉडल में जरूरत की पहचान स्थानीय स्तर से शुरू करने पर जोर दिया गया। गांव से मिले प्रस्तावों को आगे की योजना से जोड़ा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस प्रक्रिया में ग्रामीणों को केवल सरकारी योजना का लाभ लेने वाला व्यक्ति नहीं माना गया। उन्हें योजना तैयार करने और काम की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया में शामिल किया गया। विभाग का मानना है कि स्थानीय भागीदारी से बनाए गए जल संरक्षण ढांचे की उपयोगिता और देखरेख दोनों बेहतर हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान का प्रमुख उद्देश्य बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा गांव की सीमा के भीतर रोकना है। मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में पानी नालों और दूसरे प्राकृतिक रास्तों से बहकर निकल जाता है। छोटे जल संरक्षण ढांचे इस बहाव की गति कम करने और पानी को जमीन में पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। वर्षा जल को रोकने से भूजल पुनर्भरण की संभावना भी बढ़ती है। गांवों में पेयजल और सिंचाई के लिए भूजल पर काफी निर्भरता रहती है। गर्मी के महीनों में जलस्तर नीचे जाने पर कई इलाकों में हैंडपंप, कुएं और दूसरे स्रोत प्रभावित होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय जल स्रोतों को मजबूत करने के लिए वर्षा के पानी को सहेजने पर जोर दिया गया है। खेतों के आसपास पानी रोकने से मिट्टी में नमी ज्यादा समय तक बनी रह सकती है। इससे खेती और दूसरी ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जल संरक्षण को रोजगार से जोड़ना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में स्थानीय मजदूरों को काम उपलब्ध कराया गया। इससे ग्रामीणों को गांव में रोजगार मिलने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार हुईं जिनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के माध्यम से बनने वाले जल संरक्षण ढांचे खेती से भी सीधे जुड़े होते हैं। पानी की उपलब्धता बेहतर होने पर किसान एक से ज्यादा फसल लेने की योजना बना सकते हैं। पशुपालन और दूसरे कृषि आधारित कामों के लिए भी स्थानीय जल स्रोत महत्वपूर्ण होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान में केवल निर्माण कार्यों पर ध्यान नहीं दिया गया है। जल संरक्षण को लेकर लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए प्रशिक्षण तथा जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को पानी के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। राज्य में अब तक 500 से अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। इन कार्यक्रमों में जल संरक्षण की जरूरत, गांव स्तर पर योजना तैयार करने और उपलब्ध जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को इसमें महत्वपूर्ण माना गया है। गांव में किस स्थान पर पानी की सबसे ज्यादा समस्या है, कौन सा पुराना जल स्रोत सुधारने की जरूरत है और कहां नया ढांचा उपयोगी हो सकता है, इसकी जानकारी स्थानीय लोगों के पास सबसे ज्यादा होती है। इसी वजह से ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जानकारी को तकनीकी योजना से जोड़ने का प्रयास किया गया। पंचायतों के प्रस्तावों के आधार पर कामों को मनरेगा या अन्य विभागीय योजनाओं से स्वीकृति देकर आगे बढ़ाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक संकल्प कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एक लाख से ज्यादा लोगों ने पानी बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया है। इसमें ग्रामीण परिवारों के साथ पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय समूह भी शामिल हुए। लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में पानी की बर्बादी रोकने, पुराने जल स्रोतों की देखरेख करने और वर्षा जल को सहेजने के प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान में विभागीय समन्वय को भी महत्वपूर्ण रखा गया है। केवल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे विभागों के संसाधनों और योजनाओं को जल संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी मॉडल के तहत 51 हजार से ज्यादा काम विभिन्न विभागों के सहयोग से पूरे हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण सीधे खेती से जुड़ा मुद्दा है। बारिश का पैटर्न बदलने या कम समय में ज्यादा वर्षा होने की स्थिति में पानी तेजी से बह जाता है। ऐसे में छोटे जल ढांचे पानी को स्थानीय स्तर पर रोकने में उपयोगी हो सकते हैं। खेतों में नमी लंबे समय तक रहने से सिंचाई की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है। वहीं भूजल स्तर में सुधार होने पर कुओं और अन्य स्रोतों में पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है। इन्हीं कारणों से अभियान में जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका से जोड़कर देखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों की भौगोलिक परिस्थितियां भी अलग हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे वन क्षेत्र, मध्य छत्तीसगढ़ का मैदानी इलाका और कृषि प्रधान जिले पानी की अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हैं। इसलिए स्थानीय जरूरत के अनुसार काम चुनने की व्यवस्था रखी गई है। अभियान के तहत गांवों में पहले से मौजूद जल संरचनाओं को उपयोगी बनाने पर भी जोर है। पुराने जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाने और बारिश का पानी उनके कैचमेंट तक पहुंचाने जैसे काम स्थानीय योजना के आधार पर किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचायत स्तर पर तैयार योजनाओं को मनरेगा से जोड़ने के कारण बड़ी संख्या में कार्य एक साथ शुरू करना संभव हुआ। अब तक पूरे हुए 6 लाख से ज्यादा मनरेगा कार्यों के जरिए ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार भी मिला और गांवों में जल संरक्षण की परिसंपत्तियां तैयार हुईं। 24 अप्रैल 2025 को शुरू हुए ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत अब तक कुल 6,60,105 कार्य पूरे किए जाने की जानकारी है। इनमें 6,08,909 काम मनरेगा से और 51,196 काम दूसरे विभागों के समन्वय से कराए गए हैं।</p>
<p>अभियान का नेटवर्क प्रदेश के सभी 33 जिलों, 146 जनपद पंचायतों और 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है। इसके साथ 500 से ज्यादा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और एक लाख से अधिक लोगों को जल संरक्षण के संकल्प से जोड़ा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:24 +0530</pubDate>
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                <title>बिलासपुर में फर्जी ED अफसर बनकर 6.82 लाख की ठगी, पति-पत्नी पर केस</title>
                                    <description><![CDATA[सिम्स में कैंटीन का ठेका और दो युवकों को ED में नौकरी दिलाने का दिया भरोसा, बैंक और नकद में लिए रुपए; रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित पहुंचा थाने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/case-against-husband-and-wife-for-cheating-rs-682-lakh/article-59267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/fake-ed-officer-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">खुद को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से जुड़ा प्रभावशाली अधिकारी बताकर एक परिवार से लाखों रुपए लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका दिलाने और दो युवकों को ED में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अलग-अलग किस्तों में कुल 6 लाख 82 हजार रुपए लिए गए। लंबे समय तक न ठेका मिला और न नौकरी लगी तो पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपों से जुड़े बैंक ट्रांजैक्शन, नकद भुगतान और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इसी तरीके से किसी और व्यक्ति से भी रकम तो नहीं ली।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता देवेन्द्र ठक्कर रेलवे महाराष्ट्र मंडल, टिकरापारा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी मुलाकात सिम्स अस्पताल में राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन से हुई थी। आरोपी दंपती के ठठारी, जिला जांजगीर-चांपा का निवासी होने की जानकारी पुलिस को दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायत में बताया गया है कि शुरुआती मुलाकात के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत बढ़ी। इसी दौरान राहुल ने कथित तौर पर खुद को ED का अधिकारी बताया। उसने अपने प्रभाव और संपर्कों का जिक्र कर शिकायतकर्ता का भरोसा जीतने की कोशिश की।</p>
<p class="isSelectedEnd">आरोप है कि राहुल ने दावा किया कि उसकी सरकारी विभागों में अच्छी पहुंच है और वह अपने संपर्कों के जरिए बड़े काम आसानी से करा सकता है। इसी बातचीत के दौरान सिम्स अस्पताल और कोनी क्षेत्र में कैंटीन का ठेका दिलाने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया पूरी कर उसे कैंटीन संचालन का काम दिलाया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीड़ित के मुताबिक केवल कैंटीन ठेका ही नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी दिलाने की बात भी कही गई। राहुल ने कथित तौर पर देवेन्द्र के बेटे और उसके एक दोस्त को प्रवर्तन निदेशालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। सरकारी विभाग का नाम और अधिकारी होने का दावा किए जाने के कारण परिवार ने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायत में आरोप है कि कैंटीन का ठेका और नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे गए। रकम एक बार में न लेकर अलग-अलग समय पर किस्तों में ली गई। कुछ भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किए गए, जबकि कुछ रकम नकद देने की बात शिकायत में कही गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अलग-अलग भुगतान को जोड़ने पर कुल रकम 6 लाख 82 हजार रुपए बताई गई है। पीड़ित का आरोप है कि हर बार पैसा लेते समय काम जल्द पूरा होने का भरोसा दिया जाता रहा। कभी ठेका प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई तो कभी नौकरी से जुड़ी औपचारिकता पूरी होने का दावा किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">समय गुजरने के बावजूद जब कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया तो परिवार को शक होने लगा। सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका नहीं मिला। दूसरी तरफ जिन दो युवकों को ED में नौकरी दिलाने की बात कही गई थी, उनकी नियुक्ति भी नहीं हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद शिकायतकर्ता ने कथित ED अधिकारी से काम की वास्तविक स्थिति पूछनी शुरू की। आरोप है कि शुरुआत में अलग-अलग कारण बताकर समय मांगा गया। परिवार ने जब नियुक्ति और कैंटीन ठेके से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज मांगे तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd">काफी समय तक इंतजार करने के बाद देवेन्द्र ठक्कर ने दिए गए पैसे वापस मांगने शुरू किए। शिकायत के अनुसार शुरुआत में रकम लौटाने का भरोसा दिया गया, लेकिन पूरा पैसा वापस नहीं किया गया। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही और रकम वापस करने का दबाव बनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस कार्रवाई की बात सामने आने पर कुछ रकम लौटाए जाने का दावा किया गया है। पीड़ित के मुताबिक कई बार मांग करने और दबाव बनाने के बाद कुल राशि का एक बड़ा हिस्सा वापस मिला, लेकिन पूरी रकम नहीं लौटाई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी भी करीब 1 लाख 62 हजार रुपए आरोपियों के पास बाकी हैं। लगातार रकम मांगने के बावजूद जब शेष पैसा नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस के पास जाने का फैसला किया। शनिवार को कोतवाली थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने शिकायत में दिए गए तथ्यों और शुरुआती जानकारी के आधार पर राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों की कथित भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है। पैसे किन खातों में जमा हुए और उनका आगे क्या इस्तेमाल हुआ, यह भी जांच का हिस्सा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में बैंक ट्रांजैक्शन महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। शिकायतकर्ता की ओर से जिन खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी गई है, उनके लेनदेन का रिकॉर्ड पुलिस जुटा सकती है। भुगतान की तारीख और रकम का मिलान शिकायत में दिए गए घटनाक्रम से किया जाएगा। नकद में दिए गए पैसों को लेकर भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह देखा जाएगा कि रकम देते समय कोई व्यक्ति मौजूद था या भुगतान से संबंधित कोई मैसेज, रसीद अथवा डिजिटल बातचीत उपलब्ध है। मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल राहुल के कथित ED अधिकारी होने के दावे को लेकर है। यह सत्यापित किया जा रहा है कि उसका प्रवर्तन निदेशालय से वास्तव में कोई संबंध है या उसने केवल सरकारी अधिकारी बनकर शिकायतकर्ता का भरोसा हासिल किया। अगर जांच में यह सामने आता है कि उसने जानबूझकर ED अधिकारी होने की झूठी पहचान बताई थी, तो इससे मामले में दूसरे कानूनी पहलुओं की भी जांच हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अपनी पहचान साबित करने के लिए कोई फर्जी दस्तावेज, परिचय पत्र या दूसरी सामग्री दिखाई थी या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका दिलाने के दावे की भी जांच की जा रही है। सरकारी या सार्वजनिक संस्थान में कैंटीन संचालन के लिए आम तौर पर निर्धारित प्रक्रिया होती है। पुलिस यह देख सकती है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को किसी वास्तविक टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी थी या केवल प्रभाव के आधार पर ठेका दिलाने का भरोसा दिया था। इसी तरह ED में नौकरी दिलाने के कथित दावे से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। शिकायतकर्ता के बेटे और दूसरे युवक से नौकरी के लिए कौन-कौन से कागजात लिए गए, क्या कोई आवेदन भरवाया गया और नियुक्ति के नाम पर कोई पत्र दिया गया था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप को पुलिस गंभीरता से देख रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि पैसे किस मद में मांगे गए थे। क्या भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन या किसी अधिकारी तक रकम पहुंचाने जैसी कोई वजह बताई गई थी, इसे शिकायतकर्ता के बयान से स्पष्ट किया जाएगा। आरोपी की पत्नी पदमा जनार्दन की भूमिका भी जांच में है। शिकायत में पति-पत्नी दोनों पर मिलकर रकम लेने का आरोप लगाया गया है। पुलिस यह देख रही है कि भुगतान में पत्नी के बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ या वह पैसे मांगने और काम दिलाने के कथित आश्वासन में शामिल थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के मोबाइल रिकॉर्ड भी मामले की दिशा तय कर सकते हैं। पैसे मांगने, काम होने का भरोसा देने और रकम वापस करने से जुड़े मैसेज अगर उपलब्ध हुए तो उन्हें जांच में शामिल किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। बैंक स्टेटमेंट में दिखने वाले लेनदेन को आरोपी पक्ष के खातों से मिलाया जाएगा। जिन तारीखों पर भुगतान हुआ, उसके आसपास हुई कॉल और बातचीत का रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है। पुलिस यह भी जांच सकती है कि आरोपियों के खिलाफ पहले किसी दूसरे थाने या जिले में इसी तरह की शिकायत दर्ज हुई है या नहीं। अगर सरकारी नौकरी, ठेका या प्रभावशाली अधिकारी होने का दावा कर दूसरे लोगों से भी पैसे लेने की शिकायत मिलती है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। नौकरी का भरोसा जिन दो युवकों को दिया गया था, उनसे भी जानकारी ली जा सकती है। उनसे पूछा जाएगा कि आरोपी ने नौकरी को लेकर क्या दावा किया और किस आधार पर पैसे मांगे गए थे। सिम्स अस्पताल से संबंधित कैंटीन ठेके की वास्तविक प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। इससे यह साफ होगा कि संबंधित अवधि में कोई ठेका प्रक्रिया चल रही थी या नहीं और आरोपी का उससे किसी तरह का संबंध था या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/case-against-husband-and-wife-for-cheating-rs-682-lakh/article-59267</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>रायपुर आगकांड में शाकिब की मौत, गाड़ी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[घटना से पहले फोन पर हुई थी करीब तीन मिनट बातचीत, सात दिन इलाज के बाद युवक ने तोड़ा दम; परिजनों ने साजिश का आरोप लगाया, CCTV और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/shakibs-death-in-raipur-fire-police-busy-investigating-vehicle-dispute/article-59266"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-fire-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजधानी के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में आग की चपेट में आए युवक शाकिब की सात दिन तक इलाज चलने के बाद मौत हो गई। घटना को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को शाकिब और उसके परिचितों के बीच गाड़ी के लेन-देन को लेकर पुराने विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक का जलना हादसा था या इसके पीछे किसी तरह की साजिश थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने इस घटना को सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि गाड़ी देने से मना करने और पुराने विवाद के कारण शाकिब को निशाना बनाया गया। परिवार ने पुलिस को कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपने की बात कही है। इन रिकॉर्डिंग की सत्यता और घटना से उनके संबंध की जांच पुलिस कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले शाकिब की फोन पर करीब तीन मिनट बातचीत हुई थी। बातचीत में गाड़ी से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र होने की बात सामने आई है। पुलिस के लिए यह कॉल अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। कॉल किसके साथ हुई और बातचीत के बाद घटनाक्रम किस तरह बदला, इसकी पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों के मुताबिक उपलब्ध ऑडियो में शाकिब सामने वाले व्यक्ति को समझाने की कोशिश करता सुनाई देता है। वह परिवार की बातों को गलत तरीके से नहीं लेने और विवाद बढ़ाने से बचने की बात कह रहा था। इसी बातचीत में गाड़ी से जुड़ा मुद्दा भी सामने आने का दावा किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार का आरोप है कि दूसरी तरफ से गाड़ी में आग लगाने जैसी बात भी कही गई थी। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि और फोरेंसिक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस रिकॉर्डिंग को दूसरे तकनीकी साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि बातचीत घटना से सीधे जुड़ी थी या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना वाले दिन शाकिब आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसका इलाज लगातार जारी रहा, लेकिन सात दिन बाद उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुरुआती जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शाकिब को आग लगने के बाद सोनू समेत कुछ युवक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उसे इलाज के लिए रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया। पुलिस अब उन सभी लोगों की भूमिका और घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी की जांच कर रही है जो उस समय शाकिब के साथ बताए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाकिब को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसके परिवार को घटना की जानकारी दी गई थी। जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक सोनू ने शाकिब की मां को फोन कर अस्पताल बुलाया था। परिवार का कहना है कि फोन पर उन्हें बताया गया कि शाकिब एक हादसे में जल गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहीं से परिवार को घटना को लेकर संदेह होने की बात कही जा रही है। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई। बाद में जब उन्होंने शाकिब के परिचितों, पुराने विवाद और फोन पर हुई बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई तो कई सवाल सामने आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शाकिब आग की चपेट में आखिर किन परिस्थितियों में आया। घटनास्थल पर उस समय कौन-कौन मौजूद था और आग कैसे लगी, इन सवालों का जवाब तलाशा जा रहा है। घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के समय कुछ लोग बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे थे। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह जांच रही है कि घटनास्थल पर किसी ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या आग किसी दूसरी वजह से लगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस मामले में CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। इससे घटना से पहले और बाद में वहां आने-जाने वाले लोगों तथा वाहनों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अस्पताल से जुड़े रिकॉर्ड भी जुटा रही है। शाकिब को किस समय अस्पताल लाया गया, उसे कौन लेकर पहुंचा और भर्ती कराते समय घटना के बारे में क्या जानकारी दी गई थी, इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। मेडिकल दस्तावेज भी जांच का अहम हिस्सा हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की पूरी टाइमलाइन बनाने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। शाकिब ने घटना से पहले किन लोगों से बात की, किसने उसे फोन किया और घटना के तुरंत बाद किन नंबरों पर बातचीत हुई, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मोबाइल लोकेशन भी जांच में अहम साबित हो सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना के समय संबंधित लोग किस जगह मौजूद थे। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों को प्रत्यक्ष जानकारी और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ मिलाकर देख रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मृतक की बहन शहरबान ने दावा किया है कि शाकिब और सोनू के बीच काफी पहले गाड़ी को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। परिवार के अनुसार दोनों के संबंध पहले जैसे सामान्य नहीं थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">शहरबान का आरोप है कि पुराने विवाद के बावजूद घटना वाले दिन उसके भाई को कुछ लोग अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद परिवार को फोन करके उसके जलने की सूचना दी गई। परिवार इसी घटनाक्रम को संदिग्ध मान रहा है और पुलिस से सभी संबंधित लोगों की भूमिका की गहराई से जांच की मांग कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने एक अन्य युवक मुकेश की कही बात का भी जिक्र किया है। मृतक की बहन के अनुसार मुकेश ने घटना के बाद अपनी गलती होने जैसी बात कही थी। पुलिस यह पता लगा रही है कि कथित तौर पर कही गई इस बात का संदर्भ क्या था और घटना में उसकी वास्तविक भूमिका क्या रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए बयान और उपलब्ध ऑडियो को जांच में शामिल किया गया है। किसी व्यक्ति की कथित स्वीकारोक्ति या फोन पर हुई बातचीत को दूसरे सबूतों से जोड़कर ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाकिब की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम और मेडिकल रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण हो गई है। युवक कितना प्रतिशत झुलसा था, शरीर के किन हिस्सों पर गंभीर चोटें थीं और इलाज के दौरान उसकी स्थिति किस तरह बदली, इन जानकारियों से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों का भी दोबारा परीक्षण कर रही है। आग लगने की जगह, वहां मौजूद वस्तुओं और ज्वलनशील पदार्थ से जुड़े संभावित साक्ष्यों को देखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने जांच की रफ्तार पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शुरुआत से मामले की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई और संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी में देरी की गई। परिवार चाहता है कि घटना में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ कर उनकी भूमिका स्पष्ट की जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस की जांच का एक बड़ा हिस्सा पुराने गाड़ी विवाद पर केंद्रित है। यह देखा जा रहा है कि विवाद कब शुरू हुआ था, किन लोगों के बीच था और क्या इसे लेकर पहले भी धमकी या झगड़े की कोई घटना हुई थी। पुराने मोबाइल मैसेज और कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार के मुताबिक शाकिब विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता था। कथित फोन रिकॉर्डिंग में भी वह सामने वाले पक्ष को समझाने और परिवार की बातों को लेकर नाराज न होने की बात कहता सुनाई देने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी इस रिकॉर्डिंग के समय और संबंधित नंबरों का सत्यापन कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाकिब को अस्पताल पहुंचाने वाले युवकों के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के ठीक पहले क्या हुआ, आग कैसे लगी और शाकिब को किस हालत में अस्पताल ले जाया गया। अलग-अलग बयानों में अंतर मिलने पर उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद शाकिब के परिवार को फोन करने वाले व्यक्ति की बातचीत भी जांच में शामिल है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि परिवार को शुरुआत में घटना को हादसा क्यों बताया गया और उस समय तक मौजूद लोगों को वास्तव में कितनी जानकारी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">CCTV, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, अस्पताल के दस्तावेज और परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो को एक साथ जोड़कर घटनाक्रम स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का फोकस यह तय करने पर है कि शाकिब के आग की चपेट में आने के पीछे दुर्घटना थी या किसी व्यक्ति की जानबूझकर की गई कार्रवाई।</p>
<p>सरस्वती नगर थाना पुलिस मामले में घटना से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। युवक की मौत के बाद मामले में लागू कानूनी धाराओं पर भी साक्ष्यों के आधार पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। पुलिस की जांच में गाड़ी विवाद के साथ घटना वाले दिन मौजूद सभी लोगों की भूमिका को शामिल किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में फिर तेज होगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अगले 48 घंटे उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार, रायपुर में बादल-बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/monsoon-will-intensify-again-in-chhattisgarh-alert-of-heavy-rain/article-59238"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cg-monsoon-update-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने के बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में भी रविवार दोपहर मौसम अचानक बदला और कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ीं। लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में मानसून को सक्रिय रखने वाली कई मौसमी परिस्थितियां बनी हुई हैं। इनके असर से अलग-अलग जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि हर जगह एक जैसी बारिश नहीं होगी। कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं तो कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के बाद मौसम खुल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों में मनेन्द्रगढ़ के आसपास सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। यहां करीब 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। बिल्हा और मैनपुर में करीब 7-7 सेंटीमीटर पानी गिरा, जबकि पटना क्षेत्र में लगभग 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में लगातार बारिश से स्थानीय जलस्रोतों में भी पानी बढ़ा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुंगेली, गरियाबंद, जनकपुर-भरतपुर, रामानुजगंज, बैकुंठपुर और लोरमी में भी अच्छी बारिश हुई है। लालपुर थाना, मगरलोड और चिरमिरी के आसपास करीब 5 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। कई जगह सुबह और शाम के समय तेज बारिश हुई, जबकि बीच-बीच में बादल छाए रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">नगरी, कुकरेल, रतनपुर, हरदीबाजार, पथरिया, मुकडेगा, बलौदाबाजार, पलारी और भाटापारा में करीब 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी है। इन क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां पिछले कुछ समय से बनी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर बारिश की मात्रा में काफी अंतर भी देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कुकदुर, मनोरा, पेंड्रा रोड, खड़गवां, कापू, कोंटा और सिमगा में भी बादल बरसे हैं। पौड़ी उपरोड़ा, धमतरी, दर्री, बोदरी, मस्तूरी, बीजापुर, पिथौरा और सकरी में करीब 3 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट आई और उमस से कुछ राहत मिली है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान ज्यादातर बादलों से घिरा रह सकता है। दिन के दौरान एक या एक से ज्यादा बार बारिश या गरज-चमक वाली बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रायपुर में बारिश का स्वरूप स्थानीय भी रह सकता है। शहर के किसी हिस्से में तेज बारिश होने के दौरान दूसरे क्षेत्र में केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। बादल और नमी के कारण दिन में उमस महसूस होगी, लेकिन बारिश होने के बाद तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक की गतिविधियां ज्यादा रह सकती हैं। सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर के आसपास बादल सक्रिय रहने के संकेत हैं। कुछ जगह तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदला रहेगा। बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और मुंगेली के आसपास बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के जिला स्तर के पूर्वानुमान में भी कई इलाकों में बारिश की संभावना दिखाई गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजनांदगांव, बेमेतरा और कबीरधाम के आसपास भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के साथ अचानक बारिश शुरू होने की संभावना है। गरजने वाले बादलों के दौरान बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए खेतों या खुले मैदानों में मौजूद लोगों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्य छत्तीसगढ़ में रायपुर के अलावा बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी के आसपास भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर कम समय में तेज पानी गिर सकता है। बारिश के दौरान शहरों के निचले हिस्सों में अस्थायी जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उत्तर बस्तर कांकेर और आसपास के इलाकों में भी बादल बने रहने और बारिश की संभावना है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता स्थान के अनुसार अलग-अलग रह सकती है। बीजापुर और कोंटा जैसे क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान भी बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम में इस बदलाव के पीछे कई सिस्टम सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी की दिशा तक बनी हुई है। इसके साथ उत्तर झारखंड और आसपास के बिहार क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन परिस्थितियों से मध्य और पूर्वी भारत में नमी लगातार पहुंच रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा अलग-अलग ऊंचाई पर बने परिसंचरण और द्रोणिका का असर भी छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण बादलों को मजबूती मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश में एक साथ लगातार बारिश के बजाय अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश के दौर बन रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अगले 48 घंटे प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकते हैं। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 20 जुलाई के लिए भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">लगातार या कम समय में ज्यादा बारिश होने पर नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में छोटे पुल और रपटों के ऊपर पानी आने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में उफनते नाले या पानी से भरी सड़क को पार करने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">किसानों के लिए मौजूदा बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। धान की रोपाई और दूसरी फसलों के लिए खेतों में नमी बढ़ने से फायदा मिल सकता है। हालांकि जिन क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त पानी जमा है, वहां लगातार तेज बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी बन सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गरज-चमक के दौरान खेत में काम कर रहे किसानों को खुले स्थान से सुरक्षित जगह जाने की सलाह है। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान तालाब, नदी और दूसरे जलस्रोतों के आसपास रहना जोखिम भरा हो सकता है।</p>
<p>प्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां पूरी तरह थमने के संकेत नहीं हैं। अलग-अलग सिस्टम के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। उत्तर और मध्य हिस्सों में अगले दो दिनों तक मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है, जबकि दूसरे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के दौर देखने को मिल सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 11:15:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरबा में कंप्यूटर दुकान में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप: दो लैपटॉप पटके, संचालक को धमकाने की शिकायत; SP से मांगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[बुधवारी बाजार की घटना, दुकानदार ने पुराने विवाद और चेक बाउंस केस को लेकर दबाव बनाने का लगाया आरोप; पुलिस बोली-दोनों पक्षों की शिकायत की जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/allegation-of-vandalism-by-entering-a-computer-shop-in-korba/article-59190"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/korba-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p>शहर के बुधवारी बाजार इलाके में एक कंप्यूटर दुकान में कथित तौर पर जबरन घुसकर तोड़फोड़, गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर के संचालक अमन सोनी ने आरोप लगाया है कि पुराने विवाद के चलते एक व्यक्ति ने उनकी दुकान में पहुंचकर हंगामा किया और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। दुकान में रिपेयरिंग के लिए आए दो लैपटॉप को भी कथित तौर पर जमीन पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस विवाद में दोनों पक्षों से शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>राम जानकी मंदिर क्षेत्र, बुधवारी निवासी अमन सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि वे बुधवारी बाजार में एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर संचालित करते हैं। 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 8 से 9 बजे के बीच दुकान पर सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान बुधवारी बाजार निवासी कैलाश अग्रवाल कथित तौर पर दुकान में पहुंचा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद को लेकर वहां बहस शुरू हुई और कुछ ही देर में मामला हंगामे में बदल गया।</p>
<p>अमन सोनी के मुताबिक, विवाद के दौरान दुकान के अंदर रखे डेस्क का कांच तोड़ दिया गया। इसके बाद दुकान में ग्राहकों द्वारा रिपेयरिंग के लिए दिए गए दो लैपटॉप को भी कथित तौर पर उठाकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। दुकानदार का कहना है कि लैपटॉप ग्राहकों के थे और मरम्मत के लिए दुकान में जमा किए गए थे। ऐसे में इस नुकसान के कारण उनके सामने ग्राहकों के सामान की जिम्मेदारी से जुड़ी अलग परेशानी भी खड़ी हो गई है।</p>
<p>शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना केवल तोड़फोड़ तक सीमित नहीं रही। अमन सोनी का दावा है कि उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई तथा मारपीट भी हुई। इसके अलावा उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के समय दुकान में कर्मचारी और कुछ ग्राहक भी मौजूद बताए गए हैं। अचानक हुए विवाद के कारण दुकान में मौजूद लोग घबरा गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर वास्तविक घटनाक्रम की जांच करने की मांग की है।</p>
<p>दुकान संचालक ने पूरे विवाद के पीछे पुरानी रंजिश होने का आरोप लगाया है। अमन सोनी के अनुसार, कैलाश अग्रवाल के बेटे अक्षत अग्रवाल से संबंधित एक चेक बाउंस प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। उनका दावा है कि इसी मामले को वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था और दुकान में हुई कथित तोड़फोड़ भी इसी विवाद से जुड़ी हो सकती है। हालांकि यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p>पीड़ित ने पुलिस से यह भी जांच करने की मांग की है कि क्या दुकान में हुए विवाद का संबंध वास्तव में न्यायालय में लंबित बताए जा रहे चेक बाउंस केस से है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि घटना के पीछे कानूनी मामला वापस लेने का दबाव बनाने की मंशा थी तो इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। पुलिस के सामने अब दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे विवाद की परिस्थितियां स्पष्ट करने की चुनौती है।</p>
<p>अमन सोनी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उन्होंने सीएसईबी चौकी पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बाद उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। जब वे दोबारा पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिली और वापस भेज दिया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि उन्हें अपनी शिकायत की पावती तक नहीं दी गई। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने का फैसला किया।</p>
<p>इसके बाद अमन सोनी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आवेदन में दुकान में कथित रूप से जबरन प्रवेश करने, सामान में तोड़फोड़, दो लैपटॉप क्षतिग्रस्त करने, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।</p>
<p>दुकानदार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कथित धमकी मिलने के बाद उन्हें आशंका है कि विवाद आगे भी बढ़ सकता है। ऐसे में उन्होंने पुलिस से सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के समय दुकान में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों के बयान दर्ज किए जाएं, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।</p>
<p>इस मामले में सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी का कहना है कि विवाद से जुड़े दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना गया है। पुलिस उपलब्ध तथ्यों, शिकायतों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।</p>
<p>जांच के दौरान दुकान या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है तो उससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दुकान में विवाद कैसे शुरू हुआ, कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और तोड़फोड़ या मारपीट से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त लैपटॉप और दुकान के अन्य सामान का निरीक्षण भी जांच का हिस्सा बन सकता है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी है। बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी है। फिलहाल दुकानदार की ओर से लगाए गए तोड़फोड़, मारपीट, धमकी और पुराने कानूनी विवाद को लेकर दबाव बनाने के आरोप जांच के दायरे में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 16:45:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिलासपुर में किराना दुकान का दरवाजा तोड़कर 3 लाख की चोरी: 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, ढाई लाख कैश समेत पूरा माल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[सरकंडा के गोपाल किराना स्टोर में रात के समय हुई थी वारदात; पुलिस ने 24 वर्षीय युवक को पकड़ा, नकदी के साथ स्मार्टवॉच, चांदी का सामान और जरूरी दस्तावेज बरामद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/theft-of-rs-3-lakh-by-breaking-the-door-of/article-59189"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bilaspur-theft-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में किराना दुकान को निशाना बनाकर नकदी और कीमती सामान चोरी करने के मामले में सरकंडा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। दुकान के पीछे के रास्ते से अंदर घुसकर करीब तीन लाख रुपए की चोरी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाते हुए आरोपी तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से करीब ढाई लाख रुपए नकद समेत चोरी गया पूरा सामान बरामद किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।</p>
<p>वारदात सरकंडा थाना क्षेत्र में हर्ष किंगडम के सामने स्थित गोपाल किराना स्टोर की है। दुकान संचालक और चिंगरापारा निवासी 43 वर्षीय आशीष साहू ने घटना के बाद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 15 जुलाई की रात दुकान बंद करने के बाद वे घर चले गए थे। अगले दिन सुबह जब दुकान पहुंचे तो अंदर का सामान अस्त-व्यस्त मिला और गल्ले में रखी बड़ी रकम गायब थी।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वारदात रात करीब 10 बजे से अगले दिन सुबह 9 बजे के बीच हुई। आरोपी ने दुकान के मुख्य हिस्से से प्रवेश करने के बजाय पीछे के दरवाजे को निशाना बनाया। कथित तौर पर दरवाजे का कुंडा उखाड़कर रास्ता बनाया गया और इसके बाद दुकान के अंदर रखी नकदी तथा अन्य सामान समेट लिया गया।</p>
<p>दुकानदार ने सामान की जांच की तो गल्ले में रखे करीब 2 लाख 50 हजार रुपए नहीं मिले। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, चांदी की वस्तुएं और कई जरूरी दस्तावेज भी गायब थे। चोरी गए सामान और नकदी की कुल कीमत लगभग तीन लाख रुपए आंकी गई।</p>
<p>आरोपी ने केवल नकदी ही नहीं, बल्कि दुकान में रखी सैमसंग कंपनी की स्मार्टवॉच और इयरफोन भी कथित तौर पर चोरी कर लिए थे। इसके साथ चांदी के सिक्के और कुछ मूर्तियां भी गायब मिलीं। दुकान संचालक के निजी और जरूरी दस्तावेज भी मौके से नहीं मिले।</p>
<p>चोरी हुए दस्तावेजों में पैन कार्ड, आधार कार्ड और वाहन से संबंधित आरसी बुक शामिल बताई गई। नकदी और सामान के साथ जरूरी दस्तावेज गायब होने के कारण दुकानदार ने तत्काल सरकंडा पुलिस को घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।</p>
<p>सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुकान में प्रवेश के संभावित रास्ते और वारदात के तरीके को समझने के साथ आसपास के क्षेत्र से भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों और ऐसे लोगों के बारे में पता लगाना शुरू किया, जो घटना के समय इलाके में सक्रिय हो सकते थे।</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना मिली। पुलिस के अनुसार जानकारी सामने आई कि अशोक नगर स्थित शिव मंदिर के आसपास रहने वाले एक युवक के पास चोरी से संबंधित कुछ सामान हो सकता है। सूचना के आधार पर टीम ने संदिग्ध की गतिविधियों और उसके ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई।</p>
<p>इसके बाद पुलिस ने अशोक नगर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 24 वर्षीय शुभम यादव को उसके घर से हिरासत में लिया। पुलिस उसे थाने लेकर पहुंची और चोरी की वारदात को लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में मिले जवाबों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उससे विस्तृत पूछताछ की।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान शुभम यादव ने गोपाल किराना स्टोर में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी घटना के समय नशे की हालत में था और उसने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दुकान में सेंध लगाई। दुकान के पीछे का दरवाजा तोड़कर वह अंदर पहुंचा और वहां रखी नकदी समेत अन्य सामान लेकर फरार हो गया।</p>
<p>आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी गए सामान की तलाश शुरू की। उसकी निशानदेही पर अलग-अलग वस्तुएं बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में दुकान से गायब हुए करीब ढाई लाख रुपए नकद भी मिल गए।</p>
<p>इसके साथ ही चोरी की गई स्मार्टवॉच, इयरफोन, चांदी के सिक्के और मूर्तियां भी पुलिस ने बरामद करने का दावा किया है। पैन कार्ड, आधार कार्ड और आरसी बुक जैसे जरूरी दस्तावेज भी बरामदगी में शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत में बताए गए चोरी के सामान की शत-प्रतिशत रिकवरी कर ली गई है।</p>
<p>इस मामले में पुलिस के लिए बड़ी चुनौती नकदी की बरामदगी थी। आमतौर पर चोरी की रकम आरोपी द्वारा खर्च किए जाने या अलग-अलग जगह छिपाए जाने की आशंका रहती है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि त्वरित कार्रवाई के कारण चोरी की बड़ी रकम आरोपी के कब्जे से बरामद करने में सफलता मिली।</p>
<p>शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं को जांच का आधार बनाया। संदिग्ध के बारे में जानकारी मिलते ही टीम ने कार्रवाई की और करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और बरामदगी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।</p>
<p>पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और आरोपी से हुई पूछताछ के आधार पर वारदात के तरीके को भी समझने की कोशिश की। जांच में यह पता लगाया गया कि आरोपी ने दुकान को पहले से चिन्हित किया था या अचानक वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। इसके साथ यह भी जांचा गया कि चोरी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।</p>
<p>सरकंडा पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में गिरफ्तार युवक की भूमिका सामने आई है। आरोपी के कब्जे से चोरी का सामान मिलने के बाद बरामद वस्तुओं की पहचान और कानूनी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। नकदी समेत बरामद सभी सामान को प्रकरण में जब्त किया गया है।</p>
<p>आरोपी शुभम यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के सामने पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रकरण से संबंधित अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 16:44:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में 26 जुलाई को जुटेंगी छत्तीसगढ़ की सिंधी पंचायतें: 120 पंचायतों के मुखी करेंगे मंथन, नए संविधान से लेकर पारिवारिक विवादों तक होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[जोरा में प्रदेश स्तरीय ‘मुखी संवाद’ का आयोजन होगा, जिसमें समाज की एकजुटता, संगठन और सामाजिक समस्याओं के समाधान पर पंचायत प्रतिनिधि अपने सुझाव रखेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a5ca864933d0/article-59186"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mukhi-samvad-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज को संगठित करने, पंचायतों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और समाज से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने के लिए रायपुर में बड़ा प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत की ओर से 26 जुलाई को ‘मुखी संवाद’ कार्यक्रम रखा गया है। राजधानी के जोरा स्थित प्रतिष्ठा द बैंक्वेट हॉल में होने वाले इस आयोजन में प्रदेश के अलग-अलग शहरों और जिलों की करीब 120 सिंधी पंचायतों के मुखी और प्रमुख पदाधिकारी एक मंच पर जुटेंगे।</p>
<p>इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही सिंधी पंचायतों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में समाज के सामने आ रही चुनौतियों, संगठनात्मक जरूरतों और सामाजिक समस्याओं को साझा करेंगे। साथ ही भविष्य में प्रदेश स्तर पर पंचायतों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए किस तरह की व्यवस्था विकसित की जाए, इस पर भी विचार किया जाएगा।</p>
<p>आयोजकों के मुताबिक, ‘मुखी संवाद’ को केवल औपचारिक सम्मेलन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें अलग-अलग पंचायतों के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और सुझाव देने का अवसर मिलेगा। समाज की एकता को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने, संगठन के विस्तार और पंचायतों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा रहेंगे।</p>
<p>सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण एजेंडा पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के प्रस्तावित नए संविधान को लेकर होगा। संगठनात्मक व्यवस्था को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए तैयार किए जा रहे संविधान के विभिन्न पहलुओं पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी। इसमें प्रतिनिधियों की राय और सुझाव लिए जाने की योजना है। विचार-विमर्श के बाद सहमति के आधार पर इसे आगे लागू करने की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा।</p>
<p>नए संविधान के जरिए संगठन के संचालन, पंचायतों के बीच समन्वय, पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और सामाजिक मामलों में पंचायत की भूमिका को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने की दिशा में विचार किया जा सकता है। प्रदेशभर की पंचायतों को एक साझा व्यवस्था से जोड़ने के लिए भी प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे जाएंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर सामने आ रही समस्याएं भी चर्चा का प्रमुख विषय होंगी। आयोजकों के अनुसार, बदलती जीवनशैली के बीच परिवारों और रिश्तों में बढ़ती दूरियां, आपसी संवाद की कमी, भरोसे से जुड़े सवाल और पारिवारिक विवाद जैसी स्थितियों को लेकर पंचायत प्रतिनिधि मंथन करेंगे।</p>
<p>ऐसे मामलों में सामाजिक पंचायतें किस सीमा तक सकारात्मक भूमिका निभा सकती हैं और विवादों को बढ़ने से पहले बातचीत के जरिए कैसे सुलझाया जा सकता है, इसे लेकर भी सुझाव सामने आने की उम्मीद है। प्रयास यह रहेगा कि अलग-अलग पंचायतों के अनुभवों को साझा कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर परिवारों को संवाद और सामाजिक स्तर पर उचित मार्गदर्शन मिल सके।</p>
<p>समाज के भीतर आपसी संपर्क को मजबूत करना भी सम्मेलन के एजेंडे में शामिल रहेगा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सिंधी समाज की पंचायतें स्थानीय स्तर पर कई सामाजिक, धार्मिक और सेवा गतिविधियां संचालित करती हैं। ‘मुखी संवाद’ के जरिए इन पंचायतों के बीच सूचनाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए बेहतर नेटवर्क तैयार करने पर बातचीत होगी।</p>
<p>आयोजन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में रायपुर की विभिन्न सिंधी पंचायतों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 26 जुलाई को होने वाले प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई और शहर की पंचायतों को औपचारिक रूप से आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया।</p>
<p>तैयारी बैठक में कार्यक्रम से जुड़े अलग-अलग कामों का विभाजन भी किया गया। आयोजन स्थल की व्यवस्था से लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रतिनिधियों के समन्वय तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग लोगों को सौंपी गई हैं। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने आयोजन को व्यापक स्वरूप देने और अधिक से अधिक पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।</p>
<p>आयोजकों का प्रयास है कि प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों और कस्बों में सक्रिय सिंधी पंचायतों के प्रतिनिधि सम्मेलन में मौजूद रहें। करीब 120 पंचायतों की संभावित भागीदारी के कारण इसे प्रदेश स्तर पर सिंधी समाज के महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि अलग-अलग पंचायतों के बीच नियमित संवाद होना जरूरी है। स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली कई समस्याओं का स्वरूप एक जैसा होता है, लेकिन पंचायतें अलग-अलग तरीके से उनका समाधान करती हैं। यदि इन अनुभवों को साझा किया जाए तो अन्य पंचायतों को भी उससे मदद मिल सकती है।</p>
<p>कार्यक्रम में समाज के विकास से जुड़े दीर्घकालिक विषयों पर भी सुझाव लिए जाएंगे। सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ाने, युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और विभिन्न आयु वर्गों को पंचायत की गतिविधियों से जोड़ने जैसे मुद्दों पर प्रतिनिधि अपनी राय रख सकेंगे।</p>
<p>‘मुखी संवाद’ में समाज के वरिष्ठ लोगों के अनुभवों और युवा पीढ़ी की सोच के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। बदलते सामाजिक परिवेश में पंचायतों की परंपरागत भूमिका के साथ उनकी नई जिम्मेदारियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।</p>
<p>तैयारियों को लेकर हुई बैठक में बाबा मुरलीधर उदासी, प्रदेश अध्यक्ष महेश दरयानी, अमित चिमनानी, बलराम आहूजा, अमर पारवानी, राज विक्रम, गिरीश लहजा, कैलाश बालानी, अच्छूमल गावरी, अर्जुनदास ओछवानी, रमेश मिर्घानी, जीवत बजाज, तनैश आहूजा, जोधाराम वधवाणी, प्रकाश रहेजा और मुरलीधर केवलानी सहित समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।</p>
<p>इसके अलावा हरनाम तलरेजा, गुरुनामल रोहरा, सतरामदास बजाज और नरसा लालवानी समेत विभिन्न पंचायतों से जुड़े मुखियों ने बैठक में अपने सुझाव रखे। प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम को समाज के लिए उपयोगी बनाने और प्रदेश की पंचायतों के बीच संवाद को लगातार जारी रखने की जरूरत पर अपनी बात रखी।</p>
<p>आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने में विकास रूपरेला, अनिल लाहौरी, मनीष पंजवानी और अमर चंदानी की प्रमुख भूमिका बताई गई है। संस्था के सह-प्रवक्ता गौरव मंधानी के अनुसार, सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश की पंचायतों को एक मंच पर लाकर सामाजिक और संगठनात्मक विषयों पर खुली चर्चा की जाएगी।</p>
<p>26 जुलाई को होने वाले सम्मेलन में पंचायतों के प्रतिनिधियों से मिले सुझावों को दर्ज करने और महत्वपूर्ण विषयों पर साझा राय विकसित करने की तैयारी है। नए संविधान के प्रस्ताव पर चर्चा के साथ पंचायतों की भविष्य की कार्यप्रणाली, आपसी समन्वय और सामाजिक समस्याओं में उनकी भूमिका को लेकर भी प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 16:44:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में मानसून फिर आक्रामक, कुसमी में 28 सेमी बारिश; अगले 48 घंटे कई इलाकों में भारी वर्षा का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[लो-प्रेशर सिस्टम और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश का जोर बढ़ा, कुसमी में 24 घंटे में 28 सेमी पानी बरसा; रायपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/monsoon-again-aggressive-in-chhattisgarh-28-cm-rain-in-kusmi/article-59158"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cg-monsoon-update-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही बारिश अब कई क्षेत्रों में तेज दौर में बदल गई है। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां अधिक सक्रिय दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुसमी में 24 घंटे के दौरान करीब 28 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पहले बिलासपुर में भी करीब इतनी ही भारी वर्षा दर्ज की गई थी। लगातार दो अलग-अलग अवधियों में इतनी अधिक बारिश दर्ज होना बताता है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस समय बेहद मजबूत वर्षा वाले बादल सक्रिय हो रहे हैं।</p>
<p>प्रदेश में बारिश का मौजूदा दौर केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। कुसमी के अलावा पुसौर में करीब 16 सेंटीमीटर, बिलासपुर और अकलतरा में लगभग 14-14 सेंटीमीटर, पामगढ़ में 12 सेंटीमीटर और पेंड्रा में करीब 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी है। मस्तूरी, लवन, बैकुंठपुर और पाली सहित कई इलाकों में भी अच्छी वर्षा हुई है।</p>
<p>इसके ठीक पहले बिलासपुर में बेहद तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया था। बिलासपुर में लगभग 276 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होने के बाद कई निचले इलाकों में पानी भर गया था। अकलतरा, गिधौरी, मैनपुर, नवागढ़, सीपत और रायपुर के आसपास भी अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में बन रहे भारी वर्षा के केंद्रों ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है, क्योंकि कम समय में बहुत ज्यादा पानी गिरने से शहरी जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का जोखिम बढ़ जाता है।</p>
<p>मौसम में आए इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों की भूमिका बताई जा रही है। बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास बने सिस्टम मानसूनी हवाओं को मजबूत कर रहे हैं। नमी से भरी हवाओं के लगातार मध्य और पूर्वी भारत की तरफ आने से छत्तीसगढ़ में बादल बनने और बारिश की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के कारण तेज बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकते हैं। उत्तर और मध्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर बादलों की मजबूत संरचना बनने पर बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है। ऐसे में एक ही जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश की मात्रा में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। कहीं लगातार हल्की-मध्यम बारिश हो सकती है तो कुछ किलोमीटर दूर कम समय में बहुत तेज पानी गिर सकता है।</p>
<p>कोरबा और मुंगेली जैसे क्षेत्रों के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना वाले संकेत हैं। मौसम विभाग के कृषि-मौसम पूर्वानुमान में 19 जुलाई के लिए कोरबा और मुंगेली में भारी वर्षा के साथ गरज-चमक की संभावना दर्शाई गई है। इसके बाद मौसम प्रणाली की स्थिति के अनुसार बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है।</p>
<p>राजधानी रायपुर में भी दिनभर मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच कुछ दौर में बारिश हो सकती है। स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलने वालों के लिए छाता या रेनकोट साथ रखना उपयोगी रहेगा। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने और ट्रैफिक की गति धीमी होने की आशंका भी रहती है।</p>
<p>प्रदेश के जिन जिलों में बारिश की गतिविधि बनी रहने की संभावना है, उनमें कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हालांकि बारिश की तीव्रता हर जिले और हर स्थान पर समान नहीं रहने वाली है।</p>
<p>उत्तर छत्तीसगढ़ में सरगुजा संभाग के इलाकों पर विशेष नजर बनी हुई है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश होने पर छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ सकता है। कुसमी में दर्ज हुई 28 सेंटीमीटर बारिश इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय स्तर पर बादल बेहद तीव्र वर्षा करा सकते हैं। ऐसी स्थिति में निचले इलाकों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत रहती है।</p>
<p>बिलासपुर संभाग में भी बारिश का असर पिछले दिनों काफी मजबूत रहा है। बिलासपुर शहर में हुई अत्यधिक वर्षा के बाद जलभराव की स्थिति सामने आई थी। अब यदि कैचमेंट क्षेत्रों में दोबारा तेज बारिश होती है तो नदी-नालों और जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ सकती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने और कच्चे रास्तों के प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।</p>
<p>मानसून की सक्रियता खेती के लिहाज से राहत भी लेकर आई है। धान की खेती वाले छत्तीसगढ़ में जुलाई की बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। खेतों में पर्याप्त पानी मिलने से रोपाई और अन्य कृषि गतिविधियों को गति मिलती है। जिन इलाकों में पहले बारिश कमजोर थी, वहां नई वर्षा से मिट्टी की नमी बेहतर हो सकती है। हालांकि बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव भी फसलों के लिए समस्या बन सकता है।</p>
<p>गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली भी मानसून सीजन का बड़ा जोखिम है। खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में मौजूद लोगों को बिजली चमकने और बादल गरजने की स्थिति में सुरक्षित पक्की जगह पर जाना चाहिए। बारिश के दौरान उफनते नालों और जलमग्न पुलों को पार करने से बचना भी जरूरी है।</p>
<p>हाल की तेज बारिश से प्रदेश में मानसून की समग्र स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है। जुलाई के शुरुआती दिनों में लगातार दो दिन हुई व्यापक बारिश ने राज्य की मौसमी वर्षा की कमी को घटाकर लगभग 13 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था, जो मौसम विभाग की सामान्य वर्षा की श्रेणी के दायरे में आता है। इसके बाद अलग-अलग जिलों में हुई भारी बारिश से स्थानीय स्तर पर वर्षा के आंकड़ों में और बदलाव हो रहा है।</p>
<p>पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में बारिश का पैटर्न काफी असमान है। एक समय बिलासपुर में करीब 28 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई और इसके बाद कुसमी में भी 28 सेंटीमीटर के आसपास वर्षा दर्ज की गई। इसका मतलब यह नहीं कि पूरे प्रदेश में समान मात्रा में बारिश हो रही है, बल्कि मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से अलग-अलग समय पर अलग क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश वाले पॉकेट बन रहे हैं।</p>
<p>मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान में 19 और 20 जुलाई के दौरान छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बने रहने के संकेत हैं। इसके साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की स्थिति पैदा हो सकती है। पूर्वी और मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 12:11:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर में सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा आज, 149 बस ऑपरेटरों पर कार्रवाई की तलवार; बैद्यनाथ धाम के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में आज भर्ती परीक्षा से लेकर परिवहन विभाग की सख्ती तक कई अहम अपडेट हैं, सावन में बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेन की घोषणा की है, वहीं रायपुर में दिनभर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/assistant-commandant-recruitment-exam-in-raipur-today-action-taken-against/article-59154"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cg-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ में रविवार, 19 जुलाई को कई महत्वपूर्ण गतिविधियों पर नजर रहेगी। राजधानी रायपुर में संघ लोक सेवा आयोग की सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और पहचान सत्यापन की विशेष व्यवस्था की है। दूसरी ओर, परिवहन विभाग ने नियमों के अनुरूप व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस नहीं लगाने वाले 149 बस संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। सावन के दौरान झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे ने राहत देते हुए इतवारी से मधुपुर के बीच विशेष साप्ताहिक ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। राजधानी में रविवार को धार्मिक शोभायात्रा, जयंती समारोह, कार्यशाला और सामाजिक बैठकों समेत कई आयोजन भी प्रस्तावित हैं।</p>
<h5><strong>चार केंद्रों पर होगी सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा</strong></h5>
<p>संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित CAPF सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा-2026 के लिए रायपुर में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।</p>
<p>परीक्षा को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश के दौरान फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग भी अनिवार्य रखी गई है।</p>
<p>कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा है कि केंद्रों पर उम्मीदवारों को बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। बिजली, पीने का पानी और बैठने की व्यवस्था पहले ही जांचने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों को यूपीएससी की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।</p>
<p>अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच और डिजिटल पहचान सत्यापन जैसी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इससे परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले केंद्र पर भीड़ या देरी की स्थिति से बचा जा सकेगा।</p>
<h5><strong>149 बस संचालकों को नोटिस, परमिट पर भी हो सकती है कार्रवाई</strong></h5>
<p>छत्तीसगढ़ में यात्री बसों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के 149 बस ऑपरेटरों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस यानी VLTD से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर नोटिस जारी किए गए हैं।</p>
<p>संबंधित बस संचालकों को 23 जुलाई तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। विभाग की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन से जोड़कर देखी जा रही है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देने या आवश्यक नियम पूरे नहीं करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसमें संबंधित वाहनों के परमिट पर कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।</p>
<p>कुछ बस ऑपरेटरों का कहना है कि उनके वाहनों में पहले से GPS आधारित लोकेशन सिस्टम मौजूद है। हालांकि, परिवहन विभाग निर्धारित मानकों के अनुसार VLTD लगाने पर जोर दे रहा है। यह तकनीक वाहनों की रियल टाइम लोकेशन और आवाजाही की निगरानी में इस्तेमाल होती है। सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से इसे महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p>अब नोटिस पाने वाले ऑपरेटरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेजों और तकनीकी अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। जवाबों की समीक्षा के बाद विभाग आगे की कार्रवाई तय कर सकता है।</p>
<h5><strong>बाबा बैद्यनाथ धाम के श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेन</strong></h5>
<p>सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा की योजना बना रहे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने अतिरिक्त रेल सुविधा देने की तैयारी की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी और मधुपुर के बीच साप्ताहिक श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।</p>
<p>विशेष ट्रेन अगस्त में दोनों दिशाओं में पांच-पांच फेरे लगाएगी। इससे रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ समेत कई क्षेत्रों से झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।</p>
<p>इतवारी से मधुपुर जाने वाली विशेष ट्रेन 1 अगस्त से 29 अगस्त के बीच प्रत्येक शनिवार को संचालित की जाएगी। ट्रेन सुबह 4:30 बजे इतवारी से रवाना होगी। इसके मार्ग में डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ट्रेन अगले दिन सुबह करीब 6 बजे मधुपुर पहुंचेगी।</p>
<p>वापसी दिशा में मधुपुर से इतवारी के लिए स्पेशल ट्रेन 2 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। यह सुबह 9 बजे मधुपुर से रवाना होगी और विभिन्न प्रमुख स्टेशनों से होते हुए इतवारी पहुंचेगी।</p>
<p>श्रावण के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में विशेष ट्रेन शुरू होने से नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।</p>
<h5><strong>सदर बाजार से निकलेगा मंगल प्रवेश और वरघोड़ा</strong></h5>
<p>रायपुर में रविवार सुबह धार्मिक आयोजन के साथ दिन की शुरुआत होगी। श्रीऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट और चातुर्मास समिति की ओर से मंगल प्रवेश एवं वरघोड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम सुबह 8 बजे से शुरू होगा। यात्रा सदर बाजार स्थित श्रीऋषभदेव मंदिर से प्रारंभ होकर एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तक पहुंचेगी। आयोजन में समाज के लोगों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
<h5><strong>डॉ. बघेल जयंती पर नरदहा में आयोजन</strong></h5>
<p>मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज की ओर से डॉ. बघेल जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम रखे गए हैं। सुबह 8 बजे नवीन मार्केट में स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।</p>
<p>इसके बाद कार्यक्रम का अगला चरण नरदहा स्थित समाज के बहुउद्देशीय भवन में आयोजित होगा। सुबह 11 बजे से यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। समाज के पदाधिकारी और सदस्य कार्यक्रम में शामिल होंगे।</p>
<h5><strong>‘प्यार का नगमा’ कार्यक्रम दोपहर में</strong></h5>
<p>जेसीआई रायपुर मोबाइल की ओर से रविवार को ‘प्यार का नगमा’ नाम से विशेष आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा।</p>
<p>इसका आयोजन विशाल नगर क्षेत्र में गौरव गार्डन के पास स्थित मधुबन फार्म हाउस में किया जाएगा। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े सदस्य और आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे।</p>
<h5><strong>‘हिंदवी स्वराज्य से साम्राज्य तक’ विषय पर कार्यशाला</strong></h5>
<p>इतिहास और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े विषयों में रुचि रखने वालों के लिए रायपुर में विशेष कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसका विषय ‘हिंदवी स्वराज्य से साम्राज्य तक’ रखा गया है।</p>
<p>कार्यक्रम का आयोजन छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति और श्रीशिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल पुणे की ओर से किया जाएगा। कार्यशाला चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के सभागृह में सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी।</p>
<p>कार्यक्रम में हिंदवी स्वराज्य की अवधारणा, छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक योगदान और उनके शासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।</p>
<h5><strong>सतनामी समाज की बैठक दोपहर 2 बजे</strong></h5>
<p>गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी और सतनामी समाज की ओर से रविवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक न्यू राजेंद्र नगर स्थित अकादमी भवन में दोपहर 2 बजे से शुरू होगी।</p>
<p>बैठक में समाज से जुड़े विभिन्न विषयों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी प्रस्तावित है।</p>
<h5><strong>सरजूबांधा श्मशान घाट को लेकर जुटेंगे स्थानीय लोग</strong></h5>
<p>सरजूबांधा श्मशान घाट से जुड़े मुद्दे को लेकर रविवार सुबह स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी बैठक करेंगे। बैठक सुबह 9 बजे से श्मशान घाट परिसर में आयोजित की जाएगी।</p>
<p>इस दौरान श्मशान घाट को सुरक्षित रखने और उससे संबंधित स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ मोहल्लेवासियों की भागीदारी भी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:45:28 +0530</pubDate>
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