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                <title>सत्यकथा - दैनिक जागरण</title>
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                <title>पत्नी के इश्क और पैसे के खेल में पान दुकानदार की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ के पारा इलाके में पान दुकानदार नरेश की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया, पत्नी और पति समेत एक दोस्त पर साजिश रचने का आरोप, तीनों गिरफ्तार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/paan-shopkeeper-murdered-due-to-wifes-love-and-money-game/article-57572"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/lucknow-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में सामने आए पान दुकानदार नरेश की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। शुरुआत में यह मामला किसी लूट या अज्ञात हमले जैसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच में जो सच सामने आया उसने रिश्तों और भरोसे की पूरी कहानी ही बदल दी। जांच के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतक के करीबी दोस्त मोनू, उसकी पत्नी हिना और एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या किसी अचानक गुस्से का नतीजा नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही आपसी खींचतान, आर्थिक दबाव और व्यक्तिगत संबंधों के उलझे हुए ताने-बाने का परिणाम थी। यह घटना उस समय सामने आई जब नवंबर महीने के अंतिम दिनों में सुबह-सुबह स्थानीय लोगों ने एक सुनसान गली के मोड़ पर एक युवक का शव देखा। शव के गले पर तार से दबाने के निशान स्पष्ट थे और शरीर पर चोटों के संकेत भी मौजूद थे। सबसे अहम बात यह थी कि मृतक के पैरों में जूते-चप्पल नहीं थे, जिससे पुलिस को शक हुआ कि हत्या कहीं और की गई है और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया है। मौके की स्थिति देखकर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और शव की पहचान नरेश के रूप में हुई, जो इलाके में पान की दुकान चलाता था और स्थानीय लोगों के बीच जाना-पहचाना चेहरा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिनाख्त के बाद पुलिस ने नरेश के सामाजिक और निजी संबंधों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि उसका मोनू नाम के व्यक्ति से गहरा दोस्ताना संबंध था और वह अक्सर उसके घर आता-जाता था। इसी दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि नरेश की मोनू की पत्नी हिना से भी नजदीकी बढ़ रही थी। यह जानकारी मिलते ही जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने मोनू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में मोनू ने स्वीकार किया कि नरेश उसके घर आता था और उसकी उससे दोस्ती थी, लेकिन उसने हत्या में अपनी भूमिका से इनकार किया। हालांकि पुलिस को शुरुआती जांच में ही कई विरोधाभास नजर आने लगे। घटनास्थल से मिले सुराग और मोनू के घर के आसपास के हालात मेल खाते दिखाई दे रहे थे। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले। फुटेज में घटना वाली रात कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिसमें मोनू और एक अन्य व्यक्ति की गतिविधियां शामिल थीं। जब पुलिस ने हिना और मोनू से अलग-अलग पूछताछ की तो दोनों के बयानों में काफी अंतर पाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला धीरे-धीरे खुलने लगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के अनुसार मोनू ने बताया कि नरेश और उसकी पत्नी हिना के बीच पिछले कुछ समय से नजदीकियां बढ़ रही थीं। नरेश आर्थिक रूप से मजबूत था, जबकि मोनू मजदूरी करता था और पैसों की तंगी से जूझ रहा था। इसी असंतुलन के बीच नरेश अक्सर मोनू के घर आने लगा था और धीरे-धीरे उसके और हिना के बीच संबंध गहरे होते चले गए। शुरुआत में मोनू इस स्थिति को नजरअंदाज करता रहा क्योंकि उसे नरेश से आर्थिक मदद मिलती थी और घर का खर्च चल रहा था, लेकिन समय के साथ यह स्थिति उसके लिए असहनीय होती गई। जांच में यह भी सामने आया कि हिना को भी नरेश से आर्थिक मदद मिलने लगी थी और धीरे-धीरे वह उसके करीब होती चली गई। नरेश इस पूरे रिश्ते को एकतरफा अधिकार की तरह देखने लगा था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण होती गई। पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन शराब के दौरान विवाद बढ़ा और उसी दौरान मोनू ने अपने एक साथी को बुला लिया। आरोप है कि नरेश को घर के अंदर बुलाकर जब वह हिना के साथ था, तभी पीछे से तार से उसका गला घोंट दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कुछ समय तक घर में ही छिपाए रखा। इसके बाद देर रात उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई और शव को सुनसान गली में फेंक दिया गया ताकि यह किसी बाहरी वारदात जैसा लगे। पुलिस ने मौके से मिले तार और अन्य भौतिक साक्ष्यों को जब्त कर लिया है और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की रही, जिनके आधार पर पूरी कड़ी जुड़ती गई। शुरुआत में यह मामला अंधी हत्या जैसा लग रहा था, लेकिन जांच ने इसे एक जटिल रिश्तों के विवाद में बदल दिया। पुलिस का यह भी कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की जांच में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:38:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रिटायर्ड अधिकारी की पड़ोसी महिला की हत्या में गिरफ्तारी, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी</title>
                                    <description><![CDATA[झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे मिला महिला का शव, पुलिस जांच में पड़ोसी रिटायर्ड अधिकारी और उसके नौकर की कथित भूमिका सामने आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/retired-officer-arrested-for-murder-of-neighbor-woman-police-solved/article-57571"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/jhansi-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक महिला की हत्या का मामला पुलिस की तफ्तीश के बाद सुलझ गया। कानपुर हाईवे की सर्विस रोड किनारे मिले शव की पहचान पूंछ थाना क्षेत्र की रहने वाली मालती (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई। शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल से मिले कुछ छोटे सुरागों ने हत्या की पूरी गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि महिला की हत्या उसके पड़ोसी और परिचित रिटायर्ड अधिकारी ने कथित तौर पर विवाद के बाद की, जबकि शव को ठिकाने लगाने में उसके नौकर ने भी साथ दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस के अनुसार 21 दिसंबर की सुबह किसी राहगीर ने पूंछ थाना पुलिस को सूचना दी कि कानपुर हाईवे की सर्विस रोड के किनारे एक महिला का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस को आशंका हुई कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से एक तार का टुकड़ा और सरसों के कुछ पत्ते भी बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया। पोस्टमार्टम और पहचान की कार्रवाई के बाद मृतका की पहचान मालती के रूप में हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/retired-officer.jpg" alt="Retired Officer" width="1366" height="712"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के दौरान पुलिस ने महिला के परिवार, परिचितों और पड़ोसियों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में पता चला कि मालती पिछले कई वर्षों से अपने परिवार से अलग रह रही थीं। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि उनका पड़ोस में रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी रामप्रसाद (बदला हुआ नाम) के घर अक्सर आना-जाना था। दोनों अकेले रहते थे, इसलिए पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया। पुलिस टीम जब पूछताछ के लिए रामप्रसाद के घर पहुंची तो वहां कुछ ऐसे संकेत मिले जिन्होंने संदेह और गहरा कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक घर में वैसा ही तार और सरसों के पत्ते दिखाई दिए जैसे घटनास्थल से बरामद हुए थे। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस का दावा है कि फुटेज में देर रात रामप्रसाद अपने नौकर के साथ एक भारी वस्तु कार में रखते और घर से बाहर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि घटना वाली रात दोनों के बीच विवाद हुआ था। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से परिचय था और घटना वाले दिन कहासुनी के बाद गुस्से में महिला का गला तार से दबा दिया गया। इसके बाद शव को करीब 15 घंटे तक घर में रखा गया और रात के अंधेरे में नौकर की मदद से कार में रखकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तार और शव ले जाने में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/jhansi-news.jpg" alt="Jhansi News" width="1366" height="770"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले में घटनास्थल से मिले छोटे-छोटे भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जांच सबसे अहम साबित हुई। यदि घटनास्थल से बरामद तार और सरसों के पत्तों को गंभीरता से नहीं लिया जाता तो जांच लंबी खिंच सकती थी। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पूरी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी और मृतका के बीच संबंधों तथा घटना के पीछे की परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच की गई है। हालांकि इन व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि वर्षों से एक-दूसरे को जानने वाले लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:38:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>भैंस खरीदने के लिए दोस्त ने करवाई करोड़ों की चोरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना के नंदपुरा गांव में रिटायर्ड फौजी के घर 55 लाख की चोरी का खुलासा, बचपन के दोस्त ने ही अपराधियों को दी थी रेकी की जानकारी, पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/friend-got-crores-of-rupees-stolen-to-buy-buffalo/article-57570"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/morena-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। नंदपुरा गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर हुई करीब 55 लाख रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि चोरी की पूरी साजिश कथित तौर पर विष्णु के करीबी दोस्त रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार ने रची। पुलिस का दावा है कि उसने महज एक भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये पाने की लालच में अपने ही दोस्त के घर की पूरी जानकारी बदमाशों को दे दी।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/morena-theft-case.jpg" alt="Morena Theft Case" width="1366" height="1057"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक घटना 21 और 22 मई की दरम्यानी रात की है। अगले दिन सुबह रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर उनके बेटे के रिश्ते के सिलसिले में मेहमान आने वाले थे। परिवार पूरे दिन मेहमानों की आवभगत में व्यस्त रहा। शाम करीब पांच बजे जब मेहमान विदा हो गए तो विष्णु अपने कमरे में पहुंचे। वहां उनकी लाइसेंसी .315 बोर बंदूक अपनी जगह पर नहीं थी। पहले उन्हें लगा कि शायद बंदूक कहीं और रख दी गई होगी, लेकिन जब पूरे घर की तलाशी ली गई तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान भी गायब मिला। छत से पीछे खेत की ओर देखने पर टूटे हुए सूटकेस पड़े मिले, जिससे साफ हो गया कि घर में बड़ी चोरी हुई है। चोरी की खबर फैलते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने घर आए मेहमानों पर भी संदेह जताया। पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में इस एंगल को देखा, लेकिन जल्द ही जांच की दिशा बदल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने चार विशेष जांच टीमों का गठन किया। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध वाहनों की गतिविधियां और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/ramprakash-rampa.jpg" alt="Ramprakash Rampa" width="1366" height="913"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र का 32 हजार रुपये का इनामी बदमाश रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर हाल के दिनों में नंदपुरा इलाके में देखा गया था। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की जांच में पुलिस को रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार का नाम सामने मिला। रम्पा कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़ित विष्णु सिकरवार का वर्षों पुराना घनिष्ठ मित्र था। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था और घर के हर कमरे, अलमारी और सामान की जानकारी रखता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि कुछ दिन पहले स्वरूपा गुर्जर के बेटे के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में रम्पा भी पहुंचा था। वहीं बातचीत के दौरान उसने कथित रूप से बताया कि उसे भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये की जरूरत है। पुलिस के अनुसार इसी दौरान स्वरूपा ने किसी संपन्न घर की जानकारी देने के बदले रकम देने की बात कही। आरोप है कि रम्पा ने अपने दोस्त विष्णु सिकरवार के घर की पूरी जानकारी दे दी और बताया कि घर में जेवर और नकदी मौजूद है। इसके बाद चोरी की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार 21 मई की रात आरोपी पीछे के खेत के रास्ते घर में दाखिल हुए। उन्हें पहले से पता था कि किस कमरे में क्या रखा है। आरोपियों ने अलमारी और बक्सों से नकदी, सोने-चांदी के जेवर और लाइसेंसी बंदूक चोरी कर ली। सामान को सूटकेस में भरकर खेत की ओर ले जाया गया, जहां अनावश्यक सामान छोड़कर आरोपी कार से फरार हो गए। परिवार को पूरी घटना की जानकारी अगले दिन तब लगी, जब मेहमानों के जाने के बाद घर का सामान देखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/vishnu-sikarwar.jpg" alt="Vishnu Sikarwar" width="1366" height="771"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर, उसके भाई राहुल उर्फ गूंगा, प्रदीप गुर्जर, देशराज उर्फ देसा, जसरथ उर्फ कल्लू और रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार रम्पा के पास से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए, जो कथित तौर पर उसे चोरी की जानकारी देने के बदले दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर 32 हजार रुपये का इनाम घोषित था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से मुरैना, भिंड और ग्वालियर क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। पुलिस अब चोरी का शेष सामान बरामद करने और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जिस व्यक्ति को परिवार अपना सबसे करीबी मानता था, उसी पर घर की जानकारी देकर चोरी कराने का आरोप लगा है। हालांकि पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:37:48 +0530</pubDate>
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                <title>सोशल मीडिया दोस्ती से फंसी युवती, पांच साल का शोषण मामला</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के जामिया नगर में दर्ज FIR में युवती ने यौन शोषण, धमकी और जबरन निकाह के गंभीर आरोप लगाए, पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/five-years-old-exploitation-case-of-girl-trapped-due-to/article-57569"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/meerut-faheem-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">राजधानी दिल्ली के जामिया नगर थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। 23 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे एक लंबे शोषण, धमकी और बंधक जैसी स्थिति में बदल गई। पीड़िता का कहना है कि उसे प्रेम के जाल में फंसाकर कई वर्षों तक मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पीड़िता की पहचान बदलकर सामने आई शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2021 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक युवक से उसकी बातचीत शुरू हुई थी।<img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/delhi-news.jpg" alt="Delhi News" width="1366" height="1037"></img></p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><br />शुरुआत में यह बातचीत सामान्य दोस्ती तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता गहराता गया। पीड़िता का आरोप है कि युवक ने पहले खुद को अलग पहचान के साथ पेश किया और बाद में उस पर मिलने और रिश्ते में बने रहने का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार मुलाकातों के दौरान कथित तौर पर उसे नशीला पदार्थ दिए जाने और उसके साथ शोषण की घटनाओं का दावा किया गया है। इसके बाद आरोपी द्वारा वीडियो बनाकर धमकाने और ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि धमकी और डर के कारण वह लंबे समय तक चुप रही और आरोपी के संपर्क में बनी रही। आरोप है कि इस दौरान उसे बार-बार अलग-अलग स्थानों पर बुलाया जाता था और विरोध करने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में उसे एक अन्य स्थान पर ले जाकर जबरन रोके रखा गया और वहां उसकी पहचान और निजी स्वतंत्रता को सीमित कर दिया गया। इस पूरे मामले में पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके परिवार को गुमराह करने के लिए गलत जानकारी दी गई, जिससे वह लंबे समय तक लापता स्थिति में रही।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/meerut-faheem-(1).jpg" alt="MEERUT FAHEEM (1)" width="731" height="800"></img></p>
<p>मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि पीड़िता को कई बार अलग-अलग लोगों के संपर्क में लाया गया, जिससे उसका मानसिक और शारीरिक शोषण हुआ। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बयान, डिजिटल साक्ष्य और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/jamia-nagar-case.jpg" alt="Jamia Nagar Case" width="1366" height="1037"></img></p>
<p>जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पीड़िता की शिकायत में गंभीर आरोप हैं, जिनमें यौन शोषण, धमकी, जबरन रोककर रखना और पहचान बदलने जैसे पहलू शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलते ही संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया और कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसमें कोई संगठित तरीके से की गई आपराधिक गतिविधि शामिल थी या नहीं। पीड़िता के अनुसार यह पूरा मामला धीरे-धीरे एक जाल में बदल गया, जिसमें वह खुद को फंसा हुआ महसूस करने लगी थी। उसका दावा है कि मानसिक दबाव और धमकियों के कारण उसने कई वर्षों तक किसी से खुलकर बात नहीं की। बाद में हालात बिगड़ने पर उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसे सुरक्षा और काउंसलिंग सहायता भी उपलब्ध कराई है।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/exploitation-case.jpg" alt="Exploitation Case" width="1366" height="978"></img></p>
<p>अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा रही है। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें किसी तरह का आर्थिक या संगठित नेटवर्क भी शामिल था।इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना को सोशल मीडिया के दुरुपयोग और ऑनलाइन रिश्तों में सावधानी बरतने की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत में सतर्कता बरती जाए और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत शिकायत की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:37:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 साल की शादी, जंजीरों में कैद और अत्याचार; पुलिस पहुंची तो मिली आजादी</title>
                                    <description><![CDATA[राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में महिला ने पति पर जंजीर से बांधकर मारपीट और गर्म सरिए से दागने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/10-years-of-marriage-imprisonment-in-chains-and-torture-got/article-57568"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/khilchipur-police.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में घरेलू हिंसा का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस से लेकर पूरे इलाके को झकझोर दिया। खिलचीपुर थाना क्षेत्र के छीपीपुरा गांव की रहने वाली 30 वर्षीय मांगीबाई तंवर 12 जून की रात गले में लोहे की जंजीर और ताला लटकाए किसी तरह थाने पहुंचीं। उनके शरीर पर चोटों के निशान थे, कमर, कूल्हे और जांघ पर जलने के घाव दिखाई दे रहे थे, जबकि पैरों के तलवे भी बुरी तरह जख्मी थे। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने उसे घर में खंभे से जंजीर से बांध रखा था ताकि वह शिकायत करने बाहर न जा सके। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मांगीबाई की शादी करीब दस वर्ष पहले राजस्थान के मनोहर थाना क्षेत्र के बिरजीपुरा गांव निवासी सरदार सिंह तंवर से हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा था। शुरुआत में उसने परिवार बचाने की कोशिश में सब कुछ सहन किया, लेकिन समय के साथ अत्याचार बढ़ते गए। महिला के अनुसार 10 जून की दोपहर पति नशे की हालत में घर पहुंचा और खाना मांगने लगा। खाना देने में थोड़ी देर होने पर उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर डंडे से बेरहमी से पीटा। इसके बाद कथित तौर पर महिला के गले में भारी लोहे की जंजीर डालकर उसे घर के आंगन में बने खंभे से ताला लगाकर बांध दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने गैस चूल्हे पर लोहे का सरिया गर्म कर उसके शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। महिला ने यह भी बताया कि उसे करीब 24 घंटे तक न खाना दिया गया और न ही पानी। इस दौरान लगातार धमकाया गया कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की तो अंजाम और भी बुरा होगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/domestic-violence.jpg" alt="Domestic Violence" width="1366" height="1273"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">पीड़िता के अनुसार जब आरोपी पंचायत बुलाने के लिए घर से बाहर गया तो उसने मौके का फायदा उठाया। पास में पड़े पत्थर से काफी देर तक ताले पर वार करने के बाद वह खंभे से खुद को छुड़ाने में सफल रही। हालांकि जंजीर उसके गले में ही लटकी रही। वह जंगल और खेतों के रास्ते पैदल निकल पड़ी, लेकिन रास्ता भटक गई। महिला का आरोप है कि रास्ते में उसका पति फिर मिल गया और उसे वापस घर ले जाकर दोबारा बांध दिया। इसके बाद रात में जब आरोपी शराब के नशे में सो गया तो उसने एक बार फिर पत्थर की मदद से ताला तोड़ा और सीधे खिलचीपुर थाने की ओर निकल गई। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद रात करीब दस बजे वह थाने पहुंची। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसकी हालत देखकर हैरान रह गए। पुलिस ने सबसे पहले उसके गले से जंजीर हटवाई, भोजन और पानी उपलब्ध कराया तथा मेडिकल परीक्षण कराया। जांच में शरीर पर चोट और जलने के निशानों का परीक्षण कराया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/khilchipur-police.jpg" alt="Khilchipur Police" width="1366" height="1010"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत के निर्देशन में पुलिस टीम गांव पहुंची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी और वैवाहिक क्रूरता सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। महिला को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मांगीबाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शादी के पांच साल बाद उनका एक बच्चा हुआ था, जिसकी तीन महीने की उम्र में बीमारी के कारण मौत हो गई। इसके बाद उनकी कोई संतान नहीं हुई। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया तथा वह आए दिन शराब पीकर मारपीट करता था। इस बार उसने तय किया कि वह चुप नहीं रहेगी और किसी भी तरह पुलिस तक पहुंचेगी। गांव के कुछ लोगों ने भी पुलिस को बताया कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में विवाद करता था और गाली-गलौज करता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि गांव में फैली अन्य चर्चाओं की अलग से जांच की जाएगी और फिलहाल कार्रवाई महिला की शिकायत तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और किसी भी पीड़ित को डरने की जरूरत नहीं है। यदि किसी महिला के साथ इस तरह की घटना होती है तो वह तत्काल पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करे। इस मामले में भी महिला के साहस और समय पर पुलिस तक पहुंचने से कार्रवाई संभव हो सकी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:36:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में चलती बस में महिला से गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात</title>
                                    <description><![CDATA[रानी बाग इलाके में स्लीपर बस के अंदर विवाहिता से दरिंदगी, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, मामला निर्भया कांड की याद दिलाता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/sensational-incident-of-gang-rape-of-a-woman-in-a/article-54912"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rani-bagh-case-delhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर चलती बस के अंदर महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 11 मई की देर रात रानी बाग इलाके में एक 30 वर्षीय विवाहिता के साथ कथित तौर पर चलती स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि रात की शिफ्ट से घर लौटते समय उसे जबरन बस में खींचकर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>रात में बस में वारदात</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">घटना 11 मई की रात उस समय हुई जब पीड़िता फैक्ट्री से काम खत्म कर घर लौट रही थी। आरोप है कि बस स्टैंड पर खड़ी एक स्लीपर बस में सवार होने के बाद उसे जबरन अंदर खींच लिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार बस में ड्राइवर और कंडक्टर मौजूद थे, जिन्होंने कथित रूप से अपराध को अंजाम दिया। पीड़िता का आरोप है कि बस के अंदर उसे धमकाकर और मारपीट कर शारीरिक शोषण किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>चलती बस का रास्ता</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान बस दिल्ली के व्यस्त इलाकों से गुजरती रही। आरोप है कि बस के शीशों पर पर्दे लगे होने के कारण अंदर की गतिविधियां बाहर दिखाई नहीं दे रही थीं। इसी दौरान करीब दो घंटे तक यह घटना चलती रही। बाद में पीड़िता को गंभीर हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पुलिस की त्वरित कार्रवाई</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही रानी बाग पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बिहार नंबर प्लेट वाली बस को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने चालक और सहायक को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पीड़िता की स्थिति और बयान</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दुष्कर्म की पुष्टि की। हालांकि गंभीर चोटों के बावजूद उसने अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया। बताया गया है कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और घर में छोटे बच्चे और बीमार पति हैं, जिसके चलते वह उपचार जारी नहीं रख सकी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>वाहन सुरक्षा पर सवाल</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि बस में टिंटेड ग्लास और भारी पर्दे लगे थे, जो नियमों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद कई सार्वजनिक वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बस किसकी अनुमति से चल रही थी और इसमें सुरक्षा नियमों की अनदेखी कैसे हुई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>जांच में नए सवाल</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में कुछ संदिग्ध पहलू भी सामने आए हैं। शुरुआती कॉल और पीड़िता के बयान को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी और सभी पहलुओं की जांच जारी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>निर्भया कांड से तुलना</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने 2012 के निर्भया कांड की यादें फिर से ताजा कर दी हैं, जिसमें चलती बस में महिला के साथ क्रूर अपराध हुआ था। उस घटना के बाद देशभर में कानून और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव किए गए थे, लेकिन ऐसी घटनाओं का फिर सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:34:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जबलपुर आरक्षक हत्याकांड: एक फोन कॉल से खुला पूरा राज</title>
                                    <description><![CDATA[हत्या, जांच और तीन अलग-अलग कहानियों के बीच उलझा सच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/jabalpur-constable-murder-case-whole-secret-revealed-by-one-phone/article-54789"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जबलपुर में छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक राजेश बेन की हत्या का मामला उस समय पूरे इलाके में सनसनी बन गया था, जब 2017 में उनका शव झाड़ियों में मिला। शुरुआत में यह एक अज्ञात हत्या का मामला लगा, लेकिन धीरे-धीरे पुलिस जांच, सोशल मीडिया पहचान और एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग ने इस केस की दिशा ही बदल दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस की शुरुआती जांच में शव की हालत देखकर यह स्पष्ट हो गया था कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या है। शव की पहचान तब हुई जब सोशल मीडिया पर तस्वीरें फैलने के बाद एक आरक्षक ने कलाई पर बने टैटू देखकर पहचान की पुष्टि की। इसके बाद मामला तेजी से आगे बढ़ा और जांच का केंद्र मृतक की पत्नी पर आकर टिक गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच का सबसे अहम मोड़ तब आया जब एक महिला आरक्षक ने पुलिस को एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भेजी। इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर मृतक की पत्नी अपने भाई से शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगती हुई सुनाई दी। इसी रिकॉर्डिंग ने पूरे मामले को नई दिशा दी और पुलिस को शक के घेरे को मजबूत आधार मिला। इसके बाद पुलिस ने पत्नी से पूछताछ की, जिसमें शुरुआती इनकार के बाद कई अहम खुलासे हुए। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले की तह तक जाने की कोशिश की। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि हत्या में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि कई लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच में पत्नी के साथ उसकी चचेरी बहन और एक अन्य नाबालिग सहेली के शामिल होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने दावा किया कि हत्या में इस्तेमाल कपड़ा और वाहन भी बरामद किए गए। जांच के अनुसार घटना के बाद शव को घर में कई घंटों तक छिपाकर रखा गया और फिर देर से उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला और जटिल होता गया। एक ओर पुलिस की जांच में घरेलू विवाद और प्रताड़ना को कारण बताया गया, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने पूरी कहानी को अलग नजरिए से पेश किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे आर्थिक विवाद और बाहरी संबंधों की भूमिका हो सकती है। उनका दावा था कि यह केवल घरेलू हिंसा का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी जटिलता यह रही कि एक ही हत्या के पीछे तीन अलग-अलग कहानियां सामने आईं। पहली कहानी पुलिस और आरोपी पक्ष की ओर से घरेलू विवाद और प्रताड़ना को कारण बताती है। दूसरी कहानी परिजनों द्वारा आर्थिक और निजी संबंधों को कारण मानती है। तीसरी कहानी चर्चाओं के आधार पर व्यक्तिगत विवादों और आपसी तनाव को जिम्मेदार ठहराती है। इन अलग-अलग दावों ने जांच को और पेचीदा बना दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस केस में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती साक्ष्यों और बयानों के बीच तालमेल बैठाने की थी। फोन रिकॉर्डिंग, गवाहों के बयान और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। लेकिन लगातार बदलते बयान और नए आरोपों ने केस को जटिल बना दिया। पुलिस अधिकारियों का मानना था कि यह मामला केवल एक साधारण हत्या नहीं, बल्कि कई स्तरों पर जुड़ा हुआ विवाद है, जिसमें पारिवारिक और व्यक्तिगत कारण दोनों शामिल हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए। क्या घरेलू विवाद इतने बड़े अपराध में बदल सकते हैं? क्या तकनीक जैसे फोन रिकॉर्डिंग आज अपराध सुलझाने में सबसे बड़ा सबूत बन चुकी है? और क्या हर कहानी के पीछे एक ही सच होता है? यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसा केस बन गया जिसमें सच और दावों के बीच की रेखा धुंधली हो गई। जबलपुर आरक्षक हत्याकांड एक ऐसा मामला है जिसने यह दिखाया कि आधुनिक जांच तकनीक और मानवीय रिश्तों की जटिलता मिलकर कैसे एक अपराध की पूरी तस्वीर बदल सकती है। एक फोन कॉल ने जहां जांच की दिशा तय की, वहीं अलग-अलग कहानियों ने इस केस को रहस्यमय बनाए रखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:31:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>गवाही गमछे की: शादी में हुई मासूम की हत्या का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना के रामपाल का पुरा गांव में रिश्तों के शक ने ले ली 7 साल की तनु की जान, गमछे ने खोला पूरा राज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/testimony-reveals-murder-of-innocent-child-at-gamchas-wedding/article-54796"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/morena-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मुरैना जिले के चिन्नोन थाना क्षेत्र के रामपाल का पुरा गांव में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शादी समारोह के बीच 7 साल की मासूम बच्ची तनु की हत्या ने रिश्तों, शक और गुस्से की ऐसी कहानी सामने रख दी, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। शुरुआती जांच में जो मामला एक सामान्य गुमशुदगी जैसा लग रहा था, वह धीरे-धीरे एक जघन्य हत्या की गुत्थी में बदल गया, और इस पूरे केस की सबसे अहम कड़ी बना एक गमछा।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना 12 मई की सुबह सामने आई जब शादी समारोह में शामिल परिवार को पता चला कि तनु अपने दादा रघुनाथ सिंह के पास नहीं है। रात भर शादी में नाच-गाना चलता रहा था और सभी लोग थककर सो गए थे। सुबह जब बच्ची की तलाश शुरू हुई तो पहले उसे आसपास के गांव और खेतों में ढूंढा गया, लेकिन कुछ घंटों बाद एक सुनसान इलाके में गुफा जैसे गड्ढे में उसका शव मिला। बच्ची के हाथ-पैर एक नए गमछे से बंधे थे और सिर पर पत्थर से वार किया गया था। इस दृश्य ने पूरे परिवार और गांव को सदमे में डाल दिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध जैसा लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, शक की सुई शादी में शामिल लोगों की ओर घूमने लगी। मौके पर मिले गमछे ने जांच को निर्णायक दिशा दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच संभाली और परिवार से जानकारी जुटानी शुरू की। जब बच्ची के पिता ने गमछे को पहचाना और बताया कि यह रामदीन जाटव का हो सकता है, तो पुलिस का शक गहरा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से पुलिस ने जब शादी समारोह के फुटेज खंगाले, तो सामने आया कि रामदीन ने उसी तरह का गमछा अपने सिर पर बांध रखा था। यही सुराग पुलिस के लिए सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसके बाद हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि रामदीन और रघुनाथ पड़ोसी हैं और उनके बीच बकरियों के कारोबार को लेकर आर्थिक संबंध भी हैं। रघुनाथ बकरी खरीद-फरोख्त का हिसाब रखता था और इसी कारण उसका रामदीन के घर आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान रामदीन की पत्नी को लेकर उसके मन में शक पैदा हो गया। उसे लगता था कि रघुनाथ का उसकी पत्नी से संबंध है, जबकि इसके पीछे कोई ठोस आधार नहीं था। धीरे-धीरे यह शक उसके दिमाग में गहराता गया और उसने बदले की भावना पाल ली।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के मन में यह धारणा मजबूत हो गई थी कि रघुनाथ उसकी गैरमौजूदगी में उसकी पत्नी के करीब आता है। गांव में फैली छोटी-छोटी बातों और अपनी कल्पनाओं के आधार पर उसने एक खतरनाक योजना बना ली। 11 मई की रात शादी समारोह के दौरान जब सभी लोग व्यस्त थे, तब उसने मौका देखकर बच्ची को उठा लिया। इसके बाद सुनसान जगह पर ले जाकर उसके हाथ-पैर गमछे से बांधे और सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वह दोबारा शादी समारोह में लौट आया और सामान्य व्यवहार करता रहा, ताकि किसी को शक न हो। अगले दिन जब बच्ची की तलाश शुरू हुई, तो वह भी भीड़ में शामिल होकर खोज में हिस्सा लेता रहा। लेकिन पुलिस की जांच और गमछे की पहचान ने उसकी पूरी कहानी उजागर कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे शक और भ्रम का परिणाम बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि आरोपी ने पहले से ही इस तरह की योजना बना रखी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच में मिले सबूत और स्वीकारोक्ति के आधार पर मामला स्पष्ट हो चुका है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि व्यक्तिगत शक और मानसिक असंतुलन किस तरह समाज में बड़े अपराध को जन्म दे सकता है। एक मासूम बच्ची की जान उस विवाद का शिकार हो गई, जिसका उससे कोई संबंध ही नहीं था। आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:30:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सत्यकथा: रास्ते का कांटा बन रहे प्रेमिका के पति को आशिक ने उतारा मौत के घाट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चार अप्रैल की सुबह मैहर जिले के अमरपाटन थाने की सीमा में पडक्का औद्योगिक इलाके झन्ना नाले के पास किसी युवक की रक्त रंजित लाश पड़ी होने की सूचना पाकर जब अमरपाटन टीआई विजय सिंह परस्ते मौके पर पहुंचे तो शव की स्थिति देखते की उनके सामने यह बात साफ हो गई कि युवक की हत्या की गई है। शव के पेट गर्दन और चेहरे में गहरे घाव थे। घटनास्थल के आसपास खून भी बिखरा पड़ा था जिससे साफ था कि युवक की हत्या मौके पर ही की गई है। टीआई परस्ते ने मौके से ही घटना की जानकारी एसडीओपी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/lover-killed-girlfriends-husband-who-was-becoming-a-thorn-in/article-53879"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/satyakatha-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चार अप्रैल की सुबह मैहर जिले के अमरपाटन थाने की सीमा में पडक्का औद्योगिक इलाके झन्ना नाले के पास किसी युवक की रक्त रंजित लाश पड़ी होने की सूचना पाकर जब अमरपाटन टीआई विजय सिंह परस्ते मौके पर पहुंचे तो शव की स्थिति देखते की उनके सामने यह बात साफ हो गई कि युवक की हत्या की गई है। शव के पेट गर्दन और चेहरे में गहरे घाव थे। घटनास्थल के आसपास खून भी बिखरा पड़ा था जिससे साफ था कि युवक की हत्या मौके पर ही की गई है। टीआई परस्ते ने मौके से ही घटना की जानकारी एसडीओपी ख्याति मिश्रा को दे दी। जिससे सुश्री ख्याति मिश्रा ने इस बात की जानकारी एडीशनल एसपी डॉ. चंचल नागर और एसपी मैहर अवधेश प्रताप सिंह को देकर स्वयं मौके पर पहुंच गई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस ने शव की शिनाख्ती का प्रयास किया जिसमें जल्द ही उसकी पहचान मौहरिया जगन्नाथ गांव निवासी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">26<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय राजभान कोल के रूप में हो गई। परिवार ने पूछताछ में बताया कि कल शाम को किसी ने उसे फोन कर बुलाया था जिसके बाद वह रात भर घर नहीं लौटा। पास पड़ोस वालों के अनुसार राजभान भला आदमी था उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। साल भर पहले ही उसकी शादी पास के गांव में रहने वाली निशा कोल से हुई थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satna.jpg" alt="SATNA" width="1600" height="900"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस ने निशा से भी पूछताछ की जिसमें उसे कुछ हाथ नहीं लगा। इसी बीच पुलिस को राजभान के मोबाइल की काल डिटेल मिली जिसमें उसके पास आखिरी फोन निशा के मायके में रहने वाले दिलीप पटेल नाम के युवक का मिला। जब इस बारे में पूछा गया तो मृतक के पिता ने बताया कि बहू के गांव का दिलीप अक्सर उसके घर आता था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पुलिस का शक निशा और दिलीप के बीच अवैध संबंध को लेकर गहरा गया इसलिए पुलिस ने दिलीप को उठाकर सख्ती से पूछताछ की जिसमें कुछ ही देर में दिलीप पटेल टूट गया। उसने राजभान की हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि निशा उसके बचपन की प्रेमिका है। शादी के बाद वह निशा को भूल नहीं पा रहा था इसलिए उसने अपने दोस्त विजेन्द्र उर्फ बिज्जू</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">करन केवट और दो अन्य के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने तुरंत बिज्जू को भी गिरफ्तार कर लिया लेकिन करन और दो अन्य फरार हो गए। जिसके बाद आरोपियों से की गई पूछताछ में कहानी इस प्रकार सामने आई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भगवान ने निशा को सांवला रंग देकर भी नाक नक्श ऐसे दिए थे कि जो नजर उस पर जाती पर<span>  </span>ठहर का रह जाती थी। किशोर उम्र में ही गांव के कई युवक निशा के दीवाने हो चुके थे। जिनमें से एक दिलीप पटेल भी था। दिलीप संपन्न परिवार से था इसलिए उसका रहन सहन भी दूसरे युवकों की तुलना में शहरी और चमक दमक से भरा था। किशोर उम्र अक्सर ऐसी चमक दमक से प्रभावित हो ही जाती है। इसलिए निशा ने जब देखा कि दिलीप उसके आगे-पीछे घूमता रहता है तो उसने दिलीप के प्रति अपने दिल की लगाम ढीली छोड़ दी। यह देख एक रोज साहस करके सुनसान खेत में दिलीप ने निशा की कलाई पकड़ ली।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satana-satyakatha.jpg" alt="SATANA satyakatha" width="1271" height="738"></img></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छोड़ो कोई देख लेगा तो आफत हो जाएगी। निशा ने घबड़ाकर कहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मैं तुम्हारे लिए हर आफत से लड़ने तैयार हूं बस तुम हां कह दो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तुम रईसों का क्या भरोसा आज मेरा हाथ पकड़ रहे हो कल किसी और का थाम लोगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मेरा भरोसा करो निशा कभी तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निशा को अपने पास खींचते हुए दिलीप ने कहा ने तो निशा चुपचाप उसके सीने से लग गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद दोनों की प्रेम कहानी जो शुरू हुई तो सारी मर्यादाएं तोड़ते हुए दोनों आधी रात में भी छुपकर मिलने लगे। दिलीप तो मानो निशा के प्यार करने के अंदाज का दीवाना ही हो गया था। तो दूसरी तरफ किशोर उम्र में ही शारीरिक रिश्ते का सुख पाकर निशा भी दिलीप के लिए पागल हो चुकी थी। लेकिन चंद सालों के बाद ही निशा ने जैसे ही जवानी में पैर रखा उसके परिवार ने निशा की शादी राजभान कोल से कर दी। दिलीप निशा को खोना नहीं चाहता था लेकिन अलग समाज की होने के कारण निशा से शादी नहीं कर सकता था इसलिए अपना मन मारकर रह गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/saing-23.jpg" alt="SAING 23" width="289" height="329"></img></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">निशा का पति राजभान भी उसे बेहद प्यार करता था इसलिए निशा जल्द ही राजभान के प्यार में प्रेमी को भूलने लगी। लेकिन यहां निशा के प्यार का दीवाना दिलीप उसे भूल नहीं पा रहा था। इसलिए एक बार जब राजभान किसी काम से ससुराल आया तो दिलीप ने उससे दोस्ती कर ली और इसी दोस्ती के बहाने वह अक्सर राजभान के घर जाने लगा। निशा ने पुराने प्रेमी को पति के दोस्त के रूप में घर आते देखा तो वह समझ गई कि उसका मकसद क्या है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उसे डर भी लगा और अपने बचपन के यार की यह दीवानगी अच्छी भी लगी। इसलिए जब भी राजभान आता वह किसी न किसी बहाने उसके साथ दो-चार घड़ी बैठकर बात कर लेती। राजभान भी इस बात का बुरा नहीं मानता था। लेकिन धीरे-धीरे दिलीप का आना-जाना अक्सर होने लगा था इस दौरान उसने निशा का मोबाइल नंबर लेकर उससे बातें करना भी शुरू कर दिया था। निशा नहीं चाहती थी कि उसकी शादीशुदा जिंदगी में कोई तूफान आए इसलिए उसने पहले तो दिलीप को समझाने की कोशिश की लेकिन जब दिलीप ने उसे फोन पर बार-बार अपने प्यार का वास्ता दिया तो निशा उसकी बातों में आ गई। इसके बाद दिलीप चोरी छुपे निशा की ससुराल में आकर उससे मिलने लगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satna-satyakatha.jpg" alt="SATNA satyakatha" width="1272" height="676"></img></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन ऐसा संभव नहीं है कि एक लड़की पति के घर में रहते हुए मायके के प्रेमी से मिलना जारी रखे और किसी को खबर न हो। इसलिए जल्द ही राजभान को समझ में आ गया कि दिलीप का उसके घर आने जाने का कारण क्या है इसलिए वह दिलीप से दूरी बनाने लगा। यह बात दिलीप की समझ में आई तो वह परेशान हो गया। क्योंकि निशा का संग वह भूल नहीं सकता था और न उससे दूर जा सकता था। निशा को भी समझ में आ गया था कि राजभान को शक हो गया है इसलिए उसने दिलीप से दूरी बनाना शुरू कर दिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे परेशान होकर दिलीप ने अपने दोस्त विजेन्द्र उर्फ बिज्जू को राजभान की हत्या में साथ देने की योजना बनाकर राजभान को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। राजभान किसी सूरत में जिंदा न रहे इसके लिए करन केवट और उसके दो साथियों को भी पैसे का लालच देकर अपने साथ मिला लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satyakatha-(5).jpg" alt="Satyakatha (5)" width="1272" height="708"></img></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद योजना अनुसार </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">3<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को दिलीप ने बड़ी मात्रा में शराब खरीदी और पडक्का औद्योगिक इलाके में साथियों के साथ जाकर राजभान को फोन कर पार्टी के लिए बुलाया। शराब के लालच में राजभान पार्टी में शामिल होने वहां पहुंच गया तो चारों ने मिलकर उसे पेट भर शराब पिलाई और फिर शराब की खाली बोतल तोड़कर उसकी हत्या कर लाश को नाले के पास पड़ा छोड़कर भाग गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आरोपियों को भरोसा था कि उन्हें किसी ने नहीं देखा इसलिए वह कभी नहीं पकड़े जाएंगे लेकिन पुलिस ने </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे में ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:01:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सत्यकथा: मनोज हत्याकांड में पत्नी और उसके प्रेेमी को मिली आजीवन कारावास की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उस रोज हरदा की जिला अदालत में पेशी पर आई एक निहायत ही खूबसूरत युवती मनीषा की नजरें लगातार अदालत में आने वाले रास्ते पर टिकी हुई थी। कहते हैं कि नजरें मन की हर बात बयां कर<span>    </span>देती है। इसलिए मनीषा नाम की उस युवती की निगाहों में झलक रही बेताबी से जाहिर था कि उसे जिसका इंताजार है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो जरूर उसके लिए बहुत खास है। इसलिए थोड़ी देर बाद ही उसे सूरज अदालत की तरफ आते दिखाई दिया तो उसके चेहरे पर संतोष की लहर दौड़ गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देर कर दी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कब से तुम्हारा इंतजार कर रही</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/wife-and-her-lover-sentenced-to-life-imprisonment-in-manoj/article-53883"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/satyakatha-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उस रोज हरदा की जिला अदालत में पेशी पर आई एक निहायत ही खूबसूरत युवती मनीषा की नजरें लगातार अदालत में आने वाले रास्ते पर टिकी हुई थी। कहते हैं कि नजरें मन की हर बात बयां कर<span>  </span>देती है। इसलिए मनीषा नाम की उस युवती की निगाहों में झलक रही बेताबी से जाहिर था कि उसे जिसका इंताजार है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो जरूर उसके लिए बहुत खास है। इसलिए थोड़ी देर बाद ही उसे सूरज अदालत की तरफ आते दिखाई दिया तो उसके चेहरे पर संतोष की लहर दौड़ गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देर कर दी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कब से तुम्हारा इंतजार कर रही थी। सूरज के पास आते ही मनीषा ने उससे कहा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदिर चला गया था यार। मन्नत मांग कर आया हूं। आज बरी होने के बाद सीधे ही हम दोनों मंदिर चलेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तुम्हें भरोसा है कि हम बरी हो जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पूरा-पूरा। तुम्हें नहीं है क्या</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुझे तो केवल तुम पर भरोसा है। कहकर मनीषा ने एक लंबी सांस ली। यह देखकर सूरज बोला परेशान न हो मैं वकील से मिलकर आता हूं। यह कहते हुए सूरज उसके कंधे पर हाथ रख मनीषा को सांत्वना देते हुए वकील से मिलने चला गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तव में मनीषा और सूरज दोनों पर ही अक्टूबर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> में<span>  </span>मनीषा के पति मनोज की हत्या करने का आरोप था। पांच साल से अदालत में उनकी सुनवाई चल रही थी जिसके बाद उस रोज अदालत अपना फैसला सुनाने वाली थी। जाहिर सी बात है कि हर आरोपी चाहता है कि उसे निर्दोष माना जाए। चूंकि ऐसे मामलों में फंसने के बाद वह दुनिया भर का दान-धर्म कर चुका है और अदालत से बरी होने के बाद कई कथा-भंडारे करवाने की मान्यता भी मान लेता है। मोटी फीस लेने वाले ज्योतिषाचार्य भी ग्रह स्थिति के अनुसार उनको बरी हो जाने का भरोसा दिला देते हैं। इसलिए सूरज और मनीषा को भी भरोसा था कि आज अदालत उन्हें हत्या के आरोप से बरी कर देगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satyakatha-(6)1.jpg" alt="satyakatha (6)" width="1366" height="768"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ तय समय पर विशेष न्यायाधीश ने पति की हत्या के आरोप में मनीषा और उसके प्रेमी सूरज उर्फ सीपी को आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा-</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">201<span lang="hi" xml:lang="hi"> में दोषी पाए जाने पर तीन-तीन साल का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा भी सुनाई। जिसके बाद पांच साल पुराना हत्याकांड फिर चर्चा में आ गया जो इस प्रकार है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">12-13<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर </span>2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> की रात के कोई एक बजे का वक्त था। जिला मुख्यालय हरदा की सड़कों के साथ-साथ पुलिस कोतवाली में भी सन्नाटा पसरा हुआ था। इसी दौरान थाने के फोन पर ड्यूटी आफीसर को इलाके की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले मनोज पर जानलेवा हमले की खबर मिली। पुलिस को सह सूचना पास के गांव में रहने वाले मनोज का भाई दे रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसको यह खबर कुछ ही देर पहले उसकी भाभी यानी मनोज की पत्नी मनीषा ने दी थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ड्यूटी ऑफीसर ने तुरंत आधी रात को ही यह जानकारी तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी को दी और खुद दलबल लेकर मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल शिक्षक कॉलोनी कोतवाली से ज्यादा दूर नहीं था। इसलिए पुलिस जब कॉलोनी में बने मनोज के घर पहुंची तब तक पत्नी की चीख पुकार सुनकर कॉलोनी की खासी भीड़ वहां जमा हो चुकी थी। पास के गांव से मृतक का भाई हरदा पहुंच चुका था।<span>  </span>उसने पुलिस को बताया कि रात लगभग एक बजे भाभी मनीषा ने उसको फोन करके बताया था कि कुछ लोग भाई को बुरी तरह से घायल करके भाग गए हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद मैंने पुलिस को सूचना दी थी। प्रारंभिक पूछताछ में मनीषा ने भी पुलिस को यही बताया कि उसे नहीं मालूम कि वे लोग कौन थे और उनकी मेरे पति से क्या दुश्मनी थी। मनीषा ने हमलावरों को देखा भी नहीं था। वह तो बाद में उस समय मौके पर पहुंची थी जब मनोज ने चीखकर उसे पुकारा था। अगले दिन तत्कालीन एसपी<span>  </span>भी मौके पर पहुंचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने टीआई<span>  </span>के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मनोज के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दे दिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><span> </span>पास के गांव का रहने वाला मनोज<span>  </span>कई साल पहले गांव छोड़कर हरदा में आकर बस गया था। यहां<span>  </span>मनोज ने ं अपना छोटा सा घर भी बना लिया था। मनीषा को मनोज से कोई शिकायत नहीं थी। सिवाए इसके की कलेक्शन के काम में मनोज तो लगभग पूरा दिन ही बाहर रहता था। बच्चे भी स्कूल चले जाते थे। ऐसे में मनीषा दिन भर घर में अकेली खाली बैठी रहती थी। इस बात की शिकायत उसने कई बार मनोज से की तो उसने मनीषा के लिए घर में ही किराना नुमा छोटा सा जनरल स्टोर खोल दिया। सुबह के समय मनोज दुकान में समय देता और खाना बनाने के काम से फुरसत होकर मनीषा स्टोर संभालती एवं मनोज अपनी गाड़ी लेकर दिन भर के लिए काम पर निकल जाता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><span> </span>कोई तीन किलोमीटर दूर बसे छोटी हरदा गांव में रहने वाले एक<span>  </span>युवक से मनीषा की छोटी बहन ने प्रेम विवाह किया था। जिसका एक रिश्तेदार सूरज का हरदा आना-जाना था। एक दिन सूरज घूमते-घूमते ं मनीषा की दुकान पर पहुंचगया। उस समय मनोज अपने काम पर<span>  </span>निकल चुका था और दोनों बेटियां स्कूल गई थीं। मनीषा उसको अच्छे से पहचानती थी। उसने सूरज को घर में बैठाकर हालचाल पूछे और चाय पानी पिलाकर विदा कर दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वह इस बात पर ध्यान नहीं दे पाई कि जब तक सूरज वहां रहा उसकी नजर मनीषा की पतली कमर और भरे हुए बदन पर फिसलती रही थी। इसलिए सूरज उस रोज तो वहां से उठकर आ गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिर अक्सर मनीषा की दुकान पर छोटा-मोटा सामान खरीदने के बहाने आने-जाने लगा। जिससे दोनों के बीच अपनापन बढ़ने लगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तव में सूरज सामान लेने के बहाने मनीषा की सुंदरता के दर्शन करने उसकी दुकान पर जाता था। जब तक मनीषा सामने रहती वह उसे पी जाने वाली नजरों से घूरता रहता। जिससे कुछ ही दिनों में मनीषा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूरज के बार-बार दुकान पर आने का कारण समझ गई। मनीषा गांव की रहने वाली थी। शहर आने के बाद वह खुद को काफी स्मार्ट समझने लगी थी। ऐसे में जब अपने से उम्र में काफी छोटे सूरज को अपनी तरफ ललचाई नजरों से घूरते देखती तो उसे खुद गर्व होने लगता। इसलिए धीरे-धीरे वह भी सूरज को अपनी सुंदरता की झलक दिखाने की कोशिश करने लगी। जिससे बात धीरे-धीरे आगे बढ़ते-बढ़ते इतने आगे बढ़ गई कि कमलेश के घर से निकलते ही सूरज शिक्षक कॉलोनी पहुंच जाता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां सूरज को देखते ही मनीषा उसे अंदर के कमरे में ले जाती और फिर कुछ ही देर में कमरा उन दोनों की सांसों की आवाज से गूंजने लगता।<span>  </span>लेकिन ऐसे काम मोहल्ले वालों की नजर से ज्यादा देर तक छुपे नहीं रहते। जल्द ही मनीषा और सूरज के संबंधों की चर्चा होने लगी जो दो साल में मनोज के कान तक भी पहुंच गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मनोज अपनी पत्नी को बहुत चाहता था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उसने उसे समझा बुझाकर रास्ते पर लाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब तक मनीषा पर सूरज का रंग पूरी तरह से चढ़ चुका था। इसलिए मनोज की बात वह एक कान से सुनकर दूसरे से बाहर निकाल देती। मनोज ने उस पर दबाव बनाया तो मनीषा के प्रेमी सूरज ने एक दिन सरेआम मनीषा के सामने ही मनोज को अपनी हद में रहने की हिदायत दे दी। मनोज सीधा-साधा आदमी था सो डरकर रहने लगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मनीषा खुलकर अपने प्रेमी के संग अय्याशी करने लगी। इधर मनोज की दोनों बेटियां बड़ी हो रही थीं। वह जानता था कि मनीषा की इन हरकतों का असर बेटियों पर पड़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उसने मनीषा को तलाक देने का मन बना लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसमें दिक्कत यह थी कि मनोज ने अपना मकान स्वयं के और पत्नी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों के नाम पर बनवाया था। इसलिए तलाक के बाद मनीषा मकान पर अपना हक जता सकती थी। इसलिए सोच विचार के बाद मनोज ने तलाक की कार्रवाई शुरू करने से पहले मकान बेचने का फैसला कर चुपचाप ग्राहक खोजना शुरू कर दिए। इस बात की जानकारी मनीषा को लग गई तो प्रेमी की मदद से वह खुद मकान बेचने के लिए ग्राहक खोजने लगी। उसने चालीस लाख में सौदा कर चार लाख रुपया एडवांस भी ले लिया। इसकी जानकारी लगने पर मनोज ने उसे भला बुरा कहा तो मनीषा ने साफ कह दिया कि चुपचाप दस्तखत कर देना वर्ना तुम्हारे हाथ फिर कभी पेन पकड़ने लायक नहीं बचेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मनोज ने सोच लिया कि एक दिन तो मरना ही है फिर डरना कैसा। इससे वह भी विवाद करने पर उताऊ हो गया। यह देखकर मनीषा और सूरज समझ गए कि अब मनोज अगर जिंदा रहा तो उन लोगों को चैन से अय्याशी नहीं करने देगा। इसलिए दोनों ने मिलकर मनोज की हत्या की योजना बना ली।</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते १२-१३ अक्टूबर की रात में मनोज के सो जाने के बाद मनीषा के इशारे पर सूरज उसके घर पहुंच गया और चाकू से उसका गलता रेतने के बाद मनीषा के संग अय्याशी कर वापस गांव भाग गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद मनीषा ने अपने देवर को फोन करके पटना की जानकारी दी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/aarpy-premi-prkash-tatha-patni-manisha-satyakatha.jpg" alt="AARPY PREMI PRKASH TATHA PATNI MANISHA satyakatha" width="1260" height="944"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">काल डिटेल से खुला था राज</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मनीषा के शक के दायरे में आने के बाद पुलिस ने उसकी मोबाइल काल डिटेल निकाली जिसमें पता चला कि घटना दिनांक को मनीषा और सूरज<span>  </span>के बीच कई बार बात हुई थी। इतना ही नहीं घटना वाली रात में भी देर रात को दोनों की बात हुई थी। पुलिस ने सूरज के मोबाइल की लोकेशन निकाली</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें घटना के समय वह मनीषा के घर की पाई गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पुलिस ने मनीषा से सघन पूछताछ की तो वह टूट गई और उसने पूरी कहानी सुना दी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस तरह फंसी कानून के जाल में</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच के दौरान पुलिस का पहला शक मनीषा की छोटी बहन के पति पर था जो आरोपी सूरज का छोटा भाई है। जिस समय पुलिस उसके साथ सख्ती से पेश आ रही थी तब मनीषा भी थाने में मौजूद थी। इसलिए अपनी छोटी बहन के पति की तकलीफ उससे देखी नहीं गई। उसने टीआई से कहा कि इसे छोड़ दो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह मेरे पति पर हमला करने वालों में नहीं था। इससे टीआई<span>  </span>चौंक गए क्योंकि अब तक मनीषा पुलिस को यही बता रही थी कि उसने हमला करने वालों को नहीं देखा था। फिर अगर नहीं देखा तो यह कैसे देख लिया कि उसकी बहन का पति साथ नहीं था। इसलिए<span>  </span>उन्होंने मनीषा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि अगर तेरी बहन का पति हमला करने वालों में शामिल नहीं था तो बताओ कौन-कौन थे। इस पर मनीषा कानून की गिरफ्त में आ गई।<span>  </span>जिसकी जानकारी लगने पर प्रेमी सूरज को गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजक विनोद कुमार अहिरवार ने की।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:01:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सत्यकथा: नाबालिग प्रेमिका संग मिलकर पति ने की नाबालिग पत्नी की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">16<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल की दोपहर में में अनूपपुर जिले के जैतहारी थाने की वेंकटनगर चौकी प्रभारी प्रवीण साहू जब चौकी इलाके के एक पुराने मामले को हल करने की कवायद में जुटे थे तभी ग्राम निगौरा से आए चौबीस वर्षीय युवक शैलेश ने मेहरा ने उन्हें अपनी पत्नी गुडिया .. (बदला नाम) के लापता होने की खबर दी। अपनी रिपोर्ट में उसने बताया कि कल उसकी पत्नी निगौरा रेलवे स्टेशन से लापता हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मामला इसलिए गंभीर था कि गुड़िया भले की शादीशुदा हो लेकिन वह अभी नाबालिग थी। इसलिए नाबालिग होने के कारण नियमानुसार पुलिस ने उसके अपहरण का मामला</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/true-story-husband-along-with-minor-girlfriend-murdered-minor-wife/article-53884"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/satyakatha-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">16<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल की दोपहर में में अनूपपुर जिले के जैतहारी थाने की वेंकटनगर चौकी प्रभारी प्रवीण साहू जब चौकी इलाके के एक पुराने मामले को हल करने की कवायद में जुटे थे तभी ग्राम निगौरा से आए चौबीस वर्षीय युवक शैलेश ने मेहरा ने उन्हें अपनी पत्नी गुडिया .. (बदला नाम) के लापता होने की खबर दी। अपनी रिपोर्ट में उसने बताया कि कल उसकी पत्नी निगौरा रेलवे स्टेशन से लापता हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मामला इसलिए गंभीर था कि गुड़िया भले की शादीशुदा हो लेकिन वह अभी नाबालिग थी। इसलिए नाबालिग होने के कारण नियमानुसार पुलिस ने उसके अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसी बीच दो दिन के बाद पास के जंगल की उमरिया बीट में किसी युवती को शव एक पेड़ पर फांसी पर लटका मिला। पुलिस ने शैलेश को बुलाकर शव दिखाया तो उसने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में कर दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satyakatha-(8).jpg" alt="satyakatha (8)" width="1225" height="700"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पहली नजर में मामला आत्महत्या का नजर आ रहा था लेकिन पीएम रिपोर्टर् से साफ हो गया कि मृतका की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को फांसी पर लटकाया गया है। इसलिए जांच के दौरान शैलेश के परिजनों से पता चला कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">14<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को खुद शैलेश ही गुड़िया को लेकर जंगल की तरफ गया था। इस पर चौकी प्रभारी प्रवीण साहू ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की जिससे उसने न केवल अपना अपराध स्वीकार कर लिया बल्कि इसमें शामिल अपनी प्रेमिका राजो (बदला नाम) और गांव के एक अन्य नवयुवक विजय(बदला नाम) का नाम भी बता दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मृतका गुड़िया की तरह </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">24<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल के शैलेश की प्रेमिका राजो और हत्या में शामिल विजय भी नाबालिग हैं। इसलिए पुलिस ने दोनों को बाल न्यायालय में पेश कर क्रमश: शहडोल और रीवा के बाल सम्प्रेक्षण गृह भेज दिया जबकि शैलेश को अदालत ने जेल भेज दिया। जिसके बाद यह नाबालिग किशोरियों के संग सेक्स के शौकीन कातिल युवक की कहानी इस प्रकार सामने आई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शैलेश को कम उम्र की लड़कियों के साथ संबंध बनाने का शौक लगने के पीछे उसके मोहल्ले की एक भाभी जिम्मेदार है। हुआ यह कि कोई छह साल पहले शैलेश ने एक रोज मोहल्ले की भाभी को गांव के एक युवक के साथ सूने खेत में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satyakatha-(9).jpg" alt="satyakatha (9)" width="509" height="379"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भाभी को डर था कि कही शैलेश इसके बारे में उसके पति को न बता दे। इसलिए उसने अगले की दिन शैलेश को अपने घर बुलाकर पति को उसके पाप के बारे में न बताने के बदले पड़ोस की एक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">12-13<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की लड़की के साथ संबंध बनवा दिए। इतना ही नहीं इसके बाद शैलेश जब भी भाभी से कहता तो वह उसके लिए अपने घर में उस नाबालिग से मिलने की व्यवस्था कर देती।<span>  </span>इसी बीच उस नाबालिग की भी शादी हो गई जिसके साथ गांव की भाभी शैलेष की मुलाकात करवाती थी। इससे शैलेश परेशान रहने लगा। लेकिन इसी दौरान उसकी भाभी की बहन गुड़िया अपनी बहन के घर आकर कुछ दिन रूकी। गुड़िया नाबालिग थी यह देखकर शैलेश ने उससे पे्रम का नाटक कर संबंध बना लिए। इस बात की खबर घर वालों को लगी तो उन्होंने दोनों की आपस में शादी करवा दी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गुड़िया शैलेश की पत्नी बनकर आ गई तो उसका मन भी गुड़िया में लगने लगा। जो उससे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">7<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल से ज्यादा छोटी थी। लेकिन कोई साल भर पहले शैलेश के संबंध गांव की एक अन्य नाबालिग किशोरी राजो से बन गए। चूंकि राजो उम्र में शैलेश की पत्नी से भी अधिक छोटी थी इसलिए शैलेश को अपनी पत्नी गुड़िया बुरी लगने लगी। वह सोचने लगा कि काश गुड़िया से किसी तरह छुटकारा मिल जाए तो वह राजो के साथ ज्यादा सुख उठा सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजो भी उसकी बनकर रहने राजी थी इसलिए गुड़िया से छुटकारा पाने शैलेश और उसकी नाबालिग प्रेमिका ने मिलकर गुड़िया की हत्या करने की योजना बना डाली। जिसमें राजो का एक और नाबालिग दोस्त विजय साथ देने के लिए राजी हो गया। इसके बाद योजना अनुसार शैलेश </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">14<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल की शाम को जंगल में पार्टी करने का लालच देकर गुड़िया को अपने साथ ले घने जंगल में वहां ले गया जहां पहले से राजो और विजय छुपकर बैठे थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satyakatha-(10).jpg" alt="satyakatha (10)" width="502" height="383"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जंगल में ले जाकर शैलेश</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुड़िया के संग प्यार करने का नाटक करने लगा। जिससे जब राजो और विजय ने देखा की गुड़िया प्यार के नशे में बेखबर हो चुकी है तो दोनों ने पीछे से जाकर उसे पकड़ लिया जिसके बाद शैलेश की मदद से तीनों ने उसका गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को उसकी ही साड़ी के सहारे फांसी पर लटका दिया ताकि पुलिस उसे आत्महत्या माने। लेकिन चौकी प्रभारी प्रवीण साहू की टीम ने जल्द ही शैलेश की साजिश से पर्दा उठा दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दो आरोपी नाबालिग है</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार मृतका गुडिया का आरोपी पति </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">24<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल का है जबकि उसकी पत्नी मृतका गुड़िया और गुड़िया की हत्या में साथ देने वाली शैलेश की प्रेमिका राजो भी नाबालिग है। इसलिए राजो के अलावा तीसरे नाबालिग साथी विजय को बाल सम्पे्रक्षण गृह में भेजा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/satyakatha-(11).jpg" alt="satyakatha (11)" width="499" height="377"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आरोपी के बड़े भाई की साली थी मृतका</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मृतका गुड़िया आरोपी शैलेश के बड़े भाई की साली थी। जानकारी अनुसार गुड़िया जब अपनी बहन के घर आई थी तब शैलेश ने रिश्ते का फायदा उठाकर गुड़िया के साथ शारीरिक संबंध बना लिए थे। जिसकी खबर लगने पर दोनों परिवार ने मिलकर उनकी आपस में शादी कर दी थी। हत्या के समय भी गुड़िया नाबालिग थी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:00:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सत्यकथा: जिसकी टैक्सी में सवार होकर पति से मिलने जाती थी उसी टैक्सी ड्राइवर के साथ भाग गई बैंक मैनेजर की पत्नी</title>
                                    <description><![CDATA[शादीशुदा जोड़े जितना संभव हो सके एक दूसरे के साथ रहें। वर्ना तनहाई के अंधेरे में कभी जवान उम्र बहक जाती है तो कभी जवां दिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/bank-managers-wife-ran-away-with-the-same-taxi-driver/article-53877"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/satyakatha.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहने को तो लोग जयपुर को गुलाबी नगर कहा करते हैं। लेकिन मई की तपती दोपहरी में घर की खिड़की से आती गर्म हवा के थपेड़ों से बेखबर दूर तक फैली रेत को निहारते कर्णव खत्री को अपने जीवन की कहानी भी तपते रेत के टीलों सी नजर आ रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वह फैसला नहीं कर पा रहे थे कि कल्पना</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके साथ उन्होंने जवानी का एक लंबा दौर गुजारा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">के खिलाफ पुलिस में जाएं भी या नहीं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अनिर्णय की स्थिति में फंसे<span>  </span>कर्णव को अपने उस निर्णय पर भी पछतावा हो रहा था जब उन्होंने कल्पना को उसकी गलती माफ कर दूसरी बार अपनी जिंदगी में वही जगह दी थी जो आठ साल पहले हुई शादी के बाद दी थी। अब कल्पना माफ करने के उनके फैसले को गलत साबित करते हुए एक बार फिर उसी रास्ते पर निकल चुकी थी जिस पर चलने के बाद वह वापस लौटी थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/4a11.jpg" alt="4A11" width="1890" height="1417"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रिपोर्ट दर्ज करवाने और न करवाने के फैसले के बीच कर्णव हफ्ते भर तक पशोपेश में रहे लेकिन अंत में अपने दो बच्चों का भविष्य देखते हुए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">7<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च को उन्होंने अपनी पत्नी कल्पना ... बदला नाम .... के राजगढ़ इलाका निवासी टैक्सी ड्राइवर त्र्ऋषभ शर्मा के साथ भागने और उन दोनों ने अपनी जान को खतरा होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">7<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को दर्ज करवाई गई अपनी रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी घर से भागते समय लगभग </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपए की संपति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें जेवर और नगदी दोनों शामिल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकर गई है। इतना ही नहीं अपने पे्रमी के संग भागने के बाद कल्पना और उसका प्रेमी ऋषभ दोनों बार-बार फोन कर कर्णव को धमकियां भी दे रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस ने कर्णव की रिपोर्ट दर्ज कर प्रेमी ऋषभ शर्मा के साथ फरार उसकी पत्नी कल्पना की तलाश आरंभ कर दी। लेकिन महीना भर बीत जाने के बाद भी उनकी कोई खबर नहीं लगा। लेकिन इसी बीच अचानक कल्पना और उसका प्रेमी दोनों एसपी जयपुर के सामने पेश हो गए। यह जानकारी लगते ही एनईबी थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद कल्पना को जेल भेज दिया गया जबकि उसके प्रेमी ऋषभ को रिमांड पर लेकर पुलिस ने उससे गहराई से पूछताछ की जिसमें पूरी कहानी इस प्रकार सामने आई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/alwar-satyakatha.jpg" alt="alwar satyakatha" width="644" height="675"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक प्राइवेट बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ कर्णव खत्री मूल रूप से अलवर का रहने वाला है। भले स्वभाव का हमेशा शांत रहने वाला कर्णव अपने दोस्तों और रिश्तेदारों का चहेता था। इसलिए जब परिवार वालों ने उसके रिश्ते के लिए लड़की की तलाश शुरू की तो उसके सामने दर्जनों परिवारों के प्रस्ताव की लाइन लग गई। जिनमें से काफी सोच विचार के बाद उसने गोविंदगढ़ निवासी कल्पना अरोड़ा को जीवन साथी के रूप में पसंद किया। कल्पना और उसके परिवार वाले भी इस रिश्ते के लिए पहले से ही राजी थे। इसलिए कर्णव के हां कहते ही </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2018<span lang="hi" xml:lang="hi"> में धूमधाम से दोनों की शादी कर दी गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शादी के बाद कुछ महीने तो हंसी खुशी से बीते लेकिन उसके बाद जब कल्पना को अलवर में छोड़कर कर्णव जयपुर अपनी नौकरी पर चला गया तो कल्पना और कर्णव दोनों को ही एक दूसरे से यह दूरी जरा भी पसंद नहीं आ रही थी। खासकर कल्पना बिना कर्णव के बैचेन हो उठी। इसका एक कारण कल्पना की कैमिस्ट्री में अत्यधिक वासना का होना था। उसे पुरूष का संग किए बिना नींद नहीं आती थी। अपितु यह स्थिति शादी से पूर्व नहीं थी लेकिन शादी के बाद महीने दो महीने के साथ में ही कर्णव ने कल्पना को इतना प्यार दिया कि उसके शरीर को पुरूष रोज की जरूरत बन चुका था। कर्णव को भी कल्पना के बिना चैन नहीं पड़ता था इसलिए पहले तो वह हर दो-तीन दिन में जयपुर से अलवर आता और पत्नी के संग रात बिता कर सुबह होते की बैंक के लिए जयपुर निकल जाता।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन हफ्ते में दो तीन दिन का साथ कर्णव के लिए भले की बहुत था मगर कल्पना को सात में सात रात<span>  </span>पति अपने पास चाहिए होता था। लेकिन मजबूरी आदमी से सब करवा देती है। इसलिए धीरे-धीरे कल्पना ने भी अपने मन को इस परिस्थिती में ढाल लिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">समय के साथ कल्पना दो बच्चों की मां बन गए। इसके बावजूद कल्पना के मन से भले की न उतरा हो लेकिन कर्णव के मन से शादी का नशा जो शुरूआती दौर में हर एक के मन में छाया रहता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उतर चुका था। इसलिए पहले वह जहां हफ्ते में दो-तीन रात अपनी पत्नी के पास अलवर में आकर बिताता था वहीं अब वह केवल रविवार से रविवार अलवर आने लगा। हां इस बीच कभी कोई अन्य तीज-त्यौहार का अवकाश मिल जाए तो कर्णव अलवर आना नहीं भूलता था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/alwar-satyakatha-(3).jpg" alt="alwar satyakatha (3)" width="204" height="238"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन वक्त के साथ कर्णव को प्रमोशन मिल जाने से उसकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही थी ऐसे में कई बार रविवार के दिन भी उसे अलवर आकर पत्नी के साथ समय बिताना मुश्किल होने लगा। खासकर क्वार्टरली</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हॉफ ईयरी और मार्च क्लोजिंग के दौरान तो उसका बैंक छोड़ना मुश्किल ही रहता था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल्पना उससे शिकायत करती तो कर्णव उसे समझाने की कोशिश करता कि यार कब तक वो बीस-बाईस साल के दौर में जीती रहोगी। दो बच्चे है और अब हमारे ऊपर जिम्मेदारियां बढ़ रही है इसलिए खुद पर काबू रखो। लेकिन पति के लाख समझाने पर भी कल्पना को यह बात समझ में नहीं आ रही थी। दरअसल इसमें गलती कल्पना की नहीं उसकी अपनी जैविक कैमिस्ट्री थी जिसके चलते शारीरिक संतुष्टि उसकी पहली जरूरत थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कर्णव जानता था कि कल्पना चाह कर भी खुद पर काबू नहीं रख पाती इसलिए यह हल निकाला गया कि अगर कभी कर्णव बैंक की व्यस्तता की वजह से अलवर न आ पाए तो खुद कल्पना अलवर से जयपुर आ जाया करेगी। कल्पना के लिए यह फैसला उसके मन को खुशी देने वाला था और कर्णव कल्पना की खुशी में खुश था। लेकिन दोनों को नहीं मालूम था कि उनका यह फैसला भविष्य में क्या कुछ गुल खिलाने वाला है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हुआ यह कि कल्पना खुद जयपुर जाने लगी तो कर्णव बेफ्रिक हो गया। वह अब भी समय मिलता तो अलवर आता था लेकिन कल्पना को जयपुर को छूट मिली तो वह आए दिन पति के साथ क्लालिटी टाइम बिताने जयपुर आने लगी। शुरू में कई बार कल्पना ने यह रास्ता बस से तो कभी ट्रेन से तय किया लेकिन जब देखा कि इसमें कई मुश्किलों को सामना करना पड़ता है तो पति की सलाह पर वह टैक्सी बुक कर अलवर से जयपुर आने लगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी दौरान उसने एक रोज राजगढ़ इलाके में रहने वाले ऋषभ शर्मा की टैक्सी जयपुर जाने के लिए किराये पर ली। लेकिन अजीब संयोग हुआ कि दो दिन बाद ही जब वह फिर जयपुर जाने घर से निकली तो उसे ऋषभ की ही टैक्सी मिली। यह देखकर ऋषभ ने उससे पूछा मैम क्या आप जयपुर में नौकरी करती हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/alwar-satyakatha-(4).jpg" alt="alwar satyakatha (4)" width="1890" height="1417"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नहीं मेरे पति वहां बैंक मैनेजर हैं। उनको अक्सर काम की वजह से अलवर आने का समय नहीं मिलता इसलिए मैं जयपुर चली जाती हूं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पहली बार इससे ज्यादा दोनों के बीच कोई और बात नहीं हुई। लेकिन कोई दस दिन बाद एक बार फिर कल्पना ने ऋषभ की टैक्सी ली तो ऋषभ ने कल्पना को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा मैम आपको जब भी टैक्सी चाहिए मुझे फोन कर दिया करें। मैं आपकी सुविधा के अनुसार आपको घर से ही ले लिया करूंगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह तो अच्छी बात है कहते हुए कल्पना ने उसका नंबर ले लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आप वापस भी टैक्सी से ही आती हैं क्या</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हां।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अभी कब वापस लौटना होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल सुबह कोई </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">9<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तब ठीक है आप मुझे फोन कर ले। अगर मुझे कोई दूसरी सवारी नहीं मिली तो आपको वापस ले चलूंगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ओके तुम क्या अलवर में रहते हो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जी राजगढ़ इलाके में यहां मेरे नाना रहते हैं उन्हीं के साथ रहता हूं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और तुम्हारे माता-पिता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वो दोनों की अब दुनिया में नहीं रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ओह। ऋषभ की बात सुनकर कल्पना ने उससे कहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहना नहीं होगा कि अब कल्पना जब भी जयपुर जाती और जयपुर से अलवर वापस आती हमेशा ऋषभ की टैक्सी का उपयोग करने लगी। इससे धीरे-धीरे उनके बीच बातें औपचारिकता की सीमा से बाहर निकलकर भी होने लगी। ऐसे में एक रोज कल्पना ने उससे पूछा- तुम्हारी शादी हो गई क्या</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नहीं अभी तक तो नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्यों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई बढ़ा भाई-बहन भी है क्या।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कोई नहीं। लेकिन कोई बात नहीं मैम मैने तो सुना है कि शादी के बाद आदमी की जिंदगी में परेशानियां और भी बढ़ जाती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गलत सुना है तुमने। मेरा तो मानना है कि आदमी को सही वक्त पर शादी जरूर कर लेना चाहिए। अब मुझे ही देख लो शादी को आठ साल होने को आए लेकिन हम पति-पत्नी में इतना प्यार है कि अभी भी हम दोनों दो-तीन से ज्यादा एक दूसरे से दूर नहीं रहते। कभी वो अलवर आ जाते है तो कभी मैं जयपुर।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भाई साहब किस्मत वाले है जो उनकी शादी आपसे हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्यों ऐसा क्या है मेरे मैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आप अपने पति को इतना प्यार जो करती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बस या कुछ और भी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">? <span lang="hi" xml:lang="hi">कल्पना ने उसे छेड़ा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुंदर भी तो हैं आप</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋषभ ने कुछ डरते हुए कहा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हूं वो तो ठीक है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तुम्हें कैसी लगती हूं</span>?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अच्छी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बस अच्छी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नहीं मेरा मतलब है बहुत अच्छी। खासकर जब आप वो नीला वाला सूट पहनकर आती है न तब तो लगता है...</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्या लगता है बात पूरी करो न</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आप नाराज तो नहीं होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बिल्कुल नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लगता है जैसे नीले बादलों में चांद निकला हो।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऋषभ की बात सुनकर कल्पना जोर से हंस पड़ी। बोली अरे ये चांद तारों वाली बातें बच्चों को अच्छी लगती है। खैर तुम्हारी शादी नहीं हुई न इसलिए तुम अभी केवल चांद तारे देखते हो। खैर तुम्हें नीले सूट में मैं अच्छी लगती हूं तो अगली बार वही पहनकर चलूंगी। सचमुच ही जब चार रोज के बाद कल्पना ने उसे जयपुर जाने के लिए बुलाया तो वही नीला सूट पहना जिसकी तारीफ ऋषभ ने की थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस तरह धीरे-धीरे कल्पना और उस टैक्सी ड्राइवर ऋषभ के बीच बातों ही बातों में दूरी कम होती गई। जिसका नतीजा यह हुआ कि कल्पना जो पहले हमेशा पीछे वाली सीट पर बैठकर सफर करती थी अब आगे ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठकर सफर करने लगी। पूरे सफर के दौरान दोनों बातें करते रहते जिससे सफर भी आसानी से कटने लगा और उनके बीच के रिश्ते दोस्ती में बदलने लगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक दिन जब कल्पना जयपुर से<span> </span>ऋषभ के साथ लौट रही थी तब रास्ते में अचानक की काफी जोर की बारिश होने लगी। कार चलाना मुश्किल था इसलिए ऋषभ ने एक पेड़ के नीचे कार रोक दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कितना सुंदर मौसम है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">है न। कल्पना ने कहा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अच्छा एक बात बताओ तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">थी लेकिन अब नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहां चली गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उसकी शादी हो गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तुमने उसके साथ शादी करने की कोशिश नहीं की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्यों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उसे गरीबी पसंद नहीं थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्या यार ये अमीरी गरीबी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छा एक बताओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सच बताना।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पूछिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उस साथ कभी वो सब किया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हां</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शर्माते हुए ऋषभ ने कहा तो कल्पना बोली बड़े छुपे रुस्तम निकले तुम तो मैं तो समझती थी कि तुम बहुत सीधे हो।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नहीं वो ऐसी बात नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने हकलाते हुए कहा तो कल्पना बीच में ही बोल पड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अरे डरते क्यों हो अच्छा लगा तुमने सही बोला। लेकिन वो चली गई तो जाने दो कोई दूसरी खोज लो। तुम आदमी अच्छे हो हैंडसम भी हो कोई भी लड़की राजी हो जाएगी। भाई मैं तो सच कहती हूं कि मुझे कोई तुम्हारे जैसा लड़का लाईन मारे तो मैं तो आज भी इश्क करने राजी हो जाऊं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल्पना की बात सुनकर ऋषभ उसे देखता रह गया तो कल्पना बोला क्या देख रहे हो सचमुच लाईन मारने का इरादा है क्या</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नहीं ... नहीं .. तो।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऋषभ का डर देख कल्पना बोली पागल कहीं के</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जोर से हंस पड़ी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उस रोज घर पहुंचकर ऋषभ के कानों में वहीं एक शब्द गूंजता रहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पागल कहीं के। उसे लगा कि शायद कल्पना तैयार थी उसने मना कर दिया इसीलिए उसने मुझे पागल कहा। अब क्या हो सकता था वक्त हाथ से निकल चुका था लेकिन उसने ठान लिया कि अब कभी ऐसा मौका आया तो वह पीछे नहीं हटेगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगली बार ही कल्पना ने जब उसे जयपुर चलने बुलाया तो उसने वही नीला सूट पहन रखा था ऋषभ की पसंद का। यह देखकर शहर से बाहर निकलते ही ऋषभ ने कल्पना का हाथ थाम लिया। यह देखकर कल्पना ने उसका विरोध नहीं किया उल्टे अपना सिर उसके कंधे पर टिका दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/alwar-satyakatha-(2).jpg" alt="alwar satyakatha (2)" width="452" height="319"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्यार की कहानी शुरू हो चुकी थी इसलिए जल्द ही एक रोज जयपुर से वापस आते समय टैक्सी में ही उनके बीच शारीरिक संबंध भी बन गए। जिसके बाद तो यह हर बार की बात हो गई। कभी जयपुर जाते समय तो कभी वहां से वापस आते समय तो कभी आते में भी और जाते मैं भी उनके बीच टैक्सी में ही वासना का खेल खेला जाने लगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">खुद कर्णव का अभी भी सनडे और दूसरी छुट्टी के दिन अलवर आना जारी था। हां यह जरूर है कि कल्पना को अब पति का अलवर आना पसंद नहीं था। इसलिए ऋषभ के साथ मिलने का मौका मिल सके इसलिए कई बार रविवार को भी कल्पना ही जयपुर चली आती थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल्पना को अपने से उम्र में छोटा और पति की तुलना मैं कहीं बहुत अधिक यंग प्रेमी मिला तो वह उसकी दीवानी हो गई। ऋषभ को तो कल्पना का साथ मिलना लॉटरी लगने जैसा था क्योंकि अब वह उसके ऊपर पैसा भी लुटाने लगी थी। इसलिए एक दूसरे के प्रति उनकी दीवानगी का आलम यह हो गया कि वे दोनों कर्णव को रास्ते से हटाकर एक दूसरे के होकर जीने का सपना ही नहीं देखने लगे बल्कि कर्णव से छुटकारा कैसे मिले इसकी योजना भी बनाने लगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन किसी की हत्या करना आसान तो नहीं होता। इसलिए दोनों मौके की तलाश करने लगे। इसी बीच संयोग से एक दिन रविवार को जब कर्णव जयपुर से अपनी पत्नी और बच्चों के पास अलवर आ रहा था तब संयोग से उसने ऋषभ की टैक्सी किराये पर ली। ऋषभ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्णव को और कर्णव ऋषभ को जानता था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कर्णव को लेकर ऋषभ अलवर की तरफ चला तो देखा के थका-हारा कर्णव पीछे की सीट पर आंख बंद कर बैठ गया। थोड़ी देर बाद ऋषभ ने देखा कि कर्णव सो गया है तो उसने मोबाइल निकालकर कल्पना को फोन कर बताया कि उसका पति आज उसकी टैक्सी में आ रहा है। सो रहा है कहो तो इसे आज ही ठिकाने लगा दें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन जिस कर्णव को ऋषभ सोया हुआ समझ रहा था वह जागा हुआ था इसलिए उसने जब यह बात सुनी तो समझ गया कि ड्राइवर उसकी पत्नी से बात कर रहा है। इसलिए वह और गहरी नींद में सोने का नाटक करने लगा। अपितु फोन पर कल्पना ने अपने प्रेमी को हत्या करने से तो रोक दिया लेकिन यह जानकर की पति टैक्सी में सो रहा है उसके साथ प्यार भरी अश्लील बातें करने लगी। ऋषभ भी अपनी प्रेमिका की बात का जबाव दे रहा था। इसलिए ड्राइवर के साथ पत्नी की अश्लील बातें सुनकर कर्णव सब समझ गया। उसने दोनों की बातें रिकार्ड कर ली। लेकिन घर पहुंचकर कल्पना से कुछ नहीं कहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगले एक महीने तक कर्णव सबूत जुटाने में लगा रहा। उसने दोनों के मोबाइल फोन की डिटेल के अलावा काल रिकार्डिंग भी प्राप्त करने के बाद जब इस बारे में कल्पना से बात की तो कल्पना झगड़ा करने पर उतर आई। उसने कर्णव से </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">50<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख की मांग करते हुए तलाक मांग लिया। इतना ही नहीं खुद बीवी का प्रेमी टैक्सी ड्राइवर भी कर्णव को धमकाने लगा। जिससे विवाद बढ़ने लगा तो एक रोज दिसंबर में कल्पना घर छोड़कर ऋषभ के साथ भाग गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कर्णव ने अपने स्तर पर उसे खोजने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुआ। लेकिन इसी बीच फरवरी महीने में कल्पना अचानक वापस आ गई तो कर्णव ने उसकी गलती माफ करते हुए अपने साथ रख लिया। लेकिन कल्पना किसी और ही योजना के तहत वापस आई थी। मार्च के महीने में वह घर से लगभग </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">50<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख के जेवर और नगदी समेटने के अलावा अपने छोटे बेटे को साथ लेकर फिर प्रेमी के साथ भाग गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भागने के बाद कल्पना और ऋषभ ने कर्णव को धमकाते हुए पैसा मांगना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि अगर कर्णव ने पैसा नहीं दिया तो वे छोटे बेटे की हत्या कर उसका आरोप कर्णव पर लगा देंगे। इससे परेशान होकर कर्णव ने पुलिस में रिपोर्ट कर दी। जिसके बाद अब पत्नी के साथ उसका टैक्सी ड्राइवर प्रेमी दोनों जेल में है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिस ड्राइवर के साथ भागी उसकी टैक्सी में जाती थी पति से मिलने</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कर्णव ने बताया कि वो जयपुर में रहता था जबकि उसकी पत्नी अलवर में। जिसके चलते कभी पत्नी से मिलने कर्णव अलवर आता था तो कभी पत्नी कल्पना पति के पास जयपुर आ जाती थी। कल्पना जयपुर आने-जाने के लिए हमेशा ऋषभ शर्मा नाम के युवक की टैक्सी किराये पर लेती थी। इसलिए लंबे समय तक टैक्सी ड्राइवर के साथ आने-जाने से दोनों में अवैध संबंध बन गए जिसके बाद लाखों रुपए कमाने वाले बैंक मैनेजर पति को छोड़कर कल्पना टैक्सी ड्राइवर के साथ फरार हो गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऐसे खुला राज</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक रोज जयपुर से अलवर आते समय संयोग से कर्णव ने भी ऋषभ शर्मा की टैक्सी किराये पर ली। कर्णव को लेकर ऋषभ अलवर की तरफ चला तो देखा के थका-हारा कर्णव पीछे की सीट पर आंख बंद कर बैठ गया। उसे लगा कि कर्णव सो गया है तो उसने मोबाइल निकालकर कल्पना को फोन कर बताया कि उसका पति आज उसकी टैक्सी में आ रहा है। सो रहा है वो कहो तो इसे आज ही ठिकाने लगा दें। लेकिन जिस कर्णव को ऋषभ सोया हुआ समझ रहा था वह जागा हुआ था इसलिए उसने जब यह बात सुनी तो समझ गया कि ड्राइवर उसकी पत्नी से बात कर रहा है। इसके बाद ड्राइवर कर्णव को सोया जानकर कल्पना के साथ अश्लील बातें करने लगा जिससे पति के सामने ड्राइवर के साथ बीवी के अवैध संबंध का राज खुल गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पचास लाख के साथ मांग रही थी तलाक</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पति के सामने टैक्सी ड्राइवर के संग अपने अवैध रिश्ते का खुलासा हो जाने के बाद भी कल्पना पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उल्टे वह अपने पति से </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">50<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपयों के साथ तलाक की मांग करने लगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/alwar-satyakatha-(5).jpg" alt="alwar satyakatha (5)" width="1200" height="675"></img></span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दो बार भागी प्रेमी के साथ</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पहली बार कल्पना दिसंबर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">25<span lang="hi" xml:lang="hi"> में टैक्सी ड्राइवर के साथ भागकर फरवरी में वापस आई थी। पति ने पत्नी की भूल का माफ कर उसे अपने साथ रख लिया। लेकिन महीने भर बाद ही वह एक बार फिर घर से जेवर और नगदी समेटकर ले जाने के अलावा अपने संग छोटे बेटे को भी ले गई थी। इसी बेटे को निशाना बनाकर कल्पना और उसका प्रेमी बैंक मैनेजर पति को धमका रहा था।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 13:21:19 +0530</pubDate>
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