<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/category-24" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>टॉप न्यूज़ - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/category/24/rss</link>
                <description>टॉप न्यूज़ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मानसून सत्र का तीसरा दिन आज, अनुपूरक बजट पर चर्चा; सदन में रहेंगे CM मोहन यादव</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा में वित्तीय प्रस्तावों पर सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच चर्चा के आसार, मुख्यमंत्री दोपहर में सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक में भी होंगे शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-will-be-in-the-house-to-discuss/article-59448"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/monsoon-session-day-3.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन गुरुवार, 23 जुलाई को वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से अहम रहने वाला है। विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा प्रस्तावित है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी बात रखेंगे। मानसून सत्र के शुरुआती दो दिनों में विधेयकों और दूसरे मुद्दों को लेकर सदन में राजनीतिक हलचल बनी रही, अब तीसरे दिन सरकार के वित्तीय प्रस्ताव चर्चा के केंद्र में रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही में शामिल होंगे। दोपहर बाद उनका सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी बैठक में शामिल होने का कार्यक्रम भी तय है। भोपाल में विधानसभा सत्र के कारण सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।</p>
<p>मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और पांच दिवसीय सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कामकाज को एजेंडे में रखा है। सत्र के शुरुआती दिनों में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC समेत कई विधेयक सदन के सामने आए, जिन्हें लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। पहले दिन ही UCC सहित कई मसौदा विधेयक पेश किए गए थे और कांग्रेस ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। अब तीसरे दिन सदन का फोकस अनुपूरक बजट और उससे जुड़े वित्तीय प्रावधानों पर रहने की उम्मीद है। सरकार को अलग-अलग विभागों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत और उसके इस्तेमाल को लेकर सदन में जवाब देना होगा। विपक्ष भी खर्च की प्राथमिकताओं और प्रदेश की वित्तीय स्थिति से जुड़े सवाल उठा सकता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवार का कार्यक्रम भी विधानसभा की गतिविधियों के आसपास केंद्रित रहेगा। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे। सदन में होने वाली चर्चा के दौरान सरकार की ओर से विभिन्न मुद्दों पर जवाब और पक्ष रखा जा सकता है। दोपहर करीब 1:30 बजे मुख्यमंत्री का समय मुलाकातों के लिए आरक्षित बताया गया है। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे विधानसभा परिसर के समिति कक्ष क्रमांक-1 में सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक प्रस्तावित है। विधानसभा सत्र के बीच होने वाली इस बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि बैठक के विस्तृत एजेंडे के सभी बिंदु सार्वजनिक जानकारी में स्पष्ट नहीं किए गए हैं।</p>
<p>अनुपूरक बजट पर होने वाली चर्चा तीसरे दिन के कामकाज का प्रमुख हिस्सा रहने की संभावना है। सामान्य तौर पर सरकार मुख्य बजट पारित होने के बाद ऐसी योजनाओं, परियोजनाओं या विभागीय जरूरतों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान लेकर आती है, जिनके लिए पहले स्वीकृत राशि पर्याप्त नहीं रहती या नई आवश्यकता सामने आती है। ऐसे प्रस्तावों पर विधानसभा में चर्चा होती है और संबंधित खर्च के लिए सदन की मंजूरी ली जाती है। इस दौरान विपक्ष को सरकार से यह पूछने का मौका मिलता है कि अतिरिक्त राशि की जरूरत क्यों पड़ी, पैसा किन योजनाओं पर खर्च किया जाएगा और पहले से स्वीकृत बजट की स्थिति क्या है। इसलिए अनुपूरक बजट की चर्चा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं पर भी राजनीतिक बहस होती है।</p>
<p>इस बार मानसून सत्र की शुरुआत से ही माहौल राजनीतिक रूप से गर्म रहा है। UCC विधेयक इस सत्र के सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल रहा और इसे लेकर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। सरकार इसे समान नागरिक अधिकारों और सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष ने विधेयक की प्रक्रिया और कई प्रावधानों पर सवाल उठाए। पहले दिन UCC के साथ कई दूसरे विधेयक भी सदन में पेश किए गए। इस वजह से पांच दिन का यह छोटा सत्र विधायी कामकाज के लिहाज से काफी व्यस्त माना जा रहा है। तीसरे दिन भी विपक्ष दूसरे जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की कोशिश कर सकता है।</p>
<p>प्रदेश के किसानों, कानून-व्यवस्था, रोजगार, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में सवाल उठने की संभावना रहती है। मानसून के दौरान कई जिलों में स्थानीय समस्याएं सामने आती हैं, ऐसे में विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विषय प्रश्नकाल और अन्य संसदीय प्रक्रियाओं के जरिए उठा सकते हैं। विपक्ष की रणनीति सरकार को जनहित और प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने की रहेगी, जबकि सत्ता पक्ष सरकार की योजनाओं और फैसलों को सामने रखने की कोशिश करेगा। सीमित अवधि के इस मानसून सत्र में बड़ी संख्या में विधायी कामकाज होने के कारण प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण है। सरकार की कोशिश लंबित विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों को निर्धारित समय के भीतर पूरा कराने की है।</p>
<p>मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी के कारण सदन की राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजर रहेगी। मुख्यमंत्री विधानसभा में सरकार के नेता होने के साथ कई विभागीय और नीतिगत मामलों में सीधे हस्तक्षेप करते हैं। तीसरे दिन उनका अधिकांश कार्यक्रम विधानसभा परिसर में ही केंद्रित है। सदन की कार्यवाही के बाद मुलाकातों के लिए निर्धारित समय के दौरान विधायक और अन्य प्रतिनिधि उनसे क्षेत्रीय या प्रशासनिक विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक होगी। यह विभाग राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी सेवाओं और कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से जुड़ा है, इसलिए सत्र के बीच होने वाली बैठक प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>
<p>मानसून सत्र में वित्तीय प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार को विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए खर्च की व्यवस्था करनी होती है। मुख्य बजट में अनुमानित राशि तय होने के बावजूद साल के बीच नई परियोजनाएं, अतिरिक्त खर्च या किसी योजना की बढ़ी हुई जरूरत सामने आ सकती है। ऐसी स्थिति में अनुपूरक बजट के जरिए विधानसभा से अतिरिक्त राशि खर्च करने की अनुमति मांगी जाती है। सदन में चर्चा के दौरान विधायक यह जानने की कोशिश करते हैं कि अतिरिक्त आवंटन का फायदा किन क्षेत्रों और वर्गों को मिलेगा। सरकार को भी विभागवार खर्च और प्रस्तावित योजनाओं के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी पड़ती है।</p>
<p>सत्र के शुरुआती दिनों में सरकार ने जिस तेजी से विधायी एजेंडा आगे बढ़ाया है, उससे तीसरे दिन भी सदन में लंबा कामकाज होने की संभावना बनी हुई है। विधानसभा का यह मानसून सत्र केवल पांच दिनों के लिए निर्धारित है, इसलिए प्रश्नकाल, विधेयक, वित्तीय प्रस्ताव और दूसरे शासकीय काम एक सीमित समय में पूरे किए जाने हैं। विपक्ष इसी छोटी अवधि को लेकर भी सरकार पर सवाल उठा सकता है। विपक्षी दल आम तौर पर लंबे सत्र की मांग करते रहे हैं ताकि जनहित और क्षेत्रीय मुद्दों पर ज्यादा समय तक चर्चा हो सके। सरकार की ओर से तय एजेंडे के मुताबिक कामकाज पूरा कराने पर जोर रहेगा। जून में सामने आए कार्यक्रम के अनुसार यह पांच दिवसीय सत्र 20 जुलाई से निर्धारित किया गया था।</p>
<p>विधानसभा परिसर के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक सदन में जाने से पहले और कार्यवाही के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखते हैं। पिछले दिनों UCC समेत कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं। तीसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष खर्च, कर्ज और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा सकता है। सरकार की तरफ से विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय जरूरत का पक्ष रखा जा सकता है। ऐसे में सदन के भीतर वित्तीय चर्चा के साथ राजनीतिक बहस भी तेज रहने के आसार हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री के सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक पर भी प्रशासनिक हलकों की नजर रहेगी। विधानसभा सत्र के दौरान विभागीय बैठक होने से कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषयों की समीक्षा संभव है। हालांकि उपलब्ध सार्वजनिक कार्यक्रम में बैठक के विस्तृत एजेंडे का उल्लेख नहीं है, इसलिए किसी खास निर्णय को पहले से तय मानना उचित नहीं होगा। बैठक दोपहर 2:30 बजे विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-1 में प्रस्तावित है। इससे पहले मुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही और मुलाकातों में व्यस्त रहेंगे। इस तरह मुख्यमंत्री का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों गतिविधियों से भरा रहेगा।</p>
<p>भोपाल में विधानसभा सत्र के चलते सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी प्रशासन की नजर रहती है। विधानसभा परिसर में विधायकों, मंत्रियों, अधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों की आवाजाही बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में सामान्य दिनों की तुलना में गतिविधियां ज्यादा रहती हैं। सत्र के दौरान अलग-अलग संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन या ज्ञापन देने भी पहुंचते हैं, इसलिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ती है। तीसरे दिन भी विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनी रहेगी। राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से सभी की नजर सदन के भीतर होने वाली चर्चा और सरकार-विपक्ष के रुख पर रहेगी।</p>
<p>मानसून सत्र के बाकी दिनों में भी सरकार के सामने विधायी एजेंडा पूरा करने की चुनौती रहेगी। पांच दिन के इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ वित्तीय कामकाज को मंजूरी दिलाना है। UCC जैसे बड़े मुद्दे ने पहले ही सत्र को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। अब अनुपूरक बजट पर बहस के जरिए प्रदेश की आर्थिक प्राथमिकताएं और विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त खर्च का मुद्दा सामने आएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह 11 बजे से विधानसभा की गतिविधियों में शामिल रहेंगे और दोपहर में प्रशासनिक बैठक करेंगे। तीसरे दिन की कार्यवाही में विपक्ष के सवाल, सरकार के जवाब और वित्तीय प्रस्तावों पर होने वाली बहस प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-will-be-in-the-house-to-discuss/article-59448</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-will-be-in-the-house-to-discuss/article-59448</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 11:02:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/monsoon-session-day-3.jpg"                         length="188800"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में आज सियासी हलचल तेज, साय कैबिनेट की बैठक और कांग्रेस का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री साय की कैबिनेट बैठक आज, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, भाजपा की संगठनात्मक बैठक और रायपुर रेल मंडल में कई ट्रेनें रहेंगी रद्द]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/political-stir-today-in-chhattisgarh-with-intense-cabinet-meeting-and/article-59439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ में बुधवार, 22 जुलाई का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की 53वीं कैबिनेट बैठक आयोजित होगी, वहीं कांग्रेस प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन करेगी। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी भी संगठनात्मक बैठकों के जरिए आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठन विस्तार को लेकर रणनीति तैयार करेगी। इसके साथ ही रायपुर रेल मंडल में अधोसंरचना विकास कार्यों के चलते कई यात्री ट्रेनें रद्द रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पूरे दिन प्रशासनिक, राजनीतिक और परिवहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लोगों की नजर रहेगी।</p>
<p>राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की 53वीं बैठक शुरू होगी। सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रशासनिक फैसलों, विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और आगामी वित्तीय प्रावधानों पर चर्चा हो सकती है। मानसून के दौरान विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की योजनाओं की प्रगति तथा अन्य प्रशासनिक विषय भी एजेंडे में शामिल रह सकते हैं। बैठक के बाद सरकार महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।</p>
<p>इधर दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों में सुबह 11 बजे विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ हुई कार्रवाई के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने सभी जिला इकाइयों को कार्यक्रम सफल बनाने के निर्देश जारी किए हैं। कई जिलों में पुलिस और प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।</p>
<p>दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी में भी संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश के छत्तीसगढ़ प्रवास का आज दूसरा दिन है। रायपुर में सुबह प्रदेश महामंत्रियों की बैठक होगी, जबकि दोपहर बाद विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों के संयोजकों के साथ अलग बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री पवन साय सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारियों, आगामी कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संगठन को और मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।</p>
<p>राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ रेलवे यात्रियों के लिए भी आज का दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कई यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।</p>
<h5><span><strong>आज रद्द रहने वाली प्रमुख ट्रेनें</strong></span></h5>
<ul>
<li>गाड़ी संख्या <strong>68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
<li>गाड़ी संख्या <strong>68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
<li>गाड़ी संख्या <strong>68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
<li>गाड़ी संख्या <strong>68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
<li>गाड़ी संख्या <strong>58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
<li>गाड़ी संख्या <strong>58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
<li>गाड़ी संख्या <strong>68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर</strong> रद्द।</li>
</ul>
<h5><span><strong>आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें</strong></span></h5>
<ul>
<li><strong>68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर</strong> बिलासपुर से चलेगी। गोंदिया से बिलासपुर के बीच सेवा रद्द रहेगी।</li>
<li><strong>68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर</strong> बिलासपुर तक ही चलेगी। बिलासपुर से गोंदिया के बीच सेवा रद्द रहेगी।</li>
</ul>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव केवल तकनीकी कार्यों को सुरक्षित और समय पर पूरा करने के लिए किया गया है। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य किया जाएगा। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखी है, उन्हें रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अद्यतन जानकारी लेने की सलाह दी गई है।</p>
<p>बुधवार को छत्तीसगढ़ में राजनीति, प्रशासन और परिवहन तीनों ही मोर्चों पर गतिविधियां तेज रहेंगी। एक ओर सरकार कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है, वहीं विपक्ष विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेगा। भाजपा भी संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से भविष्य की रणनीति तय करेगी। दूसरी तरफ रेलवे के तकनीकी कार्यों का असर हजारों यात्रियों की यात्रा पर पड़ेगा। ऐसे में प्रदेशभर की नजर आज होने वाले इन सभी घटनाक्रमों पर बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/political-stir-today-in-chhattisgarh-with-intense-cabinet-meeting-and/article-59439</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/political-stir-today-in-chhattisgarh-with-intense-cabinet-meeting-and/article-59439</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 09:13:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/chhattisgarh-news-%282%29.jpg"                         length="208535"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल टुडे 23 जुलाई: विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा, सावन में डाकघर की नई सुविधा समेत कई अहम आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून सत्र का तीसरा दिन, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम, धरौली कोल माइंस जनसुनवाई, ट्रेनों की जानकारी, हज आवेदन, खेल, कला और शिक्षा से जुड़े आज के प्रमुख अपडेट एक नजर में।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/bhopal-today-23-july-discussion-on-supplementary-budget-in-the/article-59433"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-today-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रदेशभर में आज यानी 23 जुलाई का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है। विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन होने के कारण सभी की निगाहें सदन की कार्यवाही पर टिकी रहेंगी। सरकार आज 7,765.77 करोड़ रुपए के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा कराएगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। दूसरी ओर सावन के महीने में श्रद्धालुओं के लिए डाक विभाग ने विशेष गंगाजल सुविधा शुरू की है। वहीं सिंगरौली में धरौली कोल माइंस परियोजना की जनसुनवाई, भोपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और शिक्षा से जुड़े आयोजन भी पूरे दिन चर्चा में रहेंगे। आइए जानते हैं आज के सभी बड़े अपडेट।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>आज के प्रमुख अपडेट</strong></span></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>1. विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन।</li>
<li>7,765.77 करोड़ रुपए के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।</li>
<li>सिंचाई, परिवहन, शिक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान।</li>
<li>विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में।</li>
<li>हंगामे और तीखी बहस की संभावना।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>2. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे।</li>
<li>दोपहर 1:30 बजे मुलाकात के लिए समय आरक्षित।</li>
<li>दोपहर 2:30 बजे समिति कक्ष-1 में सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक करेंगे।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>3. सावन में डाकघर की विशेष सुविधा</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>प्रदेश के 43 प्रधान डाकघरों में सीलबंद गंगाजल उपलब्ध रहेगा।</li>
<li>श्रद्धालु 30 रुपए में गंगोत्री और ऋषिकेश का गंगाजल खरीद सकेंगे।</li>
<li>विशेष काउंटर और शिविर लगाकर वितरण किया जाएगा।</li>
<li>जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>4. धरौली कोल माइंस परियोजना की जनसुनवाई</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सिंगरौली में रेलवे लाइन परियोजना को लेकर आज जनसुनवाई।</li>
<li>ग्रामीणों ने उचित मुआवजे और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण की मांग रखी।</li>
<li>2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत कार्रवाई होने पर सहमति।</li>
<li>अन्य प्रक्रिया अपनाने पर विरोध की चेतावनी।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>5. हज-2027 के लिए आवेदन शुरू</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>हज कमेटी ऑफ इंडिया ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की।</li>
<li>मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी ने पात्र लोगों से समय पर आवेदन करने की अपील की।</li>
<li>आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>6. जोधपुर-चेन्नई समर स्पेशल ट्रेन</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>25 जुलाई तक प्रत्येक शनिवार संचालित होगी।</li>
<li>मध्य प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से यात्रियों को सुविधा मिलेगी।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>7. कानपुर-मदुरै स्पेशल ट्रेन</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>प्रत्येक बुधवार विशेष ट्रेन का संचालन।</li>
<li>भोपाल, बीना और इटारसी में स्टॉपेज रहेगा।</li>
<li>यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा सुविधा मिलेगी।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>8. टीटी नगर स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रायल</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>टैलेंट सर्च अभियान 2026-27 के तहत चयन ट्रायल।</li>
<li>बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ी भाग लेंगे।</li>
<li>खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की पहल।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>9. जनजातीय चित्र प्रदर्शनी</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में भील चित्रकार सुनीता परमार की प्रदर्शनी।</li>
<li>30 जुलाई तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।</li>
<li>जनजातीय कला और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>10. राष्ट्रीय संस्कृत रूपक-निर्देशन कार्यशाला</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में आयोजन।</li>
<li>27 जुलाई तक चलेगी कार्यशाला।</li>
<li>संस्कृत रंगमंच और अभिनय पर विशेष प्रशिक्षण।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>11. जामिया और आईईएचई में नए शैक्षणिक बदलाव</strong></span></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>जामिया मिलिया इस्लामिया ने अपने ऑनलाइन कोर्स शुरू किए।</li>
<li>आईईएचई में ई-प्रवेश और नई काउंसलिंग प्रक्रिया लागू होगी।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">आज राजधानी भोपाल में राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों की भी भरमार रहेगी। विधानसभा की कार्यवाही से लेकर मुख्यमंत्री की बैठकों तक कई महत्वपूर्ण फैसलों पर नजर रहेगी। वहीं सावन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई गंगाजल सुविधा लोगों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। सिंगरौली की जनसुनवाई, रेलवे की विशेष ट्रेनों, खेल ट्रायल और कला प्रदर्शनियों के चलते प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी पूरे दिन हलचल बनी रहेगी। ऐसे में 23 जुलाई का दिन मध्य प्रदेश के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/bhopal-today-23-july-discussion-on-supplementary-budget-in-the/article-59433</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/bhopal-today-23-july-discussion-on-supplementary-budget-in-the/article-59433</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 08:23:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bhopal-today-news.jpg"                         length="270779"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CJP प्रदर्शन पर कंगना रनोट बोलीं- हम डर गए थे, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कवच बनकर संभाला मोर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों पर भाजपा सांसद कंगना रनोट ने कहा कि हालात कुछ समय के लिए चिंताजनक हो गए थे। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/kangana-ranaut-said-on-cjp-protest-we-were-scared/article-59416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kangana-ranaut-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दिल्ली में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे CJP आंदोलन के दौरान सोमवार को राजधानी के कई इलाकों में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। इसी बीच संसद परिसर में मौजूद भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ समय के लिए स्थिति काफी गंभीर लग रही थी और संसद के भीतर मौजूद सांसद भी चिंतित हो गए थे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से संसद के गेट बंद कर दिए गए थे और सांसदों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। कंगना ने कहा कि उस समय ऐसा लग रहा था कि भीड़ आगे बढ़ सकती है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी के साथ हालात संभाले और किसी भी बड़े नुकसान को होने से रोक दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">कंगना रनोट ने कहा कि सोमवार की घटनाओं के दौरान संसद परिसर में मौजूद सभी लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। उनके मुताबिक कुछ समय के लिए ऐसा माहौल बन गया था कि सभी को अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगी थी। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कंगना ने दिल्ली पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने खुद को सुरक्षा कवच की तरह सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पुलिस पर पथराव भी हुआ और कई जवान घायल हुए, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने संयम बनाए रखा और आम लोगों तथा जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा बलों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, वह सराहनीय है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार सुबह जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही संसद की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। अधिकारियों के अनुसार निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद कुछ समूह आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। पुलिस का कहना है कि कई जगह बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने हिंसक व्यवहार किया और पुलिसकर्मियों पर पत्थर व अन्य वस्तुएं फेंकी। पुलिस के अनुसार इस घटनाक्रम में बड़ी संख्या में जवान घायल हुए और कुछ सरकारी वाहनों तथा सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और उपलब्ध वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को पहले ही प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी गई थी और निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील की गई थी। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन होने पर आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर प्रदर्शन से जुड़े संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना था। आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने शिक्षा सुधार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता दोहराई। मंगलवार को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहा, जहां छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में तैनात रहीं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी करती रहीं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/kangana-ranaut-said-on-cjp-protest-we-were-scared/article-59416</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/kangana-ranaut-said-on-cjp-protest-we-were-scared/article-59416</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 21:55:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/kangana-ranaut-%283%29.jpg"                         length="124952"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CJP आंदोलन के बीच राहुल, प्रियंका और अखिलेश हिरासत में, जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में CJP आंदोलन के दौरान विपक्षी नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के पास पुलिस ने हिरासत में लिया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहा, जबकि सोनम वांगचुक को हाईकोर्ट की अनुमति के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/rahul-priyanka-and-akhilesh-in-custody-amid-cjp-movement-thousands/article-59415"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cjp-protest-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">दिल्ली में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे CJP आंदोलन के बीच मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रतिबंधों को देखते हुए पुलिस ने यह कार्रवाई की। इसके बाद नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या फिर बढ़ती दिखाई दी, जहां छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एक बार फिर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोमवार की घटनाओं के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/jantar-mantar.jpg" alt="Jantar Mantar" width="1366" height="764"></img></p>
<p>सुबह से ही लोक कल्याण मार्ग और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। जैसे ही विपक्षी नेता वहां पहुंचे और धरने पर बैठने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी बाद में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं, जहां हिरासत में लिए गए नेताओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़े अप्रिय घटनाक्रम की सूचना नहीं मिली। उधर विपक्षी दलों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। वहीं सरकार का पक्ष है कि राजधानी में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है और किसी भी क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/priyanka--(1).jpg" alt="Priyanka" width="1366" height="764"></img></p>
<p>इधर जंतर-मंतर पर आंदोलन का केंद्र फिर सक्रिय नजर आया। सोमवार की तुलना में मंगलवार को भी बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक यहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी मांगों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। कुछ प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार के साथ बातचीत हुई, लेकिन उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। आंदोलन से जुड़े कुछ सदस्यों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात आगे भी रखते रहेंगे। दिनभर जंतर-मंतर पर विभिन्न समूहों ने अपनी-अपनी बात रखी। पुलिस की ओर से भी पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। प्रशासन लगातार लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील करता रहा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/akhilesh-yadav-(1).jpg" alt="Akhilesh Yadav (1)" width="1366" height="1223"></img></p>
<p>इस बीच आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर भी दिनभर चर्चा रही। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अपनी पसंद के निजी अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी, जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार शुरू किया गया। अदालत के आदेश के बाद स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल पूरी की गईं। उनके समर्थकों ने अस्पताल के बाहर पहुंचकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रशासन की ओर से कहा गया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।</p>
<p>राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आती रहीं। विभिन्न विपक्षी दलों ने आंदोलन के समर्थन में अपनी बात रखी, जबकि सरकार की ओर से यह दोहराया गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद का स्वागत है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और उसी के अनुरूप सभी कदम उठाए गए हैं। दिनभर संसद परिसर और दिल्ली के कई हिस्सों में इस मुद्दे पर चर्चा का माहौल बना रहा। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रखे हुए थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/rahul-priyanka-and-akhilesh-in-custody-amid-cjp-movement-thousands/article-59415</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/rahul-priyanka-and-akhilesh-in-custody-amid-cjp-movement-thousands/article-59415</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 21:39:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/cjp-protest-%283%29.jpg"                         length="169807"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[शादी, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों के लिए समान व्यवस्था का प्रस्ताव; सीएम मोहन यादव ने बताया ऐतिहासिक कदम, विपक्ष ने उठाए सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-passed-in-madhya-pradesh-assembly-now-waiting-for/article-59407"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ucc-bill-passed.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन UCC बिल 2026 को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार इसे नागरिक अधिकारों में समानता की दिशा में बड़ा बदलाव बता रही है, जबकि विपक्ष ने विधेयक के कई प्रावधानों और इसे लाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद अब विधेयक को आगे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ही इसे राज्य में कानून के रूप में लागू किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में विधेयक पारित होने को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला बताया। सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत नागरिक मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। इसके दायरे में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति से जुड़े अधिकार और गोद लेने जैसे विषय शामिल किए गए हैं। सरकार का तर्क है कि धर्म या समुदाय के आधार पर नागरिक अधिकारों में अलग-अलग व्यवस्था के बजाय समान नियम होने चाहिए। इसी आधार पर विधेयक को सामाजिक और कानूनी समानता से जोड़कर पेश किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC बिल को विधानसभा में पारित किए जाने से पहले इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस भी हुई। कांग्रेस विधायकों ने कई प्रावधानों को लेकर आपत्ति जताई और विधेयक पर ज्यादा विस्तार से विचार करने की मांग की। विपक्ष का कहना था कि इतने व्यापक असर वाले कानून पर सभी संबंधित पक्षों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। दूसरी तरफ सरकार ने कहा कि विधेयक तैयार करने से पहले जरूरी प्रक्रिया और विचार-विमर्श किया गया है। सदन में विरोध और राजनीतिक बहस के बीच आखिरकार इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC का सबसे बड़ा असर विवाह से जुड़े नियमों पर पड़ने की बात कही जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था में एक समय में एक ही वैध विवाह का सिद्धांत लागू होगा। पहले से वैध विवाह मौजूद रहते हुए दूसरा विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में इस मुद्दे को समान नागरिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि विवाह से जुड़े नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। सरकार इसे महिलाओं के अधिकारों और वैवाहिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण प्रावधान बता रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बहुविवाह को लेकर विधेयक में सख्त व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। सरकार का कहना है कि कानून लागू होने के बाद निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर एक से अधिक विवाह करना अपराध की श्रेणी में आ सकता है। इसके लिए सजा और कानूनी कार्रवाई के प्रावधान रखे गए हैं। सरकार का तर्क है कि इससे विवाह संबंधों में कानूनी स्पष्टता आएगी और महिलाओं को अधिक सुरक्षा मिलेगी। हालांकि इन प्रावधानों के व्यावहारिक असर और अलग-अलग समुदायों की परंपराओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधेयक में महिलाओं के संपत्ति और उत्तराधिकार अधिकारों को भी महत्वपूर्ण जगह दी गई है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य महिला और पुरुष के बीच उत्तराधिकार से जुड़े अधिकारों में समानता सुनिश्चित करना है। अभी अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण विरासत और संपत्ति के बंटवारे की व्यवस्था में अंतर देखने को मिलता है। UCC लागू होने पर इन मामलों में एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने की कोशिश होगी। सरकार इसे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और लैंगिक समानता से जोड़कर देख रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गोद लेने से जुड़े नियमों में भी समान व्यवस्था का प्रस्ताव है। अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों में गोद लेने के अधिकार और प्रक्रिया को लेकर अंतर रहा है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था में नागरिकों को समान कानूनी आधार देने की कोशिश की गई है। इससे गोद लेने की प्रक्रिया को स्पष्ट और एकरूप बनाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वास्तविक नियम और प्रक्रिया कानून लागू होने के बाद अधिसूचित नियमों तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों से और स्पष्ट होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC बिल में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान भी चर्चा में हैं। सरकार ने ऐसे संबंधों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था की बात कही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार निर्धारित कानूनी उम्र का उल्लंघन, गलत जानकारी देकर संबंध बनाना या विवाहेतर संबंध को लिव-इन व्यवस्था के नाम पर इस्तेमाल करने जैसी स्थितियों के लिए दंडात्मक प्रावधान रखे गए हैं। कुछ उल्लंघनों में सजा का प्रावधान पांच साल तक होने की बात सामने आई है। इन प्रावधानों को लेकर विपक्ष और कानूनी जानकारों के बीच आगे भी बहस होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार का कहना है कि लिव-इन संबंधों को लेकर नियम बनाने का उद्देश्य खास तौर पर महिलाओं और बच्चों के कानूनी अधिकार सुरक्षित करना है। ऐसे रिश्तों से पैदा होने वाले विवादों में भरण-पोषण, पहचान और दूसरे अधिकारों को लेकर कई बार कानूनी मुश्किलें सामने आती हैं। प्रस्तावित कानून इन मामलों में स्पष्ट व्यवस्था देने का प्रयास करता है। हालांकि निजी जीवन में राज्य के हस्तक्षेप की सीमा क्या होनी चाहिए, यह सवाल भी इस बहस के साथ जुड़ा हुआ है। कानून लागू होने के बाद इसके नियम इस व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर तय करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में UCC को धर्म से ऊपर नागरिक समानता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में नागरिक अधिकारों और जिम्मेदारियों के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग व्यक्तिगत कानूनों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए समान नागरिक कानून का समर्थन किया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे सामाजिक और कानूनी सुधारों की दिशा में एक कदम बताया। सरकार का दावा है कि इससे संविधान में निहित समानता की भावना मजबूत होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">विपक्ष ने सरकार के इन दावों को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस की ओर से विधेयक के सामाजिक प्रभाव और अलग-अलग समुदायों की परंपराओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए। विपक्ष का तर्क रहा कि व्यक्तिगत कानून सीधे लोगों के पारिवारिक और सामाजिक जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए बदलाव से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा जरूरी है। सदन में इस मुद्दे को लेकर तीखी राजनीतिक बहस भी देखने को मिली। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर समान नागरिक अधिकारों के मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देखने का आरोप लगाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में विधेयक लाने से पहले इसे कैबिनेट से मंजूरी दी थी। भोपाल के पास जगदीशपुर में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में UCC बिल के मसौदे को मंजूर किया गया था। इसके बाद मानसून सत्र में इसे सदन के सामने रखा गया। सरकार की ओर से पहले ही संकेत दिए गए थे कि इस सत्र में UCC प्रमुख विधायी एजेंडे में रहेगा। बिल पेश होने के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव शुरू हो गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधेयक के दायरे को लेकर आदिवासी समुदायों का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा है। कैबिनेट से मंजूरी के समय सामने आई जानकारी के अनुसार अनुसूचित जनजातियों को प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखने की व्यवस्था की गई है। मध्य प्रदेश में बड़ी आदिवासी आबादी रहती है और कई समुदायों में विवाह, उत्तराधिकार तथा पारिवारिक मामलों से जुड़ी पारंपरिक प्रथाएं मौजूद हैं। इसी कारण UCC की तैयारी के दौरान आदिवासी अधिकार और संवैधानिक संरक्षण का सवाल लगातार चर्चा में रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी पिछले कुछ समय से चल रही थी। सरकार की ओर से अलग-अलग स्तर पर सुझाव और प्रतिक्रियाएं लेने की प्रक्रिया भी की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से समान नागरिक संहिता लागू करने के पक्ष में बयान दे चुके थे। उनका कहना रहा है कि धर्म के आधार पर नागरिक अधिकारों में अंतर नहीं होना चाहिए। विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद अब यह प्रक्रिया अगले संवैधानिक चरण में पहुंच गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूनिफॉर्म सिविल कोड का मूल विचार नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों के लिए एक समान कानून तैयार करना है। भारत में फिलहाल विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और कुछ दूसरे पारिवारिक मामलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। UCC इसी व्यवस्था में बदलाव की बात करता है। इसका उद्देश्य इन विषयों के लिए धर्म से अलग एक समान नागरिक कानूनी ढांचा बनाना है। संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में भी समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास का उल्लेख किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि UCC लंबे समय से देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है। समर्थकों का कहना है कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय एक समान व्यवस्था होने से महिलाओं को बराबरी के अधिकार मिलेंगे और कानूनी जटिलता कम होगी। विरोध करने वाले पक्षों का तर्क है कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए व्यक्तिगत कानूनों में बदलाव बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए। धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, यही इस बहस का सबसे संवेदनशील हिस्सा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश सरकार ने विधेयक को खास तौर पर महिला सशक्तिकरण से जोड़कर पेश किया है। सरकार का कहना है कि विवाह, तलाक और उत्तराधिकार में समान नियम होने से महिलाओं को कानूनी सुरक्षा मिलेगी। बहुविवाह पर रोक और विरासत में समान अधिकार जैसे प्रावधान इसी दिशा में बताए जा रहे हैं। सरकार ने तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा है कि समान नागरिक कानून लागू होने पर विवाह और तलाक की प्रक्रिया एक समान कानूनी ढांचे से संचालित होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधेयक के कानून बनने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। विधानसभा से पास होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाना है। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार कानून लागू करने की तारीख तय कर सकती है और इसके विस्तृत नियम अधिसूचित किए जाएंगे। इन्हीं नियमों से विवाह पंजीकरण, लिव-इन संबंधों से जुड़ी प्रक्रियाओं, उत्तराधिकार और दूसरे मामलों के व्यावहारिक प्रावधान ज्यादा स्पष्ट होंगे। इसलिए विधानसभा से बिल पास होना महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन इसका वास्तविक क्रियान्वयन अगली प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC लागू होने पर पहले से मौजूद विवाह और दूसरे नागरिक मामलों पर कानून का क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर भी विस्तृत नियम महत्वपूर्ण होंगे। नए और पुराने मामलों के बीच कानूनी व्यवस्था कैसे लागू होगी, पंजीकरण की प्रक्रिया क्या होगी और उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई किस स्तर पर होगी, इन सवालों के जवाब नियमावली में सामने आएंगे। सरकार को इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था भी तैयार करनी होगी। संबंधित विभागों और स्थानीय स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी।</p>
<p>विधानसभा में UCC बिल पारित होने के साथ मध्य प्रदेश की राजनीति में भी यह बड़ा मुद्दा बन गया है। भाजपा इसे समानता, महिला अधिकार और सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक फैसला बता रही है। कांग्रेस ने कानून के कई पहलुओं और इसे पारित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति की मंजूरी और नियमों के निर्माण के दौरान भी राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। फिलहाल विधानसभा की मंजूरी के बाद राज्य सरकार की नजर अगली संवैधानिक प्रक्रिया पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-passed-in-madhya-pradesh-assembly-now-waiting-for/article-59407</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-passed-in-madhya-pradesh-assembly-now-waiting-for/article-59407</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 19:07:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/ucc-bill-passed.jpg"                         length="211967"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन, UCC और अनुपूरक बजट पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[UCC समेत अहम विधेयकों पर चर्चा का एजेंडा, किसान और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eye-on-ucc-and-supplementary-budget-on-the-second-day/article-59339"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-ucc-bill-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। सत्र की शुरुआत से ही समान नागरिक संहिता यानी UCC सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। पहले दिन सरकार ने इससे जुड़ा विधेयक सदन में पेश किया था, जिसके बाद विपक्ष ने कई सवाल उठाए। कांग्रेस विधायकों ने विधेयक के प्रावधानों के साथ इसे सदन में लाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। अब दूसरे दिन UCC पर होने वाली चर्चा और विपक्ष के रुख पर सबसे ज्यादा नजर है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और 24 जुलाई तक चलेगा। सिर्फ पांच दिन के इस सत्र में सरकार को कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय काम पूरे करने हैं। यही बात विपक्ष के विरोध की एक बड़ी वजह भी है। कांग्रेस का कहना है कि इतने कम समय में कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने से उन पर विस्तार से चर्चा मुश्किल होगी। सरकार का पक्ष है कि सभी विधायी काम तय प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं और सदन में चर्चा के लिए पर्याप्त व्यवस्था है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन का माहौल शुरुआत से ही गर्म रहा। समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक पेश होते ही कांग्रेस विधायकों ने विरोध दर्ज कराया। एक साथ कई विधेयक सदन में लाए जाने को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। हंगामा बढ़ने के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पहले दिन के घटनाक्रम के बाद मंगलवार की कार्यवाही भी हंगामेदार रहने के आसार हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC इस मानसून सत्र का सबसे चर्चित विधेयक है। विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक पहले जगदीशपुर में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद विधेयक विधानसभा पहुंचा और सत्र के पहले दिन इसे सदन में पेश किया गया। सरकार इसे नागरिक कानूनों में समान व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है। विपक्ष का कहना है कि इतने व्यापक असर वाले कानून पर जल्दबाजी के बजाय हर प्रावधान पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्तावित समान नागरिक संहिता विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों से जुड़े नागरिक कानूनों में समान व्यवस्था बनाने से संबंधित है। सामने आई जानकारी के अनुसार इसमें एक विवाह की व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है और बहुविवाह पर रोक से जुड़े प्रावधान भी प्रस्तावित हैं। अनुसूचित जनजातियों और संविधान के तहत विशेष संरक्षण वाले कुछ समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखने की व्यवस्था बताई गई है। इन्हीं प्रावधानों के सामाजिक और कानूनी असर को लेकर सदन के अंदर और बाहर बहस तेज है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भाजपा UCC को समानता और खासकर महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर देख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट कर चुके हैं। सरकार का कहना है कि अलग-अलग नागरिक व्यवस्थाओं के बजाय समान व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। भाजपा विधायकों को भी सदन में विधेयक से जुड़े पक्ष को मजबूती से रखने के लिए कहा गया है। सोमवार रात मुख्यमंत्री निवास पर हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में विधानसभा सत्र की रणनीति और UCC पर चर्चा की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी तरफ कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह विधेयक को बिना विस्तृत चर्चा के आसानी से आगे नहीं बढ़ने देगी। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की ओर से UCC विधेयक में संशोधन प्रस्ताव दिए जाने की बात भी सामने आई है। विपक्ष का जोर इस बात पर है कि विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामले सीधे आम लोगों की सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था से जुड़े हैं। इसलिए कानून के हर पहलू पर सदन में पर्याप्त समय देकर बहस होनी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरे दिन UCC के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन के एजेंडे में हैं। सरकार की कोशिश पांच दिन के छोटे सत्र में ज्यादा से ज्यादा विधायी काम पूरा करने की है। हालांकि विपक्ष इसी बात को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि एक साथ ज्यादा विधेयक लाने से विधायकों को उनका अध्ययन करने और चर्चा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। ऐसे में विधेयकों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच फिर टकराव देखने को मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधानसभा के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की ओर से इसे सदन में पेश किए जाने का कार्यक्रम है। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार उन विभागों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करती है, जहां मूल बजट के बाद अतिरिक्त राशि की जरूरत सामने आती है। बजट में किन विभागों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि रखी जाती है, इस पर विपक्ष की खास नजर रहेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क, सिंचाई और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए होने वाले वित्तीय प्रावधान चर्चा में रह सकते हैं। सरकार की कई पुरानी घोषणाओं और विकास परियोजनाओं के लिए राशि के इंतजाम को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। विपक्ष बजट पर चर्चा के दौरान सरकार से खर्च और योजनाओं की प्रगति का हिसाब मांग सकता है। कम अवधि के सत्र के कारण अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए मिलने वाला समय भी राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">किसानों से जुड़े सवाल भी मानसून सत्र में सरकार के लिए चुनौती बन सकते हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से फसल, भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई और बारिश से नुकसान से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। विपक्ष इन मुद्दों को विधानसभा में उठाने की तैयारी में है। किसानों के भुगतान और कृषि से जुड़ी योजनाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जा सकता है। कांग्रेस की रणनीति UCC के साथ किसानों के सवालों पर भी सरकार को घेरने की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानसून का समय होने के कारण बारिश से जुड़ी स्थानीय समस्याएं भी विधानसभा तक पहुंच सकती हैं। कई इलाकों में जलभराव, खराब सड़कें, ग्रामीण संपर्क मार्ग, बिजली व्यवस्था और नालों की सफाई जैसे मुद्दे विधायकों ने उठाने की तैयारी की है। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से आए जनहित के मामलों को प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और अन्य संसदीय प्रक्रियाओं के जरिए सदन के सामने रखा जा सकता है। स्थानीय समस्याओं को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक भी अपने विभागों से जवाब मांग सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधानसभा में प्रश्नकाल सरकार के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। विधायक अपने क्षेत्रों से जुड़े सवालों पर मंत्रियों से जवाब मांगेंगे। विभागीय योजनाओं की स्थिति, स्वीकृत राशि, अधूरे विकास कार्य और प्रशासनिक मामलों पर सवाल उठ सकते हैं। जनहित से जुड़ी कई याचिकाएं और सूचनाएं भी विधानसभा सचिवालय को दी गई हैं। हालांकि इनमें से कितने विषय मंगलवार की वास्तविक कार्यवाही में लिए जाते हैं, यह सदन के समय और कार्यवाही की स्थिति पर निर्भर करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">पहले दिन हुए हंगामे के बाद दूसरे दिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना भी चुनौती होगी। अगर UCC पर बहस लंबी होती है या विरोध के कारण सदन बार-बार बाधित होता है तो बाकी विधायी कामकाज के लिए समय कम पड़ सकता है। सरकार के पास 24 जुलाई तक ही समय है। इसी अवधि में महत्वपूर्ण विधेयकों, अनुपूरक बजट और दूसरे सरकारी कामों को पूरा करना है। विपक्ष भी चाहता है कि जनहित के मुद्दे विधायी कामकाज के बीच दबकर न रह जाएं।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजनीतिक तौर पर देखें तो UCC का मुद्दा विधानसभा से बाहर भी गर्म है। भाजपा इसे समान नागरिक अधिकार और सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। कांग्रेस कानून के प्रावधानों, उसके असर और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। आने वाले दिनों में दोनों दल इस मुद्दे को जनता के बीच भी ले जा सकते हैं। ऐसे में सदन के भीतर होने वाली बहस का असर मध्य प्रदेश की आगे की राजनीति पर भी दिखाई देने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानसून सत्र के दूसरे दिन तीन बड़े मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर है। पहला UCC पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच होने वाली चर्चा, दूसरा अनुपूरक बजट और तीसरा किसानों समेत दूसरे जनहित के सवाल। सोमवार के घटनाक्रम से साफ है कि पांच दिन का यह सत्र अवधि में छोटा जरूर है, लेकिन राजनीतिक और विधायी लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। सरकार अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगी है, जबकि विपक्ष हर बड़े मुद्दे पर जवाब मांगने की रणनीति के साथ सदन में उतरा है।</p>
<p>अब यह देखना अहम होगा कि दूसरे दिन UCC पर चर्चा किस दिशा में जाती है और विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का सरकार क्या जवाब देती है। अनुपूरक बजट में किन योजनाओं और विभागों को अतिरिक्त राशि मिलती है, इस पर भी नजर रहेगी। 24 जुलाई तक चलने वाले मानसून सत्र में सरकार कितने महत्वपूर्ण विधायी काम पूरे कर पाती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरने में सफल होता है, आने वाले तीन दिनों में इसकी तस्वीर और साफ हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eye-on-ucc-and-supplementary-budget-on-the-second-day/article-59339</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eye-on-ucc-and-supplementary-budget-on-the-second-day/article-59339</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:02:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mp-ucc-bill-2026.jpg"                         length="244310"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम मोहन यादव का विधायकों से आह्वान: जनता तक पहुंचाएं यूसीसी के फायदे, महिला सशक्तीकरण पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा विधायक दल की बैठक में समान नागरिक संहिता पर हुई चर्चा, सरकार की योजनाओं और जनजागरूकता अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने का दिया गया संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cm-mohan-yadavs-appeal-to-mlas-to-convey-the-benefits/article-59332"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cm-mohan-yadav-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच सोमवार देर रात मुख्यमंत्री निवास पर भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायकों को संबोधित करते हुए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत किया गया यह विधेयक सामाजिक समरसता, समान अधिकार और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपील की कि वे यूसीसी से जुड़ी जानकारी और इसके प्रमुख प्रावधानों को आम जनता तक सरल भाषा में पहुंचाएं, ताकि लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचे और इस विषय को लेकर जागरूकता बढ़े।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि किसी भी बड़े कानून या नीति की सफलता केवल उसके लागू होने से नहीं, बल्कि लोगों तक उसकी सही जानकारी पहुंचने से तय होती है। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करें और यूसीसी के उद्देश्य तथा उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह पहल सभी नागरिकों के लिए समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि समान अधिकारों की अवधारणा समाज में संतुलन और न्याय की भावना को मजबूत करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को संपत्ति सहित अन्य कानूनी अधिकारों के संरक्षण को लेकर भी यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे इन विषयों पर लोगों को जागरूक करें और समाज में सकारात्मक संवाद का वातावरण तैयार करें।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी विधायकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के संबंध में लोगों तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस कानून के संभावित लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाना चाहिए। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाने तथा जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर भी चर्चा हुई। प्रदेशाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की प्रमुख योजनाओं और जनहित के कार्यों की जानकारी घर-घर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष ने विधायकों से इस अभियान को जनभागीदारी का बड़ा माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस अभियान को सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">विधायक दल की बैठक में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधानसभा सत्र के दौरान सदन में उठने वाले विषयों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से लोगों से संवाद बनाए रखें और विकास कार्यों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाएं। बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान प्रभावी भागीदारी और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से रखने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े संगठनात्मक और विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cm-mohan-yadavs-appeal-to-mlas-to-convey-the-benefits/article-59332</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cm-mohan-yadavs-appeal-to-mlas-to-convey-the-benefits/article-59332</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:35:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/cm-mohan-yadav-%283%29.jpg"                         length="133412"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूसीसी समेत आठ विधेयकों पर आज चर्चा, CM डॉ. मोहन यादव रहेंगे व्यस्त, भोपाल में होंगे कई प्रमुख इवेंट</title>
                                    <description><![CDATA[सदन में समान नागरिक संहिता पर बहस के आसार, मुख्यमंत्री कई सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होंगे शामिल, भोपाल में आज होंगे कई प्रमुख आयोजन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/discussion-on-eight-bills-including-ucc-today-cm-dr-mohan/article-59323"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-events-.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन कई अहम मुद्दों के साथ शुरू होगा। सदन में आज समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित आठ महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। सोमवार को सरकार ने करीब 120 पन्नों का यूसीसी विधेयक सदन के पटल पर रखा था। इसके साथ कुल 14 विधेयक प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से आज कई विधेयकों पर विस्तार से चर्चा होगी। यूसीसी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। विधानसभा की कार्यवाही पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह विधेयक राज्य की महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों में शामिल माना जा रहा है।</p>
<h5><strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आज के कार्यक्रम (21 जुलाई 2026, मंगलवार)</strong></h5>
<p>सुबह 10:55 बजे – मध्य प्रदेश विधानसभा आगमन<br />सुबह 11:00 बजे – विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे<br />दोपहर 1:30 बजे – निर्धारित मुलाकातें<br />दोपहर 2:30 बजे – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बड़वानी के बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता<br />इसके बाद – मुख्यमंत्री निवास आगमन<br />सायं 6:45 बजे – स्थानीय कार्यक्रम के लिए विधानसभा आगमन<br />सायं 7:00 बजे – भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन सभागार में आयोजित "युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार" महानाट्य के मंचन में शामिल होंगे।</p>
<p>सोमवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे समान नागरिक संहिता के प्रावधानों और उसके लाभों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यूसीसी समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसके संबंध में तथ्यात्मक जानकारी जनता तक पहुंचाई जानी चाहिए। बैठक में संगठन और जनसंपर्क को लेकर भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।</p>
<p>उधर दतिया विधानसभा उपचुनाव भी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। मतदान में अब दस दिन से भी कम समय शेष है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। दोनों दल बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में वरिष्ठ नेताओं के चुनावी दौरे और जनसभाएं भी बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>प्रदेश में मिलावटी और सिंथेटिक दूध के उत्पादन और वितरण को लेकर भी सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को दूध संग्रहण केंद्रों, डेयरियों, बीएमसी सेंटर और मिल्क प्रोसेसिंग यूनिटों पर विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध नमूनों की जांच कर रिपोर्ट 31 जुलाई तक मुख्यालय भेजने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी मिलावट की पुष्टि हो, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>इधर इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत से जुड़े मामले पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। मेघालय सरकार द्वारा दायर याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ सुनवाई करेगी। इस मामले पर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर लोगों की नजर बनी हुई है।</p>
<h5><span><strong>आज भोपाल में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम</strong></span></h5>
<h5><span><strong>1. ग्रीन हब फेस्टिवल 2026 (Green Hub Festival 2026)</strong></span></h5>
<ul>
<li><strong>समय:</strong> सुबह 09:30 बजे से</li>
<li><strong>स्थान:</strong> रवींद्र भवन (गेट नंबर-3, राजभवन रोड, शामला हिल्स, भोपाल)</li>
<li><strong>टिकट:</strong> नि:शुल्क प्रवेश</li>
<li><strong>विवरण:</strong> पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में प्रकृति संरक्षण से जुड़े कई रचनात्मक प्रदर्शन, प्रदर्शनी और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।</li>
</ul>
<h5><span><strong>2. दीदार प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन (Didaar Premium Lifestyle Exhibition)</strong></span></h5>
<ul>
<li><strong>समय:</strong> सुबह 11:00 बजे से शाम 08:00 बजे तक</li>
<li><strong>स्थान:</strong> रेडिसन होटल, ई-8, गुलमोहर मेन रोड, भोपाल</li>
<li><strong>टिकट:</strong> नि:शुल्क प्रवेश</li>
<li><strong>विवरण:</strong> फैशन, डिजाइनर परिधान, ज्वेलरी, होम डेकोर और लाइफस्टाइल उत्पादों की इस विशेष प्रदर्शनी में शहर के प्रमुख ब्रांड और डिजाइनर अपनी नई कलेक्शन पेश करेंगे।</li>
</ul>
<h5><span><strong>3. ए-टू-जेड ऑफ ओपनिंग ए सक्सेसफुल स्कूल (Workshop)</strong></span></h5>
<ul>
<li><strong>समय:</strong> सुबह 08:30 बजे</li>
<li><strong>स्थान:</strong> हॉल रूम, रेडिसन होटल, भोपाल</li>
<li><strong>टिकट:</strong> नि:शुल्क</li>
<li><strong>विवरण:</strong> शिक्षा क्षेत्र में नया संस्थान शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में स्कूल प्रबंधन, कानूनी प्रक्रियाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और सफल संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।</li>
</ul>
<h5><span><strong>4. तनाव एवं चिंता निवारण – वेलनेस टूर</strong></span></h5>
<ul>
<li><strong>समय:</strong> शाम 04:00 बजे से</li>
<li><strong>स्थान:</strong> वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</li>
<li><strong>टिकट:</strong> नि:शुल्क प्रवेश</li>
<li><strong>विवरण:</strong> मानसिक स्वास्थ्य और तनावमुक्त जीवन पर आधारित इस विशेष सत्र में ध्यान, मेडिटेशन और प्राकृतिक वातावरण के माध्यम से मानसिक शांति एवं सकारात्मक जीवनशैली पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।</li>
</ul>
<p>प्रदेश में आज राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक और सामाजिक गतिविधियां एक साथ चर्चा का केंद्र बनी रहेंगी। विधानसभा में यूसीसी समेत महत्वपूर्ण विधेयकों पर होने वाली चर्चा, मुख्यमंत्री के विभिन्न कार्यक्रम, दतिया उपचुनाव की तैयारियां, मिलावटी दूध के खिलाफ अभियान और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के साथ-साथ भोपाल में आयोजित विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रम दिनभर सुर्खियों में रहने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/discussion-on-eight-bills-including-ucc-today-cm-dr-mohan/article-59323</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/discussion-on-eight-bills-including-ucc-today-cm-dr-mohan/article-59323</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:13:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bhopal-events-.jpg"                         length="173788"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश हुआ UCC बिल, कैबिनेट की मंजूरी के बाद सदन में पहुंचा विधेयक</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री गौतम टेटवाल ने समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक किया पेश, एक साथ कई बिल लाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-introduced-in-madhya-pradesh-assembly-bill-reached-house/article-59306"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-ucc-bill,.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्य सरकार ने विधानसभा में इससे जुड़ा विधेयक पेश कर दिया है। मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन की कार्यवाही के दौरान बिल को पटल पर रखा। इससे एक दिन पहले राज्य मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधानसभा में इस पर चर्चा की जाएगी और इसके बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधानसभा में UCC विधेयक पेश होने के बाद अब इसके प्रावधानों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष की ओर से समय निर्धारित किया जाएगा। इस दौरान विधायक विधेयक के अलग-अलग पहलुओं पर अपनी राय रख सकेंगे और सरकार प्रस्तावित कानून के उद्देश्य तथा प्रावधानों को सदन के सामने स्पष्ट करेगी। आवश्यकता पड़ने पर विधेयक में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव भी सामने आ सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">समान नागरिक संहिता का सामान्य अर्थ नागरिकों के व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था से है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, विरासत और गोद लेने जैसे विषय इसके दायरे में चर्चा का प्रमुख हिस्सा होते हैं। वर्तमान में इनसे जुड़े कई मामलों में अलग-अलग समुदायों के पर्सनल लॉ और अन्य कानून लागू होते हैं। हालांकि मध्य प्रदेश में प्रस्तावित व्यवस्था का वास्तविक स्वरूप और दायरा विधेयक के अंतिम प्रावधानों से ही स्पष्ट होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में भी समान नागरिक संहिता का उल्लेख किया गया है। यह संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों का हिस्सा है। इसमें राज्य से नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की अपेक्षा की गई है। UCC को लेकर लंबे समय से देश में कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक बहस होती रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विधेयक पहुंचने के बाद अब प्रदेश स्तर पर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज होने के आसार हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC से जुड़े विधेयक के साथ राज्य सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी विधानसभा में प्रस्तुत किए। इनमें कारोबार, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, राजमार्ग, निजी विश्वविद्यालय, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, नागरिक सुरक्षा और श्रम व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। बड़ी संख्या में विधेयकों को एक साथ सदन के पटल पर रखे जाने के कारण विपक्ष ने प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार की ओर से मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 भी पेश किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 और मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक 2026 को भी सदन में रखा गया। इन प्रस्तावों के जरिए राज्य में कारोबारी प्रक्रियाओं, आपातकालीन सेवाओं और सड़क संबंधी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से जुड़े विषयों को विधायी एजेंडे में शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उच्च और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई विधेयक भी सदन में पहुंचे हैं। इनमें मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2026, मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से संबंधित संशोधन और मध्य प्रदेश धन्वंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 शामिल हैं। इनके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से संबंधित राज्य स्तरीय प्रस्ताव और निरसन विधेयक भी विधानसभा में प्रस्तुत किए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रम और कार्यस्थल से जुड़े प्रस्तावों को भी सरकार ने विधायी एजेंडे में जगह दी है। मध्य प्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज 2026 और मध्य प्रदेश श्रम शक्ति संहिता 2026 समेत अन्य विधेयक सदन के सामने रखे गए। इन सभी विधेयकों के विस्तृत प्रावधानों पर संबंधित चर्चा के दौरान स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक साथ कई विधेयक पेश किए जाने पर कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में आपत्ति दर्ज कराई। विपक्ष ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर विधायकों को पर्याप्त अध्ययन और चर्चा का अवसर मिलना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस की स्थिति बन गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">विपक्ष की आपत्ति पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन विधेयकों को लेकर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में पहले ही चर्चा की गई थी। समिति की सहमति के बाद अनुपूरक कार्यसूची जारी की गई और निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार विधेयकों को सदन में प्रस्तुत किया गया। अध्यक्ष ने विधेयकों को पेश किए जाने की प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस की आपत्ति का जवाब देते हुए सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विधेयकों से जुड़े विषय कार्य मंत्रणा समिति के सामने रखे गए थे और पूरी प्रक्रिया विधानसभा के नियमों तथा स्थापित परंपराओं के अनुसार अपनाई गई। सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि सदन में विधेयक रखने से पहले आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधेयकों के पेश होने के बाद विधानसभा में विपक्षी सदस्यों का विरोध तेज हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक के कारण सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। शोर-शराबे के बीच कार्यवाही को सामान्य रूप से आगे बढ़ाना मुश्किल हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब सबसे अधिक नजर UCC विधेयक पर होने वाली चर्चा पर रहेगी। सत्ता पक्ष विधेयक के समर्थन में समान नागरिक कानून की आवश्यकता और उसके प्रस्तावित लाभों को सदन में रख सकता है। वहीं विपक्ष विधेयक के कानूनी, संवैधानिक और सामाजिक प्रभावों को लेकर सवाल उठा सकता है। विधेयक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों को लेकर क्या व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, इस पर चर्चा के दौरान स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।</p>
<p>विधानसभा में पेश किए जाने के बाद विधेयक को निर्धारित विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सदन में चर्चा के दौरान इसके प्रावधानों पर बहस होगी और जरूरत पड़ने पर संशोधन प्रस्ताव रखे जा सकते हैं। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया के जरिए विधेयक को पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। विधानसभा की मंजूरी मिलने के बाद कानून के स्वरूप के अनुसार आगे की संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-introduced-in-madhya-pradesh-assembly-bill-reached-house/article-59306</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-introduced-in-madhya-pradesh-assembly-bill-reached-house/article-59306</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 18:09:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/madhya-pradesh-ucc-bill%2C.jpg"                         length="185375"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CJP प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, मांगों का पत्र सौंपा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG पेपर लीक समेत परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए, नड्डा से करीब 10 मिनट हुई बातचीत; CJP का दावा- सरकार के स्तर पर चर्चा का मिला भरोसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cjp-representatives-met-jp-nadda-and-handed-over-letter-of/article-59299"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cjp-jp-nadda-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का पत्र सौंपा। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने नड्डा से उनके आवास पर करीब 10 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान NEET-UG पेपर लीक समेत शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। CJP लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सभी प्रमुख मांगें लिखित रूप में जेपी नड्डा के सामने रखीं। संगठन का दावा है कि नड्डा ने उनकी बात सुनी और इन मुद्दों पर उचित स्तर पर चर्चा करने का भरोसा दिया। हालांकि बैठक के दौरान किसी मांग को स्वीकार करने या तत्काल कार्रवाई करने को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने अपने मांग पत्र में शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाया है। CJP का आरोप है कि प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बावजूद पर्याप्त व्यवस्थागत सुधार नहीं किए गए। संगठन इसी आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP ने अपने पत्र में केवल NEET का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि CBSE कक्षा 12 से जुड़े पोर्टल की कथित अव्यवस्था और CUET परीक्षा में देरी जैसे मामलों का भी उल्लेख किया है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली समस्याओं का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों पर पड़ता है। ऐसे में केवल तत्काल समाधान के बजाय परीक्षा प्रणाली में स्थायी और पारदर्शी सुधार किए जाने चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">जेपी नड्डा से यह मुलाकात उस समय हुई, जब मध्य दिल्ली में CJP का बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP ने संसद तक विरोध मार्च निकालने का भी आह्वान किया था। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के कारण नई दिल्ली क्षेत्र में पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारियों के संसद की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने से रोका। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई दिल्ली क्षेत्र में बड़े जमावड़े और बिना अनुमति जुलूस को लेकर प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरे दिन सतर्क रहीं। संसद भवन, जंतर-मंतर और आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP नेताओं का कहना है कि संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इससे उसकी प्रमुख मांगें समाप्त नहीं होतीं। संगठन के मुताबिक, सरकार यदि परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना चाहती है तो प्रतिनिधि चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही तय करने की मांग पर संगठन फिलहाल कायम है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP ने कहा कि सरकार तक उसकी मांगें औपचारिक रूप से पहुंचा दी गई हैं। संगठन के अनुसार, नड्डा ने इन मुद्दों पर आंतरिक स्तर पर बातचीत करने की बात कही है। अब प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। बैठक के बाद किसी औपचारिक समझौते या आंदोलन समाप्त करने जैसी घोषणा नहीं हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाए जाने को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल को बलपूर्वक खाली कराने की कार्रवाई नहीं की गई और विरोध जारी रहा। पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने पर जोर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा संचालन से जुड़ी गड़बड़ियां केवल प्रशासनिक समस्या नहीं हैं, बल्कि इनका असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थी वर्षों का समय और बड़ी आर्थिक राशि खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठने से छात्रों और उनके परिवारों में असुरक्षा बढ़ती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। इसके साथ ही पेपर लीक या दूसरी गंभीर अनियमितताओं के मामलों में जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। CJP का दावा है कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है और परीक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव होने चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">संसद के मानसून सत्र के बीच हुए इस प्रदर्शन के कारण मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। CJP ने आंदोलन के जरिए अपनी मांग सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक को इसी क्रम में सरकार और प्रदर्शनकारी समूह के बीच संवाद की एक कड़ी माना जा रहा है।</p>
<p>संगठन ने साफ किया है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखना चाहता है। CJP नेताओं का कहना है कि मांगों पर ठोस कदम उठने तक प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां संसद सत्र को देखते हुए मध्य दिल्ली में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cjp-representatives-met-jp-nadda-and-handed-over-letter-of/article-59299</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cjp-representatives-met-jp-nadda-and-handed-over-letter-of/article-59299</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:57:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/cjp-jp-nadda-meeting.jpg"                         length="128352"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP विधानसभा का मानसून सत्र आज से, खाद संकट और कम बारिश पर सरकार को घेरेगा विपक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[पांच दिन के सत्र में किसान, कानून व्यवस्था और पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर हंगामे के आसार; UCC विधेयक पर भी टिकी नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/monsoon-session-of-mp-assembly-from-today-opposition-will-corner/article-59233"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-monsoon-session.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र भले ही पांच दिन का है, लेकिन सरकार और विपक्ष दोनों के पास मुद्दों की लंबी सूची है। पहले ही दिन किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की स्थिति को लेकर सदन गरमा सकता है। विपक्ष ने खरीफ सीजन के बीच किसानों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व विधायकों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। सदन पूर्व विधायक अश्विनी जोशी और पहाड़ सिंह कनौजे के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूरी को याद करेगा। मशहूर उर्दू शायर डॉ. बशीर बद्र और पंडवानी की प्रसिद्ध कलाकार तीजन बाई को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की नियमित कार्यवाही शुरू होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद प्रश्नकाल होगा, जिसमें विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों और प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल करेंगे। संबंधित विभागों के मंत्री इन सवालों के जवाब देंगे। स्थानीय समस्याओं, सरकारी योजनाओं, विभागीय कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई सवाल प्रश्नकाल में सामने आ सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पहले दिन सरकार की ओर से अध्यादेश, अधिसूचनाएं और विभिन्न विभागों की वार्षिक रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी। पंचायत राज से जुड़े अध्यादेश और सेस संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पेश किए जाने की तैयारी है। GST, VAT, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और उच्च शिक्षा से जुड़े दस्तावेज भी विधानसभा में रखे जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि राजनीतिक नजर सबसे ज्यादा किसानों के मुद्दे पर रहेगी। खरीफ सीजन चल रहा है और इस समय खाद तथा प्रमाणित बीज की उपलब्धता सीधे फसल से जुड़ी हुई है। कई क्षेत्रों में किसानों की मांग और उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष इसी मुद्दे पर सरकार से जिलेवार स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बारिश भी सदन में बड़ा मुद्दा बनेगी। प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है। खेती का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश पर निर्भर होने के कारण वर्षा में कमी या लंबे ब्रेक का असर बोवनी और फसलों पर पड़ सकता है। विपक्ष सरकार से कृषि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों पर जवाब मांगने की तैयारी में है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से नियम 139 के तहत खाद, बीज और बारिश से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग किए जाने की संभावना है। विपक्ष यह जानना चाहेगा कि खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में खाद का कितना स्टॉक है, जिलों तक कितनी मात्रा पहुंचाई गई और मांग के मुकाबले आपूर्ति की स्थिति क्या है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पांच दिन के सत्र में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठेगा। विपक्ष प्रदेश में हाल के घटनाक्रमों को आधार बनाकर गृह विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल कर सकता है। अपराध और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">परीक्षाओं और कथित पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर भी विपक्ष ने तैयारी की है। युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है। भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर सदन में सवाल उठ सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">जमीन खरीदी से जुड़े कुछ मामलों पर भी विधानसभा में चर्चा की संभावना है। विपक्ष इन मामलों में सरकार की स्थिति स्पष्ट करने और जरूरत पड़ने पर जांच की मांग कर सकता है। इससे जुड़े दस्तावेज और फैसले भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित परिवारों का मामला भी सदन में उठ सकता है। विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास को लेकर विधायक सवाल कर सकते हैं। परियोजना से प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राशि और दूसरी सुविधाओं की स्थिति पर सरकार से जानकारी मांगी जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार के विधायी एजेंडे पर भी नजर रहेगी। समान नागरिक संहिता यानी UCC से जुड़ा प्रस्तावित विधेयक इस सत्र के सबसे चर्चित विषयों में शामिल हो सकता है। यदि विधेयक सदन में पेश होता है तो इसके कानूनी और सामाजिक प्रावधानों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी बहस होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधायकों ने कई ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए हैं। इनमें तेज आवाज में बजने वाले DJ सिस्टम पर नियम होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मामला शामिल है। शादी, धार्मिक आयोजन और दूसरे कार्यक्रमों में तेज आवाज से होने वाली परेशानी को लेकर संबंधित विभाग से कार्रवाई की जानकारी मांगी जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित मध्य प्रदेश भवन का मामला भी विधानसभा में उठाया जाएगा। भवन की मरम्मत, रखरखाव और विकास को लेकर सरकार से जानकारी मांगी जा सकती है। पंढरपुर जाने वाले मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए यह भवन महत्वपूर्ण है, इसलिए वहां उपलब्ध सुविधाओं का मुद्दा भी सामने आ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सत्र में करीब 25 जनहित याचिकाएं पेश किए जाने की तैयारी है। इनमें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की स्थानीय समस्याएं शामिल हैं। सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, पेयजल, स्कूल भवन, स्वास्थ्य सुविधाएं, सिंचाई और बिजली व्यवस्था से जुड़ी मांगों को विधायक सदन में रखेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">कुछ क्षेत्रों में नगर परिषद के गठन की मांग भी जनहित याचिकाओं के जरिए उठाई जा सकती है। तेजी से बढ़ते कस्बों में नगरीय सुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए विधायक सरकार से कार्रवाई की मांग करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीण इलाकों में सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुख रहेंगी। कई विधायकों की ओर से अधूरी सड़कों, नए पुलों और पानी की योजनाओं को लेकर प्रस्ताव दिए गए हैं। सिंचाई परियोजनाओं और बिजली आपूर्ति में सुधार के मुद्दे भी इसके साथ उठेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े स्थानीय मुद्दे भी सदन तक पहुंचेंगे। नए स्कूल भवन, पुराने भवनों की मरम्मत, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने जैसी मांगें जनहित याचिकाओं का हिस्सा रहेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">सत्र के पहले दिन विधानसभा की दो महत्वपूर्ण समितियों के चुनाव की प्रक्रिया भी होगी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति और पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। दोनों समितियों में 11-11 सदस्य होंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">ये समितियां संबंधित वर्गों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन की समीक्षा करती हैं। विभागीय योजनाओं की स्थिति और हितग्राहियों तक उनके लाभ पहुंचने से जुड़े मामलों को भी समितियां देखती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पांच दिन का सत्र होने के कारण विपक्ष की कोशिश कम समय में ज्यादा मुद्दे उठाने की होगी। किसान, खाद-बीज, बारिश, कानून व्यवस्था, परीक्षाओं और विस्थापन जैसे मामलों पर सरकार से सीधे जवाब मांगे जाएंगे। सत्ता पक्ष भी सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का ब्यौरा रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।</p>
<p>पहले दिन ही खाद और बीज की उपलब्धता के साथ बारिश का मुद्दा सदन का माहौल गरमा सकता है। नेता प्रतिपक्ष की ओर से प्रस्तावित चर्चा में किसानों को समय पर खाद मिलने, वितरण केंद्रों की स्थिति, प्रमाणित बीज की उपलब्धता और मानसून के असर से जुड़े सवाल उठाए जाने की तैयारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/monsoon-session-of-mp-assembly-from-today-opposition-will-corner/article-59233</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/monsoon-session-of-mp-assembly-from-today-opposition-will-corner/article-59233</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 10:52:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mp-monsoon-session.jpg"                         length="137212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        