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                <title>ब्रेकिंग न्यूज - दैनिक जागरण</title>
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                <description>ब्रेकिंग न्यूज RSS Feed</description>
                
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                <title>पीएम मोदी का वीडियो हटाने के मामले में मेटा झुका, मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी; सरकार की सख्ती का दिखा असर</title>
                                    <description><![CDATA[संसदीय समिति के अल्टीमेटम के बाद मेटा ने जताया खेद, आईटी मंत्रालय की बैठक में कंटेंट मॉडरेशन, डीपफेक और यूजर सुरक्षा पर भी हुई चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/mark-zuckerberg-apologizes-for-removing-pm-modis-video-shows-the/article-60812"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-08/mark-zuckerberg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने माफी मांग ली है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह माफी उस समय सामने आई जब संसदीय समिति ने कंपनी को तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया था। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि यदि समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो भारत में मेटा को मिलने वाली कुछ कानूनी सुरक्षा और विशेष छूट की समीक्षा की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को सोशल मीडिया पर युवाओं को संबोधित करते हुए एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताई थी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी। कुछ समय बाद यही वीडियो फेसबुक से हट गया, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बाद में मेटा ने वीडियो दोबारा बहाल कर दिया और इसे तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम बताया, लेकिन सरकार ने इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना। इसके बाद आईटी मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली तलब किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले को लेकर आईटी मंत्रालय और मेटा के बीच दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई। मेटा की ओर से चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कापलान के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में केवल प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने का मुद्दा ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली, वीआईपी अकाउंट सुरक्षा, डीपफेक सामग्री और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">संसदीय समिति ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर माना और कहा कि देश के प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से साझा किए गए वीडियो का हटाया जाना सामान्य तकनीकी त्रुटि नहीं माना जा सकता। समिति ने मेटा से तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई और आईटी कानून के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मेटा ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि वीडियो किसी नीति के तहत नहीं हटाया गया था बल्कि यह एक तकनीकी समस्या का परिणाम था। कंपनी ने दावा किया कि गलती का पता चलते ही वीडियो को बहाल कर दिया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी तकनीकी कंपनी से ऐसी त्रुटि की अपेक्षा नहीं की जा सकती और उसके सिस्टम अधिक विश्वसनीय होने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान केवल वीडियो हटाने का मामला ही नहीं उठा। सरकार ने सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे डीपफेक कंटेंट, व्हाट्सएप की नई यूजरनेम नीति और इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण सामग्री (CSAM) की मौजूदगी पर भी मेटा से जवाब मांगा। मंत्रालय ने कंपनी से पूछा कि भारतीय कानूनों के अनुरूप इन मामलों में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य की रणनीति क्या होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है। देश में व्हाट्सएप के 60 करोड़ से अधिक, इंस्टाग्राम के लगभग 48 करोड़ और फेसबुक के करीब 40 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी त्रुटि या कंटेंट हटाने जैसी घटना का असर करोड़ों भारतीयों पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और बढ़ सकती है। सरकार कंटेंट मॉडरेशन, शिकायत निवारण और फर्जी सामग्री पर नियंत्रण के नियमों को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार मेटा से विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट भी मांग सकती है, जिसमें यह बताया जाएगा कि वीडियो हटने की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-से सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। यदि सरकार कंपनी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होती है तो आईटी नियमों के तहत अतिरिक्त नियामकीय कदम भी उठाए जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि भारत में काम करने वाली वैश्विक सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही किस प्रकार सुनिश्चित की जाए। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता, जवाबदेही और भारतीय कानूनों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि कंपनियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने तकनीकी सिस्टम को और अधिक विश्वसनीय बनाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 18:20:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 का आगाज, 10 देशों के प्रतिनिधि जुटे; संस्कृति, विरासत और सहयोग पर मंथन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[चार दिवसीय सम्मेलन में 100 से अधिक विदेशी मेहमान शामिल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी और मंत्रिस्तरीय बैठकों के जरिए वैश्विक सांस्कृतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/brics-cultural-conference-2026-begins-in-bhopal-representatives-of-10/article-60811"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-08/brics-summit-2026-bhopal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल बुधवार से अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया, जहां BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का औपचारिक शुभारंभ हुआ। चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में BRICS सदस्य और भागीदार देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि, मंत्री और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में सम्मेलन की शुरुआत अधिकारियों की बैठक और सामूहिक फोटो सेशन के साथ हुई। इस आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सभ्यताओं के बीच संवाद को नई दिशा देना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे से औपचारिक मुलाकात की और सांस्कृतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर प्रारंभिक चर्चा की। आयोजन स्थल पर 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' विषयों पर विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। इन प्रदर्शनियों में भारत की प्राचीन पांडुलिपियों, समुद्री सांस्कृतिक संपर्कों, ऐतिहासिक विरासत और सभ्यताओं के बीच संबंधों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सम्मेलन के दौरान ये प्रदर्शनियां आम लोगों के लिए भी खुली रहेंगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>सम्मेलन की प्रमुख बातें</span></strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>चार दिन तक चलेगा BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026।</li>
<li>100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे भोपाल।</li>
<li>10 से अधिक सदस्य और भागीदार देशों की भागीदारी।</li>
<li>संस्कृति, विरासत और रचनात्मक उद्योगों पर होगा मंथन।</li>
<li>आम लोगों के लिए विशेष सांस्कृतिक प्रदर्शनियां भी खुली रहेंगी।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन में शामिल विदेशी मेहमानों के लिए मध्य प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति और खानपान को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है। दोपहर और रात्रि भोजन में मेहमानों को दाल-बाफले, निमोना, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा, कोदो-कुटकी आधारित मिलेट व्यंजन सहित प्रदेश के कई पारंपरिक स्वाद परोसे जाएंगे। साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी और ओरिएंटल व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>सांस्कृतिक आकर्षण</span></strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण।</li>
<li>कथक, लोकनृत्य और जनजातीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां।</li>
<li>फैशन शो के माध्यम से भारतीय पारंपरिक वेशभूषा का प्रदर्शन।</li>
<li>इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सांस्कृतिक भ्रमण।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">पहले दिन शाम को सभी प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यहां उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा और पॉटरी, जनजातीय शिल्प, पारंपरिक ज्ञान प्रणाली तथा स्वदेशी हस्तशिल्प का लाइव प्रदर्शन दिखाया जाएगा। इसके अलावा प्रतिनिधि ट्राइबल हैबिटेट में 'नागा हाउस' और 'हिमालयी गांव' का भी भ्रमण करेंगे, जहां भारत की विविध जनजातीय संस्कृति और वास्तुकला से उन्हें परिचित कराया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>6 से 8 अगस्त तक का कार्यक्रम</span></strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>6 अगस्त: संस्कृति कार्य समूह की बैठक, सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा और शाम को BRICS सांस्कृतिक महोत्सव।</li>
<li>7 अगस्त: BRICS संस्कृति मंत्रियों का आगमन, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विशेष संगीतमय कार्यक्रम।</li>
<li>8 अगस्त: BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक, संयुक्त घोषणा पत्र को अंतिम रूप और सांची स्तूप का भ्रमण।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण 7 अगस्त को आयोजित होने वाला BRICS सांस्कृतिक महोत्सव-2026 रहेगा। इसमें भारत सहित भाग लेने वाले देशों के कलाकार एक साझा मंच पर अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम की शुरुआत "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के संदेश से होगी। इसके बाद भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक परंपराएं और विभिन्न देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संगम देखने को मिलेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>विशेष प्रस्तुति 'अमृतस्य मध्य प्रदेश'</span></strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>125 से अधिक कलाकार करेंगे मंचन।</li>
<li>भीमबेटका, सांची, खजुराहो और उज्जैन की सांस्कृतिक झलक।</li>
<li>महाकाल, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आध्यात्मिक विरासत का प्रदर्शन।</li>
<li>सिंहस्थ कुंभ 2028 का सांस्कृतिक आमंत्रण भी दिया जाएगा।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार सम्मेलन के दौरान अपनी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए विशेष कार्यक्रम 'अमृतस्य मध्य प्रदेश' का मंचन भी करेगी। इसमें प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, लोक संस्कृति, जनजातीय जीवन, धार्मिक परंपराओं और पर्यटन स्थलों को नृत्य एवं संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रस्तुति का निर्देशन प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी करेंगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>प्रतिनिधियों का सांची दौरा</span></strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप का भ्रमण।</li>
<li>बुद्ध जंबूदीप और चेतियागिरी मंदिर का दौरा।</li>
<li>योग एवं ध्यान सत्र में भागीदारी।</li>
<li>3D प्रोजेक्शन और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के अंतिम चरण में विदेशी प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध धरोहर सांची का भ्रमण कराया जाएगा। यहां वे बौद्ध विरासत, प्राचीन स्थापत्य और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से जान सकेंगे। इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रय के भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सम्मेलन में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, क्यूबा, थाईलैंड सहित कई देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विभिन्न देशों के कलाकार संगीत, लोकनृत्य, मार्शल आर्ट, फोक म्यूजिक और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की राजधानी में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने और BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सम्मेलन से सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और लोगों के बीच संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 17:55:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली विधानसभा का छठा मॉनसून सत्र 7 अगस्त से, कड़ी सुरक्षा और डिजिटल व्यवस्था के बीच होगी कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[धमकी भरे ई-मेल के बाद विधानसभा परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई, NeVA पोर्टल से पहली बार पूरी तरह पेपरलेस प्रक्रिया पर रहेगा जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/the-sixth-monsoon-session-of-delhi-assembly-will-be-held/article-60808"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-08/delhi-assembly-session.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली की आठवीं विधानसभा का छठा मॉनसून सत्र 7 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। तीन दिवसीय यह सत्र पुराना सचिवालय स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि पहली बैठक 7 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी, जबकि इसके बाद 10 और 11 अगस्त को भी सदन की कार्यवाही चलेगी। जरूरत पड़ने पर सत्र की अवधि बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है। इस बार विधानसभा की कार्यवाही कई मायनों में खास रहने वाली है, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है और सदन के अधिकांश काम पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा सचिवालय ने सत्र की सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार इस बार सभी विधायक नियमों के तहत अपने नोटिस राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जमा करेंगे। इससे विधानसभा की कार्यवाही को पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सदस्यों की सुविधा के लिए नोटिस शाखा और NeVA सेवा केंद्र में तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि डिजिटल प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिछले कुछ महीनों में विधानसभा को लगातार धमकी भरे ई-मेल मिलने और एक व्यक्ति द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में प्रवेश करने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी के चलते विधानसभा के सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं और प्रवेश नियंत्रण प्रणाली को पहले से अधिक मजबूत किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा परिसर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) पहले से तैनात कर दी गई है। इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी, आगंतुक प्रबंधन, तलाशी व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, संचार नेटवर्क, चिकित्सा सुविधाओं, अग्निशमन सेवाओं और आपातकालीन निकासी की तैयारियों को भी और सुदृढ़ किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सत्र के दौरान केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और हर गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उम्मीद जताई कि इस सत्र में सभी विधायक जनहित से जुड़े मुद्दों को गंभीरता के साथ सदन में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनता से जुड़े विषयों पर रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सदस्यों से नियमों का पालन करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्र के दौरान नियम-280 के तहत विशेष जनहित के मुद्दे उठाने के इच्छुक सदस्यों को संबंधित बैठक से एक कार्य दिवस पहले शाम 5 बजे तक अपना नोटिस डिजिटल माध्यम से जमा करना होगा। विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा का पालन अनिवार्य होगा, ताकि कार्यसूची को व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली विधानसभा में पहली बार डिजिटल कार्यप्रणाली को इतने व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। NeVA पोर्टल के जरिए प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शून्यकाल नोटिस और अन्य संसदीय कार्य ऑनलाइन किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि कार्यवाही अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित भी बनेगी। डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से भविष्य में दस्तावेजों की उपलब्धता भी आसान होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों कई अहम मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी कर रहे हैं। राजधानी में कानून-व्यवस्था, जलभराव, प्रदूषण, बिजली-पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्यों जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में सदन के दौरान तीखी बहस देखने को मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। विधानसभा परिसर के आसपास भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। सभी कर्मचारियों और आगंतुकों की पहचान की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा सचिवालय का कहना है कि डिजिटल तकनीक और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ इस बार का मॉनसून सत्र अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। यदि कार्यसूची लंबी रही या महत्वपूर्ण विधायी कार्य शेष रहे, तो विधानसभा अध्यक्ष आवश्यकता के अनुसार सत्र की अवधि बढ़ाने का निर्णय भी ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 17:10:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>MY अस्पताल के फार्मासिस्ट पर EOW का शिकंजा, आय से 108% अधिक संपत्ति का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर में छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति, नकदी और दस्तावेज जब्त; बिना अनुमति थाईलैंड यात्रा भी जांच के दायरे में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eow-cracks-down-on-pharmacist-of-my-hospital-reveals-108/article-60809"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-08/eow-indore.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इंदौर के महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमजीएम) से संबद्ध एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह शुरू हुई छापेमारी में शुरुआती जांच के दौरान राकेश गोरखे और उनके परिवार के पास उनकी वैध आय की तुलना में 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने सरकारी सेवा के दौरान करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्तियां अर्जित कीं, जिनकी जानकारी विभाग को भी नहीं दी गई थी। इसके साथ ही बिना विभागीय अनुमति विदेश यात्रा करने का मामला भी सामने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">EOW की टीम मंगलवार सुबह करीब आठ बजे राकेश गोरखे के ठिकानों पर पहुंची और कई घंटों तक दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करती रही। दोपहर तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने नकदी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट, निवेश संबंधी दस्तावेज और संपत्तियों के रिकॉर्ड जब्त किए। टीम करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी अपने साथ लेकर गई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोतों का मिलान किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राकेश गोरखे की सरकारी सेवा वर्ष 2007 में फार्मासिस्ट के पद से शुरू हुई थी। वर्ष 2015 में उनका मासिक वेतन करीब 18 हजार 700 रुपये था, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 54 हजार 600 रुपये हो गया। उनकी पत्नी कीर्ति गोरखे भी शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं और उनका मासिक वेतन करीब 42 हजार रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी ने दोनों की संयुक्त आय का आकलन किया, जिसके आधार पर चेक पीरियड के दौरान उनकी कुल वैध आय लगभग 1.11 करोड़ रुपये पाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके विपरीत जांच में दंपती के पास 2.13 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति का पता चला। EOW के मुताबिक यह उनकी घोषित और वैध आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संपत्ति का वैध स्रोत अब तक सामने नहीं आया है, इसलिए मामले की विस्तृत जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">छापेमारी के दौरान इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित कई संपत्तियों का भी खुलासा हुआ। इनमें स्कीम नंबर-140 स्थित वृंदावन गार्डन में दो मंजिला मकान, साकार एनआरआई सिटी में बड़ा प्लॉट, साहिल इंद्रांचल होम्स, संघवी रेजीडेंसी और सद्गुरु नंदी विहार में प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा ओमेक्स डेवलपर्स की एक परियोजना में प्लॉट बुकिंग के लिए लाखों रुपये का भुगतान किए जाने के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी इन सभी संपत्तियों के बाजार मूल्य का आकलन कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">EOW अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान जब्त किए गए पासपोर्ट से यह भी पता चला कि राकेश गोरखे अक्टूबर 2023 में थाईलैंड गए थे। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद उन्होंने इस विदेश यात्रा के लिए विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। अब एजेंसी इस यात्रा पर हुए खर्च का भी हिसाब जुटा रही है और इसे आरोपी के कुल व्यय में शामिल करेगी। यदि यात्रा का खर्च भी घोषित आय से मेल नहीं खाता है तो इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि कई संपत्तियों की जानकारी संबंधित विभाग को नहीं दी गई थी। सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी विभाग को देना अनिवार्य होता है। ऐसे में संपत्तियों को छिपाने के आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">EOW की जांच केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रहेगी। सरकारी दवाओं के स्टॉक और खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी। शुरुआती स्तर पर यह आशंका जताई गई है कि सरकारी दवाओं के स्टॉक में कथित अनियमितताओं के जरिए अवैध कमाई की गई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राकेश गोरखे का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। कुछ महीने पहले एमवाय अस्पताल के तत्कालीन डीन के निजी सहायक भावेश उपाध्याय के साथ उनका विवाद सुर्खियों में रहा था। आरोप था कि विवाद के दौरान उन्होंने बेल्ट से मारपीट की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस समय भी यह मामला अस्पताल परिसर में काफी चर्चा का विषय बना था।</p>
<p style="text-align:justify;">अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई के बाद एक बार फिर राकेश गोरखे चर्चा में हैं। EOW का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैंक खातों में लेन-देन, निवेश और संपत्तियों की खरीद के वित्तीय स्रोतों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 08:25:14 +0530</pubDate>
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