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                <title>स्पोर्ट्स - दैनिक जागरण</title>
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                <title>भारत 7 साल बाद बना साउथ एशियन महिला फुटबॉल चैंपियन, बांग्लादेश को हराकर जीता रिकॉर्ड छठा खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[फाइनल में 3-1 से दर्ज की शानदार जीत, पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-becomes-south-asian-womens-football-champion-after-7-years/article-55206"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/india-women-football-team.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने सात साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर साउथ एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। शनिवार रात गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती। मैच खत्म होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और भारतीय खिलाड़ियों के बीच जश्न का माहौल देखने को मिला। खिलाड़ियों ने मैदान पर एक-दूसरे को गले लगाकर जीत का उत्सव मनाया, जबकि टीम प्रबंधन और सपोर्ट स्टाफ के चेहरे पर भी संतोष साफ दिखाई दे रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए कई मायनों में खास मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने लगातार सुधार दिखाया है और इस टूर्नामेंट में उसका प्रदर्शन शुरुआत से ही दमदार रहा। फाइनल मुकाबले में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। खास बात यह रही कि भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा और किसी भी टीम को वापसी का मौका नहीं दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">फाइनल मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने सावधानी के साथ की। शुरुआती मिनटों में बांग्लादेश ने भी कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारत लगातार आक्रमण कर रहा था और आखिरकार 42वें मिनट में उसे सफलता मिली। भारतीय खिलाड़ी प्यारी जाख्सा ने शानदार गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद भारतीय खेमे में उत्साह बढ़ गया, लेकिन बांग्लादेश ने हार नहीं मानी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश की रितु पोर्ना चकमा ने बेहतरीन मौका भुनाते हुए गोल कर दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ पहला हाफ समाप्त हुआ। हाफ टाइम तक मुकाबला बराबरी पर रहने के कारण दोनों टीमों पर दबाव बना हुआ था और दूसरे हाफ में मुकाबला और रोमांचक होने की उम्मीद बढ़ गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरे हाफ की शुरुआत भारत के लिए शानदार रही। खेल शुरू होने के कुछ ही समय बाद सनफिदा नोंगरुम ने एक शानदार हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल ने भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी और मैच का रुख भारतीय टीम की ओर मोड़ दिया। बढ़त मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और बांग्लादेश को ज्यादा अवसर नहीं दिए। मिडफील्ड और डिफेंस दोनों विभागों ने शानदार तालमेल दिखाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बांग्लादेश की टीम बराबरी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। मैच के 82वें मिनट में बांग्लादेशी डिफेंस की एक गलती भारतीय टीम के लिए बड़ा मौका बन गई। लिंडा कोम सेर्तो ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए तीसरा गोल कर दिया। इस गोल के साथ भारत की जीत लगभग तय हो गई। अंतिम मिनटों में बांग्लादेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने कोई मौका नहीं दिया और 3-1 की यादगार जीत दर्ज कर ली।</p>
<p class="isSelectedEnd">पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते और कुल 18 गोल किए। सबसे खास बात यह रही कि पूरे टूर्नामेंट में भारत ने केवल एक गोल खाया। यह आंकड़ा टीम के मजबूत डिफेंस और गोलकीपिंग का प्रमाण माना जा रहा है। दूसरी ओर बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी इस हार के साथ समाप्त हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">फाइनल मुकाबले के बाद भारतीय खेमे में खुशी के साथ भावुक पल भी देखने को मिला। अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने इसी मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने वर्ष 2013 में भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया था और करीब एक दशक से अधिक समय तक देश का प्रतिनिधित्व किया। 95 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाली ग्रेस ने अपने करियर का अंत एक और साउथ एशियन चैंपियनशिप खिताब के साथ किया, जो उनके लिए यादगार विदाई साबित हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। अवेका सिंह चार गोल के साथ प्रतियोगिता की शीर्ष स्कोरर रहीं। वहीं सनफिदा नोंगरुम को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया। भारतीय गोलकीपर पंथोई चानू एलांगबाम को बेस्ट गोलकीपर का पुरस्कार मिला। नेपाल की टीम को फेयर प्ले अवॉर्ड प्रदान किया गया। यह खिताबी जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक बड़ा संदेश भी है। पिछले कुछ वर्षों में महिला फुटबॉल को लेकर देश में जागरूकता बढ़ी है और युवा खिलाड़ियों का रुझान भी इस खेल की ओर बढ़ रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 17:37:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>चंडीगढ़ टेस्ट में भारत का दबदबा, 564 रन बनाकर अफगानिस्तान को बैकफुट पर धकेला</title>
                                    <description><![CDATA[शुभमन गिल और केएल राहुल के शतकों से मजबूत स्कोर, युवा स्पिनर मानव सुथार ने डेब्यू टेस्ट में छोड़ी छाप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a254e0e32821/article-55193"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/india-vs-afghanistan-test-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने दूसरे दिन पूरी तरह अपनी पकड़ मजबूत कर ली। बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों ने भी असर दिखाया और अफगानिस्तान को शुरुआती झटके देकर मैच में भारत को स्पष्ट बढ़त दिला दी। दूसरे दिन का खेल समाप्ति की ओर बढ़ने तक अफगानिस्तान ने तीन विकेट गंवाकर 69 रन बना लिए थे, लेकिन वह अभी भी भारत के विशाल स्कोर से काफी पीछे है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की। कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 126 रन बनाए। उनके अलावा अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने शानदार शतक जमाया और 100 रन की पारी खेली। मध्यक्रम में ऋषभ पंत और साई सुदर्शन ने 81-81 रन का योगदान दिया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाकर टीम के स्कोर को और मजबूती दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरे दिन भारत ने 368 रन पर तीन विकेट से आगे खेलना शुरू किया था। शुभमन गिल और ऋषभ पंत क्रीज पर मौजूद थे और दोनों बल्लेबाजों ने अफगान गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 169 रन की अहम साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने अफगानिस्तान की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। गिल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जबकि पंत ने अपने स्वाभाविक अंदाज में रन बटोरे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गिल के आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजी नहीं रुकी। साई सुदर्शन ने एक बार फिर प्रभावित किया और 81 रन की उपयोगी पारी खेली। वॉशिंगटन सुंदर ने निचले क्रम में 52 रन बनाकर टीम को 500 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कुलदीप यादव 9 रन बनाकर नाबाद लौटे। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी बल्ले से योगदान दिया और सिर्फ 12 गेंदों पर 22 रन बनाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अफगानिस्तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने छह विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी पर कुछ हद तक अंकुश लगाने की कोशिश की। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें ज्यादा सहयोग नहीं मिला। जियाउर रहमान और हश्मतुल्लाह शाहिदी को एक-एक सफलता मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">564 रन के विशाल लक्ष्य के जवाब में अफगानिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से दबाव बनाया और जल्द ही शुरुआती विकेट हासिल कर लिए। सबसे ज्यादा चर्चा युवा स्पिनर मानव सुथार की रही, जिन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट में शानदार शुरुआत की। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने पहले ही ओवर में विकेट लेकर यादगार शुरुआत की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मानव सुथार ने अफगानिस्तान के ओपनर अब्दुल मलिक को आउट कर टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला विकेट हासिल किया। मलिक 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद उन्होंने रहमानुल्लाह गुरबाज को भी आउट किया। गुरबाज 12 रन बनाकर स्लिप में कैच दे बैठे। सुथार की गेंदबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया और उन्होंने अनुभवी बल्लेबाजों को भी परेशानी में डाला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भी शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने सेदीकुल्लाह अटल को बोल्ड कर अफगानिस्तान को तीसरा झटका दिया। अटल ने 17 रन बनाए। शुरुआती तीन विकेट गिरने के बाद अफगानिस्तान की टीम दबाव में आ गई। दिन का खेल समाप्त होने तक रहमत शाह क्रीज पर डटे हुए थे और टीम को संभालने की कोशिश कर रहे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मानव सुथार का प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट के पहले ही ओवर में विकेट हासिल किया। भारतीय क्रिकेट इतिहास में बहुत कम गेंदबाज ऐसा कर पाए हैं। इससे पहले 1997 में निलेश कुलकर्णी ने श्रीलंका के खिलाफ अपने पहले टेस्ट की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। लगभग तीन दशक बाद किसी भारतीय गेंदबाज ने डेब्यू टेस्ट के पहले ओवर में विकेट लेकर इतिहास दोहराया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैदान के बाहर भी माहौल काफी उत्साहपूर्ण रहा। न्यू चंडीगढ़ स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों की नजर खासतौर पर शुभमन गिल पर थी, जो पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। जब गिल 126 रन बनाकर आउट हुए तो स्टेडियम में मौजूद कई प्रशंसकों के चेहरे पर मायूसी दिखाई दी। हालांकि उन्होंने अपने कप्तान की शानदार पारी के लिए तालियां बजाकर सम्मान भी दिया। मैच पूरी तरह भारत के नियंत्रण में नजर आ रहा है। पहली पारी में 564 रन का विशाल स्कोर और उसके बाद अफगानिस्तान के तीन शुरुआती विकेट गिरना भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं। यदि तीसरे दिन भी भारतीय गेंदबाज इसी लय में गेंदबाजी करते हैं तो टीम जल्द ही बड़ी बढ़त हासिल कर सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 17:36:59 +0530</pubDate>
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                <title>बारिश ने बिगाड़ा मुकाबला, वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बिना गेंद फेंके रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[सबीना पार्क में टॉस के बाद लगातार बारिश, सीरीज का फैसला अब अंतिम मुकाबले पर टिका; शाई होप का 150वां वनडे भी रहा फीका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/rain-spoiled-the-match-west-indies-sri-lanka-2nd-odi-canceled/article-55192"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/west-indies-vs-sri-lanka.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किंग्स्टन। वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। जमैका के किंग्स्टन स्थित सबीना पार्क स्टेडियम में शनिवार को निर्धारित मुकाबले में टॉस तो हुआ, लेकिन इसके बाद मौसम ने ऐसा करवट ली कि एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। लगातार होती बारिश और गीले आउटफील्ड के कारण अंपायरों को आखिरकार मैच रद्द घोषित करना पड़ा। इस नतीजे के बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला और सीरीज का रोमांच अब तीसरे तथा अंतिम वनडे तक पहुंच गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैच शुरू होने से पहले ही मौसम को लेकर चिंता जताई जा रही थी। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे और बीच-बीच में हल्की बारिश भी हो रही थी। इसी वजह से टॉस निर्धारित समय से करीब आधे घंटे की देरी से कराया गया। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। उनकी रणनीति शुरुआती नमी का फायदा उठाकर श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की थी, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद बारिश ने जोर पकड़ लिया और खिलाड़ी मैदान से बाहर चले गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैदानकर्मियों ने खेल शुरू कराने के लिए काफी प्रयास किए। आउटफील्ड को सुखाने और मैदान को खेलने लायक बनाने की कोशिश की गई, लेकिन मौसम लगातार बाधा बनता रहा। दर्शक भी स्टेडियम में खेल शुरू होने का इंतजार करते रहे। कई बार ऐसा लगा कि बारिश थमने के बाद मुकाबला शुरू हो सकता है, लेकिन बादलों की आवाजाही और बार-बार हो रही बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मैच अधिकारियों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मुकाबले का परिणाम वेस्टइंडीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। मेजबान टीम सीरीज का पहला मैच हार चुकी थी और दूसरे वनडे में जीत हासिल कर सीरीज में बराबरी करना चाहती थी। लेकिन मैच रद्द होने के कारण उसकी सीरीज जीतने की उम्मीद समाप्त हो गई। अब वेस्टइंडीज अधिकतम सीरीज बराबर ही कर सकती है। दूसरी ओर श्रीलंका के लिए यह नतीजा राहत लेकर आया क्योंकि टीम अब अंतिम मुकाबले में हारने पर भी सीरीज नहीं गंवाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतिम वनडे अब एक तरह से निर्णायक मुकाबला बन गया है। यदि श्रीलंका आखिरी मैच जीतता है तो वह सीरीज अपने नाम कर लेगा, जबकि वेस्टइंडीज जीत दर्ज कर सीरीज 1-1 से बराबर कर सकता है। ऐसे में दोनों टीमों के लिए तीसरा मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है। खिलाड़ियों पर भी दबाव बढ़ गया है क्योंकि अब एक ही मैच पूरी सीरीज का फैसला करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वेस्टइंडीज के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज के नजरिए से ही महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि वनडे रैंकिंग और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए भी इसकी अहमियत थी। टीम पिछले कुछ समय से सीमित ओवर क्रिकेट में निरंतरता हासिल करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में हर जीत उसके आत्मविश्वास और रैंकिंग दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बारिश के कारण मैच रद्द होने से टीम को एक अवसर गंवाना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मुकाबले का एक और खास पहलू वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप से जुड़ा रहा। उन्होंने अपने करियर का 150वां वनडे मैच खेलने का गौरव हासिल किया। मैच शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड की ओर से उन्हें विशेष जर्सी भेंट कर सम्मानित किया गया। साथी खिलाड़ियों और अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। हालांकि शाई होप के लिए यह दिन पूरी तरह यादगार नहीं बन सका क्योंकि बारिश के चलते वह मैदान पर एक भी गेंद नहीं खेल पाए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शाई होप पिछले कुछ वर्षों में वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है और कप्तान के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है। 150 वनडे मैचों का आंकड़ा उनके लंबे और सफल करियर की कहानी बयां करता है। लेकिन जिस मुकाबले को वह खास बनाना चाहते थे, वह मौसम की वजह से अधूरा रह गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब दोनों टीमों की नजरें सोमवार को होने वाले तीसरे और अंतिम वनडे पर टिकी हैं। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि मौसम इस बार खेल में बाधा नहीं बनेगा और उन्हें पूरा मुकाबला देखने को मिलेगा। सीरीज  रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आखिरी मैच में जीत हासिल करने वाली टीम ही बढ़त के साथ दौरे का समापन करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:27:55 +0530</pubDate>
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                <title>न्यू चंडीगढ़ टेस्ट में शुभमन गिल के आउट होते ही छाया सन्नाटा, बड़ी पारी की उम्मीद टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[लोकल स्टार को देखने पहुंचे हजारों फैंस हुए मायूस, मुल्लांपुर में पहले टेस्ट मैच को लेकर फिर भी बना रहा उत्साह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/as-soon-as-shubman-gill-was-out-in-the-new/article-55191"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/shubman-gill.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच के दूसरे दिन दर्शकों का उत्साह चरम पर नजर आया। रविवार होने के कारण पहले दिन की तुलना में स्टेडियम में ज्यादा भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मैदान पहुंचने लगे थे। इनमें सबसे ज्यादा उत्साह भारतीय कप्तान और पंजाब के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को लेकर दिखाई दिया। स्थानीय खिलाड़ी होने के कारण गिल यहां फैंस के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हालांकि जैसे ही उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 126 रन बनाए और आउट होकर पवेलियन लौटे, स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों के चेहरे उतर गए। कई फैंस को उम्मीद थी कि गिल इस ऐतिहासिक मुकाबले में दोहरा शतक या उससे भी बड़ी पारी खेल सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरे दिन जब खेल शुरू हुआ तो सभी की निगाहें शुभमन गिल पर टिकी थीं। पहले दिन उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा किया था और नाबाद लौटे थे। ऐसे में रविवार सुबह स्टेडियम पहुंचे दर्शकों को उम्मीद थी कि वह अपने शतक को बड़ी पारी में तब्दील करेंगे। गिल ने दिन की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की और कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। लेकिन 103 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरे गिल केवल 23 रन और जोड़ सके। उनके 126 रन पर आउट होते ही स्टेडियम में अचानक सन्नाटा सा छा गया। कई दर्शक जो उनके शॉट्स पर लगातार तालियां बजा रहे थे, वे निराश नजर आए। हालांकि आउट होने से पहले गिल ने अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्टेडियम में मौजूद फैंस का कहना था कि उन्हें गिल से काफी उम्मीदें थीं। चंडीगढ़ से मैच देखने पहुंचीं मोनिका शर्मा ने बताया कि वह खास तौर पर शुभमन गिल को बल्लेबाजी करते देखने आई हैं। उन्होंने मैच से पहले कहा था कि कप्तान शतक पूरा कर चुके हैं और दूसरे दिन तेज रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे। उनका मानना था कि भारत बड़ा स्कोर खड़ा कर मुकाबले में पूरी तरह पकड़ बना लेगा। हालांकि गिल के आउट होने के बाद उनके साथ मौजूद कई दर्शक मायूस दिखाई दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रोपड़ से आई हरमनप्रीत कौर भी अपने भाई के साथ मैच देखने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि वह और उनका भाई लंबे समय से महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के प्रशंसक हैं, लेकिन इस मुकाबले में वे शुभमन गिल का समर्थन करने के लिए मैदान आए हैं। स्थानीय खिलाड़ी होने के कारण पंजाब के लोगों में गिल को लेकर खास जुड़ाव दिखाई देता है। यही वजह रही कि उनके आउट होते ही दर्शकों के बीच निराशा का माहौल बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रविवार सुबह न्यू चंडीगढ़ में तेज धूप रही। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन सुबह से ही आसमान साफ रहा। गर्मी और धूप के बावजूद क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई लोग सिर पर गमछा बांधकर और टोपी पहनकर स्टेडियम पहुंचे। बच्चों और परिवारों की संख्या भी पहले दिन की तुलना में अधिक रही। मैदान के बाहर और अंदर क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुल्लांपुर स्टेडियम में बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे। छोटे-छोटे रंगीन छाते और भारतीय टीम की जर्सी पहने बच्चों ने पूरे माहौल को और आकर्षक बना दिया। कई बच्चे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के पोस्टर और तिरंगा लेकर पहुंचे थे। मैच के दौरान हर चौके और छक्के पर उनकी आवाज पूरे स्टेडियम में गूंजती रही। आयोजकों के अनुसार पहले टेस्ट मैच होने के कारण स्थानीय लोगों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गर्मी को देखते हुए पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से दर्शकों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्टेडियम के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर ठंडे पानी से भरे वाटर कैंपर लगाए गए हैं ताकि दर्शकों को परेशानी न हो। इसके अलावा मेडिकल सहायता और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। रविवार को बढ़ी हुई भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं सामान्य रूप से चलती नजर आईं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">न्यू चंडीगढ़ का मुल्लांपुर स्टेडियम भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। यह देश का 31वां ऐसा मैदान बन गया है जहां टेस्ट क्रिकेट खेला जा रहा है। पंजाब में इससे पहले मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम और जालंधर के गांधी स्टेडियम को टेस्ट मैचों की मेजबानी का अवसर मिला था। ऐसे में मुल्लांपुर में खेले जा रहे इस पहले टेस्ट मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खास उत्साह बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले दिन कई खिलाड़ियों के परिवार भी स्टेडियम में मौजूद रहे। शुभमन गिल के माता-पिता भी अपने बेटे का उत्साह बढ़ाने पहुंचे थे। मैच के बाद एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला जब स्टेडियम से बाहर निकल रहे शुभमन गिल के पास पहुंचकर एक प्रशंसक ने उनके पैर छू लिए। यह दृश्य दर्शाता है कि स्थानीय लोगों के बीच गिल कितने लोकप्रिय हैं। भले ही दूसरे दिन उनकी पारी 126 रन पर समाप्त हो गई हो, लेकिन मुल्लांपुर के दर्शकों के लिए वह इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच के सबसे बड़े आकर्षण बने हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:27:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, नॉर्वे चेस 2026 खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने</title>
                                    <description><![CDATA[20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर ने फाइनल राउंड में विन्सेंट कीमर को हराया, वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार दी मात, कुल 18 अंकों से जीता खिताब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/praggnananda-creates-history-becomes-first-indian-to-win-norway-chess/article-55130"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/praggnanandhaa-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया है। 20 वर्षीय इस खिलाड़ी ने नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीतकर एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। शुरुआती दौर में उनका प्रदर्शन थोड़ा धीमा रहा, लेकिन अंतिम चरणों में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी। कुल 18 अंकों के साथ प्रज्ञानानंदा ने यह खिताब अपने नाम किया और दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नॉर्वे चेस जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में लगातार शीर्ष खिलाड़ियों को पछाड़ना आसान नहीं माना जाता, लेकिन प्रज्ञानानंदा ने यह कर दिखाया। टूर्नामेंट के अंतिम दिन तक वह 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे, लेकिन निर्णायक मुकाबलों में क्लासिकल जीत हासिल कर उन्होंने 3 अतिरिक्त अंक जुटाए और कुल 18 अंकों के साथ बढ़त बना ली। इसी के साथ उन्होंने खिताब अपने नाम कर लिया। इस टूर्नामेंट में अमेरिका के वेस्ली सो और फ्रांस के अलीरजा फिरोजा जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन अंतिम दौर में समीकरण पूरी तरह बदल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक पहलू यह रहा कि आखिरी राउंड तक खिताब की दौड़ बेहद करीबी थी। वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर थे, लेकिन उनका मुकाबला ड्रॉ रहा और बाद में आर्मागेडन टाईब्रेकर में उन्हें अतिरिक्त अंक मिले, जो प्रज्ञानानंदा से पीछे रह गए। इस टाईब्रेकर सिस्टम ने पूरे टूर्नामेंट को और अधिक रोमांचक बना दिया, जहां हर गेम का परिणाम सीधे खिताब पर असर डाल रहा था। इसी वजह से अंतिम परिणाम तक अनिश्चितता बनी रही और अंत में भारतीय खिलाड़ी ने बाजी मार ली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस जीत को और खास बनाता है उनका वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन के खिलाफ प्रदर्शन। प्रज्ञानानंदा ने इस टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। कार्लसन न केवल दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी हैं, बल्कि नॉर्वे चेस के सात बार के चैंपियन भी रह चुके हैं। ऐसे में उन्हें एक ही टूर्नामेंट में दो बार हराना शतरंज इतिहास में दुर्लभ उपलब्धियों में से एक है। इससे पहले यह उपलब्धि भारतीय दिग्गज विश्वनाथन आनंद ने हासिल की थी, जब उन्होंने 2007 में लिनारेस टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो बार हराया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय शतरंज के इतिहास में यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले न तो विश्वनाथन आनंद और न ही मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीत सके थे। 2013 में शुरू हुए नॉर्वे चेस में पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने खिताब अपने नाम किया है। प्रज्ञानानंदा दूसरी बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे थे और इस बार उन्होंने अपनी रणनीति और धैर्य से सबको प्रभावित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला वर्ग में भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां कजाकिस्तान की बिबिसारा आसाउबायेवा ने 16.5 अंकों के साथ खिताब जीता। चीन की झू जिनर दूसरे स्थान पर रहीं जबकि यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक तीसरे स्थान पर रहीं। भारत की दिव्या देशमुख पांचवें और अनुभवी खिलाड़ी कोनेरु हम्पी छठे स्थान पर रहीं। महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद कड़े रहे और हर दौर में स्थिति बदलती रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नॉर्वे चेस टूर्नामेंट को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक शतरंज आयोजनों में गिना जाता है। इसमें क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज जैसे फॉर्मेट शामिल होते हैं, और यदि क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ हो जाता है तो परिणाम आर्मागेडन सिस्टम से तय किया जाता है। इस फॉर्मेट में हर खिलाड़ी को अलग-अलग समय नियंत्रण मिलता है और अंतिम नतीजा सुनिश्चित करने के लिए यह सडन-डेथ जैसा सिस्टम अपनाया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">क्लासिकल शतरंज में खिलाड़ियों को लंबा समय मिलता है और रणनीतिक खेल पर अधिक जोर होता है, जबकि रैपिड और ब्लिट्ज में तेजी से फैसले लेने की क्षमता महत्वपूर्ण हो जाती है। यही विविधता इस टूर्नामेंट को खास बनाती है। इस बार का संस्करण 25 मई से 5 जून 2026 तक नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित किया गया था और इसमें केवल सीमित खिलाड़ियों को ही भाग लेने का अवसर मिला। प्रज्ञानानंदा की इस जीत ने भारतीय शतरंज को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के शतरंज इतिहास में भी एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। युवा खिलाड़ी की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:43:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मुल्लांपुर टेस्ट में भारत मजबूत, 320/3 पर अफगानिस्तान पर दबदबा</title>
                                    <description><![CDATA[गिल-पंत क्रीज पर टिके, राहुल-सुदर्शन की शतकीय साझेदारी चर्चा में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-dominates-afghanistan-by-3203-in-mullanpur-test/article-55129"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/india-vs-afghanistan-test-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन टीम इंडिया ने अफगानिस्तान पर मजबूत पकड़ बना ली है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दिन के तीसरे सेशन तक 3 विकेट पर 320 रन बना लिए हैं। कप्तान शुभमन गिल और ऋषभ पंत क्रीज पर डटे हुए हैं और टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। गिल ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली है और एक बार फिर पारी को संभालते नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पारी की शुरुआत में यशस्वी जायसवाल 24 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें मोहम्मद सलीम ने बोल्ड किया। इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने मिलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। राहुल ने शानदार शतक लगाया और 100 रन की पारी खेली। उन्होंने 165 गेंदों में 11 चौकों की मदद से यह पारी खेली, लेकिन इसके बाद वे जियाउर रहमान की गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज के हाथों कैच आउट हो गए। साई सुदर्शन ने भी 81 रनों की अहम पारी खेली और टीम को बड़े स्कोर की नींव दी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय बल्लेबाजों की ओर से यह साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। राहुल और सुदर्शन ने दूसरे विकेट के लिए अहम रन जोड़े और अफगानिस्तान के गेंदबाजों को काफी देर तक सफलता नहीं लेने दी। हालांकि टी ब्रेक से ठीक पहले मोहम्मद सलीम ने लगातार दो विकेट लेकर भारत को झटका दिया, जिसमें जायसवाल और सुदर्शन दोनों पवेलियन लौटे।</p>
<p style="text-align:justify;">स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए यह मुकाबला खास इसलिए भी है क्योंकि मुल्लांपुर का यह मैदान भारत का 31वां टेस्ट वेन्यू बन गया है। पिछले साल गुवाहाटी को टेस्ट स्टेटस मिला था और अब यह नया मैदान अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी कर रहा है। पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल नजर आ रही है, हालांकि गेंदबाजों को शुरुआत में हल्की मदद मिलती दिखी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मैच में टीम इंडिया ने रणनीतिक रूप से छह बाएं हाथ के बल्लेबाजों को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है, जो टेस्ट इतिहास में तीसरी बार हुआ है। यह संयोजन टीम को अलग संतुलन देता दिख रहा है। वहीं युवा खिलाड़ी मानव सुथार ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया है और उन्हें कुलदीप यादव ने टेस्ट कैप सौंपी।</p>
<p style="text-align:justify;">ऋषभ पंत के लिए भी यह मैच खास है क्योंकि वह अपना 50वां टेस्ट खेल रहे हैं। दूसरी ओर अफगानिस्तान की गेंदबाजी में जियाउर रहमान और मोहम्मद सलीम ने कुछ हद तक असर दिखाया, लेकिन लगातार विकेट निकालने में टीम सफल नहीं हो सकी। अजमतुल्लाह उमरजई और नांगेयालिया खरोटे ने किफायती गेंदबाजी की लेकिन दबाव नहीं बना सके। टीम इंडिया की इस मजबूत स्थिति ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर दिया है। अब नजरें शुभमन गिल और ऋषभ पंत की साझेदारी पर होंगी, जो दिन के अंत तक टीम को 400 के पार ले जाने की कोशिश करेंगे। अफगानिस्तान को वापसी के लिए जल्द विकेट निकालने होंगे, वरना भारत बड़ा स्कोर खड़ा कर मैच को पूरी तरह अपनी पकड़ में ले सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:43:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>15 साल के वैभव सूर्यवंशी बने सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर</title>
                                    <description><![CDATA[श्रेयस अय्यर को टी-20 कप्तानी, सूर्यकुमार यादव टीम से बाहर; नए दौर की शुरुआत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/15-year-old-vaibhav-suryavanshi-becomes-the-youngest-indian-cricketer/article-55127"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-suryavanshi-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है, जहां 15 साल 71 दिन के वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है। यह चयन उन्हें अब तक का सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर बनाता है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भी उनका चयन किया गया है। क्रिकेट जगत में इस फैसले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है और इसे भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। चयन समिति के अनुसार वैभव का हालिया प्रदर्शन और घरेलू क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी इस चयन का मुख्य आधार रही है। सुबह से ही क्रिकेट हलकों में यह खबर तेजी से फैल गई और सोशल मीडिया पर भी इस युवा खिलाड़ी को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी तरफ टी-20 टीम की कप्तानी में भी बड़ा बदलाव हुआ है। श्रेयस अय्यर को भारतीय टी-20 टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है, जबकि लंबे समय से टीम की कमान संभाल रहे सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर कर दिया गया है। यह फैसला कई लोगों के लिए अप्रत्याशित माना जा रहा है। चयनकर्ताओं के अनुसार यह बदलाव आगामी विश्व कप और टीम के पुनर्गठन को ध्यान में रखकर किया गया है। तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। बताया जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट भविष्य की रणनीति के तहत एक नई नेतृत्व संरचना तैयार कर रहा है। वहीं सूर्यकुमार यादव का बाहर होना खराब फॉर्म से जोड़ा जा रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे टीम संयोजन का हिस्सा बताया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चयन बैठक के दौरान युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने पर जोर दिया गया। वैभव सूर्यवंशी का नाम इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने हाल ही में IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती थी। इसके अलावा उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द ईयर जैसे कई पुरस्कार भी मिले थे। खास बात यह रही कि उन्होंने इस सीजन में 36 गेंदों पर शतक जड़कर सभी को चौंका दिया था। हालांकि वे अब तक दुनिया के सबसे युवा इंटरनेशनल क्रिकेटर नहीं बन पाएंगे, क्योंकि पहले से ही कुछ अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अन्य खिलाड़ियों के नाम दर्ज हैं। लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनकी एंट्री को बेहद खास माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">टीम चयन को लेकर यह भी जानकारी सामने आई है कि इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए घोषित टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण रखा गया है। श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और हार्दिक पंड्या जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। वहीं गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज जैसे नाम शामिल किए गए हैं। एशियन गेम्स की टीम में भी लगभग यही संयोजन रखा गया है, जिससे संकेत मिलता है कि चयनकर्ता एक स्थिर टीम बनाना चाहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी बीच वनडे टीम को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। विराट कोहली चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह यशस्वी जायसवाल को टीम में शामिल किया गया है। शुभमन गिल को कप्तान बनाए रखा गया है, जबकि रोहित शर्मा और केएल राहुल जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं। चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर ने बताया कि टीम में चोटिल खिलाड़ियों की जगह नए विकल्पों को मौका दिया जा रहा है ताकि बेंच स्ट्रेंथ मजबूत हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रेयस अय्यर की वापसी भी चर्चा में है। उन्होंने लगभग ढाई साल बाद टी-20 टीम में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने आखिरी टी-20 मैच 2023 में खेला था। IPL 2026 में पंजाब किंग्स के लिए उन्होंने 498 रन बनाए थे और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी कप्तानी क्षमता और लगातार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टी-20 टीम की जिम्मेदारी दी गई है। यह भी माना जा रहा है कि आने वाले समय में वे टीम के स्थायी कप्तान बन सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव के टीम से बाहर होने पर भी चर्चाएं तेज हैं। पिछले कुछ समय से उनका फॉर्म लगातार गिरता हुआ नजर आया है। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 और IPL में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। चयनकर्ताओं का मानना है कि टीम को नए दिशा और ऊर्जा की जरूरत है, इसलिए यह बदलाव किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट में यह बदलाव एक बड़े पुनर्गठन की ओर संकेत करता है। एक तरफ युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम भविष्य की उम्मीद बनकर उभर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कप्तानी और सीनियर खिलाड़ियों को लेकर नए फैसले लिए जा रहे हैं। आने वाले इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई टीम संयोजन मैदान पर कैसा प्रदर्शन करता है और क्या यह बदलाव भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दे पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:42:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>भारत-अफगानिस्तान टेस्ट न्यू चंडीगढ़ में शुरू, गिल की कप्तानी में भारत की बैटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[PCA स्टेडियम में सुबह 9:30 बजे से मुकाबला शुरू, 6 से 10 जून तक चलेगा टेस्ट, भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-afghanistan-test-begins-in-new-chandigarh-india-batting-under-gills/article-55125"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/india-vs-afghanistan-test.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में आज से भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच की शुरुआत हो गई है। सुबह 9:30 बजे जैसे ही मैच शुरू हुआ, स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के बीच उत्साह देखने लायक था। भारतीय क्रिकेट टीम शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है और घरेलू परिस्थितियों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद के साथ इस मुकाबले को खेल रही है। टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया, जिसके बाद ओपनिंग जोड़ी मैदान में उतरी और शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलते हुए पारी की शुरुआत की। मौसम साफ रहने से खेल में किसी प्रकार की बाधा की संभावना नहीं है, जिससे दर्शकों को पूरे दिन रोमांचक क्रिकेट देखने को मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह टेस्ट मैच 6 जून से 10 जून तक खेला जाएगा और इसे लेकर दोनों टीमों में खास तैयारी देखने को मिली है। भारतीय टीम जहां अपने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलन के साथ मैदान में उतरी है, वहीं अफगानिस्तान की टीम भी पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से लगातार सुधार दिखा चुकी है। अफगान टीम ने सीमित टेस्ट अनुभव के बावजूद कई मौकों पर मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी है, जिससे इस मुकाबले को लेकर रोमांच और बढ़ गया है। यह मैच इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि न्यू चंडीगढ़ स्थित यह स्टेडियम पहली बार किसी टेस्ट मैच की मेजबानी कर रहा है। इसके साथ ही यह भारत का 31वां टेस्ट वेन्यू और पंजाब का तीसरा अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैदान बन गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मैच की शुरुआत से पहले ही PCA स्टेडियम के बाहर और अंदर क्रिकेट प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। टिकटों की कीमत 250 रुपये रखी गई थी, जिसे दर्शकों ने काफी किफायती माना। खास बात यह है कि एक टिकट पर दर्शक पूरे पांच दिनों तक मैच का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा दर्शकों को यह भी सुविधा दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार पूरे दिन या किसी एक सत्र में स्टेडियम आकर मैच देख सकते हैं। गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए PCA ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को स्टेडियम लेकर आएं ताकि वे लाइव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव ले सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे शुभमन गिल इस समय अपने करियर के एक महत्वपूर्ण चरण में हैं। पंजाब से आने वाले इस युवा खिलाड़ी पर घरेलू मैदान में अच्छे प्रदर्शन की बड़ी जिम्मेदारी है। टीम में पंजाब के ही युवा खिलाड़ी गुरनूर बराड़ को भी शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय दर्शकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्टेडियम में मौजूद दर्शक लगातार भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं और हर अच्छे शॉट पर तालियों की गूंज सुनाई दे रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अफगानिस्तान की टीम भी इस मैच में पूरी तैयारी के साथ उतरी है। पिछले कुछ वर्षों में इस टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है और कई बड़ी टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी और स्पिन विभाग में अफगान टीम को खास ताकत माना जाता है, जिससे भारतीय बल्लेबाजों के सामने चुनौती भी बढ़ सकती है। शुरुआती सत्र इस मैच का रुख तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">PCA स्टेडियम में पहली बार टेस्ट मैच आयोजित होने के कारण स्थानीय प्रशासन और क्रिकेट एसोसिएशन ने भी व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था, दर्शकों की सुविधा और मैदान की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेडियम में बड़ी स्क्रीन और दर्शकों के बैठने की बेहतर व्यवस्था की गई है ताकि लोग आराम से मैच का आनंद ले सकें। यह टेस्ट मैच न केवल भारत और अफगानिस्तान के बीच प्रतिस्पर्धा का प्रतीक है, बल्कि न्यू चंडीगढ़ के लिए भी एक ऐतिहासिक पल है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक ऐसा अवसर है जहां वे घरेलू जमीन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रोमांच महसूस कर सकते हैं। आने वाले पांच दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों टीमें किस तरह प्रदर्शन करती हैं और कौन सी टीम इस ऐतिहासिक मुकाबले में बढ़त बनाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:41:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>कोहली चोट के चलते अफगानिस्तान सीरीज से बाहर, टीम इंडिया को झटका</title>
                                    <description><![CDATA[विराट की फिटनेस पर संकट, रोहित की स्थिति भी अनिश्चित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a23f4edca137/article-55118"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/virat-kohli-injury.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली जांघ की मांसपेशियों में चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी BCCI के एक सूत्र ने दी है, हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 13 जून से शुरू होने वाली इस सीरीज से पहले टीम इंडिया की तैयारियों पर इसका असर साफ दिख रहा है और अब चयनकर्ताओं के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक कोहली को यह चोट हाल ही में खत्म हुए IPL सीजन के दौरान लगी थी, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेली गई नाबाद 75 रनों की पारी के दौरान उन्हें परेशानी महसूस हुई थी। बाद में जांच में सामने आया कि उन्हें “डिस्टल सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन टियर” जैसी चोट है, जो हैमस्ट्रिंग के पीछे की नस से जुड़ी होती है। इस चोट के कारण खिलाड़ी को दौड़ने, तेजी से मूव करने और बैटिंग के दौरान शॉट खेलने में तकलीफ होती है। टीम के सहायक कोच रेयान टेन डोशेट ने स्थिति पर बयान देते हुए कहा कि कोहली और रोहित शर्मा को लेकर अंतिम और आधिकारिक जानकारी जल्द सामने आएगी। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस पर मेडिकल टीम लगातार नजर बनाए हुए है और सीरीज से पहले उनका पूरा आकलन किया जाएगा। टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता, खासकर ऐसे खिलाड़ियों के साथ जो लंबे समय से टीम की रीढ़ बने हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोहली के बाहर होने की स्थिति में यह उनके 18 साल के करियर में पहली बार होगा जब वह किसी चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर रहेंगे। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है क्योंकि कोहली फिलहाल वनडे फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं, उन्होंने टेस्ट और टी20 से पहले ही संन्यास ले लिया है। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति टीम की बल्लेबाजी संतुलन पर सीधा असर डाल सकती है। इसी बीच रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। रोहित हाल ही में हैमस्ट्रिंग चोट से उबर रहे हैं और उन्हें केवल फिटनेस क्लियरेंस मिलने के बाद ही टीम में शामिल किया गया था। IPL के दौरान भी वे कुछ मैचों से बाहर रहे थे। अब चयनकर्ताओं के सामने यह तय करना होगा कि क्या वे पूरी तरह मैच फिट हैं या नहीं। मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">टीम इंडिया के लिए यह सीरीज इसलिए भी अहम है क्योंकि वनडे वर्ल्ड कप चक्र की तैयारी का यह शुरुआती चरण माना जा रहा है। लेकिन कोहली और रोहित जैसे सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति से टीम की रणनीति और प्लेइंग इलेवन में बड़ा बदलाव संभव है। अब चयनकर्ताओं के पास तिलक वर्मा, संजू सैमसन, ऋतुराज गायकवाड़, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल जैसे विकल्प मौजूद हैं, जिनमें से किसी को मौका दिया जा सकता है। अगर दोनों वरिष्ठ खिलाड़ी बाहर रहते हैं तो इसका असर न सिर्फ टीम प्रदर्शन पर बल्कि दर्शकों की रुचि और सीरीज की व्यूअरशिप पर भी पड़ेगा। कोहली और रोहित लंबे समय से वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े आकर्षण रहे हैं, और उनकी गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी और दबाव दोनों बढ़ जाएगा। टीम मैनेजमेंट अब स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द ही अंतिम स्क्वाड की घोषणा होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:41:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>युवा खिलाड़ियों को एलिस पेरी की सीख, एक खेल नहीं बल्कि कई खेलों का लें अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई स्टार ऑलराउंडर ने कहा- विविध खेलों से बढ़ती है समझ, आत्मविश्वास और चुनौतियों से लड़ने की क्षमता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/young-players-should-learn-from-alice-perry-and-experience-not/article-54980"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ellyse-perry-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>महिला क्रिकेट की सबसे सफल और सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ellyse Perry</span></span> का मानना है कि खिलाड़ियों का विकास केवल एक खेल तक सीमित रहकर नहीं हो सकता। उनका कहना है कि कम उम्र में अलग-अलग खेलों में भाग लेने से न केवल खेल कौशल बेहतर होता है, बल्कि व्यक्तित्व भी अधिक मजबूत बनता है। यही अनुभव आगे चलकर खिलाड़ियों को मैदान पर और जीवन में बेहतर फैसले लेने में मदद करता है।</p>
<p>करीब दो दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अनुभव रखने वाली पेरी ने कहा कि खेल के दौरान सबसे महत्वपूर्ण चीज लगातार सीखते रहना है। उनके मुताबिक, चाहे कोई खिलाड़ी कितना भी अनुभवी क्यों न हो, हर नया सीजन नई चुनौतियां और नए अवसर लेकर आता है। उन्होंने माना कि आधुनिक क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों को लगातार खुद को नए हालात के मुताबिक ढालना पड़ता है।</p>
<p>पेरी ने बताया कि उनके करियर का सबसे दिलचस्प पहलू यही रहा कि उन्हें हर साल कुछ नया सीखने का मौका मिला। विशेष रूप से टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी तकनीक, शॉट चयन और रणनीतियां तेजी से बदलती रही हैं। ऐसे में खुद को अपडेट रखना उनके लिए चुनौती भी रहा और प्रेरणा भी। उनका मानना है कि जो खिलाड़ी सीखने की प्रक्रिया को अपनाते हैं, वही लंबे समय तक सफल बने रहते हैं।</p>
<p>ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन में केवल क्रिकेट ही नहीं बल्कि कई अन्य खेल भी खेले। उन्हीं अनुभवों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और प्रतिस्पर्धा को समझने में मदद की। उनका मानना है कि विभिन्न खेलों में हिस्सा लेने से शरीर और दिमाग दोनों का विकास संतुलित तरीके से होता है।</p>
<p>अपने करियर के यादगार लम्हों पर बात करते हुए पेरी ने एशेज सीरीज के कई मुकाबलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच हमेशा उनके लिए विशेष रहे हैं। खास तौर पर वह पारी, जिसमें उन्होंने दोहरा शतक लगाया था, आज भी उनकी सबसे खूबसूरत क्रिकेट यादों में शामिल है। उस उपलब्धि की खुशी इसलिए भी अधिक थी क्योंकि उनके पिता स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने अपनी आंखों के सामने वह ऐतिहासिक पारी देखी थी।</p>
<p>पेरी ने कहा कि उनके जीवन और करियर में परिवार की भूमिका बेहद अहम रही है। उन्होंने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय माता-पिता और भाई को दिया। उनके अनुसार, परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया और मुश्किल दौर में संभालने का काम किया। क्रिकेट के सफर में मिले समर्थन ने ही उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी।</p>
<p>महिला क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए पेरी ने कहा कि आज खेल पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी हो चुका है। दुनिया भर में महिला क्रिकेट को नई पहचान मिली है और खिलाड़ियों के लिए अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाएं और मंच मिल रहे हैं, जिनकी कल्पना पहले मुश्किल थी।</p>
<p>उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Meg Lanning</span></span> की नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की। पेरी के मुताबिक, दबाव के क्षणों में शांत रहना और टीम को सही दिशा देना लैनिंग की सबसे बड़ी विशेषता रही है। उनके साथ खेलते हुए उन्होंने नेतृत्व और टीम प्रबंधन के कई महत्वपूर्ण पहलू सीखे।</p>
<p>2020 महिला टी-20 विश्व कप फाइनल को याद करते हुए पेरी ने कहा कि वह दिन महिला क्रिकेट के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने साबित कर दिया था कि महिला क्रिकेट अब वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। हालांकि चोट के कारण वह उस फाइनल मुकाबले में मैदान पर नहीं उतर सकीं, लेकिन उस आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास अनुभव था।</p>
<p>युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए पेरी ने कहा कि खेल को केवल उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके अनुसार, खेल का असली आनंद सीखने, दोस्ती बनाने और नए अनुभव हासिल करने में है। जो खिलाड़ी खेल का आनंद लेते हैं, वे लंबे समय तक उससे जुड़े रहते हैं और बेहतर प्रदर्शन भी करते हैं।</p>
<p>---</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:10:41 +0530</pubDate>
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                <title>टीम इंडिया में बदलाव के संकेत, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर समीक्षा की चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले चयनकर्ताओं की नजर भविष्य की रणनीति पर, टी-20 विश्व कप 2028 को लेकर तैयार हो रहा नया रोडमैप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/signs-of-change-in-team-india-discussion-of-review-on/article-54975"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/suryakumar-yadav-news.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय टी-20 टीम के नेतृत्व को लेकर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले चयन समिति टीम की कप्तानी और संयोजन को लेकर बड़े फैसले ले सकती है। इन चर्चाओं के केंद्र में मौजूदा टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं, जिनकी भूमिका को लेकर आंतरिक स्तर पर मंथन चलने की बात सामने आ रही है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड और टीम प्रबंधन आने वाले वर्षों की योजनाओं पर काम कर रहे हैं। खासतौर पर 2028 टी-20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है जो लंबे समय तक टीम की जिम्मेदारी संभाल सकें। इसी प्रक्रिया के तहत कप्तानी समेत कई अहम पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।</p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि सूर्यकुमार यादव ने इसी साल मार्च में भारत को टी-20 विश्व कप का खिताब दिलाया था। उनकी कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी। टूर्नामेंट के दौरान उनकी रणनीति, खिलाड़ियों का उपयोग और दबाव वाले मुकाबलों में फैसले लेने की क्षमता की काफी सराहना हुई थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं और चयनकर्ता भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार हालिया प्रदर्शन भी चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में सूर्यकुमार यादव का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला। पूरे सीजन में वे निरंतर रन बनाने में संघर्ष करते दिखे। कुछ मुकाबलों में उन्होंने उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन उस स्तर का नहीं रहा जिसके लिए वे जाने जाते हैं।</p>
<p>चयनकर्ताओं का मानना है कि टी-20 प्रारूप में कप्तान का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी टीम के आत्मविश्वास और संतुलन पर असर डालता है। ऐसे में हालिया फॉर्म का मूल्यांकन स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का एक वर्ग यह भी मानता है कि किसी खिलाड़ी का आकलन केवल एक लीग सीजन के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>भारतीय टीम का अगला कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। आयरलैंड दौरे पर टीम दो टी-20 मुकाबले खेलेगी, जिसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज होगी। माना जा रहा है कि यह श्रृंखला भविष्य की टीम तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसी कारण युवा खिलाड़ियों को मौका देने और नेतृत्व समूह में नए चेहरों को शामिल करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p>टीम प्रबंधन और चयन समिति के बीच कई दौर की चर्चाएं होने की खबरें हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मुख्य कोच <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">गौतम गंभीर</span></span> से भी संभावित बदलावों को लेकर राय ली गई है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक बैठक के निर्णय सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।</p>
<p>सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ वर्षों में भारत के सबसे प्रभावशाली टी-20 बल्लेबाजों में गिने जाते रहे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई। कई मौकों पर उन्होंने अकेले दम पर मैच का रुख बदलने वाली पारियां खेली हैं। इसी वजह से टीम में उनकी उपयोगिता को लेकर कोई सवाल नहीं है, लेकिन नेतृत्व की भूमिका को लेकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा जारी है।</p>
<p>---</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:10:30 +0530</pubDate>
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                <title>मेंडिस-निसांका की बल्लेबाजी और चमीरा की धार, श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में पछाड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[303 रन का मजबूत स्कोर खड़ा करने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने दिखाया कमाल, मेजबान टीम 262 रन पर सिमटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/mendis-nisankas-batting-and-chameeras-edge-helped-sri-lanka-defeat-west/article-54973"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sl-vs-wi-odi-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">किंग्स्टन के सबीना पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में श्रीलंका ने संतुलित प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 41 रन से मात दी और तीन मैचों की सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। बल्लेबाजी में कप्तान कुसल मेंडिस और पाथुम निसांका ने टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया, जबकि गेंदबाजी में दुष्मंथा चमीरा ने शानदार स्पैल डालकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">टॉस जीतने के बाद वेस्टइंडीज ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। शुरुआत में उन्हें सफलता भी मिली जब श्रीलंका का पहला विकेट अपेक्षाकृत जल्दी गिर गया। लेकिन इसके बाद पाथुम निसांका और कप्तान कुसल मेंडिस ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला।</p>
<p style="text-align:justify;">निसांका ने अपनी पारी में बेहतरीन टाइमिंग का प्रदर्शन किया, वहीं मेंडिस ने कप्तानी जिम्मेदारी निभाते हुए रन गति को बनाए रखा। दोनों के बीच हुई बड़ी साझेदारी ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की योजनाओं को विफल कर दिया। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, श्रीलंका का स्कोर तेजी से बढ़ता गया और विपक्षी टीम पर दबाव बढ़ता चला गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कुसल मेंडिस ने 72 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि निसांका 79 रन बनाकर आउट हुए। दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। मध्यक्रम में जनिथ लियानागे और चरित असालंका ने जिम्मेदारी संभालते हुए अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए। दोनों बल्लेबाज अंत तक नाबाद रहे और टीम को 50 ओवर में 303 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">वेस्टइंडीज की ओर से गेंदबाजी में कुछ क्षण जरूर अच्छे रहे, लेकिन कोई भी गेंदबाज लंबे समय तक दबाव बनाने में सफल नहीं हो पाया। रोस्टन चेज, जॉयडन सेल्स और मैथ्यू फोर्ड ने दो-दो विकेट लिए, हालांकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की दिशा में लगातार रन बटोरे।</p>
<p style="text-align:justify;">304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद जगाने वाली रही। ओपनरों ने पहले विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की और शुरुआती ओवरों में रन भी तेजी से बनाए। जस्टिन ग्रिव्स ने कुछ आकर्षक स्ट्रोक लगाए, जबकि जॉन कैंपबेल ने भी अच्छी लय दिखाई।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि जैसे ही शुरुआती साझेदारी टूटी, श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। कप्तान शाई होप ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और अर्धशतक भी पूरा किया। उनकी 56 रन की पारी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे। बढ़ते रन रेट और दबाव के बीच बल्लेबाजों ने जोखिम उठाने शुरू किए, जिसका फायदा श्रीलंका को मिला। खासतौर पर दुष्मंथा चमीरा ने अपनी गति और सटीक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">चमीरा ने चार अहम विकेट हासिल किए और मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर मेजबान टीम की वापसी की संभावनाओं को लगभग खत्म कर दिया। दूसरी ओर स्पिनर महीश तीक्षणा ने भी शानदार नियंत्रण दिखाते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा, वेस्टइंडीज के लिए लक्ष्य और मुश्किल होता गया। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ बड़े शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने कोई ढील नहीं दी। पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और श्रीलंका ने मुकाबला 41 रन से अपने नाम कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस जीत के साथ श्रीलंका ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान कुसल मेंडिस को उनकी प्रभावशाली बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि चमीरा की गेंदबाजी ने जीत को सुनिश्चित करने का काम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">----</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:42:31 +0530</pubDate>
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