<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/category-9" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>लाइफ स्टाइल - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/category/9/rss</link>
                <description>लाइफ स्टाइल RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आम के साथ इन चीजों को मिलाकर न खाएं, सेहत पर पड़ सकता है असर</title>
                                    <description><![CDATA[फलों का राजा आम स्वाद में जितना अच्छा है, गलत कॉम्बिनेशन में उतना ही नुकसानदेह हो सकता है गर्मियों में आम खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इसे गलत चीजों के साथ खाने से सेहत पर असर पड़ सकता है। कुछ कॉम्बिनेशन पाचन और शरीर के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/do-not-eat-these-things-mixed-with-mango-it-may/article-51863"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mango,-health-tips.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मी के मौसम में आम सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है। इसे फलों का राजा भी कहा जाता है क्योंकि इसका स्वाद और पोषण दोनों ही बेहतरीन होते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार आम को कुछ चीजों के साथ मिलाकर खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।</p>
<p><strong>दूध के साथ आम</strong><br />आम और दूध का कॉम्बिनेशन कई लोगों के लिए भारी पड़ सकता है। इससे कुछ लोगों को गैस, अपच या त्वचा से जुड़ी समस्याएं जैसे मुंहासे हो सकते हैं। हालांकि आम से बना मिल्कशेक आमतौर पर लोग पीते हैं, लेकिन कमजोर पाचन वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p><strong>दही के साथ सेवन</strong><br />आम और दही को साथ खाने से शरीर में तापमान का असंतुलन हो सकता है। इससे पेट दर्द, अपच या एलर्जी जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।</p>
<p><strong>करेले के साथ आम</strong><br />करेला और आम दोनों की प्रकृति एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती है। इन्हें साथ खाने से मतली, उल्टी या कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत भी हो सकती है। इसलिए इन दोनों को एक साथ खाने से बचना चाहिए।</p>
<p><strong>तला-भुना और मसालेदार भोजन</strong><br />अगर आम के साथ ज्यादा ऑयली या मसालेदार खाना खाया जाए तो पेट में एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आम खुद में मीठा और भारी होता है, ऐसे में यह कॉम्बिनेशन पाचन पर दबाव डाल सकता है।</p>
<p><strong>ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक</strong><br />आम खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक पीने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है। इससे पेट दर्द, गैस और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि आम को हमेशा संतुलित मात्रा में और सही समय पर खाना चाहिए। इसे खाली पेट या बहुत भारी भोजन के साथ लेने से बचना बेहतर रहता है।</p>
<p>हालांकि आम पूरी तरह से सुरक्षित और पौष्टिक फल है, लेकिन गलत फूड कॉम्बिनेशन से इसकी अच्छाई भी असरहीन हो सकती है। इसलिए गर्मियों में इसका आनंद लेते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/do-not-eat-these-things-mixed-with-mango-it-may/article-51863</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/do-not-eat-these-things-mixed-with-mango-it-may/article-51863</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:11:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/mango%2C-health-tips.jpg"                         length="222250"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्यार और अट्रैक्शन में फर्क क्या है, रिश्ते की सच्चाई जानें</title>
                                    <description><![CDATA[प्यार और अट्रैक्शन के बीच अंतर समझकर आप अपने रिश्ते की असल दिशा पहचान सकते हैं, जानिए कैसे दोनों भावनाएं अलग होती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/what-is-the-difference-between-love-and-attraction-know-the/article-51780"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/love,-attraction.jpg" alt=""></a><br /><p>रिश्तों में अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि जो महसूस हो रहा है वह प्यार है या सिर्फ आकर्षण। दोनों के बीच अंतर बहुत सूक्ष्म होता है, लेकिन असर गहरा होता है। सही पहचान से रिश्तों की सच्चाई सामने आ सकती है।</p>
<h5><strong>प्यार और अट्रैक्शन में फर्क</strong></h5>
<p>प्यार और अट्रैक्शन के बीच अंतर को लेकर अक्सर युवाओं में भ्रम की स्थिति रहती है। कई बार शुरुआत में दोनों भावनाएं एक जैसी लगती हैं, लेकिन समय के साथ इनका असली स्वरूप सामने आता है। विशेषज्ञों के अनुसार आकर्षण किसी व्यक्ति की बाहरी विशेषताओं या शुरुआती जुड़ाव पर आधारित होता है, जबकि प्यार समय, समझ और भावनात्मक गहराई के साथ विकसित होता है।रिश्तों की शुरुआत में आकर्षण होना स्वाभाविक है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर आकर्षण प्यार में बदल जाए। यही वजह है कि कई रिश्ते कुछ समय बाद कमजोर पड़ जाते हैं।</p>
<h5><strong>समय और प्राथमिकता</strong></h5>
<p>रिपोर्ट्स और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के अनुसार प्यार और अट्रैक्शन में सबसे बड़ा फर्क समय और प्राथमिकता को लेकर देखा जाता है। प्यार में लोग एक-दूसरे के साथ समय बिताने को महत्व देते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी साथ खड़े रहते हैं। वहीं दूसरी ओर, केवल आकर्षण पर आधारित रिश्तों में व्यक्ति अक्सर प्राथमिकता बदलता रहता है और लंबे समय तक जुड़ाव बनाए रखना मुश्किल होता है।</p>
<h4><strong>भविष्य की सोच</strong></h4>
<p>प्यार और अट्रैक्शन के बीच एक बड़ा अंतर भविष्य को लेकर सोच में भी देखा जाता है। प्यार में लोग एक-दूसरे के साथ भविष्य की योजना बनाते हैं और उसे साकार करने की कोशिश करते हैं। जबकि आकर्षण में अक्सर भविष्य को लेकर गंभीर र्चा नहीं होती। ऐसे रिश्तों में वर्तमान भावना तो होती है, लेकिन दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की कमी देखी जाती है।</p>
<h5><strong>भावनात्मक जुड़ाव</strong></h5>
<p>प्यार में भावनात्मक जुड़ाव सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें व्यक्ति अपने साथी की भावनाओं, जरूरतों और परेशानियों को समझने की कोशिश करता है। अट्रैक्शन में यह जुड़ाव अपेक्षाकृत सतही होता है। इसमें व्यक्ति ज्यादा समय तक गहराई से जुड़ नहीं पाता और संबंध अक्सर बाहरी आकर्षण तक सीमित रह जाता है।</p>
<h5><strong>निजीपन और पारदर्शिता</strong></h5>
<p>विशेषज्ञ मानते हैं कि प्यार में लोग एक-दूसरे के साथ अधिक पारदर्शी होते हैं और अपनी कमजोरियों को भी साझा करते हैं। यह भरोसे का संकेत होता है। वहीं, आकर्षण पर आधारित रिश्तों में लोग अक्सर अपनी निजी जिंदगी को सीमित रखते हैं और गहरे स्तर पर जुड़ने से बचते हैं।</p>
<h5><strong>आगे क्या समझना जरूरी है</strong></h5>
<p>रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी रिश्ते की असली पहचान समय के साथ होती है। शुरुआत में आकर्षण सामान्य है, लेकिन अगर यह भावनात्मक समझ, भरोसा और साथ में आगे बढ़ने की इच्छा में बदल जाए, तभी इसे प्यार कहा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/what-is-the-difference-between-love-and-attraction-know-the/article-51780</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/what-is-the-difference-between-love-and-attraction-know-the/article-51780</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 16:12:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/love%2C-attraction.jpg"                         length="153000"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों में खरबूजे से बन रही नई रेसिपी ट्रेंड, शेक, स्मूदी और आइसक्रीम की बढ़ी डिमांड</title>
                                    <description><![CDATA[घर पर आसान तरीके से तैयार हो रहे हेल्दी ड्रिंक्स और डेज़र्ट, पोषण और स्वाद दोनों का बढ़ा आकर्षण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/new-recipes-made-from-melon-in-summer-increased-demand-for/article-51468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/watermelon-recipes.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों में मिलने वाला मीठा और रसदार खरबूजा अब सिर्फ फल तक सीमित नहीं है। लोग इसे अलग-अलग रेसिपीज में इस्तेमाल कर रहे हैं। शेक, स्मूदी, आइसक्रीम, सलाद और मॉकटेल के रूप में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन भी देता है।</p>
<p>घर की रसोई में इसे आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है। नीचे इसकी 5 लोकप्रिय रेसिपीज दी गई हैं—</p>
<hr />
<h3><span><strong>खरबूज का शेक</strong></span></h3>
<p><strong>सामग्री:</strong><br />1 कप खरबूज के टुकड़े, 1 कप ठंडा दूध, 2-3 चम्मच चीनी या शहद, बर्फ के टुकड़े</p>
<p><strong>विधि:</strong><br />खरबूज के टुकड़े, ठंडा दूध, चीनी या शहद और बर्फ के टुकड़े मिक्सर में डालें।<br />सारी सामग्री को अच्छी तरह ब्लेंड करें जब तक मिश्रण स्मूद न हो जाए।<br />ठंडा-ठंडा गिलास में सर्व करें।</p>
<hr />
<h3><span><strong>खरबूज स्मूदी</strong></span></h3>
<p><strong>सामग्री:</strong><br />1 कप खरबूज, ½ कप दही, 1 चम्मच शहद, चिया सीड्स</p>
<p><strong>विधि:</strong><br />खरबूज, दही और शहद को मिक्सर में डालकर ब्लेंड करें।<br />मिश्रण को गाढ़ा और स्मूद होने तक पीसें।<br />ऊपर से चिया सीड्स डालकर सर्व करें।</p>
<hr />
<h3><span><strong>खरबूज आइसक्रीम</strong></span></h3>
<p><strong>सामग्री:</strong><br />2 कप खरबूज प्यूरी, 1 कप क्रीम, ½ कप कंडेंस्ड मिल्क</p>
<p><strong>विधि:</strong><br />एक बर्तन में खरबूज प्यूरी, क्रीम और कंडेंस्ड मिल्क डालकर अच्छे से मिलाएं।<br />मिश्रण को एयरटाइट कंटेनर में डालें।<br />5-6 घंटे के लिए फ्रीजर में जमने दें।<br />जमने के बाद सर्व करें।</p>
<hr />
<h3><span><strong>खरबूज सलाद</strong></span></h3>
<p><strong>सामग्री:</strong><br />खरबूज के क्यूब्स, खीरा, पुदीना पत्तियां, काला नमक, नींबू रस</p>
<p><strong>विधि:</strong><br />सभी सामग्री को एक बाउल में डालें।<br />हल्का सा काला नमक और नींबू रस मिलाएं।<br />अच्छी तरह मिक्स करके ठंडा-ठंडा सर्व करें।</p>
<hr />
<h3><span><strong>खरबूज मॉकटेल</strong></span></h3>
<p><strong>सामग्री:</strong><br />1 कप खरबूज जूस, सोडा या स्पार्कलिंग वाटर, नींबू रस, पुदीना</p>
<p><strong>विधि:</strong><br />एक गिलास में खरबूज का जूस डालें।<br />उसमें सोडा और नींबू रस मिलाएं।<br />ऊपर से पुदीना डालकर ठंडा सर्व करें।</p>
<p>गर्मियों में यह रेसिपीज न सिर्फ शरीर को ठंडक देती हैं, बल्कि घर पर आसान और हेल्दी विकल्प भी उपलब्ध कराती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/new-recipes-made-from-melon-in-summer-increased-demand-for/article-51468</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/new-recipes-made-from-melon-in-summer-increased-demand-for/article-51468</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:51:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/watermelon-recipes.jpg"                         length="121244"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> गर्मियों में फिटकरी के 5 उपयोग: पसीने से लेकर स्किन प्रॉब्लम तक मिल सकती है राहत</title>
                                    <description><![CDATA[फिटकरी के एंटी-बैक्टीरियल गुण इसे बनाते हैं घरेलू देखभाल का आसान उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/5-uses-of-alum-in-summer-you-can-get-relief/article-51466"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/fitkari-alum-summer.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ त्वचा और शरीर से जुड़ी कई समस्याएँ आम हो जाती हैं। ऐसे में फिटकरी (Alum) एक पारंपरिक और घरेलू उपाय के रूप में लंबे समय से इस्तेमाल की जा रही है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण इसे कई तरह की छोटी-मोटी परेशानियों में उपयोगी बनाते हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, फिटकरी का सही तरीके से उपयोग करने पर यह पसीने की बदबू, त्वचा की जलन और संक्रमण जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है।</p>
<h5><strong>पसीने की बदबू से राहत</strong></h5>
<p>गर्मियों में अत्यधिक पसीने के कारण शरीर से दुर्गंध आने लगती है। फिटकरी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। नहाने के पानी में फिटकरी मिलाना या इसे हल्का गीला करके अंडरआर्म्स पर लगाना फायदेमंद माना जाता है।</p>
<h5><strong>सनबर्न और त्वचा की जलन में उपयोगी</strong></h5>
<p>तेज धूप के कारण त्वचा पर जलन और लालपन हो सकता है। फिटकरी का ठंडा प्रभाव इस स्थिति में राहत देता है। फिटकरी के पानी को प्रभावित हिस्से पर लगाने से जलन कम हो सकती है।</p>
<h5><strong>पिंपल्स और ऑयली स्किन में मददगार</strong></h5>
<p>गर्मी में त्वचा अधिक ऑयली हो जाती है, जिससे मुंहासे बढ़ सकते हैं। फिटकरी त्वचा को टाइट करने और अतिरिक्त तेल कम करने में सहायक मानी जाती है। इसे पानी में घोलकर हल्के हाथों से चेहरे पर लगाया जाता है, हालांकि इसका सीमित उपयोग ही सलाहनीय है।</p>
<h5><strong>मुंह की दुर्गंध और छालों में लाभ</strong></h5>
<p>फिटकरी का उपयोग मुंह की समस्याओं में भी किया जाता है। यह एंटीसेप्टिक की तरह काम करती है। फिटकरी के पानी से गरारे करने से मुंह की दुर्गंध और छालों में राहत मिल सकती है।</p>
<h5><strong>पैरों की बदबू और फंगल इंफेक्शन</strong></h5>
<p>पसीने के कारण पैरों में बदबू और संक्रमण की समस्या आम है। गुनगुने पानी में फिटकरी डालकर पैरों को 10–15 मिनट तक भिगोने से राहत मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/5-uses-of-alum-in-summer-you-can-get-relief/article-51466</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/5-uses-of-alum-in-summer-you-can-get-relief/article-51466</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:29:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/fitkari-alum-summer.jpg"                         length="99808"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी में हाइड्रेशन का असरदार उपाय: नारियल पानी और सब्जा सीड्स का कॉम्बिनेशन देगा तुरंत राहत</title>
                                    <description><![CDATA[तेज धूप और डिहाइड्रेशन से राहत दिलाने वाला यह संयोजन शरीर को रखता है ठंडा, एनर्जी से भरपूर और पाचन के लिए लाभकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/natural-drink-that-cools-the-body-in-summer-effective-solution/article-51359"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/summer-drink.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों के मौसम में बढ़ती गर्मी, पसीना और थकान शरीर को तेजी से प्रभावित करती है। ऐसे समय में शरीर को हाइड्रेट रखना और ऊर्जा बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मौसम में प्राकृतिक और हल्के पेय अधिक लाभकारी होते हैं, जो शरीर को अंदर से ठंडक और संतुलन प्रदान करते हैं।</p>
<p><strong>शरीर में तेजी से हाइड्रेशन</strong><br />इस प्राकृतिक पेय में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में पानी की कमी को जल्दी पूरा करने में मदद करते हैं। वहीं इसमें शामिल भीगे हुए बीज पानी को सोखकर जेल जैसा रूप ले लेते हैं, जिससे शरीर में लंबे समय तक नमी बनी रहती है।</p>
<p><strong>गर्मी और लू से राहत</strong><br />दोनों प्राकृतिक तत्व शरीर की गर्मी को कम करने में सहायक होते हैं। यह संयोजन शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और अत्यधिक गर्मी के प्रभाव से बचाव में मदद करता है।</p>
<p><strong>ऊर्जा में सुधार और थकान में कमी</strong><br />इस पेय में मौजूद प्राकृतिक तत्व तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं, जबकि भीगे हुए बीज धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करते हैं। इससे दिनभर की थकान और कमजोरी कम महसूस होती है।</p>
<p><strong>पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद</strong><br />इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में सहायक होता है। यह कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद करता है।</p>
<p><strong>वजन नियंत्रण में सहायक</strong><br />यह पेय कम कैलोरी वाला होता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे अनावश्यक भोजन की इच्छा कम होती है और वजन संतुलन में मदद मिलती है।</p>
<p><strong>सेवन का तरीका</strong><br />एक गिलास प्राकृतिक पेय में पहले से भिगोए हुए एक चम्मच बीज मिलाकर सेवन किया जा सकता है। इसे सुबह या दोपहर के समय पीना अधिक लाभकारी माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/natural-drink-that-cools-the-body-in-summer-effective-solution/article-51359</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/natural-drink-that-cools-the-body-in-summer-effective-solution/article-51359</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 15:27:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/summer-drink.jpg"                         length="119078"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों में कूलिंग जड़ी-बूटियों के सेवन में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[गलत तरीके से सेवन करने पर पाचन तंत्र पर असर, सही विधि अपनाना जरूरी ताकि शरीर को मिले पूरा लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/these-mistakes-can-be-made-in-the-consumption-of-cooling/article-51347"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/gond-katira-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और लू से बचाव के लिए गोंद कतीरा को बेहद फायदेमंद माना जाता है। लेकिन इसका गलत तरीके से सेवन फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे सही तरीके से न खाने पर पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p>गोंद कतीरा को लेकर सबसे बड़ी गलती यह होती है कि कई लोग इसे बिना पूरी तरह भिगोए या कम समय भिगोकर ही सेवन कर लेते हैं। यह तरीका स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।</p>
<p>दरअसल, गोंद कतीरा को हमेशा पर्याप्त समय देकर पानी में भिगोना जरूरी होता है। यदि इसे सूखा या अधपका खाया जाए तो यह पेट में जाकर फूल सकता है, जिससे पेट में ऐंठन, भारीपन, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p>सही तरीका यह है कि गोंद कतीरा की 1 से 2 चम्मच मात्रा को एक गिलास पानी में रातभर, यानी लगभग 8 से 10 घंटे तक भिगोया जाए। सुबह तक यह जेली जैसी पारदर्शी संरचना में बदल जाता है, जिसे आसानी से सेवन किया जा सकता है।</p>
<p>भीगे हुए गोंद कतीरा को ठंडाई, शरबत, दूध या फालूदा में मिलाकर लिया जा सकता है। यह न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि गर्मी से राहत पहुंचाने में भी मदद करता है।</p>
<p>हालांकि इसकी मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है। रोजाना 1 से 2 चम्मच से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा पाचन तंत्र पर असर डाल सकती है।</p>
<p>सही तरीके से सेवन करने पर गोंद कतीरा शरीर को ठंडा रखने, लू से बचाव करने और पाचन सुधारने में सहायक माना जाता है। साथ ही इसे जोड़ों और हड्डियों के लिए भी लाभकारी बताया जाता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक चीज का लाभ तभी मिलता है जब उसका उपयोग सही विधि और संतुलित मात्रा में किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/these-mistakes-can-be-made-in-the-consumption-of-cooling/article-51347</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/these-mistakes-can-be-made-in-the-consumption-of-cooling/article-51347</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:15:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/gond-katira-%282%29.jpg"                         length="205554"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिप्लेसमेंट से रीजेनरेशन तक का सफर : एक सर्जन की व्यक्तिगत यात्रा ने बदली घुटनों के इलाज की दिशा </title>
                                    <description><![CDATA[50 वर्षों के अनुभव के बाद विशेषज्ञ ने उठाए सवाल—क्या घुटने का इलाज सिर्फ बदलना है या उसे ठीक करना भी संभव है?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/journey-from-replacement-to-regeneration-one-surgeons-personal-journey-that/article-51181"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/dr.-n.k.-aggarwal.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय घरों में घुटनों का दर्द अक्सर उम्र बढ़ने का एक सामान्य हिस्सा मान लिया जाता है। इसकी शुरुआत हल्की परेशानी से होती है जैसे सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत, बैठने या खड़े होने में दर्द—लेकिन धीरे-धीरे यह चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करने लगता है। लंबे समय से इसका इलाज लगभग तय रहा है: जब दवाइयों, फिजियोथेरेपी और इंजेक्शन से राहत नहीं मिलती, तो नी रिप्लेसमेंट को अगला कदम माना जाता है। लेकिन अब यह सोच बदलती हुई नजर या रही है। </p>
<p>डॉ. एन. के. अग्रवाल, एक अनुभवी आर्थोपेडिक सर्जन जिनके पास 50 से अधिक वर्षों का अनुभव है और जो भारत में नी रिप्लेसमेंट के शुरुआती विशेषज्ञों में से रहे हैं, पहले इसी समाधान में पूरी तरह विश्वास रखते थे। उन्होंने भारत, यूके, यूरोप और अमेरिका के प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण और काम किया है, और लुधियाना के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में आर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर के रूप में सेवा दी है। अपने करियर में उन्होंने हजारों सर्जरी की हैं और कई मरीजों को चलने-फिरने की क्षमता वापस दिलाई है। लेकिन समय के साथ उन्हे एक बात खटकने लगी, जो थी ऑपरेशन के बाद मरीजों में संतुष्टि। </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-14-at-9.18.12-pm.jpeg" alt="Dr. N.K. Aggarwal" width="512" height="341"></img></p>
<p>करीब 15–20 वर्षों तक लगातार नी रिप्लेसमेंट करने के बाद उन्होंने पाया कि सर्जरी सफल होने के बावजूद, लगभग 20–25 प्रतिशत मरीज पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते। कई मामलों में दर्द या जकड़न बनी रहती है और चलने-फिरने की क्षमता पहले जैसी नहीं हो पाती। तकनीक में सुधार, रोबोटिक्स और नई विधियों ने सर्जरी को अधिक सटीक तो बनाय, लेकिन मरीजों की संतुष्टि में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। यहीं से यह सवाल उठा कि क्या इलाज समस्या की जड़ तक पहुंच भी रहा है या नहीं।</p>
<p>इसी दौरान एक व्यक्तिगत अनुभव ने उनकी सोच को और स्पष्ट कर दिया। करीब दस साल पहले उनकी पत्नी, जो खुद डॉक्टर हैं, को गंभीर घुटनों का दर्द होने लगा। हालत इतनी बिगड़ गई कि उनका चलना मुश्किल हो गया और यात्रा के लिए व्हीलचेयर की जरूरत पड़ने लगी। विशेषज्ञों ने उन्हें भी नी रिप्लेसमेंट की सलाह दी, लेकिन डॉ. अग्रवाल ने तुरंत यह फैसला नहीं लिया। अपने अनुभव से वह जानते थे कि सफल सर्जरी भी संतोषजनक परिणाम की गारंटी नहीं होती और उन्होंने इस समस्या को गहराई से समझने का निर्णय लिया।</p>
<p>जब उन्होंने दुनियाभर के शोध को विस्तार से देखा, तो एक महत्वपूर्ण बात सामने आई। घुटनों का दर्द केवल घिसाव का परिणाम नहीं है, बल्कि यह शरीर में होने वाली धीमी और लगातार सूजन से जुड़ा होता है, जो उम्र के साथ बढ़ती है, जिसे  “इनफ्लेमेजिंग” कहा जाता है। यह सूजन केवल घुटने के कार्टिलेज तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लिगामेंट, मांसपेशियों और आसपास के ऊतकों को भी प्रभावित करती है। इस तरह घुटनों का दर्द केवल एक जोड़ की समस्या नहीं, बल्कि पूरे शरीर से जुड़ी स्थिति का हिस्सा बन जाता है।</p>
<p>यहीं से इलाज की दिशा में बदलाव शुरू हुआ और डॉ. अग्रवाल ने “रिप्लेसमेंट” के बजाय “रीजेनरेशन” पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कई ऐसे उपचारों को एक साथ जोड़ा, जिन्हें पहले अलग-अलग अपनाया जाता था। इसमें जोड़ों की सफाई, लुब्रिकेशन थेरेपी, पीआरपी और ग्रोथ फैक्टर जैसे उपचार शामिल हैं, जो मरीज के अपने खून से लिए जाते हैं। इसके साथ ही फैट और बोन मैरो से जुड़ी तकनीकों का भी उपयोग किया जाता है।</p>
<p>इसके समानांतर, उन्होंने शरीर की कुल सूजन को कम करने के लिए दवाइयों, सप्लीमेंट्स और जीवनशैली में बदलाव को भी इलाज का हिस्सा बनाया और इस समग्र पद्धति को “लुधियाना प्रोटोकॉल” नाम दिया गया। जिसका उद्देश्य है सूजन को नियंत्रित करना, घुटने के अंदर के माहौल को बेहतर बनाना और शरीर की प्राकृतिक हीलिंग क्षमता को मजबूत करना। इस तरह इलाज का फोकस घुटना बदलने से हटकर उसे बचाने और ठीक करने पर आ गया।</p>
<p>इस पद्धति का पहला उपयोग उनकी पत्नी के इलाज में हुआ, जहां समय के साथ स्पष्ट सुधार देखा गया। इसके बाद उन्होंने इस तरीके को अन्य मरीजों पर लागू किया। अब तक सैकड़ों मरीजों का इलाज किया जा चुका है और 95 प्रतिशत से अधिक मामलों में दर्द और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि कई ऐसे मरीज, जिन्हें पहले नी रिप्लेसमेंट की सलाह दी गई थी, अब बिना सर्जरी के बेहतर स्थिति में हैं।</p>
<p>यह उपचार न्यूनतम इनवेसिव है, यानी इसमें बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं होता, एनेस्थीसिया की आवश्यकता नहीं पड़ती और मरीज उसी दिन घर लौट सकता है। इससे इलाज आसान और कम जोखिम वाला बन जाता है।</p>
<p>हालांकि, डॉ. अग्रवाल यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह हर मरीज के लिए समाधान नहीं है। जिन मामलों में घुटना बहुत अधिक खराब या टेढ़ा हो चुका है, वहां सर्जरी जरूरी हो सकती है। लेकिन शुरुआती और मध्यम अवस्था में अगर समय पर इलाज शुरू किया जाए, तो सर्जरी को टाला जा सकता है। इस उपचार का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है—कुछ हफ्तों में बदलाव नजर आने लगता है और पूरा लाभ 2–3 महीनों में मिलता है।</p>
<p>भारत में घुटनों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह अधिक देखी जाती है, खासकर महिलाओं में। बदलती जीवनशैली, मोटापा और बढ़ती उम्र इसके मुख्य कारण हैं। अब यह समस्या युवाओं में भी सामने आने लगी है, जो इसे और गंभीर बनाती है।</p>
<p>डॉ. अग्रवाल का यह सफर इलाज की सोच में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। अब ध्यान केवल नी बदलने पर नहीं, बल्कि बीमारी को समझकर उसे जड़ से ठीक करने पर है। जैसा कि वे कहते हैं, “हम उम्र बढ़ने को रोक नहीं सकते, लेकिन उसके दर्दनाक असर को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर समय पर इलाज शुरू हो जाए, तो घुटनों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।”</p>
<p>वे आज भी जरूरत पड़ने पर नी रिप्लेसमेंट करते हैं, लेकिन इसे पहला नहीं बल्कि आखिरी विकल्प मानते हैं। मरीजों के लिए संदेश साफ है—घुटनों के दर्द को नजरअंदाज न करें और इलाज के लिए केवल सर्जरी पर निर्भर न रहें। अब रीजेनरेशन आधारित इलाज एक मजबूत और उभरता हुआ विकल्प बनकर सामने आ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/journey-from-replacement-to-regeneration-one-surgeons-personal-journey-that/article-51181</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/journey-from-replacement-to-regeneration-one-surgeons-personal-journey-that/article-51181</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 08:51:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/dr.-n.k.-aggarwal.jpg"                         length="148789"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों में ऐसे करें आलू को स्टोर, हफ्तों तक रहेंगे फ्रेश और सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[आलू स्टोर करने का सही तरीका जानें और गर्मियों में आलू को लंबे समय तक ताजा व खराब होने से बचाकर रखें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/store-potatoes-like-this-in-summer-they-will-remain-fresh/article-51152"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/potato-storage-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आलू भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है, जिसका उपयोग रोजमर्रा के भोजन में लगभग हर घर में किया जाता है। लेकिन गर्मियों के मौसम में इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखना आसान नहीं होता। थोड़ी सी लापरवाही से ही आलू जल्दी खराब होने लगते हैं, जिससे न सिर्फ उनका स्वाद प्रभावित होता है बल्कि वे उपयोग के लायक भी नहीं रहते।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आलू स्टोर करने के लिए सही तापमान का महत्व</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आलू को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है सही तापमान का चुनाव। विशेषज्ञों के अनुसार आलू को लगभग 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास के तापमान में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। बहुत ज्यादा ठंड में रखने से आलू का स्वाद मीठा या खराब हो सकता है, जबकि अधिक गर्मी में रखने से वे सूखने लगते हैं और उनकी गुणवत्ता कम हो जाती है। इसलिए हमेशा ऐसी जगह चुननी चाहिए जो न ज्यादा गर्म हो और न ज्यादा ठंडी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अंधेरी और सूखी जगह पर रखें आलू</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आलू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां सीधी रोशनी न पहुंचती हो। रोशनी के संपर्क में आने से आलू का रंग हरा पड़ सकता है और उनका स्वाद कड़वा हो सकता है। इसके अलावा नमी से बचाने के लिए उन्हें सूखी और हवादार जगह पर रखना चाहिए। बंद और नम जगह पर रखने से आलू जल्दी सड़ने लगते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">हवा का प्रवाह भी है जरूरी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आलू को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए हवा का सही प्रवाह बहुत जरूरी होता है। यदि आलू को प्लास्टिक बैग या बंद डिब्बों में रखा जाए तो उनमें नमी जमा हो सकती है, जिससे वे जल्दी खराब हो सकते हैं। बेहतर होगा कि आलू को जालीदार थैले या खुले बर्तन में रखा जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">खराब आलू को समय पर अलग करना जरूरी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">स्टोरेज के दौरान समय-समय पर आलू की जांच करना बेहद जरूरी है। यदि किसी आलू में अंकुर निकल आए हों, वह नरम हो गया हो, उसमें फफूंदी लग गई हो या उससे बदबू आने लगे, तो उसे तुरंत अलग कर देना चाहिए। ऐसा न करने पर बाकी आलू भी जल्दी खराब हो सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आलू खराब होने के संकेत</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">खराब आलू की पहचान करना भी जरूरी है। हरे धब्बे, ज्यादा नरम बनावट, सिकुड़ा हुआ आकार, बदबू या पानी निकलना इस बात का संकेत है कि आलू अब इस्तेमाल योग्य नहीं रहा। ऐसे आलू को तुरंत हटा देना चाहिए।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/store-potatoes-like-this-in-summer-they-will-remain-fresh/article-51152</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/store-potatoes-like-this-in-summer-they-will-remain-fresh/article-51152</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 19:49:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/potato-storage-tips.jpg"                         length="143541"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहद-नींबू से घर बैठे मिलेगी ग्लोइंग स्किन, जानें सही इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[शहद और नींबू फेस पैक से पाएं साफ और चमकदार त्वचा। जानें इसके फायदे, सही इस्तेमाल का तरीका और जरूरी सावधानियां।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/you-will-get-glowing-skin-sitting-at-home-with-honey/article-51157"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/honey-and-lemon-face-pack-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आज के समय में हर कोई प्राकृतिक रूप से सुंदर और चमकदार त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन घरेलू नुस्खे हमेशा से ही सुरक्षित और असरदार माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है शहद और नींबू फेस पैक, जो त्वचा को साफ और निखरा हुआ बनाने में मदद करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">शहद और नींबू फेस पैक क्यों है फायदेमंद</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">शहद और नींबू का मिश्रण त्वचा के लिए एक प्राकृतिक क्लीनिंग एजेंट की तरह काम करता है। शहद त्वचा को नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम बनाता है। वहीं नींबू में मौजूद विटामिन C त्वचा से दाग-धब्बे हटाने और उसे साफ करने में मदद करता है। यह कॉम्बिनेशन त्वचा की गहराई से सफाई करता है और उसे हेल्दी बनाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">त्वचा के लिए मिलने वाले प्रमुख फायदे</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">यह फेस पैक त्वचा की गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद करता है। इससे मुंहासों की समस्या कम हो सकती है और त्वचा अधिक साफ दिखाई देती है। यह त्वचा को हल्का एक्सफोलिएट भी करता है जिससे डेड स्किन हटती है और चेहरा अधिक चमकदार लगता है। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा की रंगत में सुधार होता है और उम्र बढ़ने के लक्षण भी कुछ हद तक कम दिखाई देते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">शहद और नींबू फेस पैक बनाने का तरीका</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">इस फेस पैक को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए एक चम्मच शहद लें और उसमें आधा चम्मच ताजा नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं। इसे लगभग 10 से 15 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। ध्यान रखें कि नींबू की मात्रा अधिक न हो क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जरूरी सावधानियां</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">इस फेस पैक का इस्तेमाल करने के बाद धूप में सीधे बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि नींबू त्वचा को संवेदनशील बना सकता है। जिन लोगों की त्वचा बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, उन्हें पहले पैच टेस्ट करना चाहिए ताकि किसी प्रकार की एलर्जी से बचा जा सके।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/you-will-get-glowing-skin-sitting-at-home-with-honey/article-51157</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/you-will-get-glowing-skin-sitting-at-home-with-honey/article-51157</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 19:49:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/honey-and-lemon-face-pack-tips.jpg"                         length="116118"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी में दही जल्दी खट्टा होने से बचाएं: अपनाएं ये आसान घरेलू टिप्स, लंबे समय तक रहेगा ताजा और स्वादिष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सही तापमान, जामन की मात्रा और स्टोरेज तरीके अपनाकर घर की बनी दही को रखें फ्रेश, जानें आसान उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/to-prevent-curd-from-turning-sour-in-summer-follow-these/article-51063"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/summer-yogurt-tips.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों में दही का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है और प्रोटीन का अच्छा स्रोत भी है। ऐसे में अधिकतर लोग बाजार की बजाय घर में बनी दही को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन तेज गर्मी में इसका जल्दी खट्टा हो जाना एक आम समस्या बन जाती है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान घरेलू और लाइफस्टाइल टिप्स अपनाकर दही को लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है और उसके स्वाद को भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है।</p>
<p><strong>सही तापमान का रखें ध्यान</strong><br />दही जमाने के लिए हमेशा हल्के गुनगुने दूध का उपयोग करना चाहिए। बहुत ज्यादा गर्म दूध दही की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। दही जमने के बाद इसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां तापमान न बहुत अधिक हो और न बहुत कम।</p>
<p><strong>जामन की मात्रा संतुलित रखें</strong><br />गर्मी के मौसम में जामन की अधिक मात्रा डालने से दही जल्दी खट्टा हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक लीटर दूध के लिए 1 से 2 चम्मच जामन पर्याप्त रहता है।</p>
<p><strong>जमते ही फ्रिज में रखें</strong><br />जैसे ही दही अच्छी तरह जम जाए, उसे तुरंत फ्रिज में रख देना चाहिए। इससे किण्वन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और दही लंबे समय तक फ्रेश बनी रहती है।</p>
<p><strong>सही बर्तन का चयन करें</strong><br />दही जमाने के लिए मिट्टी या कांच के बर्तन सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। ये तापमान को संतुलित रखते हैं और दही के स्वाद व बनावट को बेहतर बनाए रखते हैं।</p>
<p><strong>दही को बार-बार न हिलाएं</strong><br />दही जमने के बाद उसे बार-बार हिलाना या छेड़ना उसकी बनावट को बिगाड़ देता है और पानी अलग होने लगता है, जिससे स्वाद पर असर पड़ता है।</p>
<p><strong>स्वाद सुधारने का आसान उपाय</strong><br />अगर दही थोड़ी खट्टी हो जाए तो उसमें थोड़ा ठंडा दूध मिलाकर उसके स्वाद को संतुलित किया जा सकता है।</p>
<p><strong>अतिरिक्त टिप</strong><br />अगर आप ज्यादा क्रीमी और हल्की मीठी दही चाहते हैं, तो दूध को जमाने से पहले थोड़ा गाढ़ा उबालना बेहतर रहता है।</p>
<p>गर्मी के मौसम में इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर घर की बनी दही को न सिर्फ ताजा रखा जा सकता है, बल्कि उसके स्वाद और पोषण दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/to-prevent-curd-from-turning-sour-in-summer-follow-these/article-51063</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/to-prevent-curd-from-turning-sour-in-summer-follow-these/article-51063</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:20:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/summer-yogurt-tips.jpg"                         length="101914"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल झड़ने की समस्या: ये आसान घरेलू उपाय कर सकते हैं बड़ा फर्क</title>
                                    <description><![CDATA[सही दिनचर्या और प्राकृतिक देखभाल अपनाकर बालों की जड़ों को मजबूत किया जा सकता है और बाल झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/69da0de0ae744/article-50859"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/haircare--(1).jpg" alt=""></a><br /><p>आज के समय में बाल झड़ना एक आम समस्या बनती जा रही है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही इससे प्रभावित हैं। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव और प्रदूषण इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। हालांकि, शुरुआती स्तर पर कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।</p>
<p>बालों की जड़ों को मजबूत करने के लिए सबसे पहले जीवनशैली में सुधार जरूरी है। पर्याप्त नींद लेना, तनाव को कम करना और संतुलित आहार अपनाना बालों के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाता है। शरीर को सही पोषण मिलने पर बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और उनका टूटना कम होता है।</p>
<p>नियमित रूप से सिर की मालिश करना भी एक प्रभावी उपाय माना जाता है। हल्के हाथों से मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे बालों की जड़ों तक पोषण आसानी से पहुंचता है। यह प्रक्रिया बालों को मजबूती देने के साथ-साथ उन्हें घना बनाने में भी मदद करती है।</p>
<p>बालों की सफाई का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। समय-समय पर सिर धोने से गंदगी और अतिरिक्त तेल हट जाता है, जिससे रोमछिद्र बंद नहीं होते। हालांकि, अत्यधिक बार-बार सिर धोने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे प्राकृतिक नमी कम हो सकती है।</p>
<p>आहार में हरी सब्जियां, ताजे फल और प्रोटीन युक्त भोजन को शामिल करना बालों के लिए लाभदायक होता है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी बाल झड़ने का एक बड़ा कारण होती है, इसलिए संतुलित आहार को प्राथमिकता देना चाहिए।</p>
<p>इसके अलावा, बालों को अत्यधिक गर्मी और केमिकल वाले उत्पादों से बचाना चाहिए। बार-बार स्ट्रेटनिंग या हीटिंग उपकरणों का इस्तेमाल बालों को कमजोर कर देता है, जिससे उनका टूटना बढ़ जाता है।</p>
<p>अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है। शुरुआती स्तर पर ही ध्यान देने से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।सही देखभाल और नियमित दिनचर्या अपनाकर बालों को फिर से स्वस्थ और मजबूत बनाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/69da0de0ae744/article-50859</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/69da0de0ae744/article-50859</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 16:32:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/haircare--%281%29.jpg"                         length="145870"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों में त्वचा की देखभाल: घरेलू उपाय और सावधानियाँ जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[एलोवेरा, गुलाब जल और बर्फ जैसी साधारण चीज़ें भी गर्मियों में स्किन की समस्याओं से तुरंत राहत दिला सकती हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/skin-care-home-remedies-and-precautions-necessary-in-summer/article-50712"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/summerskincare.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों के मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएँ आम हो जाती हैं। रैशेज, घमौरियाँ, टैनिंग, जलन और खुजली जैसी परेशानियाँ अक्सर लोगों के रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही घरेलू उपाय और त्वचा की नियमित देखभाल से इन परेशानियों से तुरंत राहत पाई जा सकती है और डैमेज त्वचा जल्दी रिकवर हो जाती है।</p>
<p>गर्मियों में तेज़ धूप, पसीना और धूल-मिट्टी से त्वचा को जलन, रैशेज, पिंपल्स और टैनिंग जैसी परेशानियाँ होती हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से सनबर्न और रंगत में बदलाव भी देखने को मिलता है।</p>
<p><strong>विशेषज्ञ घरेलू उपायों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं</strong></p>
<p><strong>एलोवेरा जेल:</strong> ठंडक देने के साथ जलन को तुरंत कम करता है और टैनिंग को हल्का करता है। फ्रिज में ठंडा करके लगाने से अतिरिक्त राहत मिलती है।</p>
<p><strong>गुलाब जल:</strong> त्वचा को कूल और फ्रेश रखता है, रेडनेस और खुजली कम करता है। इसे कॉटन से लगाएँ या मिस्ट की तरह स्प्रे करें।</p>
<p><strong>खीरे का रस:</strong> नेचुरल कूलिंग एजेंट से टैनिंग और सूजन कम होती है, त्वचा हाइड्रेट रहती है।</p>
<p><strong>दही:</strong> सनबर्न और टैनिंग में असरदार। त्वचा को ठंडा और मुलायम बनाता है।</p>
<p><strong>बेसन + हल्दी पैक:</strong> डेड स्किन हटाता है, पिंपल्स और टैनिंग कम करता है। हफ्ते में 2–3 बार इस्तेमाल करें।</p>
<p><strong>बर्फ:</strong> रेडनेस और सूजन में तुरंत राहत। कपड़े में लपेटकर हल्के से लगाएँ।</p>
<p><strong>चंदन पाउडर:</strong> त्वचा को ठंडक देता है, रैशेज और जलन में राहत पहुंचाता है।</p>
<h5><span><strong>कौन सी सावधानियाँ जरूरी हैं?</strong></span></h5>
<ul>
<li>ढीले और सूती कपड़े पहनें।</li>
<li>पसीना ज्यादा देर तक त्वचा पर न रहने दें।</li>
<li>दिन में 2–3 बार चेहरा धोएं।</li>
<li>सनस्क्रीन (SPF 30+) जरूर लगाएँ।</li>
<li>पर्याप्त पानी पिएँ।</li>
</ul>
<p>गर्मियों में लगातार धूप और पसीना त्वचा को डैमेज कर सकते हैं। सही देखभाल और समय पर घरेलू उपाय अपनाने से स्किन इंफेक्शन और लंबे समय की तैनिंग से बचा जा सकता है।ये उपाय न केवल त्वचा को ठंडक और आराम देते हैं बल्कि हाइड्रेशन और त्वचा की प्राकृतिक चमक भी बनाए रखते हैं। घरेलू सामग्री सस्ती, आसानी से उपलब्ध और रसायनों से मुक्त होती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/skin-care-home-remedies-and-precautions-necessary-in-summer/article-50712</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/skin-care-home-remedies-and-precautions-necessary-in-summer/article-50712</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:08:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/summerskincare.jpg"                         length="100951"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[ANKITA ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        