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                <title>विंध्य/रीवा - दैनिक जागरण</title>
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                <title>बरगद के नीचे सजी रात चौपाल, कलेक्टर ने गांव पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं</title>
                                    <description><![CDATA[दूरस्थ कूड़ी गांव में अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, राजस्व, बिजली, शिक्षा, पेयजल और पेंशन से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/chaupal-collector-decorated-under-the-banyan-tree-reached-the-village/article-58403"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/collector-narendra-kumar-suryavanshi.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुरुवार रात त्योंथर विकासखंड के दूरस्थ एवं सीमावर्ती गांव कूड़ी में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित इस रात चौपाल में कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ गांववासियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने भी पहली बार किसी कलेक्टर के गांव पहुंचने पर खुशी जताई और अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं।</p>
<p>कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अधिकारियों के दल के साथ बस से गांव पहुंचे। शासकीय प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालयों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना भी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>चौपाल के दौरान गांव की छात्रा दिव्या सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर ने गांव में आकर लोगों की समस्याएं सुनी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि अधिकारी समय-समय पर गांवों का दौरा करते रहेंगे तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बेहतर ढंग से पहुंचेगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों की इस भावना की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद विकास की सबसे मजबूत कड़ी है।</p>
<p>कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थ हैं और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने आते हैं। कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत की और दो विद्यार्थियों से पहाड़े भी सुने। बच्चों के जवाब संतोषजनक मिलने पर उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की सराहना की, लेकिन स्कूल भवन की मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए।</p>
<p>महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति भी जानी। महिलाओं ने बताया कि गांव में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां गर्भवती महिलाओं को टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाता है और बच्चों व महिलाओं का नियमित टीकाकरण भी किया जाता है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पोषण और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचना चाहिए।</p>
<p>ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त विद्युत केबलों के कारण बार-बार लाइन फॉल्ट होता है और कई घरों में अभी तक बिजली मीटर नहीं लगाए गए हैं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल क्षतिग्रस्त केबल बदलने, झुके हुए बिजली खंभों को सीधा करने, लटकते तारों को ठीक कराने तथा गांव में शिविर लगाकर सभी पात्र परिवारों के घरों में मीटर लगाने के निर्देश दिए।</p>
<p>राजस्व संबंधी मामलों में भी ग्रामीणों ने सीमांकन, बंटवारा और अन्य लंबित प्रकरणों के आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। खाद्यान्न वितरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई पात्र परिवार राशन योजना से वंचित रह गया है तो उसे तत्काल खाद्यान्न पर्ची जारी की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृत राशि बजट प्राप्त होते ही लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी। साथ ही गांव की अधूरी नल-जल योजना को शीघ्र पूरा करने और हैंडपंपों के जल की गुणवत्ता सुधारने के भी निर्देश दिए गए।</p>
<p>चौपाल के दौरान कलेक्टर ने राजस्व मामलों की मौके पर ही सुनवाई की। दो आवेदनों में अवैध कब्जे की शिकायत सही पाए जाने पर उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ। इसके अलावा चौपाल में 20 ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा चार हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि प्रदान की गई।</p>
<p>कार्यक्रम में एसडीएम त्योंथर राकेश कुमार चौरसिया, उप संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश तांडेकर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण बसोड़ सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी और पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:38:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चार साल से अटका बस संचालकों का करोड़ों का भुगतान, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा बस ऑनर्स एसोसिएशन ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, चुनाव, रैलियों और शासकीय कार्यक्रमों में अधिग्रहित बसों का किराया व ब्याज सहित भुगतान कराने की उठाई मांग।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/payment-of-crores-of-rupees-to-bus-operators-stuck-for/article-58405"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-news-(11).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">शासकीय चुनाव कार्यों, रैलियों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यक्रमों के लिए अधिग्रहित की गई बसों का वर्षों से लंबित भुगतान नहीं होने से बस संचालकों में भारी नाराजगी है। गुरुवार को रीवा बस ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की। एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2022 से अब तक 26 शासकीय कार्यक्रमों में प्रशासन को बसें उपलब्ध कराई गईं, लेकिन निर्धारित किराया आज तक नहीं मिला। इतना ही नहीं, इस मामले में उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद भुगतान नहीं किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिला प्रशासन और विभिन्न शासकीय विभागों के निर्देश पर चुनावी कार्य, जनसभाएं, रैलियां तथा अन्य सरकारी कार्यक्रमों के लिए उनकी बसों का अधिग्रहण किया गया था। प्रशासनिक आदेशों का पालन करते हुए बस संचालकों ने समय पर वाहन उपलब्ध कराए, जिससे सरकारी कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। हालांकि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान नहीं किया गया, जिससे बस संचालकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2022 से लेकर अब तक कुल 26 कार्यक्रमों का भुगतान लंबित है। इनमें चुनाव संबंधी कार्य, शासकीय रैलियां और अन्य सरकारी आयोजन शामिल हैं। कई बस संचालकों ने वाहन संचालन के लिए बैंक से ऋण लिया हुआ है। समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें ऋण की किस्तें, बीमा, टैक्स, फिटनेस, परमिट और कर्मचारियों के वेतन जैसी जिम्मेदारियां निभाने में कठिनाई हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बस संचालकों ने बताया कि लंबित भुगतान के संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और अन्य अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब सभी प्रयास विफल हो गए तो संगठन को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां विस्तृत सुनवाई के बाद बस संचालकों के पक्ष में आदेश जारी किया गया। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि जिन बसों का अधिग्रहण किया गया था, उनके किराये का भुगतान अधिग्रहण की तिथि से भुगतान की वास्तविक तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित किया जाए। न्यायालय ने संबंधित विभागों और प्रशासन को 90 दिनों के भीतर संपूर्ण भुगतान करने का निर्देश भी दिया था। एसोसिएशन का कहना है कि न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति जिला प्रशासन और संबंधित सभी विभागों को विधिवत उपलब्ध करा दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बस ऑनर्स एसोसिएशन का आरोप है कि न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा समाप्त हुए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक आदेश का पालन नहीं किया गया। इससे बस संचालकों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। संगठन का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं होगा तो आम नागरिकों और व्यापारिक संगठनों का प्रशासन पर विश्वास प्रभावित होगा। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कलेक्टर से मांग की कि उच्च न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए और सभी लंबित भुगतान ब्याज सहित जारी किए जाएं। साथ ही भविष्य में शासकीय कार्यों के लिए अधिग्रहित किए जाने वाले वाहनों का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर करने की व्यवस्था भी बनाई जाए, ताकि वाहन संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">बस संचालकों ने यह भी कहा कि शासकीय कार्यों में निजी बसों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। चुनाव, आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक कार्यक्रम और बड़े आयोजनों के दौरान प्रशासन इन्हीं वाहनों पर निर्भर रहता है। ऐसे में यदि समय पर भुगतान नहीं होगा तो भविष्य में वाहन उपलब्ध कराने में भी व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बस संचालक हमेशा शासन और प्रशासन के सहयोग के लिए तैयार रहते हैं। सरकारी आदेश मिलते ही वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि सार्वजनिक कार्य प्रभावित न हों। लेकिन वर्षों तक भुगतान लंबित रहने से वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। कई संचालकों को वाहन संचालन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्ज लेना पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:38:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पहली बारिश में बह निकली सड़क की हकीकत? टोंस हाइडल प्रोजेक्ट की WBM सड़क पर उठे गुणवत्ता के सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का लगाया आरोप, नहर किनारे खुदाई से लीकेज की आशंका; उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-reality-of-the-road-getting-washed-away-in-the/article-58406"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tons-hydel-project.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रीवा जिले में टोंस हाइडल प्रोजेक्ट के अंतर्गत बकिया बराज से बीड़ा तक बनाई जा रही डब्ल्यूबीएम (WBM) सड़क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही सड़क पहली ही बारिश में अपनी मजबूती साबित करने में विफल रही है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही सड़क निर्माण के लिए नहर किनारे की मिट्टी खोदने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे भविष्य में नहर के लीकेज का खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क टोंस हाइडल परियोजना के तहत बकिया बराज से बीड़ा तक लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में बनाई जा रही है। सड़क निर्माण का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना और परियोजना से जुड़े कार्यों को गति देना है। लेकिन निर्माण के शुरुआती चरण में ही सामने आई समस्याओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने निर्धारित तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्तायुक्त गिट्टी और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त उपयोग करने के बजाय नहर किनारे की मिट्टी और मलबे को सड़क में भराव के रूप में इस्तेमाल किया गया। यही वजह है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़क की सतह कई स्थानों पर टूटने लगी और सड़क पर चलना भी कठिन हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में शुरुआत से ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता तो पहली बारिश में इस तरह की स्थिति नहीं बनती। उनका आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने जल्दबाजी में काम पूरा करने के प्रयास में गुणवत्ता से समझौता किया, जिसका परिणाम अब सामने दिखाई दे रहा है। सड़क निर्माण से जुड़ा दूसरा बड़ा मुद्दा नहर की सुरक्षा को लेकर सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण एजेंसी ने सड़क के लिए आवश्यक मिट्टी लेने के उद्देश्य से नहर के किनारे बड़े पैमाने पर खुदाई कर दी है। इससे नहर की संरचना कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में नहर में पानी का दबाव बढ़ा और किनारों की मजबूती प्रभावित हुई तो लीकेज या क्षति जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्र के किसानों का कहना है कि नहर उनकी सिंचाई व्यवस्था की प्रमुख कड़ी है। यदि नहर को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है तो इसका सीधा असर कृषि कार्यों पर पड़ेगा। ऐसे में सड़क निर्माण के दौरान नहर की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है जितना सड़क की गुणवत्ता बनाए रखना। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र विशेषज्ञों की टीम द्वारा सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री, मोटाई, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही निर्माण कार्य में खामियां दिखाई दे रही हैं तो भविष्य में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है, जिससे दोबारा मरम्मत पर सरकारी धन खर्च करना पड़ेगा। डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता, पर्याप्त कम्पेक्शन, मजबूत बेस लेयर और मानक सामग्री का उपयोग अत्यंत आवश्यक होता है। यदि इन प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता तो बारिश के दौरान सड़क जल्दी क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसी कारण प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
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                <title>रिहायशी इलाके में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने त्वरित रेस्क्यू कर सोन घड़ियाल अभयारण्य में छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[सीधी के पनवार चौहान टोला में नहर से निकलकर पहुंचा मगरमच्छ, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू अभियान चलाकर टाला बड़ा हादसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/crocodile-entered-the-residential-area-forest-department-did-quick-rescue/article-58407"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/crocodile-rescue.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सीधी जिले के पनवार चौहान टोला गांव में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब नहर से निकलकर एक मगरमच्छ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। गांव के लोगों ने जैसे ही मगरमच्छ को आबादी के बीच घूमते देखा, इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद विभाग ने बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से सोन घड़ियाल अभयारण्य के गऊघाट क्षेत्र में छोड़ दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। वनमंडल सीधी के कंट्रोल रूम में अरुण सिंह चौहान द्वारा सूचना दी गई कि पनवार चौहान टोला गांव के पास स्थित नहर से एक मगरमच्छ निकलकर रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया है। सूचना मिलते ही वनमंडल अधिकारी प्रीति अहिरवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रेस्क्यू टीम गठित करने के निर्देश दिए। वन क्षेत्राधिकारी सीधी रविंद्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम को मौके पर रवाना किया गया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/son-gharial-sanctuary.jpg" alt="Son Gharial Sanctuary" width="1366" height="762"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचते ही सबसे पहले लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि मगरमच्छ के करीब जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे जान-माल का खतरा बढ़ सकता है। टीम ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखी और योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से अपने नियंत्रण में लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो मगरमच्छ को किसी प्रकार की चोट पहुंचे और न ही आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो। सफल रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम मगरमच्छ को विशेष वाहन से सोन घड़ियाल अभयारण्य के गऊघाट क्षेत्र लेकर पहुंची, जहां प्राकृतिक आवास में उसे छोड़ दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/forest-department.jpg" alt="Forest Department" width="1366" height="1018"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बरसात के मौसम में नदियों, नहरों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई बार मगरमच्छ और अन्य जलीय वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से निकलकर आसपास के क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार कदम होता है। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ के दिखाई देने के बाद कुछ समय के लिए पूरे गांव में भय का माहौल बन गया था। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे थे और बच्चों को भी सुरक्षित स्थानों पर रखा गया। हालांकि वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लोगों ने रेस्क्यू टीम की तत्परता और पेशेवर तरीके से अभियान पूरा करने की सराहना भी की।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/sidhi-news-(5).jpg" alt="Sidhi News" width="1366" height="1025"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि भविष्य में किसी भी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ, तेंदुआ, भालू या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो स्वयं कोई जोखिम न उठाएं। ऐसे मामलों में तुरंत वन विभाग के कंट्रोल रूम या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ लगाने या वन्यजीव को घेरने का प्रयास करने से दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क का एक बड़ा कारण प्राकृतिक आवासों में बदलाव और मानसून के दौरान जल स्रोतों का फैलाव भी है। ऐसे समय में वन विभाग की सतर्कता और स्थानीय लोगों का सहयोग दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों को भी सुरक्षित बचाया जा सकता है और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:37:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन महीने से लापता युवक का कंकाल जमीन में दफन मिला, प्रेम प्रसंग के एंगल से जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-सीधी सीमा से जुड़े मामले में पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बरामद किया शव, पत्नी और गिरफ्तार युवक से पूछताछ जारी, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-skeleton-of-a-young-man-missing-for-three-months/article-58399"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/satna-crime.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रीवा संभाग में तीन महीने से लापता एक युवक के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए जमीन में दफन उसका कंकाल बरामद किया है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक जांच और विस्तृत विवेचना के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मृतक की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के मौहार गांव निवासी 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव 26 मार्च 2026 को अपनी ससुराल गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के टीकर गांव गया था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो 28 मार्च को रामपुर बघेलान थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">कई महीनों तक पुलिस और परिजन अलग-अलग स्तर पर युवक की खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिनसे संदेह टीकर गांव निवासी सुनील कुशवाहा पर गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर हत्या और शव छिपाने की जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने टीकर गांव में उसके घर से करीब 300 मीटर दूर नाले के पास एक स्थान पर खुदाई कराई। कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से मानव कंकाल बरामद हुआ, जिसकी पहचान लापता युवक विपिन कुमार यादव के रूप में की गई। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए अवशेषों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि मृतक की पत्नी और गिरफ्तार आरोपी के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध थे। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को पहले एक कुएं में फेंक दिया था। कुछ दिनों बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को वहां से निकालकर जमीन में दफना दिया गया। इस पूरी घटना की पुष्टि फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। मामले के खुलासे के बाद मृतक के परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का कहना है कि वे पिछले तीन महीनों से लगातार अपने बेटे की तलाश कर रहे थे और उन्हें उम्मीद थी कि वह किसी दिन वापस लौट आएगा। लेकिन अब जिस तरह से उसका शव बरामद हुआ है, उसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के प्रत्येक पक्ष का खुलासा हो सके। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:14:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>9 साल पुराने रिश्वत मामले में तत्कालीन प्रधान आरक्षक पर कोर्ट में चालान पेश, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[2017 में 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए तत्कालीन प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद विशेष न्यायालय सीधी में पेश किया गया अभियोग पत्र।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/big-action-by-lokayukta-by-presenting-challan-in-court-against/article-58398"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/lokayukta-rewa-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के पुराने मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2017 के चर्चित रिश्वत प्रकरण में तत्कालीन प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत कर दिया है। लंबे समय से लंबित इस मामले में अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह कार्रवाई लोकायुक्त संगठन द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकायुक्त संगठन से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में की गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान इस प्रकरण को प्राथमिकता देते हुए जांच प्रक्रिया पूरी की गई और आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक आरोपी मनोज सिंह बघेल वर्ष 2017 में सीधी जिले के मझौली थाना अंतर्गत मड़वास चौकी में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। शिकायतकर्ता हरिश्चंद्र तिवारी ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि उनके ओवरलोड ट्रक से जुड़े मामले में कार्रवाई न करने और जेल नहीं भेजने के एवज में प्रधान आरक्षक द्वारा 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त रीवा इकाई ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकायुक्त टीम ने 4 अगस्त 2017 को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान आरक्षक को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद की गई थी। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 तथा धारा 13(1)(डी) एवं 13(2) के तहत अपराध क्रमांक 156/2017 दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने दस्तावेजी साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया। विवेचना में आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके बाद नियमानुसार अभियोजन स्वीकृति के लिए प्रकरण मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग को भेजा गया। शासन स्तर पर परीक्षण के बाद अभियोजन की अनुमति प्रदान कर दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद लोकायुक्त रीवा इकाई ने समस्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सीधी में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। यह अभियोग पत्र क्रमांक 23/2026 के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि न्यायालय में इसे विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2026 के रूप में पंजीबद्ध किया गया है। अब इस मामले में न्यायालय के समक्ष नियमित सुनवाई होगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:08:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुरहट विधानसभा को विकास की नई सौगात, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने पांच आंगनवाड़ी भवनों का किया भूमिपूजन</title>
                                    <description><![CDATA[रामपुर नैकिन में हितलाभ वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सौंपा, बच्चों, महिलाओं और ग्रामीण विकास को मिली नई मजबूती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-gift-of-development-to-churhat-assembly-mp-dr-rajesh/article-58380"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/churhat-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सीधी संसदीय क्षेत्र के चुरहट विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने शुक्रवार को कई जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत कुआ में पांच नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। इसके बाद नगर परिषद रामपुर नैकिन में आयोजित हितलाभ वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरित किया। सांसद की मौजूदगी में आयोजित इन कार्यक्रमों ने क्षेत्र में विकास और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संदेश दिया। ग्राम पंचायत कुआ में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही। भूमि पूजन के साथ ही पांच नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। इन भवनों के बनने से क्षेत्र के छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से आधुनिक भवनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण कड़ी भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना और प्रत्येक परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। बेहतर भवन बनने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी योजनाओं का संचालन सुचारू रूप से करने में सुविधा मिलेगी और बच्चों को सुरक्षित तथा व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है और इसी दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद सांसद डॉ. राजेश मिश्रा नगर परिषद रामपुर नैकिन पहुंचे, जहां सामुदायिक भवन में आयोजित हितलाभ वितरण कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, वरिष्ठ नागरिक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज वितरित किए गए, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। सांसद ने कहा कि सरकार की सभी योजनाएं समाज के प्रत्येक वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और वरिष्ठ नागरिक सभी को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए ताकि पात्र व्यक्ति किसी भी प्रकार की परेशानी के बिना लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी योजना से वंचित रह गया है तो वह संबंधित विभाग से संपर्क कर अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन करे।कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 12:13:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बैकुण्ठपुर में ब्राउन शुगर और नशीली कफ सिरप के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span>मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में बैकुण्ठपुर थाना पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो शातिर युवकों को  ब्राउन शुगर और नशीली कफ सिरप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span>जानकारी के अनुसार </span><span>बैकुण्ठपुर थाना प्रभारी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि बैकुण्ठपुर-पटना रोड की तरफ से</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/big-action-by-rewa-police-2-smugglers-arrested-with-brown/article-58377"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-police-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span>मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में बैकुण्ठपुर थाना पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो शातिर युवकों को  ब्राउन शुगर और नशीली कफ सिरप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span>जानकारी के अनुसार </span><span>बैकुण्ठपुर थाना प्रभारी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि बैकुण्ठपुर-पटना रोड की तरफ से दो संदिग्ध </span><span>युवकों के पास भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ है, जिसे वे क्षेत्र में खपाने या बेचने की फिराक में हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span>  <span>थाना प्रभारी ने तुरंत मामले की गंभीरता से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया</span><span>और रेड की कार्रवाई के लिए ग्राम महत के पास मुख्य मार्ग पर घेराबंदी की गई</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। जैसे ही काले रंग की बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल आती दिखी, पुलिस ने दोनों युवकों को दबोच लिया</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। </span><span>पकड़े गए दोनों युवक विवेक विश्वकर्मा (निवासी बैकुण्ठपुर) और सुमित विश्वकर्मा (निवासी ग्राम नेबूहा) के हैं</span><span>। </span><span>युवकों के पास से करीब 1.02 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई</span><span>। इसके साथ ही, मोटरसाइकिल पर दोनों के बीच में रखे एक प्लास्टिक के थैले से 17 नग नशीली कफ सिरप की बोतलें बरामद हुईं</span><span>। </span></p>
<p style="text-align:justify;"></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 12:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बृहस्पति कुंड में डूबे नर्सिंग छात्र का शव 36 घंटे बाद मिला, दो दिन चला रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[सतना के निजी कॉलेज में पढ़ने वाला बिहार का छात्र दोस्तों के साथ घूमने आया था, नहाने के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव में लापता हो गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-body-of-a-nursing-student-who-drowned-in-brihaspati/article-58376"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/brihaspati-kund.jpg" alt=""></a><br /><p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">सतना जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में डूबे नर्सिंग छात्र का शव करीब 36 घंटे बाद गुरुवार को पानी में तैरता मिला। दो दिनों तक लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव दिखाई देने पर बरौंधा पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से छात्र के साथियों और कॉलेज के विद्यार्थियों में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय <span class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text rFU14q_Emphasis">कुनाल ठाकुर</span> के रूप में हुई है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के नामपुर गांव का रहने वाला था। वह सतना के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई को वह अपने पांच दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड घूमने गया था। सभी दोस्त कुंड में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान कुनाल गहरे पानी की ओर चला गया। वहां तेज बहाव होने के कारण वह संतुलन नहीं बना सका और देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना तुरंत बरौंधा पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय गोताखोर और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक छात्र की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम ने कुंड के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की, जबकि स्थानीय ग्रामीण भी तलाश में जुटे रहे। लगातार करीब 36 घंटे तक चले अभियान के बाद गुरुवार सुबह पानी की सतह पर एक शव तैरता दिखाई दिया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर पुष्टि हुई कि वह कुनाल ठाकुर का ही शव है। शव मिलने की खबर मिलते ही उसके साथियों की आंखें नम हो गईं और कॉलेज के कई छात्र भी मौके पर पहुंच गए।</p>
<p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">बरौंधा पुलिस ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। बृहस्पति कुंड सतना जिले का एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिससे अनजान पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय भी कुंड में पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक था। कुनाल के दोस्तों ने बताया कि वह नहाते-नहाते थोड़ा आगे चला गया था। कुछ ही सेकंड में वह गहरे हिस्से में पहुंच गया और फिर नजरों से ओझल हो गया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलप्रपातों और कुंडों में नहाने के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है। तेज बहाव और गहरे पानी का अनुमान लगाना कई बार मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। कुनाल ठाकुर के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिवार के सदस्य बिहार से सतना के लिए रवाना हो चुके हैं। कॉलेज प्रशासन ने भी छात्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है और कहा है कि संस्थान हर संभव सहायता परिवार को उपलब्ध कराएगा। कुनाल के साथ पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई में मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था। उसके अचानक चले जाने से पूरे कॉलेज परिसर में गहरा दुख है। कई छात्र उसे याद कर भावुक हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:30:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मझगवां अस्पताल के डॉक्टर कक्ष में घुसा जहरीला सांप, वन विभाग ने रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सांप दिखते ही मरीजों और स्टाफ में मची अफरातफरी, वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/a-poisonous-snake-entered-the-doctors-room-of-majhgawan-hospital/article-58333"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/majhgawan-hospital.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">जिले के मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब अस्पताल के डॉक्टर कक्ष के भीतर एक जहरीला सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही अस्पताल में मौजूद मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्य कर्मियों में दहशत फैल गई। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर हटने लगे। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह अस्पताल की नियमित गतिविधियां चल रही थीं। मरीज उपचार के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी अपने कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान डॉक्टर कक्ष में अचानक एक जहरीला सांप दिखाई दिया। जैसे ही इसकी जानकारी अस्पताल के कर्मचारियों को मिली, उन्होंने तत्काल कमरे को खाली कराया और मरीजों को भी सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे अस्पताल परिसर में फैल गई। कई मरीज और उनके परिजन घबराकर अस्पताल के बाहर निकल आए। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को शांत बनाए रखने की कोशिश की और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलने से रोका। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना देर किए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। टीम के सदस्य विनोद पाण्डेय और लखन यादव ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और सांप की गतिविधियों पर नजर रखी। काफी सावधानी और अनुभव के साथ उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचे और न ही सांप को किसी प्रकार की चोट आए।</p>
<p style="text-align:justify;">रेस्क्यू टीम ने बताया कि सांप जहरीली प्रजाति का था। यदि समय रहते उसे नहीं पकड़ा जाता तो अस्पताल में मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता था। सांप को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित कंटेनर में रखा गया और वन क्षेत्र में ले जाकर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश के कारण बिलों और झाड़ियों में रहने वाले सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले इलाकों, मकानों, स्कूलों और सरकारी भवनों तक पहुंच जाते हैं। अस्पताल, जहां हर समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, वहां इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेना जरूरी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पताल प्रशासन ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली कि बिना किसी नुकसान के पूरे घटनाक्रम का सफलतापूर्वक समाधान हो गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और निरीक्षण भी कराया गया। अधिकारियों ने भवन के आसपास झाड़ियों और घास की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की संभावना कम हो सके। साथ ही अस्पताल परिसर में मौजूद पुराने सामान और अनुपयोगी वस्तुओं को हटाने की भी योजना बनाई गई है, क्योंकि ऐसे स्थानों पर अक्सर सांप और अन्य जीव छिप जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/a-poisonous-snake-entered-the-doctors-room-of-majhgawan-hospital/article-58333</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:08:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सतना कलेक्ट्रेट परिसर से लिपिक की स्कूटी चोरी, सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त कलेक्ट्रेट की पार्किंग से दिनदहाड़े स्कूटी गायब, दूसरी बार हुई ऐसी घटना; सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/suspect-caught-on-cctv-stealing-clerks-scooter-from-satna-collectorate/article-58272"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/satna-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सतना जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले संयुक्त कलेक्ट्रेट परिसर से एक बार फिर चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को रघुराजनगर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक की स्कूटी कलेक्ट्रेट परिसर की पार्किंग से चोरी हो गई। खास बात यह है कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। सरकारी कार्यालय परिसर से वाहन चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी एक कर्मचारी की स्कूटी इसी परिसर से चोरी हो चुकी है, जिसके बाद अब सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार रघुराजनगर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में पदस्थ लिपिक शिवांक त्रिपाठी बुधवार सुबह अपनी स्कूटी क्रमांक एमपी-19-एमजे-9952 से कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने रोज की तरह अपनी स्कूटी संयुक्त कलेक्ट्रेट परिसर की पार्किंग में खड़ी कर दी और कार्यालय के कामकाज में व्यस्त हो गए। कुछ समय बाद जब वह कार्यालय से बाहर निकले तो पार्किंग में उनकी स्कूटी नहीं थी। पहले उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चला। इसके बाद मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक संदिग्ध व्यक्ति स्कूटी लेकर परिसर से बाहर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही उसे पकड़ने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। संयुक्त कलेक्ट्रेट जिले का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालय माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक आते-जाते हैं। परिसर में सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात रहते हैं और लगभग हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद दिनदहाड़े वाहन चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सबसे सुरक्षित सरकारी परिसर में ही वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों का भरोसा कैसे कायम रहेगा। स्थानीय कर्मचारियों के मुताबिक यह पहली बार नहीं है जब कलेक्ट्रेट परिसर से किसी कर्मचारी का वाहन चोरी हुआ हो। इससे पहले भी एक कर्मचारी की स्कूटी इसी परिसर से चोरी हो चुकी है। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई थी, लेकिन हालिया घटना से लगता है कि सुरक्षा में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। लगातार दूसरी घटना सामने आने के बाद कर्मचारियों में चिंता का माहौल है और वे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद पार्किंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। कलेक्ट्रेट परिसर की पार्किंग का संचालन ठेके के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि जब पार्किंग के लिए अलग से व्यवस्था और कर्मचारी मौजूद हैं, तो वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर नजर क्यों नहीं रखी जा सकी। पार्किंग में तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग भी उठने लगी है। कई कर्मचारियों का कहना है कि यदि पार्किंग शुल्क लिया जाता है तो वाहन सुरक्षा की जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारों का कहना है कि केवल सीसीटीवी कैमरे लगा देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी होती है। यदि प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रभावी निगरानी होती तो संभव है कि आरोपी वाहन लेकर आसानी से बाहर नहीं निकल पाता। यही वजह है कि अब कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की मांग तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के अलावा आसपास के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है ताकि आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। साथ ही वाहन चोरी के पुराने मामलों से भी इस घटना का मिलान किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। उधर, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस घटना को केवल एक सामान्य चोरी मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। यदि प्रशासनिक कार्यालय परिसर में लगातार इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो इससे सुरक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा। कर्मचारियों ने मांग की है कि पार्किंग व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई जाए, सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए और परिसर में प्रवेश करने वाले हर वाहन और व्यक्ति का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था लागू की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा से ग्वालियर के लिए नई ट्रेन शुरू, सांसद प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन से विंध्य और ग्वालियर अंचल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत, यात्रियों और व्यापारियों में खुशी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रीवा के रेल यात्रियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। लंबे समय से रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा की मांग कर रहे लोगों को आखिरकार नई ट्रेन की सौगात मिल गई। बुधवार रात करीब 9 बजे रीवा रेलवे स्टेशन से रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर रीवा सांसद प्रतिनिधि (रेलवे) राजीव खंडेलवाल ने ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। नई ट्रेन के संचालन को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे रीवा और ग्वालियर के बीच सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है। ट्रेन रवाना होने के मौके पर स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रेलवे से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया समिति के सदस्य योगेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होते ही यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(1).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="896"></img></p>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04191 ने 8 जुलाई को ग्वालियर से अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। यह ट्रेन सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होकर निर्धारित समय पर रीवा पहुंची। इसके बाद बुधवार रात इसे रीवा से वापस ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। नई स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे ने इसमें कुल 22 एलएचबी कोच लगाए हैं। इनमें 7 स्लीपर क्लास कोच, 4 थर्ड एसी कोच, 3 इकोनॉमी थर्ड एसी कोच, 2 सेकंड एसी कोच, 4 जनरल कोच और 1 दिव्यांगजन के लिए विशेष कोच शामिल है। आधुनिक एलएचबी कोच होने के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे शामिल किए जाने से हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(2).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार दूसरे शहरों से ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। नई ट्रेन के संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी मिलेगा, जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी इस नई रेल सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रीवा और ग्वालियर दोनों ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सीधी रेल सुविधा मिलने से व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने रेलवे और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(3).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस नई रेल सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि रीवा अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों से सीधे रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ता जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को फायदा मिलेगा। कई यात्रियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसकी आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इस ट्रेन के संचालन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इस मार्ग पर स्थायी ट्रेन सेवा या अतिरिक्त फेरों पर भी विचार किया जा सकता है। रेलवे लगातार प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:13:49 +0530</pubDate>
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