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होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट सुरक्षित; ईरान-इजराइल तनाव के बीच बढ़ी चिंता
Digital Desk
समुद्री सुरक्षा मिशन के दौरान हुआ हादसा, अमेरिकी सेना ने शुरू की जांच; मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच घटना ने खींचा दुनिया का ध्यान
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका का एक अपाचे हेलिकॉप्टर होर्मुज स्ट्रेट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना सोमवार की बताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेलिकॉप्टर क्रैश होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि दुर्घटना के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर समुद्री सुरक्षा अभियान में शामिल था और नियमित ऑपरेशन के दौरान हादसे का शिकार हुआ।
घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका इस क्षेत्र में अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती बढ़ा चुका है। अपाचे हेलिकॉप्टरों के अलावा MQ-9 रीपर ड्रोन, F/A-18 और F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान भी लगातार निगरानी और सुरक्षा मिशन में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अपाचे हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल खासतौर पर छोटी हथियारबंद नौकाओं और ड्रोन खतरों को रोकने के लिए किया जाता है। ऐसे में इस हेलिकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण गिरा या फिर किसी बाहरी हमले का शिकार हुआ। हालांकि अभी तक किसी हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य इकाइयों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच ईरान और इजराइल के बीच फिर से बढ़े तनाव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है। करीब दो महीने पहले हुए युद्धविराम के बाद हालात कुछ सामान्य होते दिखाई दे रहे थे, लेकिन पिछले 24 घंटों में घटनाक्रम तेजी से बदला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इजराइल की ओर करीब 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके जवाब में इजराइली सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
तनाव बढ़ने के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं और सुरक्षा स्थिति को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उधर यमन के हूती विद्रोहियों ने भी हालात को और जटिल बना दिया है। हूती समूह ने रेड सी में इजराइल से जुड़े जहाजों की नाकाबंदी का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इजराइल से जुड़े किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। इस घोषणा के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां पहले ही अपने रूट्स की समीक्षा कर रही हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है तो तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। तेल बाजार पर भी इस तनाव का सीधा असर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई दोनों के दाम ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।
इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेदों की खबरें भी चर्चा में हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने नेतन्याहू से ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई से बचने को कहा है। हालांकि दोनों देशों की ओर से इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ट्रम्प ने इतना जरूर कहा कि भविष्य में ईरान के साथ जो भी समझौता होगा, उसमें सभी पक्षों को सहयोग करना होगा। अमेरिकी हेलिकॉप्टर हादसे और ईरान-इजराइल तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में ला दिया है।
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होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट सुरक्षित; ईरान-इजराइल तनाव के बीच बढ़ी चिंता
Digital Desk
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका का एक अपाचे हेलिकॉप्टर होर्मुज स्ट्रेट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना सोमवार की बताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेलिकॉप्टर क्रैश होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि दुर्घटना के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर समुद्री सुरक्षा अभियान में शामिल था और नियमित ऑपरेशन के दौरान हादसे का शिकार हुआ।
घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका इस क्षेत्र में अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती बढ़ा चुका है। अपाचे हेलिकॉप्टरों के अलावा MQ-9 रीपर ड्रोन, F/A-18 और F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान भी लगातार निगरानी और सुरक्षा मिशन में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अपाचे हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल खासतौर पर छोटी हथियारबंद नौकाओं और ड्रोन खतरों को रोकने के लिए किया जाता है। ऐसे में इस हेलिकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण गिरा या फिर किसी बाहरी हमले का शिकार हुआ। हालांकि अभी तक किसी हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य इकाइयों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच ईरान और इजराइल के बीच फिर से बढ़े तनाव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है। करीब दो महीने पहले हुए युद्धविराम के बाद हालात कुछ सामान्य होते दिखाई दे रहे थे, लेकिन पिछले 24 घंटों में घटनाक्रम तेजी से बदला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इजराइल की ओर करीब 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके जवाब में इजराइली सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
तनाव बढ़ने के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं और सुरक्षा स्थिति को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उधर यमन के हूती विद्रोहियों ने भी हालात को और जटिल बना दिया है। हूती समूह ने रेड सी में इजराइल से जुड़े जहाजों की नाकाबंदी का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इजराइल से जुड़े किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। इस घोषणा के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां पहले ही अपने रूट्स की समीक्षा कर रही हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है तो तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। तेल बाजार पर भी इस तनाव का सीधा असर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई दोनों के दाम ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।
इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेदों की खबरें भी चर्चा में हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने नेतन्याहू से ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई से बचने को कहा है। हालांकि दोनों देशों की ओर से इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ट्रम्प ने इतना जरूर कहा कि भविष्य में ईरान के साथ जो भी समझौता होगा, उसमें सभी पक्षों को सहयोग करना होगा। अमेरिकी हेलिकॉप्टर हादसे और ईरान-इजराइल तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में ला दिया है।
