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                <title>मंगलवार के अचूक उपाय: बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सभी संकट, बरसेगा अपार धन और सुख-समृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[जीवन में सफलता, कर्ज से मुक्ति और मंगल दोष के निवारण के लिए मंगलवार को करें ये विशेष ज्योतिषीय टोटके]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/perfect-remedies-for-tuesday-by-the-grace-of-bajrangbali-all/article-59317"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mangalwar-ke-upay-hindi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span class="citation-517 citation-end-517">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी को 'संकटमोचन' कहा जाता है, यानी वे अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेते हैं।<sup class="superscript"></sup></span> मंगलवार के दिन पूरी श्रद्धा और सही विधि से किए गए उपाय न केवल बजरंगबली को प्रसन्न करते हैं, बल्कि कुंडली में कमजोर मंगल ग्रह को भी मजबूती प्रदान करते हैं। <span class="citation-516 citation-end-516">आइए जानते हैं उन महाउपायों के बारे में जिन्हें मंगलवार को करने से सुख, समृद्धि और अपार सफलता की प्राप्ति होती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति के उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या किसी पुराने कर्ज से छुटकारा नहीं पा रहे हैं, तो मंगलवार के दिन ये उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं:</strong> मंगलवार के दिन बंदरों को गुड़, भुना हुआ चना या केला खिलाना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आपके आसपास बंदर न हों, तो आप यह सामग्री किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर सकते हैं। इस उपाय को लगातार 11 मंगलवार तक करने से धन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होने लगती हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ऋण चुकाने की शुरुआत:</strong> <span class="citation-515 citation-end-515">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि आपने किसी से कर्ज लिया है, तो उसकी पहली किस्त हमेशा मंगलवार के दिन ही चुकाएं।<sup class="superscript"></sup></span> ऐसा करने से कर्ज बहुत जल्दी उतर जाता है। हालांकि, ध्यान रखें कि मंगलवार को किसी से नया कर्ज या उधार पैसा कभी नहीं लेना चाहिए। </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2. नौकरी और बिजनेस में सफलता के उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">करियर में तरक्की और व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मंगलवार को निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>तुलसी पत्र की माला:</strong> <span class="citation-514 citation-end-514">मंगलवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद हनुमान मंदिर जाएं।<sup class="superscript"></sup></span> तुलसी के पत्तों पर साफ चंदन से <strong>'जय श्री राम'</strong> लिखें और इन पत्तों की एक माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। <span class="citation-513 citation-end-513">इस उपाय से नौकरी और बिजनेस में आ रही सभी बाधाएं तुरंत दूर होती हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>चोला और बूंदी के लड्डू का भोग:</strong> बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार को उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाएं और बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। <span class="citation-512 citation-end-512">भोग लगाने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-511 citation-end-511">महिलाओं के लिए चोला चढ़ाना वर्जित है, इसलिए वे केवल लाल फूल और भोग अर्पित कर सकती हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>3. शत्रुओं के षड्यंत्र और भय से मुक्ति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आपके गुप्त शत्रु आपको परेशान कर रहे हैं या आपको किसी अज्ञात भय ने घेर रखा है, तो रक्षा कवच के रूप में यह उपाय अपनाएं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>बजरंग बाण का पाठ:</strong> <span class="citation-510">मंगलवार के दिन शाम के समय हनुमान जी के सामने बैठकर कम से कम 11 बार </span><strong><span class="citation-510">बजरंग बाण</span></strong><span class="citation-510 citation-end-510"> का पाठ करें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-509 citation-end-509">ज्योतिषियों के अनुसार, लगातार 21 मंगलवार तक ऐसा करने से शत्रुओं के सभी षड्यंत्र विफल हो जाते हैं और जीवन में सुरक्षा का अनुभव होता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>नीम के पेड़ का उपाय:</strong> <span class="citation-508 citation-end-508">मंगलवार की शाम को नीम के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं और किसी भी नजदीकी हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं。 यह उपाय तंत्र-मंत्र और नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को पूरी तरह नष्ट कर देता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>4. मंगल दोष निवारण और स्वास्थ्य लाभ</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष (Manglik Dosha) है या जो लोग हमेशा अकारण क्रोध और स्वास्थ्य समस्याओं से घिरे रहते हैं, उनके लिए यह उपाय संजीवनी की तरह है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>लाल चीजों का दान:</strong> <span class="citation-507 citation-end-507">मंगलवार के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनें या लाल रुमाल अपने पास रखें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-506">इस दिन किसी गरीब व्यक्ति या मंदिर में </span><strong><span class="citation-506">लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल चंदन</span></strong><span class="citation-506 citation-end-506"> का दान करें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-505 citation-end-505">इससे मंगल का अशुभ प्रभाव शांत होता है और स्वभाव में सौम्यता आती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>मीठी रोटी का उपाय:</strong> <span class="citation-504 citation-end-504">मंगलवार के दिन गेहूं के आटे में गुड़ मिलाकर मीठी रोटी बनाएं और उसे किसी लाल या चितकबरी गाय को खिलाएं।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-503 citation-end-503">यह उपाय आपके भाग्योदय के साथ-साथ गंभीर बीमारियों से भी रक्षा करता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>मंगलवार का मूल मंत्र:</strong> आज के दिन पूरी श्रद्धा के साथ <strong>"ॐ हनुमते नमः"</strong> या <strong>"ॐ मंगलाय नमः"</strong> मंत्र का 108 बार जप करना जीवन की सभी विसंगतियों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>पूजा पाठ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:03:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैरो राशिफल 21 जुलाई 2026: 'द वर्ल्ड' और 'द व्हील ऑफ फॉर्च्यून' का अद्भुत महायोग, आज खुलेगा इन राशियों की किस्मत का ताला</title>
                                    <description><![CDATA[मिस्टिक एनर्जी और ब्रह्मांडीय शक्तियों से चमकेगा सभी 12 राशियों का भाग्य, जानिए अपना भविष्यफल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/tarot-horoscope-21-july-2026-amazing-grand-combination-of-the/article-59316"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tarot-horoscope-21-july-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">टैरो कार्ड की भविष्यवाणियों के अनुसार, आज कुछ राशियों को अपने करियर में अप्रत्याशित सफलता मिलेगी, तो कुछ को अपने व्यक्तिगत रिश्तों और स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>12 राशियों का विस्तृत टैरो राशिफल</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मेष राशि (Aries) - थ्री ऑफ स्वॉर्ड्स (Three of Swords)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-357 citation-end-357">मेष राशि के जातकों के लिए आज का टैरो कार्ड संकेत दे रहा है कि आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आप किसी रिश्ते या काम में लगातार अधिक प्रयास कर रहे हैं और बदले में आपको वैसा सम्मान नहीं मिल रहा है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-356 citation-end-356">आज शिकायत करने के बजाय अपनी सीमाएं तय करने का दिन है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-355 citation-end-355">आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी, लेकिन जल्दबाजी में किसी भी तरह के निवेश से बचें।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वृषभ राशि (Taurus) - फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स (Five of Swords - Reversed)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-354 citation-end-354">वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-353 citation-end-353">सुबह के समय किसी की कही हुई बात आपको चुभ सकती है, लेकिन कार्ड्स की सलाह है कि हर बात को दिल पर न लें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-352 citation-end-352">शाम तक कोई छोटी सी सकारात्मक घटना आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी।<sup class="superscript"></sup></span> काम पर ध्यान बनाए रखने से मानसिक शांति मिलेगी। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मिथुन राशि (Gemini) - द सन (The Sun)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>भाग्यशाली राशि:</strong> मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। 'द सन' कार्ड आपके जीवन में नई रोशनी और सकारात्मकता लेकर आया है। <span class="citation-351 citation-end-351">यदि आपका कोई काम काफी समय से अटका हुआ था, तो वह आज पूरा हो जाएगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-350 citation-end-350">कार्यस्थल पर आपके प्रबंधकीय कौशल की सराहना होगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-349 citation-end-349">परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कर्क राशि (Cancer) - क्वीन ऑफ वांड्स (Queen of Wands)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-348 citation-end-348">कर्क राशि वालों के लिए आज ऊर्जा और आत्मविश्वास का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना की जाएगी। <span class="citation-347 citation-end-347">आर्थिक रूप से दिन काफी अनुकूल रहने वाला है और पुराने निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-346 citation-end-346">पार्टनर के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और आपसी विश्वास मजबूत होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सिंह राशि (Leo) - द चेरियट (The Chariot)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सिंह राशि के जातकों को आज अपने लक्ष्यों पर पूरी तरह केंद्रित रहने की आवश्यकता है। 'द चेरियट' कार्ड यह दर्शाता है कि आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति आपको हर बाधा को पार करने में मदद करेगी। <span class="citation-345 citation-end-345">विरोधियों पर आपका दबाव बना रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतें। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कन्या राशि (Virgo) - पेज ऑफ कप्स (Page of Cups)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन रचनात्मकता से भरपूर रहेगा। <span class="citation-344 citation-end-344">यदि आप कला, लेखन या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आज आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-343 citation-end-343">वित्तीय मामलों में संतुलन बनाकर चलें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-342 citation-end-342">शाम के समय किसी पुराने मित्र से मुलाकात पुरानी यादें ताजा कर देगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तुला राशि (Libra) - जस्टिस (Justice)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">तुला राशि वालों के लिए आज का दिन न्याय और संतुलन का रहेगा। यदि आपका कोई कानूनी मामला चल रहा था, तो आज फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। <span class="citation-341 citation-end-341">साझेदारी के काम में जबरदस्त लाभ मिलने की संभावना है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-340 citation-end-340">व्यापार विस्तार के लिए की गई योजनाएं आज धरातल पर उतरेंगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio) - द लवर्स (The Lovers)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong><span class="citation-339">भाग्यशाली राशि:</span></strong><span class="citation-339 citation-end-339"> वृश्चिक राशि वालों के लिए प्रेम और आपसी संबंधों के लिहाज से आज का दिन बेहद खूबसूरत रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-338 citation-end-338">आपकी लव लाइफ में पुरानी मिठास वापस लौटेगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-337 citation-end-337">कार्यक्षेत्र में भी कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>धनु राशि (Sagittarius) - टेन ऑफ पेंटाकल्स (Ten of Pentacles)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-336 citation-end-336">धनु राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मोर्चे पर शानदार परिणाम मिलने वाले हैं।<sup class="superscript"></sup></span> पारिवारिक संपत्ति या पैतृक व्यवसाय से बड़ा लाभ होने के संकेत हैं। <span class="citation-335 citation-end-335">समाज में आपका पद और प्रभाव बढ़ेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-334 citation-end-334">मित्रों का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मकर राशि (Capricorn) - द हर्मिट (The Hermit)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-333 citation-end-333">मकर राशि के जातकों को आज जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> 'द हर्मिट' कार्ड यह सुझाव देता है कि आज आपको थोड़ा समय एकांत में बिताकर आत्ममंथन करना चाहिए। <span class="citation-332 citation-end-332">कार्यस्थल पर काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन आपका धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कुंभ राशि (Aquarius) - द व्हील ऑफ फॉर्च्यून (The Wheel of Fortune)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>भाग्यशाली राशि:</strong> कुंभ राशि के जातकों की किस्मत का पहिया आज तेजी से घूमने वाला है। <span class="citation-331 citation-end-331">भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-330 citation-end-330">यदि आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए बेहतरीन अवसर लेकर आ सकता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-329 citation-end-329">आपके कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मीन राशि (Pisces) - द स्टार (The Star)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आशा, शांति और नई शुरुआत का है। <span class="citation-328 citation-end-328">पिछले कुछ समय से चल रही मानसिक उलझनें और शारीरिक समस्याएं आज समाप्त होंगी।<sup class="superscript"></sup></span> आपके भीतर एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ आपका रुझान बढ़ेगा। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज की विशेष टैरो सलाह</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज के दिन ब्रह्मांडीय ऊर्जा का पूरा लाभ उठाने के लिए सुबह के समय ध्यान (Meditation) अवश्य करें। सफ़ेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनना आज आपके लिए भाग्यशाली रहेगा और आपके चक्रों को संतुलित रखने में मदद करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:03:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 21 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल अष्टमी पर 'सिद्ध योग' का महासंयोग, जानें आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[बजरंगबली की पूजा का विशेष दिन, राहुकाल में भूलकर भी न करें कोई नया काम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-21-july-2026-know-the-great-coincidence-of/article-59315"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/today-panchang-21-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई नया व्यवसाय, गृह प्रवेश, वाहन की खरीदारी या कोई अन्य मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले आज का पंचांग और शुभ-अशुभ समय जरूर नोट कर लें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल जैसे अशुभ समय में शुरू किए गए कार्यों में विघ्न आने की आशंका रहती है, जबकि अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्य निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाते हैं। आइए जानते हैं 21 जुलाई 2026 का पूरा पंचांग विवरण।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के पंचांग के पांच मुख्य तत्व (Five Elements of Panchang)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-148 citation-end-148">भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचांग पांच महत्वपूर्ण अंगों—तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण से मिलकर बनता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-147 citation-end-147">21 जुलाई 2026 के लिए इन तत्वों की स्थिति इस प्रकार है:<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>तिथि (Tithi):</strong> <span class="citation-146">आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की </span><strong><span class="citation-146">अष्टमी तिथि</span></strong><span class="citation-146 citation-end-146"> है, जो कि अगले दिन 22 जुलाई को सुबह 05:16 बजे तक रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-145 citation-end-145">इसके बाद नवमी तिथि का प्रारंभ होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>नक्षत्र (Nakshatra):</strong> <span class="citation-144">आज </span><strong><span class="citation-144">चित्रा नक्षत्र</span></strong><span class="citation-144 citation-end-144"> रात 08:49 बजे तक रहेगा, जिसके बाद स्वाति नक्षत्र लग जाएगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>वार (Vara):</strong> <span class="citation-143">आज </span><strong><span class="citation-143">मंगलवार</span></strong><span class="citation-143 citation-end-143"> है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-142 citation-end-142">यह दिन शक्ति और साहस के प्रतीक हनुमान जी और मंगल ग्रह की उपासना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>योग (Yoga):</strong> <span class="citation-141">आज शाम 06:25 बजे तक </span><strong><span class="citation-141">सिद्ध योग</span></strong><span class="citation-141 citation-end-141"> रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> सिद्ध योग को तंत्र-मंत्र साधना और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। <span class="citation-140 citation-end-140">इसके बाद साध्य योग शुरू होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>करण (Karana):</strong> <span class="citation-139 citation-end-139">आज प्रथम करण विष्टि (भद्रा) रहेगा, जिसके बाद बव और बालव करण का आगमन होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्य और चंद्रमा की गणना (Sun and Moon Timing)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-138 citation-end-138">पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को मुख्य आधार माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> स्थान के भेद से इस समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>सूर्योदय (Sunrise):</strong> <span class="citation-137 citation-end-137">प्रातः 05:36 बजे<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>सूर्यास्त (Sunset):</strong> <span class="citation-136 citation-end-136">सायं 07:19 बजे<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>सूर्य राशि (Sun Sign):</strong> सूर्य देव इस समय कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>चंद्र राशि (Moon Sign):</strong> <span class="citation-135 citation-end-135">चंद्रमा आज पूरे दिन और रात कन्या राशि में संचार करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Timing)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्यों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat):</strong> सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक। किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए यह दिन का सबसे उत्तम समय होता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>अमृत काल (Amrit Kaal):</strong> शाम को 05:10 बजे से 06:46 बजे तक का समय अमृत बेला का रहेगा, जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta):</strong> प्रातः 04:02 बजे से 04:49 बजे तक। साधना और अध्ययन के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है।</p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Ashubh Muhurat &amp; Rahukaal)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शास्त्रों के अनुसार, अशुभ समय के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों, बड़े वित्तीय लेन-देन या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>राहुकाल (Rahu Kaal):</strong> <strong><span class="citation-134">दोपहर 03:53 बजे से शाम 05:36 बजे तक</span></strong><span class="citation-134 citation-end-134">।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-133 citation-end-133">पंचांग के अनुसार, राहुकाल में कभी भी कोई मांगलिक या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>यमगण्ड (Yamaganda):</strong> सुबह 09:02 बजे से 10:45 बजे तक।</p>
</li>
<li>
<p><strong>गुलिक काल (Gulika Kaal):</strong> दोपहर 12:26 बजे से 02:09 बजे तक।</p>
</li>
<li>
<p><strong>वर्ज्यम् (Varjyam):</strong> <span class="citation-132 citation-end-132">शाम 06:30 बजे से रात 08:06 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का विशेष धार्मिक महत्व और उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को पड़ने वाली आषाढ़ शुक्ल अष्टमी का बड़ा आध्यात्मिक महत्व है। <span class="citation-131 citation-end-131">इस दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप और बजरंगबली की पूजा एक साथ करने से जातकों के जीवन से सभी प्रकार के कष्ट, रोग और शत्रुओं का नाश होता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>आज का अचूक उपाय:</strong> आज शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। साथ ही लाल चंदन या लाल पुष्प अर्पित करने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और भूमि-भवन से जुड़े मामलों में सफलता मिलती है।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-21-july-2026-know-the-great-coincidence-of/article-59315</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:03:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक राशिफल 21 जुलाई 2026: कॉस्मिक क्रैडल का दुर्लभ महायोग, जानें आपकी राशि के भाग्य का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA['बारबोल्ट बास्केट' और गुरु-यूरेनस की युति से बदलेगी सभी 12 राशियों की तकदीर, जानिए अपना आज का भविष्यफल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-horoscope-21-july-2026-rare-mahayoga-of-cosmic-cradle/article-59314"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/daily-horoscope-21-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p><span class="citation-143">इस समय अंतरिक्ष में बाहरी ग्रहों की एक विशेष ज्यामितीय रचना बन रही है, जिसे ज्योतिष की भाषा में </span><span class="citation-143">'बारबोल्ट बास्केट' (Barbault Basket) या 'कॉस्मिक क्रैडल' (Cosmic Cradle)</span><span class="citation-143 citation-end-143"> कहा जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-142 citation-end-142">इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति और यूरेनस की जुगलबंदी से तीन विशेष राशियों का भाग्य पूरी तरह पलटने वाला है।<sup class="superscript"></sup></span> आइए जानते हैं कि मेष से लेकर मीन तक, सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन आर्थिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर कैसा रहने वाला है। </p>
<h5><strong>12 राशियों का विस्तृत राशिफल</strong></h5>
<h5><strong>मेष राशि (Aries)</strong></h5>
<p>आज का दिन आपके लिए उत्सव जैसा रहेगा। <span class="citation-141 citation-end-141">यदि आप किसी पारिवारिक या सामाजिक गेट-टुगेदर की योजना बना रहे हैं, तो शानदार भोजन और अपनों का साथ आपको खुशी देगा।<sup class="superscript"></sup></span> आर्थिक स्थिति पूरी तरह स्थिर रहेगी, इसलिए पैसों की चिंता आज छोड़ दें। <span class="citation-140 citation-end-140">व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं भविष्य के लिए नए दरवाजे खोलेंगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-139 citation-end-139">किसी परेशान रिश्तेदार की मदद करनी पड़ सकती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>वृषभ राशि (Taurus)</strong></h5>
<p>स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का दिन है। <span class="citation-138 citation-end-138">संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।<sup class="superscript"></sup></span> व्यापारिक मामलों में किए गए नए प्रयोग आज अत्यधिक मुनाफा कमा कर दे सकते हैं। हालांकि, आज किसी पारिवारिक समारोह में आपको ऐसा लग सकता है कि आपकी उपेक्षा की जा रही है, जिससे आपका मूड खराब हो सकता है। <span class="citation-137 citation-end-137">सामाजिक स्तर पर किसी के उकसावे में आने से बचें।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong></h5>
<p>भाग्यशाली राशि: यूरेनस और गुरु की विशेष कृपा से आज आपका नजरिया पूरी तरह सकारात्मक रहेगा और यह सकारात्मकता आपके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होगी। पिछले कुछ समय से चली आ रही आर्थिक और मानसिक चिंताएं आज खत्म होंगी। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारी आपके विचारों की सराहना करेंगे। <span class="citation-136 citation-end-136">किसी करीबी मित्र या प्रियजन से मिला कोई सरप्राइज गिफ्ट आपके दिन को और भी खुशनुमा बना देगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong></h5>
<p>कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक उन्नति लेकर आया है। फ्रीलांसरों और सलाहकारों (Consultants) को आज मोटी कमाई होने के योग हैं। <span class="citation-135 citation-end-135">परिवार में कुछ बदलाव हो सकते हैं, जिन्हें आपको खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-134 citation-end-134">दोस्तों के साथ यात्रा करने का प्लान बन सकता है, जो बेहद आनंददायक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-133 citation-end-133">आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति का अनुभव होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>सिंह राशि (Leo)</strong></h5>
<p>सिंह राशि के जातकों का स्वास्थ्य आज बिल्कुल दुरुस्त रहेगा और वित्तीय मोर्चे पर भी दिन बेहद आशाजनक है। <span class="citation-132 citation-end-132">कार्यस्थल पर चल रही किसी भी कठिन या प्रतिस्पर्धी परिस्थिति को आप अपनी बुद्धिमानी से आसानी से पार कर लेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-131 citation-end-131">परिवार के किसी बुजुर्ग की राय शुरू में अजीब लग सकती है, लेकिन बाद में आपको उसकी अहमियत समझ आएगी।<sup class="superscript"></sup></span> किसी पुराने बोझ या तनाव से आज मुक्ति मिलेगी। </p>
<h5><strong>कन्या राशि (Virgo)</strong></h5>
<p><span class="citation-130 citation-end-130">फिटनेस को लेकर किए जा रहे आपके प्रयास अब रंग ला रहे हैं, जिससे आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> पैसों का सही प्रबंधन आज आपको किसी भी तरह के वित्तीय दबाव से बचा कर रखेगा। <span class="citation-129 citation-end-129">जो लोग ट्रैवल इंडस्ट्री या पर्यटन से जुड़े हैं, उनके काम में आज बड़ी तेजी देखने को मिलेगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-128 citation-end-128">परिवार के साथ किसी धार्मिक या दर्शनीय स्थल पर जाने का मौका मिल सकता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>तुला राशि (Libra)</strong></h5>
<p>आज आप खुद को ऊर्जा के चरम पर पाएंगे। यदि आप कोई बड़ा निवेश या खरीदारी करने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन उत्तम है, यह सौदा फायदे का साबित होगा। <span class="citation-127 citation-end-127">नए उद्यमियों (Entrepreneurs) को आज बाजार में बेहतरीन शुरुआत मिल सकती है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-126 citation-end-126">हालांकि, यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और अपने सामान का खास ख्याल रखें।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-125 citation-end-125">आपका सामाजिक दायरा और लोकप्रियता बढ़ेगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong></h5>
<p>भाग्यशाली राशि: ब्रह्मांडीय ऊर्जा आज आपके पक्ष में है। यदि आप लेखक, संपादक या क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, तो आज आपकी प्रतिभा का लोहा हर कोई मानेगा। <span class="citation-124 citation-end-124">पुराने निवेशों से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> घर में छोटी-मोटी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन शांत रहकर बात को बढ़ने न दें। <span class="citation-123 citation-end-123">उत्तर दिशा की यात्रा आपके लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong></h5>
<p>धनु राशि वालों के लिए आज का दिन अपनी पुरानी आदतों और उन उम्मीदों को छोड़ने का है जो अब उनके काम की नहीं रहीं। काम के सिलसिले में आपके भीतर एक नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिलेगा। कोई अप्रत्याशित समाचार या संदेश आज आपके भविष्य की चिंताओं को दूर कर सकता है। दूसरों के साथ मिलकर किए गए कार्यों में आज आपको एकतरफा सफलता मिलेगी।</p>
<h5><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong></h5>
<p><span class="citation-122 citation-end-122">मकर राशि के जातकों को आज कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले थोड़ा एकांत समय बिताने की जरूरत है।<sup class="superscript"></sup></span> दूसरों की राय से प्रभावित होने के बजाय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मेहनत में कोई कमी न आने दें। पार्टनर के साथ चल रहे वैचारिक मतभेदों को आज बैठकर सुलझाया जा सकता है। </p>
<h5><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong></h5>
<p>भाग्यशाली राशि: आपकी किस्मत आज पूरी तरह से पलटने वाली है। कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन दोनों में आपके संचार कौशल (Communication Skills) की वजह से बिगड़े हुए काम बन जाएंगे। आप सही समय पर सही जगह मौजूद रहेंगे, जिससे करियर में कोई बड़ा मौका हाथ लग सकता है। अपने मन की बात को दबाने के बजाय खुलकर सामने रखें, सफलता निश्चित है।</p>
<h5><strong>मीन राशि (Pisces)</strong></h5>
<p><span class="citation-121 citation-end-121">जिज्ञासा और कुछ नया सीखने की चाह आज आपको एक बड़ी सफलता दिला सकती है।<sup class="superscript"></sup></span> किसी नई नौकरी, प्रोजेक्ट या व्यापारिक सौदे का प्रस्ताव मिल सकता है जो आपके कम्फर्ट जोन से बाहर का होगा, लेकिन आपको इसे स्वीकार करना चाहिए। वित्तीय स्थिति सामान्य रहेगी। <span class="citation-120 citation-end-120">मित्रों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5><strong>आज का विशेष ज्योतिषीय उपाय</strong></h5>
<p>आज के दिन कॉस्मिक क्रैडल के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए सुबह के समय भगवान शिव या भगवान विष्णु की आराधना करें। गाय को हरा चारा खिलाना और जरूरतमंदों की मदद करना आज आपकी राशि के नकारात्मक प्रभावों को दूर करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-horoscope-21-july-2026-rare-mahayoga-of-cosmic-cradle/article-59314</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 00:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हुमायूं सुलेमान की बड़ी उपलब्धि: महेश भट्ट ने Vdo Tree Productions के साथ क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में साइन की 5 फिल्मों की ऐतिहासिक डील</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong>मुंबई, 20 जुलाई 2026:</strong> भारतीय मनोरंजन जगत में इस साल की बड़ी हलचलों में से एक के तहत निर्माता <strong>हुमायूं सुलेमान</strong> ने दिग्गज फिल्मकार <strong>महेश भट्ट</strong> को <strong>Vdo Tree OTT</strong> की प्रोडक्शन विंग <strong>Vdo Tree Productions</strong> के साथ जोड़ा है। इस अहम साझेदारी के तहत महेश भट्ट पांच फिल्मों के लिए <strong>क्रिएटिव डायरेक्टर</strong> की भूमिका निभाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्माता <strong>हुमायूं सुलेमान और हुमैद हुमायूं</strong> के सहयोग से हुई यह साझेदारी हाई-कॉन्सेप्ट और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली सिनेमा की दिशा में एक नया अध्याय मानी जा रही है। पांच फिल्मों की इस महत्वाकांक्षी श्रृंखला में गहरी और भावनात्मक प्रेम कहानियों के साथ रोमांच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/humayun-sulemans-big-achievement-mahesh-bhatt-signs-historic-deal-of/article-59312"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tree-productions-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>मुंबई, 20 जुलाई 2026:</strong> भारतीय मनोरंजन जगत में इस साल की बड़ी हलचलों में से एक के तहत निर्माता <strong>हुमायूं सुलेमान</strong> ने दिग्गज फिल्मकार <strong>महेश भट्ट</strong> को <strong>Vdo Tree OTT</strong> की प्रोडक्शन विंग <strong>Vdo Tree Productions</strong> के साथ जोड़ा है। इस अहम साझेदारी के तहत महेश भट्ट पांच फिल्मों के लिए <strong>क्रिएटिव डायरेक्टर</strong> की भूमिका निभाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्माता <strong>हुमायूं सुलेमान और हुमैद हुमायूं</strong> के सहयोग से हुई यह साझेदारी हाई-कॉन्सेप्ट और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली सिनेमा की दिशा में एक नया अध्याय मानी जा रही है। पांच फिल्मों की इस महत्वाकांक्षी श्रृंखला में गहरी और भावनात्मक प्रेम कहानियों के साथ रोमांच से भरपूर थ्रिलर और गंभीर माहौल वाली हॉरर ड्रामा फिल्में शामिल होंगी। ये वही विधाएं हैं, जिनमें महेश भट्ट ने अपने लंबे फिल्मी करियर के दौरान अलग पहचान बनाई है और जो आज भी अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों को आकर्षित करती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">महेश भट्ट के मार्गदर्शन में काम कर चुकीं प्रतिभाशाली निर्देशक और लेखिका <strong>सुहृता दास</strong> इन फिल्मों का निर्देशन करेंगी। वह अपनी विशिष्ट रचनात्मक दृष्टि के साथ इन कहानियों को पर्दे पर उतारेंगी। वहीं, <strong>श्वेता बोथरा</strong> सह-लेखिका और गीतकार के रूप में टीम का हिस्सा होंगी। उनकी लेखनी से फिल्मों की कहानियों में भावनात्मक गहराई और गीतात्मक संवेदनशीलता जुड़ने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह क्रिएटिव टीम ऐसी कहानियां पेश करने की तैयारी में है, जिनमें मानवीय भावनाओं, रिश्तों की जटिलताओं, गहन ड्रामा और सिनेमाई प्रभाव का मजबूत मेल देखने को मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस घोषणा के बाद बॉलीवुड और मनोरंजन जगत में इस साझेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। महेश भट्ट के साथ हुमायूं सुलेमान, हुमैद हुमायूं और प्रोजेक्ट की मुख्य क्रिएटिव टीम को दिखाने वाले प्रमोशनल विजुअल्स ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्माता <strong>हुमायूं सुलेमान</strong> ने इस साझेदारी पर कहा,</p>
<p class="isSelectedEnd">“हमारी पांच फिल्मों की श्रृंखला के लिए महेश भट्ट को क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में अपने साथ जोड़ना मेरे और पूरे Vdo Tree Productions परिवार के लिए सिर्फ एक पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक पड़ाव है। यह साझेदारी ऐसी साहसी और सार्थक फिल्में बनाने के हमारे विजन को मजबूती देती है, जो नई सीमाएं तय करने के साथ दर्शकों के दिलों को भी छू सकें। भट्ट साहब की बेमिसाल कहानी कहने की कला और उनके मार्गदर्शन के साथ हम ऐसा कंटेंट पेश करने के लिए तैयार हैं, जो दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़े और इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित करे।”</p>
<p><strong>Vdo Tree Productions</strong>, Vdo Tree OTT का प्रीमियम कंटेंट क्रिएशन और फिल्म प्रोडक्शन वर्टिकल है। यह बैनर अलग-अलग जॉनर में उच्च गुणवत्ता और मजबूत कहानियों पर आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने पर केंद्रित है। कंपनी थिएट्रिकल और डिजिटल एंटरटेनमेंट—दोनों क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी तेजी से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 21:39:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>&quot;बंगाल में अब नया खेल&quot;: मानसून सत्र में चलेगा BJP का कुलदीप मैती कार्ड&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div>कोलकाता, 20 जुलाई 2026 संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए अब कुलदीप मैती को उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र के बाद बंगाल में संगठन को मजबूत करने और TMC को राजनीतिक रूप से घेरने के लिए यह "मास्टरस्ट्रोक" खेला जा सकता है।</div>
<div>  </div>
<div>समाजसेवी कुलदीप मैती बंगाल में BJP के खास नेताओं में से एक हो सकते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। पार्टी का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bjps-kuldeep-maiti-card-will-now-play-a-new-game/article-59310"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kuldeep-maiti.jpg" alt=""></a><br /><div>कोलकाता, 20 जुलाई 2026 संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए अब कुलदीप मैती को उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र के बाद बंगाल में संगठन को मजबूत करने और TMC को राजनीतिक रूप से घेरने के लिए यह "मास्टरस्ट्रोक" खेला जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>समाजसेवी कुलदीप मैती बंगाल में BJP के खास नेताओं में से एक हो सकते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। पार्टी का मानना है कि राज्यसभा के माध्यम से बंगाल में एक मजबूत आवाज भेजकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को और बेहतर किया जा सकता है। </div>
<div> </div>
<div>BJP के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "मानसून सत्र में जो मुद्दे उठे हैं, उन्हें अब हम बंगाल की जनता तक ले जाएंगे। कुलदीप मैती के नाम पर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह सकारात्मक चर्चा है। राज्यसभा उपचुनाव जीतने में हमें कोई बाधा नहीं हैं।" आपको बता दें कि कोयल मल्लिक ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। अभी तक 4 सांसद टीएमसी छोड़ चुके है। </div>
<div> </div>
<div>राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस सीट पर BJP का यह दांव बंगाल की सियासत की दिशा तय कर सकता है। TMC के गढ़ में सेंध लगाने के लिए BJP पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे जमीनी स्तर पर जनसंपर्क तेज करें और राज्य सरकार की नीतियों को जनता के सामने रखें। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। राज्यसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही बंगाल में सियासी तापमान और बढ़ने की संभावना है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 21:24:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संसद परिसर में PM मोदी का ‘56 साल के युवा’ वाला तंज, राहुल गांधी का नाम लिए बिना साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून सत्र के पहले दिन युवा शक्ति और स्पेस स्टार्टअप की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने किया कटाक्ष, टिप्पणी सुन पीछे खड़े किरेन रिजिजू भी हंस पड़े]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modis-56-year-old-youth-taunt-in-parliament-complex/article-59308"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pm-modi-rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीडिया ब्रीफिंग में एक राजनीतिक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई। पीएम मोदी देश के युवा उद्यमियों और स्टार्टअप की उपलब्धियों का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ‘56 साल के युवा’ का उल्लेख करते हुए ऐसा तंज किया, जिसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री ने संसद परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अलग-अलग क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बना रही है और देश का नाम आगे बढ़ा रही है। टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं की बढ़ती भूमिका का भी उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पेस सेक्टर से जुड़े भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस का जिक्र किया। उन्होंने कंपनी की युवा टीम की उपलब्धियों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि इस उपलब्धि से जुड़ी टीम के सदस्यों की औसत उम्र केवल 28 वर्ष है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह किसी ‘56 साल के युवा’ की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इस टिप्पणी को राहुल गांधी पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा गया। राहुल गांधी की उम्र 56 वर्ष होने के कारण प्रधानमंत्री की टिप्पणी तुरंत चर्चा में आ गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री के इतना कहते ही उनके पीछे मौजूद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू हंसते हुए दिखाई दिए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया भी कैमरों में दर्ज हुई। पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए फिर देश के युवाओं और उनकी उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक माहौल गर्म दिखाई दिया। विपक्ष कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी के साथ संसद पहुंचा, जबकि सरकार ने सत्र में चर्चा और विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने की बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd">मीडिया ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी नए क्षेत्रों में संभावनाओं के दरवाजे खोल रही है। स्टार्टअप से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक भारतीय युवा अपनी क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार से जोड़कर देखा।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्काईरूट एयरोस्पेस का उल्लेख इसी संदर्भ में किया गया। कंपनी भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख स्टार्टअप में शामिल है। पीएम ने युवा टीम की औसत उम्र का जिक्र करते हुए इसे देश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई पीढ़ी की तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री की ‘56 साल के युवा’ वाली टिप्पणी ने हालांकि उनके युवा शक्ति से जुड़े संदेश के बीच राजनीतिक रंग भी जोड़ दिया। राहुल गांधी का नाम सीधे नहीं लिया गया, लेकिन उनकी उम्र के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस बयान को उन्हीं पर निशाने के रूप में देखा जाने लगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">राहुल गांधी भी मानसून सत्र के पहले दिन संसद पहुंचे। विपक्ष की ओर से सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई गई है। ऐसे में सत्र की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री की टिप्पणी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चलने वाली राजनीतिक बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीएम मोदी ने अपने संबोधन में संसद के कामकाज को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने मानसून और मानसून सत्र के बीच तुलना करते हुए सक्रिय और उत्पादक माहौल की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि संसद में मुद्दों पर तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी विषयों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर विपक्ष अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। ऐसे में सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संसद सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री का मीडिया को संबोधित करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान सरकार अपनी प्राथमिकताओं और सत्र से अपेक्षाओं को सामने रखती है। इस बार पीएम ने संसदीय कामकाज के साथ युवा शक्ति, स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रमुखता से उठाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों की भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। युवा इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्यमी इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इसी बदलाव को नई पीढ़ी की क्षमता से जोड़ते हुए 28 साल की औसत उम्र वाली टीम का उदाहरण दिया।</p>
<p>हालांकि इसी दौरान की गई एक लाइन ने राजनीतिक चर्चा का रुख बदल दिया। ‘56 साल के युवा’ वाली टिप्पणी के बाद किरेन रिजिजू की हंसी का वीडियो भी चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के बयान के इस हिस्से को राहुल गांधी पर किए गए राजनीतिक कटाक्ष के रूप में साझा किया जाने लगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 18:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश हुआ UCC बिल, कैबिनेट की मंजूरी के बाद सदन में पहुंचा विधेयक</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री गौतम टेटवाल ने समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक किया पेश, एक साथ कई बिल लाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ucc-bill-introduced-in-madhya-pradesh-assembly-bill-reached-house/article-59306"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-ucc-bill,.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्य सरकार ने विधानसभा में इससे जुड़ा विधेयक पेश कर दिया है। मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन की कार्यवाही के दौरान बिल को पटल पर रखा। इससे एक दिन पहले राज्य मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधानसभा में इस पर चर्चा की जाएगी और इसके बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधानसभा में UCC विधेयक पेश होने के बाद अब इसके प्रावधानों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष की ओर से समय निर्धारित किया जाएगा। इस दौरान विधायक विधेयक के अलग-अलग पहलुओं पर अपनी राय रख सकेंगे और सरकार प्रस्तावित कानून के उद्देश्य तथा प्रावधानों को सदन के सामने स्पष्ट करेगी। आवश्यकता पड़ने पर विधेयक में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव भी सामने आ सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">समान नागरिक संहिता का सामान्य अर्थ नागरिकों के व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था से है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, विरासत और गोद लेने जैसे विषय इसके दायरे में चर्चा का प्रमुख हिस्सा होते हैं। वर्तमान में इनसे जुड़े कई मामलों में अलग-अलग समुदायों के पर्सनल लॉ और अन्य कानून लागू होते हैं। हालांकि मध्य प्रदेश में प्रस्तावित व्यवस्था का वास्तविक स्वरूप और दायरा विधेयक के अंतिम प्रावधानों से ही स्पष्ट होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में भी समान नागरिक संहिता का उल्लेख किया गया है। यह संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों का हिस्सा है। इसमें राज्य से नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की अपेक्षा की गई है। UCC को लेकर लंबे समय से देश में कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक बहस होती रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विधेयक पहुंचने के बाद अब प्रदेश स्तर पर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज होने के आसार हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">UCC से जुड़े विधेयक के साथ राज्य सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी विधानसभा में प्रस्तुत किए। इनमें कारोबार, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, राजमार्ग, निजी विश्वविद्यालय, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, नागरिक सुरक्षा और श्रम व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। बड़ी संख्या में विधेयकों को एक साथ सदन के पटल पर रखे जाने के कारण विपक्ष ने प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार की ओर से मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 भी पेश किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 और मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक 2026 को भी सदन में रखा गया। इन प्रस्तावों के जरिए राज्य में कारोबारी प्रक्रियाओं, आपातकालीन सेवाओं और सड़क संबंधी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से जुड़े विषयों को विधायी एजेंडे में शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उच्च और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई विधेयक भी सदन में पहुंचे हैं। इनमें मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2026, मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से संबंधित संशोधन और मध्य प्रदेश धन्वंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 शामिल हैं। इनके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से संबंधित राज्य स्तरीय प्रस्ताव और निरसन विधेयक भी विधानसभा में प्रस्तुत किए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रम और कार्यस्थल से जुड़े प्रस्तावों को भी सरकार ने विधायी एजेंडे में जगह दी है। मध्य प्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज 2026 और मध्य प्रदेश श्रम शक्ति संहिता 2026 समेत अन्य विधेयक सदन के सामने रखे गए। इन सभी विधेयकों के विस्तृत प्रावधानों पर संबंधित चर्चा के दौरान स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक साथ कई विधेयक पेश किए जाने पर कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में आपत्ति दर्ज कराई। विपक्ष ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर विधायकों को पर्याप्त अध्ययन और चर्चा का अवसर मिलना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस की स्थिति बन गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">विपक्ष की आपत्ति पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन विधेयकों को लेकर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में पहले ही चर्चा की गई थी। समिति की सहमति के बाद अनुपूरक कार्यसूची जारी की गई और निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार विधेयकों को सदन में प्रस्तुत किया गया। अध्यक्ष ने विधेयकों को पेश किए जाने की प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस की आपत्ति का जवाब देते हुए सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विधेयकों से जुड़े विषय कार्य मंत्रणा समिति के सामने रखे गए थे और पूरी प्रक्रिया विधानसभा के नियमों तथा स्थापित परंपराओं के अनुसार अपनाई गई। सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि सदन में विधेयक रखने से पहले आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधेयकों के पेश होने के बाद विधानसभा में विपक्षी सदस्यों का विरोध तेज हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक के कारण सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। शोर-शराबे के बीच कार्यवाही को सामान्य रूप से आगे बढ़ाना मुश्किल हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब सबसे अधिक नजर UCC विधेयक पर होने वाली चर्चा पर रहेगी। सत्ता पक्ष विधेयक के समर्थन में समान नागरिक कानून की आवश्यकता और उसके प्रस्तावित लाभों को सदन में रख सकता है। वहीं विपक्ष विधेयक के कानूनी, संवैधानिक और सामाजिक प्रभावों को लेकर सवाल उठा सकता है। विधेयक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों को लेकर क्या व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, इस पर चर्चा के दौरान स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।</p>
<p>विधानसभा में पेश किए जाने के बाद विधेयक को निर्धारित विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सदन में चर्चा के दौरान इसके प्रावधानों पर बहस होगी और जरूरत पड़ने पर संशोधन प्रस्ताव रखे जा सकते हैं। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया के जरिए विधेयक को पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। विधानसभा की मंजूरी मिलने के बाद कानून के स्वरूप के अनुसार आगे की संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 18:09:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>APS यूनिवर्सिटी ने मनाया 59वां स्थापना दिवस, भारतीय ज्ञान परंपरा और मातृभाषा आधारित शिक्षा पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस पर वृक्षारोपण से लेकर सम्मान समारोह तक हुए आयोजन, कुलगुरु ने जल संरक्षण पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बताई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/aps-university-celebrated-59th-foundation-day-with-emphasis-on-indian/article-59303"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में 59वां विश्वविद्यालय स्थापना दिवस शम्भूनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, अध्यात्म, मातृभाषा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य समारोह से पहले कैप्टन अवधेश प्रताप सिंह और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं पर अतिथियों, कुलगुरु और आचार्यों ने माल्यार्पण किया। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">समारोह की शुरुआत मां वीणापाणि के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, राष्ट्रीय गीत और कुलगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न, तुलसी माला और तुलसी का पौधा देकर स्वागत किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जबलपुर के नरसिंह मंदिर गीताधाम के श्रीमद् नृसिंह पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नरसिंहदेवाचार्य महाराज ने विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1968 में स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन अवधेश प्रताप सिंह के नाम पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। किसी संस्थान की नींव महान व्यक्तित्व रखते हैं, लेकिन उसकी वास्तविक प्रतिष्ठा वहां के शिक्षक और विद्यार्थी अपने ज्ञान, संस्कार और उपलब्धियों से तैयार करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने गुरु और विद्यार्थी के संबंध को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार शिक्षक का काम केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थी के भीतर आत्मविश्वास पैदा करना और उसे सही दिशा दिखाना भी है। जिस प्रकार मीठा और स्वच्छ जल जीवन तथा प्रकृति का पोषण करता है, उसी प्रकार एक योग्य गुरु अपने शिष्य को ज्ञान, विश्वास और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्वामी नरसिंहदेवाचार्य ने शिक्षा के साथ संस्कृति और अध्यात्म को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सम्यक ज्ञान, सम्यक कर्म और सम्यक भक्ति के माध्यम से व्यक्ति में विवेक विकसित होता है। उन्होंने ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान और कर्म में कुशलता के जरिए विश्वविद्यालय अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। भारतीय ज्ञान की गौरवशाली परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़कर विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा बढ़ा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक ओम प्रकाश शर्मा ने शिक्षा में भारतीय दृष्टिकोण को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिकता और भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश जरूरी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक चेतना का विकास भी होना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">ओम प्रकाश शर्मा ने मातृभाषा में शिक्षा और चिंतन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में सोचने, समझने और विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। मातृभाषा व्यक्ति को अपनी संस्कृति और समाज से गहराई से जोड़ती है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए विश्वविद्यालयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर गौ सेवा से जुड़ी गतिविधियों को भी विकसित करने का सुझाव दिया। उनके अनुसार गौशाला आधारित गौ सेवा पीठ स्थापित कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा सकता है। ऐसे प्रयासों से पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ने के साथ युवाओं के लिए नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर भारतीय भाषाओं को अधिक महत्व देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण मूल दस्तावेजों में ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द के प्रयोग को प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी महत्वपूर्ण उपाधियों और दस्तावेजों में हिंदी भाषा के प्रयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहता। नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थापना दिवस समारोह में जल संरक्षण से जुड़े नए पाठ्यक्रम की योजना भी प्रमुख रूप से सामने आई। कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय जल संग्रहण और संरक्षण को अकादमिक अध्ययन का हिस्सा बनाने की दिशा में काम करने की योजना तैयार कर रहा है। प्रस्तावित पाठ्यक्रम में जल से जुड़े विषयों को केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, भौगोलिक, दार्शनिक और सामाजिक पहलुओं से भी समझने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस योजना में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर संयुक्त रूप से काम करने की तैयारी है। जल संकट, पारंपरिक जल स्रोतों, वर्षा जल संग्रहण, भूजल संरक्षण और आधुनिक जल प्रबंधन जैसे विषयों को बहुविषयक अध्ययन से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह का पाठ्यक्रम शोध और सामाजिक उपयोगिता दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">समारोह के दौरान विश्वविद्यालय से लंबे समय तक जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. एस.एल. अग्रवाल को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ तृतीय श्रेणी कर्मचारी रुकसाना बेगम और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बृजनन्दन पटेल को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अतुल पाण्डेय की मौजूदगी में विश्वविद्यालय की प्रवेश विवरणिका का विमोचन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बीते वर्ष की शैक्षणिक गतिविधियों, संस्थागत उपलब्धियों और विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रो. श्रीकान्त मिश्र ने किया, जबकि कुलसचिव नीरजा नामदेव ने अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
<p>समारोह में विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के सदस्य, आचार्य, अधिकारी, अतिथि विद्वान, कर्मचारी, विद्यार्थी, मीडिया प्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के कौशल संवर्धन और जल संरक्षण जैसे विषय प्रमुखता से चर्चा में रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 17:45:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा में 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, डकैती और NDPS समेत तीन मामलों में था फरार</title>
                                    <description><![CDATA[मनगवां पुलिस ने 21 वर्षीय जितेंद्र सिंह उर्फ राका को दबोचा, लंबे समय से चल रही थी तलाश; गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a5e0622c636b/article-59302"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के रीवा जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को मनगवां पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवक की पहचान 21 वर्षीय जितेंद्र सिंह उर्फ राका के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मनगवां थाने में तीन अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें डकैती, एनडीपीएस एक्ट और मारपीट से जुड़े मामले शामिल हैं। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए थे। कई बार संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश की गई, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा था। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देते हुए थाना स्तर पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम भी घोषित किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र सिंह उर्फ राका के खिलाफ दर्ज मामलों में अलग-अलग तरह के गंभीर आरोप हैं। एक मामले में पीड़ितों से शराब पीने के लिए पैसे मांगने और विवाद के बाद मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश करती रही, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा।</p>
<h5><strong>डकैती के मामले में भी पुलिस को थी तलाश</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">मनगवां पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम डकैती से जुड़े एक मामले में भी सामने आया था। इस प्रकरण में अपराध दर्ज होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी। गंभीर प्रकृति का मामला होने के कारण पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। इसके बावजूद वह अपना ठिकाना बदलकर पुलिस की पहुंच से दूर रहने की कोशिश करता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">आरोपी के लगातार फरार रहने से पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र की मदद लेने के साथ ही उसके आने-जाने वाले स्थानों पर भी नजर रखी गई। पुलिस टीम को निर्देश दिए गए थे कि आरोपी से जुड़ी किसी भी सूचना की तत्काल पुष्टि कर कार्रवाई की जाए। इसी रणनीति के तहत उसकी तलाश आगे बढ़ाई गई।</p>
<h5><strong>NDPS एक्ट के तहत भी दर्ज है प्रकरण</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज है। मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों को लेकर एनडीपीएस कानून में सख्त प्रावधान हैं। ऐसे मामले में आरोपी का लगातार फरार रहना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसलिए उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रूप से प्रयास किए जा रहे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक से अधिक मामलों में नाम सामने आने और लगातार गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश का दायरा बढ़ाया। उसके गांव के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करती रही कि फरारी के दौरान आरोपी किन स्थानों पर रह रहा है और किन लोगों के संपर्क में है। आखिरकार पुलिस को ऐसी सूचना मिली, जिससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।</p>
<h5><strong>10 हजार रुपए का इनाम किया गया था घोषित</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">तीन मामलों में लगातार फरार रहने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक स्तर से इनाम की घोषणा के बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। पुलिस टीम ने आरोपी के बारे में सूचनाएं जुटाने के साथ उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इनामी आरोपी को पकड़ने के लिए मनगवां थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई। टीम ने अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों की जांच की। पुलिस का उद्देश्य आरोपी की गतिविधियों के बारे में सटीक सूचना हासिल करना था, ताकि वह दोबारा बचकर न निकल सके। काफी प्रयास के बाद टीम को उसकी मौजूदगी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।</p>
<h5><strong>19 जुलाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और 19 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही लंबे समय से चल रही पुलिस की तलाश समाप्त हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अब आरोपी के खिलाफ दर्ज तीनों मामलों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को आगे की कार्रवाई के लिए व्यवस्थित कर रही है। प्रत्येक मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच संबंधित केस के तथ्यों के आधार पर की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उससे पूछताछ कर घटनाओं से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।</p>
<h5><strong>वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई रीवा पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात संदीप मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मनगवां प्रतिभा शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">मनगवां थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ की टीम ने आरोपी की तलाश की। टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। लंबे समय तक फरार रहने के कारण आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस को कई स्तर पर सूचनाओं की पुष्टि करनी पड़ी। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।</p>
<h5><strong>बेलवा पैकान का रहने वाला है आरोपी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का पूरा नाम जितेंद्र सिंह उर्फ राका है। वह रामपाल सिंह का पुत्र है और उसकी उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है। आरोपी रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवा पैकान का निवासी है। उसके खिलाफ मनगवां थाने में दर्ज तीन मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कम उम्र में गंभीर मामलों में नाम सामने आने के बाद पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। यह पता लगाया जा रहा है कि दर्ज तीन मामलों के अलावा उसका नाम किसी अन्य प्रकरण में सामने आया है या नहीं। इसके लिए संबंधित थानों और उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड की जानकारी भी देखी जा सकती है।</p>
<h5><strong>फरारी के दौरान ठिकानों की भी हो सकती है जांच</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के लिए अब एक महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना भी है कि आरोपी इतने समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा। फरारी के दौरान उसने किन स्थानों पर शरण ली और किन लोगों से उसका संपर्क रहा, इन सवालों की जांच से पुलिस को अन्य जानकारियां मिल सकती हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आरोपी को जानबूझकर छिपाने या पुलिस से बचने में सहायता करने से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भूमिका की भी कानून के अनुसार जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर है।</p>
<h5><strong>तीनों मामलों की अलग-अलग जांच आगे बढ़ेगी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ शराब पीने के लिए पैसे मांगने और मारपीट करने, डकैती तथा एनडीपीएस एक्ट से संबंधित अलग-अलग प्रकरण दर्ज हैं। चूंकि तीनों मामलों की प्रकृति अलग है, इसलिए उनमें उपलब्ध साक्ष्य और आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस संबंधित मामलों में शिकायतकर्ताओं और पीड़ितों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्यों को केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां तकनीकी या परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लंबित कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।</p>
<h5><strong>इनामी और फरार आरोपियों पर पुलिस की नजर</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">रीवा पुलिस जिले में लंबे समय से फरार और इनामी आरोपियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में थाना स्तर पर आरोपियों की जानकारी अपडेट करने, उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने और मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना जुटाने का काम किया जाता है। मनगवां पुलिस की इस कार्रवाई को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<p>आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ राका की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसे संबंधित न्यायालय में पेश करने और प्रकरणों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। पुलिस तीनों मामलों में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 17:13:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>CJP प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, मांगों का पत्र सौंपा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG पेपर लीक समेत परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए, नड्डा से करीब 10 मिनट हुई बातचीत; CJP का दावा- सरकार के स्तर पर चर्चा का मिला भरोसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cjp-representatives-met-jp-nadda-and-handed-over-letter-of/article-59299"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cjp-jp-nadda-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का पत्र सौंपा। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने नड्डा से उनके आवास पर करीब 10 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान NEET-UG पेपर लीक समेत शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। CJP लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सभी प्रमुख मांगें लिखित रूप में जेपी नड्डा के सामने रखीं। संगठन का दावा है कि नड्डा ने उनकी बात सुनी और इन मुद्दों पर उचित स्तर पर चर्चा करने का भरोसा दिया। हालांकि बैठक के दौरान किसी मांग को स्वीकार करने या तत्काल कार्रवाई करने को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने अपने मांग पत्र में शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाया है। CJP का आरोप है कि प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बावजूद पर्याप्त व्यवस्थागत सुधार नहीं किए गए। संगठन इसी आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP ने अपने पत्र में केवल NEET का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि CBSE कक्षा 12 से जुड़े पोर्टल की कथित अव्यवस्था और CUET परीक्षा में देरी जैसे मामलों का भी उल्लेख किया है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली समस्याओं का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों पर पड़ता है। ऐसे में केवल तत्काल समाधान के बजाय परीक्षा प्रणाली में स्थायी और पारदर्शी सुधार किए जाने चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">जेपी नड्डा से यह मुलाकात उस समय हुई, जब मध्य दिल्ली में CJP का बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP ने संसद तक विरोध मार्च निकालने का भी आह्वान किया था। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के कारण नई दिल्ली क्षेत्र में पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारियों के संसद की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने से रोका। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई दिल्ली क्षेत्र में बड़े जमावड़े और बिना अनुमति जुलूस को लेकर प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरे दिन सतर्क रहीं। संसद भवन, जंतर-मंतर और आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP नेताओं का कहना है कि संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इससे उसकी प्रमुख मांगें समाप्त नहीं होतीं। संगठन के मुताबिक, सरकार यदि परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना चाहती है तो प्रतिनिधि चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही तय करने की मांग पर संगठन फिलहाल कायम है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP ने कहा कि सरकार तक उसकी मांगें औपचारिक रूप से पहुंचा दी गई हैं। संगठन के अनुसार, नड्डा ने इन मुद्दों पर आंतरिक स्तर पर बातचीत करने की बात कही है। अब प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। बैठक के बाद किसी औपचारिक समझौते या आंदोलन समाप्त करने जैसी घोषणा नहीं हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाए जाने को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल को बलपूर्वक खाली कराने की कार्रवाई नहीं की गई और विरोध जारी रहा। पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने पर जोर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा संचालन से जुड़ी गड़बड़ियां केवल प्रशासनिक समस्या नहीं हैं, बल्कि इनका असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थी वर्षों का समय और बड़ी आर्थिक राशि खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठने से छात्रों और उनके परिवारों में असुरक्षा बढ़ती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। इसके साथ ही पेपर लीक या दूसरी गंभीर अनियमितताओं के मामलों में जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। CJP का दावा है कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है और परीक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव होने चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">संसद के मानसून सत्र के बीच हुए इस प्रदर्शन के कारण मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। CJP ने आंदोलन के जरिए अपनी मांग सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक को इसी क्रम में सरकार और प्रदर्शनकारी समूह के बीच संवाद की एक कड़ी माना जा रहा है।</p>
<p>संगठन ने साफ किया है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखना चाहता है। CJP नेताओं का कहना है कि मांगों पर ठोस कदम उठने तक प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां संसद सत्र को देखते हुए मध्य दिल्ली में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:57:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन, 4 से 60 साल तक के लोगों के लिए QDENGA को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[डेंगू के चारों प्रकार के वायरस को ध्यान में रखकर तैयार हुई वैक्सीन, पहले संक्रमण की जांच जरूरी नहीं; तीन महीने के अंतर पर लगेंगी दो डोज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-gets-its-first-dengue-vaccine-qdenga-approved-for-people/article-59293"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/qdenga-vaccine-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। देश के दवा नियामक ने जापानी कंपनी ताकेदा की QDENGA वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति दी है। यह वैक्सीन 4 से 60 साल तक की उम्र के लोगों को लगाई जा सकेगी। खास बात यह है कि टीका लगवाने से पहले यह जांच कराना जरूरी नहीं होगा कि संबंधित व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ था या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">QDENGA को डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। डेंगू वायरस मुख्य रूप से DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 के रूप में पाया जाता है। किसी व्यक्ति को एक प्रकार के डेंगू वायरस से संक्रमण होने के बाद भी भविष्य में दूसरे सीरोटाइप से संक्रमण हो सकता है। इसी वजह से चारों प्रकार के वायरस के खिलाफ सुरक्षा देने वाली वैक्सीन को डेंगू नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">QDENGA दो डोज वाली वैक्सीन है। इसकी प्रत्येक खुराक 0.5 मिलीलीटर की होती है और इसे त्वचा के नीचे इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है। पहली और दूसरी डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है। वैक्सीन का निर्धारित कोर्स पूरा करना जरूरी होगा और इसे डॉक्टर की सलाह तथा आधिकारिक टीकाकरण दिशानिर्देशों के अनुसार लगवाया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैक्सीन की एक अहम विशेषता यह है कि इसके इस्तेमाल से पहले पुराने डेंगू संक्रमण की अनिवार्य जांच की जरूरत नहीं है। पात्र आयु वर्ग के लोगों को केवल यह पता लगाने के लिए प्री-वैक्सीनेशन टेस्ट नहीं कराना होगा कि वे पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुए थे या नहीं। हालांकि किसी व्यक्ति की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति, बीमारी या अन्य चिकित्सा परिस्थितियों को देखते हुए टीकाकरण से पहले डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण रहेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">QDENGA की मंजूरी के पीछे इसके व्यापक क्लीनिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम से मिले आंकड़ों को आधार बनाया गया है। वैक्सीन को लेकर अलग-अलग चरणों में कई क्लीनिकल अध्ययन किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लिया। इन अध्ययनों के जरिए वैक्सीन की सुरक्षा, बीमारी से बचाव की क्षमता और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">लेट-स्टेज क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों में दूसरी डोज के एक साल बाद लैब से पुष्टि वाले डेंगू मामलों के खिलाफ वैक्सीन की प्रभावशीलता करीब 80 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वहीं अध्ययन की 18 महीने की अवधि में डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने से बचाव की प्रभावशीलता लगभग 90 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि वैक्सीन लगने के बाद भी डेंगू संक्रमण का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd">QDENGA को जापान की वैश्विक बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी ताकेदा ने विकसित किया है। भारत में इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कंपनी ने हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी की है। भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन होने से भविष्य में वैक्सीन की उपलब्धता और आपूर्ति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">देश में उत्पादन होने के बावजूद वैक्सीन की अंतिम बाजार कीमत और व्यापक उपलब्धता से जुड़ी पूरी जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी। कीमत यह तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी कि वैक्सीन निजी अस्पतालों और टीकाकरण केंद्रों तक सीमित रहती है या भविष्य में इसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाता है। शुरुआती दौर में इसकी उपलब्धता और इस्तेमाल को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश सामने आने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत डेंगू से गंभीर रूप से प्रभावित देशों में शामिल है। हर साल मानसून और उसके बाद के महीनों में कई राज्यों में संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जाती है। बारिश के दौरान जमा पानी एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है। यही मच्छर डेंगू वायरस को एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम है।</p>
<p class="isSelectedEnd">डेंगू के सामान्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं। कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे मामलों में रक्तस्राव, ब्लड प्रेशर में गिरावट और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत में तेजी से बढ़ता शहरीकरण भी डेंगू के प्रसार से जुड़ी चुनौती को बढ़ाता है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होना, निर्माण स्थलों पर खुले कंटेनर, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई न होना मच्छरों के प्रजनन को बढ़ा सकता है। जलवायु परिवर्तन और तापमान में बदलाव भी मच्छरों के फैलाव और उनके सक्रिय रहने की अवधि को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद भी डेंगू से बचाव के पारंपरिक उपायों की जरूरत खत्म नहीं होगी। घर और आसपास पानी जमा न होने देना, कूलर और पानी की टंकियों को नियमित साफ करना, पूरी बांह के कपड़े पहनना, मच्छरदानी और मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करना संक्रमण से बचाव के महत्वपूर्ण तरीके बने रहेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने, प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, जरूरत के अनुसार फॉगिंग और लोगों को जागरूक करने जैसे कदम डेंगू नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा हैं। वैक्सीनेशन को इन उपायों के विकल्प के बजाय एक अतिरिक्त सुरक्षा साधन के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">QDENGA को विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्री-क्वालिफिकेशन भी मिल चुकी है। WHO की यह प्रक्रिया वैक्सीन की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता से जुड़े निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के मूल्यांकन से जुड़ी होती है। प्री-क्वालिफिकेशन मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए वैक्सीन की खरीद और टीकाकरण कार्यक्रमों में इसके इस्तेमाल का रास्ता आसान हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">WHO की सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम संबंधी सिफारिश मुख्य रूप से अधिक डेंगू संक्रमण वाले क्षेत्रों में 6 से 16 वर्ष के बच्चों पर केंद्रित है। वहीं भारत में मिली नियामकीय मंजूरी 4 से 60 साल तक की उम्र के लोगों के लिए है। दोनों को अलग-अलग संदर्भ में समझना जरूरी है, क्योंकि किसी देश की बाजार मंजूरी और सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए तय की गई प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">डेंगू दुनिया की तेजी से फैलने वाली मच्छर जनित वायरल बीमारियों में शामिल है। इसका संक्रमण उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ज्यादा देखा जाता है। हाल के वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बदलता मौसम, शहरीकरण, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और मच्छरों के बढ़ते भौगोलिक विस्तार को इसके पीछे प्रमुख कारणों में गिना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत में QDENGA की मंजूरी ऐसे समय मिली है जब देश में दूसरी डेंगू वैक्सीन पर भी रिसर्च और क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं। भारतीय कंपनियां और अनुसंधान संस्थान स्वदेशी वैक्सीन विकल्प विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ICMR और Panacea Biotec से जुड़ी DengiAll वैक्सीन भी इसी दिशा में विकसित किए जा रहे प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल है।</p>
<p>QDENGA की मंजूरी के बाद अब इसकी बाजार में उपलब्धता, कीमत और टीकाकरण संबंधी विस्तृत प्रोटोकॉल पर नजर रहेगी। इसके साथ वास्तविक परिस्थितियों में वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए यह भी अहम रहेगा कि टीकाकरण के साथ मच्छर नियंत्रण, बीमारी की निगरानी और समय पर इलाज की व्यवस्था को समान रूप से मजबूत रखा जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:57:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>खाना पहुंचाते- पहुंचाते कवि बने वांग जिबिंग, चीन के प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार से हुए सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[14 साल की उम्र में छूटी पढ़ाई, मजदूरी से लेकर फूड डिलीवरी तक किए कई काम; ग्राहक की नाराजगी ने कविता लिखने को किया प्रेरित, अब तक लिख चुके हैं 6 हजार से ज्यादा रचनाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/special-news/wang-jibing-who-became-a-poet-while-delivering-food-was/article-59289"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/wang-jibing.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">चीन में घर-घर खाना पहुंचाने वाले एक डिलीवरी राइडर की कविताओं ने उन्हें साहित्य की दुनिया में बड़ी पहचान दिलाई है। 56 वर्षीय वांग जिबिंग को उनके कविता संग्रह के लिए प्रतिष्ठित <strong>लू शुन साहित्य पुरस्कार</strong> से सम्मानित किया गया है। उनकी रचनाओं में डिलीवरी कर्मचारियों की भागदौड़, समय का दबाव और आम कामगारों की जिंदगी प्रमुखता से दिखाई देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘डिलीवरी पोएट’ के नाम से पहचान बना चुके वांग को 15 जुलाई को यह सम्मान मिलने की जानकारी सामने आई। उनका कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ फूड डिलीवरी से जुड़े लोगों की जिंदगी को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसकी कई कविताओं के विचार उन्हें काम करते हुए ही आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">वांग के लिए कविता लिखने का कोई तय समय या जगह नहीं रही। ऑर्डर मिलने का इंतजार हो या एक डिलीवरी से दूसरी डिलीवरी के बीच मिले कुछ मिनट, वे उसी समय अपने मन में आए शब्दों को दर्ज कर लेते थे। कई बार उनके पास डायरी तक नहीं होती थी, इसलिए छोटे कागज या हाथ पर ही पंक्तियां लिख लेते थे।</p>
<h5><strong>14 साल की उम्र में पढ़ाई छूटी, जिंदगी ने जल्दी सिखाया संघर्ष</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग जिबिंग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए महज 14 साल की उम्र में उनकी औपचारिक पढ़ाई रुक गई। कम उम्र में ही उन्हें परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए काम की दुनिया में उतरना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">जीवन चलाने के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह के काम किए। कभी निर्माण स्थल पर मजदूरी की, कभी कबाड़ से जुड़ा काम किया तो कभी सड़क किनारे सामान बेचा। काम बदलते रहे, लेकिन किताबों और शब्दों से उनका रिश्ता लगातार बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक परिस्थितियों के कारण स्कूल छूट गया था, लेकिन पढ़ने की आदत नहीं गई। खाली समय में साहित्य पढ़ना और अपने अनुभवों को शब्द देना धीरे-धीरे उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। यही अभ्यास आगे चलकर उनकी अलग साहित्यिक पहचान की नींव बना।</p>
<h5><strong>फूड डिलीवरी की नौकरी ने दिया कविताओं को नया विषय</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">करीब 2019 में वांग ने फूड डिलीवरी राइडर के रूप में काम करना शुरू किया। यह काम उनके लिए केवल कमाई का जरिया नहीं रहा। शहर की सड़कों, ग्राहकों के व्यवहार और हर ऑर्डर को समय पर पहुंचाने की दौड़ ने उन्हें आम कामगार की जिंदगी को बेहद करीब से देखने का मौका दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">डिलीवरी राइडर की नौकरी में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ट्रैफिक, खराब मौसम, गलत पता और ग्राहक तक समय पर पहुंचने का दबाव रोजमर्रा की चुनौती है। वांग ने इन्हीं अनुभवों को कविता की भाषा में बदलना शुरू किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी कविताओं में बड़े और काल्पनिक विषयों की जगह सड़क पर भागते आम लोगों की दुनिया दिखाई देती है। वे उस कामगार की आवाज को शब्द देते हैं, जो दिनभर दिखाई तो देता है लेकिन उसकी परेशानियां अक्सर लोगों की नजरों से छिपी रहती हैं।</p>
<h5><strong>एक नाराज ग्राहक से हुई घटना ने बदल दी कहानी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग की साहित्यिक यात्रा में एक घटना महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। 2019 में वे जियांगसू के कुनशान शहर में खाना पहुंचाने का काम कर रहे थे। एक ऑर्डर में ग्राहक की ओर से दर्ज पता सही नहीं था, जिसके कारण उन्हें सही घर खोजने में काफी परेशानी हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया गया कि पता तलाशते हुए उन्हें कई रिहायशी इमारतों के बीच घूमना पड़ा। इतना ही नहीं, उन्हें 18 मंजिल तक जाना पड़ा। इस पूरी कोशिश में स्वाभाविक रूप से डिलीवरी में देरी हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">जब वे आखिरकार ग्राहक तक खाना लेकर पहुंचे तो उनकी परेशानी समझने के बजाय देर होने पर उन्हें फटकार सुननी पड़ी। यह घटना उनके मन में गहराई तक उतर गई। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी, थकान और बेबसी को कविता में बदलना शुरू किया।</p>
<h5><strong>‘मैन इन ए हरी’ ने सोशल मीडिया पर दिलाई पहचान</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">इसी अनुभव से उनकी चर्चित कविता ‘मैन इन ए हरी’ का जन्म हुआ। कविता में उस इंसान की जिंदगी को आवाज दी गई जो हर समय जल्दी में है, क्योंकि उसकी रोजी-रोटी समय की पाबंदी से जुड़ी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">2022 में यह कविता सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर चर्चा में आई। लोगों ने पहली बार एक डिलीवरी राइडर की नजर से उस जिंदगी को महसूस किया, जिसे वे आमतौर पर सिर्फ मोबाइल ऐप पर दिखने वाले ऑर्डर स्टेटस के रूप में देखते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">कविता की लोकप्रियता ने वांग को व्यापक पहचान दिलाई। इसके बाद उनकी रचनाओं को साहित्यिक मंचों और पत्रिकाओं में भी जगह मिलने लगी। एक फूड डिलीवरी कर्मचारी के अनुभव धीरे-धीरे चीन के साहित्यिक विमर्श का हिस्सा बनने लगे।</p>
<h5><strong>2023 में आया पहला कविता संग्रह</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया पर पहचान मिलने के बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस संग्रह में श्रम, समय, शहर और आम लोगों के संघर्ष से जुड़े अनुभवों को प्रमुखता दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी कविताओं का केंद्र कोई असाधारण नायक नहीं, बल्कि रोज काम पर निकलने वाला सामान्य व्यक्ति है। डिलीवरी राइडर, मजदूर और छोटे काम करने वाले लोगों के जीवन को उन्होंने संवेदनशील तरीके से अपनी रचनाओं में जगह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">वांग की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता उनके निजी अनुभव हैं। उन्होंने उन परिस्थितियों को लिखा जिन्हें वे खुद जी चुके हैं। यही वजह रही कि उनकी कविताओं से बड़ी संख्या में कामकाजी लोग खुद को जोड़ पाए।</p>
<h5><strong>करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से की बातचीत</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">अपने नए कविता संग्रह को तैयार करते समय वांग ने केवल अपने अनुभवों पर निर्भर नहीं किया। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने वाले करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने जानने की कोशिश की कि अलग-अलग शहरों और परिस्थितियों में डिलीवरी कर्मचारी किन समस्याओं से गुजरते हैं। समय पर ऑर्डर पहुंचाने का दबाव, ग्राहकों की अपेक्षाएं, सड़क दुर्घटना का खतरा और कमाई की अनिश्चितता जैसे विषय इन बातचीतों में सामने आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन अनुभवों को उन्होंने साहित्यिक रूप देकर अपने कविता संग्रह में शामिल किया। इस कारण उनकी किताब केवल व्यक्तिगत जीवन की कहानी न रहकर गिग इकोनॉमी में काम करने वाले एक बड़े वर्ग की आवाज बन गई।</p>
<h5><strong>‘नीचे उड़ना भी एक उड़ान है’</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग की रचनाओं में जीवन के संघर्ष को निराशा की बजाय अलग नजरिए से देखने की कोशिश दिखाई देती है। उनकी चर्चित पंक्तियों का भाव है कि उड़ान का मतलब हमेशा बहुत ऊंचाई तक पहुंचना नहीं होता, जमीन के करीब रहकर आगे बढ़ना भी अपनी तरह की उड़ान है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यही विचार उनकी जिंदगी से भी जुड़ा दिखाई देता है। कम उम्र में पढ़ाई छोड़ने और वर्षों तक अलग-अलग छोटे काम करने के बावजूद उन्होंने साहित्य से अपना रिश्ता नहीं छोड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">फूड डिलीवरी करते हुए लिखी गई उनकी कविताओं ने धीरे-धीरे उन्हें उस साहित्यिक मंच तक पहुंचाया, जहां उनकी रचनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।</p>
<h5><strong>6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके हैं वांग</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग जिबिंग अब तक 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं चीन की साहित्यिक पत्रिकाओं और विभिन्न प्रकाशनों में प्रकाशित हुई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी लेखन प्रक्रिया आज भी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। वे रास्ते में दिखाई देने वाली घटनाओं, लोगों के व्यवहार और कामगारों के अनुभवों को अपनी रचनाओं का विषय बनाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वांग का मानना है कि शायद लोग किसी डिलीवरी कर्मचारी का नाम याद न रखें, लेकिन सड़क पर तेजी से गुजरते उस व्यक्ति की छवि जरूर पहचानते हैं, जो समय से लड़ते हुए किसी का ऑर्डर पहुंचाने जा रहा होता है।</p>
<h5><strong>डिलीवरी कर्मचारियों को लेकर नजरिया बदलना चाहते हैं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">अपनी किताब के जरिए वांग समाज और डिलीवरी कर्मचारियों के बीच समझ बढ़ाना चाहते हैं। उनका मानना है कि ग्राहक अगर डिलीवरी राइडर्स की परिस्थितियों और काम के दबाव को बेहतर तरीके से समझें तो कई तरह के विवादों से बचा जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खराब मौसम, ट्रैफिक जाम, गलत लोकेशन और लगातार मिलने वाले ऑर्डर जैसी परिस्थितियां डिलीवरी में देरी का कारण बन सकती हैं। इसके बावजूद कई बार पूरा दबाव केवल राइडर पर आ जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी रचनाएं इसी अदृश्य दबाव को सामने लाती हैं। वे चाहते हैं कि लोगों का व्यवहार उन कर्मचारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो, जो रोज शहर की तेज रफ्तार व्यवस्था का हिस्सा बने रहते हैं।</p>
<h5><strong>डिलीवरी से हर महीने करीब 6 हजार युआन की कमाई</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग आज भी फूड डिलीवरी का काम करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस काम से उनकी मासिक कमाई लगभग 6 हजार युआन के आसपास रहती है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 85 हजार रुपए के आसपास बैठती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">साहित्यिक सफलता और पुरस्कार मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी से दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। उनका कहना है कि अब उनकी जिंदगी केवल आर्थिक जरूरत के कारण इस काम पर निर्भर नहीं है, फिर भी वे इसे जारी रखना चाहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनके लिए डिलीवरी का काम वास्तविक जीवन और आम लोगों से जुड़े रहने का माध्यम भी है। यही दुनिया उनके लेखन के लिए नए अनुभव और नए किरदार देती है।</p>
<h5><strong>पुरस्कार के बाद भी नौकरी छोड़ने का इरादा नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">सम्मान मिलने के बाद वांग ने कहा कि वे फिलहाल फूड डिलीवरी की नौकरी छोड़ने की योजना नहीं बना रहे हैं। वे करीब 60 साल की उम्र तक इस काम को जारी रखना चाहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनका कहना है कि यह काम उन्हें सक्रिय रखता है और समाज की वास्तविक जिंदगी से जोड़ता है। साहित्यिक पहचान मिलने के बाद भी वे अपने रोजमर्रा के जीवन में बड़ा बदलाव नहीं चाहते।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुरस्कार की घोषणा के आसपास मीडिया का ध्यान अचानक बढ़ने से उन पर मानसिक दबाव भी आया। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि साहित्यिक सफलता उनके काम और जीवन जीने के तरीके को पूरी तरह बदल नहीं देगी।</p>
<h5><strong>अंग्रेजी और फ्रेंच में भी पहुंचेगी उनकी कविता</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग की रचनाओं को अब चीन के बाहर भी पाठकों तक पहुंचाने की तैयारी है। उनकी किताब के अंग्रेजी और फ्रेंच संस्करण प्रकाशित किए जाने की योजना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे डिलीवरी कर्मचारियों और चीन की गिग इकोनॉमी से जुड़ी उनकी कविताएं अंतरराष्ट्रीय पाठकों तक पहुंच सकेंगी। श्रमिक जीवन पर आधारित साहित्य के रूप में उनकी रचनाओं को नए पाठक मिलने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनका साहित्य आधुनिक शहरों की उस व्यवस्था को सामने रखता है, जहां डिजिटल ऐप के पीछे हजारों वास्तविक कर्मचारी लगातार समय और लक्ष्य के दबाव में काम करते हैं।</p>
<h5><strong>चीन में सामने आ रहे मजदूर वर्ग के नए लेखक</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग जिबिंग अकेले ऐसे कामगार नहीं हैं जिन्हें अपने जीवन के अनुभवों को लिखने के कारण पहचान मिली है। हाल के वर्षों में चीन में ब्लू-कॉलर और गिग वर्कर्स के बीच से कई लेखक सामने आए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन लेखकों की खासियत यह है कि वे श्रमिक जीवन को बाहर से देखकर नहीं, बल्कि उसे जीते हुए लिख रहे हैं। उनकी कहानियों में नौकरी की असुरक्षा, शहरों में जीवन का दबाव और आर्थिक संघर्ष सीधे अनुभवों के रूप में सामने आते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी क्रम में पूर्व डिलीवरी कर्मचारी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ ने भी बड़ी लोकप्रियता हासिल की। किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और बाद में इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ।</p>
<h5><strong>फान यूसु की कहानी ने भी इंटरनेट पर मचाई थी हलचल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">इससे पहले प्रवासी मजदूर फान यूसु ने भी अपने आत्मकथात्मक लेखन से व्यापक पहचान हासिल की थी। 2017 में उनका लेख ‘आई एम फान यूसु’ इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनके लेख ने चीन में प्रवासी मजदूरों की जिंदगी और संघर्ष को व्यापक चर्चा का विषय बना दिया। अचानक मिली लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि लगातार मीडिया का ध्यान बढ़ने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए अपने घर से दूर रहना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">वांग की सफलता को भी चीन में उभर रहे इसी श्रमिक साहित्य की मजबूत होती धारा से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<h5><strong>लू शुन के नाम पर दिया जाता है प्रतिष्ठित पुरस्कार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">वांग को मिला साहित्यिक सम्मान चीन के महान लेखक लू शुन के नाम पर स्थापित है। लू शुन को आधुनिक चीनी साहित्य के सबसे प्रभावशाली साहित्यकारों में गिना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने अपनी कहानियों, निबंधों और व्यंग्यात्मक लेखन के माध्यम से समाज की रूढ़ियों, असमानताओं और परंपरागत व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। आधुनिक चीनी साहित्य के विकास में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p>लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन द्वारा किया जाता है। यह सम्मान अलग-अलग साहित्यिक श्रेणियों में उत्कृष्ट समकालीन रचनाओं को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है और चीन के प्रमुख राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कारों में इसकी गिनती होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:16:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>खार्ग आइलैंड पर बढ़ा टकराव, ईरान की अमेरिका को चेतावनी- सैन्य कदम का मिलेगा कड़ा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रम्प के बयान पर तेहरान का तीखा पलटवार, ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है खार्ग आइलैंड; फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/conflict-escalates-on-kharg-island-iran-warns-america-military/article-59288"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/iran-us-tensions.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब खार्ग आइलैंड को लेकर और बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर इस रणनीतिक द्वीप पर नियंत्रण की कोशिश की गई तो अमेरिकी सेना को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। तेहरान ने दावा किया है कि वह किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईरान की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खार्ग आइलैंड को लेकर सामने आए बयान के बाद आई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि खार्ग और उसके आसपास किसी भी बाहरी सैन्य कार्रवाई से निपटने की तैयारी की गई है। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को लेकर भी बेहद सख्त चेतावनी दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">बघाई ने कहा कि ईरान में ऐसे लोग मौजूद हैं जो अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अगर खार्ग आइलैंड पर कब्जे या सैन्य नियंत्रण की कोशिश होती है तो उसका मुकाबला किया जाएगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी तीखी बयानबाजी और तेज हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खार्ग आइलैंड ईरान के लिए केवल एक द्वीप नहीं, बल्कि उसकी ऊर्जा अर्थव्यवस्था का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत के तट से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है। ईरान के कच्चे तेल के निर्यात में यहां मौजूद तेल टर्मिनलों और समुद्री सुविधाओं की बड़ी भूमिका है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईरान की अर्थव्यवस्था में तेल निर्यात का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में खार्ग आइलैंड की सुरक्षा सीधे देश के आर्थिक हितों से जुड़ी हुई है। यहां किसी तरह की सैन्य कार्रवाई या तेल ढांचे में बाधा आने से ईरान की निर्यात क्षमता प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी रणनीतिक महत्व के कारण तेहरान खार्ग आइलैंड को लेकर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बेहद गंभीरता से देख रहा है। ईरानी अधिकारियों के बयानों से संकेत मिलता है कि द्वीप की सुरक्षा को राष्ट्रीय संप्रभुता और आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्रों में शामिल है। यहां होने वाली किसी बड़ी सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैश्विक बाजार पहले से ही मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को लेकर सतर्क है। यदि खार्ग आइलैंड के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं तो तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका मजबूत हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खार्ग आइलैंड का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहां से ईरान के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा संचालित होता है। बड़े समुद्री टैंकर इस क्षेत्र से तेल लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर जाते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा संकट पैदा होने से शिपिंग और ऊर्जा कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">तेल बाजार में किसी भी संभावित आपूर्ति संकट का असर भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने पर आयात बिल, महंगाई, रुपया और पेट्रोलियम कंपनियों की लागत प्रभावित हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ने से समुद्री व्यापार की सुरक्षा भी बड़ी चिंता बन सकती है। इस क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जाती है। सैन्य जोखिम बढ़ने पर जहाजों की आवाजाही और बीमा लागत पर असर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिपिंग कंपनियां आमतौर पर युद्ध या सैन्य तनाव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखकर संचालन करती हैं। अगर खार्ग आइलैंड और आसपास के समुद्री क्षेत्र में खतरा बढ़ता है तो जहाजों के बीमा प्रीमियम और परिवहन लागत में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका अंतिम असर ऊर्जा की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिका और ईरान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध, मध्य पूर्व में दोनों देशों के रणनीतिक हित और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियां इनके बीच विवाद के प्रमुख कारण रहे हैं। हालिया घटनाक्रम ने इन पुराने मतभेदों को फिर से गंभीर बना दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खार्ग आइलैंड को लेकर ईरान का ताजा बयान इसी बढ़ते टकराव का नया संकेत माना जा रहा है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह इस क्षेत्र पर किसी बाहरी नियंत्रण या सैन्य कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा। ईरान की ओर से लगातार अपनी रक्षा तैयारियों का भी उल्लेख किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी तरफ, अमेरिकी रणनीति पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। यदि दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं तो स्थिति केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह सकती। किसी छोटी सैन्य घटना या गलत आकलन से भी तनाव तेजी से व्यापक संघर्ष में बदलने का जोखिम पैदा हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खार्ग आइलैंड के साथ पूरे फारस की खाड़ी की सुरक्षा इस समय महत्वपूर्ण हो गई है। क्षेत्र में कई देशों के सैन्य जहाजों के साथ बड़ी संख्या में व्यापारिक और तेल टैंकर भी सक्रिय रहते हैं। ऐसे में किसी संभावित संघर्ष से क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को लेकर इस्तेमाल की गई कड़ी भाषा ने तनाव को और बढ़ा दिया है। तेहरान का संदेश है कि खार्ग आइलैंड पर सैन्य कार्रवाई का जवाब तत्काल और मजबूती से दिया जाएगा। इसके साथ ही ईरान अपने रणनीतिक ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने का संकेत दे रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तेल बाजार के लिए आने वाले घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। खार्ग आइलैंड से तेल निर्यात सामान्य बना रहता है या सुरक्षा परिस्थितियों के कारण इसमें कोई बाधा आती है, इसका असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों पर पड़ सकता है। इसी कारण ऊर्जा कारोबारी और आयातक देश क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच खार्ग आइलैंड अब रणनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर चर्चा के केंद्र में है। ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी पक्ष की अगली प्रतिक्रिया, फारस की खाड़ी में सैन्य गतिविधियों और तेल निर्यात से जुड़े घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>सर्राफा बाजार में फिर चमका सोना-चांदी, गोल्ड ₹1.42 लाख के करीब; चांदी ₹2.19 लाख प्रति किलो</title>
                                    <description><![CDATA[एक दिन में सोना ₹756 और चांदी ₹3,493 महंगी, जुलाई में गोल्ड ने दिखाई मजबूती लेकिन सिल्वर अब भी महीने की शुरुआत के मुकाबले नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-and-silver-shine-again-in-the-bullion-market-gold/article-59287"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gold-price-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय सर्राफा बाजार में सप्ताह की शुरुआत सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के साथ हुई है। सोने के भाव में 756 रुपए प्रति 10 ग्राम का उछाल दर्ज किया गया, जबकि चांदी एक ही दिन में 3,493 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई। इस बढ़ोतरी के बाद दोनों कीमती धातुओं के भाव एक बार फिर ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,41,915 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। इससे पहले 17 जुलाई को इसकी कीमत 1,41,159 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। यानी पिछले कारोबारी स्तर के मुकाबले सोने में 756 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा तेज उछाल देखने को मिला है। एक किलो चांदी का भाव 2,18,967 रुपए तक पहुंच गया है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी 2,15,474 रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। इस तरह एक कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 3,493 रुपए बढ़ गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोने की कीमत जुलाई के दौरान सीमित बढ़त के साथ ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। एक जुलाई को 24 कैरेट सोने का भाव 1,41,632 रुपए प्रति 10 ग्राम था। मौजूदा भाव से तुलना करें तो इस महीने अब तक सोना करीब 283 रुपए महंगा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd">चांदी की तस्वीर इससे अलग दिखाई दे रही है। सोमवार को बड़ी तेजी के बावजूद चांदी अभी भी जुलाई की शुरुआत के स्तर से नीचे कारोबार कर रही है। एक जुलाई को एक किलो चांदी की कीमत 2,25,430 रुपए थी, जो अब 2,18,967 रुपए पर है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस हिसाब से जुलाई में अब तक चांदी करीब 6,463 रुपए प्रति किलो सस्ती है। हालांकि एक दिन में 3,493 रुपए की तेजी ने इसकी गिरावट का बड़ा हिस्सा कम कर दिया है। चांदी में इस तरह के तेज उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों की नजर इसकी अगली चाल पर बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई कारण काम करते हैं। वैश्विक बाजार में सोने-चांदी के भाव, डॉलर की चाल, ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें और भू-राजनीतिक परिस्थितियां भारतीय बाजार में इनकी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ती अनिश्चितता के दौरान निवेशकों का रुझान सुरक्षित माने जाने वाले निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है। सोने को आमतौर पर ऐसे समय में सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से वैश्विक जोखिम बढ़ने पर इसकी मांग में बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत में सोने की कीमत पर रुपए और डॉलर की विनिमय दर का भी असर पड़ता है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा सोने के आयात से पूरा करता है। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा पड़ सकता है और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में अक्सर ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसकी एक वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल आभूषण और निवेश के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसलिए इसकी कीमत निवेश मांग के साथ औद्योगिक मांग से भी प्रभावित होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और कई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल होता है। वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों में बदलाव से इसकी मांग प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि चांदी के भाव कभी-कभी बहुत कम समय में तेजी से ऊपर या नीचे जाते दिखाई देते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौजूदा तेजी के बाद सोना एक बार फिर 1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के बेहद करीब पहुंच गया है। ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के बजट पर असर पड़ सकता है। खासकर ज्यादा वजन वाले आभूषण खरीदने पर कीमतों में मामूली बदलाव भी कुल बिल में बड़ा अंतर पैदा कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आभूषण खरीदते समय बाजार भाव के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां रिटेल कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए IBJA की दर और किसी ज्वेलरी स्टोर पर ग्राहक द्वारा चुकाई जाने वाली अंतिम कीमत समान होना जरूरी नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोने की शुद्धता भी कीमत तय करने का महत्वपूर्ण आधार है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला माना जाता है, जबकि आभूषण बनाने में आमतौर पर 22 कैरेट या अन्य मिश्रित शुद्धता वाले सोने का इस्तेमाल किया जाता है। इसी कारण अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमतें अलग होती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोने की खरीदारी करते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जानकारी देखना जरूरी माना जाता है। ग्राहक को ज्वेलरी का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क भी बिल में जांचने चाहिए। ऊंची कीमतों के दौर में खरीदारी से पहले इन सभी लागतों की तुलना और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">निवेश के नजरिए से भी सोना और चांदी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। कुछ निवेशक कीमती धातुओं को पोर्टफोलियो में जोखिम संतुलित करने के लिए रखते हैं, जबकि कई लोग फिजिकल गोल्ड, सिक्के या दूसरे विकल्पों के जरिए इनमें निवेश करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि सोने और चांदी की कीमतें लगातार एक दिशा में नहीं चलतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार, करेंसी, ब्याज दरों और निवेशकों के रुझान में बदलाव से इनमें तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। चांदी में जुलाई के दौरान आई गिरावट और अब एक दिन में हुई बड़ी तेजी इसी अस्थिरता को दिखाती है।</p>
<p>सर्राफा कारोबारियों के लिए आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा महत्वपूर्ण रहेगी। त्योहारी और शादी-ब्याह की मांग से पहले सोना ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो ग्राहकों के खरीदारी पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है। लोग भारी ज्वेलरी के बजाय कम वजन वाले आभूषणों की ओर भी रुख कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:00:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई भारत की चिंता, ब्रेंट $90 के पार; महंगाई से रुपए तक दिख सकता है असर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक सप्ताह में करीब 16% उछला क्रूड, तेल आयात का खर्च बढ़ने और फ्यूल मार्केटिंग मार्जिन घटने का खतरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/expensive-crude-oil-increases-indias-worries-brent-crosses-90-impact/article-59286"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/brent-crude-oil-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भारत के लिए आर्थिक चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। पिछले एक सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। इसी वजह से कारोबारी और निवेशक कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि तनाव और बढ़ता है तो तेल बाजार में कीमतों का दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत के लिए महंगा कच्चा तेल बड़ी चुनौती माना जाता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत बढ़ने पर भारत को तेल खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे देश का आयात बिल बढ़ने और व्यापार घाटे पर दबाव आने की आशंका रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कच्चे तेल की तेजी का असर महंगाई पर भी पड़ सकता है। पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल परिवहन, उद्योग, कृषि और लॉजिस्टिक्स सहित अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में होता है। ईंधन की लागत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों तक पहुंच सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खाद्य महंगाई के लिहाज से भी स्थिति महत्वपूर्ण है। फल, सब्जियां, अनाज और दूसरी आवश्यक वस्तुएं बड़ी मात्रा में सड़क परिवहन के जरिए बाजारों तक पहुंचती हैं। डीजल की लागत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ सकता है और इसका कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं को अधिक कीमत के रूप में चुकाना पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रुपए पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। तेल आयात के भुगतान के लिए भारतीय कंपनियों को बड़ी मात्रा में डॉलर की जरूरत होती है। डॉलर की मांग बढ़ने की स्थिति में रुपए की विनिमय दर प्रभावित हो सकती है और आयात की लागत और ज्यादा बढ़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विदेशी पोर्टफोलियो निवेश यानी FPI के प्रवाह पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। महंगा तेल भारत में महंगाई, चालू खाते और रुपए को प्रभावित कर सकता है। यदि वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम होती है तो उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का दबाव भी बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के रिटेल कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लागत बढ़ने के बावजूद घरेलू खुदरा कीमतों में उसी अनुपात में बदलाव नहीं होने पर कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौजूदा स्थिति में डीजल की बिक्री पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को करीब 20.4 रुपए प्रति लीटर तक का नुकसान होने की बात सामने आई है। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो कंपनियों के फ्यूल मार्केटिंग कारोबार पर दबाव और बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि ऑयल कंपनियों को फिलहाल रिफाइनिंग कारोबार से कुछ राहत मिल रही है। रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूत बढ़ोतरी के कारण रिटेल फ्यूल कारोबार में होने वाले नुकसान का कुछ हिस्सा संतुलित हो रहा है। इसी वजह से कंपनियों की कुल कमाई पर तत्काल उतना बड़ा असर दिखाई नहीं दे रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कच्चे तेल की तेजी का असर एविएशन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी पड़ सकता है। एयरलाइंस के खर्च में एविएशन टर्बाइन फ्यूल की बड़ी हिस्सेदारी होती है। इसी तरह ट्रक और दूसरे कमर्शियल वाहनों के लिए डीजल प्रमुख खर्च है, इसलिए लंबे समय तक महंगा ईंधन परिचालन लागत बढ़ा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शेयर बाजार में भी क्रूड की तेजी के बाद अलग-अलग सेक्टर्स पर नजर बनी हुई है। एविएशन, पेंट, केमिकल, टायर, लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की लागत प्रभावित हो सकती है। वहीं तेल उत्पादन से जुड़ी कंपनियों को ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों से फायदा मिलने की संभावना रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी निगाहें बढ़ गई हैं। खुदरा ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग लागत, मार्केटिंग मार्जिन और टैक्स जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। क्रूड लंबे समय तक महंगा रहा तो ऑयल कंपनियों पर लागत का दबाव बना रह सकता है।</p>
<p>आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की दिशा कच्चे तेल की कीमतों के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगी। इसके साथ ही वैश्विक तेल आपूर्ति, डॉलर की चाल और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बाजार की नजर रहेगी। ब्रेंट क्रूड का 90 डॉलर से ऊपर टिके रहना भारत के आयात खर्च, रुपए और महंगाई के लिए अहम साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 15:59:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश और तूफान में पेट्स की कैसे करें देखभाल? घर के अंदर एक्टिव रखने से लेकर डर कम करने तक जानें जरूरी तरीके</title>
                                    <description><![CDATA[तेज बारिश से रुक जाती है डॉग्स की वॉक और बिल्लियों की आउटडोर एक्टिविटी, इंडोर गेम्स, मानसिक एक्सरसाइज, शांत माहौल और क्विक-ड्राई रूटीन से आसान हो सकती है पेट केयर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/how-to-take-care-of-pets-during-rain-and-storm/article-59283"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pet-monsoon-care.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन पालतू जानवर रखने वाले परिवारों के लिए यह कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। लगातार बारिश, तेज हवा और गरजते बादलों के कारण डॉग्स की नियमित वॉक प्रभावित होती है। वहीं घर से बाहर जाने वाली बिल्लियों को भी लंबे समय तक अंदर रखना पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे मौसम में समस्या केवल शारीरिक गतिविधि कम होने की नहीं होती। कई पालतू जानवरों में बोरियत, बेचैनी और तनाव भी बढ़ सकता है। कुछ डॉग्स और कैट्स बिजली की चमक या बादलों की तेज आवाज से डर जाते हैं। ऐसे में उनकी दिनचर्या को मौसम के अनुसार बदलना जरूरी हो जाता है।</p>
<h5><strong>बारिश में क्यों बदल जाता है पेट्स का व्यवहार?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">पालतू जानवर अपनी नियमित दिनचर्या के अभ्यस्त होते हैं। डॉग्स के लिए सुबह और शाम की वॉक केवल एक्सरसाइज नहीं, बल्कि आसपास की गंध पहचानने, नई चीजें देखने और मानसिक रूप से सक्रिय रहने का भी जरिया होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जब कई दिनों तक बारिश के कारण यह रूटीन अचानक कम हो जाती है, तो कुछ डॉग्स में अतिरिक्त ऊर्जा जमा होने लगती है। इसका असर घर में ज्यादा भौंकने, चीजें चबाने, बार-बार ध्यान मांगने या बेचैन होकर घूमने के रूप में दिखाई दे सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बिल्लियों में भी ऐसी स्थिति देखने को मिल सकती है। खासकर एक्टिव कैट्स को पर्याप्त खेल और मानसिक गतिविधि नहीं मिले तो वे फर्नीचर पर ज्यादा चढ़ सकती हैं, रात में सक्रिय हो सकती हैं या व्यवहार में बदलाव दिखा सकती हैं।</p>
<h5><strong>घर को बनाएं छोटा इंडोर प्ले जोन</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">बारिश के दौरान आउटडोर वॉक कम होने पर घर के भीतर ही पेट्स के लिए सुरक्षित एक्टिविटी तैयार की जा सकती है। इसके लिए बहुत ज्यादा जगह या महंगे खिलौनों की जरूरत नहीं होती।</p>
<p class="isSelectedEnd">कमरे या गलियारे में कुशन, कार्डबोर्ड बॉक्स और सुरक्षित घरेलू वस्तुओं की मदद से छोटा ऑब्स्टेकल कोर्स बनाया जा सकता है। डॉग को अलग-अलग बाधाओं के आसपास चलने या सुरक्षित तरीके से उन्हें पार करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि फर्श फिसलन वाला नहीं होना चाहिए। ऐसी कोई वस्तु इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए जिससे जानवर को चोट लगने या फंसने का खतरा हो।</p>
<h5><strong>ट्रीट हंट से दिमाग भी रहेगा एक्टिव</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">मानसिक गतिविधि के लिए सबसे आसान खेलों में से एक है ट्रीट हंट। डॉग या कैट की पसंदीदा ट्रीट को घर में कुछ सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर उन्हें खोजने दिया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">डॉग्स अपनी सूंघने की क्षमता का इस्तेमाल करके ट्रीट खोजते हैं। इससे उनका दिमाग सक्रिय रहता है और कुछ समय तक उनका ध्यान एक लक्ष्य पर केंद्रित होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुरुआत आसान जगहों से करनी चाहिए। बाद में धीरे-धीरे गेम को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता है। ट्रीट की मात्रा पेट के नियमित भोजन और कैलोरी को ध्यान में रखकर ही तय करनी चाहिए।</p>
<h5><strong>DIY पजल भी बन सकता है अच्छा विकल्प</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">घर में मौजूद कार्डबोर्ड बॉक्स जैसी सुरक्षित चीजों से साधारण फूड पजल तैयार किया जा सकता है। बॉक्स में ट्रीट या पसंदीदा खिलौना रखकर पेट को उसे खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बिल्लियों के लिए कार्डबोर्ड बॉक्स अक्सर खुद में एक दिलचस्प एक्टिविटी बन जाते हैं। उनमें अलग-अलग प्रवेश रास्ते बनाकर छोटा प्ले एरिया तैयार किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">DIY गेम हमेशा निगरानी में कराए जाने चाहिए। प्लास्टिक, धागे, रबर बैंड या आसानी से निगली जा सकने वाली छोटी वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।</p>
<h5><strong>ट्रेनिंग को भी बनाएं खेल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">बारिश के दिनों में डॉग्स के लिए छोटे ट्रेनिंग सेशन मानसिक एक्सरसाइज का अच्छा जरिया बन सकते हैं। बैठना, रुकना, हाथ मिलाना या किसी निर्धारित स्थान पर जाना जैसे पहले से सीखे संकेतों का अभ्यास कराया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हर सेशन को छोटा और सकारात्मक रखना बेहतर होता है। सही प्रतिक्रिया पर प्रशंसा या छोटी ट्रीट देकर पेट को प्रोत्साहित किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे बाहर की गतिविधि कम होने के बावजूद पेट को मानसिक चुनौती मिलती है और मालिक के साथ उसका जुड़ाव भी मजबूत हो सकता है।</p>
<h5><strong>बिल्लियों के लिए बदलते रहें खेल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">कैट्स के लिए एक ही खिलौना लगातार सामने रखने से उसका आकर्षण कम हो सकता है। इसलिए खिलौनों को रोटेशन में देना उपयोगी हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंटरैक्टिव वैंड, हल्की गेंद और सुरक्षित पजल फीडर जैसी चीजों से उनकी शिकार करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति को सकारात्मक दिशा मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घर में खिड़की के पास सुरक्षित बैठने की जगह भी बनाई जा सकती है, जहां से बिल्ली बाहर की गतिविधियां देख सके। ध्यान रहे कि खिड़की या बालकनी पूरी तरह सुरक्षित हो।</p>
<h5><strong>गरज और बिजली से क्यों डरते हैं कुछ पेट्स?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">तूफान के दौरान कई डॉग्स में डर के स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं। वे कांप सकते हैं, छिपने की कोशिश कर सकते हैं, लगातार हांफ सकते हैं या मालिक के बहुत करीब रहने लगते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस डर की वजह केवल बादलों की आवाज नहीं होती। तेज चमक, हवा, वातावरण में बदलाव और अचानक आने वाली आवाजें भी उन्हें असहज कर सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसी स्थिति में उन्हें जबरदस्ती बाहर निकालना या डांटना उचित नहीं है। घर में ऐसा सुरक्षित कोना तैयार करना बेहतर है जहां शोर अपेक्षाकृत कम पहुंचे और पेट अपनी इच्छा से जाकर बैठ सके।</p>
<h5><strong>प्रेशर रैप और शांत संगीत हो सकते हैं मददगार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">कुछ डॉग्स को शरीर पर हल्का और समान दबाव देने वाले प्रेशर रैप से आराम महसूस हो सकता है। लेकिन हर पेट की प्रतिक्रिया अलग होती है, इसलिए इसे सही फिटिंग और निगरानी के साथ ही इस्तेमाल करना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">हल्का संगीत या व्हाइट नॉइज बाहर की अचानक आने वाली आवाजों को कुछ हद तक कम महसूस करा सकता है। खिड़कियां बंद रखना और पर्दे लगाने से बिजली की तेज चमक का असर भी घटाया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यदि तूफान के दौरान पेट का डर बहुत गंभीर हो, वह खुद को नुकसान पहुंचाने लगे या लंबे समय तक सामान्य न हो पाए, तो पशु चिकित्सक या योग्य पशु व्यवहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।</p>
<h5><strong>वॉक जरूरी हो तो समय और दूरी बदलें</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">बारिश के दिनों में हर बार वॉक पूरी तरह रोकना संभव नहीं होता, खासकर डॉग्स के मामले में। ऐसे में लंबी वॉक की जगह मौसम देखकर छोटी और जरूरत आधारित आउटिंग की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तेज बिजली चमकने, आंधी या गंभीर मौसम चेतावनी के दौरान पेट को बाहर ले जाने से बचना चाहिए। सामान्य बारिश में भी पट्टा मजबूत होना चाहिए, क्योंकि अचानक गरजने पर डॉग घबराकर भागने की कोशिश कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पानी भरी सड़कों, खुले नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी रखना जरूरी है। बारिश के बाद जमीन पर पड़े अज्ञात पदार्थों या गंदे पानी को पेट को चाटने या पीने से भी रोकना चाहिए।</p>
<h5><strong>घर लौटते ही अपनाएं क्विक-ड्राई रूटीन</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">बारिश में बाहर जाने के बाद पेट को लंबे समय तक गीला छोड़ना ठीक नहीं है। घर के प्रवेश द्वार के पास एक अलग तौलिया रखने से सफाई आसान हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सबसे पहले पंजों और पैरों को साफ पानी या हल्के गीले कपड़े से साफ किया जा सकता है। इसके बाद पेट, छाती और शरीर के बाकी गीले हिस्सों को अच्छी तरह सुखाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">लंबे बालों वाले डॉग्स में त्वचा तक नमी बनी रह सकती है। इसलिए केवल ऊपर से तौलिया फेरना पर्याप्त नहीं होता। पंजों की उंगलियों के बीच भी नमी और गंदगी की जांच करनी चाहिए।</p>
<h5><strong>पंजों और कानों की सफाई पर रखें नजर</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">गीली मिट्टी और लगातार नमी के कारण पंजों में जलन या त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है। यदि पंजों से दुर्गंध आए, लगातार लालिमा दिखे या पेट बार-बार पंजे चाटे तो पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">बारिश के बाद कानों में भी अतिरिक्त नमी रह सकती है, खासकर झुके हुए कानों वाली नस्लों में। कान के बाहरी हिस्से को हल्के हाथ से सुखाया जा सकता है, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह किसी वस्तु को कान के अंदर डालकर सफाई नहीं करनी चाहिए।</p>
<h5><strong>रूटीन बनाए रखना सबसे अहम</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd">खराब मौसम के कारण बाहर की गतिविधियां बदल सकती हैं, लेकिन पेट के खाने, सोने और खेलने का समय जितना संभव हो नियमित रखना उपयोगी होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुबह की लंबी वॉक संभव न हो तो उसकी जगह छोटी आउटिंग के साथ कुछ मिनट का इंडोर गेम रखा जा सकता है। शाम को पजल फीडिंग या ट्रेनिंग एक्टिविटी जोड़ी जा सकती है।</p>
<p>इस तरह पेट को अनुमान रहता है कि दिन में कब भोजन, खेल और आराम मिलेगा। नियमित दिनचर्या कई जानवरों में अनिश्चितता और बेचैनी कम करने में मदद कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/how-to-take-care-of-pets-during-rain-and-storm/article-59283</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 15:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की जिंदगी सोशल मीडिया पर कितनी शेयर करें माता-पिता? ‘शेरेंटिंग’ ने खड़ा किया डिजिटल प्राइवेसी का सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[फैमिली व्लॉग से लेकर इंस्टाग्राम रील्स तक बच्चों का बचपन बन रहा ऑनलाइन कंटेंट, बिना सहमति तस्वीरें और निजी पल साझा करने पर अधिकार, कमाई और भविष्य की डिजिटल पहचान को लेकर बढ़ी बहस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/opinion/6a5de6746f018/article-59278"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sharenting-debate.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया के दौर में बच्चों का बचपन अब सिर्फ घर की एल्बम तक सीमित नहीं रहा। जन्म के कुछ मिनट बाद की तस्वीर से लेकर पहला कदम, स्कूल का पहला दिन, जन्मदिन, बीमारी, रोना, डांट, परीक्षा के नंबर और परिवार के निजी पल तक इंटरनेट पर पहुंच रहे हैं। कई माता-पिता इसे अपने जीवन की सामान्य झलक साझा करना मानते हैं, लेकिन जब यही तस्वीरें और वीडियो हजारों या लाखों लोगों तक पहुंचने लगें और उनसे कमाई होने लगे, तब सवाल केवल सोशल मीडिया पोस्ट का नहीं रह जाता। यहां बच्चे की निजता, उसकी सहमति और भविष्य की डिजिटल पहचान का मुद्दा जुड़ जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">माता-पिता द्वारा अपने बच्चों से जुड़ी जानकारी लगातार सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए ‘शेरेंटिंग’ शब्द इस्तेमाल किया जाता है। यह ‘शेयरिंग’ और ‘पेरेंटिंग’ से मिलकर बना है। सामान्य पारिवारिक तस्वीर साझा करने से शुरू होने वाली यह आदत कई मामलों में बच्चे के पूरे जीवन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर देती है। फर्क इतना है कि यह रिकॉर्ड खुद बच्चे ने नहीं बनाया होता। उसके माता-पिता उसके लिए यह डिजिटल पहचान पहले ही तैयार कर चुके होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैमिली व्लॉगिंग ने इस बहस को और गंभीर बनाया है। कई सोशल मीडिया चैनलों पर बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी ही मुख्य कंटेंट बन चुकी है। कैमरा सुबह उठने से लेकर स्कूल जाने, खाना खाने, छुट्टी मनाने और पारिवारिक झगड़ों तक उनका पीछा करता है। कुछ परिवारों के लिए ऐसे वीडियो मनोरंजन के साथ आय का बड़ा जरिया भी बन चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहीं सबसे बड़ा सवाल उठता है—माता-पिता को अपने परिवार और जीवन के बारे में ऑनलाइन साझा करने का अधिकार कहां तक होना चाहिए? क्या वह अधिकार उस समय सीमित हो जाना चाहिए, जब पोस्ट का केंद्र ऐसा बच्चा हो जो यह समझने की उम्र में ही नहीं है कि उसकी तस्वीर या वीडियो दुनिया के सामने क्यों डाला जा रहा है?</p>
<p class="isSelectedEnd">छोटे बच्चे ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ का अर्थ नहीं समझ सकते। तीन या चार साल का बच्चा कैमरे के सामने मुस्कुरा सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह इंटरनेट पर लाखों लोगों द्वारा देखे जाने की सहमति दे रहा हो। वह यह भी नहीं समझ सकता कि आज रिकॉर्ड हुआ वीडियो कई साल बाद स्कूल, कॉलेज या नौकरी के समय भी खोजा जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यही कारण है कि बच्चों की सहमति इस पूरी बहस का केंद्रीय मुद्दा बन रही है। किसी बच्चे का कैमरे के सामने सहज होना और उसकी सूचित सहमति होना दो अलग बातें हैं। वास्तविक सहमति के लिए यह समझना जरूरी है कि कंटेंट कहां जाएगा, कौन देखेगा, कितने समय तक उपलब्ध रहेगा और उसका भविष्य में क्या असर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई माता-पिता बच्चों की तस्वीरें केवल रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ खुशी साझा करने के लिए पोस्ट करते हैं। ऐसे मामलों और व्यावसायिक फैमिली व्लॉगिंग के बीच अंतर करना भी जरूरी है। हर पारिवारिक फोटो को बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन कहना व्यावहारिक नहीं होगा, लेकिन पोस्ट की मात्रा, उसमें मौजूद निजी जानकारी और उससे होने वाली कमाई जोखिम को बदल देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">समस्या तब ज्यादा गंभीर हो सकती है जब बच्चे के बेहद निजी पल सार्वजनिक किए जाएं। बीमारी, अस्पताल में इलाज, रोते हुए वीडियो, सजा मिलने के दृश्य, खराब परीक्षा परिणाम, मानसिक परेशानी या ऐसी घटनाएं जिन्हें बड़ा होने के बाद बच्चा निजी रखना चाहे—इनका इंटरनेट पर स्थायी रिकॉर्ड बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई बार माता-पिता इसे मजेदार या भावुक कंटेंट समझकर पोस्ट करते हैं। बच्चे के लिए वही वीडियो कुछ वर्षों बाद शर्मिंदगी या परेशानी का कारण बन सकता है। स्कूल में दूसरे बच्चे उसे खोज सकते हैं, स्क्रीनशॉट साझा किए जा सकते हैं और पुरानी घटना को मजाक या बुलिंग का आधार बनाया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंटरनेट की एक बड़ी समस्या यह भी है कि पोस्ट हटाना हमेशा उसका अस्तित्व खत्म करना नहीं होता। तस्वीर या वीडियो का स्क्रीनशॉट लिया जा सकता है, उसे डाउनलोड करके दूसरी जगह अपलोड किया जा सकता है या अलग संदर्भ में इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार सार्वजनिक हुई सामग्री पर परिवार का नियंत्रण धीरे-धीरे कम हो जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक ने इस चिंता को नया आयाम दिया है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल बिना अनुमति बदली हुई या नकली सामग्री बनाने में किया जा सकता है। बच्चों की बड़ी संख्या में हाई-क्वालिटी तस्वीरें ऑनलाइन मौजूद होने से यह जोखिम और बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुरक्षा का दूसरा पहलू व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ा है। माता-पिता कई बार अनजाने में बच्चे का पूरा नाम, जन्मतिथि, स्कूल, यूनिफॉर्म, घर के आसपास की लोकेशन, रोज का रूटीन और पसंदीदा जगह जैसी जानकारियां पोस्ट कर देते हैं। अलग-अलग पोस्ट को जोड़कर किसी अनजान व्यक्ति के लिए बच्चे के बारे में काफी विस्तृत जानकारी जुटाना संभव हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसलिए सवाल केवल यह नहीं कि तस्वीर प्यारी है या वीडियो वायरल होगा। यह भी देखना जरूरी है कि बैकग्राउंड में स्कूल का नाम तो नहीं दिख रहा, घर की लोकेशन का अंदाजा तो नहीं लग रहा या पोस्ट से बच्चे की नियमित दिनचर्या उजागर तो नहीं हो रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैमिली इन्फ्लुएंसर और व्लॉगिंग की दुनिया में मामला आर्थिक अधिकार तक पहुंच जाता है। अगर किसी चैनल की लोकप्रियता का बड़ा हिस्सा बच्चों की मौजूदगी पर निर्भर है और उसी कंटेंट से विज्ञापन, ब्रांड डील या प्लेटफॉर्म रेवेन्यू मिल रहा है, तो सवाल उठता है कि उस कमाई पर बच्चे का अधिकार कितना होना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">पारंपरिक फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में बाल कलाकारों के काम को लेकर कई जगह नियम होते हैं। काम के घंटे, शिक्षा, अभिभावक की मौजूदगी और कमाई की सुरक्षा जैसे विषय नियमन के दायरे में आ सकते हैं। लेकिन घर के अंदर रिकॉर्ड होने वाले फैमिली व्लॉग में काम और सामान्य पारिवारिक जीवन की सीमा धुंधली हो जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अगर बच्चा रोज कैमरे के सामने है, वीडियो के लिए खास गतिविधियां कर रहा है, ब्रांड प्रमोशन में शामिल हो रहा है और उसकी मौजूदगी से परिवार की आय बन रही है, तो क्या उसे बाल कलाकार की तरह सुरक्षा मिलनी चाहिए? यह डिजिटल अर्थव्यवस्था के सामने उभरता बड़ा सवाल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहां एक और जटिल स्थिति बनती है। कैमरा बंद करने का फैसला भी अक्सर माता-पिता के हाथ में होता है। बच्चा थका हुआ है, नाराज है या रिकॉर्ड नहीं होना चाहता, फिर भी परिवार की आय उस कंटेंट पर निर्भर होने के कारण शूटिंग जारी रखने का दबाव पैदा हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसका अर्थ यह नहीं कि हर फैमिली व्लॉगर बच्चों का शोषण कर रहा है। कई परिवार सीमाएं तय करते हैं, बच्चों की निजी जानकारी छिपाते हैं और उनकी इच्छा का सम्मान करते हैं। बहस उन परिस्थितियों को लेकर है जहां बच्चे का निजी जीवन धीरे-धीरे सार्वजनिक मनोरंजन और व्यावसायिक उत्पाद में बदल जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘डिजिटल सहमति’ को उम्र के साथ बदलने वाला अधिकार मानने की मांग भी बढ़ रही है। छोटा बच्चा पूरी तरह सूचित फैसला नहीं कर सकता, लेकिन उम्र बढ़ने पर उससे पूछा जा सकता है कि कौन-सी तस्वीर पोस्ट की जाए। किशोर अवस्था में उसकी आपत्ति को ज्यादा महत्व मिलना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक व्यावहारिक सिद्धांत यह हो सकता है कि माता-पिता पोस्ट करने से पहले खुद से पूछें—अगर यही तस्वीर या जानकारी मेरे बारे में कोई दूसरा व्यक्ति मेरी अनुमति के बिना सार्वजनिक करे तो क्या मैं सहज रहूंगा? दूसरा सवाल यह कि क्या बच्चा 15 साल बाद भी इस पोस्ट को देखकर सहज महसूस करेगा?</p>
<p class="isSelectedEnd">बाथरूम, कपड़े बदलने, मेडिकल स्थिति, अनुशासन, निजी बातचीत या भावनात्मक संकट जैसे क्षणों को सार्वजनिक करने में विशेष सावधानी जरूरी है। ऐसे दृश्य ज्यादा व्यूज ला सकते हैं, लेकिन बच्चे की गरिमा और निजता की कीमत पर मिलने वाली लोकप्रियता लंबे समय में समस्या पैदा कर सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">माता-पिता का अपना अभिव्यक्ति का अधिकार भी इस बहस का वास्तविक हिस्सा है। पेरेंटिंग जीवन का बड़ा अनुभव है और लोग अपनी मुश्किलें, खुशियां और सीख ऑनलाइन साझा करना चाहते हैं। नए माता-पिता सोशल मीडिया समुदायों से मदद भी पाते हैं। इसलिए समाधान पूर्ण प्रतिबंध जितना सरल नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सीमा वहां बनती दिखाई देती है जहां माता-पिता अपने अनुभव की जगह बच्चे की निजी पहचान को मुख्य कंटेंट बनाने लगते हैं। उदाहरण के लिए, ‘आज बच्चे को स्कूल भेजना मुश्किल था’ कहना और बच्चे का रोते हुए पूरा वीडियो, स्कूल का नाम और निजी बातचीत पोस्ट करना अलग स्तर की शेयरिंग है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक विकल्प ‘प्राइवेसी बाय डिजाइन’ का हो सकता है। बच्चे का चेहरा न दिखाना, वास्तविक नाम की जगह उपनाम इस्तेमाल करना, स्कूल और लोकेशन छिपाना, लाइव लोकेशन पोस्ट न करना और बेहद निजी क्षण रिकॉर्ड न करना जोखिम कम कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैमिली व्लॉगिंग में कमाई होने पर अलग वित्तीय सुरक्षा की जरूरत भी चर्चा में है। बच्चे की मौजूदगी से होने वाली आय का एक हिस्सा उसके नाम सुरक्षित रखने, काम के समय जैसी सीमाएं बनाने और बड़े होने पर पुराने कंटेंट को हटाने या नियंत्रित करने का अधिकार देने जैसे मॉडल पर विचार किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘राइट टू बी फॉरगॉटन’ यानी पुराने डिजिटल रिकॉर्ड को हटवाने का अधिकार बच्चों के मामले में खास महत्व रखता है। जिस सामग्री के प्रकाशन का फैसला बच्चे ने खुद नहीं किया, उसे वयस्क होने पर हटाने या उसकी पहुंच सीमित करने का प्रभावी विकल्प मिलना चाहिए—यह डिजिटल अधिकारों से जुड़ी बहस का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शेरेंटिंग का मुद्दा आखिरकार कैमरा या सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के खिलाफ बहस नहीं है। असली टकराव दो अधिकारों के बीच है—माता-पिता का अपने जीवन और परिवार के अनुभव साझा करने का अधिकार और बच्चे का अपनी पहचान, गरिमा तथा निजी जीवन पर भविष्य में नियंत्रण रखने का अधिकार।</p>
<p>यह सीमा संभवतः उस बिंदु पर पार होती है जहां पोस्ट बच्चे के हित से ज्यादा वयस्क की लोकप्रियता या कमाई के लिए की जाने लगे, जहां बच्चा मना करने की स्थिति में न हो, जहां संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो और जहां आज की पोस्ट उसके भविष्य पर ऐसा असर डाल सकती हो जिसे वह बाद में नियंत्रित न कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 15:33:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>सोनम वांगचुक से नहीं बना था ‘3 इडियट्स’ का रैंचो? राजकुमार हिरानी ने बताई थी असली प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[FTII के एक छात्र की कहानी से आया था दूसरे की पहचान पर पढ़ने वाला किरदार; फिल्म की स्क्रिप्ट और आमिर-सोनम की मुलाकात की टाइमलाइन भी उठाती है सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/rancho-of-3-idiots-was-not-made-by-sonam-wangchuk/article-59277"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rajkumar-hirani-3-idiots.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">आमिर खान की फिल्म ‘3 इडियट्स’ का नाम आते ही रैंचो यानी रणछोड़दास श्यामलदास चांचड़ और फुंसुख वांगडू का किरदार याद आता है। फिल्म रिलीज होने के बाद वर्षों से यह दावा भी दोहराया जाता रहा है कि इस किरदार के पीछे लद्दाख के शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की कहानी थी। सोशल मीडिया से लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स तक उन्हें ‘रियल लाइफ रैंचो’ कहा जाता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह तुलना इतनी बार सामने आई कि धीरे-धीरे बहुत से दर्शकों ने इसे फिल्म से जुड़ा स्थापित तथ्य मान लिया। हालांकि फिल्म के लेखन की टाइमलाइन, इसके लेखक अभिजात जोशी और निर्देशक राजकुमार हिरानी के पुराने बयानों को देखा जाए तो कहानी कुछ अलग दिखाई देती है। रैंचो के मूल किरदार की प्रेरणा को लेकर फिल्म से जुड़े लोगों ने एक दूसरी घटना का जिक्र किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘3 इडियट्स’ दिसंबर 2009 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में आमिर खान ने ऐसे इंजीनियरिंग छात्र का किरदार निभाया था जो रटकर पढ़ने और केवल अच्छे नंबर हासिल करने वाली शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल करता है। उसका मानना था कि पढ़ाई का असली उद्देश्य सीखना और चीजों को समझना होना चाहिए, केवल डिग्री हासिल करना नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म की कहानी में आमिर का किरदार शुरुआत में रणछोड़दास श्यामलदास चांचड़ यानी रैंचो के नाम से सामने आता है। बाद में खुलासा होता है कि उसकी वास्तविक पहचान फुंसुख वांगडू है और वह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">कहानी के अंतिम हिस्से में फुंसुख वांगडू को लद्दाख में बच्चों के लिए अलग तरह का स्कूल चलाते दिखाया गया। वहां बच्चे किताबों तक सीमित रहने के बजाय प्रयोग, विज्ञान और व्यावहारिक तरीके से सीखते नजर आते हैं। यहीं से फिल्मी किरदार और सोनम वांगचुक के काम के बीच तुलना सबसे ज्यादा मजबूत हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोनम वांगचुक भी इंजीनियर और शिक्षा सुधार के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। लद्दाख में शिक्षा के वैकल्पिक मॉडल पर उनके काम को देश और दुनिया में पहचान मिली। शिक्षा को स्थानीय जरूरतों और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने की उनकी कोशिशों के कारण रैंचो के किरदार से समानताएं तलाशना आसान हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोनों नामों ने भी इस धारणा को मजबूत किया। फिल्म में आमिर खान के किरदार का वास्तविक नाम ‘फुंसुख वांगडू’ बताया गया है, जबकि शिक्षा सुधारक का नाम सोनम वांगचुक है। लद्दाख की पृष्ठभूमि, शिक्षा से जुड़ा काम और नाम में सुनाई देने वाली समानता के कारण दोनों को जोड़कर देखा जाने लगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">लेकिन फिल्म में दिखाई गई रैंचो की पूरी जिंदगी सोनम वांगचुक की वास्तविक जीवन यात्रा से मेल नहीं खाती। रैंचो की मुख्य कहानी इंजीनियरिंग कॉलेज, हॉस्टल, दोस्तों, परीक्षा के दबाव और कॉलेज प्रशासन के साथ उसके वैचारिक टकराव के आसपास घूमती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म में रैंचो एक संपन्न परिवार के बेटे की जगह इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने पहुंचता है। वह डिग्री किसी और के नाम पर हासिल करता है, जबकि उसका असली मकसद पढ़ना और सीखना होता है। यही कहानी फिल्म के केंद्रीय कथानक की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है। इस हिस्से की प्रेरणा को लेकर राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी ने अलग कहानी बताई थी। पुराने इंटरव्यू में दोनों ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी FTII से जुड़े एक छात्र की घटना का जिक्र किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया गया कि उन्हें एक ऐसे युवक की कहानी के बारे में पता चला था जो औपचारिक डिग्री पाने की इच्छा से ज्यादा सीखने में दिलचस्पी रखता था। वह कथित तौर पर किसी दूसरे छात्र की पहचान के सहारे संस्थान में पहुंचा और वहां पढ़ाई से जुड़ गया। इस घटना ने लेखकों को एक ऐसे किरदार की कल्पना की दिशा दी जो डिग्री अपने नाम पर लेने की बजाय ज्ञान हासिल करने को ज्यादा महत्व देता है। ‘3 इडियट्स’ में रैंचो का दूसरे व्यक्ति की पहचान पर कॉलेज में पढ़ना इसी विचार से जोड़ा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यही बिंदु उस लोकप्रिय दावे से अलग है जिसमें पूरे रैंचो या फुंसुख वांगडू को सीधे सोनम वांगचुक की बायोग्राफिकल छवि माना जाता है। फिल्म से जुड़े लोगों के पुराने बयानों में किरदार की मूल अवधारणा के लिए FTII से जुड़ी घटना का उल्लेख मिलता है। फिल्म की स्क्रिप्ट की टाइमलाइन भी इस बहस में महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ‘3 इडियट्स’ की पटकथा 1 अगस्त 2007 को स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में रजिस्टर कराई गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर, आमिर खान और सोनम वांगचुक की सार्वजनिक मुलाकात से जुड़ा उल्लेख अप्रैल 2008 के आसपास मिलता है। यानी जिस समय दोनों की मुलाकात की बात सामने आती है, उससे पहले फिल्म की स्क्रिप्ट रजिस्टर हो चुकी थी। यही समयक्रम सवाल पैदा करता है कि अगर कहानी और मुख्य किरदार की रूपरेखा 2007 तक तैयार होकर रजिस्टर हो चुकी थी, तो बाद में हुई मुलाकात को उसके मूल निर्माण की प्रेरणा कैसे माना जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि किसी फिल्म की स्क्रिप्ट रजिस्टर होने के बाद उसमें बदलाव होना असामान्य नहीं है। शूटिंग तक पात्रों, दृश्यों और लोकेशन में बदलाव किए जा सकते हैं। इसलिए केवल स्क्रिप्ट रजिस्ट्रेशन की तारीख से हर संभावित प्रभाव को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिर भी किरदार की मूल प्रेरणा के सवाल पर राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी के बयान ज्यादा अहम हो जाते हैं। उन्होंने रैंचो की कहानी के पीछे सोनम वांगचुक के जीवन को सीधे आधार बताए जाने की पुष्टि नहीं की। आमिर खान की ओर से भी अलग-अलग मौकों पर यही बात सामने आई कि रैंचो का किरदार सोनम वांगचुक की जिंदगी पर आधारित कोई सीधा बायोग्राफिकल चित्रण नहीं था।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक और महत्वपूर्ण पहलू फिल्म का 2009 का प्रमोशनल कैंपेन है। ‘3 इडियट्स’ उस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल थी और रिलीज से पहले बड़े स्तर पर इसका प्रचार हुआ था। आमिर खान ने भी फिल्म के प्रमोशन के लिए अलग तरह की रणनीति अपनाई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">ट्रेलर, प्रेस कॉन्फ्रेंस, इंटरव्यू और फिल्म से जुड़ी प्रचार सामग्री में रैंचो को सोनम वांगचुक पर आधारित किरदार के तौर पर प्रमुखता से पेश किए जाने का कोई व्यापक रिकॉर्ड सामने नहीं आता। अगर फिल्म के निर्माताओं ने शुरुआत से रैंचो को किसी वास्तविक व्यक्ति पर आधारित किरदार के रूप में तैयार किया होता और इसे आधिकारिक रूप से प्रचारित किया होता, तो इसकी चर्चा फिल्म के रिलीज कैंपेन में भी प्रमुखता से दिखाई देने की संभावना थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म की रिलीज के बाद स्थिति धीरे-धीरे बदलती दिखाई देती है। रैंचो के अंतिम रूप यानी फुंसुख वांगडू और सोनम वांगचुक के काम के बीच लोगों ने समानताएं तलाशनी शुरू कीं। करीब 2010 के दौरान ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने लगीं जिनमें लद्दाख के लोगों द्वारा फिल्म के किरदार और सोनम वांगचुक के बीच समानता महसूस किए जाने की बात कही गई। शुरुआती स्तर पर यह तुलना एक दिलचस्प समानता के रूप में सामने आई।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाद के वर्षों में यह तुलना और मजबूत होती चली गई। कई मीडिया रिपोर्ट्स, सोशल मीडिया पोस्ट और परिचयात्मक लेखों में सोनम वांगचुक के नाम के साथ ‘रियल लाइफ रैंचो’ लिखा जाने लगा। यहीं से तुलना और तथ्य के बीच का अंतर धीरे-धीरे कम होता गया। जो बात शुरुआत में दोनों के काम और सोच में समानता बताने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी, वह आगे चलकर इस दावे में बदल गई कि फिल्म का रैंचो सीधे सोनम वांगचुक से प्रेरित था।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोनम वांगचुक के शिक्षा मॉडल ने इस तुलना को और मजबूत किया। वह लद्दाख में लंबे समय से ऐसी शिक्षा व्यवस्था की वकालत करते रहे हैं जिसमें बच्चों को केवल किताब और परीक्षा तक सीमित न रखा जाए। व्यावहारिक ज्ञान, स्थानीय परिस्थितियों और प्रयोग के जरिए सीखने पर जोर दिया जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘3 इडियट्स’ में रैंचो भी शिक्षा व्यवस्था की इसी तरह की कई कमियों पर सवाल करता है। वह मशीन की परिभाषा रटने के बजाय उसे समझने की बात करता है और छात्रों की क्षमता को केवल परीक्षा के अंकों से आंकने का विरोध करता दिखाई देता है। फिल्म के अंतिम हिस्से में बच्चों को प्रयोग के जरिए पढ़ाने वाला स्कूल दिखाए जाने से यह समानता और साफ नजर आती है। इसी वजह से दर्शकों और मीडिया के लिए रैंचो तथा सोनम वांगचुक को जोड़ना स्वाभाविक होता चला गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">लेकिन समान विचारधारा और कुछ परिस्थितियों का मेल होना किसी किरदार के सीधे तौर पर किसी वास्तविक व्यक्ति पर आधारित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। खासकर तब, जब फिल्म के लेखक और निर्देशक किरदार की मूल प्रेरणा के लिए किसी दूसरी घटना का जिक्र कर चुके हों। ‘3 इडियट्स’ खुद भी पूरी तरह किसी एक वास्तविक व्यक्ति की जीवनी नहीं थी। फिल्म का मूल आधार चेतन भगत के उपन्यास ‘फाइव पॉइंट समवन’ से जुड़ा था, लेकिन स्क्रीनप्ले के लिए कहानी और किरदारों में कई बदलाव किए गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">रैंचो के चरित्र में भी अलग-अलग विचार, अनुभव और घटनाओं को मिलाकर एक फिल्मी व्यक्तित्व तैयार किया गया। FTII के छात्र से जुड़ी कहानी ने दूसरे व्यक्ति की पहचान पर पढ़ने वाले हिस्से को प्रभावित किया, जबकि शिक्षा व्यवस्था को लेकर फिल्म का व्यापक संदेश कहानी के दूसरे स्रोतों और लेखकों की अपनी सोच से विकसित हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">बहस का एक हिस्सा अब भी इस सवाल के आसपास है कि फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार होने से पहले क्या राजकुमार हिरानी, अभिजात जोशी या फिल्म की टीम के किसी प्रमुख सदस्य का सोनम वांगचुक से कोई संपर्क हुआ था। उपलब्ध सार्वजनिक बयानों में ऐसी मुलाकात की स्पष्ट पुष्टि नहीं मिलती।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी तरह यह भी सवाल बना हुआ है कि क्या फिल्म की टीम ने कहानी लिखने के शुरुआती दौर में लद्दाख के उस शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया था, जिससे सोनम वांगचुक जुड़े रहे हैं। फिल्म से जुड़े पुराने बयानों में इसे रैंचो की मूल प्रेरणा के रूप में स्थापित करने वाला स्पष्ट दावा सामने नहीं आता।</p>
<p class="isSelectedEnd">आमिर खान और सोनम वांगचुक की 2008 की मुलाकात तथा 2007 में स्क्रिप्ट रजिस्ट्रेशन की टाइमलाइन इस दावे को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है। इससे कम से कम इतना सवाल जरूर उठता है कि रैंचो के मूल किरदार को पूरी तरह सोनम वांगचुक की जिंदगी से निकला हुआ बताना कितना सही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म रिलीज होने के बाद ‘रियल लाइफ रैंचो’ शब्द इतना लोकप्रिय हुआ कि यह सोनम वांगचुक की सार्वजनिक पहचान के साथ जुड़ गया। बाद के वर्षों में शिक्षा, पर्यावरण और लद्दाख से जुड़े उनके अभियानों की खबरों में भी इस विशेषण का इस्तेमाल लगातार होता रहा।</p>
<p>राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी द्वारा बताई गई FTII छात्र की घटना, फिल्म की स्क्रिप्ट की टाइमलाइन और 2009 के प्रमोशनल रिकॉर्ड इस लोकप्रिय धारणा से अलग तस्वीर पेश करते हैं। वहीं रैंचो और सोनम वांगचुक के बीच शिक्षा, इंजीनियरिंग और लद्दाख से जुड़ी समानताएं यह समझाती हैं कि दोनों को जोड़ने वाली धारणा आखिर इतनी मजबूत कैसे होती चली गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:43:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>IAS बनने का सपना अधूरा रहा, अन्नू कपूर बोले- हालात थिएटर तक ले आए, ‘अंताक्षरी’ से बदली जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[1992 में काम नहीं था, ड्राइवर की तनख्वाह तक देने के पैसे नहीं बचे; अन्नू कपूर ने सुनाई संघर्ष से टीवी स्टार बनने तक की कहानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/annu-kapoors-dream-of-becoming-an-ias-remained-unfulfilled-circumstances/article-59276"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/annu-kapoor-ias-dream.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दिग्गज अभिनेता अन्नू कपूर की पहचान आज अभिनेता, गायक और टीवी होस्ट के तौर पर है, लेकिन अभिनय कभी उनके जीवन का पहला सपना नहीं था। वह पढ़ाई पूरी करके IAS अधिकारी बनना चाहते थे। घर की आर्थिक स्थिति ने उनकी योजना बदल दी और पढ़ाई बीच में छूटने के बाद उन्हें पिता के थिएटर से जुड़ना पड़ा। यहीं से वह रास्ता शुरू हुआ जिसने बाद में उन्हें फिल्म, टीवी और रंगमंच की दुनिया में अलग पहचान दिलाई।</p>
<p class="isSelectedEnd">अपनी फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ को लेकर चर्चा में चल रहे अन्नू कपूर ने अपने जीवन के ऐसे कई दौर याद किए हैं, जब हालात उनके हिसाब से बिल्कुल नहीं चले। उन्होंने अपने अधूरे सपने, आर्थिक तंगी, थिएटर में आने की वजह, अंधविश्वास और ‘अंताक्षरी’ से मिली पहचान तक कई बातें साझा कीं। उनकी नई फिल्म भी कर्म और किस्मत के बीच इसी पुराने सवाल को व्यंग्य के जरिए सामने रखती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अन्नू कपूर का मानना है कि इंसान जो कर्म करता है, वह भी कहीं न कहीं उसकी नियति का हिस्सा होता है। उनके मुताबिक जीवन में कई बार व्यक्ति किसी एक दिशा में जाना चाहता है, लेकिन परिस्थितियां उसे बिल्कुल दूसरी जगह पहुंचा देती हैं। उनके अपने जीवन में भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने जिस पेशे के बारे में नहीं सोचा था, आखिरकार उसी ने उनकी पूरी पहचान तय कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">बचपन और युवावस्था में अन्नू पढ़ाई को लेकर गंभीर थे। उनका अकादमिक रिकॉर्ड भी अच्छा था और वह सिविल सेवा में जाने का सपना देखते थे। उनकी इच्छा IAS अधिकारी बनने की थी, लेकिन परिवार के पास आगे की पढ़ाई का खर्च उठाने के पर्याप्त साधन नहीं थे। न कोई ऐसा सहारा था जो उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी उठा सके और न परिस्थितियां इंतजार करने वाली थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पढ़ाई रुकने के बाद उनके सामने भविष्य का बड़ा सवाल खड़ा हो गया। ऐसे समय में वह अपने पिता के थिएटर से जुड़ गए। अन्नू कपूर इसे किसी पहले से बनाई गई करियर योजना की तरह नहीं देखते। उनके मुताबिक परिस्थितियां ऐसी थीं कि परिवार के काम से जुड़ना पड़ा, ठीक वैसे ही जैसे रोजगार का दूसरा रास्ता न मिलने पर कोई युवक अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटाने लगता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आज लोग उनके अभिनेता बनने को अच्छी किस्मत मानते हैं, लेकिन अन्नू इस कहानी को दूसरे नजरिए से देखते हैं। उनका कहना है कि जिस मुकाम तक वह पहुंचे, वह उनकी नियति हो सकती है, मगर सच यह भी है कि जिस पेशे में वह जाना चाहते थे, वहां नहीं पहुंच पाए। समय के साथ उन्होंने इस वास्तविकता को स्वीकार करना सीखा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने बचपन के एक दोस्त का किस्सा भी साझा किया। उनका एक दोस्त पढ़ाई में काफी तेज था और उसकी रुचि शिक्षा में थी, लेकिन परिवार का बड़ा व्यापार होने के कारण उसे कारोबार संभालना पड़ा। उसका मन किसी दूसरी दिशा में था, जबकि जिंदगी ने उसे पारिवारिक व्यवसाय के बीच ला खड़ा किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अन्नू कपूर इसी अनुभव के जरिए कहते हैं कि कई बार इंसान अपने लिए कुछ और तय करता है, जबकि परिस्थितियां उसे किसी दूसरी भूमिका में पहुंचा देती हैं। यही वजह है कि वह कर्म और भाग्य को पूरी तरह अलग-अलग नहीं देखते। उनके मुताबिक जीवन में होने वाली घटनाओं पर इंसान का नियंत्रण उतना सीधा नहीं होता, जितना अक्सर माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया पर किस्मत बदलने के नाम पर चल रहे कारोबार को लेकर भी अन्नू कपूर ने सवाल उठाए। ज्योतिषीय पत्थर, अंगूठियां और अलग-अलग उपायों के जरिए भविष्य बदलने के दावों को वह इंसान के डर और उम्मीद से जुड़ा बाजार मानते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनका कहना है कि जब किसी उपाय के बाद संयोग से कोई अच्छी घटना हो जाती है, तो लोग उसका श्रेय उस वस्तु या उपाय को देने लगते हैं। यही विश्वास धीरे-धीरे अंधविश्वास में बदल सकता है। उनके मुताबिक किसी चीज की वास्तविक कीमत परिस्थितियां तय करती हैं, केवल उसके बारे में बनी धारणा नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस संदर्भ में उन्होंने कोविड महामारी के दौर का उदाहरण दिया। उस समय लोगों के पास पैसा, सोना और दूसरी महंगी संपत्ति होने के बावजूद सबसे जरूरी चीज ऑक्सीजन बन गई थी। जिस हवा को सामान्य दिनों में कोई संपत्ति नहीं मानता, संकट के वक्त उसी की उपलब्धता जीवन और मृत्यु के बीच फर्क पैदा कर रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">अन्नू कपूर के मुताबिक यही अनुभव बताता है कि किसी वस्तु की कीमत समय और जरूरत के साथ बदलती रहती है। जिस चीज को एक दौर में सबसे मूल्यवान माना जाता है, जरूरी नहीं कि संकट के समय भी वही सबसे काम आए। ‘उत्तर दा पुत्तर’ में अन्नू कपूर एक ऐसे फिजिक्स प्रोफेसर की भूमिका निभा रहे हैं, जो विज्ञान पढ़ाने के बावजूद खुद मेटाफिजिक्स और उससे जुड़ी मान्यताओं में उलझ जाता है। यही विरोधाभास उनके किरदार को दिलचस्प बनाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म के निर्माता संदीप कपूर ने शुरुआत में उनसे निर्देशन की जिम्मेदारी लेने की बात भी कही थी। अन्नू ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि अभिनय और निर्देशन दोनों जिम्मेदारियां एक साथ संभालना उनके लिए सहज नहीं है और वह अपनी सीमाओं को पहचानते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी तरह राजनीति को लेकर भी उनका नजरिया साफ है। उनका मानना है कि अच्छा वक्ता होना और शासन चलाने की क्षमता रखना दो अलग बातें हैं। केवल लोकप्रियता या बोलने की कला किसी व्यक्ति को राजनीति के लिए योग्य नहीं बना देती। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में अन्नू कपूर ने कई ऐसे अनुभव देखे जिन्होंने जीवन और सफलता को लेकर उनकी सोच बदली। ऐसा ही एक अनुभव 1985-86 के आसपास का है, जब वह जयपुर से कोटा की ओर यात्रा कर रहे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">रास्ते में टोंक के पास उन्होंने एक खेत के नजदीक गाड़ी रुकवाई और वहां मौजूद किसान से पानी मांगा। किसान ने उन्हें पीतल के गिलास में ठंडा पानी दिया और साथ में खेत की ताजी गाजर खाने को दी। गर्मी और यात्रा के बीच वह साधारण सा पानी और भोजन उन्हें बेहद अच्छा लगा। इसी दौरान किसान की कही एक बात उनके मन में हमेशा के लिए रह गई। किसान का आशय था कि आनंद बड़ी अजीब चीज है—कभी करोड़ों रुपए खर्च करके भी नहीं मिलता और कभी एक गिलास ठंडे पानी में मिल जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अन्नू कपूर के मुताबिक उस छोटी सी घटना ने उन्हें संतुष्टि का अर्थ अलग तरीके से समझाया। जीवन में सुख केवल धन या बड़ी उपलब्धियों से नहीं आता। कई बार कोई छोटा अनुभव भी ऐसा सुकून दे जाता है, जो बड़ी सफलता में नहीं मिलता। अपने करियर में ‘कबीर’, ‘अंताक्षरी’ और ‘विक्की डोनर’ जैसे प्रोजेक्ट्स को वह इसी तरह के संतोष से जोड़कर देखते हैं। इन कामों ने उन्हें केवल पेशेवर पहचान नहीं दी, बल्कि एक कलाकार के तौर पर अलग तरह का आत्मिक सुकून भी दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इस पहचान तक पहुंचने से पहले अन्नू कपूर की जिंदगी में आर्थिक संकट का बेहद मुश्किल दौर भी आया। उन्होंने बताया कि 4 मई 1992 के आसपास उनकी जिंदगी में ऐसा समय शुरू हुआ, जब कई महीनों तक उनके पास नियमित काम नहीं था।</p>
<p class="isSelectedEnd">वह करीब एक हजार रुपए किराए वाले छोटे से कमरे में रहते थे। शूटिंग नहीं थी और आय का कोई निश्चित जरिया भी नहीं बचा था। हालत ऐसी हो गई थी कि जेब में नकद पैसा तक नहीं रहता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">काम न होने की वजह से दिन काटना भी मुश्किल था। वह कई बार दोस्तों के यहां जाकर समय बिताते और रात में ताश खेलते थे। सुबह देर तक सोने की कोशिश करते ताकि नाश्ता छोड़कर सीधे दोपहर का खाना खाया जा सके और एक वक्त के भोजन का खर्च बच जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई थी कि अपने ड्राइवर केशव दत्त की तनख्वाह देना भी मुश्किल हो गया। उस समय ड्राइवर को करीब 750 रुपए मिलते थे। अन्नू कपूर ने उससे कहा कि वह दूसरी जगह नौकरी कर ले, जहां उसे लगभग दो हजार रुपए महीने तक मिल सकते हैं। लेकिन केशव दत्त ने मुश्किल समय में उनका साथ छोड़ने से इनकार कर दिया। उसने साफ कहा कि अच्छे समय में साथ छोड़ना अलग बात होती, लेकिन बुरे दौर में वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा। तनख्वाह कुछ समय न मिले तो भी वह साथ काम करता रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अन्नू कपूर इस घटना को आज भी अपने जीवन की बड़ी यादों में गिनते हैं। उनके मुताबिक पैसा न होने के बावजूद किसी व्यक्ति का बिना स्वार्थ साथ खड़ा रहना बड़ी बात होती है। ऐसे लोग केवल पेशेवर रिश्ते का हिस्सा नहीं रहते, बल्कि जिंदगी की कहानी में हमेशा के लिए जुड़ जाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">करीब साढ़े चार महीने तक आर्थिक संकट झेलने के बाद उन्हें पहली छोटी राहत मिली। एक व्यक्ति ने दिल्ली में बनने वाली वीडियो फिल्म के लिए उन्हें काम दिया और पांच हजार रुपए एडवांस मिले। उस समय यह रकम उनके लिए केवल फीस नहीं, बल्कि मुश्किल दौर से निकलने की पहली उम्मीद थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद 1993 आया और इसी साल एक टीवी कार्यक्रम ने उनके करियर की दिशा बदल दी। 3 सितंबर 1993 की रात वह अपने एक दोस्त के घर मौजूद थे। रोजमर्रा की तरह वहां समय बीत रहा था और टीवी चल रहा था। रात करीब आठ बजे दोस्त की पत्नी ने अचानक उनका ध्यान टीवी स्क्रीन की ओर दिलाया। स्क्रीन पर अन्नू कपूर खुद दिखाई दे रहे थे। यह उस कार्यक्रम का पहला एपिसोड था जिसकी शूटिंग वह करीब डेढ़ महीने पहले कर चुके थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">वह कार्यक्रम था ‘अंताक्षरी’। अन्नू कपूर ने जैसे ही खुद को टीवी पर देखा, उनका पूरा ध्यान कार्यक्रम पर टिक गया। उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यही शो आने वाले वर्षों में उनकी पहचान का सबसे बड़ा हिस्सा बनने वाला है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनके दोस्त ने उनसे कहा कि अब शायद जिंदगी में पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आने वाले समय में यह बात काफी हद तक सच साबित हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘अंताक्षरी’ घर-घर देखा जाने वाला कार्यक्रम बना और अन्नू कपूर की होस्टिंग उसकी सबसे बड़ी पहचान में शामिल हो गई। उनकी बोलने की शैली, संगीत की जानकारी और मंच संभालने के अंदाज ने उन्हें टीवी दर्शकों के बीच अलग जगह दिलाई। जिस कलाकार के पास कुछ महीने पहले नियमित काम नहीं था और ड्राइवर की तनख्वाह देने तक की स्थिति नहीं थी, वही चेहरा कुछ समय बाद भारतीय टेलीविजन के सबसे पहचाने जाने वाले होस्ट्स में शामिल हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब ‘उत्तर दा पुत्तर’ के जरिए अन्नू कपूर एक बार फिर उसी सवाल के आसपास दिखाई दे रहे हैं जिसने उनके अपने जीवन को भी कई बार प्रभावित किया—इंसान की दिशा उसके कर्म तय करते हैं या किस्मत। फिल्म में उनका किरदार विज्ञान से जुड़ा होने के बावजूद ऐसी मान्यताओं के बीच फंसता है जिन्हें विज्ञान की कसौटी पर आसानी से नहीं रखा जा सकता। कहानी इसी टकराव को गंभीर उपदेश की जगह व्यंग्य और मनोरंजन के साथ सामने लाती है।</p>
<p>अन्नू कपूर के मुताबिक फिल्म दर्शकों को कोई तय जवाब देने का दावा नहीं करती। कहानी के केंद्र में यही सवाल रखा गया है कि जिंदगी में होने वाली घटनाएं केवल हमारे फैसलों और कर्मों का परिणाम हैं या उन घटनाओं के पीछे कोई ऐसी दिशा भी काम कर रही होती है, जिसे इंसान पहले से देख या समझ नहीं पाता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:43:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>केके मेनन बचपन में बनना चाहते थे ट्रेन ड्राइवर, स्कूल के पुराने किस्से किए शेयर</title>
                                    <description><![CDATA[‘आदर्श बाल विद्यालय’ की टीम ने खोला यादों का पिटारा, अर्चना पूरन सिंह का सपना था एयर होस्टेस बनना; एग्जाम, चीटिंग और टीचर्स की सजा के किस्से भी सुनाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/kk-menon-wanted-to-become-a-train-driver-in-his/article-59275"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kk-menon.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">स्कूल खत्म होने के कई साल बाद शायद रिपोर्ट कार्ड के नंबर धुंधले पड़ जाएं, लेकिन क्लास की शरारतें, दोस्तों के साथ बिताया वक्त और टीचर की डांट आसानी से नहीं भूलती। कभी रीसेस की घंटी का इंतजार तो कभी अचानक होने वाले यूनिट टेस्ट का डर। ऐसी ही स्कूल लाइफ की यादों को लेकर प्राइम वीडियो की सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ चर्चा में है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सीरीज से जुड़े कलाकार केके मेनन, नवीन कस्तूरिया, अर्चना पूरन सिंह, समीर सक्सेना और हिमांक गौर ने बातचीत के दौरान अपने स्कूल के दिनों के कई दिलचस्प अनुभव साझा किए। किसी ने बचपन के करियर सपने बताए तो किसी ने टीचर्स से मिली सजा और परीक्षा से जुड़े मजेदार किस्से याद किए।</p>
<p class="isSelectedEnd">बातचीत में स्कूल की यादों से शुरू हुआ सिलसिला धीरे-धीरे मौजूदा शिक्षा व्यवस्था तक पहुंच गया। कलाकारों ने शिक्षकों की भूमिका, बच्चों पर मार्क्स के दबाव और टीचिंग प्रोफेशन को मिलने वाले सम्मान जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।</p>
<p class="isSelectedEnd">नवीन कस्तूरिया से जब स्कूल की सबसे मजबूत याद पूछी गई तो उन्हें सबसे पहले रीसेस याद आया। उनके मुताबिक स्कूल के दिनों में पढ़ाई के बीच यही वह समय होता था जिसका बच्चे बेसब्री से इंतजार करते थे। दोस्तों से मिलने, साथ खाना खाने और मस्ती करने का मौका इसी दौरान मिलता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">नवीन ने स्कूल के दिनों का एक और बड़ा डर याद किया—यूनिट टेस्ट। उस उम्र में छोटी सी परीक्षा भी बहुत बड़ी चुनौती लगती थी। बस यही लगता था कि किसी तरह टेस्ट खत्म हो जाए और कुछ दिनों तक पढ़ाई का दबाव थोड़ा कम हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">केके मेनन की स्कूल से जुड़ी यादें पढ़ाई के एक खास विषय से भी जुड़ी हैं। उन्हें इतिहास पढ़ना सबसे ज्यादा पसंद था। स्कूल के दिनों में शुरू हुई इतिहास के प्रति उनकी दिलचस्पी आगे भी बनी रही और आज भी वे ऐतिहासिक विषयों को पढ़ना और उनके बारे में जानना पसंद करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">बात जब बचपन में देखे गए करियर के सपनों तक पहुंची तो कई मजेदार जवाब सामने आए। आज अभिनेता के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके केके मेनन का पहला सपना अभिनय से बिल्कुल अलग था। वह बचपन में ट्रेन चलाना चाहते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">केके मेनन को बड़े वाहन और खासकर लोकोमोटिव काफी आकर्षित करते थे। उनके मन में यह जानने की उत्सुकता रहती थी कि इतनी बड़ी और भारी ट्रेन आखिर नियंत्रित कैसे की जाती होगी। इसी उत्सुकता की वजह से एक समय उन्होंने ट्रेन ड्राइवर बनने का सपना देखा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">अर्चना पूरन सिंह की बचपन की पसंद भी दिलचस्प थी। वह एयर होस्टेस बनना चाहती थीं। इसके पीछे उनका बचपन वाला सीधा सा तर्क था—उन्हें लगता था कि इस नौकरी में पूरी दुनिया घूमने को मिलेगी और बहुत सारी चॉकलेट भी मिलेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उम्र बढ़ने के साथ अर्चना का सपना बदल गया। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि उन्हें टीचर बनना चाहिए। स्कूल और शिक्षकों से जुड़ी उनकी कई यादें आज भी उनके साथ हैं, जिनका जिक्र उन्होंने बातचीत के दौरान किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">नवीन कस्तूरिया का झुकाव कम उम्र से ही अभिनय की तरफ था। उन्होंने बताया कि छठी कक्षा तक वह एक्टर बनने के बारे में सोचते थे। बाद में पढ़ाई की दिशा बदली और उन्होंने IIT की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन सिनेमा और अभिनय के प्रति आकर्षण बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्कूल के टीचर्स का जिक्र शुरू हुआ तो लगभग हर कलाकार के पास कोई न कोई पुराना किस्सा था। इनमें पढ़ाई से ज्यादा वे घटनाएं याद आईं जिनमें टीचर का गुस्सा, सजा देने का अंदाज या क्लास में सुनाई गई कोई दिलचस्प कहानी शामिल थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">समीर सक्सेना ने अपने स्कूल के एक शिक्षक को याद किया जिनका अनुशासन बनाए रखने का तरीका काफी सख्त था। क्लास में ज्यादा शोर होने पर बच्चों को लाइन में खड़ा कर दिया जाता था और सजा मिलती थी। उस समय डर लगने वाली ऐसी घटनाएं अब पुरानी यादों का हिस्सा बन चुकी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">केके मेनन ने भी बताया कि उनके स्कूल के समय अनुशासन के तरीके आज से काफी अलग हुआ करते थे। क्लास में शरारत करने वाले बच्चों पर कभी चॉक फेंकी जाती थी, कभी डस्टर और कभी कान पकड़कर खड़ा होने की सजा मिलती थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुराने दौर की स्कूली सजा को याद करते हुए कलाकारों ने माना कि उस समय इसे सामान्य अनुशासन का हिस्सा माना जाता था। हालांकि आज शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर सोच काफी बदल चुकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अर्चना पूरन सिंह की यादों में एक ऐसे इंग्लिश टीचर भी हैं जिनकी क्लास का बच्चों को खास इंतजार रहता था। इसकी वजह केवल अंग्रेजी की पढ़ाई नहीं थी। उनके शिक्षक पढ़ाई के बीच अचानक डरावनी कहानियां सुनाना शुरू कर देते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">खास तौर पर ड्रैकुला की कहानियां पूरी क्लास को पसंद आती थीं। बच्चे चाहते थे कि पढ़ाई जल्दी खत्म हो और कहानी शुरू हो जाए। अर्चना के लिए शिक्षक का यह अंदाज स्कूल की सबसे यादगार बातों में शामिल रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">समीर सक्सेना के स्कूल में भी कुछ ऐसा ही अनुभव था। उनके पीटी टीचर खेल के मैदान में गतिविधियां कराने के बजाय कई बार हॉरर फिल्मों की कहानियां सुनाने लगते थे। बच्चों के लिए पीटी का पीरियड इस वजह से अलग तरह का मनोरंजन बन जाता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्कूल की यादों में परीक्षा का जिक्र हो और नकल की बात न आए, ऐसा कम ही होता है। बातचीत के दौरान कलाकारों ने इस विषय पर भी बिना झिझक अपने पुराने अनुभव साझा किए।</p>
<p class="isSelectedEnd">नवीन कस्तूरिया ने अपनी 12वीं की फिजिक्स परीक्षा को याद किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि उस पेपर में उनका पास होना ही अपने आप में बड़ी बात थी। परीक्षा के दिनों का दबाव और कठिन विषयों का डर आज भी उनकी यादों में बना हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd">केके मेनन ने परीक्षा से जुड़ा एक अलग किस्सा सुनाया। एक बार परीक्षा के दौरान पीछे बैठा छात्र उनकी आंसर शीट देखकर जवाब लिख रहा था। उसने लगभग पूरा उत्तर कॉपी कर लिया, लेकिन मामला ज्यादा देर छिप नहीं सका।</p>
<p class="isSelectedEnd">आखिरकार शिक्षक को इसकी जानकारी हो गई और दोनों पकड़ लिए गए। केके के मुताबिक मजेदार बात यह थी कि नकल दूसरा छात्र कर रहा था, लेकिन घटना में वह भी फंस गए। वर्षों बाद यह घटना उनके लिए स्कूल की मजेदार यादों में शामिल हो चुकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अर्चना पूरन सिंह का अनुभव इससे बिल्कुल अलग था। उनके स्कूल का माहौल इतना सख्त था कि परीक्षा में नकल करने के बारे में सोचना भी बड़ी बात माना जाता था। अनुशासन और परीक्षा को लेकर नियम काफी कड़े थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्कूल की इन हल्की-फुल्की यादों के बीच बातचीत मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर भी पहुंची। कलाकारों ने इस सवाल पर चर्चा की कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नवीन कस्तूरिया का मानना है कि किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब सबसे योग्य लोग टीचिंग को करियर के रूप में चुनें। इसके लिए शिक्षक के पेशे को समाज में सम्मान के साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनके मुताबिक अगर अच्छे और प्रतिभाशाली लोगों को शिक्षण के क्षेत्र में लाना है तो इस पेशे को आकर्षक बनाना होगा। केवल जिम्मेदारी की बात करने से काम नहीं चलेगा, शिक्षकों को उनकी भूमिका के अनुरूप सुविधाएं और सम्मान भी मिलना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">केके मेनन ने भी शिक्षकों की सामाजिक स्थिति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने भारत की पुरानी गुरु परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक को कभी समाज में बेहद ऊंचा स्थान दिया जाता था, लेकिन समय के साथ उस सम्मान में बदलाव आया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनका मानना है कि शिक्षक केवल किताब का पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता। बच्चों की सोच, व्यवहार और दुनिया को देखने के नजरिए पर शिक्षक का गहरा असर पड़ता है। इसी वजह से टीचिंग प्रोफेशन को ज्यादा गंभीरता से देखने की जरूरत है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अर्चना पूरन सिंह ने शिक्षा में मार्क्स को जरूरत से ज्यादा महत्व दिए जाने के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक बच्चों की सफलता केवल परीक्षा में मिले नंबरों से तय नहीं की जानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">बच्चों को अच्छा विद्यार्थी बनाने के साथ एक बेहतर इंसान बनाना भी शिक्षा का हिस्सा होना चाहिए। व्यवहार, संवेदनशीलता और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी जैसी चीजें केवल किताबों के नंबरों से नहीं सीखी जा सकतीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन्हीं स्कूल की यादों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को ‘आदर्श बाल विद्यालय’ की कहानी में अलग अंदाज से शामिल किया गया है। सीरीज में कॉमेडी के जरिए स्कूल, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों की दुनिया को दिखाने की कोशिश की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हिमांक गौर के मुताबिक कहानी देखते हुए दर्शकों को अपने स्कूल का कोई न कोई जाना-पहचाना किरदार जरूर याद आएगा। किसी को अपना सख्त टीचर दिखाई देगा तो किसी को क्लास का शरारती दोस्त या स्कूल के दिनों की कोई पुरानी घटना याद आ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">समीर सक्सेना का मानना है कि सीरीज में दिखाई देने वाली कई परिस्थितियां पहली नजर में मजेदार लग सकती हैं, लेकिन उनके पीछे वास्तविक जीवन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल मौजूद हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कलाकारों के मुताबिक स्कूल केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित जगह नहीं होती। वहीं दोस्ती बनती है, पहली बार असफलता का सामना होता है, टीचर की डांट मिलती है और कई ऐसी छोटी घटनाएं होती हैं जो वर्षों बाद भी याद रहती हैं।</p>
<p>केके मेनन के अनुसार कहानी का काम केवल दर्शकों का मनोरंजन करना नहीं है। एक अच्छी कहानी देखने वाले को सोचने पर भी मजबूर करती है। ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में स्कूल की पुरानी यादों के साथ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े ऐसे ही सवालों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:42:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>सलमान खान ने देर रात शेयर कीं नई तस्वीरें, फैंस से पूछा- कैसी है तबीयत?</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के इवेंट में बदले लुक के बाद सोशल मीडिया पर सेहत को लेकर शुरू हुई चर्चा, ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों में दिखा अलग अंदाज; एयरपोर्ट का नया वीडियो भी आया सामने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/salman-khan-shared-new-pictures-late-at-night-and-asked/article-59274"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/salman-khan-new-photos.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान एक बार फिर अपने लुक को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। मुंबई में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम से उनका वीडियो सामने आने के बाद फैंस का ध्यान उनके बदले हुए लुक पर गया। वीडियो में सलमान पहले के मुकाबले दुबले दिखाई दिए, जिसके बाद उनकी सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में फैंस ने सलमान को लेकर चिंता जाहिर की। कुछ यूजर्स ने उनकी फिटनेस और चेहरे में आए बदलाव को लेकर सवाल किए, जबकि कुछ लोगों ने अभिनेता की उम्र और लगातार व्यस्त शेड्यूल को इसकी वजह बताया। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग भी देखने को मिली, हालांकि सलमान की ओर से अपनी सेहत को लेकर किसी परेशानी की पुष्टि नहीं की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी चर्चा के बीच रविवार देर रात सलमान खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कुछ नई तस्वीरें पोस्ट कीं। ये तस्वीरें ब्लैक एंड व्हाइट हैं और इनमें अभिनेता कैमरे के सामने अलग-अलग अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट के साथ सलमान ने अपने फैंस से उनकी तबीयत के बारे में सवाल किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सलमान ने तस्वीरों के साथ लिखा, ‘आप लोगों की तबीयत कैसी है?’ उनकी यह छोटी सी लाइन तेजी से चर्चा में आ गई। इसकी एक वजह यह भी रही कि इससे ठीक पहले सोशल मीडिया पर खुद सलमान की सेहत और उनके बदले हुए लुक को लेकर काफी बातचीत हो रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई तस्वीरों में सलमान का लुक उस वीडियो से अलग नजर आया, जो मुंबई के कार्यक्रम के बाद वायरल हुआ था। ब्लैक एंड व्हाइट फ्रेम में अभिनेता पहले के मुकाबले ज्यादा सहज दिखाई दिए। तस्वीरें सामने आते ही फैंस ने कमेंट सेक्शन में उनके लुक और फिटनेस को लेकर प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई प्रशंसकों ने सलमान के सवाल का जवाब देते हुए उल्टा उनकी सेहत का हाल पूछ लिया। कुछ यूजर्स ने उन्हें अपना ध्यान रखने की सलाह दी। वहीं कई फैंस ने लिखा कि वायरल वीडियो देखने के बाद वे अभिनेता को लेकर चिंतित थे और नई तस्वीरें देखकर उन्हें राहत महसूस हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच सलमान खान का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। नए वीडियो में उनका लुक पहले वायरल हुए इवेंट वीडियो की तुलना में कुछ अलग दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स खास तौर पर उनके चेहरे और आंखों के आसपास दिखाई दे रही थकान को लेकर चर्चा कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि केवल तस्वीरों या वीडियो के आधार पर किसी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता। सलमान या उनकी टीम की तरफ से फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिसमें किसी स्वास्थ्य समस्या का जिक्र किया गया हो। सलमान खान शनिवार को मुंबई एयरपोर्ट पर भी स्पॉट हुए थे। जानकारी के मुताबिक वह गोवा जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान पैपराजी ने उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए, जो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">एयरपोर्ट पर सलमान ने हल्के नीले रंग की शर्ट पहनी हुई थी। इसके अंदर उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट कैरी की और सिर पर कैप लगाई थी। उनका लुक काफी कैजुअल था। वे सुरक्षा के बीच एयरपोर्ट परिसर में आगे बढ़ते दिखाई दिए। एयरपोर्ट से सामने आए वीडियो पर भी फैंस की नजर उनके लुक पर रही। कुछ लोगों ने कहा कि अभिनेता पहले वायरल हुए वीडियो की तुलना में बेहतर दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने उनकी आंखों के आसपास थकावट नजर आने की बात लिखी।</p>
<p class="isSelectedEnd">सलमान का बदला हुआ लुक सबसे पहले मुंबई के एक कार्यक्रम के दौरान ज्यादा चर्चा में आया था। इवेंट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में उनका वजन पहले की तुलना में कम नजर आया। इसी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने शुरू हुए। सलमान लंबे समय से अपनी फिटनेस के लिए पहचाने जाते रहे हैं। फिल्मों में उनकी बॉडी और वर्कआउट रूटीन अक्सर चर्चा में रही है। ऐसे में उनके लुक में कोई बदलाव दिखाई देने पर फैंस का ध्यान जल्दी जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल क्लिप के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ प्रशंसक उनकी सेहत को लेकर चिंता जता रहे थे, दूसरी तरफ कुछ यूजर्स उनके लुक को लेकर ट्रोलिंग कर रहे थे। कई फैंस ने ट्रोलिंग का विरोध करते हुए अभिनेता के प्रति संवेदनशीलता रखने की अपील भी की।</p>
<p class="isSelectedEnd">सलमान की देर रात आई पोस्ट को इसी सोशल मीडिया चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने सीधे अपनी सेहत के बारे में कुछ नहीं कहा, बल्कि अपने फॉलोअर्स से उनका हाल पूछा। पोस्ट का अंदाज सामान्य और हल्का रखा गया। ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों में सलमान कैमरे के सामने कॉन्फिडेंट नजर आए। फैंस ने इन तस्वीरों को तेजी से शेयर किया। पोस्ट सामने आने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर सलमान का नाम फिर चर्चा में आ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सलमान अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वर्कआउट, परिवार और फिल्मों से जुड़ी तस्वीरें साझा करते रहते हैं। कभी-कभी उनके पोस्ट बेहद छोटे कैप्शन के साथ आते हैं। इस बार भी उन्होंने लंबी बात लिखने के बजाय केवल एक सवाल के जरिए प्रशंसकों से संवाद किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैंस के बीच इस पोस्ट की टाइमिंग भी चर्चा का विषय बनी। मुंबई इवेंट का वीडियो वायरल होने के बाद उनकी सेहत को लेकर लगातार कमेंट किए जा रहे थे और उसी दौरान नई तस्वीरें सामने आईं। हालांकि अभिनेता ने यह नहीं कहा कि तस्वीरें किसी प्रतिक्रिया के तौर पर पोस्ट की गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">नए एयरपोर्ट वीडियो में सलमान अपने सामान्य अंदाज में चलते हुए दिखाई दिए। उनके आसपास सुरक्षा कर्मचारी मौजूद थे। एयरपोर्ट पर मौजूद पैपराजी ने उन्हें कैमरे में कैद किया, लेकिन अभिनेता ने अपनी यात्रा या स्वास्थ्य से जुड़ा कोई बयान नहीं दिया।बताया गया कि सलमान गोवा के लिए रवाना हो रहे थे। हल्की नीली शर्ट, ब्लैक टी-शर्ट और कैप में उनका कैजुअल एयरपोर्ट लुक सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर उनकी फिटनेस और मौजूदा लुक पर चर्चा शुरू हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सलमान खान के फैंस की बड़ी संख्या सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती है। यही वजह है कि अभिनेता की कोई नई तस्वीर या सार्वजनिक मौजूदगी तेजी से वायरल हो जाती है। मुंबई के कार्यक्रम से लेकर एयरपोर्ट तक सामने आए उनके हालिया वीडियो भी लगातार फैन पेजों पर शेयर किए जा रहे हैं। उनके पुराने और नए लुक की तुलना करते हुए भी कई पोस्ट किए गए। कुछ यूजर्स ने वजन कम होने की बात कही, जबकि दूसरे लोगों ने कैमरा एंगल, कपड़ों और वीडियो की क्वालिटी को भी लुक में अंतर की वजह बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच किसी तरह की मेडिकल जानकारी सामने नहीं आने के कारण सलमान की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं केवल अटकलों तक सीमित हैं। अभिनेता या उनकी आधिकारिक टीम ने किसी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बारे में कोई पुष्टि नहीं की है। सलमान की उम्र और लंबे फिल्मी करियर को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हुई। दिसंबर 2025 में वह 60 साल के हो चुके हैं। इसके बावजूद फिल्मों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और दूसरे प्रोजेक्ट्स में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सलमान पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे चर्चित अभिनेताओं में शामिल हैं। उनके लुक और फिटनेस में बदलाव हमेशा फैंस के बीच चर्चा का विषय बनते रहे हैं। इस बार अचानक सामने आए एक वीडियो ने उनके प्रशंसकों का ध्यान ज्यादा खींचा। इवेंट के वीडियो के बाद सामने आई नई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों को फैंस ने खूब पसंद किया। कई लोगों ने पोस्ट के नीचे अभिनेता के लिए शुभकामनाएं लिखीं। कुछ प्रशंसकों ने सलमान के सवाल ‘आप लोगों की तबीयत कैसी है?’ का मजाकिया अंदाज में जवाब भी दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभिनेता की इस पोस्ट के साथ ही उनके नए एयरपोर्ट वीडियो की क्लिप भी अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घूम रही है। वीडियो में सलमान ज्यादा बातचीत किए बिना एयरपोर्ट के अंदर जाते दिखाई देते हैं। उनके आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पैपराजी के बीच सलमान सीधे आगे बढ़ते नजर आए। एयरपोर्ट पर उन्होंने कोई औपचारिक बातचीत नहीं की। इस दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उनके कैजुअल लुक को लेकर फैंस ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:42:45 +0530</pubDate>
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                <title>दुर्ग में महिला की सिर कुचलकर हत्या, CCTV में दो युवकों के साथ दिखी थी आखिरी बार</title>
                                    <description><![CDATA[वारदात से पहले अलग-अलग जगह महिला के साथ नजर आए दो युवक, ओवरब्रिज तक मिले सुराग; शहर से ग्रामीण इलाकों तक पहचान में जुटी पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/the-murder-of-a-woman-by-crushing-her-head-in/article-59269"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/durg-murder-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पुलगांव थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय महिला की हत्या की जांच अब CCTV फुटेज पर टिक गई है। पुलिस को शहर के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें महिला के साथ दो युवक दिखाई दे रहे हैं। दोनों युवक वारदात से पहले कई जगह कैमरों में नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान कर हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच में मिले फुटेज के आधार पर दोनों युवकों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस को जानकारी मिली है कि महिला के साथ उन्हें पुलगांव ओवरब्रिज की तरफ जाते हुए भी देखा गया था। इसी वजह से दोनों युवक जांच के केंद्र में आ गए हैं, हालांकि अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने दुर्ग शहर से लेकर पुलगांव ओवरब्रिज तक के रास्ते में लगे कई CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई है। संबंधित कैमरों के DVR भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं। फुटेज को अलग-अलग समय और लोकेशन के आधार पर मिलाकर महिला की आखिरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 16 जुलाई को घर से निकलने के बाद महिला सबसे पहले कहां गई थी। रास्ते में उसकी मुलाकात किन लोगों से हुई और CCTV में दिखाई दे रहे दोनों युवक उसके संपर्क में कब आए, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड के आसपास के कैमरों से भी कुछ महत्वपूर्ण फुटेज मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध युवक इन इलाकों में भी दिखाई दिए हैं। अलग-अलग कैमरों में उनकी तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस ने पहचान की कोशिश तेज कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">संदिग्धों की तस्वीरें स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों को दिखाई गई हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि सार्वजनिक स्थानों पर सक्रिय रहने वाले ऑटो चालक या दुकानदार उन्हें पहचान सकते हैं, लेकिन अब तक दोनों युवकों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। जांच का दायरा दुर्ग शहर तक सीमित नहीं रखा गया है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोनों युवकों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फुटेज और तस्वीरों के आधार पर जानकारी जुटा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">महिला के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई है। CCTV में दिखाई दे रहे युवकों की तस्वीरें परिजनों को दिखाई गईं, लेकिन परिवार के लोग भी उन्हें पहचान नहीं सके। इससे पुलिस यह भी जांच रही है कि दोनों युवक महिला के पहले से परिचित थे या उनसे उसकी मुलाकात उसी दिन हुई थी। मामला 17 जुलाई को सामने आया था। पुलगांव नाला क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास से शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में महिला का शव मिला था। स्थानीय लोगों की नजर शव पर पड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए इलाके को सुरक्षित किया गया और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। आसपास मौजूद संभावित साक्ष्यों को जांच के लिए एकत्र किया गया। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसी कारण पुलिस ने हत्या के साथ यौन अपराध की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार इसकी पुष्टि केवल पोस्टमार्टम, मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुरुआती जांच में महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आशंका है कि किसी भारी वस्तु या पत्थर से सिर पर हमला किया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल वस्तु और हमले के तरीके को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि महिला की हत्या उसी जगह हुई जहां शव मिला या वारदात कहीं दूसरी जगह करने के बाद शव को झाड़ियों में छोड़ा गया। इसके लिए घटनास्थल के आसपास मिले निशानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मृतका के पति का पहले निधन हो चुका था। वह अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती थीं। परिवार के मुताबिक महिला मजदूरी करके घर के खर्च में सहयोग करती थीं और सामान्य दिनों की तरह कामकाज के लिए घर से बाहर आती-जाती थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि 16 जुलाई की शाम महिला घर से निकली थीं। देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की। परिचितों और आसपास के संभावित स्थानों पर जानकारी ली गई, लेकिन उनका पता नहीं चला।</p>
<p class="isSelectedEnd">रात बीतने के बाद भी महिला घर नहीं पहुंचीं तो परिवार की चिंता बढ़ गई। अगले दिन 17 जुलाई को सिटी कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी दौरान पुलगांव क्षेत्र में एक महिला का शव मिलने की सूचना सामने आई। शव की पहचान के बाद गुमशुदगी का मामला हत्या की जांच में बदल गया। पुलिस ने महिला के घर से निकलने के समय से लेकर शव मिलने तक की गतिविधियों को दोबारा खंगालना शुरू किया। इसी क्रम में शहर के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग निकाली गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">फुटेज देखते समय जांच टीम की नजर उन दो युवकों पर गई जो महिला के आसपास दिखाई दे रहे थे। अलग-अलग कैमरों में दोनों की मौजूदगी मिलने के बाद पुलिस ने उनके आने-जाने का रास्ता ट्रैक करना शुरू किया। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों युवक किस वाहन या साधन से दुर्ग पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की रिकॉर्डिंग देखने के पीछे पुलिस का मकसद उनके शहर में आने और यहां से निकलने की जानकारी जुटाना भी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऑटो स्टैंड के आसपास की फुटेज भी इसी कड़ी में खंगाली गई है। पुलिस यह पता कर रही है कि महिला या दोनों संदिग्धों ने किसी ऑटो का इस्तेमाल किया था या नहीं। यदि कोई वाहन सामने आता है तो उसके चालक से पूछताछ कर घटनाक्रम से जुड़ी नई जानकारी मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CCTV फुटेज की गुणवत्ता और कैमरों के समय का भी मिलान किया जा रहा है। कई अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर यह समझने की कोशिश हो रही है कि महिला किस रास्ते से पुलगांव क्षेत्र तक पहुंची और दोनों युवक कब तक उसके साथ रहे। मोबाइल और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद भी ली जा रही है। महिला के संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जांच में उपयोगी हो सकती है। तकनीकी टीम उपलब्ध डेटा के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती CCTV में नजर आए दोनों युवकों की पहचान है। तस्वीरें मिलने के बावजूद उनके नाम और पते की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके लिए शहर के साथ आसपास के थाना क्षेत्रों से भी जानकारी साझा की जा रही है। पुलिस पुराने अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों के रिकॉर्ड से भी तस्वीरों का मिलान कर सकती है। यह देखा जा रहा है कि फुटेज में दिखाई देने वाले चेहरे किसी पुराने पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद हैं या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलगांव थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी जांच में लगाया गया है। दोनों टीमें अलग-अलग स्तर पर सुराग जुटाकर उनकी जानकारी साझा कर रही हैं। तकनीकी और मैदानी जांच एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी नमूने जुटाए हैं। वैज्ञानिक जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वारदात के समय वहां कितने लोग मौजूद थे और महिला के साथ संघर्ष हुआ था या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटनास्थल के आसपास मिले संदिग्ध निशान, कपड़े और दूसरी वस्तुओं की भी जांच की जा सकती है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। डॉग स्क्वाड की मदद भी शुरुआती जांच में ली गई है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर सुराग तलाशने की कोशिश की गई। पुलिस इन सभी जानकारियों को CCTV रिकॉर्डिंग के साथ जोड़कर वारदात का क्रम समझने में जुटी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">महिला का शव जिस हालत में मिला था, उसके आधार पर पुलिस ने यौन अपराध की आशंका को जांच में शामिल किया है। फिलहाल इसे पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा रहा। पोस्टमार्टम और संबंधित मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही इस पहलू पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महिला की मौत का सटीक कारण और अनुमानित समय भी स्पष्ट हो सकेगा। इससे CCTV फुटेज में दर्ज समय के साथ घटनाक्रम का मिलान करने में मदद मिलेगी। पुलिस के लिए यह तय करना आसान होगा कि आखिरी बार महिला को जीवित कब और कहां देखा गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार के सदस्यों से महिला की दिनचर्या, परिचितों और घर से निकलने के कारण के बारे में जानकारी ली गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने घर से निकलने से पहले किसी से फोन पर बात की थी या किसी से मिलने की जानकारी दी थी। जांच टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने महिला को 16 जुलाई को देखा था। उसके घर से निकलने के बाद की हर संभावित जानकारी को दर्ज किया जा रहा है। छोटी से छोटी सूचना को CCTV फुटेज से मिलाकर सत्यापित करने की कोशिश हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलगांव क्षेत्र में शव मिलने वाली जगह अपेक्षाकृत सुनसान होने के कारण आसपास के रास्तों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस यह पता कर रही है कि संदिग्ध वहां पैदल पहुंचे थे या किसी वाहन से आए थे। शिवनाथ नदी की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते और आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई गई है। घटनास्थल तक पहुंचने के संभावित रास्तों के कैमरे और वहां से गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड जांच के दायरे में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ से जल संरक्षण को रफ्तार, 6.60 लाख काम पूरे</title>
                                    <description><![CDATA[33 जिलों की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें अभियान से जुड़ीं, मनरेगा के जरिए 6.08 लाख से अधिक कार्य; गांवों में वर्षा जल सहेजने के साथ रोजगार और जनभागीदारी पर जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/660-lakh-works-completed-in-chhattisgarh-to-speed-up-water/article-59268"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mor-gaon-mor-pani-campaign.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ के गांवों में पानी बचाने और वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर सहेजने के लिए चलाए जा रहे ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान का दायरा लगातार बढ़ा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार अभियान के तहत अब तक 6 लाख 60 हजार 105 जल संरक्षण से जुड़े काम पूरे किए जा चुके हैं। प्रदेश के सभी 33 जिलों की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें इस मुहिम से जुड़ी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस अभियान की शुरुआत 24 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की थी। योजना के केंद्र में गांव और वहां रहने वाले लोगों को रखा गया। किस इलाके में किस तरह का जल संरक्षण कार्य ज्यादा जरूरी है, इसका फैसला स्थानीय जरूरत और भौगोलिक स्थिति को देखकर करने पर जोर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘मोर गांव-मोर पानी’ को केवल सरकारी निर्माण योजना के रूप में लागू करने के बजाय जनभागीदारी आधारित अभियान का रूप दिया गया है। ग्रामीणों को जल संरक्षण के कामों की पहचान, उनकी प्राथमिकता तय करने और क्रियान्वयन से जोड़ने की कोशिश की गई। इससे गांव के लोग विकास कार्यों में सीधे भागीदार बने हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान के तहत बड़े बजट वाली कुछ चुनिंदा परियोजनाओं के बजाय गांव-गांव में छोटे और उपयोगी जल संरक्षण ढांचे तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके पीछे सोच यह रही कि स्थानीय स्तर पर वर्षा का पानी रोका जाए और उसे जमीन में पहुंचने का ज्यादा अवसर मिले। मनरेगा को इस अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से गांवों में जल संरक्षण से जुड़े लाखों काम कराए गए। इससे पानी बचाने के साथ ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश भी हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकारी आंकड़ों के अनुसार पूरे हो चुके 6 लाख 60 हजार 105 कार्यों में सबसे बड़ा हिस्सा मनरेगा का है। अकेले मनरेगा के माध्यम से 6 लाख 8 हजार 909 जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए हैं। यानी अभियान के अधिकांश काम ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़े संसाधनों और श्रमिकों के जरिए किए गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच समन्वय बनाकर 51 हजार 196 अतिरिक्त कार्य कराए गए हैं। इसमें संबंधित क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार विभागों की योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों को जोड़ा गया। इसका उद्देश्य एक ही गांव में अलग-अलग योजनाओं को जल संरक्षण के साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों तक पहुंच चुका है। मैदानी क्षेत्रों से लेकर वनांचल और आदिवासी बहुल इलाकों तक स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार काम किए गए हैं। पानी की जरूरत और उपलब्धता हर क्षेत्र में अलग होने के कारण एक जैसा मॉडल लागू करने के बजाय स्थानीय समाधान पर जोर दिया गया है। प्रदेश की 146 जनपद पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। जनपद स्तर पर ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों, उपलब्ध संसाधनों और कामों की प्रगति के बीच समन्वय बनाया जा रहा है। इससे कई पंचायतों में जल संरक्षण के छोटे काम एक साथ शुरू किए जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्य की 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों की भागीदारी इस अभियान का सबसे बड़ा आधार बनी है। गांव के स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को यह तय करने में शामिल किया गया कि उनके क्षेत्र में पानी रोकने के लिए किस तरह के काम की सबसे ज्यादा जरूरत है। कहीं पुराने तालाबों और जल स्रोतों को सुधारने की जरूरत सामने आई तो कहीं वर्षा जल को बहकर बाहर जाने से रोकने वाले छोटे ढांचों को प्राथमिकता दी गई। खेत और गांव की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कार्ययोजनाएं तैयार करने की व्यवस्था अपनाई गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार ने अभियान में ‘बॉटम-टू-टॉप’ मॉडल पर काम करने का दावा किया है। सामान्य तौर पर बड़ी योजनाएं ऊपर से तय होकर गांवों तक पहुंचती हैं, लेकिन इस मॉडल में जरूरत की पहचान स्थानीय स्तर से शुरू करने पर जोर दिया गया। गांव से मिले प्रस्तावों को आगे की योजना से जोड़ा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस प्रक्रिया में ग्रामीणों को केवल सरकारी योजना का लाभ लेने वाला व्यक्ति नहीं माना गया। उन्हें योजना तैयार करने और काम की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया में शामिल किया गया। विभाग का मानना है कि स्थानीय भागीदारी से बनाए गए जल संरक्षण ढांचे की उपयोगिता और देखरेख दोनों बेहतर हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान का प्रमुख उद्देश्य बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा गांव की सीमा के भीतर रोकना है। मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में पानी नालों और दूसरे प्राकृतिक रास्तों से बहकर निकल जाता है। छोटे जल संरक्षण ढांचे इस बहाव की गति कम करने और पानी को जमीन में पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। वर्षा जल को रोकने से भूजल पुनर्भरण की संभावना भी बढ़ती है। गांवों में पेयजल और सिंचाई के लिए भूजल पर काफी निर्भरता रहती है। गर्मी के महीनों में जलस्तर नीचे जाने पर कई इलाकों में हैंडपंप, कुएं और दूसरे स्रोत प्रभावित होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय जल स्रोतों को मजबूत करने के लिए वर्षा के पानी को सहेजने पर जोर दिया गया है। खेतों के आसपास पानी रोकने से मिट्टी में नमी ज्यादा समय तक बनी रह सकती है। इससे खेती और दूसरी ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जल संरक्षण को रोजगार से जोड़ना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में स्थानीय मजदूरों को काम उपलब्ध कराया गया। इससे ग्रामीणों को गांव में रोजगार मिलने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार हुईं जिनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के माध्यम से बनने वाले जल संरक्षण ढांचे खेती से भी सीधे जुड़े होते हैं। पानी की उपलब्धता बेहतर होने पर किसान एक से ज्यादा फसल लेने की योजना बना सकते हैं। पशुपालन और दूसरे कृषि आधारित कामों के लिए भी स्थानीय जल स्रोत महत्वपूर्ण होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान में केवल निर्माण कार्यों पर ध्यान नहीं दिया गया है। जल संरक्षण को लेकर लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए प्रशिक्षण तथा जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को पानी के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। राज्य में अब तक 500 से अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। इन कार्यक्रमों में जल संरक्षण की जरूरत, गांव स्तर पर योजना तैयार करने और उपलब्ध जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को इसमें महत्वपूर्ण माना गया है। गांव में किस स्थान पर पानी की सबसे ज्यादा समस्या है, कौन सा पुराना जल स्रोत सुधारने की जरूरत है और कहां नया ढांचा उपयोगी हो सकता है, इसकी जानकारी स्थानीय लोगों के पास सबसे ज्यादा होती है। इसी वजह से ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जानकारी को तकनीकी योजना से जोड़ने का प्रयास किया गया। पंचायतों के प्रस्तावों के आधार पर कामों को मनरेगा या अन्य विभागीय योजनाओं से स्वीकृति देकर आगे बढ़ाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक संकल्प कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एक लाख से ज्यादा लोगों ने पानी बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया है। इसमें ग्रामीण परिवारों के साथ पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय समूह भी शामिल हुए। लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में पानी की बर्बादी रोकने, पुराने जल स्रोतों की देखरेख करने और वर्षा जल को सहेजने के प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान में विभागीय समन्वय को भी महत्वपूर्ण रखा गया है। केवल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे विभागों के संसाधनों और योजनाओं को जल संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी मॉडल के तहत 51 हजार से ज्यादा काम विभिन्न विभागों के सहयोग से पूरे हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण सीधे खेती से जुड़ा मुद्दा है। बारिश का पैटर्न बदलने या कम समय में ज्यादा वर्षा होने की स्थिति में पानी तेजी से बह जाता है। ऐसे में छोटे जल ढांचे पानी को स्थानीय स्तर पर रोकने में उपयोगी हो सकते हैं। खेतों में नमी लंबे समय तक रहने से सिंचाई की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है। वहीं भूजल स्तर में सुधार होने पर कुओं और अन्य स्रोतों में पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है। इन्हीं कारणों से अभियान में जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका से जोड़कर देखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों की भौगोलिक परिस्थितियां भी अलग हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे वन क्षेत्र, मध्य छत्तीसगढ़ का मैदानी इलाका और कृषि प्रधान जिले पानी की अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हैं। इसलिए स्थानीय जरूरत के अनुसार काम चुनने की व्यवस्था रखी गई है। अभियान के तहत गांवों में पहले से मौजूद जल संरचनाओं को उपयोगी बनाने पर भी जोर है। पुराने जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाने और बारिश का पानी उनके कैचमेंट तक पहुंचाने जैसे काम स्थानीय योजना के आधार पर किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचायत स्तर पर तैयार योजनाओं को मनरेगा से जोड़ने के कारण बड़ी संख्या में कार्य एक साथ शुरू करना संभव हुआ। अब तक पूरे हुए 6 लाख से ज्यादा मनरेगा कार्यों के जरिए ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार भी मिला और गांवों में जल संरक्षण की परिसंपत्तियां तैयार हुईं। 24 अप्रैल 2025 को शुरू हुए ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत अब तक कुल 6,60,105 कार्य पूरे किए जाने की जानकारी है। इनमें 6,08,909 काम मनरेगा से और 51,196 काम दूसरे विभागों के समन्वय से कराए गए हैं।</p>
<p>अभियान का नेटवर्क प्रदेश के सभी 33 जिलों, 146 जनपद पंचायतों और 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है। इसके साथ 500 से ज्यादा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और एक लाख से अधिक लोगों को जल संरक्षण के संकल्प से जोड़ा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:24 +0530</pubDate>
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                <title>बिलासपुर में फर्जी ED अफसर बनकर 6.82 लाख की ठगी, पति-पत्नी पर केस</title>
                                    <description><![CDATA[सिम्स में कैंटीन का ठेका और दो युवकों को ED में नौकरी दिलाने का दिया भरोसा, बैंक और नकद में लिए रुपए; रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित पहुंचा थाने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/case-against-husband-and-wife-for-cheating-rs-682-lakh/article-59267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/fake-ed-officer-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">खुद को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से जुड़ा प्रभावशाली अधिकारी बताकर एक परिवार से लाखों रुपए लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका दिलाने और दो युवकों को ED में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अलग-अलग किस्तों में कुल 6 लाख 82 हजार रुपए लिए गए। लंबे समय तक न ठेका मिला और न नौकरी लगी तो पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपों से जुड़े बैंक ट्रांजैक्शन, नकद भुगतान और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इसी तरीके से किसी और व्यक्ति से भी रकम तो नहीं ली।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता देवेन्द्र ठक्कर रेलवे महाराष्ट्र मंडल, टिकरापारा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी मुलाकात सिम्स अस्पताल में राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन से हुई थी। आरोपी दंपती के ठठारी, जिला जांजगीर-चांपा का निवासी होने की जानकारी पुलिस को दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायत में बताया गया है कि शुरुआती मुलाकात के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत बढ़ी। इसी दौरान राहुल ने कथित तौर पर खुद को ED का अधिकारी बताया। उसने अपने प्रभाव और संपर्कों का जिक्र कर शिकायतकर्ता का भरोसा जीतने की कोशिश की।</p>
<p class="isSelectedEnd">आरोप है कि राहुल ने दावा किया कि उसकी सरकारी विभागों में अच्छी पहुंच है और वह अपने संपर्कों के जरिए बड़े काम आसानी से करा सकता है। इसी बातचीत के दौरान सिम्स अस्पताल और कोनी क्षेत्र में कैंटीन का ठेका दिलाने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया पूरी कर उसे कैंटीन संचालन का काम दिलाया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीड़ित के मुताबिक केवल कैंटीन ठेका ही नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी दिलाने की बात भी कही गई। राहुल ने कथित तौर पर देवेन्द्र के बेटे और उसके एक दोस्त को प्रवर्तन निदेशालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। सरकारी विभाग का नाम और अधिकारी होने का दावा किए जाने के कारण परिवार ने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायत में आरोप है कि कैंटीन का ठेका और नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे गए। रकम एक बार में न लेकर अलग-अलग समय पर किस्तों में ली गई। कुछ भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किए गए, जबकि कुछ रकम नकद देने की बात शिकायत में कही गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अलग-अलग भुगतान को जोड़ने पर कुल रकम 6 लाख 82 हजार रुपए बताई गई है। पीड़ित का आरोप है कि हर बार पैसा लेते समय काम जल्द पूरा होने का भरोसा दिया जाता रहा। कभी ठेका प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई तो कभी नौकरी से जुड़ी औपचारिकता पूरी होने का दावा किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">समय गुजरने के बावजूद जब कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया तो परिवार को शक होने लगा। सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका नहीं मिला। दूसरी तरफ जिन दो युवकों को ED में नौकरी दिलाने की बात कही गई थी, उनकी नियुक्ति भी नहीं हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद शिकायतकर्ता ने कथित ED अधिकारी से काम की वास्तविक स्थिति पूछनी शुरू की। आरोप है कि शुरुआत में अलग-अलग कारण बताकर समय मांगा गया। परिवार ने जब नियुक्ति और कैंटीन ठेके से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज मांगे तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd">काफी समय तक इंतजार करने के बाद देवेन्द्र ठक्कर ने दिए गए पैसे वापस मांगने शुरू किए। शिकायत के अनुसार शुरुआत में रकम लौटाने का भरोसा दिया गया, लेकिन पूरा पैसा वापस नहीं किया गया। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही और रकम वापस करने का दबाव बनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस कार्रवाई की बात सामने आने पर कुछ रकम लौटाए जाने का दावा किया गया है। पीड़ित के मुताबिक कई बार मांग करने और दबाव बनाने के बाद कुल राशि का एक बड़ा हिस्सा वापस मिला, लेकिन पूरी रकम नहीं लौटाई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी भी करीब 1 लाख 62 हजार रुपए आरोपियों के पास बाकी हैं। लगातार रकम मांगने के बावजूद जब शेष पैसा नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस के पास जाने का फैसला किया। शनिवार को कोतवाली थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने शिकायत में दिए गए तथ्यों और शुरुआती जानकारी के आधार पर राहुल मिश्रा और उसकी पत्नी पदमा जनार्दन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों की कथित भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है। पैसे किन खातों में जमा हुए और उनका आगे क्या इस्तेमाल हुआ, यह भी जांच का हिस्सा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में बैंक ट्रांजैक्शन महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। शिकायतकर्ता की ओर से जिन खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी दी गई है, उनके लेनदेन का रिकॉर्ड पुलिस जुटा सकती है। भुगतान की तारीख और रकम का मिलान शिकायत में दिए गए घटनाक्रम से किया जाएगा। नकद में दिए गए पैसों को लेकर भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह देखा जाएगा कि रकम देते समय कोई व्यक्ति मौजूद था या भुगतान से संबंधित कोई मैसेज, रसीद अथवा डिजिटल बातचीत उपलब्ध है। मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल राहुल के कथित ED अधिकारी होने के दावे को लेकर है। यह सत्यापित किया जा रहा है कि उसका प्रवर्तन निदेशालय से वास्तव में कोई संबंध है या उसने केवल सरकारी अधिकारी बनकर शिकायतकर्ता का भरोसा हासिल किया। अगर जांच में यह सामने आता है कि उसने जानबूझकर ED अधिकारी होने की झूठी पहचान बताई थी, तो इससे मामले में दूसरे कानूनी पहलुओं की भी जांच हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अपनी पहचान साबित करने के लिए कोई फर्जी दस्तावेज, परिचय पत्र या दूसरी सामग्री दिखाई थी या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सिम्स अस्पताल में कैंटीन का ठेका दिलाने के दावे की भी जांच की जा रही है। सरकारी या सार्वजनिक संस्थान में कैंटीन संचालन के लिए आम तौर पर निर्धारित प्रक्रिया होती है। पुलिस यह देख सकती है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को किसी वास्तविक टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी थी या केवल प्रभाव के आधार पर ठेका दिलाने का भरोसा दिया था। इसी तरह ED में नौकरी दिलाने के कथित दावे से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। शिकायतकर्ता के बेटे और दूसरे युवक से नौकरी के लिए कौन-कौन से कागजात लिए गए, क्या कोई आवेदन भरवाया गया और नियुक्ति के नाम पर कोई पत्र दिया गया था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप को पुलिस गंभीरता से देख रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि पैसे किस मद में मांगे गए थे। क्या भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन या किसी अधिकारी तक रकम पहुंचाने जैसी कोई वजह बताई गई थी, इसे शिकायतकर्ता के बयान से स्पष्ट किया जाएगा। आरोपी की पत्नी पदमा जनार्दन की भूमिका भी जांच में है। शिकायत में पति-पत्नी दोनों पर मिलकर रकम लेने का आरोप लगाया गया है। पुलिस यह देख रही है कि भुगतान में पत्नी के बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ या वह पैसे मांगने और काम दिलाने के कथित आश्वासन में शामिल थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के मोबाइल रिकॉर्ड भी मामले की दिशा तय कर सकते हैं। पैसे मांगने, काम होने का भरोसा देने और रकम वापस करने से जुड़े मैसेज अगर उपलब्ध हुए तो उन्हें जांच में शामिल किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। बैंक स्टेटमेंट में दिखने वाले लेनदेन को आरोपी पक्ष के खातों से मिलाया जाएगा। जिन तारीखों पर भुगतान हुआ, उसके आसपास हुई कॉल और बातचीत का रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है। पुलिस यह भी जांच सकती है कि आरोपियों के खिलाफ पहले किसी दूसरे थाने या जिले में इसी तरह की शिकायत दर्ज हुई है या नहीं। अगर सरकारी नौकरी, ठेका या प्रभावशाली अधिकारी होने का दावा कर दूसरे लोगों से भी पैसे लेने की शिकायत मिलती है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। नौकरी का भरोसा जिन दो युवकों को दिया गया था, उनसे भी जानकारी ली जा सकती है। उनसे पूछा जाएगा कि आरोपी ने नौकरी को लेकर क्या दावा किया और किस आधार पर पैसे मांगे गए थे। सिम्स अस्पताल से संबंधित कैंटीन ठेके की वास्तविक प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। इससे यह साफ होगा कि संबंधित अवधि में कोई ठेका प्रक्रिया चल रही थी या नहीं और आरोपी का उससे किसी तरह का संबंध था या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>रायपुर आगकांड में शाकिब की मौत, गाड़ी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[घटना से पहले फोन पर हुई थी करीब तीन मिनट बातचीत, सात दिन इलाज के बाद युवक ने तोड़ा दम; परिजनों ने साजिश का आरोप लगाया, CCTV और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/shakibs-death-in-raipur-fire-police-busy-investigating-vehicle-dispute/article-59266"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-fire-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजधानी के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में आग की चपेट में आए युवक शाकिब की सात दिन तक इलाज चलने के बाद मौत हो गई। घटना को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को शाकिब और उसके परिचितों के बीच गाड़ी के लेन-देन को लेकर पुराने विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक का जलना हादसा था या इसके पीछे किसी तरह की साजिश थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने इस घटना को सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि गाड़ी देने से मना करने और पुराने विवाद के कारण शाकिब को निशाना बनाया गया। परिवार ने पुलिस को कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपने की बात कही है। इन रिकॉर्डिंग की सत्यता और घटना से उनके संबंध की जांच पुलिस कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले शाकिब की फोन पर करीब तीन मिनट बातचीत हुई थी। बातचीत में गाड़ी से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र होने की बात सामने आई है। पुलिस के लिए यह कॉल अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। कॉल किसके साथ हुई और बातचीत के बाद घटनाक्रम किस तरह बदला, इसकी पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों के मुताबिक उपलब्ध ऑडियो में शाकिब सामने वाले व्यक्ति को समझाने की कोशिश करता सुनाई देता है। वह परिवार की बातों को गलत तरीके से नहीं लेने और विवाद बढ़ाने से बचने की बात कह रहा था। इसी बातचीत में गाड़ी से जुड़ा मुद्दा भी सामने आने का दावा किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार का आरोप है कि दूसरी तरफ से गाड़ी में आग लगाने जैसी बात भी कही गई थी। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि और फोरेंसिक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस रिकॉर्डिंग को दूसरे तकनीकी साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि बातचीत घटना से सीधे जुड़ी थी या नहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना वाले दिन शाकिब आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसका इलाज लगातार जारी रहा, लेकिन सात दिन बाद उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुरुआती जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शाकिब को आग लगने के बाद सोनू समेत कुछ युवक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उसे इलाज के लिए रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया। पुलिस अब उन सभी लोगों की भूमिका और घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी की जांच कर रही है जो उस समय शाकिब के साथ बताए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाकिब को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसके परिवार को घटना की जानकारी दी गई थी। जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक सोनू ने शाकिब की मां को फोन कर अस्पताल बुलाया था। परिवार का कहना है कि फोन पर उन्हें बताया गया कि शाकिब एक हादसे में जल गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहीं से परिवार को घटना को लेकर संदेह होने की बात कही जा रही है। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई। बाद में जब उन्होंने शाकिब के परिचितों, पुराने विवाद और फोन पर हुई बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई तो कई सवाल सामने आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शाकिब आग की चपेट में आखिर किन परिस्थितियों में आया। घटनास्थल पर उस समय कौन-कौन मौजूद था और आग कैसे लगी, इन सवालों का जवाब तलाशा जा रहा है। घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के समय कुछ लोग बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे थे। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह जांच रही है कि घटनास्थल पर किसी ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या आग किसी दूसरी वजह से लगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस मामले में CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। इससे घटना से पहले और बाद में वहां आने-जाने वाले लोगों तथा वाहनों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अस्पताल से जुड़े रिकॉर्ड भी जुटा रही है। शाकिब को किस समय अस्पताल लाया गया, उसे कौन लेकर पहुंचा और भर्ती कराते समय घटना के बारे में क्या जानकारी दी गई थी, इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। मेडिकल दस्तावेज भी जांच का अहम हिस्सा हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की पूरी टाइमलाइन बनाने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। शाकिब ने घटना से पहले किन लोगों से बात की, किसने उसे फोन किया और घटना के तुरंत बाद किन नंबरों पर बातचीत हुई, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मोबाइल लोकेशन भी जांच में अहम साबित हो सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना के समय संबंधित लोग किस जगह मौजूद थे। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों को प्रत्यक्ष जानकारी और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ मिलाकर देख रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मृतक की बहन शहरबान ने दावा किया है कि शाकिब और सोनू के बीच काफी पहले गाड़ी को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। परिवार के अनुसार दोनों के संबंध पहले जैसे सामान्य नहीं थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">शहरबान का आरोप है कि पुराने विवाद के बावजूद घटना वाले दिन उसके भाई को कुछ लोग अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद परिवार को फोन करके उसके जलने की सूचना दी गई। परिवार इसी घटनाक्रम को संदिग्ध मान रहा है और पुलिस से सभी संबंधित लोगों की भूमिका की गहराई से जांच की मांग कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने एक अन्य युवक मुकेश की कही बात का भी जिक्र किया है। मृतक की बहन के अनुसार मुकेश ने घटना के बाद अपनी गलती होने जैसी बात कही थी। पुलिस यह पता लगा रही है कि कथित तौर पर कही गई इस बात का संदर्भ क्या था और घटना में उसकी वास्तविक भूमिका क्या रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए बयान और उपलब्ध ऑडियो को जांच में शामिल किया गया है। किसी व्यक्ति की कथित स्वीकारोक्ति या फोन पर हुई बातचीत को दूसरे सबूतों से जोड़कर ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाकिब की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम और मेडिकल रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण हो गई है। युवक कितना प्रतिशत झुलसा था, शरीर के किन हिस्सों पर गंभीर चोटें थीं और इलाज के दौरान उसकी स्थिति किस तरह बदली, इन जानकारियों से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों का भी दोबारा परीक्षण कर रही है। आग लगने की जगह, वहां मौजूद वस्तुओं और ज्वलनशील पदार्थ से जुड़े संभावित साक्ष्यों को देखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिजनों ने जांच की रफ्तार पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शुरुआत से मामले की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई और संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी में देरी की गई। परिवार चाहता है कि घटना में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ कर उनकी भूमिका स्पष्ट की जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस की जांच का एक बड़ा हिस्सा पुराने गाड़ी विवाद पर केंद्रित है। यह देखा जा रहा है कि विवाद कब शुरू हुआ था, किन लोगों के बीच था और क्या इसे लेकर पहले भी धमकी या झगड़े की कोई घटना हुई थी। पुराने मोबाइल मैसेज और कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार के मुताबिक शाकिब विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता था। कथित फोन रिकॉर्डिंग में भी वह सामने वाले पक्ष को समझाने और परिवार की बातों को लेकर नाराज न होने की बात कहता सुनाई देने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी इस रिकॉर्डिंग के समय और संबंधित नंबरों का सत्यापन कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाकिब को अस्पताल पहुंचाने वाले युवकों के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के ठीक पहले क्या हुआ, आग कैसे लगी और शाकिब को किस हालत में अस्पताल ले जाया गया। अलग-अलग बयानों में अंतर मिलने पर उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद शाकिब के परिवार को फोन करने वाले व्यक्ति की बातचीत भी जांच में शामिल है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि परिवार को शुरुआत में घटना को हादसा क्यों बताया गया और उस समय तक मौजूद लोगों को वास्तव में कितनी जानकारी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">CCTV, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, अस्पताल के दस्तावेज और परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो को एक साथ जोड़कर घटनाक्रम स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का फोकस यह तय करने पर है कि शाकिब के आग की चपेट में आने के पीछे दुर्घटना थी या किसी व्यक्ति की जानबूझकर की गई कार्रवाई।</p>
<p>सरस्वती नगर थाना पुलिस मामले में घटना से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। युवक की मौत के बाद मामले में लागू कानूनी धाराओं पर भी साक्ष्यों के आधार पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। पुलिस की जांच में गाड़ी विवाद के साथ घटना वाले दिन मौजूद सभी लोगों की भूमिका को शामिल किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <title>सूरत की तरक्की उद्यमियों के हाथ, नई औद्योगिक नीतियों का उठाएं लाभ: हर्ष संघवी</title>
                                    <description><![CDATA[बीएनआई के 10वें बिजनेस कॉन्क्लेव में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री, 55 से अधिक शहरों और दो देशों के प्रतिनिधि पहुंचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/surats-progress-is-in-the-hands-of-entrepreneurs-take-advantage/article-59264"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bni-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> (</strong><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गुजरात</span>), 18 </strong><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जुलाई</span>: </strong><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">औद्योगिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नगरी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> (<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span>) <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चैप्टर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ओर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयोजित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दिवसीय</span> 10<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वें</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बिजनेस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कॉन्क्लेव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शनिवार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सरसाणा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डोम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शुभारंभ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हुआ।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कार्यक्रम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गुजरात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उपमुख्यमंत्री</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हर्ष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संघवी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मुख्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अतिथि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रूप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शामिल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हुए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्यमियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संबोधित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">करते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हुए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">राज्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">औद्योगिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नीतियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकतम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लाभ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उठाने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आह्वान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">किया।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उपमुख्यमंत्री</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हर्ष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संघवी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गुजरात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सेमीकंडक्टर</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डेटा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सेंटर</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जीसीसी</span> (<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ग्लोबल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कैपेबिलिटी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सेंटर</span>) <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इलेक्ट्रॉनिक्स</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मैन्युफैक्चरिंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जैसे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">क्षेत्रों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">तेजी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">निवेश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पिछले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">छह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">महीनों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">राज्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सेमीकंडक्टर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ओसैट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इकाइयों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लोकार्पण</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चुका</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जिससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्योगों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अवसर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पैदा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">होंगे।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उन्होंने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्यमियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सरकार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नीतियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अध्ययन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">करना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चाहिए</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ताकि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इनका</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लाभ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उठाकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अपने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कारोबार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विस्तार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सकें।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उन्होंने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">टेक्सटाइल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नीति</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सहित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विभिन्न</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">औद्योगिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नीतियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">महत्वपूर्ण</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सुधार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">किए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जिनका</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लाभ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्योग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जगत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मिलेगा।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जैसे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मंच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सहयोग</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नेटवर्किंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सामूहिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विकास</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भावना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मजबूत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">करते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रगति</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">यहां</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्यमियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हाथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सभी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मिलकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शहर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">राज्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विकास</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">योगदान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">देना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चाहिए।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अवसर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">एक्जीक्यूटिव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डायरेक्टर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गौरव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सिंधवी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बताया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वर्ष</span> 2016 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शुरुआत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हुई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">थी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आज</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संस्था</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व्यापारिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नेटवर्किंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मजबूत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मंच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चुकी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संरचित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नेटवर्किंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">माध्यम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हजारों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्यमियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अपने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कारोबार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विस्तार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">किया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दसवें</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वर्ष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रवेश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चुका</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">यह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कॉन्क्लेव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पहले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">तुलना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कहीं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व्यापक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">स्वरूप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयोजित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">किया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उन्होंने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बताया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दिवसीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कॉन्क्लेव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">देश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> 55 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शहरों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रतिनिधि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भाग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रहे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूरत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> 2,000 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सदस्य</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शहर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> 3,000 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> 4,000 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्योगपति</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">तथा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बड़ी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संख्या</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व्यवसायी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगंतुक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इसमें</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शामिल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रहे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> 86 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">देशों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सक्रिय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इसलिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">देशों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रतिनिधि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रूप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कार्यक्रम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पहुंचे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कॉन्क्लेव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रिटेल</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बी</span>-<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">टू</span>-<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बी</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बी</span>-<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">टू</span>-<span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सी</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बड़े</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्योगों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बिल्डर्स</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सहित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विभिन्न</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">क्षेत्रों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उद्यमी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भाग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रहे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयोजन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">स्थल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पर</span> 100 <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बिजनेस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">स्टॉल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">लगाए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गौरव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सिंधवी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आज</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रतिस्पर्धा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दौर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीएनआई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सहयोग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भाईचारे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भावना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व्यापार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बढ़ाने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मंच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उपलब्ध</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">करा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">है।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दिवसीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कॉन्क्लेव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व्यापार</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नेतृत्व</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">व्यक्तिगत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विकास</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जुड़े</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रतिष्ठित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वक्ता</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अपने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अनुभव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">साझा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">करेंगे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>रीवा में सरकारी किताबों के 450 बंडल गायब, 36 लाख का स्टॉक लापता होने पर FIR</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त बांटी जानी थीं किताबें, गोदाम के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में मिला बड़ा अंतर; भोपाल से पहुंची टीम ने शुरू की जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/450-bundles-of-government-books-missing-in-rewa-fir-on/article-59262"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-textbook-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के रीवा में सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए भेजी गई मुफ्त पाठ्यपुस्तकों के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के गोदाम से करीब 450 बंडल किताबें कम मिलने की बात सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। इन किताबों की कीमत करीब 35 से 36 लाख रुपए बताई जा रही है। चोरहटा थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि ये किताबें बाजार में बिक्री के लिए नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए भेजी गई थीं। स्टॉक मिलान के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज किताबों और गोदाम में वास्तव में मौजूद किताबों की संख्या में बड़ा अंतर मिला। इतनी बड़ी मात्रा में किताबें कहां गईं, फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पाठ्यपुस्तकों के वितरण को लेकर पिछले कुछ दिनों से शिकायतें सामने आ रही थीं। कई सरकारी स्कूलों तक जरूरत के मुताबिक किताबें नहीं पहुंचने की बात कही गई थी। इसके बाद प्रशासन ने किताबों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जांच कराने का फैसला लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्कूलों तक किताबों का वितरण सुनिश्चित करने और गोदाम के स्टॉक की जांच करने के निर्देश दिए थे। जब रिकॉर्ड के आधार पर गोदाम में रखी किताबों का भौतिक सत्यापन किया गया तो बड़ी संख्या में बंडल कम मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के शुरुआती आंकड़ों में करीब 450 बंडल पाठ्यपुस्तकों का अंतर सामने आया। इनकी अनुमानित कीमत 35 से 36 लाख रुपए के आसपास बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी किताबों का रिकॉर्ड से गायब होना सामान्य स्टॉक त्रुटि है या इसके पीछे किसी स्तर पर जानबूझकर गड़बड़ी की गई, इसकी जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले की शिकायत मिलने के बाद चोरहटा पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किताबों की खेप गोदाम तक पहुंचने से लेकर स्कूलों में वितरण के बीच किस स्तर पर गायब हुई। इसके लिए स्टॉक रजिस्टर, चालान और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">चोरहटा थाना प्रभारी पवन शुक्ला के मुताबिक गोदाम से करीब 450 बंडल किताबें कम होने का मामला सामने आया है। इनकी कीमत लगभग 35 से 36 लाख रुपए बताई गई है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और दस्तावेजों की जांच के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में इन किताबों की स्थिति क्या दिखाई गई थी। अगर रिकॉर्ड में किताबों को स्कूलों तक भेजा जाना दर्ज है तो संबंधित स्कूलों से भी जानकारी ली जा सकती है। इससे यह पता चलेगा कि वास्तविक रूप से कितनी किताबें स्कूलों तक पहुंचीं और कितनी केवल कागजों में वितरित दिखा दी गईं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूत्रों के मुताबिक कुछ स्कूलों से समय पर पूरी किताबें नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई थी। बच्चों तक किताबें नहीं पहुंचने के बावजूद अगर रिकॉर्ड में वितरण पूरा दिखाया गया है तो यह जांच का बड़ा बिंदु हो सकता है। अधिकारियों की टीम वितरण से जुड़े प्रत्येक चरण का मिलान कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक और गंभीर आशंका सरकारी किताबों के खुले बाजार तक पहुंचने को लेकर जताई गई है। शिकायतों में यह बात सामने आने की चर्चा है कि मुफ्त वितरण के लिए छपी कुछ सरकारी पाठ्यपुस्तकें बाजार में देखी गईं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या गायब स्टॉक और बाजार में किताबें पहुंचने के बीच कोई संबंध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इस संबंध में अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचा गया है। जांच पूरी होने से पहले यह स्पष्ट नहीं है कि किताबें वास्तव में किसी निजी चैनल के जरिए बेची गईं या स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड में किसी दूसरी वजह से अंतर आया। पुलिस और विभागीय टीम दोनों पहलुओं को देखकर रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामला सामने आने के बाद भोपाल से भी अधिकारियों की एक टीम रीवा पहुंची है। यह टीम पाठ्यपुस्तक निगम के गोदाम में रखे स्टॉक के साथ पुराने वितरण रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। किताबों की आवक, गोदाम में जमा स्टॉक और वहां से भेजी गई खेप का अलग-अलग मिलान किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">टीम की जांच में स्टॉक रजिस्टर महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें गोदाम में आने और बाहर भेजी जाने वाली किताबों का पूरा हिसाब दर्ज होना चाहिए। अधिकारियों द्वारा रजिस्टर की एंट्री को वास्तविक स्टॉक और स्कूलों को जारी किए गए वितरण रिकॉर्ड से मिलाया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">डिस्पैच से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। किस तारीख को कितनी किताबें किस स्कूल या वितरण केंद्र के लिए भेजी गईं, उन्हें ले जाने वाले वाहन की जानकारी क्या थी और किताबें किस अधिकारी या कर्मचारी की निगरानी में रवाना हुईं, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच में एक और चौंकाने वाला अंतर सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ ऐसी किताबें गोदाम में मिलने की जानकारी है जिन्हें रिकॉर्ड में पहले ही वितरित या स्टॉक से समाप्त दिखाया जा चुका था। अगर जांच में इसकी पुष्टि होती है तो गोदाम के रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के सामने सवाल है कि जिन किताबों को कागजों में बांटा हुआ बताया गया, वे दोबारा गोदाम में कैसे मौजूद मिलीं। क्या रिकॉर्ड अपडेट करने में लापरवाही हुई या किताबों के वितरण को लेकर कागजी एंट्री और वास्तविक स्थिति अलग-अलग थी, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुराने और संशोधित पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि पाठ्यक्रम बदलने के बाद कुछ किताबें वापस गोदाम में आई हों, लेकिन उनके रिकॉर्ड को सही तरीके से अपडेट नहीं किया गया हो। इस संभावना की भी दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिलहाल किसी अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। जांच टीम यह देख रही है कि किताबों के स्टॉक की निगरानी किन अधिकारियों और कर्मचारियों के जिम्मे थी। गोदाम में किताबों की आवक और वितरण की अनुमति किस स्तर पर दी जाती थी, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">450 बंडल किताबों का आंकड़ा बड़ा होने के कारण परिवहन व्यवस्था भी जांच के घेरे में आ सकती है। इतनी मात्रा में किताबें एक साथ या अलग-अलग खेप में गोदाम से बाहर गई होंगी तो उससे जुड़े वाहन, चालान और रिसीविंग रिकॉर्ड मौजूद होने चाहिए। इन्हीं दस्तावेजों से गायब किताबों की आखिरी दर्ज स्थिति पता लगाने की कोशिश होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर शैक्षणिक सत्र में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई किताबों के अभाव में प्रभावित न हो। समय पर किताबें नहीं पहुंचने से सबसे ज्यादा असर उन्हीं विद्यार्थियों पर पड़ता है जो सरकारी वितरण पर निर्भर हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा जिले के स्कूलों में किताबों की उपलब्धता की स्थिति भी जांच का हिस्सा बन सकती है। यह देखा जाएगा कि कितने स्कूलों को पूरी मांग के अनुसार किताबें मिलीं और किन स्कूलों में कमी रही। स्कूल स्तर पर प्राप्त किताबों के रिकॉर्ड का गोदाम के डिस्पैच रजिस्टर से मिलान करने पर वास्तविक स्थिति और साफ हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अगर किसी स्कूल के नाम पर रिकॉर्ड में किताबें जारी की गईं लेकिन वहां तक खेप नहीं पहुंची, तो संबंधित वितरण प्रक्रिया की अलग से जांच हो सकती है। वहीं स्कूलों को किताबें मिल चुकी थीं लेकिन रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं हुआ, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही के तौर पर देखा जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में आर्थिक अनियमितता की संभावना को भी जांच से बाहर नहीं रखा गया है। करीब 36 लाख रुपए की सरकारी सामग्री का हिसाब नहीं मिलना गंभीर मामला है। जांच में अगर जानबूझकर किताबें गायब करने, बेचने या रिकॉर्ड में हेरफेर करने के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भोपाल से पहुंची जांच टीम पुराने रिकॉर्ड भी देख रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी केवल मौजूदा शैक्षणिक सत्र तक सीमित है या पिछले वितरण में भी इसी तरह की विसंगतियां रही हैं। गोदाम में उपलब्ध स्टॉक का किताबों की कक्षा, विषय और संस्करण के आधार पर सत्यापन किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम की ओर से स्कूलों तक पहुंचाई जाने वाली किताबों की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है। छपाई के बाद किताबें निर्धारित गोदामों में पहुंचती हैं और वहां से मांग के आधार पर स्कूलों या संबंधित वितरण केंद्रों के लिए भेजी जाती हैं। ऐसे में हर चरण पर स्टॉक का स्पष्ट रिकॉर्ड होना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा के मामले में अब जांच का फोकस इसी पूरी सप्लाई चेन पर है। किताबें कब गोदाम में आईं, किस समय उनका स्टॉक दर्ज हुआ, कितनी मात्रा में वितरण के लिए निकाली गईं और किसे प्राप्त हुईं, इन सभी सवालों के जवाब दस्तावेजों से तलाशे जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस भी विभागीय जांच से मिलने वाले रिकॉर्ड के आधार पर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर परिवहन एजेंसियों और किताबों की खेप प्राप्त करने वाले स्कूलों से भी जानकारी जुटाई जाएगी।</p>
<p>करीब 450 बंडल और 35 से 36 लाख रुपए की पाठ्यपुस्तकों के गायब होने के मामले में फिलहाल FIR दर्ज है। भोपाल से आई टीम स्टॉक रजिस्टर, वितरण दस्तावेज, डिस्पैच रिकॉर्ड और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक किताबों का मिलान कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 12:00:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंदौर में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, नेहरू स्टेडियम में बनेगी विशाल मानव श्रृंखला</title>
                                    <description><![CDATA[‘Stay Away from Drugs 2.0’ अभियान के तहत सुबह 8:45 बजे जुटेंगे शहरवासी, छात्र-युवा और सामाजिक संगठन मिलकर देंगे नशामुक्त इंदौर का संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-campaign-against-drugs-in-indore-huge-human-chain-will/article-59260"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-anti-drug-campaign.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच इंदौर में सोमवार को बड़े स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ‘Stay Away from Drugs 2.0’ अभियान के तहत नेहरू स्टेडियम में विशाल मानव श्रृंखला बनाने की तैयारी है। सुबह 8:45 बजे शुरू होने वाले इस आयोजन में शहर के अलग-अलग वर्गों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसका मकसद नशे से होने वाले नुकसान को लेकर लोगों, खासकर युवाओं को जागरूक करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानव श्रृंखला में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, सामाजिक संस्थाओं के सदस्य, स्वयंसेवक, पुलिसकर्मी और आम नागरिक हिस्सा ले सकते हैं। आयोजकों की कोशिश है कि एक साथ बड़ी संख्या में लोग हाथ से हाथ जोड़कर नशे के खिलाफ अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि नशे की समस्या केवल पुलिस या प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की भागीदारी भी इसमें जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नेहरू स्टेडियम में होने वाला यह आयोजन अभियान की अब तक की प्रमुख गतिविधियों में शामिल होगा। बड़ी मानव श्रृंखला के जरिए शहर में एक साथ नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की तैयारी की गई है। अलग-अलग शिक्षण संस्थानों और संगठनों से भी इसमें भाग लेने की अपील की गई है। सुबह से ही स्टेडियम परिसर में प्रतिभागियों के पहुंचने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘Stay Away from Drugs 2.0’ अभियान का मुख्य फोकस युवाओं को नशे से दूर रखना है। नशीले पदार्थों का इस्तेमाल शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्थिति, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। अभियान के दौरान इन्हीं पहलुओं को आसान तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। युवाओं को शुरुआती स्तर पर ही नशे के खतरे समझाने पर खास जोर है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान का संदेश है कि नशे से दूरी बनाकर जीवन को अपनाया जाए और सामूहिक भागीदारी से नशामुक्त इंदौर की दिशा में काम किया जाए। पुलिस और अभियान से जुड़े संगठन लोगों को केवल कार्यक्रम में शामिल होने तक सीमित नहीं रखना चाहते। परिवार, मोहल्ले, स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल तक नशे के खिलाफ जागरूकता पहुंचाने की अपील भी की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंदौर पुलिस ने शहरवासियों से मानव श्रृंखला में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने को कहा है। पुलिस का मानना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। अगर युवाओं को नशे की तरफ जाने से शुरुआती स्तर पर रोका जाए तो इसके गंभीर परिणामों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस की कार्रवाई नशा बेचने वालों और अवैध नेटवर्क के खिलाफ लगातार चलती रहती है, लेकिन नशे की मांग को कम करने के लिए लोगों की सोच में बदलाव भी जरूरी माना जा रहा है। इसी वजह से अभियान में प्रवर्तन के साथ जागरूकता को प्रमुख जगह दी गई है। युवाओं और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानव श्रृंखला को भी इसी जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के एक जगह जुटने से नशे के खिलाफ सामूहिक संदेश दिखाई देगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम युवाओं के बीच चर्चा शुरू करने और उन्हें अभियान से सीधे जोड़ने में प्रभावी साबित हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंदौर में ‘Stay Away from Drugs 2.0’ के तहत मानव श्रृंखला से पहले भी कई गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। शहर की सड़कों पर पैदल जागरूकता रैली निकालकर लोगों तक संदेश पहुंचाया गया। इसमें युवाओं और सामाजिक संगठनों ने नशे के खिलाफ पोस्टर और संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा मोटरसाइकिल रैली और कार रैली के जरिए भी अभियान को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया गया। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल केंद्रीय इलाकों तक जागरूकता सीमित रखने के बजाय बाहरी और रहवासी क्षेत्रों के लोगों को भी मुहिम से जोड़ना रहा। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने इन गतिविधियों में भागीदारी की।</p>
<p class="isSelectedEnd">साइकिलिंग से जुड़े लोगों को जोड़ने के लिए साइक्लोथॉन का भी आयोजन किया गया। फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को नशामुक्ति के संदेश से जोड़ते हुए युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों की तरफ प्रेरित किया गया। अभियान में खेल और फिटनेस समूहों की भागीदारी भी देखने को मिली है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षण संस्थानों की भूमिका इस अभियान में खास मानी जा रही है। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी नशे के जोखिम वाले संवेदनशील आयु वर्ग में आते हैं। इसी वजह से शिक्षण संस्थानों के माध्यम से छात्रों को नशीले पदार्थों के नुकसान, गलत संगत और नशे की शुरुआती आदतों के खतरे के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कई जगह विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और संवाद आयोजित किए गए हैं। छात्रों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि किसी दबाव, दिखावे या दोस्तों के प्रभाव में नशीले पदार्थों का प्रयोग आगे गंभीर लत का रूप ले सकता है। शुरुआती जागरूकता को नशे से बचाव का सबसे मजबूत तरीका माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान के जरिए अभिभावकों को भी सतर्क रहने का संदेश दिया जा रहा है। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, पढ़ाई से दूरी, संदिग्ध संगत या दिनचर्या में असामान्य परिवर्तन जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करने की जरूरत बताई जा रही है। परिवार के स्तर पर खुला संवाद युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने में मदद कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">‘Stay Away from Drugs 2.0’ को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए फिल्म और टेलीविजन जगत से जुड़े कलाकारों का सहयोग भी लिया गया है। कई जाने-माने कलाकारों ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से नशे से दूरी बनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभिनेता गोविंद नामदेव ने अभियान के समर्थन में संदेश दिया है। अभिनेता सुधांशु पांडे भी इस पहल से जुड़े हैं। टीवी शो ‘CID’ से पहचान बनाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने भी युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील करते हुए जागरूकता संदेश दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कॉमेडियन सुनील पाल और अभिनेता नील नितिन मुकेश ने भी वीडियो संदेशों के जरिए अभियान का समर्थन किया है। इन कलाकारों के संदेशों को डिजिटल और सोशल मीडिया माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। खासकर युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरों के जरिए नशामुक्ति का संदेश ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया को अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। छोटे वीडियो, जागरूकता संदेश और कार्यक्रमों की जानकारी ऑनलाइन साझा की जा रही है। युवाओं से केवल खुद नशे से दूर रहने की नहीं, बल्कि अपने दोस्तों और आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में बताने की अपील की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस का फोकस नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के साथ इसकी मांग को कम करने पर भी है। अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई एक हिस्सा है, जबकि लोगों को इनके इस्तेमाल से रोकना दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष है। इसी सोच के तहत जागरूकता अभियान को लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नेहरू स्टेडियम में बनने वाली मानव श्रृंखला में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी रहने की संभावना है। स्वयंसेवी संगठन अपने सदस्यों के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों को सुबह निर्धारित समय पर स्टेडियम पहुंचने के लिए प्रेरित किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की मौजूदगी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहेगी। युवाओं को इस मुहिम का संदेशवाहक बनाने की योजना है, ताकि वे अपने शिक्षण संस्थानों और दोस्तों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ा सकें। एक छात्र के जरिए उसके परिवार और मित्र समूह तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानव श्रृंखला में शामिल लोग हाथों में हाथ डालकर सामूहिक रूप से नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाएंगे। इस दौरान जागरूकता संदेश भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि नशामुक्ति का संदेश केवल भाषण तक सीमित न रहे, बल्कि बड़ी सार्वजनिक भागीदारी के रूप में दिखाई दे।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभियान के दौरान स्वस्थ जीवनशैली को भी प्रमुखता दी जा रही है। युवाओं को खेल, व्यायाम, फिटनेस और दूसरी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुलिस और आयोजकों का मानना है कि युवाओं को सकारात्मक विकल्प उपलब्ध कराना नशे की तरफ बढ़ने से रोकने में मददगार हो सकता है।</p>
<p>इंदौर में पहले आयोजित रैली, मोटरसाइकिल रैली, कार रैली और साइक्लोथॉन के बाद अब मानव श्रृंखला के जरिए अभियान को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है। नेहरू स्टेडियम में सुबह 8:45 बजे होने वाले कार्यक्रम के लिए विभिन्न संस्थाओं, छात्रों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों को शामिल होने का आह्वान किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 11:50:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>भोपाल के नरेला में ₹24.78 करोड़ के विकास कार्य शुरू, सड़क-सीवेज और पानी पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड 37 और 38 में दस विकास कार्यों का मंत्री विश्वास सारंग ने किया भूमिपूजन, नई सीवर लाइन से लेकर CC रोड, पेयजल नेटवर्क और पार्कों में बढ़ेंगी सुविधाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/development-work-worth-%E2%82%B9-2478-crore-started-in-narela-bhopal/article-59257"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-narela-development-projects.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एक साथ दस विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। वार्ड 37 और 38 में करीब 24 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से सड़क, सीवेज, पेयजल, नाली और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम किए जाएंगे। रविवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इन कार्यों का भूमिपूजन किया। इसी दौरान कैलाश सारंग पार्क में तैयार ओपन जिम का लोकार्पण भी किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">नरेला विधानसभा के तेजी से विकसित हो रहे रहवासी क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी ढांचे के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही थी। नई परियोजनाओं में भूमिगत सीवर नेटवर्क बढ़ाने के साथ पेयजल पाइपलाइन, सड़क और नाली निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा पार्कों को व्यवस्थित करने और सार्वजनिक उपयोग की दूसरी सुविधाएं विकसित करने के काम भी शामिल किए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पूरे विकास पैकेज में वार्ड 37 के लिए करीब 8 करोड़ 4 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। वहीं वार्ड 38 में लगभग 16 करोड़ 74 लाख रुपए खर्च किए जाने हैं। दोनों वार्डों को मिलाकर कुल दस प्रमुख काम शुरू किए गए हैं। इनका सीधा फायदा कई घनी आबादी वाली कॉलोनियों और आसपास के रहवासी क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वार्ड 37 में सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। पुरुषोत्तम नगर, दुर्गा नगर, बापू कॉलोनी, विजय नगर और राजवीर कॉलोनी सहित आसपास की बस्तियों में सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। नई पाइपलाइन बिछने से घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन इलाकों में आबादी बढ़ने के साथ पुरानी सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है। बारिश के दिनों में कई जगह पानी जमा होने और गंदे पानी की निकासी से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रस्तावित सीवर नेटवर्क को इन्हीं समस्याओं के लंबे समय तक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुरुषोत्तम नगर और विजय नगर में पेयजल व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। यहां नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने और मौजूदा नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है। इससे उन इलाकों तक पानी पहुंचाने में आसानी होगी, जहां आबादी बढ़ने के कारण पुराने नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि शहर के विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। सड़क और पार्क जैसी सुविधाओं के साथ सीवेज तथा पेयजल नेटवर्क को मजबूत करना भी शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई कॉलोनियों और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बुनियादी सुविधाओं को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। विकास कार्यों में सभी वार्डों की जरूरतों को ध्यान में रखने की बात भी कही गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सीवरेज से जुड़े कई काम AMRUT योजना के तहत आगे बढ़ाए जाएंगे। इसका उद्देश्य घरों को व्यवस्थित सीवर नेटवर्क से जोड़ना और गंदे पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था तैयार करना है। भूमिगत नेटवर्क बनने के बाद खुले में बहने वाले गंदे पानी और उससे होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वार्ड 38 में विकास कार्यों का दायरा और बड़ा रखा गया है। यहां साईंराम कॉलोनी, सेमरा, शंकर नगर, स्वदेश नगर, एकतापुरी और पंत नगर सहित कई क्षेत्रों को परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इन इलाकों में सीवर और पेयजल लाइन के साथ सड़क, नाली और दूसरी नागरिक सुविधाओं पर काम होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">वार्ड 38 में करीब 16 करोड़ 74 लाख रुपए के अलग-अलग काम प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे बड़ी परियोजनाओं में एक नई सीसी रोड का निर्माण शामिल है। अशोका गार्डन थाने से एकतापुरी होते हुए सेमरा सब्जी मंडी तक सड़क तैयार की जाएगी। इस मार्ग पर रोज बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और व्यापारिक वाहनों की आवाजाही रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड से इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव अधिक रहने के कारण स्थानीय लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सड़क बनने से सेमरा, एकतापुरी और आसपास की कॉलोनियों के लोगों की आवाजाही आसान हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">सेमरा सब्जी मंडी क्षेत्र व्यावसायिक गतिविधियों के कारण दिनभर व्यस्त रहता है। सब्जी विक्रेताओं, खरीदारों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर काफी दबाव रहता है। प्रस्तावित सड़क निर्माण के दौरान इस इलाके की जरूरतों को ध्यान में रखकर कनेक्टिविटी सुधारने की योजना बनाई गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वार्ड 38 के अलग-अलग इलाकों में नालियों का निर्माण भी किया जाएगा। बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की योजना है। जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या रहती है, वहां पानी को व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए नई नालियों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">साईंराम कॉलोनी, सेमरा और शंकर नगर सहित आसपास के रहवासी इलाकों में सीवेज पाइपलाइन का विस्तार किया जाएगा। घरों को मुख्य सीवर नेटवर्क से जोड़ने के बाद गंदे पानी की निकासी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। इससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और गंदगी की समस्या कम होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्वदेश नगर, एकतापुरी और पंत नगर में भी नागरिक सुविधाओं से जुड़े अलग-अलग काम प्रस्तावित हैं। इन क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक सीवेज, पानी और सार्वजनिक स्थानों के विकास पर राशि खर्च की जाएगी। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">विकास पैकेज में पार्कों को भी शामिल किया गया है। कुछ पार्कों में बाउंड्रीवॉल बनाई जाएगी और सार्वजनिक उपयोग के लिए जगह को व्यवस्थित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच निर्माण और खुले क्षेत्रों में पेवर ब्लॉक लगाने जैसे काम भी योजना का हिस्सा हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सेमरा सब्जी मंडी चौराहे के आसपास सार्वजनिक सुविधा बढ़ाने के लिए नया शौचालय बनाने की योजना है। इस पर करीब 20 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। मंडी में रोज बड़ी संख्या में व्यापारियों और खरीदारों की आवाजाही को देखते हुए लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक शौचालय की जरूरत महसूस की जा रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी कार्यक्रम के दौरान कैलाश सारंग पार्क में तैयार ओपन जिम को भी आम लोगों के लिए शुरू किया गया। पार्क में अलग-अलग तरह के आउटडोर फिटनेस उपकरण लगाए गए हैं। यहां युवा और बुजुर्ग बिना किसी निजी जिम की सदस्यता लिए खुले वातावरण में व्यायाम कर सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि पार्कों को केवल घूमने की जगह तक सीमित रखने के बजाय स्वास्थ्य और सामुदायिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। ओपन जिम इसी सोच का हिस्सा है। लोगों को अपने घर के पास नियमित व्यायाम की सुविधा मिले, इसके लिए दूसरे पार्कों में भी ऐसी सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवर और पानी से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी। कई कॉलोनियों में आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में पुरानी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया। नई परियोजनाओं में भविष्य की आबादी और बढ़ते शहरी क्षेत्र को ध्यान में रखकर नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नरेला विधानसभा भोपाल के तेजी से विस्तार करने वाले शहरी क्षेत्रों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में यहां नई कॉलोनियों के साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इससे सड़कों, पेयजल आपूर्ति, सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। नए कार्यों में इन्हीं बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नगर निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियां अलग-अलग परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू करेंगी। सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान स्थानीय यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माण की योजना अलग-अलग हिस्सों में बनाई जाएगी। सड़क निर्माण और दूसरे काम भी तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाए जाने हैं।</p>
<p>वार्ड 37 में 8.04 करोड़ और वार्ड 38 में 16.74 करोड़ रुपए के कार्यों के साथ कुल निवेश 24.78 करोड़ रुपए रखा गया है। इसमें सीवेज नेटवर्क और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा हिस्सा खर्च होगा। पेयजल, नाली, पार्क, सार्वजनिक शौचालय और दूसरी स्थानीय सुविधाओं के लिए भी अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 11:42:50 +0530</pubDate>
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                <title>डेमो वेब स्टोरी</title>
                
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                <pubDate>Tue, 09 Apr 2024 22:38:10 +0530</pubDate>
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                <pubDate>Tue, 09 Apr 2024 22:36:13 +0530</pubDate>
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