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वैभव सूर्यवंशी की इंडिया-A में शुरुआत, 14 रन बनाकर लौटे
स्पोर्ट्स डेस्क
आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद श्रीलंका-A के खिलाफ पहली बार मैदान में उतरे युवा बल्लेबाज, तीन चौके लगाकर दिखाए आक्रामक तेवर
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। आईपीएल में अपने धमाकेदार प्रदर्शन से देशभर का ध्यान खींचने वाले इस युवा बल्लेबाज ने मंगलवार को इंडिया-A के लिए मैदान में कदम रखा। श्रीलंका में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को श्रीलंका-A के खिलाफ खेलने का मौका मिला। क्रिकेट प्रशंसकों को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। वैभव 14 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि अपनी छोटी पारी में उन्होंने तीन आकर्षक चौके लगाकर अपनी प्रतिभा की झलक जरूर दिखाई। मैच श्रीलंका के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां तीसरी टीम के रूप में अफगानिस्तान-A भी इस टूर्नामेंट का हिस्सा है।
वैभव जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें उन्हीं पर टिकी थीं। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मौका माना जा रहा था। पारी के दूसरे ओवर में उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। श्रीलंकाई गेंदबाज मोहम्मद शिराज के ओवर में उन्होंने दो शानदार चौके लगाए। पहली और तीसरी गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाकर उन्होंने आत्मविश्वास का परिचय दिया। शुरुआती कुछ गेंदों में उनका फुटवर्क और टाइमिंग शानदार नजर आई। ऐसा लग रहा था कि वह एक और बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन जल्द ही उनका विकेट गिर गया और उनकी पारी 14 रन पर समाप्त हो गई।
हालांकि यह पारी बड़ी नहीं रही, लेकिन क्रिकेट जानकारों का मानना है कि एक युवा खिलाड़ी के लिए ऐसे टूर्नामेंट अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच होते हैं। वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं और उनके पास खुद को साबित करने के लिए काफी समय है। यही वजह है कि उनकी छोटी पारी के बावजूद क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा बनी हुई है। खास बात यह है कि इतनी कम उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण मानी जाती हैं।
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने पूरे सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके अलावा उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी टीमों के गेंदबाजों को लगातार परेशान किया। एक मुकाबले में उन्होंने केवल 36 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बना दिया था। इसके अलावा तीन बार वह 90 से 100 रन के बीच आउट हुए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे सीजन में उनका दबदबा कितना मजबूत था।
वैभव का क्रिकेट सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। जनवरी 2024 में उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। उस समय उनकी उम्र केवल 12 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले वह देश के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए। शुरुआती दौर में भले ही उनके आंकड़े बहुत बड़े नहीं थे, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी तकनीक और आत्मविश्वास को देखकर भविष्य का सितारा बताया था। इसके बाद उन्होंने अंडर-19 स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 टेस्ट सीरीज में उन्होंने केवल 58 गेंदों में शतक लगाया था। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक माना जाता है। उस पारी में उन्होंने 104 रन बनाए थे, जिसमें चौकों और छक्कों की भरमार थी। इसी प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
लिस्ट-A क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। अब तक खेले गए मुकाबलों में उन्होंने 44 से अधिक की औसत और 164 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 190 रन रहा है। इतने कम समय में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक भी अपने नाम किया है। उनकी बल्लेबाजी शैली आक्रामक मानी जाती है और यही कारण है कि उन्हें भविष्य का बड़ा मैच विनर माना जा रहा है। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें इंडिया-A टीम में जगह दी। इसके बाद उनका चयन भारतीय टीम के लिए भी हुआ और वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। यदि उनका विकास इसी तरह जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।
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वैभव सूर्यवंशी की इंडिया-A में शुरुआत, 14 रन बनाकर लौटे
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। आईपीएल में अपने धमाकेदार प्रदर्शन से देशभर का ध्यान खींचने वाले इस युवा बल्लेबाज ने मंगलवार को इंडिया-A के लिए मैदान में कदम रखा। श्रीलंका में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को श्रीलंका-A के खिलाफ खेलने का मौका मिला। क्रिकेट प्रशंसकों को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। वैभव 14 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि अपनी छोटी पारी में उन्होंने तीन आकर्षक चौके लगाकर अपनी प्रतिभा की झलक जरूर दिखाई। मैच श्रीलंका के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां तीसरी टीम के रूप में अफगानिस्तान-A भी इस टूर्नामेंट का हिस्सा है।
वैभव जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें उन्हीं पर टिकी थीं। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मौका माना जा रहा था। पारी के दूसरे ओवर में उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। श्रीलंकाई गेंदबाज मोहम्मद शिराज के ओवर में उन्होंने दो शानदार चौके लगाए। पहली और तीसरी गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाकर उन्होंने आत्मविश्वास का परिचय दिया। शुरुआती कुछ गेंदों में उनका फुटवर्क और टाइमिंग शानदार नजर आई। ऐसा लग रहा था कि वह एक और बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन जल्द ही उनका विकेट गिर गया और उनकी पारी 14 रन पर समाप्त हो गई।
हालांकि यह पारी बड़ी नहीं रही, लेकिन क्रिकेट जानकारों का मानना है कि एक युवा खिलाड़ी के लिए ऐसे टूर्नामेंट अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच होते हैं। वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं और उनके पास खुद को साबित करने के लिए काफी समय है। यही वजह है कि उनकी छोटी पारी के बावजूद क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा बनी हुई है। खास बात यह है कि इतनी कम उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण मानी जाती हैं।
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने पूरे सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके अलावा उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी टीमों के गेंदबाजों को लगातार परेशान किया। एक मुकाबले में उन्होंने केवल 36 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बना दिया था। इसके अलावा तीन बार वह 90 से 100 रन के बीच आउट हुए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे सीजन में उनका दबदबा कितना मजबूत था।
वैभव का क्रिकेट सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। जनवरी 2024 में उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। उस समय उनकी उम्र केवल 12 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले वह देश के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए। शुरुआती दौर में भले ही उनके आंकड़े बहुत बड़े नहीं थे, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी तकनीक और आत्मविश्वास को देखकर भविष्य का सितारा बताया था। इसके बाद उन्होंने अंडर-19 स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 टेस्ट सीरीज में उन्होंने केवल 58 गेंदों में शतक लगाया था। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक माना जाता है। उस पारी में उन्होंने 104 रन बनाए थे, जिसमें चौकों और छक्कों की भरमार थी। इसी प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
लिस्ट-A क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। अब तक खेले गए मुकाबलों में उन्होंने 44 से अधिक की औसत और 164 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 190 रन रहा है। इतने कम समय में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक भी अपने नाम किया है। उनकी बल्लेबाजी शैली आक्रामक मानी जाती है और यही कारण है कि उन्हें भविष्य का बड़ा मैच विनर माना जा रहा है। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें इंडिया-A टीम में जगह दी। इसके बाद उनका चयन भारतीय टीम के लिए भी हुआ और वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। यदि उनका विकास इसी तरह जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।
