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                <title>Bulldozer Action - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Bulldozer Action RSS Feed</description>
                
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                <title>रायपुर में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 3 एकड़ की अवैध प्लाटिंग भी ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने जलभराव रोकने और अवैध निर्माण पर सख्ती दिखाते हुए पंडरी, सुखराम नगर और ब्रम्हदेईपारा में अतिक्रमण हटाया, अवैध प्लाटिंग पर भी बड़ी कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/bulldozer-runs-on-illegal-encroachments-in-raipur-illegal-plotting-of/article-58486"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रायपुर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया। निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए नालों पर किए गए अतिक्रमण हटाए, अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया और बिना अनुमति किए गए निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत पंडरी कपड़ा बाजार के दुर्गा नगर क्षेत्र में नाले पर बने अवैध पाटे को तोड़ा गया, जबकि सुखराम नगर में करीब तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नालों पर कब्जों के कारण जल निकासी बाधित होती है, जिससे आसपास की बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना अनुमति किए गए कब्जों, अवैध प्लाटिंग और जल निकासी में बाधा बनने वाले निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर विभिन्न जोनों की टीमों ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन का कहना है कि शहर को जलभराव मुक्त बनाने और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।</p>
<p>कार्रवाई की शुरुआत पंडरी स्थित प्रकाश होलसेल मार्केट के सामने से की गई, जहां नाले पर करीब 100 वर्गफीट का अवैध पाटा बनाकर कब्जा किया गया था। नगर निगम के अनुसार संबंधित दुकान संचालक ने नाले के ऊपर निर्माण कर लिया था, जिससे नाले की नियमित सफाई प्रभावित हो रही थी। बारिश के दौरान यही अतिक्रमण दुर्गा नगर और आसपास की बस्तियों में जलभराव की बड़ी वजह बन रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण को हटा दिया। अधिकारियों ने बताया कि मानसून में नालों की सफाई और पानी की निर्बाध निकासी प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी कारण ऐसे सभी निर्माणों को हटाया जा रहा है, जो जल निकासी में बाधा बन रहे हैं। इसके साथ ही नगर निगम की जोन-1 नगर निवेश विभाग की टीम ने संत कबीर दास वार्ड क्रमांक-3 के सुखराम नगर में दो अलग-अलग स्थानों पर लगभग तीन एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लाटिंग के लिए बनाई गई मुरम सड़क को काट दिया, प्रवेश मार्ग बंद कर दिया और तैयार की गई नींव को भी ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के विकास को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है, ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की कानूनी या मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर निगम ने संबंधित भूमि के वास्तविक स्वामित्व की जानकारी प्राप्त करने के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र भी भेजा है। भूमि मालिक की जानकारी मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इसी अभियान के दौरान वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक-16 के ब्रम्हदेईपारा क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यहां नाले के किनारे बनाई गई एक अवैध झोपड़ी को हटाया गया, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। निगम अधिकारियों के अनुसार मानसून में शहर के संवेदनशील इलाकों में जलभराव रोकने के लिए ऐसे सभी अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। नगर निगम का कहना है कि बिना अनुमति किए गए निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि बारिश के दौरान नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। इसलिए भविष्य में भी अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण और जल निकासी में बाधा बनने वाले निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लाटिंग न करें और नगर नियोजन से जुड़े नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षित आवासीय वातावरण के लिए अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। नगर निगम लगातार ऐसे क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है, जहां अवैध प्लाटिंग या नालों पर कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नकटी गांव में विधायक कॉलोनी के लिए 80 घरों पर चला बुलडोजर, ग्रामीणों का हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह से तैनात रही भारी पुलिस फोर्स, महिलाओं की पुलिस से धक्का-मुक्की, प्रशासन बोला- प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में मिलेगा आवास]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/ruckus-by-villagers-over-bulldozer-on-80-houses-for-mla/article-57300"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nakti-village-demolition.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के माना इलाके स्थित नकटी गांव में सोमवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए प्रशासन ने करीब 80 मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। जैसे ही जेसीबी मशीनें गांव में पहुंचीं, ग्रामीण अपने घरों के सामने जमा हो गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और पुलिस व ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रशासन के अनुसार जिन मकानों को हटाया गया, उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल हैं। कार्रवाई को देखते हुए रविवार देर रात से ही गांव और आसपास के इलाके में एक हजार से अधिक पुलिस जवान तैनात कर दिए गए थे। सुबह प्रशासनिक टीम ने सुरक्षा घेरे के बीच कार्रवाई शुरू की। कई लोगों ने जेसीबी मशीनों के सामने खड़े होकर विरोध जताया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाकर अभियान जारी रखा।<img alt="Z"></img></p>
<p class="isSelectedEnd"> </p>
<p class="isSelectedEnd">कार्रवाई के दौरान गांव का माहौल बेहद भावुक नजर आया। कई परिवार अपने घरों का सामान बाहर निकालते दिखाई दिए। महिलाएं रोती-बिलखती रहीं, जबकि बुजुर्ग और बच्चे मलबे के बीच खड़े होकर अपने टूटते घरों को देखते रहे। इस बीच एक छोटी बच्ची ने रोते हुए कहा कि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया, क्योंकि घर में खाना बनाने का मौका ही नहीं मिला। बच्ची की यह बात सुनकर मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि फिलहाल उनके मकान नहीं तोड़े जाएंगे। उनका आरोप है कि दो दिन पहले ही क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में किसी का घर नहीं हटाया जाएगा। इसी आश्वासन के कारण लोगों ने तत्काल किसी वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी भी नहीं की थी। ऐसे में सोमवार सुबह अचानक हुई कार्रवाई से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। कार्रवाई के दौरान कई जगह महिलाओं ने पुलिस के सामने बैठकर विरोध करने की कोशिश की। कुछ लोगों ने जेसीबी मशीनों को रोकने का भी प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की और सुरक्षा घेरे में कार्रवाई जारी रखी। हालांकि पूरे अभियान के दौरान कई बार तनावपूर्ण माहौल बना रहा और ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पहले से तय योजना के तहत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक विधायक कॉलोनी परियोजना के लिए जमीन खाली कराई जा रही है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने दावा किया कि सभी पात्र परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवंटन की कार्रवाई भी जारी है और लोगों को नियमानुसार नए मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने से पहले मकान तोड़ना उचित नहीं था। उनका आरोप है कि कई परिवारों को अब भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि उन्हें नया मकान कब मिलेगा और वहां तक पहुंचने की व्यवस्था कैसे होगी। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में बेघर होने से उनके सामने रहने, खाने और बच्चों की पढ़ाई जैसी कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नकटी गांव में कई परिवार वर्षों से रह रहे थे और उन्होंने अपने घरों को धीरे-धीरे बनाकर तैयार किया था। अचानक हुई इस कार्रवाई से उनका सामान खुले में आ गया है। कई लोग अपने घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कुछ परिवार मलबे के बीच ही बैठे रहे। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पूरे घटनाक्रम के बाद नकटी गांव में माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है और इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:28:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जबलपुर में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, सड़क-नाली तोड़ी गई</title>
                                    <description><![CDATA[कलेक्टर के निर्देश पर दलपतपुर में देर रात तक चली कार्रवाई, कॉलोनाइजरों पर एफआईआर की तैयारी; प्रशासन ने निवेशकों को भी दी चेतावनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bulldozer-ran-on-illegal-colony-in-jabalpur-road-and-drain/article-55899"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-illegal-colony.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जबलपुर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम दलपतपुर में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर शनिवार को बुलडोजर चलाया गया, जहां बनाई गई सड़कें, नालियां और अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद संबंधित कॉलोनाइजर और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ग्राम दलपतपुर क्षेत्र में लंबे समय से बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन की ओर से जांच के बाद यह पाया गया कि कॉलोनी विकास के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और अनुमति दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद संबंधित कॉलोनाइजर श्री गुरुजी कंस्ट्रक्शन को विधिवत नोटिस जारी किया गया था और अवैध निर्माण स्वयं हटाने का अवसर भी दिया गया। हालांकि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया। इसी के चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम अनुराग सिंह के नेतृत्व में शनिवार को संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई में नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम शामिल रही। मौके पर तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और भेड़ाघाट थाना पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाने का काम शुरू किया गया। शाम से शुरू हुई कार्रवाई रात तक चलती रही। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी में बनाई गई सड़कें, नालियां और अन्य आधारभूत संरचनाएं पूरी तरह अवैध रूप से विकसित की गई थीं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी कॉलोनी का विकास नियमानुसार अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकता है। बिना लाइसेंस और स्वीकृति के की गई प्लॉटिंग तथा विकास कार्य कानून का उल्लंघन है। इसी कारण अवैध रूप से तैयार किए गए निर्माणों को हटाकर भूमि को उसकी मूल स्थिति में वापस लाने की कार्रवाई की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में ऐसी अन्य कॉलोनियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जहां कहीं भी बिना अनुमति के कॉलोनी विकास पाया जाएगा, वहां इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं और कानूनी अधिकारों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर भूखंड खरीद लेते हैं और बाद में पता चलता है कि कॉलोनी को वैधानिक मंजूरी ही नहीं मिली है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोरखपुर ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ केवल निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। संबंधित प्रकरण सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष भी प्रस्तुत किए जाएंगे ताकि वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने, आर्थिक दंड लगाने और अन्य कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि लगातार सख्ती से ही अवैध कॉलोनी कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी रही। कई नागरिकों का कहना है कि शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, जिससे नियोजित विकास प्रभावित होता है। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समय रहते कदम उठाना जरूरी है ताकि आम लोगों को नुकसान से बचाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच करें। कॉलोनाइजर का लाइसेंस, विकास अनुमति, भूमि संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी स्वीकृतियां देखने के बाद ही कोई निर्णय लें। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में कानूनी विवाद, मूलभूत सुविधाओं की कमी और संपत्ति संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दलपतपुर में हुई इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाने के संकेत दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 15:15:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>“हमने वोट दिया, फिर घर क्यों तोड़ा?” 11 साल की बच्ची की भावुक चिट्ठी बनी इंसाफ की आवाज</title>
                                    <description><![CDATA[काठमांडू में बुलडोजर कार्रवाई के बाद 11 साल की बच्ची की चिट्ठी वायरल। बेघर परिवारों की पीड़ा और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/%E2%80%9Cwe-voted-then-why-did-you-break-the-house%E2%80%9D-emotional/article-53340"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t142209.943.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नेपाल की राजधानी काठमांडू में अवैध बस्तियों पर चल रहे बुलडोजर अभियान के बीच एक 11 साल की बच्ची की भावुक चिट्ठी ने पूरे मामले को मानवीय नजरिए से फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस चिट्ठी ने उन हजारों परिवारों की पीड़ा को सामने रख दिया है जो पिछले कुछ हफ्तों में अचानक बेघर हो गए हैं। काठमांडू के थापाथली इलाके से सामने आया यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली राधिका महतो ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को लिखे पत्र में सीधे सवाल खड़े किए हैं। उसने लिखा कि उनके परिवार ने चुनाव में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">घंटी</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनाव चिन्ह और पार्टी को वोट दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो फिर उनका घर क्यों तोड़ दिया गया। पत्र में बच्ची ने साफ शब्दों में पूछा है</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">अब हम कहां रहेंगे और पढ़ाई कैसे करेंगे</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों के बीच गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि बच्ची का परिवार पहले थापाथली क्षेत्र की एक झुग्गी बस्ती में अस्थायी झोपड़ी में रहता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे प्रशासन की कार्रवाई के बाद ढहा दिया गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटना के बाद राधिका का परिवार अन्य सैकड़ों परिवारों के साथ काठमांडू से करीब 75 किलोमीटर दूर बनेपा नगरपालिका के अस्थायी शिविर में भेज दिया गया है। चिट्ठी में बच्ची ने आगे लिखा कि उनके पास अब किराए का घर लेने के पैसे भी नहीं हैं और हालात पहले से ज्यादा खराब हो गए हैं। स्थानीय स्कूल में पढ़ाई कर रही राधिका की शिक्षा भी इस कार्रवाई के बाद रुक गई है। वह प्रशासन से अपील करती दिखी कि बच्चों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था की जाए और रहने के लिए कोई स्थायी इंतजाम हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रशासन की ओर से काठमांडू में पिछले कुछ हफ्तों में करीब 15 हजार से ज्यादा भूमिहीन लोगों को हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं लगभग 4 हजार अस्थायी ढांचों और झुग्गियों को तोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि ये बस्तियां नदी किनारे और सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए शहरी विकास और सुरक्षा के लिहाज से यह कार्रवाई जरूरी थी। हालांकि इस अभियान को लेकर लगातार विरोध भी बढ़ता जा रहा है और कई मानवाधिकार संगठन इसे बिना पुनर्वास की प्रक्रिया के किया गया कदम बता रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच यह मामला नेपाल के सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा है कि बिना उचित पुनर्वास योजना के किसी भी झुग्गी बस्ती को नहीं हटाया जाए। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि विस्थापन की प्रक्रिया में लोगों के आवास</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकारों की रक्षा जरूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरना यह मानवीय संकट का रूप ले सकता है। दूसरी तरफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन और सरकार की ओर से बुलडोजर अभियान का बचाव किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि शहर को व्यवस्थित करना और अवैध अतिक्रमण हटाना जरूरी कदम है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। काठमांडू के बाहर भी विरोध प्रदर्शन और नाराजगी देखने को मिल रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां लोग सरकार से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इसी बीच 11 साल की बच्ची की यह चिट्ठी लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने एक प्रशासनिक कार्रवाई को सीधे मानवीय दर्द से जोड़ दिया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:50:24 +0530</pubDate>
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                <title>संभल में ईदगाह-इमामबाड़े पर बुलडोजर कार्रवाई, प्रशासन ने अवैध कब्जे का हवाला दिया</title>
                                    <description><![CDATA[गांव में चारागाह भूमि पर निर्माण का आरोप, प्रशासन का दावा—कानूनी प्रक्रिया के बाद कार्रवाई; ग्रामीणों में नाराजगी और बहस तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bulldozer-action-on-idgah-imambara-in-sambhal-administration-cited-illegal-occupation/article-51356"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/up-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बिछोली गांव में गुरुवार सुबह प्रशासन ने अवैध कब्जे के आरोप में ईदगाह और इमामबाड़े पर बुलडोजर कार्रवाई की। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में पहले ईदगाह को ढहा दिया गया, जबकि इमामबाड़े को चार बुलडोजरों की मदद से हटाया जा रहा है। मौके पर पांच थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, यह निर्माण करीब 7 बीघा चारागाह भूमि और खाद गड्ढे की जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कब्जा लगभग 12 साल पहले किया गया था। तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई भी वैध दावेदार सामने नहीं आया।</p>
<p>जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को वापस सरकारी उपयोग में लाना है। अधिकारियों के अनुसार, पास में एक मेडिकल कॉलेज भी स्थित है, इसलिए भूमि का महत्व और बढ़ जाता है।</p>
<p>गुरुवार सुबह प्रशासनिक टीम एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कुछ ग्रामीण निर्माण को हाथ से तोड़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाकर नियंत्रण स्थापित किया। इसके बाद बुलडोजर से ढांचे को ध्वस्त किया जाने लगा।</p>
<p>मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कार्रवाई के दौरान भीड़ जुटने पर पुलिस ने लोगों को वहां से खदेड़ दिया।</p>
<p><strong>स्थानीय प्रतिक्रिया और विवाद</strong><br />कार्रवाई को लेकर गांव में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक कदम बताया, जबकि कुछ ग्रामीणों में नाराजगी भी दिखी। एक स्थानीय महिला ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो फिर अन्य धार्मिक स्थलों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। इस टिप्पणी के बाद गांव में चर्चा और तेज हो गई।</p>
<p><strong>प्रशासन का पक्ष</strong><br />जिला अधिकारी ने बताया कि अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण का खर्च भी संबंधित कब्जेदारों से वसूला जाएगा। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना है।</p>
<p>फिलहाल मौके पर मलबा हटाने का काम जारी है और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 15:18:50 +0530</pubDate>
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