<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/government-land/tag-10009" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Government Land - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/10009/rss</link>
                <description>Government Land RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भोपाल में रेलवे की जमीन से हटाईं 84 झुग्गियां, 7.5 करोड़ की जमीन मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के पीछे अन्नू नगर में दिनभर चली कार्रवाई, प्रशासन ने अवैध कब्जों पर चलाया बुलडोजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/84-slums-removed-from-railway-land-in-bhopal-land-worth/article-54271"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhopal-encroachment-removal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल में रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई। यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के पीछे स्थित अन्नू नगर इलाके में रेलवे, जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने करीब 84 झुग्गियों को हटाया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कब्जों को तोड़ा गया और लगभग 4200 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार खाली कराई गई जमीन की कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए आंकी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्रवाई सुबह से शुरू हुई और पूरे दिन चली। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने जिला प्रशासन की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब यहां अतिक्रमण हटाया गया हो। करीब तीन साल पहले भी इसी इलाके से झुग्गियां हटाई गई थीं, लेकिन बाद में दोबारा कब्जा शुरू हो गया। जांच में सामने आया कि पिछले छह महीनों के दौरान रेलवे की जमीन पर तेजी से झुग्गियां खड़ी कर दी गईं। धीरे-धीरे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण फैल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कई कब्जाधारियों के पास पहले से मकान या अन्य झुग्गियां मौजूद थीं। इसके बावजूद रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर झुग्गियों को किराए पर चढ़ाया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक कई लोगों ने इन झुग्गियों को दो से तीन हजार रुपए महीने के किराए पर दे रखा था। कार्रवाई के दौरान कुछ झुग्गियों में फैब्रिकेशन से जुड़ा सामान और अन्य सामग्री भी मिली। कई झोपड़ियों का इस्तेमाल गोदाम के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कमाई का पूरा नेटवर्क तैयार हो गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दोबारा बढ़ा अतिक्रमण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रेलवे प्रशासन के मुताबिक निशातपुरा फाटक से रेलवे लाइन किनारे फेंसिंग का काम शुरू किया गया था ताकि अतिक्रमण रोका जा सके। हालांकि अन्नू नगर क्षेत्र तक पहुंचते-पहुंचते यह काम रुक गया। इसी का फायदा उठाकर दोबारा झुग्गियां बस गईं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अब पूरे क्षेत्र में दोबारा फेंसिंग की जाएगी ताकि भविष्य में अवैध कब्जे न हो सकें। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार रेलवे की जमीन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नए कब्जों को शुरुआती स्तर पर ही हटाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पुनर्वास पर उठे सवाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद पुनर्वास का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। गैस पीड़ित संगठन की कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने आरोप लगाया कि बिना उचित पुनर्वास के लोगों को हटाना गलत है। उनका कहना है कि पिछली कार्रवाई के बाद भी कई परिवारों को स्थायी आवास नहीं मिल पाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की भी स्पष्ट योजना बनानी चाहिए। सामाजिक संगठनों का कहना है कि कई परिवार वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे थे और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना हटाने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस देने और चेतावनी के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए थे। साथ ही जांच में यह भी सामने आया कि कई लोग जरूरत के बजाय व्यावसायिक लाभ के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/84-slums-removed-from-railway-land-in-bhopal-land-worth/article-54271</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/84-slums-removed-from-railway-land-in-bhopal-land-worth/article-54271</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 10:24:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/bhopal-encroachment-removal.jpg"                         length="218177"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल में ईदगाह-इमामबाड़े पर बुलडोजर कार्रवाई, प्रशासन ने अवैध कब्जे का हवाला दिया</title>
                                    <description><![CDATA[गांव में चारागाह भूमि पर निर्माण का आरोप, प्रशासन का दावा—कानूनी प्रक्रिया के बाद कार्रवाई; ग्रामीणों में नाराजगी और बहस तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bulldozer-action-on-idgah-imambara-in-sambhal-administration-cited-illegal-occupation/article-51356"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/up-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बिछोली गांव में गुरुवार सुबह प्रशासन ने अवैध कब्जे के आरोप में ईदगाह और इमामबाड़े पर बुलडोजर कार्रवाई की। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में पहले ईदगाह को ढहा दिया गया, जबकि इमामबाड़े को चार बुलडोजरों की मदद से हटाया जा रहा है। मौके पर पांच थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, यह निर्माण करीब 7 बीघा चारागाह भूमि और खाद गड्ढे की जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कब्जा लगभग 12 साल पहले किया गया था। तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई भी वैध दावेदार सामने नहीं आया।</p>
<p>जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को वापस सरकारी उपयोग में लाना है। अधिकारियों के अनुसार, पास में एक मेडिकल कॉलेज भी स्थित है, इसलिए भूमि का महत्व और बढ़ जाता है।</p>
<p>गुरुवार सुबह प्रशासनिक टीम एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कुछ ग्रामीण निर्माण को हाथ से तोड़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाकर नियंत्रण स्थापित किया। इसके बाद बुलडोजर से ढांचे को ध्वस्त किया जाने लगा।</p>
<p>मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कार्रवाई के दौरान भीड़ जुटने पर पुलिस ने लोगों को वहां से खदेड़ दिया।</p>
<p><strong>स्थानीय प्रतिक्रिया और विवाद</strong><br />कार्रवाई को लेकर गांव में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक कदम बताया, जबकि कुछ ग्रामीणों में नाराजगी भी दिखी। एक स्थानीय महिला ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो फिर अन्य धार्मिक स्थलों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। इस टिप्पणी के बाद गांव में चर्चा और तेज हो गई।</p>
<p><strong>प्रशासन का पक्ष</strong><br />जिला अधिकारी ने बताया कि अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण का खर्च भी संबंधित कब्जेदारों से वसूला जाएगा। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना है।</p>
<p>फिलहाल मौके पर मलबा हटाने का काम जारी है और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bulldozer-action-on-idgah-imambara-in-sambhal-administration-cited-illegal-occupation/article-51356</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bulldozer-action-on-idgah-imambara-in-sambhal-administration-cited-illegal-occupation/article-51356</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 15:18:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/up-news-%281%29.jpg"                         length="98127"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        