<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/nifty/tag-10057" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Nifty - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/10057/rss</link>
                <description>Nifty RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[टीसीएस के बेहतर तिमाही नतीजों और मजबूत निवेशक धारणा से बाजार में लौटी रौनक, बैंक, रियल्टी और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-828-points/article-58422"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/today-sensex.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। घरेलू और वैश्विक सकारात्मक संकेतों के बीच बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूती के साथ बंद हुए। बैंकिंग, रियल्टी और आईटी सेक्टर के शेयरों में आई तेजी ने बाजार को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 828 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,569 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी 244 अंक यानी 1.02 प्रतिशत चढ़कर 24,206 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार के दौरान निवेशकों का रुझान खासतौर पर बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर की कंपनियों की ओर रहा। इन दोनों सेक्टरों में सबसे अधिक खरीदारी दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी और चुनिंदा वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने घरेलू बाजार की धारणा को मजबूत किया।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के कारोबार में सबसे अधिक चर्चा देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के तिमाही नतीजों की रही। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने के बाद कंपनी के शेयर में करीब 0.90 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 2,068 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि पिछले छह महीनों में टीसीएस के शेयर में लगभग 30 प्रतिशत और एक वर्ष में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन ताजा नतीजों ने निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत किया। टीसीएस ने पहली तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) पिछले वर्ष की समान तिमाही के 12,760 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 5 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। वहीं परिचालन से प्राप्त कुल राजस्व (रेवेन्यू) में भी सालाना आधार पर लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मजबूत आय और कारोबार में वृद्धि ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 12 रुपये के अंतरिम लाभांश (इंटरिम डिविडेंड) को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई है। डिविडेंड की घोषणा के बाद निवेशकों की दिलचस्पी कंपनी के शेयरों में और बढ़ गई। घरेलू बाजार को मजबूती मिलने के पीछे वैश्विक बाजारों का सकारात्मक प्रदर्शन भी एक बड़ा कारण रहा। एशियाई बाजारों में शुक्रवार को अच्छी तेजी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.52 प्रतिशत चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 1.20 प्रतिशत मजबूत हुआ। हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में भी करीब 0.60 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। एशियाई बाजारों की मजबूती का सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.27 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 0.81 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी शेयरों से जुड़े नैस्डैक इंडेक्स में 1.30 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी सकारात्मक रूप से दिखाई दिया। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से 533 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने करीब 2,058 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को मजबूती प्रदान की। पिछले सात दिनों में भी डीआईआई लगातार खरीदारी करते रहे हैं, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी विदेशी निवेशकों की बिकवाली के असर को काफी हद तक संतुलित कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 238 अंकों की बढ़त के साथ 76,742 के स्तर पर बंद हुआ था। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन आई तेज बढ़त ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। बाजार जानकारों का मानना है कि यदि सकारात्मक माहौल बना रहा तो आने वाले सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-828-points/article-58422</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-828-points/article-58422</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:11:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/today-sensex.jpg"                         length="119575"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी 24,500 के करीब पहुंचा, घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख; एशियाई बाजारों में दबाव के बीच भारतीय सूचकांकों ने दिखाई मजबूती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-200-points-and-market-strengthens-due-to-buying/article-58052"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sensex-today-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 200 अंकों की बढ़त के साथ 78,500 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 50 अंक मजबूत होकर 24,500 के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी और कुछ प्रमुख कंपनियों में मजबूत निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच निवेशक अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाजार खुलने के साथ ही कई बड़ी आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। शुरुआती सत्र में निवेशकों ने इन क्षेत्रों में ज्यादा रुचि दिखाई, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में निवेशकों की नजर खास तौर पर आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो बाजार में तेजी का यह रुख आगे भी जारी रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि वैश्विक बाजारों का माहौल पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहा। एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को दबाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक सबसे ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। जापान का निक्केई सूचकांक भी कमजोरी के साथ खुला, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार को वैश्विक दबाव से काफी हद तक बचाए हुए है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर अमेरिकी शेयर बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। विशेष रूप से तकनीकी कंपनियों में खरीदारी के चलते नैस्डैक में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर भारतीय निवेशकों के मनोबल पर भी देखने को मिला। जब वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा मजबूत रहती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव उभरते बाजारों, खासकर भारत जैसे देशों पर भी दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की सक्रिय खरीदारी भी बाजार को मजबूती देने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले कारोबारी दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 3,792 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भी सीमित स्तर पर सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इससे विदेशी निवेश में उतार-चढ़ाव का असर पहले की तुलना में कम दिखाई दे रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार के कारोबारी सत्र में भी शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 521 अंक चढ़कर 78,285 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 160 अंक की बढ़त के साथ 24,430 पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में बनी मजबूती यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कायम है। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा स्तरों पर सोच-समझकर निवेश करें और केवल मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में ही निवेश को प्राथमिकता दें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आर्थिक मोर्चे पर भी आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों, केंद्रीय बैंक की नीति से जुड़े संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाओं पर बनी रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही परिणाम भी बाजार में सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। यदि आईटी और बैंकिंग कंपनियों के नतीजे मजबूत आते हैं तो इन क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-200-points-and-market-strengthens-due-to-buying/article-58052</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-200-points-and-market-strengthens-due-to-buying/article-58052</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:00:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/sensex-today-%286%29.jpg"                         length="160043"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 24,100 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू बाजार में मजबूत शुरुआत के बीच आईटी और मेटल सेक्टर में खरीदारी लौटी, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-400-points/article-57613"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/today-stock-market-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 2 जुलाई को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 77,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 100 अंकों से अधिक की बढ़त लेकर 24,100 के स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार में शुरुआती घंटों में आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा और प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी कंपनियों के शेयरों का रहा। देश की प्रमुख टेक कंपनियों इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में करीब चार प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी का रुख बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी सेक्टर में सुधार की उम्मीद और आगामी तिमाही नतीजों को लेकर सकारात्मक माहौल के कारण निवेशक आईटी शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मेटल सेक्टर में भी अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे इस क्षेत्र के अधिकांश शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। घरेलू बाजार की मजबूती के बीच एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दबाव में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में अलग-अलग संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों की मजबूती और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद निवेशकों का भरोसा बनाए हुए है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान हल्की गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। हालांकि अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का भारतीय बाजार पर ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया। बाजार जानकारों का मानना है कि घरेलू निवेशकों का फोकस फिलहाल भारत की आर्थिक स्थिति, कॉर्पोरेट आय और आने वाले तिमाही नतीजों पर अधिक है, इसलिए विदेशी संकेतों का प्रभाव सीमित नजर आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी बाजार को सहारा देती दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने पिछले सात कारोबारी दिनों में करीब 3,907 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वहीं पिछले एक महीने में उनकी कुल बिकवाली 36,000 करोड़ रुपये से अधिक रही है। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी है और पिछले एक महीने में 71,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। यही वजह है कि विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट से बचा हुआ है।  घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भारतीय बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेश, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और खुदरा निवेशकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा यह हुआ है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर पहले की तुलना में कम दिखाई देता है। घरेलू निवेशक बाजार में गिरावट आने पर भी खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया था। एक जुलाई को सेंसेक्स 443 अंकों की बढ़त के साथ 76,922 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 140 अंक चढ़कर 24,005 के स्तर पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी का माहौल निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि यह रुझान आगे भी जारी रहता है तो प्रमुख सूचकांक नए रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे निवेशकों की दिशा तय करेंगे। विशेष रूप से आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और मेटल कंपनियों के परिणामों पर बाजार की नजर रहेगी। यदि अपेक्षा से बेहतर नतीजे आते हैं तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है। वहीं वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> मौजूदा तेजी के दौरान भी सोच-समझकर निवेश करें। केवल तेजी देखकर किसी शेयर में निवेश करने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और मूल्यांकन का आकलन करना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियां अब भी बेहतर विकल्प मानी जा रही हैं। बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है और आईटी तथा मेटल सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले कारोबारी सत्रों में भी मजबूती के साथ आगे बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-400-points/article-57613</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-400-points/article-57613</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:27:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/today-stock-market-news.jpg"                         length="184228"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-200-points-market-under-pressure-due-to/article-57374"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स करीब 200 अंक तक फिसलकर 76,550 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 23,900 के स्तर पर बना रहा। बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों के साथ कई बड़े सेक्टरों पर भी दिखाई दिया। खास तौर पर आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रही। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशक किसी भी बड़े निवेश से पहले सतर्क नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में जिन शेयरों में अच्छी तेजी आई थी, उनमें निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि सभी सेक्टरों में एक जैसी स्थिति नहीं रही। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, लेकिन उसका असर बाजार की समग्र दिशा बदलने के लिए पर्याप्त नहीं था। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार होता रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। निवेशकों का फोकस फिलहाल आगामी आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर बना हुआ है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निक्केई में करीब 0.93 प्रतिशत और कोस्पी में लगभग 0.69 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया और इसमें करीब 0.93 प्रतिशत की गिरावट रही। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित रुख का असर भी भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिला, जहां निवेशकों ने सतर्कता बरतना बेहतर समझा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजार से हालांकि सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जबकि डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में उसका सकारात्मक असर सीमित रहा। इसकी एक बड़ी वजह घरेलू स्तर पर जारी मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। हाल के सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब 2,810 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं पिछले 30 दिनों के दौरान भी विदेशी निवेशकों की ओर से 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी दर्ज की गई है। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पिछले सात दिनों में उन्होंने 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बीते एक महीने में लगभग 79 हजार करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार को बड़े स्तर पर गिरने से रोकने में सहायक साबित हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार दबाव में रहा था। सेंसेक्स 372 अंक की गिरावट के साथ 76,728 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 110 अंक टूटकर 23,946 के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में कमजोरी बने रहने से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है। यह गिरावट व्यापक घबराहट की नहीं बल्कि सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश बनाए रखना चाहिए। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का असर बाजार की दिशा पर साफ दिखाई देगा। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। वहीं किसी भी बड़े वैश्विक घटनाक्रम या आर्थिक आंकड़े का असर भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-200-points-market-under-pressure-due-to/article-57374</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-200-points-market-under-pressure-due-to/article-57374</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 11:20:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/nifty-today.jpg"                         length="189515"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 550 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी 24,200 के करीब पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[ऑटो, एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार में तेजी, रिलैक्सो फुटवियर 11% से ज्यादा उछला जबकि बंधन बैंक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3cc8cbd97f2/article-56874"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान मजबूत तेजी देखने को मिली। निवेशकों की खरीदारी और प्रमुख सेक्टर्स में सकारात्मक माहौल के बीच सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 24,200 के स्तर के करीब पहुंच गया। सुबह के कारोबार के बाद बाजार में तेजी का रुख लगातार बना रहा और ऑटो, एफएमसीजी तथा बैंकिंग शेयरों ने इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान दिया। बाजार की चाल से यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है, हालांकि व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। देर सुबह करीब 11:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 567.38 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,558.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 175.95 अंक यानी 0.73 प्रतिशत चढ़कर 24,197.60 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला था और प्रमुख सूचकांकों ने धीरे-धीरे अपनी बढ़त को मजबूत किया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी और कुछ सेक्टर्स में सकारात्मक कारोबारी संकेतों ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि बाजार की चौड़ाई मिश्रित रही। कारोबार के दौरान 1,726 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,839 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इसका मतलब यह रहा कि सूचकांक भले ही मजबूत रहे, लेकिन सभी शेयरों में समान रूप से तेजी नहीं रही। कई छोटे और मझोले शेयरों में दबाव भी देखने को मिला। इसके बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते रहे, जिससे निवेशकों का रुझान व्यापक बाजार में भी बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">सेक्टोरल आधार पर ऑटो शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वाहन कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे सेक्टर को मजबूती मिली। एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई। इसके अलावा रियल्टी और निजी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार दर्ज किया गया। बाजार में तेजी का एक और महत्वपूर्ण संकेत इंडिया वीआईएक्स में आई गिरावट रही। इंडिया वीआईएक्स, जिसे बाजार की अस्थिरता का पैमाना माना जाता है, 4.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और निकट भविष्य को लेकर विश्वास बढ़ा है। निफ्टी के प्रमुख शेयरों की बात करें तो मैक्स हेल्थकेयर सबसे बड़े लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी का शेयर करीब 4.65 प्रतिशत उछल गया। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन में 4.60 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी के शेयरों में 4.56 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा भी 3.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। ऑटो सेक्टर में आई इस तेजी ने पूरे बाजार को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर कुछ शेयरों में दबाव भी बना रहा। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में बंधन बैंक सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाला शेयर रहा। बैंक का शेयर 5.5 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा सुप्रीम इंडस्ट्रीज में 3.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नेशनल एल्युमिनियम कंपनी यानी नाल्को का शेयर 2.56 प्रतिशत कमजोर हुआ, जबकि इमामी में भी 2.29 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इन शेयरों में बिकवाली के बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही। मिडकैप शेयरों में रिलैक्सो फुटवियर निवेशकों की खास पसंद बनकर उभरा। कंपनी का शेयर 11.54 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग के साथ शीर्ष गेनर रहा। इसके अलावा ऑटो कंपोनेंट कंपनी यूएनओ मिंडा में 4.35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कायन्स टेक्नोलॉजी 3.80 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एलएंडटी फाइनेंस में भी 3.10 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। इन शेयरों में आई तेजी ने मिडकैप सेगमेंट में निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। निवेशकों का ध्यान कंपनियों के प्रदर्शन, आर्थिक संकेतकों और वैश्विक बाजारों से आने वाले संकेतों पर बना हुआ है। यदि विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक रहता है और घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहती हैं, तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि कई सेक्टर्स में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3cc8cbd97f2/article-56874</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3cc8cbd97f2/article-56874</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 12:16:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/stock-market-%281%29.jpg"                         length="156572"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[वेदांता के शेयर में 6% गिरावट और मेटल-आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली के बीच सेंसेक्स 76,550 और निफ्टी 23,900 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-more-than-500-points-market-under-pressure/article-56726"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex2.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान कमजोरी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूटकर 76,550 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी करीब 180 अंक फिसलकर 23,900 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे अधिक दबाव मेटल और आईटी शेयरों पर रहा, जबकि वेदांता के शेयर में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कारोबार के शुरुआती घंटों से ही निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी गिरावट का एक प्रमुख कारण रही। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।</p>
<h2>वेदांता में तेज गिरावट</h2>
<p class="isSelectedEnd">कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा वेदांता के शेयरों की रही। ब्लॉक डील के जरिए प्रमोटर समूह द्वारा लगभग ₹2,149 करोड़ मूल्य की हिस्सेदारी बेचे जाने की खबर के बाद कंपनी का शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री से बाजार में सप्लाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे अल्पकालिक दबाव बन सकता है। इसका असर मेटल सेक्टर के अन्य शेयरों पर भी देखा गया।</p>
<h2>एशियाई बाजारों का असर</h2>
<p class="isSelectedEnd">एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मंगलवार को कमजोरी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया, जापान और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख और आर्थिक चिंताओं का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाउ जोंस बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई। इसका प्रभाव भी भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी बीच प्राथमिक बाजार में गतिविधियां जारी हैं। कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड संचालित करने वाली कंपनी वाटरवेज लीजर टूरिज्म का आईपीओ मंगलवार से निवेशकों के लिए खुल गया। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए ₹585 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हालिया खरीदारी ने बाजार को कुछ समर्थन जरूर दिया है, लेकिन वैश्विक संकेतों और सेक्टर आधारित बिकवाली के कारण दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में निवेशकों की निगाहें वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट अपडेट्स और विदेशी निवेश प्रवाह पर बनी रहेंगी।</p>
<p>फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक सतर्क रणनीति के साथ कारोबार कर रहे हैं। भारत समाचार अपडेट, बिजनेस न्यूज और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में शेयर बाजार की यह गिरावट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-more-than-500-points-market-under-pressure/article-56726</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-more-than-500-points-market-under-pressure/article-56726</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:09:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/sensex2.jpg"                         length="109499"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,150 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा। IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में तेजी से सेंसेक्स 77,300 के करीब पहुंचा, जबकि निफ्टी में भी 150 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a38cae5b4995/article-56611"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी देखने को मिली और बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक की तेजी के साथ 77,300 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंक मजबूत होकर 24,150 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने घरेलू बाजार को सहारा दिया है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ था, लेकिन सोमवार को निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दिया। बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में कई दिग्गज IT कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी। माना जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में स्थिरता और घरेलू मांग के सकारात्मक संकेतों ने इन शेयरों को समर्थन दिया है। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भी सीमित लेकिन सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों की बात करें तो सोमवार को वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी हरे निशान में रहा और निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और उसमें गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित प्रदर्शन के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई, जिसे घरेलू निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों से भी भारतीय निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिले हैं। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में मामूली तेजी दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में मजबूत उछाल देखने को मिला। तकनीकी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से अमेरिकी बाजारों को सहारा मिला था। इसका असर सोमवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शुक्रवार को एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 4,859 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। यह आंकड़ा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों की कुल निकासी अभी भी अधिक बनी हुई है, लेकिन हाल के दिनों में उनकी खरीदारी ने बाजार को राहत दी है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में घरेलू निवेशकों ने बाजार में लगातार निवेश किया है, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार को स्थिरता मिली है। म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की ओर से लगातार निवेश बाजार के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार की तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 607 अंक टूटकर 76,802 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 154 अंक गिरकर 24,013 के स्तर पर आ गया था। उस गिरावट के बाद निवेशकों में कुछ चिंता देखी जा रही थी, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में आई तेजी ने बाजार की धारणा को बेहतर किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, विदेशी निवेशकों का रुख और मानसून की प्रगति जैसे कारक बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। छोटे और मझोले शेयरों में भी सोमवार को सकारात्मक रुझान देखने को मिला। कई सेक्टरों में खरीदारी का दायरा बढ़ा, जिससे व्यापक बाजार को मजबूती मिली। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे केवल तेजी देखकर निवेश के फैसले न लें और कंपनियों की बुनियादी स्थिति का मूल्यांकन जरूर करें।  सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में आई बढ़त ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत प्रदर्शन के कारण बाजार में उत्साह का माहौल बना हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a38cae5b4995/article-56611</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a38cae5b4995/article-56611</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:38:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/sensex-today-%284%29.jpg"                         length="165188"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, इंफोसिस 8% तक टूटा, निफ्टी भी 200 अंक नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-crash-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में 19 जून को कारोबार की शुरुआत से ही भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दिन बढ़ने के साथ गिरावट गहराती चली गई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स करीब 800 अंक गिरकर 76,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक टूटकर 23,950 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखा गया, जहां बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। आईटी शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार के मूड को कमजोर कर दिया। इंफोसिस के शेयर में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीसीएस और टेक महिंद्रा में लगभग 6-6 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। एचसीएल टेक भी करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। बताया जा रहा है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेक्टर में हालिया तेजी के बाद करेक्शन जरूरी था, जो अब देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में नजर आया और करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी, जिससे टेक शेयरों को वैश्विक स्तर पर सपोर्ट मिला था, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार में टिक नहीं सका। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू स्तर पर आईटी शेयरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार पर भारी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों यानी FII की ओर से भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हाल के आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 1025 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जिससे बाजार में नकदी प्रवाह कमजोर हुआ है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII ने खरीदारी की है, लेकिन वह एफआईआई की बिकवाली की भरपाई नहीं कर पाई। पिछले कई दिनों से एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ा है। बाजार में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल संकेतों, आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का परिणाम है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र यानी 18 जून को बाजार में तेजी देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,410 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 82 अंक की बढ़त के साथ 24,168 के स्तर पर पहुंचा था। लेकिन यह तेजी अगले ही दिन दबाव में बदल गई।बाजार में फिलहाल अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और आईटी सेक्टर में कमजोरी ने पूरे बाजार को नीचे खींचा है। बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:44:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/stock-market-crash-india.jpg"                         length="187625"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स में हल्की गिरावट, IT और मीडिया शेयर दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी फिसला, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/slight-fall-in-sensex-and-media-shares-under-pressure/article-56249"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-fall-2026.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">आज यानी 18 जून को घरेलू शेयर बाजार में हल्की कमजोरी देखने को मिली और कारोबार के दौरान बाजार सीमित दायरे में ही घूमता नजर आया। सुबह की शुरुआत से ही निवेशकों में सतर्कता का माहौल था और इसका असर सीधे इंडेक्स पर दिखा। सेंसेक्स करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 77,100 के आसपास कारोबार करता रहा, जबकि निफ्टी भी लगभग 20 अंक टूटकर 24,050 के स्तर पर आ गया। पूरे सत्र में बाजार में बड़ी हलचल नहीं दिखी लेकिन IT और मीडिया सेक्टर में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे कुल मिलाकर सेंटीमेंट कमजोर रहा। कारोबार के दौरान देखा गया कि शुरुआती मिनटों में बाजार स्थिर था लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। खासकर टेक और मीडिया कंपनियों के शेयरों में दबाव ज्यादा रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में तेज़ी के बाद निवेशक अब थोड़ा मुनाफा निकाल रहे हैं, जिससे इंडेक्स पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता भी बाजार को ऊपर जाने से रोक रही है। कई ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि फिलहाल बाजार में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार पर असर डाला है। पिछले कुछ दिनों से FIIs लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है। बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग 1,530 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन यह सपोर्ट उतना मजबूत नहीं है कि पूरे बाजार को ऊपर खींच सके। यही कारण है कि बाजार बार-बार ऊपर जाने की कोशिश करता है लेकिन फिर सीमित दायरे में लौट आता है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूती के साथ ऊपर रहा और इसमें करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। लेकिन दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और इसमें करीब 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि एशियाई बाजारों में भी निवेशकों की धारणा एक जैसी नहीं है और अलग-अलग संकेतों के चलते अस्थिरता बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&amp;P 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए थे। इसका असर आज भारतीय बाजार पर भी दिखा क्योंकि ग्लोबल निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यही वजह है कि दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। घरेलू स्तर पर देखें तो पिछले कारोबारी दिन यानी 17 जून को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 347 अंक की बढ़त के साथ 77,156 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 97 अंक चढ़कर 24,086 पर पहुंचा था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार उस तेजी को कायम नहीं रख सका और हल्की गिरावट में आ गया। यह दिखाता है कि बाजार फिलहाल किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड नहीं बना पा रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक विदेशी निवेशकों के रुख, ग्लोबल संकेतों और कॉरपोरेट अर्निंग्स पर निर्भर करेगी। अगर FII की बिकवाली कम होती है और वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है तो बाजार फिर से ऊपर की ओर जा सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है और किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। 18 जून का दिन शेयर बाजार के लिए हल्की सुस्ती और सावधानी भरा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मामूली गिरावट दर्ज हुई और सेक्टोरल दबाव खासकर IT और मीडिया में देखने को मिला। </p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/slight-fall-in-sensex-and-media-shares-under-pressure/article-56249</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/slight-fall-in-sensex-and-media-shares-under-pressure/article-56249</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:35:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/nifty-fall-2026.jpg"                         length="204609"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 77,100 के करीब</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा, IT और कंज्यूमर शेयरों में खरीदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-rises-sensex-nears-77100/article-56157"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">17 जून को शेयर बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही शेयर बाजार में मजबूती का रुख बना रहा और निवेशकों की खरीदारी के चलते सेंसेक्स करीब 300 अंक की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी लगभग 100 अंक चढ़कर 24,050 के पास पहुंच गया। बाजार में खासतौर पर IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। शुरुआती घंटे में ही कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में हल्की-हल्की तेजी दिखी और धीरे-धीरे यह रफ्तार पूरे बाजार में फैल गई। दिन के दौरान शेयर बाजार की चाल थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी भी रही, लेकिन कुल मिलाकर रुझान सकारात्मक ही रहा। वैश्विक संकेतों में मिली-जुली स्थिति के बावजूद घरेलू स्तर पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। एशियाई बाजारों में भी आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला, जहां साउथ कोरिया का कोस्पी हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स अच्छी तेजी में रहा। दूसरी ओर हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग दबाव में नजर आया और वहां गिरावट दर्ज की गई। इस तरह वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर सीमित ही रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान भी मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाउ जोन्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक और S&amp;P 500 दबाव में रहे। टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर अमेरिकी इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया। इसका असर एशियाई और उभरते बाजारों की धारणा पर भी पड़ा है। इसी बीच विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो पिछले कुछ दिनों में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते सात दिनों में FIIs ने करीब 3,618 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं 30 दिन की अवधि में भी भारी निकासी देखने को मिली है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs लगातार बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं और उन्होंने इसी अवधि में खरीदारी बनाए रखी है। बाजार में मौजूदा तेजी के पीछे चुनिंदा सेक्टरों की मजबूत खरीदारी और घरेलू फंड्स का सपोर्ट अहम कारण है। खासकर IT सेक्टर में हाल के दिनों में विदेशी ऑर्डर्स और बेहतर आउटलुक की वजह से निवेशकों की रुचि बढ़ी है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी ग्रामीण और शहरी मांग में सुधार की उम्मीदों ने खरीदारी को बढ़ावा दिया है। हालांकि FII की बिकवाली एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन घरेलू निवेशक फिलहाल इस दबाव को संतुलित करने में सफल दिख रहे हैं। कल यानी 16 जून को भी शेयर बाजार में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 544 अंक की छलांग लगाकर 76,808 के स्तर पर बंद हुआ था और निफ्टी 135 अंक बढ़कर 23,989 पर बंद हुआ था। लगातार दो सत्रों से मिल रही इस तेजी ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है, हालांकि विशेषज्ञ अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि वैश्विक संकेत और FII फ्लो में उतार-चढ़ाव आगे भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-rises-sensex-nears-77100/article-56157</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-rises-sensex-nears-77100/article-56157</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:34:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/stock-market.jpg"                         length="224152"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 350 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,900 के पार, FMCG और IT शेयरों में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में मजबूती का रुख, वोलैटिलिटी घटी, मेटल शेयरों की कमजोरी ने बढ़त को सीमित किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-350-points-nifty-crosses-23900-rise-in-fmcg/article-56048"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार सुबह कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ देखने को मिली और जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार में सकारात्मक रुझान और साफ होता गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 354.54 अंक की बढ़त के साथ 76,618.87 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 84.80 अंक चढ़कर 23,938.70 के आसपास पहुंच गया। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से FMCG, आईटी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी के चलते देखने को मिली। वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता को मापने वाला India VIX भी 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर लगभग 13.6 के स्तर पर आ गया, जिससे निवेशकों के बीच जोखिम लेने की भावना थोड़ी मजबूत होती दिखी। कुल मिलाकर बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही, जहां लगभग 2,030 शेयरों में बढ़त और 1,604 में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती संकेतों से ही यह साफ था कि बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है, हालांकि मेटल सेक्टर की कमजोरी ने इस तेजी को पूरी तरह खुलकर आगे नहीं बढ़ने दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के कारोबार में कुछ खास शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। खासतौर पर Sonata Software में जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां शेयर करीब 14.80 प्रतिशत उछलकर 299.05 रुपये के आसपास पहुंच गया। इस शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी सामान्य से कई गुना ज्यादा रहा, जिससे यह साफ संकेत मिला कि इसमें अचानक भारी खरीदारी आई है। वहीं दूसरी ओर मेटल सेक्टर में कमजोरी का दबाव साफ नजर आया। Hindalco Industries निफ्टी के लिए सबसे बड़ा दबाव बनाने वाले शेयरों में रहा, जबकि JSW Steel और Tata Steel जैसे दिग्गज स्टॉक्स भी गिरावट में रहे। इसी तरह NALCO में भी तेज गिरावट देखी गई और यह मिडकैप इंडेक्स का सबसे बड़ा लूज़र बनकर उभरा, जहां यह 5 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा Ola Electric, Paytm और Kalyan Jewellers जैसे शेयरों में भी कमजोरी देखी गई, जिससे मिडकैप स्पेस में मिला-जुला रुख बना रहा। हालांकि दूसरी तरफ Suzlon Energy ने 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज कर निवेशकों को आकर्षित किया, वहीं Schaeffler India और Kaynes Technology जैसे शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। बाजार के कुल रुझान की बात करें तो फिलहाल निवेशकों का मूड सतर्क लेकिन सकारात्मक बना हुआ है। FMCG और IT जैसे डिफेंसिव और ग्रोथ सेक्टर में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ग्लोबल संकेतों और सेक्टरल दबाव के चलते कुछ हिस्सों में मुनाफावसूली भी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वोलैटिलिटी में आई गिरावट से निकट भविष्य में बाजार में स्थिरता बढ़ सकती है, लेकिन मेटल और बैंकिंग सेक्टर की चाल आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। SBI और Axis Bank जैसे बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में कमजोरी ने भी इंडेक्स की बढ़त को सीमित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-350-points-nifty-crosses-23900-rise-in-fmcg/article-56048</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-350-points-nifty-crosses-23900-rise-in-fmcg/article-56048</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:58:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/sensex-today-%283%29.jpg"                         length="181296"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US-ईरान समझौते से क्रूड ऑयल 4.8% टूटा, बाजारों में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक शांति संकेतों से तेल कीमतों में गिरावट, शेयर बाजारों में जोरदार उछाल, निवेशकों का भरोसा मजबूत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-prices-fall-by-48-due-to-us-iran-agreement/article-56049"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/us-iran-deal-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">US-ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव में संभावित शांति समझौते की खबर के बाद वैश्विक बाजारों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक तेज गिरावट दर्ज की गई है और इसका सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 4.8 प्रतिशत गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। कुछ ही हफ्ते पहले यह कीमत 100 डॉलर के आसपास पहुंच गई थी, जबकि युद्ध जैसे हालात में यह 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी चला गया था। अब समझौते की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे बाजार में राहत का माहौल बन गया है और निवेशकों की धारणा में सुधार देखा जा रहा है। वैश्विक शेयर बाजारों में इस खबर का असर तेजी के रूप में सामने आया है। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट पर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ मजबूत हुआ, जबकि S&amp;P 500 में 1.5 प्रतिशत और नैस्डैक में 2.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। एयरलाइंस सेक्टर में सबसे ज्यादा हलचल देखी गई क्योंकि ईंधन लागत में कमी की उम्मीद से यूनाइटेड एयरलाइंस में 5.2 प्रतिशत और अमेरिकन एयरलाइंस में करीब 7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। क्रूज ऑपरेटर कंपनियों के शेयर भी मजबूत हुए। दूसरी ओर टेक्नोलॉजी और एआई सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली, जहां माइक्रोन टेक्नोलॉजी 7.8 प्रतिशत और AMD करीब 7 प्रतिशत चढ़ गए। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल एनवीडिया के शेयर में भी करीब 2.7 प्रतिशत की तेजी आई, जिससे पूरे टेक इंडेक्स को सपोर्ट मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच बाजार में एक और बड़ी खबर इलॉन मस्क की स्पेसएक्स को लेकर रही, जिसकी वैल्यूएशन लिस्टिंग के बाद तेजी से बढ़कर 2.1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है। निवेशकों का एआई और स्पेस टेक्नोलॉजी में भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है, जिससे इस सेक्टर में लगातार निवेश आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर भी बाजार में हलचल बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक US-ईरान समझौते के बाद ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना घटकर 55 प्रतिशत रह गई है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि फेड इस बार दरों को स्थिर रख सकता है। भारतीय शेयर बाजारों पर भी इस वैश्विक घटनाक्रम का सकारात्मक असर देखा गया। सेंसेक्स सोमवार को 736 अंकों की बढ़त के साथ 76,264 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 231 अंक चढ़कर 23,853 पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली, जहां साउथ कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई इंडेक्स बड़ी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। हांगकांग का हैंगसेंग भी हल्की तेजी के साथ बंद हुआ। कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों में यह तेजी ऊर्जा कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों का सीधा परिणाम मानी जा रही है। हालांकि यह समझौता अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है और आने वाले हफ्तों में बातचीत और हस्ताक्षर प्रक्रिया पर बाजार की नजर बनी रहेगी। अगर यह समझौता सफल रहता है तो ऊर्जा क्षेत्र में और स्थिरता आ सकती है, लेकिन किसी भी तरह की देरी या रुकावट से बाजार में फिर से अस्थिरता बढ़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-prices-fall-by-48-due-to-us-iran-agreement/article-56049</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-prices-fall-by-48-due-to-us-iran-agreement/article-56049</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:58:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/us-iran-deal-%282%29.jpg"                         length="183261"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        