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                <title>Finance News - दैनिक जागरण</title>
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                <title>सोने की कीमत ₹1.43 लाख के पार, एक दिन में ₹1,022 की तेजी; चांदी भी महंगी</title>
                                    <description><![CDATA[24 कैरेट सोना नए स्तर पर पहुंचा, चांदी में भी ₹1,752 प्रति किलो की बढ़त; विशेषज्ञों ने खरीदारी से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/raipur-created-a-new-record-99-government-health-institutions-got/article-58277"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gold-price-today-(10).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। लगातार बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल और निवेशकों की बढ़ती रुचि के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम मजबूत बने हुए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 1,022 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी के बाद 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.43 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी मजबूती देखने को मिली और एक किलो चांदी 1,752 रुपये महंगी होकर करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुझान घरेलू बाजार की कीमतों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में हर कारोबारी दिन सोने और चांदी के दाम नए स्तर पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को आई तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोना करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। इसके बाद से लगातार बढ़ोतरी का दौर जारी रहा और अब इसका भाव 1.43 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। इससे यह साफ है कि साल के शुरुआती महीनों में सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि चांदी की कीमतों का रुख सोने से कुछ अलग रहा है। मौजूदा तेजी के बावजूद वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन की तुलना में चांदी अभी भी करीब 7 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो है। हालांकि हाल के दिनों में चांदी में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए हैं। आंकड़ों के अनुसार 29 जनवरी 2026 को सोने की कीमत ने लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं चांदी भी उसी अवधि में करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा और कीमतों में कई बार गिरावट और तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी आर्थिक या भू-राजनीतिक तनाव का असर सबसे पहले सोने की कीमतों पर दिखाई देता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव और विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियां भी सोने और चांदी के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को किसी भी तरह का निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय पर ध्यान देना चाहिए। केवल कीमतों में तेजी देखकर जल्दबाजी में निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है। सबसे पहले हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना निर्धारित शुद्धता का है। प्रत्येक हॉलमार्क वाले आभूषण पर एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड अंकित होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि खरीदारी से पहले सोने और चांदी की कीमतों का विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से मिलान जरूर कर लेना चाहिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन सहित अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों पर प्रतिदिन जारी होने वाले भाव देखकर ग्राहक सही कीमत का अनुमान लगा सकते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसलिए आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता और कैरेट की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए। त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के मौसम में सोने और चांदी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे समय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे ग्राहकों के बजट पर पड़ता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र हर महीने कैसे बचाएं पैसे? अपनाएं ये आसान तरीके</title>
                                    <description><![CDATA[छोटी-छोटी बचत की आदतें छात्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकती हैं। सही बजट, समझदारी से खर्च और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करके हर महीने अच्छी रकम बचाई जा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/how-to-save-money-every-month-for-college-and-university/article-57243"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/student-money-saving.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">कॉलेज या यूनिवर्सिटी की पढ़ाई शुरू होते ही अधिकांश छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने मासिक खर्च को संभालने की होती है। कई छात्रों को परिवार से तय पॉकेट मनी मिलती है, जबकि कुछ छात्र पार्ट-टाइम नौकरी या फ्रीलांस काम करके अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। ऐसे में महीने के आखिर तक पैसे बचाना आसान नहीं होता। अक्सर देखा जाता है कि महीने की शुरुआत में जरूरत से ज्यादा खर्च हो जाता है और बाद में जरूरी चीजों के लिए भी पैसों की कमी महसूस होने लगती है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर छात्र शुरुआत से ही पैसे बचाने की आदत विकसित कर लें तो आगे चलकर उनकी आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत हो सकती है। सबसे पहला कदम मासिक बजट बनाना है। छात्र को सबसे पहले यह लिखना चाहिए कि हर महीने कितनी रकम मिलती है और किन-किन चीजों पर खर्च होती है। जैसे हॉस्टल या किराया, खाना, यात्रा, मोबाइल रिचार्ज, इंटरनेट, पढ़ाई का सामान और मनोरंजन। जब पूरा खर्च कागज या मोबाइल ऐप में दर्ज होता है तो यह समझना आसान हो जाता है कि कहां अनावश्यक खर्च हो रहा है। बजट बनाने से महीने के बीच में आर्थिक परेशानी की संभावना भी कम हो जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पॉकेट मनी या आय का कम से कम 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा शुरुआत में ही अलग रख देना चाहिए। इसे पहले खर्च करने के बजाय बचत के रूप में रखना बेहतर माना जाता है। कई छात्र महीने के अंत में बचा हुआ पैसा जमा करने की सोचते हैं, लेकिन अक्सर तब तक कुछ भी नहीं बचता। इसलिए पहले बचत और बाद में खर्च करने की आदत अधिक प्रभावी मानी जाती है। बाहर का खाना छात्रों के सबसे बड़े खर्चों में शामिल होता है। रोजाना कैफे, रेस्टोरेंट या ऑनलाइन फूड डिलीवरी से ऑर्डर करने पर महीने का बजट तेजी से बढ़ जाता है। अगर सप्ताह में कुछ दिन घर या हॉस्टल का खाना खाया जाए और बाहर खाने की संख्या सीमित रखी जाए तो अच्छी-खासी बचत हो सकती है। साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद रहता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऑनलाइन शॉपिंग भी छात्रों के खर्च बढ़ाने का एक बड़ा कारण बनती जा रही है। कई बार डिस्काउंट और ऑफर के नाम पर ऐसी चीजें खरीद ली जाती हैं जिनकी वास्तव में जरूरत नहीं होती। खरीदारी करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि वस्तु जरूरत की है या केवल इच्छा के कारण खरीदी जा रही है। 24 घंटे का नियम अपनाना भी फायदेमंद हो सकता है। यदि किसी सामान की जरूरत अगले दिन भी महसूस हो, तभी उसे खरीदें।</p>
<p class="isSelectedEnd">कॉलेज जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या दोस्तों के साथ साझा यात्रा का विकल्प चुनने से भी हर महीने खर्च कम किया जा सकता है। यदि कॉलेज पास में है तो पैदल चलना न केवल पैसे बचाता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। छोटी दूरी के लिए बार-बार कैब बुक करना बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। छात्रों को स्टूडेंट डिस्काउंट का पूरा लाभ उठाना चाहिए। कई कंपनियां, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, किताबों की दुकानें, सॉफ्टवेयर सेवाएं और यात्रा सेवाएं छात्रों को विशेष छूट देती हैं। पहचान पत्र दिखाकर या स्टूडेंट ऑफर का उपयोग करके हर महीने अच्छी बचत की जा सकती है। कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिक्षा से जुड़े कोर्स भी छात्रों को कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाते हैं। पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त आय का स्रोत बनाना भी बचत में मदद कर सकता है। आज कई छात्र फ्रीलांस लेखन, ग्राफिक डिजाइन, ऑनलाइन ट्यूशन, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग या पार्ट-टाइम जॉब के जरिए अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। इस आय का कुछ हिस्सा बचत में जमा करने से भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा बन सकती है। हालांकि पढ़ाई और काम के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मोबाइल रिचार्ज, ओटीटी सब्सक्रिप्शन और अन्य डिजिटल सेवाओं पर भी नजर रखना चाहिए। कई बार छात्र ऐसी सदस्यताओं का भुगतान करते रहते हैं जिनका वे नियमित उपयोग नहीं करते। जरूरत न होने पर इन्हें बंद करने से भी मासिक खर्च कम किया जा सकता है। परिवार या दोस्तों के साथ वैध फैमिली प्लान का उपयोग करने से भी लागत घटाई जा सकती है। आपातकालीन फंड बनाना भी छात्रों के लिए जरूरी माना जाता है। हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम अलग रखने से अचानक आने वाले खर्च, जैसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या, यात्रा या पढ़ाई से जुड़े जरूरी खर्च आसानी से पूरे किए जा सकते हैं। इससे किसी से उधार लेने की जरूरत भी कम पड़ती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बचत केवल पैसे जमा करने का नाम नहीं है, बल्कि समझदारी से खर्च करने की आदत भी है। यदि छात्र शुरुआत से ही आय और खर्च का सही संतुलन बनाना सीख लें तो आगे चलकर नौकरी या व्यवसाय शुरू करने के बाद भी यह आदत उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। छोटी-छोटी बचत समय के साथ बड़ी राशि में बदल सकती है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र बिना अपनी पढ़ाई या सामान्य जीवनशैली पर असर डाले भी हर महीने अच्छी बचत कर सकते हैं। इसके लिए केवल खर्चों पर नजर रखना, जरूरत और इच्छा में अंतर समझना, बजट बनाना और नियमित बचत की आदत विकसित करना जरूरी है। आर्थिक अनुशासन भविष्य की वित्तीय मजबूती की पहली सीढ़ी माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 00:00:11 +0530</pubDate>
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                <title>जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, जरूरी काम समय रहते निपटाएं</title>
                                    <description><![CDATA[चार रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार समेत अलग-अलग राज्यों में छह अतिरिक्त छुट्टियां, ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं रहेंगी जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/banks-will-remain-closed-for-12-days-in-july-complete/article-57191"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/july-bank-holidays.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर जुलाई महीने में आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करना है तो पहले छुट्टियों की सूची जरूर देख लें। अगले महीने देशभर में अलग-अलग राज्यों और शहरों में कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें चार रविवार और महीने के दूसरे व चौथे शनिवार की नियमित छुट्टियां शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण छह अतिरिक्त दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। ऐसे में चेक जमा कराने, ड्राफ्ट बनवाने, नकद निकासी, केवाईसी, पासबुक अपडेट या अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनानी होगी। भारतीय रिजर्व बैंक के अवकाश कैलेंडर के अनुसार जुलाई में 5, 12, 19 और 26 जुलाई को रविवार होने की वजह से देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे। वहीं 11 जुलाई को महीने का दूसरा शनिवार और 25 जुलाई को चौथा शनिवार होने के कारण भी सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इसके अलावा कुछ राज्यों में स्थानीय पर्व और क्षेत्रीय आयोजनों के चलते अलग-अलग तारीखों पर बैंक बंद रहेंगे। हालांकि इन छुट्टियों का असर पूरे देश में एक समान नहीं होगा, क्योंकि अतिरिक्त अवकाश संबंधित राज्य या शहर तक ही सीमित रहेंगे। महीने की शुरुआत और अंत में ग्राहकों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे में यदि किसी को बड़ी राशि जमा करनी है, चेक क्लियर कराना है या किसी दस्तावेज से जुड़ा काम करवाना है तो छुट्टियों से पहले बैंक पहुंचना बेहतर रहेगा। कई बार लगातार छुट्टियां पड़ने से बैंक खुलने के बाद शाखाओं में लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। इसलिए जरूरी बैंकिंग कार्यों को अंतिम समय तक टालने से बचना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल सेवाओं में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए लेनदेन सामान्य रूप से जारी रहेगा। ग्राहक घर बैठे फंड ट्रांसफर, बिजली-पानी के बिलों का भुगतान, मोबाइल रिचार्ज, टैक्स भुगतान और अन्य ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान प्रणाली पर इन छुट्टियों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बैंकों की छुट्टियों के दौरान एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा यूपीआई और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म चौबीसों घंटे सक्रिय रहते हैं। यदि किसी ग्राहक को केवल पैसे निकालने या ऑनलाइन भुगतान करने की जरूरत है तो उसे बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट, लॉकर संचालन, पासबुक प्रिंटिंग और दस्तावेज सत्यापन जैसे कार्य केवल बैंक शाखा खुलने पर ही किए जा सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिन लोगों को लोन की किस्त जमा करनी है या बैंक से जुड़े दस्तावेज पूरे करने हैं, वे छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए पहले ही अपना काम निपटा लें। व्यापारियों और कारोबारियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे नकदी प्रबंधन और बैंकिंग लेनदेन की योजना पहले से बना लें ताकि कारोबार प्रभावित न हो। वेतन, पेंशन और अन्य भुगतान भी डिजिटल माध्यमों से आसानी से किए जा सकते हैं। ग्राहकों के लिए यह भी जरूरी है कि वे अपने संबंधित बैंक की वेबसाइट या शाखा से स्थानीय अवकाश की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। अलग-अलग राज्यों में त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण बैंक अवकाश की तारीखें अलग हो सकती हैं। इसलिए यदि किसी दूसरे शहर में बैंकिंग कार्य करना है तो वहां की छुट्टियों की जानकारी पहले लेना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर जुलाई में बैंकों की कुल 12 दिनों की छुट्टियां ग्राहकों के लिए पहले से योजना बनाने का संकेत हैं। यदि समय रहते जरूरी बैंकिंग कार्य पूरे कर लिए जाएं तो किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकता है। वहीं डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी, जिससे अधिकांश वित्तीय लेनदेन बिना किसी रुकावट के किए जा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:04 +0530</pubDate>
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                <title>PF निकासी और FD ब्याज पर कटा TDS वापस कैसे मिलेगा? ITR फाइल करने से मिल सकता है टैक्स रिफंड</title>
                                    <description><![CDATA[पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में अलग-अलग नियम, सही तरीके से ITR दाखिल करने पर बैंक खाते में आ सकता है अतिरिक्त टैक्स रिफंड]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3f6ca73121d/article-57102"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/itr-filing.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का समय आते ही सबसे ज्यादा सवाल टैक्स रिफंड को लेकर पूछे जाते हैं। कई नौकरीपेशा और वरिष्ठ नागरिक ऐसे हैं, जिनके फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज पर बैंक पहले ही TDS काट लेता है। वहीं, कुछ मामलों में कर्मचारी भविष्य निधि (PF) की समय से पहले निकासी पर भी टैक्स काटा जाता है। ऐसे में कई लोगों को लगता है कि कटा हुआ टैक्स वापस नहीं मिल सकता, जबकि यदि आपकी कुल टैक्स देनदारी कम बनती है तो ITR दाखिल कर आप इस राशि का रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। टैक्स रिफंड अपने आप नहीं मिलता। इसके लिए आयकर रिटर्न सही जानकारी के साथ दाखिल करना जरूरी होता है। आयकर विभाग आपकी कुल आय, लागू टैक्स स्लैब, कटौतियों और पहले से कटे TDS का मिलान करता है। यदि पहले से जमा टैक्स आपकी वास्तविक देनदारी से अधिक होता है तो अतिरिक्त राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है। पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले करदाताओं को कई तरह की टैक्स छूट का लाभ मिलता है। धारा 80C के तहत निवेश, पीएफ, जीवन बीमा और अन्य योग्य निवेशों पर कटौती का दावा किया जा सकता है। इसके अलावा धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर भी राहत मिलती है। इन कटौतियों के कारण कुल कर योग्य आय कम हो जाती है और कई मामलों में पहले से कटा TDS पूरी तरह या आंशिक रूप से वापस मिल सकता है। हालांकि FD से मिलने वाला ब्याज और टैक्स योग्य PF निकासी को आय में दिखाना अनिवार्य होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नई टैक्स व्यवस्था में अधिकांश पारंपरिक कटौतियां उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि टैक्स रिफंड नहीं मिलेगा। यदि आपकी कुल टैक्स देनदारी पहले से कटे TDS से कम है तो नई व्यवस्था में भी रिफंड का दावा किया जा सकता है। अंतिम निर्णय आपकी कुल आय, लागू टैक्स स्लैब और उपलब्ध टैक्स राहत के आधार पर किया जाता है। रिफंड प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आयकर पोर्टल पर अपने PAN से जुड़े खाते के माध्यम से लॉगिन करना होगा। इसके बाद Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) की जांच करनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि FD ब्याज और PF निकासी पर कटा TDS सही तरीके से दर्ज है। यदि किसी प्रकार की विसंगति दिखाई देती है तो पहले उसे ठीक करवाना बेहतर रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद सही असेसमेंट ईयर का चयन करते हुए पुरानी या नई टैक्स व्यवस्था में से उपयुक्त विकल्प चुनना होगा। रिटर्न भरते समय वेतन, FD ब्याज, PF निकासी, किराया, व्यवसाय या अन्य सभी कर योग्य आय की जानकारी सही-सही दर्ज करनी चाहिए। यदि पुरानी टैक्स व्यवस्था का चयन किया गया है तो पात्र निवेश और खर्चों की कटौतियां भी शामिल करनी होंगी। सभी जानकारी भरने के बाद रिटर्न जमा कर उसका सत्यापन करना आवश्यक है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही आयकर विभाग रिटर्न की प्रोसेसिंग शुरू करता है। PF निकासी पर हर स्थिति में टैक्स नहीं लगता। यदि कर्मचारी निर्धारित नियमों के अनुसार तय अवधि पूरी करने के बाद PF निकालता है तो सामान्य परिस्थितियों में TDS नहीं काटा जाता। लेकिन समय से पहले निकासी करने पर कुछ मामलों में टैक्स कट सकता है। वहीं, फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज "Income from Other Sources" के अंतर्गत कर योग्य माना जाता है। यदि ब्याज निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है तो बैंक TDS काट सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> ITR दाखिल करने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान अवश्य कर लें। PAN की जानकारी अपडेट होनी चाहिए, बैंक खाते का विवरण सही होना चाहिए और Form 26AS तथा AIS में दिखाई गई TDS जानकारी आपके रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए। यदि किसी बैंक या संस्था द्वारा TDS जमा नहीं किया गया है या गलत जानकारी दर्ज हुई है तो पहले उसे ठीक करवाना जरूरी है। समय पर ITR दाखिल करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर न केवल जुर्माना लग सकता है बल्कि टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है। इसलिए करदाताओं को सलाह दी जाती है कि सभी वित्तीय दस्तावेज तैयार रखें और अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न दाखिल करें। सही जानकारी, सटीक आय विवरण और उचित टैक्स व्यवस्था का चयन करके PF निकासी और FD ब्याज पर कटे अतिरिक्त TDS का रिफंड आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 12:39:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी तीन दिन में ₹22 हजार टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[सोना ₹2,156 सस्ता होकर ₹1.40 लाख पर पहुंचा, वैश्विक हालात और मुनाफावसूली से कीमती धातुओं पर बढ़ा दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-fall-in-gold-and-silver-silver-fell-by-%E2%82%B9/article-56910"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुवार, 25 जून 2026 को कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,156 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव घटकर करीब 1.40 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं चांदी की कीमत में एक ही दिन में 6,550 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है और इसका भाव 2.15 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गया है। खास बात यह है कि चांदी पिछले तीन कारोबारी दिनों में ही करीब 22 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हो चुकी है, जिससे निवेशकों और कारोबारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सोना और चांदी दोनों में हाल के दिनों में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जून महीने की शुरुआत में सोना जहां करीब 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं अब इसमें लगभग 16 हजार रुपए की गिरावट आ चुकी है। इसी तरह चांदी का भाव भी महीने की शुरुआत में 2.63 लाख रुपए प्रति किलो था, जो अब घटकर 2.15 लाख रुपए के आसपास पहुंच गया है। यानी सिर्फ एक महीने में चांदी लगभग 48 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमतों में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा दिखाई देता है। वर्ष 2026 की शुरुआत में सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद जनवरी के अंत तक इसमें जोरदार तेजी आई और कीमतें 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं। हालांकि इसके बाद बाजार का रुख बदला और लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया। वर्तमान कीमतों को देखें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 36 हजार रुपए तक नीचे आ चुका है। चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही है। पिछले वर्ष के अंत में चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त उछाल आया और कीमत 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जाता है। लेकिन उसके बाद बाजार में आई कमजोरी ने चांदी की चमक फीकी कर दी। करीब पांच महीनों के भीतर ही चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 1.70 लाख रुपए प्रति किलो तक टूट चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को भी हैरान किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक समझ और तनाव में आई कमी को माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया में युद्ध और संघर्ष की आशंकाओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे थे। सोना और चांदी को परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए इनके दाम लगातार बढ़ रहे थे। लेकिन जैसे ही भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ, निवेशकों ने इन धातुओं से पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। दूसरा महत्वपूर्ण कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को माना जा रहा है। हाल के संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखा जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ तो यह भी मान रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश से दूरी बनाने लगते हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग पर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाने वाली एक अहम वजह बनी हुई है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने पर सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे दिखाई देते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी कीमतों में तेज गिरावट को बढ़ावा दिया है। बड़े फंड हाउस और संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर अपने निवेश का लाभ बुक किया, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी। गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ETF में भी हाल के दिनों में बिकवाली का दबाव देखा गया है। निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षण कम होने से इन फंड्स से पैसा निकलना शुरू हुआ है। इसका असर घरेलू बाजारों में भी दिखाई दे रहा है और कीमतों में गिरावट का एक कारण इसे भी माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकती है। शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों से पहले कीमतों में आई नरमी ग्राहकों को राहत दे सकती है। लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी होगा। सोना खरीदते समय ग्राहकों को हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। साथ ही खरीदारी से पहले विभिन्न स्रोतों से कीमतों की जांच करना भी जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के साथ किया गया निवेश भविष्य में बेहतर लाभ दे सकता है।  घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा तय करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चांदी और सोने के दाम में तेज उछाल, बाजार में हलचल बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[22 जून को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी दर्ज की गई, चांदी ₹2.37 लाख प्रति किलो और सोना ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा, जिससे बाजार में फिर से अस्थिरता देखने को मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-rise-in-the-prices-of-silver-and-gold-increased/article-56647"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">22 जून को सोने-चांदी के दामों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹5,826 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद एक किलो चांदी का भाव ₹2.37 लाख तक पहुंच गया है। वहीं सोने की कीमत में भी तेजी रही और 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,694 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंच गया। बाजार में इस अचानक आई तेजी ने निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों दोनों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी का भाव करीब ₹2.32 लाख प्रति किलो था, लेकिन ताजा बढ़ोतरी के बाद इसमें एक बार फिर बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। इसी तरह सोने की कीमत भी एक दिन पहले के मुकाबले बढ़ी है, जहां 24 कैरेट सोना पहले लगभग ₹1.44 लाख के आसपास था, वहीं अब यह ₹1.46 लाख के करीब पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, अभी भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार अस्थिरता देखने को मिल रही है। 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत लगभग ₹1.33 लाख थी, जो जनवरी के अंत में बढ़कर ₹1.76 लाख के स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद से अब तक इसमें लगभग ₹30 हजार की गिरावट देखी गई है। इसी तरह चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो जनवरी में बढ़कर ₹3.86 लाख के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। उसके बाद से इसमें लगभग ₹1.49 लाख की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन हाल के दिनों में फिर से इसमें तेजी देखी जा रही है। वैश्विक आर्थिक स्थिति, ब्याज दरों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग और आपूर्ति का सीधा असर भारत के सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है। खासकर चांदी की कीमतों में जो तेजी देखी जा रही है, वह औद्योगिक मांग और निवेश के बढ़ते रुझान का परिणाम मानी जा रही है। वहीं सोने को अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जिसके कारण इसकी मांग बनी रहती है। हालांकि कीमतों में अचानक बदलाव से आम खरीदार और निवेशक दोनों ही असमंजस में हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोना खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए, जिसे ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) प्रमाणित करता है। हॉलमार्क से यह पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। इसके अलावा खरीदने से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमतों की तुलना करना भी जरूरी माना गया है, ताकि सही भाव पर खरीदारी हो सके। बाजार में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं, इसलिए ग्राहक को सतर्क रहना जरूरी है। चांदी की शुद्धता पहचानने के लिए भी कई पारंपरिक तरीके बताए जाते हैं। इनमें मैग्नेट टेस्ट सबसे आम है, जिसमें असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। इसके अलावा आइस टेस्ट में असली चांदी पर बर्फ जल्दी पिघलती है। स्मेल टेस्ट में असली चांदी से कोई गंध नहीं आती, जबकि नकली चांदी में कॉपर जैसी गंध महसूस हो सकती है। वहीं क्लॉथ टेस्ट में सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आता है तो उसे असली माना जाता है। इन घरेलू तरीकों के साथ-साथ प्रमाणित जांच भी जरूरी है। सोने और चांदी के दामों में लगातार हो रहा बदलाव बाजार को अस्थिर बनाए हुए है। निवेशक जहां एक ओर मुनाफे की संभावना देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेजी से बदलते दाम चिंता का कारण भी बन रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:10:45 +0530</pubDate>
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                <title>स्पेसएक्स IPO के बाद ट्रिलियन डॉलर क्लब के करीब पहुंचे एलन मस्क</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेसएक्स की रिकॉर्ड वैल्यूएशन और शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री ने एलन मस्क की कुल संपत्ति को 971 अरब डॉलर तक पहुंचाया, अब दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने से सिर्फ कुछ कदम दूर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2ba244b9219/article-55699"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/elon-musk-net-worth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गए हैं। उनकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स के शेयर बाजार में उतरने के बाद उनकी कुल संपत्ति में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। नई वैल्यूएशन के अनुसार मस्क की कुल नेटवर्थ करीब 971 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जिससे वह दुनिया के पहले ट्रिलियन डॉलर यानी एक लाख करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति वाले व्यक्ति बनने की दहलीज पर खड़े नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की कीमत 135 डॉलर प्रति शेयर तय की गई। इस मूल्यांकन के आधार पर एलन मस्क की स्पेसएक्स में हिस्सेदारी का मूल्य लगभग 688 अरब डॉलर आंका गया है। यह उनकी कुल संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि अगर स्पेसएक्स के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान मामूली बढ़त भी दर्ज होती है, तो मस्क ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के बाजार में उतरने से पहले भी एलन मस्क दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति थे। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा पहले से ही स्पेसएक्स, टेस्ला, न्यूरालिंक और द बोरिंग कंपनी जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़ा हुआ था। हालांकि स्पेसएक्स की नई वैल्यूएशन ने उनकी संपत्ति में सबसे बड़ा इजाफा किया है। बताया जा रहा है कि कंपनी की वैल्यू पिछले एक साल में तेजी से बढ़ी है और निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। यदि स्पेसएक्स का शेयर मूल्य 140.71 डॉलर तक पहुंच जाता है तो एलन मस्क की कुल संपत्ति एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर सकती है। मौजूदा स्थिति में वह इस लक्ष्य से करीब 29 अरब डॉलर दूर हैं। यह अंतर सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन मस्क की कुल संपत्ति के मुकाबले यह केवल लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि के बराबर है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स की सफलता के पीछे कंपनी की लगातार बढ़ती व्यावसायिक उपलब्धियां हैं। अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रह इंटरनेट नेटवर्क और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत पकड़ बनाई है। निवेशकों का मानना है कि आने वाले समय में स्पेसएक्स वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग की सबसे प्रभावशाली कंपनियों में शामिल रह सकती है। इसी उम्मीद ने कंपनी की वैल्यूएशन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में मदद की है। एलन मस्क की संपत्ति में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 163 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उछाल मुख्य रूप से स्पेसएक्स की बढ़ती कीमत और उसके कारोबारी विस्तार का परिणाम माना जा रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कंपनी की वैल्यू में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई थी और बाद में एआई क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। इससे कंपनी के प्रति बाजार का भरोसा और मजबूत हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">मस्क की दूसरी प्रमुख कंपनी टेस्ला ने भी इस दौरान अच्छा प्रदर्शन किया है। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी के शेयरों में बीते एक साल में करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। टेस्ला में मस्क की हिस्सेदारी का मूल्य अब लगभग 165 अरब डॉलर बताया जा रहा है। हालांकि यह बढ़ोतरी स्पेसएक्स जितनी तेज नहीं रही, लेकिन फिर भी उनकी कुल संपत्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में एलन मस्क अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज लगभग 310 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह अंतर दिखाता है कि मस्क फिलहाल संपत्ति के मामले में किस स्तर पर पहुंच चुके हैं। यदि वह ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो यह वैश्विक वित्तीय इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रिलियन डॉलर की व्यक्तिगत संपत्ति केवल एक प्रतीकात्मक उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि यह तकनीक, अंतरिक्ष उद्योग और नवाचार आधारित कंपनियों की बढ़ती ताकत को भी दर्शाएगी। पिछले दशक में तकनीकी कंपनियों की तेजी से बढ़ती वैल्यूएशन ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची को पूरी तरह बदल दिया है और मस्क इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरे हैं। दुनिया की निगाहें स्पेसएक्स के शेयर प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:19:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>SBI की बेहतरीन FD स्कीम! 2 साल में मिलेगा 1 लाख रुपये तक का फिक्स ब्याज, जानें कितना करना होगा निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[SBI की 2 साल की FD स्कीम में निवेश कर आप ₹1 लाख तक का फिक्स ब्याज कमा सकते हैं। जानें कितना निवेश करना होगा और ब्याज दरें क्या हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sbis-best-fd-scheme-you-will-get-fixed-interest-up/article-54087"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/sbi-fd-scheme.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>SBI FD Scheme:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">बढ़ते बाजार जोखिम और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच आज भी बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित निवेश के लिए बैंक एफडी को सबसे भरोसेमंद विकल्प मानते हैं। खासकर ऐसे निवेशक जो बिना जोखिम तय रिटर्न चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी </span>FD <span lang="hi" xml:lang="hi">अब भी पहली पसंद बनी हुई है। इसी बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक </span>State Bank of India <span lang="hi" xml:lang="hi">की एक एफडी स्कीम चर्चा में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सिर्फ 2 साल की अवधि में करीब 1 लाख रुपये तक का फिक्स ब्याज कमाया जा सकता है। बैंक की यह योजना सामान्य नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को भी अलग-अलग ब्याज दरों का फायदा दे रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने ग्राहकों को 2 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.40 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 7 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर किया जा रहा है। बैंक की एफडी योजनाएं 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि हाल के महीनों में निवेशकों का रुझान छोटी और मध्यम अवधि की एफडी की ओर ज्यादा देखा गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें पैसा ज्यादा समय तक फंसा नहीं रहता और रिटर्न भी स्थिर मिलता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर कोई सामान्य नागरिक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की 2 साल वाली एफडी स्कीम में करीब 1 लाख रुपये का फिक्स ब्याज पाना चाहता है तो उसे लगभग 7 लाख 40 हजार रुपये निवेश करने होंगे। इसी तरह वरिष्ठ नागरिकों को 1 लाख रुपये के आसपास ब्याज कमाने के लिए करीब 6 लाख 90 हजार रुपये जमा करने होंगे। अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह रकम लगभग 6 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। बैंक की मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से मैच्योरिटी पर निवेशकों को 1 लाख रुपये से ज्यादा का तय ब्याज मिल सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि एफडी उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है जो जोखिम लेने से बचना चाहते हैं और नियमित या गारंटीड रिटर्न की तलाश में रहते हैं। खासकर रिटायरमेंट प्लानिंग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों की पढ़ाई या भविष्य के खर्चों के लिए लोग अभी भी एफडी में निवेश को सुरक्षित मानते हैं। हालांकि निवेश करने से पहले ब्याज दर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्स नियम और समय अवधि को समझना जरूरी माना जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक किसी भी स्कीम में निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से ब्याज दरों की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि समय-समय पर इनमें बदलाव हो सकता है। </span>SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की यह 2 साल वाली एफडी स्कीम फिलहाल उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है जो कम जोखिम में तय कमाई चाहते हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 00:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>50 हजार की सैलरी पर कितना मिलेगा होम लोन? ऐसे तय होती है आपकी लिमिट</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है तो बैंक आपको कितना होम लोन दे सकता है? जानें EMI, ब्याज दर और लोन पात्रता का पूरा गणित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/how-much-home-loan-will-you-get-on-a-salary/article-54088"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/home-loan-calculator.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच आज अपना घर खरीदना आम लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन जब भी कोई बैंक में लोन के लिए आवेदन करता है तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि आखिर उसकी सैलरी के हिसाब से कितना होम लोन मिल सकता है। अगर आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">50<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भी आप अच्छी-खासी लोन राशि के पात्र बन सकते हैं। हालांकि बैंक केवल सैलरी देखकर फैसला नहीं करते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि कई दूसरे फैक्टर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक होम लोन मंजूर करने से पहले FOIR यानी Fixed Obligation to Income Ratio को ध्यान में रखता है। आसान भाषा में समझें तो बैंक यह देखता है कि आपकी कमाई का कितना हिस्सा EMI चुकाने में जा सकता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आमतौर पर बैंक कुल सैलरी का </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>55<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीसदी हिस्सा ही </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए सुरक्षित मानते हैं। यानी अगर आपकी सैलरी </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक यह मानकर चलते हैं कि आप हर महीने लगभग </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये तक </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">दे सकते हैं। बाकी रकम आपके घर खर्च और दूसरी जरूरतों के लिए जरूरी मानी जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो अगर होम लोन की ब्याज दर करीब </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">8.75<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत मान ली जाए और आपके ऊपर पहले से कोई बड़ा लोन न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की अवधि के लिए आपको लगभग </span>26<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकता है। इस स्थिति में आपकी मासिक </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">करीब </span>23<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार से </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये तक बन सकती है। वहीं अगर आप लोन चुकाने के लिए </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की लंबी अवधि चुनते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक आपको करीब </span>32<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से </span>36<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये तक का होम लोन देने पर विचार कर सकते हैं। लंबी अवधि होने से </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">कम हो जाती है और लोन की पात्रता बढ़ जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि आपकी अंतिम लोन राशि कुछ दूसरी चीजों पर भी निर्भर करती है। अगर पहले से कार लोन</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्सनल लोन या किसी अन्य </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">का बोझ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक आपकी पात्रता कम कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी में से पहले से </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">कट रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक नई </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">की सीमा घटा देंगे। इससे होम लोन की रकम भी कम हो सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्रेडिट स्कोर भी यहां बेहद अहम माना जाता है। अगर आपका सिबिल स्कोर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">750<span lang="hi" xml:lang="hi"> या उससे ज्यादा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक बेहतर ब्याज दर पर ज्यादा लोन देने के लिए तैयार रहते हैं। वहीं खराब क्रेडिट स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग अपनी लोन पात्रता बढ़ाने के लिए पत्नी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पति या माता-पिता को को-एप्लीकेंट भी बनाते हैं। इससे संयुक्त आय बढ़ जाती है और बैंक ज्यादा लोन मंजूर कर सकते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन लेने से पहले </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EMI, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्याज दर और कुल भुगतान की सही गणना कर लेना जरूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े। सही प्लानिंग के साथ लिया गया होम लोन लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 00:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>महज 10,000 रुपये की SIP से बन सकता है करोड़ों का फंड, ऐसे मिलेगी हर महीने 1 लाख से ज्यादा की इनकम</title>
                                    <description><![CDATA[जानिए कैसे ₹10,000 की SIP लंबे समय में करोड़ों का फंड बना सकती है और रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा इनकम दे सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/a-fund-worth-crores-can-be-created-with-a-sip/article-54001"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/sip.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">महंगाई के चलते अब ज्यादातर लोग सिर्फ अपनी नौकरी की कमाई पर निर्भर नहीं रहना चाहते। खासकर रिटायरमेंट के बाद भी नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई लोग पहले से ही निवेश करने की योजना बना रहे हैं। इसीलिए</span>, SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक अनुशासन के साथ निवेश जारी रखे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो छोटी रकम से भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। यही कारण है कि </span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:'Times New Roman', serif;">₹</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">10,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> की मासिक </span>SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">के बारे में काफी चर्चा हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि सही योजना के साथ इससे भविष्य में हर महीने </span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:'Times New Roman', serif;">₹</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">1<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से ज्यादा की आय संभव मानी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">में निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में डालता है। इसमें सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मतलब कि जो रिटर्न आपको मिलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो भी आगे चलकर कमाई करने लग जाता है। लंबे समय तक लगातार निवेश करने से ये छोटी-छोटी राशियाँ एक बड़ा फंड तैयार कर सकती हैं। मान लिजिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई व्यक्ति हर महीने </span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:'Times New Roman', serif;">₹</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">10,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> की </span>SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">करीब </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल तक करता है और उसे औसतन </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके पास लगभग </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का फंड तैयार हो सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाइनेंशियल प्लानर्स का कहना है कि असली ताकत समय में छिपी होती है। जो लोग कम उम्र में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरू करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें ज्यादा फायदा मिल सकता है। माना जाता है कि </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की उम्र में शुरू किया गया निवेश</span>, 35<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की उम्र में शुरू हुई </span>SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">के मुकाबले कई गुना बड़ा फंड तैयार कर सकता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स जल्दी निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब यह सोचने वाली बात है कि इस फंड से हर महीने </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:'Times New Roman', serif;">₹</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">1<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख या उससे ज्यादा की आय कैसे मिलेगी। इसे समझने के लिए कह सकते हैं कि अगर रिटायरमेंट तक करीब </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का फंड बन जाता है और उस पैसे को किसी ऐसे निवेश में रखा जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो नियमित आय बनाई जा सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">3<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये पर </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत के हिसाब से सालाना लगभग </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये की कमाई हो सकती है। यानी हर महीने करीब </span>1.5<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये तक की आय बनने की संभावना है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूरी तरह से बाजार की स्थिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश के तरीके और निकासी की योजना पर निर्भर करता है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि समझदारी से निकासी करने पर लंबे समय तक नियमित आय को बनाए रखना संभव है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का मानना है कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SIP <span lang="hi" xml:lang="hi">में सबसे जरूरी बात धैर्य और अनुशासन है। कई लोग जब बाजार गिरता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो निवेश रोक देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि लंबे समय में बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य होता है। ऐसे में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो लोग लगातार निवेश करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें भविष्य में ज्यादा फायदा हो सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>EPFO में बड़ा बदलाव: UPI से मिलेगा PF का पैसा, WhatsApp पर भी सुविधा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO जल्द UPI आधारित PF निकासी, WhatsApp सेवा और 5 लाख तक ऑटो सेटलमेंट सुविधा शुरू करने जा रहा है। जानिए पूरी डिटेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-change-in-epfo-pf-money-will-be-available-from/article-54000"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/epfo-update.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देशभर के लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">से एक अच्छी खबर आई है। आने वाले समय में प्रोविडेंट फंड (</span>PF) <span lang="hi" xml:lang="hi">निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। सरकार </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम में बड़े डिजिटल बदलाव करने जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके तहत अब </span>UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके साथ ही </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">पर 24 घंटे सेवा और 5 लाख रुपये तक ऑटो सेटलमेंट जैसी सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय श्रम मंत्री </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Mansukh Mandaviya <span lang="hi" xml:lang="hi">ने बताया कि </span>UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">आधारित </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">निकासी सुविधा की टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इसके जल्द ही लागू होने की संभावना है। इस बदलाव का लाभ देश के 7 करोड़ से ज्यादा </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">सदस्यों को मिलेगा। वर्तमान में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों को </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">निकालने के लिए </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">पोर्टल पर क्लेम करना पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके लिए कभी-कभी पैसे आने में काफी समय लग सकता है। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई सुविधा के तहत सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को सीधे देख सकेंगे। इसके बाद लिंक्ड </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए पैसे का ट्रांसफर किया जा सकेगा। रकम सीधे बैंक खाते में पहुंच जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कर्मचारी उसे </span>ATM, UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">या ऑनलाइन पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इससे कर्मचारियों को इमरजेंसी में तुरंत मदद मिलेगी और दफ्तर के चक्कर भी कम लगाने होंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार ने ऑटो सेटलमेंट सुविधा की सीमा भी बढ़ा दी है। अब यह सुविधा पहले 1 लाख रुपये तक के क्लेम्स पर लागू थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। बीमारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शादी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पढ़ाई या घर बनाने जैसे जरूरी कामों के लिए किए गए क्लेम अब बिना मैनुअल प्रक्रिया के तेजी से निपटाए जा सकेंगे। बताया जा रहा है कि ऐसे मामलों में सिर्फ तीन दिन के भीतर पैसा ट्रांसफर करने की योजना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">अब </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">पर एक नई सेवा भी शुरू करने जा रहा है। सदस्य सिर्फ "</span>Hello" <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखकर </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">की वेरिफाइड </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा से जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">बैलेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछली ट्रांजैक्शन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्लेम स्टेटस और अन्य जरूरी जानकारियाँ अपने मोबाइल पर ही मिल जाएंगी। खास बात यह है कि ये सुविधाएं हिंदी समेत कई स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी सहूलियत मिलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार आधार और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">DBT <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़ी समस्याओं को भी कम करने की कोशिश में है। जिन सदस्यों का आधार ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं हुआ है या </span>DBT <span lang="hi" xml:lang="hi">में दिक्कत आ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए सहायता और गाइडेंस मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद यह है कि लोगों को छोटी समस्याओं के लिए </span>EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय नहीं जाना पड़े।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">साथ ही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">पुराने मामलों और शिकायतों को तेजी से निपटाने में भी जुटा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले एक साल में उपभोक्ता अदालतों और लंबित मामलों की संख्या में कमी आई है। 10 साल से ज्यादा पुराने मामलों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">निधि आपके निकट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">अभियान के जरिए लोगों की शिकायतों का समाधान तेजी से किया जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार इसे डिजिटल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EPFO <span lang="hi" xml:lang="hi">की दिशा में एक बड़ा कदम मानती है। आने वाले समय में </span>PF <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़ी अधिकांश सेवाएं मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने की उम्मीद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कर्मचारियों का समय भी बचेगा और प्रक्रियाएं और भी सरल हो जाएंगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:00:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PNB की धांसू स्कीम! 1.5 लाख रुपये जमा करने पर मिलेगा 1 लाख से ज्यादा ब्याज, जानें पूरा गणित</title>
                                    <description><![CDATA[PNB FD Scheme में 1.5 लाख रुपये जमा करने पर वरिष्ठ नागरिकों को 1,07,254 रुपये तक ब्याज मिल सकता है। जानें पूरी FD डिटेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pnbs-cool-scheme-you-will-get-more-than-rs-1/article-53925"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pnb-fd-scheme.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>PNB FD Scheme:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक यानी </span>PNB <span lang="hi" xml:lang="hi">इन दिनों अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। बैंक अलग-अलग समयावधियों के लिए एफडी पर काफी अच्छे ब्याज दरें देने की पेशकश कर रहा है। खासतौर पर लंबी अवधि की एफडी स्कीम में निवेश करने वाले ग्राहकों को बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। अगर कोई ग्राहक </span>PNB FD Scheme <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत 1 लाख 50 हजार रुपये जमा करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैच्योरिटी पर उसे ब्याज के रूप में 1 लाख रुपये से ज्यादा मिल सकता है। ऐसे में यह स्कीम सुरक्षित निवेश पसंद करने वालों के बीच काफी चर्चित हो रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">PNB <span lang="hi" xml:lang="hi">7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए एफडी की सुविधा प्रदान करता है। बैंक की कुछ विशेष समयावधि वाली योजनाओं पर ज्यादा ब्याज मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">444 दिनों की एफडी पर बैंक 7.40 फीसदी तक ब्याज ऑफर कर रहा है। जबकि 5 से 10 साल की लंबी अवधि की एफडी पर सामान्य ग्राहकों को लगभग 6 से 6.80 फीसदी तक ब्याज दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये दरें और भी बेहतर हैं। लंबे समय तक निवेश करने वाले ग्राहकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर कोई सामान्य नागरिक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">PNB <span lang="hi" xml:lang="hi">की 8 साल की एफडी स्कीम में 1.5 लाख रुपये का निवेश करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 2,35,901 रुपये मिल सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें करीब 85,901 रुपये ब्याज के तौर पर शामिल होंगे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह स्कीम और भी फायदेमंद साबित हो रही है। अगर वे इसी अवधि के लिए 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्हें मैच्योरिटी पर कुल 2,57,254 रुपये मिल सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थात् करीब 1,07,254 रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक 5 से 10 साल तक की एफडी पर वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का भी लाभ दे रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश करने से पहले ब्याज दरों और नियमों की पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बैंक समय-समय पर अपनी एफडी दरों में बदलाव करते रहते हैं। इसीलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से जानकारी लेना सबसे अच्छा रहेगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 00:00:33 +0530</pubDate>
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