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                <title>IndoreNews - दैनिक जागरण</title>
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                <title>इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट में झुलसी कंटेंट क्रिएटर की आपबीती, बोलीं- हिम्मत नहीं करती तो बचना मुश्किल था</title>
                                    <description><![CDATA[विजय नगर हादसे में 25 प्रतिशत तक झुलसी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर जिनी झाला आईसीयू में भर्ती, तीन और सर्जरी बाकी; परिजनों ने बेहतर इलाज और कार्रवाई की मांग उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-story-of-the-content-creator-who-got-burnt-in/article-56897"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-gas-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के विजय नगर इलाके में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला ने अस्पताल के आईसीयू से वीडियो जारी कर उस भयावह हादसे की पूरी कहानी बताई है। हादसे के बाद से बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती जिनी ने कहा कि अगर उस समय उन्होंने खुद हिम्मत नहीं दिखाई होती तो शायद उनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता। करीब 20 से 25 प्रतिशत तक झुलस चुकी जिनी का एक ऑपरेशन हो चुका है, जबकि डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है। फिलहाल उनकी तीन और सर्जरी होना बाकी हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 23 जून की शाम हुआ यह हादसा शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिनी के अनुसार वह अपनी दोपहिया वाहन से अकेले अपनी नानी के घर जा रही थीं। जैसे ही वह सुमन नगर जैन मंदिर के पास पहुंचीं, अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते इलाके में आग की लपटें उठने लगीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वहां गैस पाइपलाइन के आसपास काम चल रहा था। जिनी ने बताया कि मौके पर किसी तरह की बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसके कारण उन्हें खतरे का अंदाजा ही नहीं हुआ। कुछ ही सेकंड में उनकी स्कूटर और वह खुद आग की चपेट में आ गईं। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई और शरीर पर पानी डालने के लिए कहा, लेकिन अफरा-तफरी और डर के माहौल में कोई तुरंत आगे नहीं आया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिनी ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि सड़क पर बारिश का पानी जमा हुआ था। जब किसी से मदद नहीं मिली तो उन्होंने खुद ही पानी में कूदकर अपने शरीर पर पानी डालना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उस समय हालात इतने खराब थे कि कुछ समझ नहीं आ रहा था, बस खुद को बचाने की कोशिश कर रही थीं। थोड़ी देर बाद एक युवक ने उनकी मदद की और उन पर पानी डाला, लेकिन तब तक उनका बायां हाथ गंभीर रूप से झुलस चुका था। डॉक्टरों के अनुसार उनके हाथ की त्वचा की कई परतें प्रभावित हुई हैं और आगे भी सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। हादसे के बाद अस्पताल पहुंचने तक का संघर्ष भी कम दर्दनाक नहीं रहा। जिनी का कहना है कि उन्होंने राहगीरों से अस्पताल पहुंचाने की अपील की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। लोग दूर खड़े होकर घटना देख रहे थे। आखिरकार उन्होंने एक रैपिडो बाइक सवार को रोका और उसकी मदद से बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच सकीं। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने डॉक्टरों से तत्काल इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और बाद में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के समय जिनी के मंगेतर और कंस्ट्रक्शन कारोबारी रजत प्रताप सिंह इंदौर में नहीं थे। उन्होंने बताया कि वह देहरादून जा रहे थे, तभी जिनी का फोन आया था, लेकिन वाहन चला रहे होने के कारण कॉल नहीं उठा सके। कुछ समय बाद दूसरे नंबरों से लगातार कॉल आने लगे, जिसके बाद उन्हें हादसे की जानकारी मिली। रजत के मुताबिक जब तक वह पूरी स्थिति समझ पाते, जिनी गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। उन्होंने बताया कि जिनी के शरीर का एक हिस्सा और चेहरा भी प्रभावित हुआ है तथा डॉक्टरों ने लंबा इलाज चलने की बात कही है। इस मामले में अब प्रशासनिक और कानूनी सवाल भी खड़े होने लगे हैं। रजत प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां बिना उचित अनुमति के बोरिंग का काम कराया जा रहा था। उनका दावा है कि प्रशासन द्वारा पहले से प्रतिबंध लागू होने के बावजूद काम जारी था। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के संबंध में पुलिस को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसको लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हादसे के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज में कथित तौर पर एक बोरिंग मशीन घटना स्थल से तेजी से हटाई जाती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मशीन लेकर वहां से निकल गया था। बाद में पुलिस ने संबंधित वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम और अन्य विभागों से जानकारी मांगी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिनी के माता-पिता अपनी बेटी की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि बेहतर इलाज के लिए जिनी को अहमदाबाद के किसी विशेष बर्न यूनिट अस्पताल में भेजा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से एयरलिफ्ट की व्यवस्था करने की मांग भी की है। परिवार का मानना है कि गंभीर बर्न मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। उधर, हादसे में घायल अन्य लोगों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। गोपाल मालाकार और सुभाष ठाकुर, जो इस घटना में झुलसे थे, अब खतरे से बाहर हैं और उन्हें आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि जिनी का इलाज अभी लंबा चलने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 13:58:10 +0530</pubDate>
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                <title>Bhopal News: शादी वाले घरों को ही मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलेंडर, कार्ड दिखाना होगा जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[गैस की कमी के बीच नई व्यवस्था लागू, अधिकतम 2 सिलेंडर मिलेंगे; कैटरर्स बोले—अब भी पर्याप्त नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal-news-only-married-households-will-get-commercial-gas-cylinder/article-51416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(44).jpg" alt=""></a><br /><p>राजधानी भोपाल में शादी सीजन के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और कमी को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन घरों में शादी है, उन्हें गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड दिखाकर ही कमर्शियल सिलेंडर मिल सकेंगे। इस नियम के तहत एक परिवार को अधिकतम दो सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।</p>
<p>फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, यह फैसला एलपीजी कंपनियों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को शादी का निमंत्रण पत्र, पहचान पत्र और एक आवेदन देना होगा, जिसमें शादी की तारीख, समय और स्थान का उल्लेख जरूरी होगा। यह कदम गैस की कालाबाजारी रोकने और जरूरतमंदों तक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।</p>
<h5><strong>कितनी होगी लागत</strong></h5>
<p>प्रत्येक कमर्शियल सिलेंडर के लिए उपभोक्ता को 2200 रुपए डिपॉजिट के रूप में जमा करने होंगे। इस हिसाब से दो सिलेंडर के लिए 4400 रुपए जमा होंगे, जो सिलेंडर वापस करने पर लौटा दिए जाएंगे। इसके अलावा गैस भरवाने के लिए 1850 रुपए प्रति सिलेंडर अलग से देने होंगे। सिलेंडर को 2 से 3 दिनों के भीतर एजेंसी पर लौटाना अनिवार्य रहेगा।</p>
<h4><strong>क्यों लागू करनी पड़ी व्यवस्था</strong></h4>
<p>शादी सीजन में कैटरिंग और बड़े आयोजनों के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में सप्लाई प्रभावित होती है और कई बार कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आती हैं। प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से वितरण में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।</p>
<h5><strong>कैटरर्स की चिंता बरकरार</strong></h5>
<p>हालांकि, कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों ने इस व्यवस्था को अपर्याप्त बताया है। कैटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रिंकू भटेजा का कहना है कि समय पर पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कई बार मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। कुछ मामलों में मजबूरी में लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल भी करना पड़ रहा है।प्रशासन का कहना है कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।</p>
<hr />
<h3> </h3>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:27:45 +0530</pubDate>
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