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                <title>MPNews - दैनिक जागरण</title>
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                            <item>
                <title>डेटा एंट्री जॉब के नाम पर छात्र से 44 हजार की ठगी, 8 बार कराए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[युवती ने फोन कर चयन होने का दावा किया, इंटरव्यू, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर ऑनलाइन पैसे जमा कराए; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/in-the-name-of-data-entry-job-a-student-was/article-57865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-job-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में ऑनलाइन जॉब फ्रॉड का एक और मामला सामने आया है, जहां नौकरी की तलाश कर रहे एक छात्र को डेटा एंट्री जॉब दिलाने का झांसा देकर करीब 44 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को एक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताते हुए पहले फोन पर संपर्क किया और फिर अलग-अलग चरणों में चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर पैसे जमा करवाते रहे। जब काफी रकम जमा कराने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही जमा की गई राशि वापस हुई, तब छात्र को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एमआईजी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल करने वाले लोग किस नेटवर्क से जुड़े थे और जिन बैंक खातों में पैसे जमा कराए गए, उनका इस्तेमाल किन लोगों ने किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार नेहरू नगर निवासी राजेश पाटीदार ने शिकायत में बताया कि 17 जून को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अनुष्का बताया और कहा कि उसने जिस नौकरी के लिए आवेदन किया था, उसमें उसका चयन हो गया है। बातचीत के दौरान युवती ने राजेश से कुछ व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक विवरण मांगा। इसके बाद उसने कहा कि डेटा एंट्री की नौकरी के लिए उसे शॉर्टलिस्ट किया गया है और जल्द ही टेलीफोनिक इंटरव्यू लिया जाएगा। युवती ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक रेफरेंस आईडी भी मांगी और पूरी प्रक्रिया को सामान्य भर्ती प्रक्रिया की तरह पेश किया, जिससे छात्र को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार बातचीत का तरीका इतना भरोसेमंद था कि उसे लगा कि वास्तव में किसी कंपनी से संपर्क किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुछ समय बाद युवती ने राजेश से कहा कि चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 1,800 रुपये एक बैंक खाते में जमा करने होंगे। उसने यह भरोसा भी दिया कि इस राशि में से केवल 50 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में काटे जाएंगे और बाकी पैसे चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस कर दिए जाएंगे। शिकायतकर्ता ने बताए गए खाते में राशि ट्रांसफर कर दी। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को इंटरव्यू टीम का सदस्य बताया। उसने कहा कि इंटरव्यू मोबाइल पर ही लिया जाएगा और उसके लिए तैयार रहना होगा। इंटरव्यू जैसी बातचीत के बाद उस व्यक्ति ने दावा किया कि राजेश का चयन हो गया है, लेकिन आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए फिर से 1,800 रुपये जमा करने होंगे। छात्र ने यह रकम भी जमा कर दी। इसके कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर संपर्क किया और इस बार 8,500 रुपये जमा कराने को कहा। हर बार यही कहा गया कि यह राशि बाद में पूरी तरह वापस कर दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार इसके बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई। कभी सर्विस चार्ज तो कभी जीएसटी और अन्य प्रक्रिया शुल्क के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई गई। आरोपियों ने कुल आठ अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए और इस तरह करीब 44 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब लगातार पैसे जमा कराने के बावजूद नियुक्ति पत्र नहीं मिला और न ही कोई आधिकारिक दस्तावेज भेजा गया, तब राजेश को शक हुआ। उसने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में पूरे मामले की लिखित शिकायत एमआईजी थाना पुलिस को दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाते हैं। वे आकर्षक वेतन, जल्दी जॉइनिंग और आसान चयन प्रक्रिया का लालच देकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, ट्रेनिंग चार्ज, जीएसटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। कई बार फर्जी इंटरव्यू भी कराए जाते हैं ताकि पीड़ित को किसी तरह का संदेह न हो। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के नाम पर पहले पैसे जमा करने की मांग होने पर पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जरूर सत्यापित करें। यदि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बैंक खाते या यूपीआई के माध्यम से पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जाए तो तुरंत सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले जांच करें।</p>
<p style="text-align:justify;">एमआईजी पुलिस ने बताया कि मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों की भी तकनीकी जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत दर्ज कराई जाती है तो कई मामलों में राशि को फ्रीज कराने की संभावना भी रहती है। इसलिए किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल सिटी गाइड: 30 जून को शहर में क्या है खास? सिनेमा के रोमांच के साथ गौशाला में मिलेगा सुकून</title>
                                    <description><![CDATA[आज आशिमा व पीपुल्स मॉल में दिखेगी फिल्मों की धूम, वहीं वृंदावन आश्रम में बच्चों के लिए 'फार्म फन डे' और बड़ों को मिलेगी स्ट्रेस से मुक्ति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/bhopal-diary-today-you-will-get-mental-peace-along-with/article-57352"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/_30-june-bhopal-events-.jpg" alt=""></a><br /><div class="container" style="text-align:justify;">
<div class="markdown markdown-main-panel enable-luminous-fast-follows enable-updated-hr-color stronger tutor-markdown-rendering" dir="ltr">
<p style="text-align:left;">आज भोपाल शहर मनोरंजन, मानसिक सुकून और प्रकृति के अनूठे संगम का गवाह बनने जा रहा है। यदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेना चाहते हैं, तो सिनेमा और स्थानीय मनोरंजन के तहत शहर के प्रमुख सिनेमाघरों—सिनेपोलिस (आशिमा मॉल) और मुक्ता ए2 सिनेमा (पीपुल्स मॉल) में सुबह 10:00 बजे से देर शाम तक बेहतरीन फिल्मों के शो चल रहे हैं, जहां आप मात्र ₹150 से ₹450+ में दोस्तों के साथ लुत्फ उठा सकते हैं। वहीं, शाम 4:00 बजे से वृंदावन आश्रम गौशाला में दो विशेष आयोजन हो रहे हैं। वयस्कों के लिए 'नेचर और गायों के साथ वेलनेस: तनाव और चिंता निवारण टूर' (टिकट: ₹249) आयोजित किया जा रहा है, जो शांत वातावरण में गो-सेवा के जरिए मानसिक शांति देगा। साथ ही, बच्चों को गैजेट्स से दूर रखने के लिए 'फीड एंड प्ले – फार्म फन डे' (टिकट: ₹249) भी होगा, जहां बच्चे खेल-खेल में जानवरों को चारा खिलाना सीखेंगे।</p>
</div>
</div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. सिनेमा और स्थानीय मनोरंजन (डेली मूवी शो)</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>समय:</strong> सुबह 10:00 बजे से देर शाम तक</p>
</li>
<li>
<p><strong>स्थान:</strong> सिनेपोलिस (आशिमा मॉल) और मुक्ता ए2 सिनेमा (पीपुल्स मॉल), भोपाल</p>
</li>
<li>
<p><strong>कीमत:</strong> ₹150 से ₹450+</p>
</li>
<li>
<p><strong>विवरण:</strong> मनोरंजन के शौकीनों के लिए शहर के प्रमुख सिनेमाघरों में नई फिल्मों के शो चल रहे हैं। आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आरामदायक माहौल में सिनेमा का लुत्फ उठा सकते हैं। यहाँ सुबह से लेकर देर रात तक अलग-अलग समय पर बेहतरीन मूवीज दिखाई जा रही हैं।</p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2. नेचर और गायों के साथ वेलनेस: तनाव और चिंता निवारण टूर</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>समय:</strong> शाम 4:00 बजे</p>
</li>
<li>
<p><strong>स्थान:</strong> वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</p>
</li>
<li>
<p><strong>कीमत:</strong> ₹249 (249 रुपये)</p>
</li>
<li>
<p><strong>विवरण:</strong> मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति पाने के लिए यह एक अनोखा और प्राकृतिक हीलिंग टूर है। यहाँ आपको प्रकृति के शांत वातावरण में समय बिताने और गायों की सेवा करने का अवसर मिलेगा। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और एंग्जायटी से राहत पाने के लिए यह थेरेपी बेहद मददगार साबित होती है।</p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>3. फीड एंड प्ले – बच्चों के लिए फार्म फन डे</strong></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<p><strong>समय:</strong> शाम 4:00 बजे</p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p><strong>स्थान:</strong> वृंदावन आश्रम गौशाला, भोपाल</p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p><strong>कीमत:</strong> ₹249 (249 रुपये)</p>
</li>
<li>
<p style="text-align:justify;"><strong>विवरण:</strong> बच्चों को गैजेट्स की दुनिया से दूर प्रकृति और जीवों के करीब लाने के लिए यह एक बेहतरीन मजेदार एक्टिविटी है। इस इवेंट में बच्चे खेत-खलिहान के माहौल को करीब से देखेंगे और खुद अपने हाथों से जानवरों को चारा खिला सकेंगे। खेल-खेल में बच्चों को पर्यावरण और जीवों के प्रति संवेदनशील बनाने का यह एक शानदार तरीका है।</p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/bhopal-diary-today-you-will-get-mental-peace-along-with/article-57352</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:32:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP में जल्द बनेगा पुलिस भर्ती बोर्ड, एक ही छत के नीचे होंगी सभी वर्दीधारी विभागों की भर्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[जुलाई में कैबिनेट के सामने आएगा प्रस्ताव, पुलिस, जेल, फायर, फॉरेस्ट और ट्रांसपोर्ट विभाग की भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/police-recruitment-board-will-soon-be-formed-in-mp-recruitment/article-57319"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-police-recruitment-board-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन करने की तैयारी में है। गृह विभाग ने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब प्रस्ताव को जुलाई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो प्रदेश में पहली बार पुलिस समेत सभी वर्दीधारी विभागों की भर्ती एक ही बोर्ड के माध्यम से की जाएगी। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक नए पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में जेल विभाग, फायर सर्विसेज, परिवहन विभाग, फॉरेस्ट गार्ड, आबकारी और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्तियां भी शामिल की जाएंगी। इससे अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी चयन प्रक्रियाएं एक ही मंच से संचालित होंगी। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को भी काफी सुविधा मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> गृह विभाग ने नए भर्ती बोर्ड के संचालन के लिए करीब 200 पदों का प्रस्ताव तैयार किया था। हालांकि वित्त विभाग ने फिलहाल 95 पदों को ही मंजूरी दी है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में सीमित संसाधनों के साथ बोर्ड की शुरुआत की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भविष्य में पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बोर्ड के गठन से संबंधित तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। प्रदेश सरकार का कहना है कि नया भर्ती बोर्ड कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के समानांतर काम करेगा। वर्तमान में पुलिस समेत कई विभागों की भर्ती परीक्षाएं कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित होती हैं, जिसके कारण परीक्षाओं और परिणामों में कई बार देरी देखने को मिलती है। अलग भर्ती बोर्ड बनने के बाद ESB पर परीक्षाओं का दबाव कम होगा और वह अन्य विभागों की भर्ती पर अधिक ध्यान दे सकेगा। इससे भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार का मानना है कि नए बोर्ड के गठन का सबसे बड़ा फायदा युवाओं को मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया में देरी कम होगी, परिणाम समय पर जारी किए जा सकेंगे और नियुक्ति प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज होगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच भर्ती संबंधी समन्वय बेहतर होगा और प्रशासनिक स्तर पर भी कार्य में तेजी आएगी। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी और अलग-अलग एजेंसियों की वजह से होने वाली परेशानियों की शिकायत करते रहे हैं। ऐसे में यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी करेगा। इसमें आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा आयोजन, शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और अंतिम चयन सूची जारी करने जैसे सभी कार्य एक ही व्यवस्था के तहत किए जाएंगे। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। साथ ही भर्ती से जुड़े विवाद और प्रशासनिक जटिलताएं भी कम हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार इस मॉडल को दूसरे राज्यों के अनुभव के आधार पर लागू करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में पुलिस भर्ती बोर्ड पहले से कार्यरत हैं और वहां भर्ती प्रक्रिया अलग एजेंसी के माध्यम से संचालित की जाती है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इसी तरह का मॉडल अपनाने से मध्य प्रदेश में भी भर्ती व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाई जा सकेगी। वर्दीधारी विभागों में नियमित और समयबद्ध भर्ती होना बेहद जरूरी है। पुलिस, जेल, फायर सर्विस और फॉरेस्ट जैसे विभाग सीधे कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े होते हैं। यदि इन विभागों में लंबे समय तक रिक्त पद बने रहते हैं तो इसका असर सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। ऐसे में अलग भर्ती बोर्ड बनने से रिक्त पदों को समय पर भरने में मदद मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार का यह भी मानना है कि नई व्यवस्था से पुलिस विभाग को भर्ती प्रक्रिया के लिए अलग से अतिरिक्त संसाधन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक समर्पित बोर्ड पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगा, जिससे विभाग अपने मूल प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगा। इससे कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह पूरी योजना कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर है। यदि जुलाई में प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद नियमावली, स्टाफ की नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में वर्दीधारी विभागों की सभी प्रमुख भर्तियां इसी नए बोर्ड के माध्यम से कराई जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:56:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रीवा के इटमा वाटरफॉल में सेल्फी लेते समय युवक गहरे पानी में गिरा, तलाश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश से परिवार के साथ घूमने आया 21 वर्षीय युवक हादसे का शिकार, तेज बहाव और गहराई के बीच एसडीईआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/while-taking-selfie-in-itma-waterfall-of-rewa-a-young/article-57295"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-waterfall.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के प्रसिद्ध इटमा वाटरफॉल में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर प्रदेश के बरगढ़ निवासी 21 वर्षीय सोनू खान सेल्फी लेते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में गिर गया। घटना के बाद से युवक का कोई पता नहीं चल सका है और उसकी तलाश के लिए एसडीईआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह कुछ ही पलों में पानी में ओझल हो गया। घटना के बाद युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। सोनू खान अपने परिवार और कुछ दोस्तों के साथ घूमने के लिए रीवा के इटमा वाटरफॉल पहुंचा था। बारिश के मौसम में यह पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है। बताया जा रहा है कि सोनू झरने के किनारे खड़ा होकर अपने मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे गहरे पानी में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि साथ मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवक पानी की तेज धारा में बह गया। उसके साथ आए लोगों ने शोर मचाया और आसपास मौजूद पर्यटकों से मदद मांगी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने अपने स्तर पर युवक को तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र बागरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से शुरुआती सर्च अभियान शुरू कराया गया। काफी देर तक पानी में खोजबीन की गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन ने एसडीईआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया ताकि विशेष उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों की मदद से तलाश अभियान चलाया जा सके। सूचना मिलने के बाद एसडीईआरएफ के उपनिरीक्षक विकास पाण्डेय अपनी टीम के साथ सुबह करीब छह बजे इटमा वाटरफॉल पहुंचे। टीम ने हालात का जायजा लेने के बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जवान गहरे पानी वाले हिस्सों और झरने के आसपास लगातार कॉम्बिंग सर्च कर रहे हैं। हालांकि रेस्क्यू टीम को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की गहराई काफी ज्यादा है और बारिश के कारण बहाव भी तेज बना हुआ है। ऐसे में गोताखोरों को बेहद सावधानी के साथ पानी में उतरना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि युवक की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक उसे खोज नहीं लिया जाता। एसडीईआरएफ अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर युवक गिरा है वहां का रास्ता काफी सकरा और दुर्गम है। इसके अलावा तेज बहाव के कारण रेस्क्यू बोट को पानी में उतारना संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि जवानों को खुद पानी में उतरकर कॉम्बिंग सर्च करनी पड़ रही है। इस प्रक्रिया में समय भी अधिक लग रहा है और जोखिम भी बढ़ गया है। फिर भी पूरी टीम लगातार प्रयास कर रही है ताकि जल्द से जल्द युवक का पता लगाया जा सके। पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद इटमा वाटरफॉल पर मौजूद अन्य पर्यटक भी सहम गए। कई लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में झरनों के आसपास की चट्टानें बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बेहतर फोटो और सेल्फी लेने के लिए खतरे वाले हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सावधानी बरतने से बचते हैं। प्रशासन समय-समय पर पर्यटकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील करता है, फिर भी कई लोग चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें और सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। खासकर बारिश के मौसम में झरनों और नदियों के किनारे अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है क्योंकि पानी का बहाव और चट्टानों की फिसलन कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल पूरे इलाके में युवक की तलाश जारी है। परिजन लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:26:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्जला एकादशी पर नर्मदा तटों पर उमड़ी आस्था, 20 हजार श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान</title>
                                    <description><![CDATA[अनूपपुर और अमरकंटक क्षेत्र के घाटों पर सुबह से रही भक्तों की भीड़, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ की सुख-समृद्धि की कामना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/faith-surged-on-the-banks-of-narmada-on-nirjala-ekadashi/article-56903"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nirjala-ekadashi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी पर गुरुवार को अनूपपुर जिले सहित अमरकंटक क्षेत्र के नर्मदा घाटों पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह सूर्योदय से पहले ही श्रद्धालुओं का घाटों की ओर पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और नर्मदा तटों पर धार्मिक वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। अनुमान है कि दिनभर में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन किए, पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और दान करने से वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है। यही वजह रही कि अनूपपुर, अमरकंटक और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा तटों पर पहुंचे। कई परिवार सुबह-सुबह ही घाटों पर पहुंच गए थे, जबकि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु देर रात और भोर के समय ही अमरकंटक पहुंचने लगे थे। घाटों पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की अच्छी खासी मौजूदगी देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमरकंटक स्थित रामघाट, कोटितीर्थ कुंड, पुष्कर बांध, आरंडी संगम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। घाटों पर स्नान के बाद लोगों ने नर्मदा माता की पूजा की और धार्मिक परंपराओं का पालन किया। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ पहुंचे थे और उन्होंने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। घाटों पर जगह-जगह भजन, कीर्तन और धार्मिक मंत्रोच्चार सुनाई देते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार श्रद्धालु केवल अनूपपुर जिले से ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों और राज्यों से भी पहुंचे थे। शहडोल, कोतमा, पुष्पराजगढ़, धनपुरी, बुढार और अनूपपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के गौरेला, पेंड्रा, मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली और लोरमी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कुछ श्रद्धालु राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी धार्मिक यात्रा पर आए थे। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं ने नर्मदा उद्गम क्षेत्र के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निर्जला एकादशी के अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर धार्मिक अनुष्ठान भी किए। नर्मदा स्नान के बाद लोगों ने जप, तप और ध्यान किया। मंदिरों में विशेष पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। कई लोगों ने जरूरतमंदों को दान भी दिया और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुण्य अर्जित करने का प्रयास किया। धार्मिक आयोजनों के चलते मंदिर परिसरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रमुख घाटों और मंदिर परिसरों में सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घाटों पर लोगों को सुरक्षित स्नान कराने और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक आयोजनों के दौरान स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को भी अच्छी आमदनी होने की उम्मीद रही। घाटों और मंदिरों के आसपास प्रसाद, पूजन सामग्री, फल और अन्य धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी गई। कई श्रद्धालुओं ने स्थानीय बाजारों से धार्मिक सामग्री खरीदी और पूजा-अर्चना में उसका उपयोग किया। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों का मानना है कि वर्तमान समय में खेती-किसानी के काम शुरू होने के कारण कई किसान धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद नर्मदा तटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की अच्छी मौजूदगी बनी रही और धार्मिक उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निर्जला एकादशी का महत्व केवल व्रत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, श्रद्धा और सेवा का भी पर्व माना जाता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा तटों और मंदिरों में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-अर्चना के बाद शाम के समय कई मंदिरों में विशेष आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। नर्मदा तटों पर गूंजते भजन और आरती के स्वर देर शाम तक धार्मिक वातावरण को जीवंत बनाए रहे। निर्जला एकादशी के इस पर्व ने एक बार फिर अनूपपुर और अमरकंटक क्षेत्र को आस्था और श्रद्धा के रंग में रंग दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:40:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोहर्रम जुलूस में क्रेन पर लटकी वैन में विस्फोट, वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान हुए प्रदर्शन का वीडियो सामने आया, प्रशासन ने आयोजकों से मांगी जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3ce3f3d24da/article-56902"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ujjain-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुए एक प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई है। वायरल वीडियो में एक वैन को क्रेन की मदद से काफी ऊंचाई पर लटकाकर उसमें विस्फोट किया जाता दिखाई दे रहा है। घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान विभिन्न तरह के पारंपरिक प्रदर्शन और करतब भी किए गए। इसी दौरान एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन के जरिए करीब 40 फीट की ऊंचाई तक उठाया गया। वीडियो में दिखाई देता है कि वैन की छत पर दो युवक खड़े हैं और उनके हाथों में लाल झंडे हैं। कुछ समय बाद वैन में विस्फोट होता है और आसपास मौजूद लोग इस दृश्य को देखते नजर आते हैं। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में जिस वैन का इस्तेमाल किया गया, उस पर 'ले फिर आ गए' लिखा हुआ दिखाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इस प्रदर्शन को पारंपरिक आयोजन का हिस्सा बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले को सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं के आधार पर नहीं बल्कि तथ्यों और जांच के आधार पर देखा जाएगा। घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किए गए। बताया जा रहा है कि एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी इस कार्यक्रम से जुड़े कई वीडियो अपलोड किए गए थे। इनमें केवल वैन में विस्फोट का दृश्य ही नहीं बल्कि अन्य प्रकार के प्रदर्शन और करतब भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में अलग-अलग प्रकार के विस्फोटक प्रभावों का प्रदर्शन भी नजर आता है। पुलिस अब इन वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्यक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और इसमें किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और इसकी जांच की मांग की। उनका कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों में इस प्रकार के प्रदर्शन के प्रभाव और संदेश को भी समझना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। वहीं हिंदू जागरण मंच से जुड़े पदाधिकारियों ने भी इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। संगठन का कहना है कि यदि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन किया गया है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसके लिए प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों की सत्यता की जांच कराई जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उधर पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध सामग्री का परीक्षण किया जा रहा है। आयोजकों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और सभी पक्षों की जानकारी लेने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार्यक्रम के दौरान उपयोग की गई सामग्री क्या थी और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार मोहर्रम के अवसर पर हर वर्ष विभिन्न प्रकार के धार्मिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हालांकि इस बार वायरल वीडियो के कारण आयोजन चर्चा का विषय बन गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 13:58:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुरैना फायरिंग केस में आरोपी का वीडियो वायरल, बोला- न्याय नहीं मिला तो उठाई बंदूक</title>
                                    <description><![CDATA[सोनू यादव के घर 16 राउंड फायरिंग के तीन दिन बाद सामने आया आरोपी राहुल मिश्रा का वीडियो, सूदखोरी और पुलिस की अनदेखी के लगाए आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3cdafbbd0cc/article-56892"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/morena-firing-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। आजाद नगर इलाके में एक कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ 16 राउंड फायरिंग करने के आरोपी राहुल मिश्रा का वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। करीब तीन मिनट से अधिक अवधि के इस वीडियो में राहुल मिश्रा ने खुद को फायरिंग की घटना का जिम्मेदार बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी का दावा है कि वह लंबे समय से कथित तौर पर सूदखोरी, धमकियों और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा था। उसने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। घटना रविवार रात की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:55 बजे दो बाइकों पर सवार चार लोग आजाद नगर स्थित सूरज यादव उर्फ सोनू यादव के घर पहुंचे और कुछ ही मिनटों के भीतर कई राउंड फायरिंग कर मौके से फरार हो गए। इलाके में गोलियों की आवाज सुनते ही दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना के बाद पुलिस ने राहुल मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया था। अब आरोपी का वीडियो सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वीडियो में राहुल मिश्रा ने दावा किया कि उसने कुछ समय पहले सोनू यादव से पैसे उधार लिए थे। उसके अनुसार, तय ब्याज के साथ उसने रकम लौटा दी थी, लेकिन इसके बाद भी उससे अधिक ब्याज की मांग की जा रही थी। राहुल का आरोप है कि अतिरिक्त रकम नहीं देने पर उसके साथ मारपीट की गई और उस पर लगातार दबाव बनाया गया। उसने यह भी कहा कि उसकी कार जबरन अपने कब्जे में लेने की कोशिश की गई और इस संबंध में उसने पुलिस को शिकायत भी दी थी। राहुल मिश्रा ने वीडियो में कहा कि उसने संबंधित थाने और पुलिस अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की थी। उसका दावा है कि उसने जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। आरोपी का कहना है कि लगातार हो रहे विवाद और कथित दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था। उसने आरोप लगाया कि उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और इसी वजह से हालात बिगड़ते चले गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वीडियो में आरोपी ने घटना वाली रात का भी जिक्र किया है। राहुल के मुताबिक, उस रात उसके साथ फिर विवाद हुआ और कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। उसने दावा किया कि उसकी कार भी छीन ली गई थी। राहुल ने कहा कि उसने मदद के लिए फोन किया, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिली। इसके बाद उसने गुस्से में आकर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस अभी इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और आरोपी के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले का सबसे चर्चित हिस्सा वीडियो में दिया गया वह बयान है, जिसमें राहुल मिश्रा ने कहा कि उसके माता-पिता को परेशान करने के बजाय कार्रवाई उसके खिलाफ की जाए। उसने यह भी कहा कि यदि उसने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएं। वीडियो में उसने भावुक अंदाज में अपनी बात रखते हुए पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों से कई सवाल भी किए हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उधर, राहुल मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। स्टेशन रोड थाना प्रभारी ने कहा है कि उनके पास इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई थी। अधिकारियों के मुताबिक यदि शिकायत प्राप्त होती तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस टीम घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। फायरिंग की घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग भी इस घटना से हैरान हैं क्योंकि जिस तरह से खुलेआम कई राउंड फायरिंग की गई, उसने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना में शामिल अन्य लोग कौन थे और पूरी योजना कैसे बनाई गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 13:41:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देर रात शराब बिक्री पर पुलिस की कार्रवाई, दुकान के बाहर जुटी भीड़ को डंडे मारकर हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[ग्वालियर के थाटीपुर इलाके का वीडियो वायरल, खिड़की से शराब बेचने और पुलिस के बल प्रयोग पर उठे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/police-action-on-liquor-sale-late-at-night-the-crowd/article-56790"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में देर रात शराब दुकान पर हुई पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी शराब खरीदने के लिए दुकान के बाहर खड़े लोगों को डंडे दिखाकर और कुछ मामलों में डंडे मारकर वहां से भगाते नजर आ रहे हैं। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद एक तरफ देर रात शराब बिक्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा की गई सख्ती भी चर्चा का विषय बन गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक थाटीपुर क्षेत्र स्थित एक शराब दुकान का मुख्य शटर निर्धारित समय के बाद बंद कर दिया गया था, लेकिन अंदर से खिड़की के जरिए ग्राहकों को शराब बेची जा रही थी। बताया जा रहा है कि इसी वजह से दुकान के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। देर रात होने के बावजूद ग्राहकों की आवाजाही जारी थी और धीरे-धीरे वहां भीड़ बढ़ने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जहां दुकानें आधिकारिक समय समाप्त होने के बाद भी चोरी-छिपे शराब बेचती हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि गश्त के दौरान पुलिस टीम की नजर दुकान के बाहर लगी भीड़ पर पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले लोगों को वहां से हटने के लिए कहा। कुछ देर तक समझाइश का दौर चला, लेकिन जब भीड़ कम नहीं हुई तो पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर लोगों को वहां से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद कई लोग भागने लगे। कुछ लोग सड़क किनारे और आसपास की गलियों की तरफ दौड़ते दिखाई दिए। वीडियो में थाटीपुर थाने में पदस्थ एसआई के.के. पाराशर भी नजर आ रहे हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते दिखते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना का पूरा दृश्य शराब दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। यही फुटेज बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि नियमों के विरुद्ध शराब बिक्री हो रही थी तो कार्रवाई जरूरी थी, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग की जरूरत थी या नहीं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने देर रात शराब बिक्री को लेकर भी चिंता जताई और प्रशासन से ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों के अनुसार इलाके में कुछ शराब दुकानों के खिलाफ पहले भी समय सीमा के बाद शराब बेचने की शिकायतें की जा चुकी हैं। उनका कहना है कि कई बार शटर बंद कर अंदर से खिड़की या छोटे रास्तों के जरिए शराब बेची जाती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। देर रात लोगों की भीड़ जुटने से शोर-शराबा बढ़ता है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा होती हैं। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों ने कई बार प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में पुलिस का कहना है कि उन्हें देर रात नियमों के उल्लंघन की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों को हटाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध तरीके से शराब बिक्री और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शराब दुकान संचालक के खिलाफ तत्काल कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में आगे की जांच जारी रहने की बात कही जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद शराब दुकान की खिड़की भी बंद कराई गई। पुलिस टीम के पहुंचने और कार्रवाई शुरू होने के बाद अधिकांश लोग वहां से चले गए। लेकिन इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद बहस का नया दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि पुलिस को कार्रवाई के दौरान संयम बरतना चाहिए था। खासकर उन लोगों को लेकर सवाल उठ रहे हैं जिनके डंडे लगने की बात सामने आई है।वहीं प्रशासन की निगाह अब इस बात पर भी है कि क्या वास्तव में निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री हो रही थी और यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित संचालकों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 13:29:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खाने में कमी निकाली तो खुद बनाना पड़ेगा खाना, MP में बदलेगा 58 साल पुराना जेल मैन्युअल</title>
                                    <description><![CDATA[जेलों में स्वच्छता, भोजन व्यवस्था और कैदियों की श्रेणी तय करने के नियमों में बड़ा बदलाव, आदतन अपराधियों की नई परिभाषा भी लागू होगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/if-you-find-deficiency-in-food-you-will-have-to/article-55803"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-jail-manual.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की जेलों में लागू 58 साल पुराने नियम अब बदलने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 1968 से प्रभावी जेल मैन्युअल में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए नियमों के तहत जेलों में स्वच्छता व्यवस्था, भोजन बनाने के तरीके, कपड़े धोने की व्यवस्था, शौचालय सुविधाओं और बंदियों के वर्गीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन संशोधनों का उद्देश्य जेलों को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक बनाना है। सबसे अधिक चर्चा उस प्रावधान की हो रही है जिसमें कहा गया है कि यदि कोई बंदी बिना किसी उचित कारण के भेदभावपूर्ण नजरिए से जेल में तैयार भोजन खाने पर आपत्ति जताता है तो उसे भोजन बनाने वाली टोली में शामिल किया जा सकता है। ऐसे बंदी को अन्य कैदियों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। जेल विभाग का मानना है कि इससे भोजन को लेकर अनावश्यक विवाद और भेदभाव की घटनाओं पर रोक लगेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संशोधित नियमों में दोषसिद्ध कैदियों को दो श्रेणियों में बांटने का प्रावधान किया गया है। पहली श्रेणी आदतन अपराधियों की होगी जबकि दूसरी श्रेणी गैर-आदतन अपराधियों की। नए नियमों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति लगातार पांच वर्षों की अवधि में अलग-अलग मामलों में दो से अधिक बार सजा प्राप्त कर चुका है और उसकी सजा किसी अपील या पुनर्विचार में निरस्त नहीं हुई है, तो उसे आदतन अपराधी माना जाएगा। हालांकि पांच वर्ष की अवधि की गणना करते समय जेल में बिताए गए समय को शामिल नहीं किया जाएगा। बाकी सभी दोषसिद्ध कैदी गैर-आदतन अपराधी की श्रेणी में रखे जाएंगे। जेलों में स्वच्छता सुविधाओं को लेकर भी सरकार ने कई नए मानक तय किए हैं। अब हर सेल में शौचालय होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा प्रत्येक पांच बंदियों पर कम से कम एक शौचालय सीट उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों के अनुसार शौचालयों में चौबीसों घंटे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। दिव्यांग बंदियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वार्ड में वेस्टर्न सीट वाले शौचालय भी बनाए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नियमों में यह भी कहा गया है कि सभी शौचालयों में प्लास्टिक की बाल्टी और बड़े मग की व्यवस्था की जाएगी। बैरकों के भीतर और बाहर पर्याप्त संख्या में शौचालय तथा मूत्रालय बनाए जाएंगे। हाथ धोने के लिए हर शौचालय के बाहर पानी और साबुन की व्यवस्था अनिवार्य होगी। जेल कर्मचारियों और बंदियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। महिला कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित स्थानों पर पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भोजन बनाने की व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब केवल गैर-आदतन और स्वस्थ बंदियों को ही भोजन तैयार करने वाली टोली में शामिल किया जाएगा। भोजन बनाने से पहले सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। रसोई में प्रवेश करने वाले बंदियों को स्वच्छ वस्त्र पहनना अनिवार्य होगा। भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथ धोना भी जरूरी किया गया है। यदि कोई बंदी अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन बनाता पाया गया या भोजन को दूषित करने की कोशिश करता है तो उसे तत्काल उस कार्य से हटा दिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहली बार रोटी बनाने को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। आटा स्वच्छ वातावरण में गूंथा जाएगा और रोटियों के लिए समान आकार की लोइयां तैयार की जाएंगी। रोटियों को ठीक तरीके से बेलकर गर्म तवे पर संतुलित तापमान में सेंका जाएगा ताकि वे कच्ची या जली हुई न रहें। आवश्यकता पड़ने पर स्वचालित मशीनों का उपयोग भी किया जा सकेगा। जेल विभाग का कहना है कि इससे भोजन की गुणवत्ता बेहतर होगी और सभी बंदियों को एक समान भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। सुबह का नाश्ता तैयार करने वाले बंदियों को भी विशेष सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। नए नियमों के अनुसार आवश्यकता होने पर उन्हें निर्धारित समय से पहले बैरक से बाहर निकलने की अनुमति दी जा सकेगी। इसके लिए मुख्य प्रहरी की मंजूरी आवश्यक होगी। हालांकि यह सुविधा केवल अल्प अवधि की सजा काट रहे बंदियों को ही दी जाएगी। कपड़ों की सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर भी नियमों में बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक बंदी को नियमित रूप से साबुन उपलब्ध कराया जाएगा। कपड़े, कंबल और बिस्तरों की समय-समय पर धुलाई होगी। अस्पताल में भर्ती कैदियों के कपड़ों और बिस्तरों की अलग से सफाई कराई जाएगी। बड़े जिला जेलों में जरूरत के अनुसार वाशिंग मशीनों का उपयोग भी किया जा सकेगा। गीले कपड़ों को सुखाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की जेलों में वर्तमान में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं। राज्य की 132 जेलों में करीब 45 हजार से 48 हजार कैदी निरुद्ध हैं जबकि कुल स्वीकृत क्षमता लगभग 30 हजार के आसपास है। इनमें बड़ी संख्या विचाराधीन बंदियों की है। भीड़भाड़ के कारण स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार चुनौतियां सामने आती रही हैं। जेल विभाग का मानना है कि नए संशोधन जेल प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे। साथ ही बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में भी सुधार होगा। आदतन अपराधियों की स्पष्ट पहचान से सुरक्षा प्रबंधन मजबूत होगा जबकि भोजन और सफाई संबंधी नए नियम जेलों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने में सहायक साबित हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:39:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>दोस्त की जान बचाने नदी में उतरा युवक खुद हुआ लापता</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा की बीहर नदी में नहाने के दौरान हादसा, डूब रहे साथी को बचाया लेकिन खुद गहरे पानी में समाया; गोताखोरों की तलाश जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/a-young-man-who-entered-the-river-to-save-his/article-55604"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bihar-river-accident.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रीवा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां दोस्त की जान बचाने के लिए नदी में उतरा एक युवक खुद लापता हो गया। घटना बीहर नदी की बताई जा रही है। जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक युवक की तलाश जारी रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका था। घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है और परिजन लगातार नदी किनारे मौजूद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ग्राम कुशहा निवासी 38 वर्षीय अनुपम मिश्रा अपने तीन दोस्तों के साथ बीहर नदी में नहाने गए थे। बताया जा रहा है कि सुबह के समय सभी युवक नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान उनमें से एक साथी अचानक गहरे पानी वाले हिस्से में पहुंच गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझ आता उससे पहले ही स्थिति बिगड़ गई। साथी को पानी में संघर्ष करता देखकर अनुपम मिश्रा ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोगों के अनुसार अनुपम सीधे उस स्थान तक पहुंचे जहां उनका दोस्त डूब रहा था। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने अपने साथी को पकड़कर सुरक्षित किनारे की ओर धकेल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बचाव की इस पूरी कोशिश के दौरान अनुपम खुद गहरे पानी में फंस गए। बताया जा रहा है कि नदी का वह हिस्सा काफी गहरा है और पानी का बहाव भी सामान्य से अधिक था। साथी को बचाने के बाद अनुपम अचानक पानी में दिखाई देना बंद हो गए। कुछ लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक वह नदी की गहराई में समा चुके थे। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए। गांव में जैसे ही हादसे की खबर फैली, अनुपम के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलने के बाद सगरा थाना पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार नदी के गहरे हिस्सों में लगातार तलाश की जा रही है। कई घंटे तक चले अभियान के बावजूद देर शाम तक अनुपम का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिस का कहना है कि जब तक युवक का पता नहीं चल जाता, खोज अभियान जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की टीम का सहयोग करते हुए नदी के आसपास के इलाकों में तलाश की। बताया जा रहा है कि बारिश का मौसम शुरू होने के कारण नदी में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी परेशानी आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने एक बार फिर नदी और जलाशयों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल बारिश के मौसम में इस तरह के हादसे सामने आते हैं, जब लोग नहाने या घूमने के लिए नदी किनारे पहुंचते हैं और गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलाशयों में उतरने से पहले पूरी सावधानी बरतें। खासकर उन स्थानों पर जाने से बचें जहां पानी की गहराई और बहाव का सही अनुमान नहीं हो। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पूरा गांव अनुपम मिश्रा की तलाश और उनकी सलामती की प्रार्थना कर रहा है। बचाव दल लगातार नदी में खोजबीन में जुटा है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:36:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा में स्कॉर्पियो से 25 पेटी शराब जब्त, चालक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[कटरा क्षेत्र में पुलिस की घेराबंदी के दौरान कार्रवाई, एक लाख से अधिक कीमत की शराब बरामद; चालक बोला- ठेकेदार का माल था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/25-boxes-of-liquor-seized-from-scorpio-in-rewa-driver/article-55425"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa,-madhyapradesh.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले में अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कटरा क्षेत्र में की गई घेराबंदी के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो वाहन से 25 पेटी शराब बरामद की है। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शराब और वाहन दोनों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो वाहन में बड़ी मात्रा में शराब लोड कर परिवहन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम गठित की और कटरा क्षेत्र के पास घेराबंदी कर दी। कुछ समय बाद संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, जिसे रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर रखी शराब की पेटियां देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। वाहन से कुल 25 पेटी शराब बरामद की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार जब्त वाहन का नंबर एमपी 17 सीसी 8377 है। शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 12 हजार रुपए बताई गई है। बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मौके पर मौजूद चालक सिद्धार्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने चालक से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब किसी ठेकेदार की है और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम दिया गया था। हालांकि उसने जिस ठेकेदार का नाम बताया है, उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब का परिवहन वैध दस्तावेजों के साथ किया जा रहा था या नहीं। यदि दस्तावेजों में किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो मामले में और लोगों को आरोपी बनाया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल चालक की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई समाप्त नहीं होगी, बल्कि शराब के स्रोत, परिवहन की अनुमति और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है। इसलिए जब्त शराब और वाहन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा बनी हुई है। कटरा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने के बाद लोगों का कहना है कि जिले के कई इलाकों में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते रहे हैं, लेकिन तस्कर नए तरीकों से शराब की ढुलाई करने का प्रयास करते हैं। इस बार भी सामान्य दिखने वाली एक निजी गाड़ी का उपयोग किया गया, जिससे किसी को संदेह न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से उन मार्गों और क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई गई है जहां से शराब की तस्करी या अवैध परिवहन की शिकायतें मिलती रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह शराब किसी दूसरे जिले या राज्य में भेजने की तैयारी तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड लेने की संभावना भी जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">रीवा पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में जांच पूरी होने के बाद और भी खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:53:04 +0530</pubDate>
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                <title>रीवा में 11 केवी लाइन पर काम कर रहे कर्मचारी को करंट, खंभे से गिरकर गंभीर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[चोरहटा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में ट्रांसफार्मर कार्य के दौरान हुआ हादसा, परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/employee-working-on-11-kv-line-in-rewa-seriously-injured/article-55424"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/electric-shock-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रीवा जिले के चोरहटा क्षेत्र स्थित डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। 11 केवी बिजली लाइन पर काम कर रहे एक कर्मचारी को अचानक करंट लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी ट्रांसफार्मर से जुड़े तकनीकी कार्य के लिए बिजली के खंभे पर चढ़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि लाइन बंद होने की पुष्टि के बाद ही काम शुरू किया गया था, लेकिन अचानक सप्लाई चालू हो जाने से पूरी स्थिति बदल गई और कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घायल कर्मचारी की पहचान कमलेश के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही बिजली लाइन में करंट प्रवाहित हुआ, कमलेश को जोरदार झटका लगा। करंट का प्रभाव इतना तेज था कि उसके कपड़ों में आग लग गई। खंभे पर लटकते हुए वह कुछ क्षण तक संघर्ष करता रहा, लेकिन फिर संतुलन खो बैठा और काफी ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल कर्मचारी को गंभीर अवस्था में उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने तक वह बुरी तरह झुलस चुका था। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में बताया कि करंट लगने के कारण शरीर के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा ऊंचाई से गिरने के कारण उसके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सकों के अनुसार कई जगह फ्रैक्चर होने की आशंका है और उसकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हादसे के बाद कर्मचारी के परिजनों और सहकर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि कमलेश ने सभी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया था। लाइन को विधिवत बंद कराकर ही वह खंभे पर चढ़ा था। इसके बावजूद किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई, जिसके कारण बिजली सप्लाई दोबारा चालू हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय कर्मचारियों का भी कहना है कि बिजली विभाग में फील्ड पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अधिक गंभीरता बरतने की जरूरत है। उनका दावा है कि कई बार तकनीकी कार्यों के दौरान समन्वय की कमी देखने को मिलती है। ऐसे हालात में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी सबसे ज्यादा जोखिम उठाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल सुरक्षा और विभागीय प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया। प्रारंभिक स्तर पर पूरे मामले की जानकारी एकत्र की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने भी घटना को गंभीर बताते हुए आवश्यक जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसका स्पष्ट पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। यह भी देखा जाएगा कि लाइन किस परिस्थिति में चालू हुई और उस समय जिम्मेदारी किस स्तर पर थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर अस्पताल में कमलेश का इलाज जारी है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। परिजन अस्पताल में मौजूद हैं और उसकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं। हादसे की खबर फैलते ही कई कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे और घायल साथी का हालचाल जाना। कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चिंता और नाराजगी दोनों दिखाई दे रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा जिले में बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह हादसा एक बड़ा झटका माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारी हर दिन जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं और ऐसे मामलों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वहीं कर्मचारी संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूरा ध्यान घायल कर्मचारी के उपचार पर केंद्रित है। परिवार को उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकेगा। वहीं विभागीय जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद की जा रही है कि आखिर लाइन बंद होने के बावजूद अचानक बिजली सप्लाई कैसे शुरू हुई और इस गंभीर हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:14:05 +0530</pubDate>
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