<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/congress-news/tag-10639" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Congress News - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/10639/rss</link>
                <description>Congress News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, मध्य प्रदेश में बढ़ी राजनीतिक हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने फैसले पर जताई आपत्ति, चुनाव आयोग से विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/6a2901e8ed034/article-55470"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/meenakshi-natarajan-nomination.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की सियासत में मंगलवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। यह फैसला सामने आते ही राजधानी भोपाल से लेकर चुनाव आयोग कार्यालय तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सुबह से ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही बढ़ने लगी और बाद में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। कुछ समय के लिए माहौल गर्म रहा, हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति सामान्य बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि यह निर्णय कई सवाल खड़े करता है और इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं के अनुसार राज्यसभा चुनाव के दौरान यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है और इससे राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मीनाक्षी नटराजन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक कानूनी शिकायत के आधार पर उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि जब पार्टी एकजुट होकर चुनावी प्रक्रिया में भाग ले रही थी, तभी यह स्थिति सामने आई। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से नामांकन निरस्त किए जाने के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार पार्टी इस मुद्दे को संवैधानिक और कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता और विधायक चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रखने के लिए विरोध कार्यक्रम आयोजित करेंगे। पटवारी ने कहा कि पार्टी इस मामले में उपलब्ध सभी लोकतांत्रिक विकल्पों का उपयोग करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटनास्थल पर मौजूद नेताओं के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे से कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर जुटने लगे थे। नामांकन निरस्त होने की जानकारी सामने आने के बाद विरोध का स्वर तेज हो गया। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा लगातार जारी है। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े जानकारों का कहना है कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाता है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित चुनाव अधिकारी द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों और नियमों के आधार पर लिया जाता है। इसी वजह से अब सभी की नजर चुनाव आयोग की ओर से आने वाली विस्तृत जानकारी पर टिकी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया का प्रमुख मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस विषय को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी, जबकि राजनीतिक पर्यवेक्षक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। चुनाव आयोग की ओर से यदि विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उससे स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/6a2901e8ed034/article-55470</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/6a2901e8ed034/article-55470</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 12:03:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/meenakshi-natarajan-nomination.jpg"                         length="141973"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, भूपेश बघेल को झारखंड का पर्यवेक्षक बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने भूपेश बघेल और अजय शर्मा को चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर जिम्मेदारी सौंपी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-bet-of-congress-before-rajya-sabha-elections-bhupesh-baghel/article-55086"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhupesh-baghel.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही मतभेदों की खबरें सामने आने लगी हैं। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी नेता अजय शर्मा को झारखंड राज्यसभा चुनाव का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस के इस फैसले को चुनावी रणनीति और गठबंधन के भीतर समन्वय बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झारखंड में बदलते हालात के बीच अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपना कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही झारखंड की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए दोनों सीटों पर सत्तापक्ष गठबंधन की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच अलग-अलग रुख सामने आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने कुछ दिन पहले ही प्रणव झा को राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। पार्टी के इस फैसले के बाद गठबंधन सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी दोनों सीटों पर अपनी दावेदारी जताने के संकेत दिए, जिससे राजनीतिक समीकरण अचानक बदलते नजर आने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राज्यसभा की दोनों सीटों को लेकर सहयोगी दलों के बीच सहमति बनाने की प्रक्रिया अभी पूरी तरह आसान नहीं दिख रही है। कांग्रेस का मानना है कि गठबंधन में उसकी भूमिका और योगदान को देखते हुए उसे उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा भी अपने संगठनात्मक और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर सीटों पर दावा मजबूत कर रहा है। ऐसे माहौल में कांग्रेस द्वारा भूपेश बघेल को पर्यवेक्षक बनाना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भूपेश बघेल लंबे समय से कांग्रेस संगठन और चुनावी रणनीति से जुड़े रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक अभियानों का नेतृत्व किया था। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनका अनुभव झारखंड में राज्यसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और विधायकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद करेगा। उनके साथ अजय शर्मा को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो संगठनात्मक मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">झारखंड में राज्यसभा चुनाव का गणित भी काफी दिलचस्प माना जा रहा है। विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल है, जिससे दोनों सीटों पर उसकी जीत की संभावना मजबूत दिखाई देती है। लेकिन उम्मीदवारों को लेकर यदि सहयोगी दलों के बीच सहमति नहीं बनती है तो राजनीतिक संदेश अलग जा सकता है। यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व इस चुनाव को केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा के रूप में भी देख रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्यसभा चुनाव अक्सर संख्या बल के आधार पर तय होते हैं, लेकिन कई बार इनके जरिए गठबंधन की आंतरिक स्थिति भी सामने आ जाती है। झारखंड में भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है। कांग्रेस और जेएमएम दोनों सार्वजनिक रूप से गठबंधन को मजबूत बताते रहे हैं, लेकिन उम्मीदवार चयन को लेकर उभरे मतभेदों ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच बातचीत और राजनीतिक बैठकों का दौर तेज हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया है। पार्टी इसे संगठन के लिए सकारात्मक कदम बता रही है। वहीं जेएमएम के रुख ने यह संकेत दिया है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हुई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करना नहीं बल्कि सहयोगी दलों के साथ संवाद बनाए रखना भी हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं क्योंकि इनके जरिए राष्ट्रीय राजनीति में राज्य का प्रतिनिधित्व तय होता है। इस बार भी चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से भूपेश बघेल और अजय शर्मा की नियुक्ति ने चुनावी माहौल को और रोचक बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर जारी चर्चा किस दिशा में आगे बढ़ती है और अंततः उम्मीदवारों तथा समर्थन को लेकर क्या फैसला सामने आता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-bet-of-congress-before-rajya-sabha-elections-bhupesh-baghel/article-55086</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-bet-of-congress-before-rajya-sabha-elections-bhupesh-baghel/article-55086</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:12:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhupesh-baghel.jpg"                         length="209075"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में सत्ता बदलाव तय, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद दिल्ली में तेज हुई हलचल, कांग्रेस 4 डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर कर रही मंथन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/change-of-power-fixed-in-karnataka-dk-shivakumar-may-become/article-54495"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/karnataka-cm-change.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">कर्नाटक की राजनीति में पिछले तीन दिनों से चल रही हलचल अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही सिद्धारमैया शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को अंतिम रूप देने में जुटा है और अगले हफ्ते डीके शिवकुमार नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;"> दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान सिद्धारमैया ने हाईकमान के सामने अपनी कई राजनीतिक मांगें रखीं। इनमें उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को नई कैबिनेट में अहम मंत्रालय देने की मांग भी शामिल बताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि नई सरकार में सिद्धारमैया गुट का प्रभाव बरकरार रहेगा और कैबिनेट गठन में उनकी राय को अहमियत दी जाएगी। यही वजह है कि इस्तीफे के तुरंत बाद उनका दिल्ली पहुंचना काफी अहम माना जा रहा है।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">उधर कांग्रेस पार्टी के भीतर अब 4 डिप्टी सीएम बनाने का फॉर्मूला तेजी से चर्चा में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए यह रणनीति तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि डीके शिवकुमार के साथ अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और मौजूदा मंत्री प्रियंक खड़गे का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">नई कैबिनेट में बड़े फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। खबरें हैं कि मौजूदा सरकार के करीब 10 मंत्रियों को हटाया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि नई टीम के जरिए सरकार के खिलाफ बन रही नाराजगी को कम किया जाए। पिछले कुछ महीनों में वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले जैसे मामलों ने सरकार को घेरा था। कांग्रेस हाईकमान को लग रहा है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से एंटी-इंकम्बेंसी का असर कम किया जा सकता है।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">दिल्ली में बैठकों के समानांतर बेंगलुरु में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों की ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी। इस दौरान एक तस्वीर सबसे ज्यादा चर्चा में रही, जिसमें डीके शिवकुमार सिद्धारमैया के पैर छूते नजर आए। बाद में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और साथ बैठकर नाश्ता किया। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन और समझौते का संकेत मान रहे हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">दरअसल कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलें नई नहीं हैं। 2023 विधानसभा चुनाव के बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में लंबी खींचतान चली थी। चुनाव में कांग्रेस ने AHINDA फॉर्मूले के सहारे बड़ी जीत हासिल की थी। AHINDA यानी अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित वोट बैंक। सिद्धारमैया खुद कुरुबा समुदाय से आते हैं, जिसका असर चुनावी नतीजों में भी दिखाई दिया था। दूसरी तरफ डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि उन्होंने पार्टी को मुश्किल दौर से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">दोनों नेताओं की दावेदारी के चलते कांग्रेस हाईकमान को मुख्यमंत्री तय करने में करीब एक हफ्ता लग गया था। उस समय यह चर्चा भी चली कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने का फॉर्मूला तय हुआ है, हालांकि कांग्रेस ने इसे कभी आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया। अब तीन साल बाद वही फॉर्मूला फिर चर्चा में है और सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि समझौते का दूसरा चरण लागू किया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">26 मई को कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों को दिल्ली बुलाया था। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती दौर में सिद्धारमैया पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। यहां तक कि उन्होंने समर्थक विधायकों के साथ अलग रुख अपनाने के संकेत भी दिए थे। हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें संगठन में बड़ी भूमिका और सम्मानजनक राजनीतिक स्पेस देने का भरोसा दिया।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">इधर डीके शिवकुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। कर्नाटक कांग्रेस में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले डीके की पहचान संकटमोचक नेता के तौर पर रही है। पार्टी विधायकों को टूटने से बचाने से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। हालांकि उनके खिलाफ कई आपराधिक और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच भी चल रही है। 2019 में उन्हें ईडी ने गिरफ्तार भी किया था और उन्हें करीब 50 दिन तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/change-of-power-fixed-in-karnataka-dk-shivakumar-may-become/article-54495</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/change-of-power-fixed-in-karnataka-dk-shivakumar-may-become/article-54495</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:20:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/karnataka-cm-change.jpg"                         length="110230"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर वीरभूमि पहुंचे सोनिया-राहुल, दी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने वीरभूमि पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sonia-rahul-reached-veerbhoomi-on-rajiv-gandhis-35th-death-anniversary-and/article-53859"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/rajiv-gandhi-death-anniversary.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर बुधवार सुबह दिल्ली के वीरभूमि में कांग्रेस नेताओं का एकत्र होना देखा गया। सुबह से ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू हो चुका था। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वीरभूमि जाकर राजीव गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा और बेटी मिराया वाड्रा भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का माहौल काफी शांत और भावुक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या भी वहां उपस्थित थी। कई कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की तस्वीरें और पार्टी के झंडे अपने हाथों में लिए हुए थे। बताया गया कि सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें भी तैनात थीं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वीरभूमि जाकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। उनके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत कई प्रमुख नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पार्टी के नेताओं ने राजीव गांधी के कार्यकाल और उनके देश के लिए योगदान को याद किया। कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट साझा किए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें राजीव गांधी को आधुनिक भारत के विचार रखने वाला नेता बताया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देशभर में भी कांग्रेस की राज्य इकाइयों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कई जगहों पर रक्तदान शिविर और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी शामिल थे। दिल्ली में वीरभूमि के बाहर सुबह से कांग्रेस समर्थकों की आवाजाही रही। कुछ लोग फूल लेकर आए और कुछ कार्यकर्ता नारेबाजी करते नजर आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में एक चुनावी सभा के दौरान हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलटीटीई से जुड़ी एक महिला आत्मघाती हमलावर धनु उनके करीब आई थी। वह माला पहनाने के बहाने आगे बढ़ी और पैर छूने के दौरान विस्फोट कर दिया। यह विस्फोट इतना भयानक था कि मौके पर ही राजीव गांधी सहित कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। उस समय राजीव गांधी कांग्रेस के प्रमुख चेहरे थे और चुनाव प्रचार में जुटे थे। उनकी हत्या के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज भी कांग्रेस पार्टी हर साल 21 मई को उन्हें श्रद्धांजलि देती है और उनके राजनीतिक योगदान को याद करती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sonia-rahul-reached-veerbhoomi-on-rajiv-gandhis-35th-death-anniversary-and/article-53859</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sonia-rahul-reached-veerbhoomi-on-rajiv-gandhis-35th-death-anniversary-and/article-53859</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:15:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/rajiv-gandhi-death-anniversary.jpg"                         length="136591"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी के बयान पर भड़के CM साय, कहा- लोकतांत्रिक मर्यादा टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[CM विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के लिए अपमानजनक भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%87-cm-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-53861"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cm-vishnudeo-sai-rahul-gandhi&#039;s-statement.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयान के बाद सियासी बहस और भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे उच्च संवैधानिक पदों के लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">गद्दार</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा होती रही। भाजपा के नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है और कांग्रेस की ओर से भी जवाबी हमले जारी हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री साय ने ये भी कहा कि कांग्रेस अब सत्ता से दूर रहने के कारण मानसिक संतुलन खोती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब लोकतंत्र की सीमाएं पार कर चुकी है और सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर उतर आई है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़े फैसले लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी नेतृत्व के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना निंदनीय है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा संगठन भी इस बयान पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। प्रदेश के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीएम साय ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विरोध का पूरा स्थान है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियाँ और अपमानजनक भाषा किसी भी राजनीतिक दल के लिए उचित नहीं हैं। उनके अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री और गृह मंत्री केवल व्यक्ति नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल खड़े करती है। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा इस मुद्दे को जल्दी ही और जोर-शोर से उठाने की योजना बना रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%87-cm-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-53861</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%87-cm-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-53861</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:15:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/cm-vishnudeo-sai-rahul-gandhi%27s-statement.jpg"                         length="82042"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल में किसे मिलेगी कमान? कांग्रेस में CM के लिए इन 3 नेताओं की सबसे ज्यादा चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन के नाम चर्चा में हैं। विधायकों की राय पर रिपोर्ट सौंपी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/who-will-get-the-command-in-kerala-these-3-leaders/article-52930"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t153354.370.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरखाने चर्चा अब खुलकर सामने आने लगी है। शुक्रवार को पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट तैयार करने से पहले पर्यवेक्षकों ने राज्य के कांग्रेस विधायकों से अलग-अलग बातचीत की और उनकी राय जानी। इस पूरी कवायद के बाद अब पार्टी नेतृत्व के सामने तीन बड़े नाम उभरकर आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा केसी वेणुगोपाल की हो रही है। सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">करीब 40 से ज्यादा विधायक उनके पक्ष में बताए जा रहे हैं। पार्टी के भीतर उन्हें संगठन और दिल्ली नेतृत्व दोनों के बीच मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है। हालांकि मामला इतना सीधा भी नहीं दिख रहा। वे राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं और यही वजह है कि पार्टी हाईकमान उन्हें राज्य की राजनीति में भेजने को लेकर सावधानी बरत सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व इस बार ऐसा चेहरा सामने लाना चाहता है जो संगठन और गठबंधन दोनों को साथ लेकर चल सके। इसी कारण दूसरे विकल्पों पर भी गंभीरता से चर्चा हो रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमेश चेन्निथला का नाम भी दौड़ में बना हुआ है। उनके समर्थन में 20 से ज्यादा विधायकों का झुकाव बताया जा रहा है। चेन्निथला लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के पुराने तथा अनुभवी नेताओं में उनकी गिनती होती है। वहीं विपक्ष के नेता वीडी सतीशन को लेकर भी कांग्रेस और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UDF <span lang="hi" xml:lang="hi">सहयोगी दलों के बीच सकारात्मक माहौल बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार </span>IUML, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल कांग्रेस (जोसेफ गुट) और </span>RSP <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे सहयोगी दल सतीशन के नाम पर सहमति जता रहे हैं। उनका मानना है कि उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर सरकार के खिलाफ आक्रामक भूमिका निभाई और जमीनी मुद्दों पर सक्रियता दिखाई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व किसी जल्दबाजी में नजर नहीं आ रहा। पार्टी पहले विधायकों की राय</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गठबंधन सहयोगियों का रुख और आगामी राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहती है। ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली में और बैठकों का दौर चल सकता है। केरल में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस इस बार ऐसा चेहरा चुनना चाहती है जो पार्टी को सीधे सत्ता की लड़ाई में मजबूत स्थिति में ला सके। इसी वजह से मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन लगातार जारी है और अंतिम फैसला हाईकमान के स्तर पर ही होने की संभावना मानी जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/who-will-get-the-command-in-kerala-these-3-leaders/article-52930</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/who-will-get-the-command-in-kerala-these-3-leaders/article-52930</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2026 15:43:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-08t153354.370.jpg"                         length="127411"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण पास न होने पर भड़के CM साय, बोले- विपक्ष ने तोड़ी 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में इस विधेयक के पारित नहीं होने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश की करीब 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीदें टूट गई हैं और इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विधेयक भले अभी पारित नहीं हो पाया हो, लेकिन भाजपा का संकल्प कायम है और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/cm-sai-furious-over-womens-reservation-not-being-passed-said/article-51649"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/nari-shakti-bill-cg-cm-vishnu-deo-sai.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में इस विधेयक के पारित नहीं होने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश की करीब 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीदें टूट गई हैं और इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विधेयक भले अभी पारित नहीं हो पाया हो, लेकिन भाजपा का संकल्प कायम है और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह विधेयक पेश किया था। उनका दावा है कि यह पहल देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी का अवसर देने के लिए की गई थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक कारणों से इस विधेयक का विरोध किया और इसे पारित नहीं होने दिया। साय के मुताबिक, यह रुख महिलाओं के हितों के खिलाफ है और जनता इसे समझ रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">विपक्ष पर आरोप</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण की बात करती रही है, लेकिन जब इसे कानून बनाने का अवसर आया तो पीछे हट गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस “फूट डालो और राज करो</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;" xml:lang="en-us">”</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us"> </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">की नीति पर चल रही है और परिसीमन तथा अन्य मुद्दों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">साय ने यह भी कहा कि विपक्ष ने उत्तर-दक्षिण विभाजन और धर्म आधारित आरक्षण जैसे मुद्दों को उठाकर विधेयक को बाधित करने की कोशिश की। उनके अनुसार, यह राजनीतिक रणनीति महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने वाली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">भाजपा का रुख</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने देश की महिलाओं का अपमान किया है। सिंह ने शाहबानो केस और ट्रिपल तलाक कानून जैसे पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के हितों के खिलाफ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी महिलाओं के अधिकारों की बात सामने आई, कांग्रेस ने ठोस कदम उठाने से परहेज किया। भाजपा का कहना है कि वह महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पृष्ठभूमि</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">नारी शक्ति वंदन विधेयक को महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया था। यह लंबे समय से लंबित मुद्दा रहा है और अलग-अलग सरकारों के दौरान इस पर चर्चा होती रही है। हालांकि, राजनीतिक सहमति के अभाव में इसे कानून का रूप नहीं मिल सका।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रभाव और विश्लेषण</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">राजनीतिक जानकारों के अनुसार, महिला आरक्षण का मुद्दा चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। देश की बड़ी महिला आबादी को देखते हुए यह विषय जनमत को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। सत्तापक्ष इसे अपने एजेंडे का अहम हिस्सा बना रहा है, जबकि विपक्ष प्रक्रिया और प्रावधानों को लेकर सवाल उठा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आगे क्या</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">विधेयक पर गतिरोध के बीच केंद्र सरकार के अगले कदम पर नजर बनी हुई है। भाजपा ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस कानून को पारित कराने के लिए प्रयास जारी रखेगी। वहीं, विपक्षी दल भी अपने रुख पर कायम हैं, जिससे आने वाले समय में संसद और सियासत दोनों में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/cm-sai-furious-over-womens-reservation-not-being-passed-said/article-51649</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/cm-sai-furious-over-womens-reservation-not-being-passed-said/article-51649</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:03:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/nari-shakti-bill-cg-cm-vishnu-deo-sai.jpg"                         length="112916"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        