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                <title>MP Politics - दैनिक जागरण</title>
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                <description>MP Politics RSS Feed</description>
                
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                <title>दतिया उपचुनाव में BJP का बड़ा सरप्राइज, आशुतोष तिवारी को मिला टिकट; नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने उम्मीदवार घोषित किया, चुनावी तैयारियों में जुटे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला मौका; कांग्रेस और अन्य दल भी तेज कर रहे प्रचार अभियान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjps-big-surprise-ashutosh-tiwari-got-ticket-in-datia-by-election/article-58439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bjp-candidate.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का फैसला किया है। इस घोषणा के साथ ही दतिया की राजनीति में कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। खास बात यह रही कि पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। उन्होंने चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं, कई जनसभाएं कर चुके थे और नामांकन पत्र भी खरीद लिया था, लेकिन अंतिम समय में पार्टी नेतृत्व ने आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया। भाजपा ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ चुकी हैं। उम्मीदवार घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और पार्टी ने चुनाव प्रचार को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन अब आशुतोष तिवारी को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बना रहा है। आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्षों तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया था, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। संगठन और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना है। हालांकि, इस फैसले ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को जरूर चौंकाया है। चुनाव की घोषणा के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने कई सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया और लोगों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में समर्थक भी पहुंचे थे, जिससे यह माना जा रहा था कि पार्टी एक बार फिर उन पर भरोसा जता सकती है।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bjp-candidate.jpg" alt="BJP Candidate" width="1366" height="1556"></img></p>
<p>चुनावी अभियान के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधनों में जनता से भावनात्मक अपील भी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनसे पूर्व में कोई गलती हुई हो तो लोग उन्हें क्षमा करें। उन्होंने अपने व्यवहार में बदलाव लाने की बात भी कही थी और भरोसा दिलाया था कि भविष्य में जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनकी यह अपील राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी रही। इसके अलावा एक अन्य जनसभा में उन्होंने कांग्रेस के आरोपों का भी जवाब दिया था। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि भाजपा सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और बेबुनियाद आरोपों का कोई आधार नहीं है। इन बयानों के जरिए वे चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे थे। भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। कांग्रेस भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। दूसरी ओर अन्य राजनीतिक दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं। दतिया सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की कानूनी लड़ाई भी चर्चा में रही। उनकी ओर से दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद कांग्रेस के सामने भी उम्मीदवार चयन को लेकर नई परिस्थितियां बनीं। राजेंद्र भारती ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है और वे पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया भी जारी है। अब तक कई उम्मीदवार नामांकन पत्र खरीद चुके हैं और कुछ ने अपने नामांकन दाखिल भी कर दिए हैं। चुनाव आयोग की तय समय-सीमा के अनुसार आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल प्रचार अभियान को और तेज करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 18:53:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[भिंड की विशेष MP-MLA कोर्ट ने 2024 चुनावी भाषण से जुड़े मामले में अगली सुनवाई पर हर हाल में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/arrest-warrant-against-jitu-patwari-court-seeks-answer-from-police/article-57505"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/jitu-patwari.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक चुनावी भाषण से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर उनकी अदालत में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब जीतू पटवारी सार्वजनिक कार्यक्रमों, मीडिया और राजनीतिक गतिविधियों में लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है। यह मामला लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 27 अप्रैल 2024 को भिंड जिले के ऊमरी कस्बे में आयोजित एक चुनावी सभा से जुड़ा है। उस समय जीतू पटवारी कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी देवाशीष जरारिया को लेकर कुछ आरोप लगाए थे। शिकायत के अनुसार, उन्होंने चुनावी मंच से बसपा प्रत्याशी पर भाजपा से सांठगांठ और कथित लेनदेन के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि भाषण के दौरान कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया गया, जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव के कुछ दिनों बाद देवाशीष जरारिया की ओर से इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर 4 मई 2024 को भिंड जिले के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत के साथ चुनावी सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई थी। पुलिस ने वीडियो का परीक्षण करने के बाद प्रकरण दर्ज किया और जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद अदालत ने 16 जनवरी 2026 को जीतू पटवारी को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। हालिया सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका, इसलिए उन्हें नोटिस तामील नहीं कराया जा सका। इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब संबंधित व्यक्ति लगातार मीडिया में दिखाई दे रहे हैं, सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं और राजनीतिक गतिविधियां कर रहे हैं, तब पुलिस का उन्हें तलाश नहीं पाना समझ से परे है। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि अगली सुनवाई में उनकी मौजूदगी हर हाल में सुनिश्चित की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चुनावी सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि बसपा प्रत्याशी भाजपा से "माल लाए हैं" और मतदाताओं से उन्हें वोट नहीं देने की अपील की थी। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस तरह के बयान बिना किसी प्रमाण के सार्वजनिक मंच से दिए गए, जिससे उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषणों और सार्वजनिक बयानों की जिम्मेदारी संबंधित नेता की होती है। यदि किसी बयान को लेकर शिकायत दर्ज होती है और अदालत उसे सुनवाई योग्य मानती है, तो कानून के तहत पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इस मामले में भी अदालत ने अभी केवल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामले में अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आएगा। यह लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा हुआ है। फिलहाल अदालत ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएं और संबंधित पक्ष की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अब 27 जुलाई को होने वाली सुनवाई में इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>CM हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतों का खेल, कुंवारे व्यक्ति की 20 साल की बेटी बताकर दर्ज कराया मामला</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के मऊगंज में 233 शिकायतों की जांच में बड़ा खुलासा, डायल-112 कर्मियों और पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने से उठे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/a-case-was-lodged-against-the-cm-helpline-by-pretending/article-56291"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-helpline-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्यप्रदेश सरकार की सीएम हेल्पलाइन-181 आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए बनाई गई व्यवस्था है। लेकिन रीवा जिले के मऊगंज क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने इस पूरी प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतों के रिकॉर्ड की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे यह आशंका जताई जा रही है कि शिकायतों के निपटारे का प्रतिशत बढ़ाने और रैंकिंग सुधारने के लिए फर्जी शिकायतें दर्ज कर उनका समाधान भी दिखाया गया। जांच में सामने आया कि कुल 233 शिकायतें केवल 21 मोबाइल नंबरों से दर्ज की गई थीं। रिकॉर्ड का विश्लेषण करने पर कई शिकायतों में समान पैटर्न दिखाई दिया। कुछ मोबाइल नंबरों से कुछ ही मिनटों के अंतराल में लगातार कई शिकायतें दर्ज कराई गईं, जबकि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं के नाम और शिकायतों की प्रकृति भी संदेह पैदा करने वाली मिली। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ शिकायतें वास्तविक घटनाओं से मेल नहीं खाती थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सबसे चौंकाने वाला मामला अंकित चौरसिया नाम के व्यक्ति से जुड़ा सामने आया। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर उनके नाम से दर्ज शिकायत में दावा किया गया था कि उनकी 20 वर्षीय बेटी अंशिका चौरसिया स्कूल जाने के बाद लापता हो गई है और पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। लेकिन जब संबंधित व्यक्ति तक पहुंचकर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनकी अभी तक शादी ही नहीं हुई है। ऐसे में 20 वर्षीय बेटी होने का सवाल ही नहीं उठता। इस खुलासे ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया और रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया। इसी तरह अन्य कई शिकायतों में भी विसंगतियां सामने आईं। कुछ शिकायतों में पत्नी के लापता होने, बच्चों के गुम होने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने, चोरी, मारपीट और पुलिस कार्रवाई नहीं होने जैसे आरोप दर्ज किए गए थे। लेकिन जांच के दौरान कई शिकायतकर्ताओं के बारे में जो जानकारी सामने आई, वह शिकायतों के विवरण से मेल नहीं खाती थी। इससे यह संदेह और गहरा गया कि शिकायतें वास्तविक नागरिकों द्वारा नहीं बल्कि किसी संगठित तरीके से दर्ज की गई हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">दस्तावेजों की पड़ताल में डायल-112 चालक प्रवेश चतुर्वेदी, डायल-112 कर्मचारी कृष्णा कुशवाहा और हवलदार विवेक यादव के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि मामले के सामने आने के बाद संबंधित पक्षों ने सीधे तौर पर किसी भी अनियमितता से इनकार किया है, लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज विवरण और उपलब्ध दस्तावेज कई सवाल खड़े कर रहे हैं। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शिकायतों के पैटर्न और दर्ज किए गए विवरणों की गहन जांच की आवश्यकता है। सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था की सफलता उसकी विश्वसनीयता पर निर्भर करती है। यदि शिकायतें फर्जी तरीके से दर्ज की जाती हैं या उनके समाधान के आंकड़े कृत्रिम रूप से बढ़ाए जाते हैं, तो इसका सीधा असर वास्तविक शिकायतकर्ताओं पर पड़ता है। ऐसे मामलों में न केवल व्यवस्था की साख प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी कमजोर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया कि कई शिकायतों में घटना का विवरण सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। शिकायत दर्ज कराने के लिए आमतौर पर घटना की पूरी जानकारी, शिकायतकर्ता की पहचान और अन्य जरूरी विवरण देना होता है, लेकिन कई मामलों में यह जानकारी अधूरी या संदिग्ध पाई गई। कुछ शिकायतों में समान भाषा और एक जैसी शैली का इस्तेमाल भी देखने को मिला, जिससे संगठित तरीके से शिकायतें दर्ज किए जाने की आशंका बढ़ गई। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा साबित होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। मऊगंज से सामने आया यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की अनियमितताएं हो सकती हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि यह केवल कुछ फर्जी शिकायतों का मामला है या फिर शिकायत निवारण प्रणाली के भीतर किसी बड़े खेल का हिस्सा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>8 साल बाद विंध्य विकास प्राधिकरण में नई नियुक्तियां, संसाधनों के बिना विकास की बड़ी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व विधायक पंचू लाल प्रजापति बने अध्यक्ष, 10 जिलों के विकास की जिम्मेदारी; कांग्रेस ने नियुक्तियों को बताया राजनीतिक डैमेज कंट्रोल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-appointments-in-vindhya-development-authority-after-8-years-big/article-56290"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vindhya-vikas-pradhikaran.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार ने करीब आठ साल बाद विंध्य विकास प्राधिकरण को नई नेतृत्व टीम सौंपते हुए क्षेत्रीय विकास को लेकर एक नई शुरुआत का संकेत दिया है। सरकार ने पूर्व विधायक पंचू लाल प्रजापति को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि रीवा के डॉ. अजय सिंह और सतना के संजय तीर्थनी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े इस प्राधिकरण में हुई इन नियुक्तियों के बाद विंध्य क्षेत्र के विकास को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि नियुक्तियों के साथ ही कई सवाल भी सामने आए हैं, क्योंकि प्राधिकरण के पास फिलहाल न तो स्थायी कार्यालय है और न ही कोई अलग बजट निर्धारित किया गया है। विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के उद्देश्य से किया गया था। इसके अंतर्गत रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मैहर, मऊगंज और डिंडोरी जैसे दस जिले आते हैं। यह पूरा इलाका लंबे समय से विकास के कई मानकों पर प्रदेश के अन्य हिस्सों से पीछे माना जाता रहा है। सड़क, उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की शिकायतें लगातार उठती रही हैं। ऐसे में सरकार की ओर से प्राधिकरण को फिर से सक्रिय करने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि नियुक्तियों के तुरंत बाद सबसे बड़ा सवाल संसाधनों को लेकर खड़ा हो गया है। प्राधिकरण के पास वर्तमान में अपना कोई स्थायी कार्यालय नहीं है। बताया जा रहा है कि पहले जिस भवन से इसका संचालन होता था, वहां अब आईटी पार्क का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में नए अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही प्राधिकरण के लिए अलग से किसी बजट की घोषणा भी अब तक नहीं की गई है। जानकारों का कहना है कि बिना वित्तीय संसाधनों और प्रशासनिक ढांचे के विकास योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। विंध्य क्षेत्र के लोग भी इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि आखिर प्राधिकरण की भूमिका आने वाले समय में कितनी प्रभावी होगी। क्षेत्र में लंबे समय से रोजगार के अवसर बढ़ाने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की मांग उठती रही है। कई परियोजनाएं कागजों में बनीं लेकिन उन्हें अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। ऐसे में लोगों की उम्मीद है कि नई टीम केवल औपचारिक नियुक्तियों तक सीमित न रहकर वास्तविक विकास योजनाओं पर काम करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इधर, कांग्रेस ने इन नियुक्तियों को लेकर सरकार को घेरा है। रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास की बजाय राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि जिन नेताओं को संगठन या सत्ता में स्थान नहीं मिल पाया, उन्हें समायोजित करने के लिए ऐसे पदों का उपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि यदि सरकार वास्तव में विंध्य क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर होती तो पहले कार्यालय, बजट और कार्ययोजना की स्पष्ट व्यवस्था करती। वहीं, प्राधिकरण के नव नियुक्त पदाधिकारियों ने इन आशंकाओं को खारिज किया है। उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वयं विंध्य क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर हैं और जल्द ही कार्यालय तथा अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल रीवा के सिविल लाइन क्षेत्र में अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। अध्यक्ष पंचू लाल प्रजापति ने भी कहा कि विंध्य के लिए नई विकास कार्ययोजना तैयार की जाएगी और क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकताएं तय होंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विंध्य विकास प्राधिकरण का इतिहास भी क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा रहा है। वर्ष 1948 में विंध्य प्रदेश एक अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में अस्तित्व में था और उसकी राजधानी रीवा हुआ करती थी। बाद में राज्य पुनर्गठन के साथ यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का हिस्सा बन गया। क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने और विकास को गति देने के उद्देश्य से 27 सितंबर 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विंध्य विकास प्राधिकरण की स्थापना की थी। अजय प्रताप सिंह इसके पहले अध्यक्ष बने थे, जबकि वर्ष 2017 में सुभाष सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पिछले आठ वर्षों से प्राधिकरण लगभग निष्क्रिय स्थिति में था और समय-समय पर इसके भविष्य को लेकर अटकलें भी लगती रहीं। कई बार इसके समाप्त किए जाने की चर्चाएं भी सामने आईं। अब नई नियुक्तियों के बाद एक बार फिर उम्मीदें जागी हैं। हालांकि असली परीक्षा आने वाले महीनों में होगी, जब यह देखा जाएगा कि प्राधिकरण केवल राजनीतिक नियुक्तियों तक सीमित रहता है या वास्तव में विंध्य क्षेत्र के विकास का प्रभावी माध्यम बन पाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस आक्रामक, हाईकोर्ट और सड़क दोनों मोर्चों पर लड़ाई की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव में नामांकन खारिज होने के खिलाफ कांग्रेस 15 से 17 जून तक प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी, वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने की तैयारी भी तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/if-meenakshi-natarajans-nomination-is-rejected-congress-is-preparing-to/article-55924"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/meenakshi-natarajan-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद अब यह मामला केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है और इसके खिलाफ सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष करेगी। पार्टी ने एक ओर जहां मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति भी तैयार कर ली है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस नेताओं के अनुसार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और पार्टी इसे न्यायिक मंच पर चुनौती देगी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों के साथ बैठकों का दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं की राय ली जा रही है और चुनाव याचिका का मसौदा तैयार किया जा रहा है। मीनाक्षी नटराजन भी इन दिनों दिल्ली में हैं और कानूनी प्रक्रिया को लेकर पार्टी नेतृत्व के संपर्क में बनी हुई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस की रणनीति केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है। पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच भी ले जाने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में 15 जून से 17 जून तक प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। कांग्रेस का मानना है कि इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए जनता के बीच जाना आवश्यक है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नामांकन निरस्त होने की कार्रवाई ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए हैं और इसी कारण विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंदोलन की शुरुआत 15 जून को यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से होगी। पार्टी के युवा कार्यकर्ता प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके अगले दिन 16 जून को कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई मैदान में उतरेगी। छात्र संगठन के कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करेंगे और सरकार तथा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाएंगे। 17 जून को महिला कांग्रेस आंदोलन की कमान संभालेगी। महिला कार्यकर्ता भी इस मामले को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताएंगी। कांग्रेस इस मुद्दे को केवल कानूनी विवाद के रूप में नहीं बल्कि राजनीतिक संघर्ष के रूप में भी प्रस्तुत करना चाहती है। पार्टी को उम्मीद है कि इस मुद्दे के जरिए वह कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर सकेगी और राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद को जनचर्चा का विषय बना पाएगी। दूसरी ओर भाजपा इस पूरे मामले को चुनावी प्रक्रिया के तहत लिया गया वैधानिक निर्णय बता रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस विवाद के बीच कांग्रेस की नजर अब हाईकोर्ट पर टिकी हुई है। पार्टी का प्रयास है कि अगले सप्ताह के भीतर चुनाव याचिका दायर कर दी जाए। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस चाहती है कि 21 जून से पहले इस मामले में किसी प्रकार की राहत मिल जाए। इसका कारण यह है कि इसके बाद राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित भाजपा उम्मीदवारों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि समय रहते कानूनी हस्तक्षेप नहीं हुआ तो मामला और जटिल हो सकता है। पार्टी इसीलिए हर कानूनी पहलू का गहन अध्ययन कर रही है। चुनाव कानून के जानकारों से सलाह ली जा रही है ताकि याचिका को मजबूत आधार पर अदालत में पेश किया जा सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि नियमानुसार चुनाव की घोषणा के 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दायर की जा सकती है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया को लेकर जल्दबाजी के बजाय पूरी तैयारी की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इससे पहले कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। हालांकि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका को निरस्त कर दिया था। इसके अलावा निर्वाचन आयोग से भी कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली। इन घटनाक्रमों के बाद अब पार्टी की उम्मीदें हाईकोर्ट पर टिक गई हैं। कांग्रेस का मानना है कि अदालत में पूरे मामले की विस्तार से सुनवाई होने पर उसे न्याय मिल सकता है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा में रह सकता है क्योंकि सड़क पर आंदोलन और अदालत में कानूनी चुनौती दोनों एक साथ आगे बढ़ने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:25:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर फैसला बाकी, कांग्रेस का उपवास जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात की, भोपाल में कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। आयोग की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/congress-fast-continues-pending-decision-on-meenakshi-natarajans-nomination/article-55549"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/meenakshi-natarajan-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रहा घटनाक्रम बुधवार को भी चर्चा का केंद्र बना रहा। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में निर्वाचन आयोग पहुंचा और पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। आयोग के साथ हुई बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उन्होंने नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। हालांकि देर शाम तक निर्वाचन आयोग की ओर से कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया था। ऐसे में राजनीतिक हलकों में पूरे दिन इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं जारी रहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली में आयोग से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। बैठक के बाद नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नामांकन रद्द किए जाने के पीछे जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उन पर आयोग से विस्तृत चर्चा की गई है। पार्टी का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया और चुनावी नियमों की व्याख्या को लेकर उनका अलग दृष्टिकोण है, जिसे आयोग के सामने रखा गया है। दूसरी ओर निर्वाचन आयोग पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और नियमों का अध्ययन कर रहा है। आयोग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच भोपाल में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कई कार्यकर्ताओं ने सामूहिक उपवास भी रखा। प्रदेश कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख रहे हैं और आयोग के निर्णय का सम्मान करेंगे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नामांकन रद्द होने का मामला हलफनामे में दी गई जानकारी से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान चुनाव अधिकारियों ने कुछ तथ्यों को लेकर आपत्ति दर्ज की थी, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन को अमान्य घोषित कर दिया। चुनाव प्रक्रिया में रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है और उनके निर्णय चुनावी नियमों के आधार पर लिए जाते हैं। यही कारण है कि मामला अब निर्वाचन आयोग के समक्ष पहुंचा है, जहां सभी पक्षों के तर्कों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संबंधित कानूनी मामले की स्थिति को लेकर उनकी अलग व्याख्या है। उनका तर्क है कि जिस मामले का जिक्र किया जा रहा है, वह अभी प्रारंभिक स्तर पर था और उसे लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हुई थीं। इसी आधार पर पार्टी ने आयोग से फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। वहीं  ऐसे मामलों में आयोग सभी दस्तावेजों और नियमों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकालता है। राज्यसभा चुनावों में नामांकन पत्रों की जांच एक बेहद महत्वपूर्ण चरण होता है। कई बार तकनीकी या कानूनी पहलुओं को लेकर विवाद उत्पन्न हो जाते हैं और ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित चुनावी प्राधिकरणों द्वारा ही लिया जाता है। वर्तमान मामले में भी सभी पक्ष आयोग के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों से बचते हुए सभी की नजर चुनाव आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर राज्यसभा चुनाव से जुड़े अन्य राज्यों के घटनाक्रम भी चर्चा में हैं। झारखंड में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध माना गया है। वहां भी जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी सवाल उठे थे, लेकिन बाद में संबंधित अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा के बाद नामांकन को स्वीकार कर लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्येक दस्तावेज और कानूनी बिंदु की सावधानीपूर्वक जांच की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक दल अब आयोग के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है और सभी दल अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। निर्वाचन आयोग के सामने प्रस्तुत तथ्यों और नियमों के आधार पर जो भी निर्णय आएगा, वह आगे की प्रक्रिया को तय करेगा। फिलहाल पूरे मामले में कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और सभी पक्ष आयोग के निष्पक्ष निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में आयोग का निर्णय केवल एक उम्मीदवार या एक दल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भविष्य में समान परिस्थितियों के लिए भी एक संदर्भ बनता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:29:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार पर सस्पेंस, बीजेपी के संकेतों से बढ़ी सियासी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद अटकलें तेज, कांग्रेस की अंदरूनी नाराजगी पर भी नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a23dd0479a37/article-55092"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-rajya-sabha-election.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी ने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस ने अपनी ओर से पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है। इसी बीच बीजेपी की ओर से तीसरे उम्मीदवार को उतारने की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पार्टी भले ही आधिकारिक तौर पर इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रही हो, लेकिन नेताओं के बयान और संगठन के भीतर चल रही गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि अंतिम समय में कोई बड़ा राजनीतिक दांव खेला जा सकता है। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो उसे जिताने की पूरी कोशिश की जाएगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्यसभा की जिन तीन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें से दो सीटें वर्तमान में बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। बीजेपी ने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन सबसे ज्यादा नजर तीसरी सीट पर है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अंदरूनी स्तर पर तीसरे उम्मीदवार की संभावना को लेकर तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि संभावित नामांकन की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए कुछ विधायकों से प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अंतिम समय तक अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती और विधानसभा के वर्तमान आंकड़ों के साथ-साथ विपक्ष की स्थिति पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुक्रवार देर शाम भोपाल पहुंचे बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी तरुण चुग से जब तीसरे उम्मीदवार की संभावना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है और वह केवल संगठन के निर्णयों का पालन करते हैं। उनके इस जवाब को भी राजनीतिक जानकार संभावनाओं को खुला रखने वाला बयान मान रहे हैं। दूसरी ओर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार देती है तो उसे जिताने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। उनके इस कथन को बीजेपी की रणनीतिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। विजयवर्गीय प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इधर कांग्रेस की स्थिति भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन इस फैसले को लेकर कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की चर्चा सामने आ रही है। राजनीतिक हलकों में यह बात भी कही जा रही है कि राज्यसभा की दावेदारी रखने वाले कई नेता उम्मीदवार चयन से संतुष्ट नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांत रहने को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी प्रकार के मतभेद की बात स्वीकार नहीं की गई है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी नेता संगठन के फैसले के साथ हैं और चुनाव में पूरी एकजुटता के साथ काम करेंगे।</p>
<p>बीजेपी के भीतर तीसरी सीट के लिए संभावित नामों को लेकर भी अटकलें जारी हैं। कुछ राजनीतिक सूत्र पूर्व विधायक जीतू जिराती का नाम चर्चा में बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का नाम भी राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रहा है। हालांकि इन नामों को लेकर किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि बीजेपी को आवश्यक समर्थन और संख्या बल का भरोसा मिलता है तो अंतिम समय में चौंकाने वाला फैसला सामने आ सकता है। राज्यसभा चुनाव के नामांकन और राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि बीजेपी केवल दो उम्मीदवारों के साथ चुनाव मैदान में रहती है या फिर तीसरे उम्मीदवार के जरिए मुकाबले को और दिलचस्प बनाती है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले दिन सियासी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में CM मोहन यादव की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, अचानक काफिले में घुसी कार, जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में सीएम मोहन यादव के काफिले में कार घुसने से हड़कंप मच गया। वाहन चला रहे आरक्षक से पूछताछ, विभागीय जांच शुरू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/there-was-a-big-lapse-in-the-security-of-cm/article-53860"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mohan-yadav-security-breach.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बुधवार रात को मोहन यादव की सुरक्षा में एक बड़ी चूक हो गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब भोपाल में अचानक एक कार उनके काफिले में घुस गई। यह घटना लगभग 10 बजे की है। मुख्यमंत्री लखनऊ से लौटते समय स्टेट हैंगर से बाहर आए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जैसे ही वे थोड़ा आगे बढ़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक गाड़ी उनके कारकेड के बीच पहुंच गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस वाहन को रोका और चालक को हिरासत में ले लिया। बाद में पता चला कि कार चला रहा व्यक्ति पुलिस के आरक्षक शैलेश अवस्थी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो वीआईपी ड्यूटी पर तैनात था। कोहेफिजा थाना पुलिस ने उस वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उनके काफिले में किसी अनधिकृत वाहन का आना गंभीर मामला है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरक्षक शैलेश अवस्थी का काम मुख्यमंत्री के स्वागत से जुड़ा था। उन्हें कार्यक्रम स्थल और आने वाली फूल-मालाओं व बुके की जांच करनी थी। बताया जा रहा है कि ड्यूटी खत्म होने के बाद वे अपनी कार से घर जा रहे थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी जल्दबाजी में उनकी गाड़ी मुख्यमंत्री के काफिले में घुस गई। पुलिस अधिकारियों ने आरक्षक का मेडिकल भी कराया है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में स्पष्ट रूप से यह निर्धारित किया गया है कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान कौन-सी गाड़ी कहां तक जा सकती है। ऐसे में सुरक्षा घेरे के बीच एक अनधिकृत कार का पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है। हालाँकि इसे किसी साजिश के रूप में नहीं देखा जा रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन विभागीय स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया है। भोपाल पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरक्षक शैलेश अवस्थी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 15 घंटे से लगातार ड्यूटी पर थे और खाना भी नहीं खाया था। थकान के चलते वह जल्दी घर पहुंचना चाह रहे थे। इसी जल्दबाजी में उनकी गाड़ी मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल हो गई। अब विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि आरक्षक को लाइन अटैच किया जाएगा या निलंबन जैसी कार्रवाई होगी। इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। राजधानी में पहले भी कई बार वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है ताकि पूरी घटना की टाइमलाइन स्पष्ट हो सके। रात देर तक इस मामले पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठकें होती रहीं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:15:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों की होगी ट्रेनिंग, CM मोहन यादव देंगे जिम्मेदारियों का पाठ</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में निगम-मंडल अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की ट्रेनिंग आयोजित, CM मोहन यादव देंगे अधिकार और जिम्मेदारियों की जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/corporation-and-board-officials-will-be-trained-in-bhopal-cm/article-53639"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-cm-mohan-yada-administrative-training-program.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में हाल ही में निगम</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंडल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त किए गए अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के लिए सोमवार को भोपाल में एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा जा रहा है। ये कार्यक्रम राजधानी के अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में सुबह </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे शुरू होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। खबरों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार इस ट्रेनिंग के जरिए नए पदाधिकारियों को उनके अधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में साफ-साफ जानकारी देना चाहती है। इस कार्यक्रम में कुल </span>63<span lang="hi" xml:lang="hi"> गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें मंत्री दर्जा प्राप्त है। ट्रेनिंग करीब दोपहर </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे तक चलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">18<span lang="hi" xml:lang="hi"> विभागों के अपर मुख्य सचिव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। अधिकारी विभिन्न विषयों पर प्रजेंटेशन देंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें निगम-मंडलों का कामकाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फाइनेंशियल मैनेजमेंट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक सीमाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शासन व्यवस्था और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ निगम-मंडल अध्यक्षों की पदभार ग्रहण के दौरान निकाली गई रैलियों और शक्ति प्रदर्शन को लेकर पार्टी में नाराजगी देखी गई थी। ये मामला दिल्ली तक पहुंचने के बाद बीजेपी संगठन ने इसे गंभीरता से लिया और भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस घटनाक्रम के बाद सरकार और संगठन दोनों कोशिश कर रहे हैं कि आगे ऐसी स्थिति न बने। ट्रेनिंग प्रोग्राम में इस बात पर जोर रहेगा कि निगम-मंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने अधिकार क्षेत्र को समझें और विभागीय मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टकराव से बचें। अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई बार नए पदाधिकारी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सीमाओं को पूरी तरह नहीं समझते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए इस ट्रेनिंग को सिर्फ एक औपचारिकता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और समन्वय का अभ्यास माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 09:39:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऊर्जा बचत की पहल, डिप्टी CM ने काफिले से हटाए फॉलो-पायलट वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ईंधन बचत के लिए अपने काफिले से फॉलो और पायलट वाहन हटाए, पीएम मोदी की अपील का असर दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/energy-saving-initiative-deputy-cm-removed-follow-pilot-vehicles-from-the/article-53380"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t182358.287.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम ईंधनों की बचत की अपील का असर मध्यप्रदेश में नजर आने लगा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अपने काफिले से फॉलो और पायलट वाहनों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इस व्यवस्था में शामिल स्टाफ को भी मुक्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम केंद्र से मिले निर्देशों के बाद उठाया गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसे राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बचत अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं रह गया है। यह पर्यावरण</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की बात कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब आवश्यक है कि लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सरकारी पहल होने पर ही इसका असर आम जनता तक पहुंचेगा। इस वक्त जब दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ईंधन की बचत और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें। छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और अगर संभव हो तो एक ही वाहन में अधिक लोग यात्रा करें। अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार भविष्य में ऊर्जा संरक्षण को लेकर विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चला सकती है। फिलहाल उपमुख्यमंत्री के इस निर्णय को सरकार की उस कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग खुद उदाहरण पेश करने की बात कर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले समय में अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सरकार का मानना है कि जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहले की तरह बनाए रखे जाएंगे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक मंचों पर ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की बात की थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद मध्यप्रदेश में कई स्तरों पर हलचल देखने को मिली। हाल ही में कुछ मंत्री ट्रेन से यात्रा करते हुए भी नजर आए थे। अब उपमुख्यमंत्री द्वारा फॉलो और पायलट वाहन हटाने का निर्णय उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए और कदम उठा सकती है। फिलहाल इस फैसले की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है और इसे आम जनता तक संदेश पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 09:41:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP News Today: आज लाडली बहनों को मिलेगी 36वीं किश्त, रायपुर-दिल्ली दौरे पर रहेंगे CM मोहन यादव, जानें जरूरी ख़बरें</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में आज लाडली बहना योजना की 36वीं किश्त जारी होगी। सीएम मोहन यादव रायपुर और दिल्ली दौरे पर भी रहेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-news-today-dear-sisters-will-get-36th-installment-today/article-53234"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t092105.558.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में आज का दिन राजनीति और सरकारी योजनाओं की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार की चर्चित लाडली बहना योजना की </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">36<span lang="hi" xml:lang="hi">वीं किश्त आज जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से एक क्लिक में करोड़ों महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। सरकार के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश की </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span>542<span lang="hi" xml:lang="hi"> महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस बार कुल </span>1,835.67<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि योजना के तहत अब तक </span>55<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है। भोपाल समेत कई जिलों में कार्यक्रम की तैयारी देर रात तक चलती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। सुबह से सरकारी कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शुरू होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम दोपहर करीब </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे भोपाल से नरसिंहपुर के लिए रवाना होंगे। वहां लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ-साथ कई विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की संभावना है। दोपहर बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम अनूपपुर जिले के कोतमा जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होना है। इसके बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शाम को जबलपुर होते हुए रायपुर रवाना होंगे। रायपुर में भी एक कार्यक्रम प्रस्तावित है। देर शाम वहां से दिल्ली के लिए रवाना होने का कार्यक्रम तय है। लगातार दौरों और बैठकों के चलते प्रशासनिक अमला भी पूरे दिन सक्रिय रहेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उधर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश कांग्रेस में भी हलचल बनी हुई है। पार्टी में नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर चल रही टैलेंट हंट प्रक्रिया के तहत आज पूर्व प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्टी संगठन मीडिया और टीवी डिबेट्स में मजबूत उपस्थिति बनाने की तैयारी कर रहा है। कल नए चेहरों के इंटरव्यू हुए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि आज पुराने और अनुभवी प्रवक्ताओं से बातचीत की जाएगी। कांग्रेस दफ्तर में सुबह से ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही बढ़ने के संकेत हैं। जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंटरव्यू के बाद प्रदेश स्तर पर नई सूची तैयार की जा सकती है। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावी माहौल को देखते हुए पार्टी मीडिया टीम को नए सिरे से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 10:26:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज भोपाल में खास: विधानसभा विशेष सत्र के साथ शहर में राजनीतिक हलचल और सांस्कृतिक आयोजनों की भरमार</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम मोहन यादव पेश करेंगे संकल्प, विपक्ष की रणनीति तैयार; शहर में सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/today-with-the-special-assembly-session-in-bhopal-there-is/article-52172"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/image-(40).png" alt=""></a><br /><p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> में आज कला, संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा। शहर के अलग-अलग स्थानों पर नाट्य समारोह, आर्ट एग्जीबिशन, हैंडलूम एक्सपो और संग्रहालयों में विशेष प्रदर्शनी जैसे कई कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।इन आयोजनों के जरिए न केवल स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच मिल रहा है, बल्कि लोगों को भी शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।</p>
<h5><strong>भोपाल के आज के खास कार्यक्रम</strong></h5>
<h5><strong>अंतर्नाद नाट्य समारोह</strong></h5>
<p> स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">दुष्यंत संग्रहालय</span></span></p>
<p>समय: शाम 7:00 बजे</p>
<p> खास: थिएटर और अभिनय प्रेमियों के लिए शानदार अवसर</p>
<h5><strong>स्टेट हैंडलूम एक्सपो</strong></h5>
<p>स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">गौहर महल</span></span></p>
<p>समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक</p>
<p>खास: हस्तकरघा और पारंपरिक वस्त्रों की प्रदर्शनी व खरीदारी</p>
<h5><strong>आर्ट एग्जीबिशन</strong></h5>
<p> स्थान: बंसल प्लाजा</p>
<p> समय: सुबह 11:00 बजे</p>
<p>खास: स्थानीय कलाकारों की कला का प्रदर्शन</p>
<h5><strong>“माह का प्रदर्श” – निंगला पा-थोई</strong></h5>
<p> स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय</span></span></p>
<p> समय: दोपहर 12:00 बजे से</p>
<p> खास: अनुष्ठानिक परिधान पर विशेष प्रदर्शनी</p>
<h5><strong>शलाका चित्र प्रदर्शनी</strong></h5>
<p> स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">राज्य जनजातीय संग्रहालय</span></span></p>
<p> समय: दोपहर 12:00 बजे से</p>
<p> खास: जनजातीय कला और पारंपरिक चित्रकला का प्रदर्शन</p>
<h5><strong> विधानसभा विशेष सत्र</strong></h5>
<p>आज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मध्य प्रदेश विधानसभा</span></span> का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है।</p>
<p>शुरुआत दिवंगतों को श्रद्धांजलि से होगी।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">डॉ. मोहन यादव</span></span> शासकीय संकल्प पेश करेंगे।</p>
<p>मुख्य मुद्दे</p>
<p>महिलाओं के लिए 33% आरक्षण</p>
<p>परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे लागू करना</p>
<h5><strong>राजनीतिक हलचल</strong></h5>
<p>बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई</p>
<p>कांग्रेस बैठक: नेता प्रतिपक्ष <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">उमंग सिंघार</span></span> के निवास पर</p>
<p>बीजेपी बैठक: सीएम हाउस में</p>
<p>संभावित रणनीति</p>
<p>सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है</p>
<p>विपक्ष महिला आरक्षण को लेकर दबाव बनाएगा</p>
<h5><strong>मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम</strong></h5>
<p>9:30 बजे: बीजेपी विधायक दल की बैठक</p>
<p>10:15 बजे: कार्यमंत्रणा समिति बैठक</p>
<p>11:00 बजे: विधानसभा सत्र में भाग</p>
<p>शाम 7:20 बजे: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> से <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जबलपुर</span></span> रवाना</p>
<h5><strong>आर्थिक अपडेट</strong></h5>
<p>राज्य सरकार 2800 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी</p>
<p>1600 करोड़ ,8 साल</p>
<p>1200 करोड़ ,22 साल</p>
<h5><strong>जल गंगा संवर्धन अभियान</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मध्य प्रदेश</span></span> देश में नंबर 1</p>
<p>प्रमुख जिले:</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">डिंडौरी</span></span> पहला स्थान</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">खंडवा</span></span> दूसरा स्थान</p>
<h5><strong>फ्लाइट अपडेट</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">एयर इंडिया</span></span> की भोपाल–मुंबई फ्लाइट रद्द</p>
<p>कारण: टेक्निकल इश्यू</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 09:03:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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