<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/global-trade/tag-10704" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Global Trade - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/10704/rss</link>
                <description>Global Trade RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>G7 सम्मेलन में पीएम मोदी बोले, भारतीय नाविकों की मौत चिंता का विषय</title>
                                    <description><![CDATA[समुद्री व्यापार सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा उठा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-g7-conference-that-death-of-indian/article-56154"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-g7-speech.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फ्रांस के इवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की स्थिरता और हाल की घटनाओं में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इस बैठक में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई प्रमुख देशों के नेता मौजूद थे। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों का असर सिर्फ क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र किया, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। पीएम ने कहा कि इस मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल और वाणिज्यिक सामान दुनिया भर में भेजा जाता है और किसी भी तरह की बाधा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने कहा, “इस संघर्ष में हमारे कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।” उन्होंने आगे कहा कि समुद्री व्यापार को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है, क्योंकि हजारों नाविक रोजाना समुद्र के रास्ते देशों को जोड़ते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि वे बिना किसी डर के अपना काम कर सकें। पीएम मोदी का यह बयान हाल ही में सामने आई उन घटनाओं से जुड़ा माना जा रहा है, जिनमें अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसी देश या घटना का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संकेत उन्हीं घटनाओं की ओर माना जा रहा है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कई जहाजों पर कार्रवाई की गई थी। हाल के दिनों में अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कुछ विदेशी झंडे वाले तेल टैंकरों पर कार्रवाई की थी। इन जहाजों पर भारतीय चालक दल के सदस्य भी मौजूद थे। इनमें से एक घटना में तीन भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि अन्य घटनाओं में कई नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और समुद्री सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि इस तरह की घटनाएं तुरंत रोकी जानी चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपने समुद्री समुदाय के कल्याण और सुरक्षा को अत्यंत महत्व देता है। जब यह घटना हुई, तब भारत ने तुरंत अमेरिकी पक्ष के सामने अपनी गंभीर चिंता दर्ज कराई और कड़ा विरोध जताया। भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि को तलब कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित कर सकता है। पीएम मोदी का यह बयान भारत की उस नीति को दर्शाता है जिसमें वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक शांति और व्यापार स्थिरता पर भी जोर देता है। भारत लंबे समय से समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की बात करता रहा है। G7 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मुद्दा उठना इस बात का संकेत है कि भारत अब वैश्विक मंचों पर अपने नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार के मुद्दों को अधिक मजबूती से रख रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-g7-conference-that-death-of-indian/article-56154</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-g7-conference-that-death-of-indian/article-56154</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:24:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pm-modi-g7-speech.jpg"                         length="132480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कल साइन, 5 साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[5000 भारतीय प्रोफेशनल्स को हर साल वीजा, 20 बिलियन डॉलर निवेश का वादा; संवेदनशील सेक्टरों को समझौते से बाहर रखा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/india-new-zealand-fta.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज  हस्ताक्षर किए जाएंगे। राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले शामिल होंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।</p>
<p>इस करार के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवा और नवाचार क्षेत्रों में करीब 20 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा। सरकार का मानना है कि इससे देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।</p>
<p>समझौते का एक अहम पहलू सेवा क्षेत्र से जुड़ा है। इसके तहत न्यूजीलैंड हर साल 5,000 भारतीय पेशेवरों को अस्थायी कार्य वीजा प्रदान करेगा। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ आयुष विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षक भी शामिल होंगे। यह वीजा अधिकतम तीन वर्षों के लिए मान्य होगा।</p>
<p>सरकार ने इस समझौते में घरेलू उद्योग और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। डेयरी उत्पाद, चीनी, दालें, अनाज, मसाले और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। इन उत्पादों पर मौजूदा शुल्क व्यवस्था जारी रहेगी, जिससे स्थानीय उत्पादन पर असर न पड़े।</p>
<p>दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत निर्यात उत्पादों पर शुल्क में कमी या समाप्ति का प्रावधान किया गया है। ऊन, कोयला, लकड़ी और मांस जैसे उत्पादों को ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी, जबकि कीवीफ्रूट, सेब, वाइन और शहद जैसे उत्पादों के लिए सीमित कोटा के तहत शुल्क में राहत दी जाएगी।</p>
<p>फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड की नियामक संस्था भारत की गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) रिपोर्ट को मान्यता देगी, जिससे भारतीय कंपनियों को वहां अपने उत्पादों की मंजूरी जल्दी मिल सकेगी और लागत में कमी आएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:31:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/india-new-zealand-fta.jpg"                         length="160033"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चीन की अपील, कहा- ऊर्जा संकट से बचने के लिए जहाजों की आवाजाही जारी रखें</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बनाए रखने को लेकर चीन की अपील, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर की चिंता बढ़ी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/chinas-appeal-regarding-hormuz-strait-said-movement-of-ships/article-51689"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/hormuz-strait-xi-jinping.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सामान्य आवाजाही बनाए रखने की अपील की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठाया। शी ने स्पष्ट किया कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तत्काल व्यापक सीजफायर की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील भी की। चीन का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रणनीतिक महत्व</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, दुनिया के कुल समुद्री तेल परिवहन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आ सकती है और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पृष्ठभूमि की बात करें तो हाल के महीनों में मध्य-पूर्व में कई घटनाओं ने क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाया है। विभिन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे पहले भी कई बार होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कूटनीतिक पहल</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">चीन ने बातचीत और राजनीतिक समाधान पर जोर दिया है। शी जिनपिंग ने सभी पक्षों से संवाद के जरिए आगे बढ़ने की अपील की। आधिकारिक बयान के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान सैन्य टकराव से नहीं बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी पक्षों को शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, चीन लगातार मध्य-पूर्व में संतुलन बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रभाव और विश्लेषण की दृष्टि से देखा जाए तो चीन का यह रुख वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है। यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की बाधा आती है, तो इसका असर सीधे तेल कीमतों, परिवहन लागत और विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आगे क्या की बात करें तो फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें मध्य-पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास तेज हो सकते हैं और प्रमुख देश इस मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ा सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता बनाए रखना न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक हितों के लिए जरूरी माना जा रहा है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/chinas-appeal-regarding-hormuz-strait-said-movement-of-ships/article-51689</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/chinas-appeal-regarding-hormuz-strait-said-movement-of-ships/article-51689</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:56:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/hormuz-strait-xi-jinping.jpg"                         length="178761"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        