<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/innovation/tag-10730" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Innovation - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/10730/rss</link>
                <description>Innovation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तीन रॉकेट फेल, आखिरी दांव और फिर इतिहास; ऐसे बनी स्पेसएक्स की सफलता की कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार असफलताओं, आर्थिक संकट और दिवालिया होने की कगार से उठकर इलॉन मस्क ने स्पेसएक्स को दुनिया की सबसे प्रभावशाली अंतरिक्ष कंपनियों में बदल दिया। 55वें जन्मदिन पर जानिए इस सफर की पूरी कहानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/three-rockets-failed-the-last-bet-and-then-history-became/article-57192"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/elon-musk.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल इलॉन मस्क अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी कंपनी स्पेसएक्स का नाम अब अंतरिक्ष तकनीक की दुनिया में सबसे आगे गिना जाता है, लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी था जब लगातार तीन रॉकेट लॉन्च फेल हो चुके थे, टेस्ला आर्थिक संकट से जूझ रही थी और मस्क के पास बची हुई लगभग पूरी पूंजी चौथे लॉन्च पर लगी हुई थी। अगर वह मिशन भी असफल हो जाता तो स्पेसएक्स के साथ-साथ मस्क का कारोबारी भविष्य भी खत्म हो सकता था। लेकिन किस्मत और तकनीक दोनों ने साथ दिया और उसी लॉन्च ने इतिहास बदल दिया। आज स्पेसएक्स की सफलता ने मस्क को दुनिया के सबसे अमीर लोगों में सबसे आगे ला खड़ा किया है और उनकी संपत्ति ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुंच चुकी है। इलॉन मस्क की कारोबारी यात्रा 1990 के दशक में शुरू हुई थी। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी छोड़कर Zip2 नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया, जिसे बाद में कॉम्पैक ने खरीद लिया। इसके बाद उन्होंने X.com की शुरुआत की, जो आगे चलकर PayPal बना। जब eBay ने PayPal का अधिग्रहण किया तो मस्क को लगभग 180 मिलियन डॉलर मिले। आमतौर पर इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद लोग सुरक्षित निवेश करते हैं, लेकिन मस्क ने इसके उलट पूरा पैसा ऐसे क्षेत्रों में लगाया, जिन्हें उस समय बेहद जोखिम भरा माना जाता था। उन्होंने स्पेसएक्स, टेस्ला और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स में अपनी अधिकांश पूंजी निवेश कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्पेसएक्स की शुरुआत के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। साल 2001 में मस्क रूस गए थे, जहां उनका मकसद पुराने रॉकेट खरीदना था। लेकिन बातचीत के दौरान उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया और कीमतें भी उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा बताई गईं। बताया जाता है कि इसी अनुभव के बाद उन्होंने फैसला किया कि अगर रॉकेट इतने महंगे हैं तो उन्हें खुद बनाना चाहिए। उन्होंने रॉकेट निर्माण की लागत का अध्ययन किया और पाया कि कच्चे माल की वास्तविक कीमत अंतिम कीमत का बहुत छोटा हिस्सा होती है। यहीं से कम लागत में अंतरिक्ष तकनीक विकसित करने का विचार जन्मा। स्पेसएक्स के शुरुआती साल बेहद कठिन रहे। पहला फाल्कन-1 रॉकेट मार्च 2006 में लॉन्च हुआ, लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दूसरी उड़ान भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। तीसरे मिशन में भी रॉकेट ऑर्बिट तक पहुंचने से पहले नष्ट हो गया। लगातार तीन असफलताओं के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ने लगा था। कंपनी आर्थिक संकट में थी और मस्क भी निजी तौर पर लगभग दिवालिया होने की स्थिति में पहुंच गए थे। कई लोगों ने सलाह दी कि अब इस प्रोजेक्ट को बंद कर देना चाहिए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">28 सितंबर 2008 का दिन स्पेसएक्स के इतिहास का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ। चौथा फाल्कन-1 मिशन सफल रहा और पहली बार किसी निजी कंपनी का रॉकेट पृथ्वी की कक्षा तक पहुंचने में कामयाब हुआ। इस उपलब्धि ने न सिर्फ स्पेसएक्स को बचा लिया बल्कि पूरी अंतरिक्ष इंडस्ट्री की सोच बदल दी। इसके बाद कंपनी को बड़े सरकारी और व्यावसायिक अनुबंध मिलने शुरू हुए और धीरे-धीरे उसका विस्तार तेज हो गया। स्पेसएक्स की सबसे बड़ी उपलब्धियों में फाल्कन-9 रॉकेट का विकास माना जाता है। पहले रॉकेट का पहला चरण मिशन पूरा होने के बाद समुद्र में गिरकर नष्ट हो जाता था, लेकिन स्पेसएक्स ने ऐसा सिस्टम विकसित किया जिसमें रॉकेट का पहला चरण वापस धरती पर सुरक्षित उतर सकता है और दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। दिसंबर 2015 में पहली बार फाल्कन-9 की सफल लैंडिंग हुई। इस तकनीक ने लॉन्च की लागत में भारी कमी लाई और अंतरिक्ष मिशनों को पहले की तुलना में काफी सस्ता बना दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी रणनीति का असर यह हुआ कि स्पेसएक्स ने वैश्विक कमर्शियल लॉन्च बाजार में मजबूत पकड़ बना ली। आज दुनिया के कई देशों, निजी कंपनियों और अंतरिक्ष एजेंसियों के सैटेलाइट स्पेसएक्स के जरिए लॉन्च किए जाते हैं। कंपनी का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक अंतरिक्ष यात्रियों और सामान को पहुंचाने का नियमित माध्यम बन चुका है। हाल के वर्षों में यह स्पेसक्राफ्ट कई महत्वपूर्ण मानव मिशनों का हिस्सा भी रहा है। स्पेसएक्स अब केवल रॉकेट लॉन्च करने वाली कंपनी नहीं रह गई है। कंपनी स्टारशिप जैसे पूरी तरह रीयूजेबल रॉकेट पर काम कर रही है, जिसे भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह के मिशनों के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। इलॉन मस्क का कहना है कि उनका अंतिम लक्ष्य इंसानों को बहुग्रहीय सभ्यता बनाना है। इसी दिशा में कंपनी चंद्रमा पर औद्योगिक गतिविधियों और भविष्य की अंतरिक्ष तकनीकों को लेकर भी लंबे समय की योजनाओं पर काम कर रही है। आज जब इलॉन मस्क अपने 55वें जन्मदिन पर दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्यमियों में गिने जाते हैं, तब उनकी कहानी केवल सफलता की नहीं बल्कि लगातार असफलताओं के बाद भी हार न मानने की मिसाल बन चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/three-rockets-failed-the-last-bet-and-then-history-became/article-57192</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/three-rockets-failed-the-last-bet-and-then-history-became/article-57192</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/elon-musk.jpg"                         length="134277"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में 26 जून को ईवी और सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव, निवेशकों और स्टार्टअप्स का होगा बड़ा संगम</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छ परिवहन, हरित ऊर्जा और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होगा आयोजन, देशभर से स्टार्टअप्स और उद्योग विशेषज्ञ होंगे शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ev-and-sustainability-conclave-will-be-a-big-gathering-of/article-56789"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ev-conclave-indore-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में अब स्वच्छ तकनीक और हरित विकास को नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में 26 जून को शहर के शेराटन ग्रैंड पैलेस में एचईवी कैपिटल कनेक्ट का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन इलेक्ट्रिक वाहन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को एक साझा मंच प्रदान करेगा। आयोजकों का दावा है कि यह मध्य भारत का सबसे बड़ा ईवी और सस्टेनेबिलिटी केंद्रित निवेश एवं नवाचार सम्मेलन होगा, जिसमें देशभर से निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप फाउंडर और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि शामिल होंगे। इंदौर नगर निगम भी इस आयोजन में शहर मेजबान भागीदार की भूमिका निभा रहा है, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। केंद्र और राज्य सरकारें भी स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां लागू कर रही हैं। ऐसे समय में इंदौर में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव केवल एक कारोबारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम शहरों में विकसित हो रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और उन्हें निवेश उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयोजन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार देशभर से लगभग 2,400 स्टार्टअप्स ने इस कार्यक्रम में भागीदारी को लेकर रुचि दिखाई थी। इसके बाद कई चरणों में मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया पूरी की गई। प्रारंभिक छंटनी के बाद 100 स्टार्टअप्स का चयन किया गया और अंततः इनमें से 10 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने लाइव पिचिंग का अवसर मिलेगा। इन स्टार्टअप्स को अपने बिजनेस मॉडल, तकनीकी समाधान और भविष्य की योजनाओं को वेंचर कैपिटल फर्मों, एंजेल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि इससे उभरते उद्यमियों को न केवल वित्तीय सहयोग मिलेगा बल्कि उद्योग जगत के अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि अब तक इस आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश रुचि दर्ज की जा चुकी है। यह संकेत है कि निवेशकों की नजर अब महानगरों के साथ-साथ टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों के नवाचारों पर भी है। इंदौर जैसे शहरों में विकसित हो रहे स्टार्टअप्स कम लागत और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ रही है। यही कारण है कि निवेशक भी अब इन क्षेत्रों में अवसर तलाश रहे हैं। कॉन्क्लेव में 50 से अधिक स्टार्टअप्स, 12 निवेशक, 16 उद्योग विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और परिवहन क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियां भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, बैटरी तकनीक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स समाधान और ऊर्जा प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार करेगा और भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कॉन्क्लेव में हरित ऊर्जा और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, कार्बन उत्सर्जन में कमी, सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आधारित समाधानों पर भी चर्चा होगी, जो परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र को अधिक प्रभावी और स्मार्ट बनाने में मदद कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई स्टार्टअप्स ऐसे नवाचार लेकर आए हैं जो ऊर्जा खपत कम करने और पर्यावरणीय प्रभाव घटाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की वर्चुअल उपस्थिति संभावित मानी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इन जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से यह संकेत भी मिलता है कि सरकार स्वच्छ परिवहन और हरित तकनीक को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह आयोजन इंदौर के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। शहर पहले ही स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना चुका है और लगातार कई वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना जाता रहा है। अब यदि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित निवेश और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भी इंदौर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है, तो यह मध्य भारत के लिए एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। स्थानीय स्टार्टअप्स को निवेश, नेटवर्किंग और बाजार तक पहुंच का अवसर मिलेगा, जिससे रोजगार और उद्योग दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम केवल निवेश जुटाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे नए विचारों को आगे बढ़ाने और उद्योग जगत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का काम भी करते हैं। ऐसे में 26 जून को होने वाला यह कॉन्क्लेव इंदौर को स्वच्छ तकनीक, हरित ऊर्जा और नवाचार आधारित विकास के नए दौर की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ev-and-sustainability-conclave-will-be-a-big-gathering-of/article-56789</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ev-and-sustainability-conclave-will-be-a-big-gathering-of/article-56789</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 13:29:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/ev-conclave-indore-%281%29.jpg"                         length="179454"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत बना दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल इकॉनोमी, एआई प्रदर्शन में भी चौथा स्थान</title>
                                    <description><![CDATA[डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक और नवाचार के दम पर भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-becomes-the-worlds-fifth-largest-digital-economy-and-also/article-54581"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-digital-economy.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल इकॉनोमी बन गया है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने डिजिटल प्रदर्शन के मामले में जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब देश में डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और करोड़ों लोग रोजमर्रा के कामों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस की ओर से जारी ‘इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी 2026’ रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में भारत डिजिटलाइजेशन के मामले में आठवें स्थान पर था, लेकिन एक वर्ष के भीतर तीन स्थान की छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान, इंटरनेट पहुंच, मोबाइल कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार ने इस प्रगति में अहम भूमिका निभाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रिपोर्ट में दुनिया की जीडीपी के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाले 71 देशों का अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि भारत की डिजिटल क्षमता और तकनीकी विस्तार कई स्थापित अर्थव्यवस्थाओं से अधिक तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल क्षेत्र में देश की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने डिजिटल माध्यमों से करीब 31 लाख करोड़ रुपये का व्यापार किया है। यह आंकड़ा देश में बढ़ते डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन आर्थिक गतिविधियों की ओर इशारा करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। चिप्स-एआई इंडेक्स में भारत अमेरिका, चीन और सिंगापुर के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यह रैंकिंग देश की तकनीकी क्षमता, प्रतिभा और एआई अपनाने की गति को दर्शाती है। पिछले कुछ वर्षों में एआई आधारित स्टार्टअप, अनुसंधान परियोजनाएं और डिजिटल सेवाओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसका असर अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देने लगा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी है कि दुनिया के अधिकांश एआई उपयोगकर्ता अब विकासशील देशों में मौजूद हैं। आंकड़ों के अनुसार वैश्विक स्तर पर लगभग 72 प्रतिशत एआई उपयोगकर्ता विकासशील देशों से आते हैं। भारत और चीन मिलकर दुनिया के करीब 40 प्रतिशत एआई उपयोगकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें भारत अकेले लगभग 26 प्रतिशत वैश्विक एआई उपयोगकर्ताओं का हिस्सा रखता है। यह दर्शाता है कि देश में नई तकनीकों को अपनाने की गति काफी तेज है और आम लोगों के बीच भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एआई टैलेंट हब भी माना जा रहा है। बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और तकनीकी विशेषज्ञ वैश्विक कंपनियों और स्टार्टअप्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देश के विभिन्न तकनीकी संस्थान और विश्वविद्यालय भी एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े पाठ्यक्रमों पर लगातार जोर दे रहे हैं। इसके कारण आने वाले वर्षों में भारत की तकनीकी क्षमता और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। एआई उपयोग और प्रतिभा के मामले में भारत मजबूत स्थिति में है, लेकिन निवेश के क्षेत्र में अभी भी काफी अंतर दिखाई देता है। वैश्विक निजी एआई निवेश का केवल लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा ही भारत को प्राप्त हो रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि तकनीकी क्षमता होने के बावजूद निवेश आकर्षित करने के लिए अभी काफी काम करने की जरूरत है। एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स, उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधन और बड़े एआई मॉडल अभी भी दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों तक सीमित हैं। ऐसे में भारत को अपने डिजिटल विस्तार को मजबूत करने के लिए अनुसंधान, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक निवेश करना होगा। साथ ही स्टार्टअप, उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी आवश्यकता है ताकि नई तकनीकों का विकास देश के भीतर ही हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल इंडिया अभियान, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), तेज इंटरनेट विस्तार और सरकारी डिजिटल सेवाओं ने भारत को वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाई है। ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट और डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ने से भी डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। यही वजह है कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि डिजिटल नवाचार और तकनीकी विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-becomes-the-worlds-fifth-largest-digital-economy-and-also/article-54581</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-becomes-the-worlds-fifth-largest-digital-economy-and-also/article-54581</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 16:00:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/india-digital-economy.jpg"                         length="260626"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 साल के लड़के का कमाल, बनाया पानी में तैरने वाला रोबोट कछुआ</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा के 15 साल के छात्र ने BURT नाम का रोबोट कछुआ बनाया, जो पानी में तैरकर 96% सटीकता से खतरे पहचानता है और पर्यावरण बचाने में मदद करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/a-15-year-old-boy-created-a-robot-turtle-that/article-53501"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/15-year-old-boy-creates-robot-turtle-burt-innovation.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कनाडा के एक 15 साल के छात्र ने ऐसा कमाल कर दिखाया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस किशोर ने एक ऐसा रोबोट कछुआ बनाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पानी में बिना शोर किए तैर सकता है और समुद्री जीवन पर आने वाले खतरों का पता लगाने में सक्षम है। इस प्रोजेक्ट का नाम </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">रोबोटिक टर्टल</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>BURT (Bionic Underwater Robotic Turtle) <span lang="hi" xml:lang="hi">रखा गया है। रिपोर्ट्स कहती हैं कि इस रोबोट की पहचान क्षमता करीब 96% तक सटीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इसे खास बनाती है। इवान बड्ज नाम के इस लड़के की चर्चा अब यूरोपियन यूनियन कॉन्टेस्ट फॉर यंग साइंटिस्ट्स (</span>EUCYS) <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे मंचों पर हो रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इवान ने यह पूरी मशीन बिना ज्यादा खर्च किए बनाई है। उन्होंने साधारण तौर पर बाजार में आसानी से मिलने वाले हिस्सों का इस्तेमाल किया और धीरे-धीरे इस पानी में चलने वाले कछुए का मॉडल तैयार किया। रोबोटिक टर्टल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पानी में मौजूद प्लास्टिक कचरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोरल रीफ के नुकसान और विदेशी प्रजातियों के खतरों का पता लगा सके। खास बात ये है कि यह रोबोट पानी के भीतर बेहद शांत तरीके से चलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आसपास के जीवों को कोई डर या परेशानी नहीं होती। कहा जा रहा है कि इसमें तेज प्रोपेलर का इस्तेमाल नहीं किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">सॉफ्ट-फिन</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीक अपनाई गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इसकी मूवमेंट और भी प्राकृतिक लगती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इवान ने इस विचार को तब सोचा जब वह कनाडा के ग्रेट लेक्स इलाके में अपने दोस्तों के साथ कैम्पिंग पर थे। वहां उन्होंने असली कछुओं को पानी में बहुत सहजता से तैरते देखा। उसी अनुभव ने उनके दिमाग में सवाल उठाया कि क्या ऐसा कोई रोबोट बनाया जा सकता है जो बिना शोर किए पानी में काम कर सके और पर्यावरण की निगरानी कर सके। इसके बाद इवान ने बिना समय बर्बाद किए इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया। शुरुआत में ये काफी साधारण था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन धीरे-धीरे इसमें कैमरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (</span>AI) <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी तकनीकें जोड़ी गईं</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/a-15-year-old-boy-created-a-robot-turtle-that/article-53501</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/a-15-year-old-boy-created-a-robot-turtle-that/article-53501</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 12:56:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/15-year-old-boy-creates-robot-turtle-burt-innovation.jpg"                         length="101231"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग बढ़ी, 80,000+ सेगमेंट में 37% ग्रोथ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रीमियम स्मार्टफोन पर बढ़ा फोकस, ओप्पो ने AI और कैमरा इनोवेशन को बताया भविष्य की कुंजी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/demand-for-premium-smartphones-increases-in-india-37-growth-in/article-52059"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/premium-smartphone-india.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में स्मार्टफोन बाजार एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां ग्राहकों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। ओप्पो इंडिया के कम्युनिकेशन हेड के अनुसार, अब यूजर्स सस्ते स्मार्टफोन के बजाय प्रीमियम और फीचर-समृद्ध डिवाइस को प्राथमिकता दे रहे हैं। ₹80,000 से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 37% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस बदलाव का संकेत है। कंपनी का कहना है कि बीते 11 वर्षों में 10 करोड़ से अधिक यूजर्स का भरोसा हासिल करने के बाद अब रणनीति को प्रीमियम सेगमेंट, AI टेक्नोलॉजी और कैमरा इनोवेशन पर केंद्रित किया जा रहा है। बदलती लाइफस्टाइल, 5G और डिजिटल उपयोग में वृद्धि ने स्मार्टफोन को केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जीवन का अहम हिस्सा बना दिया है।</p>
<h5><strong><span>कैसे बदली यूजर्स की पसंद</span></strong></h5>
<p>कंपनी के मुताबिक, पांच साल पहले तक बाजार में सस्ते और ज्यादा बिक्री वाले फोन पर जोर था।अब ग्राहक कीमत के बजाय वैल्यू, डिजाइन और परफॉर्मेंस पर ध्यान दे रहे हैं। स्मार्टफोन अब केवल कॉलिंग या मैसेजिंग का साधन नहीं, बल्कि पर्सनल एक्सप्रेशन का जरिया बन गया है।</p>
<h5><strong><span>AI और कैमरा पर फोकस</span></strong></h5>
<p>ओप्पो ने अपनी भविष्य की रणनीति में AI और कैमरा टेक्नोलॉजी को अहम बताया है।अधिकारियों के अनुसार, Find X और Reno सीरीज में पोर्ट्रेट फोटोग्राफी और इमेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। LUMO इमेज इंजन और अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप से कैमरा क्वालिटी को बेहतर बनाया जा रहा है।</p>
<h5><span><strong>बाजार में प्रतिस्पर्धा</strong></span></h5>
<p>सैमसंग और एप्पल जैसे बड़े ब्रांड्स के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद प्रीमियम सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा हैIDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में प्रीमियम सेगमेंट में 37% और मिड-प्रीमियम सेगमेंट में 23% की वृद्धि दर्ज की गई। EMI और एक्सचेंज ऑफर्स ने भी महंगे स्मार्टफोन खरीदना आसान बनाया है।</p>
<h5><span><strong>प्राइवेसी और कीमत पर संतुलन</strong></span></h5>
<p>कंपनी का कहना है कि AI अब केवल फीचर नहीं, बल्कि डिजाइन का हिस्सा बन चुका है।यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए ‘प्राइवेट कंप्यूटिंग क्लाउड’ जैसे सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे डेटा सुरक्षित रहे। वहीं, कीमतों को लेकर कंपनी का फोकस बेहतर वैल्यू देने पर है, न कि केवल लागत कम करने पर।</p>
<p>स्मार्टफोन बाजार में यह बदलाव दिखाता है कि भारतीय ग्राहक अब अधिक जागरूक और तकनीक-प्रेमी हो गए हैं।आने वाले समय में AI-ड्रिवन स्मार्टफोन और बेहतर कैमरा टेक्नोलॉजी बाजार का मुख्य आकर्षण बन सकते हैं।कंपनियां अब केवल कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि यूजर एक्सपीरियंस और टेक्नोलॉजी के आधार पर प्रतिस्पर्धा करेंगी। </p>
<hr />
<h2> </h2>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/demand-for-premium-smartphones-increases-in-india-37-growth-in/article-52059</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/demand-for-premium-smartphones-increases-in-india-37-growth-in/article-52059</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:49:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/premium-smartphone-india.jpg"                         length="153380"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एप्पल CEO बदलाव: जॉन टर्नस संभालेंगे कमान, कुक चेयरमैन</title>
                                    <description><![CDATA[एप्पल CEO बदलाव के तहत 1 सितंबर 2026 से जॉन टर्नस बनेंगे नए CEO, टिम कुक एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे एप्पल में 15 साल बाद बड़ा नेतृत्व परिवर्तन तय हुआ है।
नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी के सामने कई रणनीतिक चुनौतियां भी होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/apple-ceo-change-john-ternes-will-take-command-as-cook/article-51701"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-21t081652.576.jpg" alt=""></a><br /><p>दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनियों में शामिल <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Apple</span></span> में बड़ा नेतृत्व बदलाव तय हो गया है। एप्पल CEO बदलाव के तहत मौजूदा सीईओ <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tim Cook</span></span> की जगह अब <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">John Ternus</span></span> 1 सितंबर 2026 से कंपनी की कमान संभालेंगे। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस ट्रांजिशन प्लान को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। कुक, जो 2011 से सीईओ पद पर थे, अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में नजर आएंगे और रणनीतिक फैसलों में सक्रिय रहेंगे। करीब 15 साल बाद हो रहा यह बदलाव एप्पल के इतिहास में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब टेक इंडस्ट्री तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल सप्लाई चेन के बदलावों से गुजर रही है।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tim Cook</span></span> के नेतृत्व में एप्पल ने अभूतपूर्व वृद्धि हासिल की। कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 350 बिलियन डॉलर से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसी अवधि में एप्पल का सालाना राजस्व भी कई गुना बढ़ा और 2025 में 416 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया।कुक के कार्यकाल में एप्पल वॉच, एयरपॉड्स और विज़न प्रो जैसे प्रोडक्ट्स लॉन्च हुए, जिन्होंने कंपनी के इकोसिस्टम को मजबूत किया।</p>
<p><strong>नेतृत्व परिवर्तन</strong><br /><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">John Ternus</span></span> पिछले 25 वर्षों से एप्पल से जुड़े हैं और वर्तमान में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं।उन्होंने आईफोन, आईपैड और मैकबुक जैसे प्रमुख प्रोडक्ट्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Apple</span></span> की स्थापना 1976 में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Steve Jobs</span></span>, स्टीव वोज्नियाक और रोनाल्ड वेन ने की थी। पिछले 50 वर्षों में कंपनी में यह सातवां बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होगा।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tim Cook</span></span> ने 1998 में एप्पल जॉइन किया था और 2011 में सीईओ बने। उनके कार्यकाल में कंपनी ने वैश्विक विस्तार और प्रोडक्ट विविधता में बड़ी छलांग लगाई।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">John Ternus</span></span> ने कहा कि उन्हें एप्पल के मिशन को आगे बढ़ाने का अवसर मिलना गर्व की बात है और वे कंपनी की इनोवेशन परंपरा को मजबूत बनाए रखेंगे।</p>
<p>वहीं <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tim Cook</span></span> ने टर्नस को “विजनरी लीडर” बताते हुए कहा कि उनका तकनीकी अनुभव और नेतृत्व क्षमता एप्पल को नए मुकाम तक ले जाएगी।</p>
<p>टेक इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एप्पल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Google</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Microsoft</span></span> जैसी कंपनियों से मुकाबला करना होगा।साथ ही, अमेरिका और यूरोप में बढ़ती रेगुलेटरी जांच और सप्लाई चेन को चीन से भारत और वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट करना भी बड़ी चुनौती होगी।</p>
<p>एप्पल CEO बदलाव को इंडस्ट्री में एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।विशेषज्ञों के मुताबिक, टर्नस का तकनीकी बैकग्राउंड कंपनी को प्रोडक्ट इनोवेशन और हार्डवेयर विकास में नई दिशा दे सकता है।</p>
<p>अगले चार महीनों तक <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tim Cook</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">John Ternus</span></span> साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि ट्रांजिशन सुचारू रूप से हो सके।एप्पल CEO बदलाव के बाद कंपनी की रणनीति, खासकर AI और ग्लोबल विस्तार पर, बाजार की नजर बनी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/apple-ceo-change-john-ternes-will-take-command-as-cook/article-51701</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/apple-ceo-change-john-ternes-will-take-command-as-cook/article-51701</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 08:17:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/business---2026-04-21t081652.576.jpg"                         length="108924"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        