<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bageshwar-dham/tag-10782" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bageshwar Dham - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/10782/rss</link>
                <description>Bageshwar Dham RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बागेश्वर धाम पहुंचे अनंत अंबानी, बालाजी की पूजा और यज्ञ में हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[बागेश्वर धाम पहुंचे उद्योगपति अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ बालाजी के दर्शन किए, महाआरती में शामिल हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन में आहुतियां अर्पित कर देश, धर्म और जनकल्याण की कामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/anant-ambani-reached-bageshwar-dham-and-participated-in-the-worship/article-57739"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bageshwar-dham.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के प्रमुख उद्योगपति अनंत अंबानी गुरुवार शाम विशेष विमान से मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचे, जहां उनका स्वागत बागेश्वर धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। स्वागत के दौरान खजुराहो सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से अनंत अंबानी सीधे बागेश्वर धाम रवाना हुए। उनके आगमन की सूचना पहले से होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम परिसर में मौजूद रहे और उन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद अनंत अंबानी की मुलाकात कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से हुई। दोनों ने एक-दूसरे का आत्मीय भाव से अभिवादन किया। इस दौरान फोटो सेशन के दौरान एक रोचक पल देखने को मिला, जब अनंत अंबानी ने मुस्कुराते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का हाथ पकड़कर अपने पास खींच लिया और सहज अंदाज में कहा, "आपने आने के लिए कहा था, तो मैं आ गया।" वहां मौजूद लोगों ने इस पल का स्वागत तालियों के साथ किया। दोनों के बीच हुई यह आत्मीय बातचीत चर्चा का विषय बन गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अनंत अंबानी को बागेश्वर बालाजी भगवान, सन्यासी बाबा और प्रेतराज सरकार के दर्शन कराए। दर्शन के दौरान उन्होंने धाम की धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक महत्व और यहां की मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनंत अंबानी ने मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान से देश की समृद्धि, समाज के कल्याण तथा सभी नागरिकों के सुख-शांति की प्रार्थना की। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दर्शन के बाद अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्री बागेश्वर बालाजी भगवान की महाआरती में भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि के बीच आयोजित महाआरती में दोनों ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा की। मंदिर परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भी आरती में भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। आरती के दौरान देश, धर्म, समाज और मानव कल्याण की मंगलकामना की गई। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु जयकारों के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाआरती के बाद दोनों धाम परिसर स्थित यज्ञशाला पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन का आयोजन चल रहा था। अनंत अंबानी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं और वैदिक परंपराओं का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस अनुष्ठान के दौरान विशेष मंत्रों का उच्चारण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यज्ञ को सकारात्मक ऊर्जा, लोककल्याण और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक माना जाता है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यज्ञ संपन्न होने के बाद अनंत अंबानी ने धाम में 11 कन्याओं का विधिवत पूजन किया। उन्होंने सभी कन्याओं को दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही काशी से आए विद्वान ब्राह्मणों का सम्मान किया और उनसे शुभाशीष लिया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है और इसे शुभ कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस धार्मिक आयोजन को श्रद्धा और आस्था के साथ देखा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अनंत अंबानी और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच पहले भी कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध रहे हैं, जिसकी झलक विभिन्न धार्मिक आयोजनों में देखने को मिलती रही है। अनंत अंबानी समय-समय पर बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सहयोग भी करते रहे हैं। विशेष रूप से धाम में 24 घंटे संचालित होने वाली 'अन्नपूर्णा रसोई' (भंडारा) में उनके सहयोग का उल्लेख कई अवसरों पर किया गया है। यही कारण है कि धाम में उनके आगमन को केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि लंबे समय से जुड़े धार्मिक संबंधों की निरंतरता के रूप में भी देखा जा रहा है। अनंत अंबानी की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात की निगरानी की। दर्शन, महाआरती, यज्ञ-हवन और कन्या पूजन जैसे सभी कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आयोजित किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/anant-ambani-reached-bageshwar-dham-and-participated-in-the-worship/article-57739</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/anant-ambani-reached-bageshwar-dham-and-participated-in-the-worship/article-57739</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 09:58:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bageshwar-dham.jpg"                         length="174911"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर विवाद पर बोले धीरेंद्र शास्त्री, कहा- कुकृत्य करने वालों को महादंड मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल दौरे पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने राम मंदिर से जुड़े विवाद, धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन और सामाजिक सौहार्द पर अपनी प्रतिक्रिया दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/dhirendra-shastri-spoke-on-ram-temple-controversy-and-said/article-57401"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/dhirendra-krishna-shastri.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल दौरे पर पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को आहत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की पवित्रता और गरिमा बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति भगवान के धाम में रहकर अनुचित कार्य करता है तो उसे उसके कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों की मर्यादा का उल्लंघन केवल एक संस्थान का नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज के विश्वास का विषय है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक परंपराओं में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अधर्म और अन्याय का अंत निश्चित होता है। उन्होंने धार्मिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण ने माता सीता का हरण किया था और अंत में उसे अपने कर्मों का फल मिला। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि जो भी व्यक्ति धर्मस्थलों की पवित्रता को भंग करेगा, उसे भी अपने कर्मों का परिणाम अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी विषय नहीं बल्कि आस्था और नैतिक जिम्मेदारी से जुड़ा मामला भी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों के संचालन की जिम्मेदारी ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो सनातन परंपराओं, धार्मिक मूल्यों और सेवा भावना के प्रति पूरी निष्ठा रखते हों। उनके अनुसार धार्मिक संस्थानों की गरिमा तभी सुरक्षित रह सकती है जब उनका प्रबंधन पारदर्शी, जिम्मेदार और धर्म के प्रति समर्पित लोगों के हाथों में हो। उन्होंने कहा कि समाज को भी इस दिशा में जागरूक रहना चाहिए ताकि धार्मिक स्थलों की प्रतिष्ठा बनी रहे। अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत के मुसलमानों के संदर्भ में इंडोनेशिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में अलग-अलग धार्मिक समुदाय अपनी-अपनी आस्था का पालन करने के साथ-साथ एक-दूसरे के त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो नियमित रूप से नमाज अदा करते हैं और साथ ही दिवाली जैसे भारतीय सांस्कृतिक पर्वों में भी भाग लेते हैं। उन्होंने इस उदाहरण के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक सहभागिता का संदेश देने की बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके इस बयान के बाद विभिन्न स्तरों पर चर्चा भी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द का संदेश बताया, जबकि कई लोगों ने इसे अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा। हालांकि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि समाज में आपसी सम्मान, संवाद और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसके सांस्कृतिक मूल्यों और पारस्परिक विश्वास से तय होती है। भोपाल दौरे के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कैंसर हीलर सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल होने वाले हैं। हबीबगंज क्षेत्र में स्थापित इस सेंटर का उद्देश्य कैंसर मरीजों को एक ही स्थान पर आधुनिक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सेंटर के निदेशक डॉ. तरंग कृष्ण ने बताया कि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ कैंसर की जांच और उपचार की सुविधाएं विकसित की गई हैं। उनका कहना है कि समय पर जांच और उचित इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस सेंटर का उद्देश्य भोपाल के साथ-साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें उपचार के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े। उद्घाटन समारोह के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद चिकित्सा विशेषज्ञ सेंटर की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। आयोजन में कैंसर के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और बेहतर उपचार व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा प्रस्तावित है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/dhirendra-shastri-spoke-on-ram-temple-controversy-and-said/article-57401</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/dhirendra-shastri-spoke-on-ram-temple-controversy-and-said/article-57401</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:59:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/dhirendra-krishna-shastri.jpg"                         length="135191"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बागेश्वर धाम में ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन, 4 लाख भक्त जुड़े</title>
                                    <description><![CDATA[बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया से लौटकर कराया आयोजन, घर-घर से श्रद्धालुओं ने दी आहुति ऑनलाइन माध्यम से लाखों लोगों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। देश-विदेश के भक्तों ने एक साथ जुड़कर हवन में हिस्सा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/4-lakh-devotees-joined-online-hanuman-chalisa-havan-in-bageshwar/article-51776"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/bageshwar-dham-online-hawan.jpg" alt=""></a><br /><p>छतरपुर स्थित <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">बागेश्वर धाम</span></span> में एक बार फिर आस्था का बड़ा आयोजन देखने को मिला, जहां पंडित <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री</span></span> ने ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन का आयोजन कराया। 20 अप्रैल की रात आयोजित इस कार्यक्रम में देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुड़े। यह हवन उन लोगों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था, जो किसी कारणवश धाम तक नहीं पहुंच पाते।</p>
<p>इस ऑनलाइन हवन में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने डिजिटल माध्यम से भाग लिया और अपने-अपने घरों में हवन कर आहुति दी। आयोजन का सीधा प्रसारण यूट्यूब के जरिए किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग एक साथ जुड़ सके। हवन के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘नारियल उतारा’ जैसे विशेष धार्मिक उपाय भी किए, जिसे नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का प्रतीक माना जाता है।</p>
<h3><strong>आध्यात्मिक पहल</strong></h3>
<p>बताया जा रहा है कि यह आयोजन पांचवें चरण का हिस्सा था। इससे पहले भी हर महीने एक-एक हवन आयोजित किया गया था। इस पहल का उद्देश्य घर-घर में हवन की परंपरा को फिर से जीवित करना और लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ना है। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम से सामाजिक और मानसिक सकारात्मकता बढ़ती है।</p>
<h3><strong>वैश्विक भागीदारी</strong></h3>
<p>इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें विदेशों में रह रहे भारतीयों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जुड़े श्रद्धालुओं ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया और हवन में भाग लिया। इससे एक तरह की वैश्विक आध्यात्मिक एकता देखने को मिली। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आज के समय में लोग फिर से वेदों और सनातन परंपराओं की ओर लौट रहे हैं। उनके अनुसार, इस तरह के हवन से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है।</p>
<p>आयोजन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगला ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन 4 जून को आयोजित किया जाएगा। लगातार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए इसे एक बड़े धार्मिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जो डिजिटल युग में आस्था और परंपरा को जोड़ने का काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/4-lakh-devotees-joined-online-hanuman-chalisa-havan-in-bageshwar/article-51776</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/4-lakh-devotees-joined-online-hanuman-chalisa-havan-in-bageshwar/article-51776</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:36:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/bageshwar-dham-online-hawan.jpg"                         length="177374"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        