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                <title>Bastar - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Bastar RSS Feed</description>
                
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                <title>35 साल तक पैदल पहुंचीं 545 गांव, समाज सेवा के लिए मिली पद्मश्री</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर की डॉ. बुधरी ताती ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए समर्पित किया जीवन, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/reached-545-villages-on-foot-for-35-years-received-padmashree/article-56924"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/budhri-tati.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से निकलकर देशभर में अपनी पहचान बनाने वाली समाज सेविका डॉ. बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में 35 वर्षों तक लगातार समाज सेवा करने वाली बुधरी ताती का यह सफर संघर्ष, समर्पण और सेवा की मिसाल माना जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय आदिवासी समाज के उत्थान, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित किया। यही कारण है कि आज बस्तर के सैकड़ों गांवों में लोग उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं और प्यार से 'बुआ' तथा 'बड़ी दीदी' कहकर बुलाते हैं। राष्ट्रपति भवन में जब डॉ. बुधरी ताती ने पद्मश्री सम्मान ग्रहण किया तो उनकी सादगी और पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आधुनिक परिधानों की जगह उन्होंने अपनी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाला पारंपरिक पहनावा चुना। यह केवल एक वेशभूषा नहीं थी, बल्कि अपनी जड़ों, पहचान और आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान का संदेश भी था। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉ. बुधरी ताती ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। यह क्षण उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. बुधरी ताती की समाज सेवा की यात्रा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। करीब 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने तय कर लिया था कि उनका जीवन समाज के लिए समर्पित होगा। वर्ष 1984-85 के दौरान गुरमगुंडा आश्रम के लखमू बाबा से प्रेरित होकर उन्होंने सेवा का मार्ग चुना। इसके बाद उन्होंने नागपुर स्थित अखिल भारतीय राष्ट्रीय सेवा समिति में प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे रायपुर होते हुए वापस बस्तर लौटीं और समाज सेवा की शुरुआत की। उस दौर में आदिवासी इलाकों में महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी आसान नहीं था। सामाजिक बंदिशें, अशिक्षा और अंधविश्वास गहराई तक फैले हुए थे। ऐसे माहौल में एक युवा महिला का गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना किसी चुनौती से कम नहीं था। बीते 35 वर्षों में डॉ. बुधरी ताती ने 545 से अधिक गांवों तक पैदल पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझा और समाधान की दिशा में काम किया। कई ऐसे गांव भी थे जहां सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। कठिन रास्तों, जंगलों और पहाड़ी इलाकों को पार करते हुए उन्होंने लोगों तक पहुंच बनाई। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। सिलाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प और छोटे स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से 500 से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दिया। उनका मानना रहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने दूरस्थ गांवों में जाकर लोगों को स्वच्छता, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक किया। कई गांवों में उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए परिवारों को प्रेरित किया। शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चलाए गए। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी अपने मिशन का हिस्सा बनाया। गांवों में पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। समाज में व्याप्त नशाखोरी के खिलाफ भी डॉ. बुधरी ताती ने लंबे समय तक अभियान चलाया। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को शराब और अन्य नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया। उनके प्रयासों का असर कई इलाकों में देखने को मिला, जहां लोगों ने नशे की आदत छोड़कर नया जीवन शुरू किया। समाज सुधार के इस कार्य में उन्हें कई बार विरोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनकी संघर्षगाथा केवल सामाजिक चुनौतियों तक सीमित नहीं रही। डॉ. बुधरी ताती ने बताया कि एक बार अबूझमाड़ क्षेत्र के एक गांव में काम के दौरान उनकी जान पर बन आई थी। ग्रामीणों के विरोध के बीच उन्हें धारदार हथियारों के साथ दौड़ाया गया। हालात बेहद गंभीर थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनका कहना है कि यदि वे उस समय डरकर पीछे हट जातीं तो शायद कई गांव आज भी विकास और जागरूकता से दूर होते। यही साहस और दृढ़ता उन्हें अन्य समाज सेवकों से अलग पहचान दिलाती है। समाज सेवा को उन्होंने केवल एक कार्य नहीं बल्कि जीवन का उद्देश्य माना। इसी कारण उन्होंने विवाह नहीं करने का निर्णय लिया और अपना पूरा जीवन समाज के नाम कर दिया। आज भी वे बेसहारा बुजुर्गों, गरीब परिवारों और अनाथ बच्चों के लिए काम कर रही हैं। दंतेवाड़ा के हिरानार में उन्होंने एक वृद्धाश्रम की स्थापना की है, जहां जरूरतमंद बुजुर्गों को आश्रय और सम्मान मिल रहा है। साथ ही वे आदिवासी बच्चों की शिक्षा और भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। पद्मश्री सम्मान उनके जीवन का 23वां सम्मान है। इससे पहले उन्हें 22 पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय स्तर के सम्मान भी शामिल हैं। हालांकि उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान लोगों का विश्वास और प्यार है। बस्तर के गांवों में आज भी लोग उन्हें अपने परिवार की तरह मानते हैं। पद्मश्री सम्मान ने न केवल उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि समर्पण, सेवा और समाज के प्रति सच्ची निष्ठा किसी भी व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:14:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ग्रामीणों की शिकायत पर एक्शन, डिप्टी CM के निर्देश के बाद दो EE को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर दौरे में पेयजल संकट की शिकायत सामने आने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सख्त, दंतेवाड़ा और कोंडागांव के अधिकारियों से सात दिन में मांगा जवाब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-on-villagers-complaint-notice-to-two-ees-after-instructions/article-55734"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/arun-sao.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बस्तर संभाग के ग्रामीण इलाकों में नल-जल योजनाओं के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उनके सामने ही पेयजल संकट की समस्या रखी थी। लोगों का कहना था कि गांवों में करोड़ों रुपए खर्च कर नल-जल योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमित रूप से पानी नहीं मिल पा रहा है। शिकायत मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई थी और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब इसी मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। मामला उस समय सामने आया जब उप मुख्यमंत्री अरुण साव जल अर्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बस्तर क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे। कोंडागांव जिले के बेड़मा गांव और दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी परेशानी बताई। लोगों का कहना था कि जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई, टंकियां बनाई गईं और घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन पानी की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है। कई परिवारों को आज भी पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण कराना नहीं है, बल्कि लोगों तक उसका लाभ पहुंचाना भी है। यदि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम की ओर से दोनों जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नोटिस में कहा गया है कि कोंडागांव जिले के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल-जल योजना का संचालन और संधारण संतोषजनक नहीं पाया गया है। इसके कारण ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही। विभाग ने माना है कि यह स्थिति शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। साथ ही योजना के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े करती है। विभाग का कहना है कि यदि योजना पूरी तरह तैयार है तो फिर ग्रामीणों को पानी क्यों नहीं मिल रहा, इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। दूसरी ओर दंतेवाड़ा जिले के टेकनार गांव में भी स्थिति कुछ ऐसी ही पाई गई। जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव के एक मोहल्ले में कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग के अनुसार तकनीकी मानकों के अनुरूप जलापूर्ति नहीं होना इस बात का संकेत है कि योजना के संचालन और निगरानी में कहीं न कहीं कमी रही है। यही वजह है कि दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता से भी जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों को जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारियों में भी हलचल देखी जा रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सरकार अब जल जीवन मिशन और अन्य पेयजल योजनाओं के संचालन को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने का अभियान चलाया गया है। बस्तर जैसे दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में भी इस योजना के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई है। हालांकि कई स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी संचालन और रखरखाव की चुनौतियां सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल पाइपलाइन बिछा देने या टंकी बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक पानी नियमित रूप से घरों तक नहीं पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:20:28 +0530</pubDate>
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                <title>बस्तर में NIA की विशेष अदालत शुरू, नक्सल मामलों की सुनवाई होगी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[जगदलपुर को मिला विशेष अधिकार क्षेत्र, लंबे समय से लंबित संवेदनशील मामलों के निपटारे की बढ़ी उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/nia-special-court-started-in-bastar-hearing-of-naxal-cases/article-55529"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bastar-nia-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बस्तर संभाग में नक्सल मामलों की सुनवाई को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने जगदलपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत की स्थापना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के बाद जगदलपुर स्थित नामित अपर सत्र न्यायालय को अब एनआईए के विशेष न्यायालय के रूप में अधिसूचित किया गया है। इस फैसले को बस्तर के न्यायिक ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच किए गए मामलों की सुनवाई स्थानीय स्तर पर ही की जा सकेगी, जिससे वर्षों से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बस्तर क्षेत्र लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है। यहां हुए कई बड़े हमले और संवेदनशील घटनाएं राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनीं। ऐसे मामलों की जांच अक्सर एनआईए को सौंपी जाती रही है, लेकिन सुनवाई के लिए अलग-अलग अदालतों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे न्यायिक प्रक्रिया में समय अधिक लगता था और कई बार गवाहों, जांच अधिकारियों तथा पक्षकारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन चुनौतियों में काफी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक यह फैसला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और राज्य सरकार से परामर्श के बाद लिया गया है। विशेष अदालत का अधिकार क्षेत्र बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों तक रहेगा। इनमें दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर जिले सहित अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि अदालत केवल एनआईए द्वारा जांच किए गए मामलों की सुनवाई करेगी। इससे मामलों के संचालन में विशेषज्ञता भी बढ़ेगी और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">बस्तर में कई ऐसे मामले हैं जो वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में लंबित हैं। झीरम घाटी हमला, भाजपा नेता भीमा मंडावी की हत्या, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के कई नक्सली हमले जैसे मामलों को देश के सबसे संवेदनशील मामलों में गिना जाता है। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और इनके राजनीतिक तथा सुरक्षा संबंधी प्रभाव भी काफी व्यापक रहे हैं। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। एनआईए भी समय-समय पर इस संबंध में अपनी जरूरत जाहिर कर चुकी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय स्तर पर अदालत स्थापित होने से सबसे अधिक राहत गवाहों और जांच अधिकारियों को मिलने की उम्मीद है। अब उन्हें सुनवाई के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। कई मामलों में गवाहों की अनुपस्थिति या समय पर पेशी नहीं हो पाने के कारण सुनवाई प्रभावित होती थी। नई अदालत के गठन से दस्तावेजों की उपलब्धता, केस डायरी की प्रस्तुति और अन्य न्यायिक प्रक्रियाएं भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएंगी। इससे मामलों के शीघ्र निपटारे की संभावना मजबूत हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में न्यायिक संस्थाओं की मजबूत मौजूदगी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करती है। जब गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा होता है तो लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है। बस्तर जैसे क्षेत्र में, जहां लंबे समय तक सुरक्षा चुनौतियां बनी रही हैं, वहां इस तरह की विशेष अदालत का गठन प्रशासनिक और न्यायिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि इससे न केवल लंबित मामलों को गति मिलेगी बल्कि पीड़ित परिवारों को भी न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी। वहीं सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि विशेष अदालत के माध्यम से जांच और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। जगदलपुर में स्थापित यह विशेष अदालत बस्तर के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में यह अदालत नक्सल हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई में कितनी तेजी ला पाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:08:58 +0530</pubDate>
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                <title>बस्तर में 25 लाख से ज्यादा का गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[भानपुरी और नगरनार थाना क्षेत्र में पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाई, 51 किलो से अधिक गांजा बरामद; एक आरोपी घर से तो दूसरा बस स्टॉप पर पकड़ा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ganja-worth-more-than-rs-25-lakh-seized-in-bastar/article-55403"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bastar-ganja-seizure.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बस्तर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के भानपुरी और नगरनार थाना क्षेत्र में की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में पुलिस ने 25 लाख 66 हजार 750 रुपए कीमत का गांजा जब्त किया है। कुल 51 किलो 335 ग्राम गांजा बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहली कार्रवाई भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम केशरपाल आवासपारा में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव का एक व्यक्ति अपने घर में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखे हुए है और उसकी बिक्री कर रहा है। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी हर्ष कुमार धुरंधर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। रविवार को पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो पहले उससे पूछताछ की गई। शुरुआती पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर घर की तलाशी ली गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तलाशी के दौरान पुलिस को घर के एक कमरे में रखा नीले रंग का प्लास्टिक ड्रम मिला। जब ड्रम की जांच की गई तो उसके भीतर बड़ी मात्रा में गांजा रखा हुआ पाया गया। पुलिस ने मौके से करीब 33 किलो 250 ग्राम गांजा बरामद किया। अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत 16 लाख 62 हजार 500 रुपए है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी किशोर बघेल (36) को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई की काफी चर्चा रही क्योंकि आरोपी के घर से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने की जानकारी किसी को नहीं थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उधर दूसरी कार्रवाई नगरनार थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के पास एक युवक दो बैग में गांजा लेकर बस का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि वह जगदलपुर जाने वाली बस में सवार होने की तैयारी में था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक पर नजर रखी गई। कुछ देर बाद पुलिस ने युवक को घेरकर हिरासत में ले लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूछताछ में युवक ने अपना नाम राहुल पांडेय (28) निवासी मंगला चौक, बिलासपुर बताया। उसके पास रखे दो बैगों की तलाशी लेने पर तीन अलग-अलग पैकेटों में भरा करीब 18 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब्त गांजे की कीमत 9 लाख 4 हजार 250 रुपए आंकी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा ओडिशा से लेकर आया था और उसे बिलासपुर तक पहुंचाने की तैयारी थी। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों में लंबे समय से गांजा तस्करी की गतिविधियां सामने आती रही हैं। कई बार तस्कर छोटे वाहनों, बसों और निजी साधनों का उपयोग कर नशीले पदार्थों की सप्लाई करते हैं। ऐसे में पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है। हाल के महीनों में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में गांजा तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लगातार मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बरामद गांजा किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं। मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 13:27:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नक्सलवाद कमजोर पड़ते ही छत्तीसगढ़ में टाटा की एंट्री, पर्यटन सेक्टर में 500 करोड़ निवेश की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर और सरगुजा में लक्जरी रिसॉर्ट्स, होटल और इको टूरिज्म प्रोजेक्ट्स पर फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/tatas-entry-in-chhattisgarh-as-soon-as-naxalism-weakens-preparation/article-54465"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-tourism.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक नक्सलवाद की वजह से पिछड़े माने जाने वाले इलाकों में अब विकास और पर्यटन की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार अब बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों को देश के बड़े पर्यटन नक्शे पर लाने की तैयारी में है। इसी बीच टाटा समूह की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने राज्य में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश करने में रुचि दिखाई है। माना जा रहा है कि यह निवेश सीधे तौर पर होटल, रिसॉर्ट, इको टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपनी योजना साझा की।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि पिछले कुछ समय में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ी है। ऐसे में अब पर्यटन सेक्टर को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, जंगलों, जलप्रपातों और आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है, लेकिन अब तक इसे उस स्तर की पहचान नहीं मिल पाई जिसकी यह हकदार है। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में बस्तर, सरगुजा और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाए।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की एक हाई लेवल टीम जल्द ही बस्तर, सरगुजा, वन क्षेत्रों और राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दौरा करेगी। टीम यहां पर्यटकों की आवाजाही, सड़क संपर्क, स्थानीय सुविधाओं और जमीन की उपलब्धता का आकलन करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, मोटल और विला विकसित करने की योजना तैयार होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बस्तर और सरगुजा को लेकर सबसे ज्यादा फोकस इसलिए किया जा रहा है क्योंकि नई पर्यटन और औद्योगिक नीति में इन इलाकों के लिए कई तरह की छूट दी गई है। नियमों के मुताबिक रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरों में पांच सितारा होटल बनाने के लिए कम से कम 150 कमरों की जरूरत होती है, लेकिन बस्तर और सरगुजा के सुदूर इलाकों में सिर्फ 50 कमरों के तीन सितारा लक्जरी रिसॉर्ट्स बनाने की अनुमति दी जा रही है। सरकार का तर्क है कि इससे पर्यावरण पर ज्यादा असर भी नहीं पड़ेगा और निवेशक भी आसानी से आगे आएंगे।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">नई नीति में टैक्स छूट और अतिरिक्त सब्सिडी का भी प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश प्रक्रिया को पहले की तुलना में ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाया है। 500 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को बी-स्पोक पॉलिसी के तहत अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक सरकार टाटा समूह को छह अलग-अलग प्राइम लोकेशन पर जमीन का विकल्प भी दे रही है। इनमें मैनपाट, सिरपुर, अमृतधारा जलप्रपात, खुटाघाट, कोदार जलाशय और बलौदाबाजार क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग का मानना है कि बस्तर और सरगुजा में पहले से मौजूद सरकारी रिसॉर्ट्स को भी बड़े होटल समूहों के जरिए नए रूप में विकसित किया जा सकता है। इनमें चित्रकोट का दंडामी रिसॉर्ट, मैनपाट का कर्मा एथनिक रिसॉर्ट और कोंडागांव का धंकुल एथनिक रिसॉर्ट प्रमुख हैं। ये सभी जगहें प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति की वजह से पहले से पर्यटकों के बीच पहचान रखती हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यहां बड़े स्तर पर पर्यटन नहीं बढ़ पाया। अब सरकार चाहती है कि निजी निवेश के जरिए इन जगहों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर वैली और सरगुजा के मैनपाट जैसे इलाकों को इको टूरिज्म के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। वहीं दंतेवाड़ा, रतनपुर और सूरजपुर जैसे धार्मिक स्थलों को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर होटल और कनेक्टिविटी बेहतर होती है तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">हालांकि इस पूरी योजना को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि पर्यटन विकास के नाम पर आदिवासी इलाकों की मूल संस्कृति और जमीन प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि सभी परियोजनाएं पर्यावरणीय नियमों को ध्यान में रखकर ही तैयार की जाएंगी और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">राज्य में पहले कई बार पर्यटन परियोजनाओं को निवेश नहीं मिल पाया था। कुछ रिसॉर्ट्स के टेंडर लगातार फ्लॉप होते रहे। लेकिन अब नियमों में ढील और सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के बाद बड़े कॉर्पोरेट समूहों की रुचि बढ़ी है। माना जा रहा है कि अगर टाटा समूह की यह योजना जमीन पर उतरती है तो छत्तीसगढ़ के पर्यटन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे इलाके, जो कभी नक्सल हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब पर्यटन और निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:24:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, कई जिलों में पेट्रोल 109 रुपये के पार हुए, 1 महीने में चौथी बार बढ़ें रेट</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। कई जिलों में पेट्रोल 109 रुपए पार पहुंचा, रायपुर में नया रेट 107.96 रुपए प्रति लीटर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-and-diesel-prices-increased-again-in-chhattisgarh-petrol-crossed/article-54169"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-petrol-diesel-rates.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को तेल कंपनियों ने इनकी कीमतों में फिर से इजाफा कर दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई जिलों में पेट्रोल अब 109 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल का दाम अब 107.96 रुपये प्रति लीटर है। इस महीने ये चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। बढ़ती कीमतों का असर आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट बिजनेस तक साफ देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल की बढ़ोतरी में पेट्रोल लगभग 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। इससे पहले 15 मई को लगभग 3 रुपये</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">19 मई को 90 पैसे और 23 मई को भी करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसका मतलब है कि मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 8 रुपये का इजाफा हो चुका है। रायपुर में भले ही दाम 108 रुपये से कम हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि इस निरंतर बढ़ती लागत के कारण उनके घर का बजट बिगड़ने लगा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूर-दराज के जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। जैसे नारायणपुर में पेट्रोल 109.65 रुपये प्रति लीटर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि जगदलपुर में 109.64</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दंतेवाड़ा में 109.60 और बीजापुर में 109.59 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। सरगुजा के जिलों में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। जशपुर में पेट्रोल 109.52 रुपये और अंबिकापुर में 109.09 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। रायगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महासमुंद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिलासपुर और धमतरी जैसे शहरों में भी यह दाम 108 रुपये से ऊपर पहुंच गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोरबा में सबसे कम कीमत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पेट्रोल 107.63 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जानकारों का कहना है कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूर के क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टेशन के खर्च ज्यादा होने के कारण वहां ईंधन की कीमतें अधिक होती हैं। बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में सप्लाई बेहतर होने से थोड़ा राहत भी मिलती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के साथ ही रायपुर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। ब्लैक मार्केटिंग और ज्यादा कीमत वसूलने के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई अवैध बिक्री या ज्यादा पैसे मांगने की शिकायत करता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे प्रशासन को सूचित कर सकते हैं। हाल ही में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह के चलते कई पंपों पर लंबी लाइने भी देखी गई थीं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है और कीमतों में इजाफा हुआ है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात नहीं सुधरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">महंगे होते ईंधन का असर मालभाड़े और रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किराए में बदलाव करना पड़ सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 16:24:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी झुलसाने वाली गर्मी, 4 जिलों में येलो अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन भीषण गर्मी बढ़ने के आसार, गरियाबंद समेत 4 जिलों में येलो अलर्ट और तेज हवाओं की चेतावनी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/scorching-heat-will-increase-in-chhattisgarh-yellow-alert-issued-in/article-53737"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-weather-update-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में गर्मी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले कुछ दिनों में हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को गरियाबंद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धमतरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस्तर और कोंडागांव जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इससे गर्मी में ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों में प्रदेश में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मतलब अभी जो गर्मी है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आने वाले दिनों में वो और बढ़ने वाली है। दोपहर में सड़कों पर निकलना मुश्किल हो सकता है। कई स्थानों पर सुबह से ही तेज धूप है और शाम तक गर्म हवाएं चल रही हैं। लोग उमस से भी परेशान हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर शहरों में हालात और गंभीर हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि प्रदेश में सबसे कम है। रायपुर में भी गर्मी का असर दिखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री और न्यूनतम 29.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन भर की तेज धूप और उमस से लोग बेहाल दिखे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम विभाग का कहना है कि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसका असर सीमित रहेगा। गर्मी से राहत की उम्मीद अभी कम है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बड़े पैमाने पर बारिश संभव हो सके। यही कारण है कि तापमान लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">येलो अलर्ट के संदर्भ में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह शुरुआती चेतावनी होती है। इसका मतलब ये नहीं कि स्थिति बहुत गंभीर हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मौसम अचानक बिगड़ सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए सावधानी जरूरी है। गर्मियों में येलो अलर्ट तब जारी किया जाता है जब लू चलने या सामान्य से अधिक तापमान बढ़ने की संभावना होती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर कम निकलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार पानी पिएं और धूप से बचें।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुछ जिलों में आंधी और गरज-चमक की आशंका को देखते हुए किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। तेज हवाओं की वजह से खुले में रखी फसल और हल्के ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर नई चेतावनी जारी की जा सकती है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:05:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जगदलपुर में अमित शाह की मुख्यमंत्रियों के साथ होगी बड़ी बैठक, 4 राज्यों के CM पहुंचे बस्तर</title>
                                    <description><![CDATA[जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, अमित शाह के साथ यूपी, MP, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के CM शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-have-a-big-meeting-with-the-chief/article-53738"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-jagdalpur-bastar-central-zonal-council.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बस्तर दौरे का मंगलवार को दूसरा दिन काफी महत्वपूर्ण है। जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की हाई-लेवल बैठक हो रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। यह बैठक एक निजी होटल में हो रही है और इसकी अध्यक्षता खुद अमित शाह करेंगे। बस्तर जैसे क्षेत्र में इस स्तर की बैठक को लेकर सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। शहर के कई हिस्सों में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक में योगी आदित्यनाथ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोहन यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुष्कर सिंह धामी और विष्णु देव साई शामिल हुए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह जगदलपुर पहुंचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बाकी मुख्यमंत्री सोमवार रात को ही पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पर भाजपा के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बैठक की तैयारियों को लेकर प्रशासन काफी सतर्क नजर आ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और आम लोगों की आवाजाही पर भी कुछ क्षेत्रों में असर देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा के लिए चर्चा में रहा है। ऐसे में यहां चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">; <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक हलकों में इसे एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ये दिखाने की कोशिश कर रही है कि बस्तर अब धीरे-धीरे संघर्ष वाले क्षेत्र की छवि से बाहर निकल रहा है और विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक गतिविधियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में पहले बड़े नेताओं के दौरे सीमित होते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां अब ऐसी बैठकें होना अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैठक में कानून व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यों के बीच समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमा विवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त रणनीति और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर रहने की संभावना है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई बड़े नक्सली कमांडरों की गिरफ्तारी या मौत की खबरें आई हैं। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान अभी तेज किया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार को अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने बस्तर में आदिवासी समाज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर कई बातें की थीं। उन्होंने कहा था कि पिछले कई दशकों में बस्तर को जो नुकसान हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी भरपाई आने वाले कुछ वर्षों में की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बस्तर पूरी तरह विकसित नहीं होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक सरकार का संकल्प अधूरा रहेगा। गुंडाधुर की धरती का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस इलाके को अब नई पहचान देने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस ने भी बैठक को लेकर सवाल उठाए हैं। दीपक बैज ने कहा कि जब केंद्र सरकार खुद ईंधन बचाने और वर्क फ्रॉम होम की बात करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब इतनी बड़ी बैठक वर्चुअल भी की जा सकती थी। उनका कहना था कि चार राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अलग-अलग विमानों से आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लाखों रुपए खर्च हुए। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा नेताओं का कहना है कि बस्तर में इस तरह की बैठक होना क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे यहां विकास की नई तस्वीर सामने आएगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:05:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह बोले- आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 15% आरक्षण, बस्तर में किए कई बड़े ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर में अमित शाह ने गुंडाधुर की धरती को तीर्थस्थल बनाने और आदिवासी युवाओं को 15% आरक्षण देने की घोषणा की। डायल-112 वाहन भी लॉन्च किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-said-tribal-youth-will-get-15-reservation-in/article-53688"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-bastar-amit-shah-naxalism-gundadhur-tribal-reservation.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेतानार में सोमवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गुंडाधुर की ये धरती अब तीर्थस्थल के रूप में विकसित की जाएगी। बस्तर दौरे के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा व्यवस्था जिस तरह से मजबूत हुई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके चलते ये क्षेत्र अब विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। अमित शाह ने आदिवासी युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण देने की भी घोषणा की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने संबोधन में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमित शाह ने अतीत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां एक समय ऐसा था जब पुलिस बल पर हमले होते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था और आम लोगों का जीवन प्रभावित रहता था। अब हालात बदल चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सरकार ने सुरक्षा और विकास दोनों को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासी समुदाय के बच्चों को वो सुविधाएं मिल रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं। पीने के साफ पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधार और राशन जैसी सुविधाओं के लिए सरकार की योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कार्यक्रम स्थल का माहौल सामान्य राजनीतिक सभा जैसा नहीं था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सुरक्षा और विकास पर स्पष्ट फोकस था। अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि विकास और संस्कृति से होनी चाहिए। गुंडाधुर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस भूमि को सम्मान और विरासत के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पहले रायपुर में भी गृह मंत्री ने डायल-112 सेवा के 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को पुलिस</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फायर इमरजेंसी सेवाओं को एक ही नंबर से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इनमें जीपीएस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैमरे और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे घटनास्थल पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह सीधे बस्तर पहुंचे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उन्होंने नेतानार में अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे जगदलपुर रवाना हो गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक होनी है। इस बैठक में छत्तीसगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और अंतरराज्यीय समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने बैठक के लिए बस्तर आने और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि यह दौरा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है और इससे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर के सुरक्षा कैंपों को धीरे-धीरे सुविधा केंद्रों में बदला जाएगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दौरे के अंतिम चरण में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके बाद वे शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर के लिए एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:18:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमित शाह आज बस्तर दौरे पर, नेतानार में शुरू करेंगे जन सुविधा केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर नेतानार गांव जाएंगे। डायल-112 विस्तार, जन सुविधा केंद्र और परिषद बैठक पर रहेगा फोकस।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-start-public-convenience-center-from-netanar-during/article-53646"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-bastar-chhattisgarh.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगे। वो शनिवार रात रायपुर पहुंचे और रविवार को सीधे जगदलपुर और फिर नेतानार गांव जाएंगे। कहा जा रहा है कि नक्सलवाद के कमजोर होने के बाद बस्तर में उनका ये पहला बड़ा दौरा है। नेतानार भी वही गांव है जिसे वीर शहीद गुंडाधुर से जोड़ा जाता है। यहां वो जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस केंद्र के जरिए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं का लाभ एक ही जगह पर मिलेगा। दौरे को लेकर बस्तर में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जगदलपुर एयरपोर्ट और उसके आस-पास हलचल देखी जा रही है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें लगातार चल रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुबह अमित शाह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल पहुंचकर डायल-112 सेवा के लिए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। करीब 400 वाहन इस व्यवस्था में शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक ये सेवा सीमित जिलों में थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भविष्य में इसे पूरे छत्तीसगढ़ तक बढ़ाने की योजना है। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी रवाना की जाएंगी। इनमें ऐसे उपकरण होंगे जो घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच करने में मदद करेंगे। सूत्रों की माने तो सरकार इसे कानून व्यवस्था और अपराध जांच को मजबूत करने का एक बड़ा कदम मान रही है। रायपुर कार्यक्रम के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शाह विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां से बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए नेतानार जाएंगे। दोपहर में वो अमर वाटिका जाकर नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। बस्तर में लंबे समय से सुरक्षा बलों की तैनाती और नक्सल ऑपरेशन चर्चा का विषय रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस कार्यक्रम को जवानों के मनोबल के साथ भी जोड़ा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दोपहर बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जगदलपुर में बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। बादल अकादमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा होगी। बताया गया है कि अलग-अलग विभाग प्रेजेंटेशन भी देंगे। शाम को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शाह </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">बस्तर के संग</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम के लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें बस्तर की पारंपरिक कला और नृत्य की प्रस्तुति होगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोमवार को होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के लिए तैयारियां तेज हैं। इस बैठक में छत्तीसगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और विकास योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने इस दौरे को लेकर सवाल भी उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि यह बैठक वर्चुअल तरीके से भी हो सकती थी और इसके लिए बड़े खर्च की जरूरत नहीं थी। हालांकि भाजपा और राज्य सरकार इसे बस्तर के लिए अहम दौर मानती हैं। राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और सुरक्षा कैंपों को आगे चलकर सुविधा केंद्रों में विकसित किया जाएगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 10:35:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज से छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे अमित शाह, हर जिले में डायल-112 और फॉरेंसिक यूनिट्स की देंगे बड़ी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[अमित शाह तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। डायल-112 विस्तार, फॉरेंसिक यूनिट्स और बस्तर विकास योजनाओं पर बड़ा फोकस रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-be-on-chhattisgarh-tour-from-today-will/article-53586"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-chhattisgarh-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17 मई से छत्तीसगढ़ में तीन दिन का दौरा करेंगे। इस दौरे को लेकर प्रशासनिक हलकों में खास हलचल है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले और कार्यक्रम शामिल हैं। अहम बातें डायल-112 सेवा का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉरेंसिक यूनिट्स की शुरुआत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बस्तर क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रहेंगी। बताया गया है कि शाह रायपुर और जगदलपुर में अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रविवार शाम करीब 6:25 बजे गृहमंत्री अहमदाबाद से विशेष विमान से रवाना होंगे और रात लगभग 8:10 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे मेफेयर रिसॉर्ट जाएंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां वे रात बिताएंगे। उनके आगमन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थलों तक अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे में सुरक्षा और विकास दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">18 मई को उनका कार्यक्रम रायपुर में है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां वे पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जाकर डायल-112 सेवा के लिए तैयार किए गए 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य में आपातकालीन पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अभी तक यह सेवा कुछ ही जिलों तक सीमित थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था से आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है। इसी दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए सभी 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स तैनात की जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो घटनास्थल पर शुरुआती वैज्ञानिक जांच में मदद करेंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद शाह रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और नेतानार पहुंचकर जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने में मदद करेगा। इसके बाद वे अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की याद में यह कार्यक्रम खास महत्व रखता है। दोपहर बाद जगदलपुर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठकें भी होंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास योजनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और प्रशासनिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें गृहमंत्री दौरे और फैसलों की जानकारी साझा कर सकते हैं। और फिर शाम को वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के संतुलन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:20:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>Sachin Tendulkar Bastar Visit: बस्तर में बच्चों संग क्रिकेट खेलेंगे सचिन</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ दौरे पर दंतेवाड़ा पहुंचेंगे, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल क्रिकेट के दिग्गज आज पहली बार बस्तर क्षेत्र का दौरा करेंगे। स्थानीय बच्चों के साथ मैदान में उतरकर खेल प्रतिभाओं को प्रेरित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/sachin-tendulkar-visit-bastar-sachin-will-play-cricket-with-children/article-51811"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-news-sachin.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत के महान क्रिकेटर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sachin Tendulkar</span></span> आज छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां वे दंतेवाड़ा में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आएंगे। यह उनका पहला बस्तर दौरा है, जिसे स्थानीय प्रशासन और खेल संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं को नई दिशा देना है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, तेंदुलकर अपने इस दौरे के दौरान छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा जैसे गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे न केवल बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे, बल्कि खेल के प्रति रुचि बढ़ाने और प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए भी प्रेरित करेंगे।</p>
<h5><span><strong>खेल से बदलाव की पहल</strong></span></h5>
<p>बस्तर क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह पहल लंबे समय से चल रही है।सूत्रों के मुताबिक, तेंदुलकर से जुड़ी संस्था और सहयोगी संगठनों द्वारा यहां खेल मैदान विकसित करने और स्थानीय शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है।पनेड़ा में एक नए स्टेडियम का उद्घाटन भी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में खेल ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p>
<h5><span><strong>स्कूलों में खेल का विस्तार</strong></span></h5>
<p>जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा जिले के करीब 25 स्कूलों और आश्रमों में खेल गतिविधियां शुरू की जा चुकी हैं। गीदम ब्लॉक के कई स्कूलों में छोटे-छोटे मैदान तैयार किए गए हैं, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न खेलों का अभ्यास कराया जा रहा है।महाराष्ट्र की मानदेशी फाउंडेशन ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाई है और अब तक 15 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कोचिंग के लिए तैयार किया गया है।</p>
<h5><span><strong>स्थानीय बच्चों पर असर</strong></span></h5>
<p>इस पहल का सबसे बड़ा असर स्थानीय बच्चों और युवाओं पर देखा जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि खेल गतिविधियों के जरिए न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी बढ़ता है।बस्तर जैसे क्षेत्रों में, जहां लंबे समय तक विकास की गति प्रभावित रही, वहां इस तरह के प्रयास सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं।</p>
<p>प्रशासन और आयोजकों को उम्मीद है कि इस दौरे के बाद क्षेत्र में खेल गतिविधियों को और गति मिलेगी।स्थानीय स्तर पर नई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:16:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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