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                <title>IT Stocks - दैनिक जागरण</title>
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                <description>IT Stocks RSS Feed</description>
                
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                <title>सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी 24,500 के करीब पहुंचा, घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख; एशियाई बाजारों में दबाव के बीच भारतीय सूचकांकों ने दिखाई मजबूती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-200-points-and-market-strengthens-due-to-buying/article-58052"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sensex-today-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 200 अंकों की बढ़त के साथ 78,500 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 50 अंक मजबूत होकर 24,500 के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी और कुछ प्रमुख कंपनियों में मजबूत निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच निवेशक अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाजार खुलने के साथ ही कई बड़ी आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। शुरुआती सत्र में निवेशकों ने इन क्षेत्रों में ज्यादा रुचि दिखाई, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में निवेशकों की नजर खास तौर पर आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो बाजार में तेजी का यह रुख आगे भी जारी रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि वैश्विक बाजारों का माहौल पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहा। एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को दबाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक सबसे ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। जापान का निक्केई सूचकांक भी कमजोरी के साथ खुला, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार को वैश्विक दबाव से काफी हद तक बचाए हुए है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर अमेरिकी शेयर बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। विशेष रूप से तकनीकी कंपनियों में खरीदारी के चलते नैस्डैक में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर भारतीय निवेशकों के मनोबल पर भी देखने को मिला। जब वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा मजबूत रहती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव उभरते बाजारों, खासकर भारत जैसे देशों पर भी दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की सक्रिय खरीदारी भी बाजार को मजबूती देने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले कारोबारी दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 3,792 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भी सीमित स्तर पर सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इससे विदेशी निवेश में उतार-चढ़ाव का असर पहले की तुलना में कम दिखाई दे रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार के कारोबारी सत्र में भी शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 521 अंक चढ़कर 78,285 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 160 अंक की बढ़त के साथ 24,430 पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में बनी मजबूती यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कायम है। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा स्तरों पर सोच-समझकर निवेश करें और केवल मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में ही निवेश को प्राथमिकता दें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आर्थिक मोर्चे पर भी आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों, केंद्रीय बैंक की नीति से जुड़े संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाओं पर बनी रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही परिणाम भी बाजार में सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। यदि आईटी और बैंकिंग कंपनियों के नतीजे मजबूत आते हैं तो इन क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेंसेक्स में 200 अंक की गिरावट, आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-200-points-market-under-pressure-due-to/article-57374"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स करीब 200 अंक तक फिसलकर 76,550 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 23,900 के स्तर पर बना रहा। बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों के साथ कई बड़े सेक्टरों पर भी दिखाई दिया। खास तौर पर आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रही। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशक किसी भी बड़े निवेश से पहले सतर्क नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में जिन शेयरों में अच्छी तेजी आई थी, उनमें निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि सभी सेक्टरों में एक जैसी स्थिति नहीं रही। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, लेकिन उसका असर बाजार की समग्र दिशा बदलने के लिए पर्याप्त नहीं था। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार होता रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। निवेशकों का फोकस फिलहाल आगामी आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर बना हुआ है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निक्केई में करीब 0.93 प्रतिशत और कोस्पी में लगभग 0.69 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया और इसमें करीब 0.93 प्रतिशत की गिरावट रही। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित रुख का असर भी भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिला, जहां निवेशकों ने सतर्कता बरतना बेहतर समझा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजार से हालांकि सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जबकि डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में उसका सकारात्मक असर सीमित रहा। इसकी एक बड़ी वजह घरेलू स्तर पर जारी मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। हाल के सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब 2,810 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं पिछले 30 दिनों के दौरान भी विदेशी निवेशकों की ओर से 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी दर्ज की गई है। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पिछले सात दिनों में उन्होंने 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बीते एक महीने में लगभग 79 हजार करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार को बड़े स्तर पर गिरने से रोकने में सहायक साबित हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार दबाव में रहा था। सेंसेक्स 372 अंक की गिरावट के साथ 76,728 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 110 अंक टूटकर 23,946 के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में कमजोरी बने रहने से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है। यह गिरावट व्यापक घबराहट की नहीं बल्कि सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश बनाए रखना चाहिए। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का असर बाजार की दिशा पर साफ दिखाई देगा। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। वहीं किसी भी बड़े वैश्विक घटनाक्रम या आर्थिक आंकड़े का असर भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 11:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,150 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में खरीदारी का माहौल दिखा। IT और ऑयल एंड गैस शेयरों में तेजी से सेंसेक्स 77,300 के करीब पहुंचा, जबकि निफ्टी में भी 150 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a38cae5b4995/article-56611"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी देखने को मिली और बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक की तेजी के साथ 77,300 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंक मजबूत होकर 24,150 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने घरेलू बाजार को सहारा दिया है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ था, लेकिन सोमवार को निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दिया। बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में कई दिग्गज IT कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी। माना जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में स्थिरता और घरेलू मांग के सकारात्मक संकेतों ने इन शेयरों को समर्थन दिया है। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भी सीमित लेकिन सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों की बात करें तो सोमवार को वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी हरे निशान में रहा और निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और उसमें गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों के इस मिश्रित प्रदर्शन के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई, जिसे घरेलू निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों से भी भारतीय निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिले हैं। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में मामूली तेजी दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में मजबूत उछाल देखने को मिला। तकनीकी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से अमेरिकी बाजारों को सहारा मिला था। इसका असर सोमवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शुक्रवार को एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 4,859 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। यह आंकड़ा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों की कुल निकासी अभी भी अधिक बनी हुई है, लेकिन हाल के दिनों में उनकी खरीदारी ने बाजार को राहत दी है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में घरेलू निवेशकों ने बाजार में लगातार निवेश किया है, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार को स्थिरता मिली है। म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की ओर से लगातार निवेश बाजार के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार की तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 607 अंक टूटकर 76,802 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 154 अंक गिरकर 24,013 के स्तर पर आ गया था। उस गिरावट के बाद निवेशकों में कुछ चिंता देखी जा रही थी, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में आई तेजी ने बाजार की धारणा को बेहतर किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, विदेशी निवेशकों का रुख और मानसून की प्रगति जैसे कारक बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। छोटे और मझोले शेयरों में भी सोमवार को सकारात्मक रुझान देखने को मिला। कई सेक्टरों में खरीदारी का दायरा बढ़ा, जिससे व्यापक बाजार को मजबूती मिली। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे केवल तेजी देखकर निवेश के फैसले न लें और कंपनियों की बुनियादी स्थिति का मूल्यांकन जरूर करें।  सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में आई बढ़त ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत प्रदर्शन के कारण बाजार में उत्साह का माहौल बना हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:38:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, इंफोसिस 8% तक टूटा, निफ्टी भी 200 अंक नीचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sharp-decline-in-stock-market-sensex-fell-800-points/article-56362"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-crash-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में 19 जून को कारोबार की शुरुआत से ही भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दिन बढ़ने के साथ गिरावट गहराती चली गई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स करीब 800 अंक गिरकर 76,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 200 अंक टूटकर 23,950 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखा गया, जहां बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। आईटी शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार के मूड को कमजोर कर दिया। इंफोसिस के शेयर में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीसीएस और टेक महिंद्रा में लगभग 6-6 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। एचसीएल टेक भी करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। बताया जा रहा है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सेक्टर में हालिया तेजी के बाद करेक्शन जरूरी था, जो अब देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में नजर आया और करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी, जिससे टेक शेयरों को वैश्विक स्तर पर सपोर्ट मिला था, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार में टिक नहीं सका। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू स्तर पर आईटी शेयरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार पर भारी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों यानी FII की ओर से भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हाल के आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 1025 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जिससे बाजार में नकदी प्रवाह कमजोर हुआ है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII ने खरीदारी की है, लेकिन वह एफआईआई की बिकवाली की भरपाई नहीं कर पाई। पिछले कई दिनों से एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ा है। बाजार में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल संकेतों, आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का परिणाम है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र यानी 18 जून को बाजार में तेजी देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 254 अंक चढ़कर 77,410 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 82 अंक की बढ़त के साथ 24,168 के स्तर पर पहुंचा था। लेकिन यह तेजी अगले ही दिन दबाव में बदल गई।बाजार में फिलहाल अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और आईटी सेक्टर में कमजोरी ने पूरे बाजार को नीचे खींचा है। बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:44:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23,350 के करीब फिसला, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर मानसून अनुमान से बाजार पर दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a1fe1bfdc827/article-54853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और बढ़ता गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटकर 73,950 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंकों की गिरावट के साथ 23,350 के आसपास पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार के माहौल को प्रभावित किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंगलवार को बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ था और निवेशकों को उम्मीद थी कि यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि बुधवार को शुरुआती कारोबार से ही तस्वीर बदलती नजर आई। कई बड़े शेयरों में बिकवाली शुरू हुई और इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर मौजूद अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने के लिए मजबूर किया है। बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़ी घटनाओं पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर बनी हुई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। निवेशक फिलहाल जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। ऐसे समय में कई निवेशक मुनाफावसूली करना बेहतर समझ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरा बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को माना जा रहा है। हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में धन निकाला है। आंकड़ों के अनुसार मई महीने के दौरान विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। केवल पिछले कारोबारी सत्र में भी विदेशी निवेशकों की ओर से भारी बिकवाली दर्ज की गई। इससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। विदेशी निवेशक इस समय वैश्विक परिस्थितियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। ब्याज दरों, अंतरराष्ट्रीय तनाव और अन्य आर्थिक कारकों के चलते वे अपने निवेश पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं। इसका असर उभरते बाजारों पर देखने को मिल रहा है, जिनमें भारत भी शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरा महत्वपूर्ण कारण मौसम से जुड़ा हुआ है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून के अनुमान में हल्की कमी किए जाने के बाद कृषि और ग्रामीण मांग को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका बाजार के कुछ वर्गों में चिंता का कारण बनी हुई है। वास्तविक प्रगति आने वाले सप्ताहों में अधिक स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई। कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। वैश्विक मांग को लेकर चिंताओं और विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों का असर इस क्षेत्र पर दिखाई दिया। इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। निवेशकों ने कई प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के कुछ शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, हालांकि चुनिंदा कंपनियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में व्यापक रूप से देखा जाए तो अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों का रुझान कमजोर दिखाई दिया। एशियाई बाजारों से मिले संकेत भी मिश्रित रहे। जापान के बाजार में मजबूती देखने को मिली, जबकि हांगकांग के बाजार में गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। इन मिश्रित संकेतों ने भी भारतीय बाजार को स्पष्ट दिशा देने में मदद नहीं की।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं अमेरिकी बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक प्रदर्शन किया था। डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए थे। इसके बावजूद भारतीय बाजार में घरेलू कारणों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर अधिक देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में घरेलू निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों पर भी बनी हुई है। निवेशकों को इस समय घबराने के बजाय संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अल्पकालिक घटनाएं अक्सर बाजार की दिशा को प्रभावित करती हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना और सोच-समझकर निवेश करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:17:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 757 अंक लुढ़का, निफ्टी भी फिसला</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार दबाव में, विदेशी निवेशकों की निकासी जारी भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए, जबकि आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/fall-in-stock-market-sensex-fell-by-757-points-nifty/article-51865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-22t161716.772.jpg" alt=""></a><br /><p>शेयर बाजार में 22 अप्रैल को कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। दिन के अंत में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 757 अंक गिरकर 78,516 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 199 अंक टूटकर 24,378 पर आ गया। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते देखी गई।</p>
<p>दिनभर के कारोबार में FMCG और मीडिया सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी जरूर देखने को मिली, लेकिन आईटी सेक्टर की कमजोरी ने पूरे बाजार पर दबाव बनाए रखा। निवेशकों ने इस दौरान सतर्क रुख अपनाया।</p>
<p>एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p>अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में कमजोरी रही थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों ही प्रमुख इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।</p>
<p>विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव का एक बड़ा कारण रही। मंगलवार को उन्होंने करीब 1,919 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे पहले भी लगातार बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे बाजार की धारणा कमजोर बनी हुई है।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता से निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।</p>
<p>तकनीकी स्तर पर निफ्टी के लिए 23,940 से 24,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर 24,400 से 24,650 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि जब तक बाजार इन स्तरों को पार नहीं करता, तब तक स्पष्ट तेजी या गिरावट का रुझान बनना मुश्किल है। फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ ट्रेडिंग करने की सलाह दी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:18:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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