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                <title>Exam Update - दैनिक जागरण</title>
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                <title>यूपीएससी ने जारी की सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 की आंसर-की, उम्मीदवारों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार अंतिम परिणाम से पहले जारी हुई आंसर-की, अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/upsc-released-the-answer-key-of-civil-services-prelims-2026/article-54401"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-answer-key-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की आंसर-की जारी कर दी है। आयोग ने पहली बार ऐसा कदम उठाया है, जब अंतिम परिणाम आने से पहले ही प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की सार्वजनिक की गई है। इस फैसले को परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आंसर-की जारी होने के बाद अब लाखों उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान कर परीक्षा में संभावित प्रदर्शन का अनुमान लगा सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी की ओर से सामान्य अध्ययन पेपर-1 और सामान्य अध्ययन पेपर-2 यानी सीसैट की आंसर-की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। आयोग ने इसे पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है, ताकि उम्मीदवार आसानी से डाउनलोड कर सकें। इसके साथ ही आयोग ने छात्रों को प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा भी दी है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया भविष्य में परीक्षा प्रणाली को और अधिक जवाबदेह बना सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार आयोग के फैसले ने अभ्यर्थियों के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी है। लंबे समय से उम्मीदवार मांग कर रहे थे कि प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की जल्दी जारी की जाए, ताकि वे अपने प्रदर्शन का सही आकलन कर सकें। पहले यूपीएससी अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही आंसर-की जारी करता था। ऐसे में उम्मीदवारों को काफी इंतजार करना पड़ता था और कई बार उन्हें यह समझने में मुश्किल होती थी कि किन सवालों में गलती हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब आयोग के इस कदम से उम्मीदवारों को तैयारी की रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी। जिन अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी है, वे अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगाकर आगे की योजना बना सकेंगे। वहीं जिन उम्मीदवारों को कटऑफ को लेकर संशय है, उन्हें भी स्थिति स्पष्ट करने में आसानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीएससी का यह फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली पर उम्मीदवारों का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही अगर किसी प्रश्न या उत्तर में त्रुटि होती है तो उसे समय रहते ठीक किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी ने उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा दी है। अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से संबंधित प्रश्नों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भेज सकते हैं। इसके लिए आयोग ने प्रक्रिया और दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि सभी आपत्तियों की विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अंतिम उत्तरों में संशोधन किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली थी। कई राज्यों में गर्मी और मौसम की चुनौती के बावजूद छात्र परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही सोशल मीडिया और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म पर संभावित कटऑफ और उत्तरों को लेकर चर्चा चल रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कोचिंग संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भी आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे छात्रों का मानसिक दबाव कम होगा और परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी दिखाई देगी। कई शिक्षकों का मानना है कि भविष्य में अन्य भर्ती एजेंसियां भी इसी तरह की व्यवस्था अपना सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयन के लिए परीक्षा देते हैं। प्रारंभिक परीक्षा इस चयन प्रक्रिया का पहला चरण होती है, जिसके बाद मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित किए जाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उम्मीदवारों के बीच इस बार कटऑफ को लेकर भी काफी चर्चा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य अध्ययन पेपर-1 का स्तर मध्यम से कठिन रहा, जबकि सीसैट में गणित और तार्किक प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को चुनौती दी। हालांकि वास्तविक स्थिति अब आंसर-की जारी होने के बाद ज्यादा स्पष्ट होने लगी है। सोशल मीडिया पर भी कई अभ्यर्थियों ने आयोग के इस फैसले की सराहना की है। छात्रों का कहना है कि इससे उन्हें तैयारी में दिशा मिलेगी और परिणाम का इंतजार करते समय अनिश्चितता कम होगी। कई उम्मीदवारों ने इसे छात्र हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि उम्मीदवार केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आंसर-की डाउनलोड करें और किसी भ्रामक जानकारी से बचें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम परिणाम और कटऑफ बाद में अलग से जारी किए जाएंगे। अब अभ्यर्थियों की नजर अगले चरण यानी मुख्य परीक्षा की तैयारी और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई है। वहीं शिक्षा जगत में यूपीएससी का यह कदम आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं के ढांचे में बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:47:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>UPSC  परीक्षा  होते ही जारी हो जाएंगी आंसर-की जारी, छात्रों को क्या मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[UPSC CSE 2026 में नया नियम लागू, परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी होगी। जानें आपत्ति प्रक्रिया और छात्रों को क्या फायदा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/answer-key-will-be-released-as-soon-as-upsc-exam/article-53780"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/upsc-cse-answer-key-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPSC CSE Answer Key <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 के बारे में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संघ लोक सेवा आयोग ने आखिरकार एक लंबे समय से चल रही मांग को मान लिया है। अब सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ. अजय कुमार ने इसे एक नई शुरुआत बताया है और कहा है कि इससे उम्मीदवारों के साथ संवाद और अधिक स्पष्टता के साथ किया जा सकेगा। पहले आंसर-की परीक्षा और रिजल्ट के काफी समय बाद जारी होती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों को अपनी उत्तर कुंजी की जांच करने और किसी भी गलती पर आपत्ति दर्ज कराने का बहुत ही सीमित मौका मिलता था। कई उम्मीदवार लंबे समय से इस प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब आयोग ने उसी दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस नए नियम के तहत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों को प्रोविजनल आंसर-की देखने का मौका मिलेगा और वे उस पर अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए आयोग ने 31 मई की शाम 6 बजे तक आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करने की एक समय सीमा निर्धारित की है। यह प्रक्रिया </span>UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">की आधिकारिक वेबसाइट </span>upsconline.nic.in <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मौजूद </span>‘Online Question Paper Representation Portal (QPRep)’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के माध्यम से की जाएगी। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना होगा कि आपत्ति दर्ज करने के लिए केवल दावा करना ही काफी नहीं होगा</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें अपने दावे के समर्थन में ठोस और प्रमाणिक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोत या समर्थन प्राप्त प्रूफ अपलोड करना अनिवार्य होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि किसी भी उत्तर पर निष्पक्षता से पुनर्विचार किया जा सके। इसके बाद एक्सपर्ट्स की एक टीम सभी आपत्तियों की गहराई से समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर आंसर-की में संशोधन भी किया जाएगा। अंतिम आंसर-की तभी जारी की जाएगी जब सभी आपत्तियों की विस्तृत समीक्षा पूरी हो जाएगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बदलाव का सीधा असर छात्रों की तैयारी और मानसिक स्थिति पर पड़ेगा। पहले</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां छात्रों को रिजल्ट आने तक यह पता नहीं चलता था कि उनके प्रदर्शन का क्या हाल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब परीक्षा के तुरंत बाद एक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी। खासकर उन छात्रों के लिए यह अच्छा होगा जो कट-ऑफ के आसपास होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि हर अंक उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। अब वे जल्दी समझ सकेंगे कि उन्हें मेंस परीक्षा की तैयारी तेज करनी है या फिर फिर से प्रीलिम्स पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रतियोगी छात्रों की रणनीति बनाने में भी मदद करेगा। इससे अनिश्चितता की स्थिति कम होगी और तैयारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। कुल मिलाकर</span>, UPSC <span lang="hi" xml:lang="hi">का यह निर्णय परीक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लाखों उम्मीदवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:16:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>21 जून को फिर होगी NEET परीक्षा, पेपर लीक के बाद NTA ने घोषित की नई तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[NTA ने NEET UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित कर दी है। पेपर लीक विवाद के बाद अब 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-exam-will-be-held-again-on-june-21-after/article-53384"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-15t095913.103.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>NEET Re-Exam 2026 Date:</strong> नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख आखिरकार आ गई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने बताया है कि अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को फिर से आयोजित की जाएगी। देशभर के लाखों छात्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। तीन मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते केंद्र सरकार और एजेंसी पर काफी दबाव बढ़ गया था। अब परीक्षा रद्द होने के बाद इसे नए सिरे से कराने का निर्णय लिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गुरुवार शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा पर लंबी चर्चा की गई। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ </span>NTA, CBSE, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के अधिकारी भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरान परीक्षा केंद्रों की निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रश्नपत्र की सुरक्षा और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे कई मुद्दों पर बात की गई। हाल के दिनों में पेपर लीक के मामलों में बढ़ोतरी के बाद सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। इसलिए इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त करने की तैयारी की जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा था कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ। करीब 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और उनमें से कई अब दोबारा तैयारी में जुट गए हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि अचानक री-एग्जाम का दबाव मानसिक रूप से काफी भारी पड़ रहा है। वहीं कई अभिभावकों ने सुझाव दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर इस बार अधिक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि फिर कोई गड़बड़ी न हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसियां भी सक्रिय हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने गुरुवार को पांच लोगों को हिरासत में लिया है और दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कहीं </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। अधिकारियों के अनुसार कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि पेपर लीक नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें विभिन्न स्तरों पर लोगों की संभावित संलिप्तता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">जल्द ही री-एग्जाम के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन और एडमिट कार्ड की जानकारी जारी कर सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। शिक्षा मंत्रालय ने भी संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया के लिए निगरानी पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 10:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET-UG पेपरलीक केस: सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला, याचिका में की गई NTA को हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG पेपरलीक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। याचिका में NTA हटाने, नई संस्था बनाने और CBI जांच की मांग की गई है। परीक्षा दोबारा कराने पर जोर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-ug-paperleak-case-reaches-supreme-court-demand-for-removal-of/article-53255"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t122822.604.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक का मामला अब देश की सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में परीक्षा कराने वाली संस्था</span>, National Testing Agency (NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">को हटाने की मांग की गई है और इसके स्थान पर एक नई स्वतंत्र संस्था बनाने का अनुरोध किया गया है। यह याचिका </span>Federation of All India Medical Association (FAIMA) <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा प्रस्तुत की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पूरे परीक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर पहले से ही पूरे देश में विवाद और छात्रों में असंतोष देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">याचिका में स्पष्ट कहा गया है कि केवल जांच या छोटे सुधार पर्याप्त नहीं हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को बदलने की आवश्यकता है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">को या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए या इसमें व्यापक स्तर पर संरचनात्मक परिवर्तन किए जाने चाहिए। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक नई हाई-टेक और स्वतंत्र परीक्षा संस्था बनाने का सुझाव दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे राष्ट्रीय परीक्षा अखंडता आयोग (</span>NEIC) <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम दिया जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक यह नई संस्था स्थापित नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक परीक्षा की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जानी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज हों। इस समिति में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और फॉरेंसिक वैज्ञानिकों को शामिल करने की भी मांग की गई है ताकि पेपर की सुरक्षा और तकनीकी जांच को मजबूत किया जा सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">याचिका में </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 परीक्षा को फिर से कराने की अपील भी की गई है। ये कहा गया है कि पुनः परीक्षा कराने की प्रक्रिया कोर्ट की नजर में होनी चाहिए और प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल लॉक सिस्टम को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक जैसी घटनाओं से बचने के लिए पूरी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित यानी </span>CBT <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि पेपर की आवाजाही को खत्म किया जा सके और लीक का जोखिम कम हो सके। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और इन्हें केवल तकनीकी सुधारों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे ढांचे को बदलकर ही ठीक किया जा सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह विवाद तब और बढ़ गया जब राजस्थान में पेपर लीक की शिकायतों के बाद परीक्षा को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">को सौंप दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ स्थानों पर पेपर प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पूरे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में शामिल किए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मामला और गंभीर बन गया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा में इस बार करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पेपर लीक की खबर ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के बाद अब सभी की नजरें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और परीक्षा एजेंसियों की तरफ से स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस और नाराजगी साफ नजर आ रही है। अगले दिनों में यह मामला और बड़ा हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें सिस्टम सुधार और परीक्षा फिर से कराने की मांग सीधे तौर पर रखी गई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 12:31:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी: 10वीं में 90.42% पास</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 upmsp.edu.in पर घोषित, 12वीं में 80.38% छात्र सफललाखों छात्रों का इंतजार खत्म हुआ।यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/up-board-result-2026-released-9042-passed-in-10th/article-51940"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/up-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद</span></span> ने गुरुवार शाम यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया। इस बार 10वीं और 12वीं के नतीजे एक साथ जारी किए गए, जिसका इंतजार करीब 55 लाख छात्रों को था। बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभापति डॉ. महेंद्र देव और सचिव भगवती सिंह ने परिणाम जारी किए। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।</p>
<p>इस वर्ष हाईस्कूल (10वीं) का पास प्रतिशत 90.42% रहा, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) में 80.38% छात्र सफल हुए। बोर्ड ने परीक्षा समाप्त होने के बाद रिकॉर्ड समय में मूल्यांकन पूरा कर परिणाम घोषित किया है।</p>
<p><strong>बेहतर प्रदर्शन </strong><br />आंकड़ों के अनुसार, इस बार भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 93.76% और छात्रों का 87.30% रहा। वहीं 12वीं में छात्राओं का 86.32% और छात्रों का 75.04% परिणाम दर्ज किया गया।रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईस्कूल परीक्षा में कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने संयुक्त रूप से टॉप किया है।</p>
<p><strong>परीक्षा और तकनीकी बदलाव</strong><br />इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। कुल 53 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से करीब 2.87 लाख छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए।</p>
<p>बोर्ड ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई तकनीकी उपाय लागू किए। 10वीं की OMR शीट्स का मूल्यांकन हाई-स्पीड स्कैनर से किया गया, जिससे त्रुटि की संभावना लगभग खत्म हो गई। साथ ही, डिजिटल मार्कशीट में QR कोड जोड़ा गया है, जिससे सत्यापन आसान होगा।</p>
<p><strong>रिजल्ट से जुड़ी अहम बातें</strong><br />छात्रों को सलाह दी गई है कि वे रिजल्ट चेक करते समय नाम, रोल नंबर और अंक ध्यान से मिलाएं। ऑनलाइन जारी मार्कशीट अस्थायी होगी, जबकि मूल प्रमाणपत्र 15–20 दिनों में स्कूलों में उपलब्ध कराया जाएगा।अगर किसी छात्र को अपने अंकों में संदेह है, तो वे 24 घंटे के भीतर स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p><strong>क्या है असर</strong><br />शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेहतर पास प्रतिशत सख्त परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली का परिणाम है। इससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है।अच्छे अंक लाने वाले छात्रों के लिए अब उच्च शिक्षा और स्कॉलरशिप के अवसर भी खुलेंगे। कई विश्वविद्यालय जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं।</p>
<p>12वीं पास छात्र अब अपने करियर विकल्पों को लेकर निर्णय लेने की तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि छात्र अपनी रुचि के अनुसार कोर्स और कॉलेज का चयन करें और जल्दबाजी में फैसला न लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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