<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/it-sector/tag-11048" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>it sector - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/11048/rss</link>
                <description>it sector RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[टीसीएस के बेहतर तिमाही नतीजों से बाजार को मिला सहारा, निफ्टी 24,150 के पार पहुंचा; एशियाई बाजारों की तेजी और निवेशकों की खरीदारी से बढ़ा उत्साह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/strong-surge-in-stock-market-sensex-rises-700-points-strong/article-58361"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tcs-q1-results.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत कर दिया। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 700 अंकों की बढ़त के साथ 77,500 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी लगभग 200 अंक चढ़कर 24,150 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा। बड़ी कंपनियों के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। खासतौर पर आईटी कंपनियों ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के बेहतर तिमाही नतीजों के बाद उसके शेयरों में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर दिखाई दिया और अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">टीसीएस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कंपनी की आय भी सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये दर्ज की गई। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के साथ कंपनी ने प्रति शेयर 12 रुपये के अंतरिम लाभांश (डिविडेंड) की भी घोषणा की है। इस घोषणा ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया तथा शेयर में तेजी देखने को मिली। हालांकि पिछले छह महीनों में टीसीएस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी और एक वर्ष के दौरान भी इसमें उल्लेखनीय कमजोरी रही, लेकिन ताजा नतीजों के बाद निवेशकों ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाली तिमाहियों में भी कंपनी इसी तरह का प्रदर्शन बनाए रखती है तो आईटी सेक्टर में निवेशकों का विश्वास और बढ़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आईटी के अलावा मेटल सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर धातुओं की मांग में सुधार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक संकेतों के कारण इस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी रही। स्टील और धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में निवेशकों ने सक्रिय रुचि दिखाई, जिससे बाजार को अतिरिक्त मजबूती मिली। घरेलू बाजार को विदेशी संकेतों का भी समर्थन मिला। एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को अच्छी बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक चार प्रतिशत से अधिक उछला, जबकि जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। एशियाई बाजारों में इस सकारात्मक माहौल का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजारों से भी अच्छे संकेत मिले। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए थे। विशेष रूप से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी ने वैश्विक निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया, जिसका असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने पिछले कारोबारी सत्र में करीब 533 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी कर बाजार को संतुलन प्रदान किया। पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति, कंपनियों के बेहतर वित्तीय नतीजे और वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेत फिलहाल भारतीय बाजार को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि निवेशकों को आने वाले दिनों में महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी नजर बनाए रखनी होगी क्योंकि इनका असर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहेगा। कॉरपोरेट आय के मौजूदा सीजन में यदि बड़ी कंपनियां उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश करती हैं तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की वापसी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं में कमी भी बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/strong-surge-in-stock-market-sensex-rises-700-points-strong/article-58361</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/strong-surge-in-stock-market-sensex-rises-700-points-strong/article-58361</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:56:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/tcs-q1-results.jpg"                         length="159772"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Persistent Systems के शेयर 8% गिरे, Nagarro डील से मचा बाजार में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मन कंपनी Nagarro SE के 1.4 अरब यूरो अधिग्रहण के ऐलान के बाद ब्रोकरेज हुए बंटे, मिडकैप इंडेक्स में सबसे बड़ा नुकसान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/shares-of-persistent-systems-fell-8-nagarro-deal-created-panic/article-57280"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/persistent-systems.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">Persistent Systems के शेयरों में सोमवार, 29 जून को अचानक तेज गिरावट देखने को मिली जब कंपनी के जर्मनी स्थित डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Nagarro SE के अधिग्रहण की घोषणा ने बाजार में हलचल मचा दी। शुरुआती कारोबार में ही स्टॉक करीब 8.2 प्रतिशत तक टूट गया और यह BSE मिडकैप इंडेक्स का सबसे बड़ा गिरने वाला शेयर बन गया। कारोबार के दौरान शेयर लगभग 4,445 रुपये तक फिसल गया, जिससे निवेशकों में अचानक घबराहट का माहौल बन गया। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने 1.4 अरब यूरो की बड़ी डील के तहत Nagarro SE के अधिग्रहण की योजना का ऐलान किया। यह डील Persistent Systems की सहायक कंपनी Galaxy Germany Holding के जरिए की जा रही है, जिसमें Nagarro के सभी बचे हुए शेयरों को 81 यूरो प्रति शेयर नकद में खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है। बताया जा रहा है कि यह ऑफर कंपनी के 25 जून के अनडिस्टर्ब्ड क्लोजिंग प्राइस पर लगभग 140 प्रतिशत का प्रीमियम दर्शाता है, लेकिन इसके बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><img alt="2Q=="></img></p>
<p style="text-align:justify;">कुछ ब्रोकरेज इसे Persistent के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक कदम मान रहे हैं, जिससे कंपनी की ग्लोबल डिजिटल इंजीनियरिंग क्षमता मजबूत हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ कुछ विश्लेषक इस डील को महंगा और जोखिम भरा बता रहे हैं, खासकर तब जब कंपनी पर पहले से ही ग्रोथ और मार्जिन प्रेशर बना हुआ है। शुरुआती प्रतिक्रिया में निवेशकों ने इस सौदे को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी विदेशी अधिग्रहण डील के चलते कंपनी की बैलेंस शीट और कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर निकट भविष्य में शेयर प्रदर्शन पर भी देखने को मिल सकता है। कुछ बाजार जानकारों का कहना है कि यह डील भले ही रणनीतिक रूप से सही दिशा में हो, लेकिन इसकी कीमत और इंटीग्रेशन रिस्क निवेशकों को परेशान कर रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले एक साल में भी Persistent Systems का प्रदर्शन कमजोर रहा है। स्टॉक पहले ही करीब 26.3 प्रतिशत तक गिर चुका है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में लगभग 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में ताजा गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। विदेशी अधिग्रहणों में अक्सर इंटीग्रेशन, कल्चर और ऑपरेशनल चुनौतियां सामने आती हैं, और यही वजह है कि कई निवेशक इस डील को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिख रहे हैं। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक यह स्पष्ट किया गया है कि यह अधिग्रहण उनके ग्लोबल विस्तार और क्लाइंट बेस बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/shares-of-persistent-systems-fell-8-nagarro-deal-created-panic/article-57280</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/shares-of-persistent-systems-fell-8-nagarro-deal-created-panic/article-57280</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:35:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/persistent-systems.jpg"                         length="216187"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 350 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,900 के पार, FMCG और IT शेयरों में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में मजबूती का रुख, वोलैटिलिटी घटी, मेटल शेयरों की कमजोरी ने बढ़त को सीमित किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-350-points-nifty-crosses-23900-rise-in-fmcg/article-56048"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार सुबह कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ देखने को मिली और जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार में सकारात्मक रुझान और साफ होता गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 354.54 अंक की बढ़त के साथ 76,618.87 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 84.80 अंक चढ़कर 23,938.70 के आसपास पहुंच गया। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से FMCG, आईटी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी के चलते देखने को मिली। वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता को मापने वाला India VIX भी 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर लगभग 13.6 के स्तर पर आ गया, जिससे निवेशकों के बीच जोखिम लेने की भावना थोड़ी मजबूत होती दिखी। कुल मिलाकर बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही, जहां लगभग 2,030 शेयरों में बढ़त और 1,604 में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती संकेतों से ही यह साफ था कि बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है, हालांकि मेटल सेक्टर की कमजोरी ने इस तेजी को पूरी तरह खुलकर आगे नहीं बढ़ने दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के कारोबार में कुछ खास शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। खासतौर पर Sonata Software में जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां शेयर करीब 14.80 प्रतिशत उछलकर 299.05 रुपये के आसपास पहुंच गया। इस शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी सामान्य से कई गुना ज्यादा रहा, जिससे यह साफ संकेत मिला कि इसमें अचानक भारी खरीदारी आई है। वहीं दूसरी ओर मेटल सेक्टर में कमजोरी का दबाव साफ नजर आया। Hindalco Industries निफ्टी के लिए सबसे बड़ा दबाव बनाने वाले शेयरों में रहा, जबकि JSW Steel और Tata Steel जैसे दिग्गज स्टॉक्स भी गिरावट में रहे। इसी तरह NALCO में भी तेज गिरावट देखी गई और यह मिडकैप इंडेक्स का सबसे बड़ा लूज़र बनकर उभरा, जहां यह 5 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा Ola Electric, Paytm और Kalyan Jewellers जैसे शेयरों में भी कमजोरी देखी गई, जिससे मिडकैप स्पेस में मिला-जुला रुख बना रहा। हालांकि दूसरी तरफ Suzlon Energy ने 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज कर निवेशकों को आकर्षित किया, वहीं Schaeffler India और Kaynes Technology जैसे शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। बाजार के कुल रुझान की बात करें तो फिलहाल निवेशकों का मूड सतर्क लेकिन सकारात्मक बना हुआ है। FMCG और IT जैसे डिफेंसिव और ग्रोथ सेक्टर में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ग्लोबल संकेतों और सेक्टरल दबाव के चलते कुछ हिस्सों में मुनाफावसूली भी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वोलैटिलिटी में आई गिरावट से निकट भविष्य में बाजार में स्थिरता बढ़ सकती है, लेकिन मेटल और बैंकिंग सेक्टर की चाल आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। SBI और Axis Bank जैसे बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में कमजोरी ने भी इंडेक्स की बढ़त को सीमित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-350-points-nifty-crosses-23900-rise-in-fmcg/article-56048</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-350-points-nifty-crosses-23900-rise-in-fmcg/article-56048</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:58:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/sensex-today-%283%29.jpg"                         length="181296"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में लुढ़के, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-falls-due-to-us-iran-tension-and-crude-oil/article-55589"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-india-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 11 जून 2026 को शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आया, जब वैश्विक बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला। सुबह के सत्र में बीएसई सेंसेक्स 358.54 अंक गिरकर 73,624.64 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 117 अंक टूटकर 23,098.30 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में यह गिरावट लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल आर्थिक संकेतों की कमजोरी के कारण देखने को मिली।</p>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है। बुधवार को ही FIIs ने करीब 2,124 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेच दी थी, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। अमेरिका की तरफ से ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे कच्चे तेल के बाजार में तेजी देखी गई है और ब्रेंट क्रूड 1.70 प्रतिशत बढ़कर 94.68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।</p>
<p>शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra, TCS, Eternal और Trent जैसे प्रमुख शेयर गिरावट में रहे। वहीं दूसरी ओर कुछ बैंकिंग और एविएशन स्टॉक्स में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिनमें ICICI Bank, Bharti Airtel और InterGlobe Aviation शामिल रहे। वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का कमजोर रुख देखा गया। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सभी में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार पहले ही बुधवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डॉव जोंस 950 अंकों से ज्यादा गिर गया था।</p>
<p>भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई का मिश्रित असर निवेशकों के मूड को प्रभावित कर रहा है। अमेरिकी महंगाई दर में बढ़ोतरी ने यह संकेत दिया है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे वैश्विक निवेश प्रवाह प्रभावित हो रहा है। भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। इससे न केवल महंगाई बढ़ने का खतरा है, बल्कि रुपये पर दबाव, कंपनियों के मुनाफे में गिरावट और राजकोषीय घाटे पर भी असर पड़ सकता है।</p>
<p>बुधवार को बाजार ने अंत में कुछ रिकवरी दिखाई थी और सेंसेक्स 64 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार की शुरुआत ने फिर से निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे बाजार की अनिश्चितता साफ दिखाई देती है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। खासकर तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-falls-due-to-us-iran-tension-and-crude-oil/article-55589</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-falls-due-to-us-iran-tension-and-crude-oil/article-55589</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 11:51:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/stock-market-india-%281%29.jpg"                         length="155131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 23,898 पर; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव और IT सेक्टर की कमजोरी, निवेशकों में सतर्कता शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-fell-by-1000-points-nifty-closed-at-23898-heavy/article-52030"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-24t163121.009.jpg" alt=""></a><br /><p>आज 24 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">BSE Sensex</span></span> 1000 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664 पर बंद हुआ, जबकि <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Nifty 50</span></span> 275 अंक फिसलकर 23,898 के स्तर पर आ गया। दिनभर के कारोबार में खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार का मूड खराब कर दिया।</p>
<p>इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की कमजोर धारणा मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।</p>
<h5><strong>आईटी शेयरों में दबाव</strong></h5>
<p>आईटी सेक्टर में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।इसका सबसे बड़ा उदाहरण <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Infosys</span></span> रहा, जिसका शेयर करीब 7% गिरकर 1,155 रुपए पर बंद हुआ।हालांकि कंपनी के तिमाही नतीजे बेहतर रहे और मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ा, लेकिन निवेशकों ने भविष्य की ग्रोथ को लेकर सतर्क रुख अपनाया। आईटी कंपनियों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता के कारण भी यह दबाव बढ़ा है।</p>
<h5><strong>वैश्विक संकेत कमजोर</strong></h5>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।<span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Donald Trump</span></span> द्वारा सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है।ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को कब्जे में लेने और अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों ने निवेशकों को चिंतित किया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।</p>
<h5><strong>विदेशी निवेशकों की बिकवाली</strong></h5>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। 23 अप्रैल को ही उन्होंने करीब 3,200 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।इस महीने अब तक विदेशी निवेशक लगभग 47 हजार करोड़ रुपए की निकासी कर चुके हैं, जिससे बाजार में तरलता पर असर पड़ा है। हालांकि घरेलू निवेशकों (DII) ने कुछ हद तक खरीदारी कर संतुलन बनाने की कोशिश की।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों की दिशा तय करेंगे।</p>
<p>निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और बाजार की स्थिति स्पष्ट होने तक सतर्क रणनीति अपनाएं। सेंसेक्स गिरावट के मौजूदा दौर में चुनिंदा सेक्टरों में ही निवेश के अवसर तलाशना बेहतर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-fell-by-1000-points-nifty-closed-at-23898-heavy/article-52030</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-fell-by-1000-points-nifty-closed-at-23898-heavy/article-52030</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:32:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/business---2026-04-24t163121.009.jpg"                         length="200565"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tech Layoffs 2026: Microsoft और Meta के फैसलों से 23 हजार नौकरियां खतरे में</title>
                                    <description><![CDATA[Tech Layoffs 2026 के बीच AI निवेश बढ़ाने और खर्च घटाने के लिए कंपनियों के बड़े कदम, छंटनी और बायआउट की तैयारी टेक सेक्टर में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बनता दिख रहा है। AI की दौड़ में कंपनियां अपने खर्च और कर्मचारियों की संरचना बदल रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/tech-layoffs-2026-23-thousand-jobs-are-in-danger-due/article-51981"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-24t112847.152.jpg" alt=""></a><br /><p>Tech Layoffs 2026 के तहत दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Meta Platforms</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Microsoft</span></span> बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में हैं, जिसका सीधा असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों कंपनियों के फैसलों से करीब 23,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश और ऑपरेशनल लागत कम करने की रणनीति के चलते ये कदम उठाए जा रहे हैं। जहां Meta बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना बना रही है, वहीं Microsoft कर्मचारियों को स्वैच्छिक बायआउट ऑफर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले समय में पूरे टेक सेक्टर में दिख सकता है।</p>
<p><strong>छंटनी की योजना</strong><br />Meta Platforms ने अपने कर्मचारियों को भेजे एक इंटरनल मेमो में संकेत दिया है कि कंपनी करीब 10% वर्कफोर्स में कटौती कर सकती है।इसका मतलब लगभग 8,000 कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ सकता है।सूत्रों के मुताबिक, कंपनी करीब 6,000 खाली पदों को भी नहीं भरेगी, जिससे कुल प्रभाव और बढ़ेगा।</p>
<p><strong>Microsoft का बायआउट</strong><br />Microsoft ने अपने अमेरिकी कर्मचारियों के लिए बड़े पैमाने पर वॉलंटरी बायआउट प्रोग्राम शुरू किया है। करीब 7% कर्मचारी इस ऑफर के दायरे में आ सकते हैं, जो लगभग 8,750 लोगों के बराबर है।कंपनी का यह कदम लागत नियंत्रण और संगठन को अधिक कुशल बनाने की दिशा में उठाया गया है।</p>
<p><strong>AI निवेश का दबाव</strong><br />दोनों कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं।Microsoft दुनिया के कई हिस्सों में नए डेटा सेंटर स्थापित कर रही है, जबकि Meta भी AI प्रोजेक्ट्स में अरबों डॉलर खर्च करने की योजना बना चुकी है।</p>
<p>टेक इंडस्ट्री में अब कंपनियां कम लागत में ज्यादा दक्षता हासिल करने पर ध्यान दे रही हैं।अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमेशन और AI के बढ़ते उपयोग से कई पारंपरिक भूमिकाओं की जरूरत कम हो रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/tech-layoffs-2026-23-thousand-jobs-are-in-danger-due/article-51981</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/tech-layoffs-2026-23-thousand-jobs-are-in-danger-due/article-51981</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/business---2026-04-24t112847.152.jpg"                         length="209583"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंफोसिस Q4 रिजल्ट: मुनाफा 21% बढ़कर 8,501 करोड़, 25 डिविडेंड का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[Infosys Results: रेवेन्यू में 13% बढ़ोतरी, FY27 के लिए गाइडेंस बढ़ाया आईटी सेक्टर से बड़ी खबर—मजबूत तिमाही प्रदर्शन के साथ निवेशकों को लाभांश का तोहफा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/infosys-q4-result-profit-21-increased-to-%E2%82%B98501-crore-%E2%82%B925/article-51962"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/infosys-q4-results-2026.jpg" alt=""></a><br /><p>आईटी कंपनी इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹7,033 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू भी लगभग 13% बढ़कर ₹46,402 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी का यह प्रदर्शन वैश्विक आईटी सेवाओं की मांग और बड़े क्लाइंट्स से मिले ऑर्डर्स का परिणाम माना जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, बेहतर नतीजों को देखते हुए कंपनी ने अपने निवेशकों को ₹25 प्रति शेयर डिविडेंड देने का फैसला किया है। इससे शेयरधारकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।</p>
<h5><span><strong>राजस्व और गाइडेंस में सुधार</strong></span></h5>
<p>कंपनी ने अपने आगामी वित्त वर्ष FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को 1.5% से बढ़ाकर 3.5% कर दिया है। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स और ऑर्डर्स मिलने की संभावना बढ़ रही है।रिपोर्ट्स के अनुसार, डिजिटल सेवाओं और क्लाउड आधारित समाधान की मांग में तेजी इस वृद्धि का प्रमुख कारण रही है।</p>
<h5><span><strong>कर्मचारी और एट्रीशन डेटा</strong></span></h5>
<p>मार्च तिमाही में कंपनी का एट्रीशन रेट घटकर 12.6% पर आ गया है, जो पिछले साल 14.1% था। हालांकि तिमाही आधार पर इसमें हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई और करीब 8,440 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी।कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या फिलहाल 3,28,594 है, जो पिछली तिमाही की तुलना में कुछ कम हुई है।</p>
<h5><span><strong>भर्ती और विस्तार योजना</strong></span></h5>
<p>इंफोसिस ने आने वाले वित्त वर्ष में 20,000 फ्रेशर्स को भर्ती करने की योजना बनाई है। यह कदम कंपनी के विस्तार और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।सूत्रों के मुताबिक, नई भर्तियां मुख्य रूप से डिजिटल और उभरती तकनीकों के क्षेत्रों में की जाएंगी।</p>
<h5><span><strong>शेयर प्रदर्शन</strong></span></h5>
<p>तिमाही नतीजों से पहले कंपनी के शेयर में गिरावट देखी गई। शेयर करीब 3% गिरकर ₹1,231.80 पर बंद हुआ।पिछले छह महीनों में शेयर में लगभग 20% और इस साल अब तक करीब 25% की गिरावट दर्ज की गई है। एक साल के दौरान भी शेयर करीब 16% नीचे रहा है।</p>
<p>इंफोसिस की स्थापना 1981 में नारायण मूर्ति ने की थी। कंपनी आज वैश्विक स्तर पर आईटी सेवाएं और कंसल्टिंग प्रदान करती है और कई देशों में इसका संचालन है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद बाजार की अस्थिरता का असर शेयर पर बना रह सकता है। हालांकि, बढ़ता रेवेन्यू गाइडेंस और भर्ती योजना कंपनी के दीर्घकालिक विकास की ओर संकेत करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/infosys-q4-result-profit-21-increased-to-%E2%82%B98501-crore-%E2%82%B925/article-51962</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/infosys-q4-result-profit-21-increased-to-%E2%82%B98501-crore-%E2%82%B925/article-51962</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:53:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/infosys-q4-results-2026.jpg"                         length="181021"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        