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                <title>Canal Accident - दैनिक जागरण</title>
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                <title>सिलपरा डैम में दो लापता लोगों का सुराग नहीं, परिजनों का चक्का जाम</title>
                                    <description><![CDATA[18 मई से लापता युवक और 3 जून को डूबे सेना के जवान की तलाश जारी, वाराणसी से पहुंची एनडीआरएफ टीम; परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/there-is-no-trace-of-two-missing-people-in-silpara/article-55274"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/silpara-dam-rewa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रीवा जिले के सिलपरा डैम और उससे जुड़ी नहर क्षेत्र में दो लोगों के लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। कई दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद न तो 18 मई से लापता युवक अरुण कुमार विश्वकर्मा का कोई पता चल पाया है और न ही 3 जून को डैम में डूबे सेना के जवान गौरव द्विवेदी का सुराग मिला है। दोनों मामलों में लगातार असफल हो रहे खोज अभियान को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रविवार को इसी नाराजगी ने विरोध प्रदर्शन का रूप ले लिया, जब बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार अरुण कुमार विश्वकर्मा 18 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। घटना के लगभग तीन दिन बाद बिछिया थाना पुलिस को सिलपरा नहर के किनारे उनकी बाइक और चप्पल लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद आशंका जताई गई कि वह नहर में गिर गए होंगे या किसी हादसे का शिकार हुए होंगे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया। पिछले कई दिनों से नहर के अलग-अलग हिस्सों में लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।</p>
<p style="text-align:justify;">खोज अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नहर का पानी भी दो बार बंद कराया गया। अधिकारियों को उम्मीद थी कि पानी का बहाव कम होने के बाद तलाशी अभियान आसान हो जाएगा और किसी तरह का सुराग मिल सकता है। हालांकि इतनी मशक्कत के बावजूद न तो युवक का कोई पता चला और न ही कोई ऐसा सबूत मिला जिससे घटना की दिशा स्पष्ट हो सके। यही वजह है कि परिवार के लोग लगातार चिंता और अनिश्चितता के बीच समय गुजार रहे हैं। इसी बीच 3 जून को एक और घटना ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। बघवार गांव निवासी और भारतीय सेना में तैनात 28 वर्षीय जवान गौरव द्विवेदी सिलपरा डैम में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते लापता हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्हें बचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई दिनों तक डैम के विभिन्न हिस्सों में तलाश चलती रही, लेकिन जवान का भी कोई सुराग नहीं मिला। सेना के जवान के लापता होने से इलाके में चिंता और बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दो अलग-अलग घटनाओं में लगातार नाकामी मिलने के बाद परिजनों का धैर्य जवाब देने लगा। रविवार को दोनों परिवारों के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर एकत्र हुए और चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शुरुआती चरण में खोज अभियान उतनी गंभीरता से नहीं चलाया गया जितनी जरूरत थी। उनका कहना है कि यदि पहले दिन से ही पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ टीम लगाई जाती तो शायद अब तक कोई परिणाम सामने आ चुका होता। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन से जवाब मांगा और खोज अभियान में तेजी लाने की मांग की। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सिलपरा डैम और नहर क्षेत्र में पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कोई स्थायी कदम नहीं उठाए गए। लोगों ने डैम क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस योजना बनाने की मांग भी की। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा और मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन ने अब खोज अभियान को और मजबूत करने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने वाराणसी से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की विशेष टीम को रीवा बुलाया है। टीम के सदस्य आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं। एनडीआरएफ ने सिलपरा डैम और नहर क्षेत्र का प्रारंभिक निरीक्षण भी शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्नत तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से पानी के भीतर खोज अभियान को नई दिशा मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि दोनों मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।  परिजनों की चिंता अभी कम नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब तक उनके अपनों का पता नहीं चलता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:40:39 +0530</pubDate>
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                <title>जबलपुर नहर हादसा: रील्स बनाते समय 3 बच्चियों की मौत, एक लापता</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर नहर हादसा में रील्स बनाने के दौरान चार बच्चियां बह गईं, दो के शव मिले, एक की तलाश जारी सोशल मीडिया के ‘लाइक्स’ की होड़ एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। जबलपुर से आई यह खबर न सिर्फ दर्दनाक है, बल्कि चेतावनी भी देती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/jabalpur-canal-accident-3-girls-died-while-making-reels-one/article-51988"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(65).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में नहर में नहाने गई चार बच्चियों में से तीन तेज बहाव में बह गईं। इस जबलपुर नहर हादसा में करीब पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दो बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि एक अब भी लापता है। घटना के समय एक बच्ची किनारे से मोबाइल पर वीडियो बना रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि रील्स बनाने के दौरान यह हादसा हुआ।</p>
<p>घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ बच्चियां नहर में नहा रही थीं, जबकि उनकी एक सहेली किनारे खड़ी होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी। इसी दौरान चारों बच्चियां अचानक गहरे पानी में चली गईं और तेज बहाव में बहने लगीं। एक बच्ची को किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन बाकी तीन पानी में डूब गईं।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, मृत और लापता बच्चियों की पहचान 16 वर्षीय शीतल पटेल, 14 वर्षीय तनु पटेल और 14 वर्षीय सानिया पटेल के रूप में हुई है। ये सभी पास के गांवों से थीं और एक शादी समारोह में शामिल होने सालीवाड़ा आई थीं।</p>
<h5><strong>रेस्क्यू ऑपरेशन</strong></h5>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए बरगी बांध से पानी का बहाव भी रोका गया। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से चेन बनाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दो बच्चियों के शव बरामद किए गए, जबकि तीसरी की तलाश देर शाम तक जारी रही।</p>
<h5><strong>कैसे हुआ हादसा</strong></h5>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चियां नहर में नहाते समय अचानक गहराई में चली गईं। तेज बहाव के कारण वे खुद को संभाल नहीं पाईं। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, यहां तक कि एक महिला ने अपनी साड़ी का पल्लू भी फेंका, लेकिन प्रयास सफल नहीं हो सके। कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p>थाना प्रभारी नीलेश दोहरे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चियां नहाने के बाद फोटो और वीडियो बना रही थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय वे रील शूट कर रही थीं या नहीं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर, नदी या अन्य खतरनाक स्थानों पर सतर्कता बरतें और बच्चों को ऐसे जोखिम से दूर रखें। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।आगे भी सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि लापता बच्ची को जल्द खोज लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:11:51 +0530</pubDate>
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