<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/amit-shah/tag-11096" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Amit Shah - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/11096/rss</link>
                <description>Amit Shah RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नर्मदा जल विवाद पर तीन दशक बाद समझौता, मप्र का 7,669 करोड़ का दावा खारिज; अब गुजरात को देगा 550 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में चार राज्यों के बीच वन टाइम सेटलमेंट पर हस्ताक्षर, सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद का हुआ समाधान; केंद्र की मौजूदगी में बनी सहमति।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/agreement-on-narmada-water-dispute-after-three-decades-mps-claim/article-58146"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmada-water-dispute-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">करीब तीन दशक से सरदार सरोवर परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच चला आ रहा वित्तीय विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार की मध्यस्थता में चारों राज्यों के बीच वन टाइम सेटलमेंट पर सहमति बन गई। इस समझौते के साथ ही मध्यप्रदेश का गुजरात पर किया गया 7,669 करोड़ रुपये का दावा भी समाप्त हो गया। इसके उलट अब मध्यप्रदेश गुजरात को 550 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। इसी तरह महाराष्ट्र और राजस्थान भी गुजरात को 550-550 करोड़ रुपये देंगे। इस तरह गुजरात को तीनों भागीदार राज्यों से कुल 1,650 करोड़ रुपये मिलेंगे। लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान को नर्मदा परियोजना से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">समझौते पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। बैठक में परियोजना से जुड़े वित्तीय दावों और लागत के बंटवारे पर विस्तृत चर्चा के बाद सभी राज्यों ने सहमति जताई। केंद्र सरकार का कहना है कि इस समझौते से वर्षों से लंबित वित्तीय विवाद का स्थायी समाधान निकल गया है और भविष्य में परियोजना से जुड़े मामलों में समन्वय बेहतर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरदार सरोवर बांध नर्मदा नदी पर बनी देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना का निर्माण गुजरात में हुआ और इसका संचालन भी गुजरात सरकार के नियंत्रण में है। हालांकि बांध बनने से सबसे अधिक भूमि मध्यप्रदेश की जलमग्न हुई। परियोजना के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि, वन क्षेत्र, सरकारी संपत्तियां और बड़ी संख्या में गांव प्रभावित हुए। मध्यप्रदेश का लगातार कहना था कि उसकी सबसे अधिक जमीन डूब क्षेत्र में आने के कारण उसे उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसी आधार पर राज्य सरकार ने गुजरात पर 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था। इसमें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, वन भूमि, सरकारी परिसंपत्तियों और अन्य मदों का खर्च शामिल किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर गुजरात का तर्क था कि सरदार सरोवर परियोजना की लागत समय के साथ काफी बढ़ गई थी और निर्माण में आए अतिरिक्त खर्च में भागीदार राज्यों को भी हिस्सा देना चाहिए। गुजरात ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान पर कुल 7,974.86 करोड़ रुपये की वसूली का दावा किया था। इसमें सबसे अधिक 5,516.50 करोड़ रुपये का दावा मध्यप्रदेश पर किया गया था। महाराष्ट्र पर 1,883.84 करोड़ और राजस्थान पर 574.52 करोड़ रुपये का दावा किया गया था। इसी मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच वर्षों तक सहमति नहीं बन सकी और मामला लगातार लंबित रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मध्यप्रदेश का कहना था कि सरदार सरोवर परियोजना के कारण राज्य की लगभग 55.5 प्रतिशत भूमि जलमग्न हुई। डूब क्षेत्र में बड़ी संख्या में वन, खेती की जमीन और कुल 178 गांव शामिल थे। बाद में वर्ष 2014 में बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाने के निर्णय के बाद अतिरिक्त पांच हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि भी जलमग्न हो गई। इससे प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 192 तक पहुंच गई। राज्य सरकार ने वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून और उस समय के बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजे की राशि का संशोधित आकलन तैयार किया और गुजरात पर 7,669 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया। दूसरी ओर गुजरात पुरानी दरों के आधार पर केवल 281 करोड़ रुपये देने की बात कहता रहा। इसी अंतर के कारण विवाद लगातार गहराता गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">महाराष्ट्र ने भी अपने नंदुरबार जिले में डूबी वन भूमि, सरकारी परिसंपत्तियों और अन्य मदों के आधार पर गुजरात से लगभग 3,000 करोड़ रुपये की मांग की थी। वहीं राजस्थान का कहना था कि उसने परियोजना में 556 करोड़ रुपये की लागत साझेदारी की थी और वह पूरे खर्च के ऑडिट तथा वित्तीय समायोजन की मांग कर रहा था। चारों राज्यों के अलग-अलग दावों के कारण वर्षों तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। कई दौर की बैठकों और तकनीकी चर्चाओं के बावजूद विवाद बना रहा। अब केंद्र सरकार की पहल पर सभी पक्षों ने वन टाइम सेटलमेंट को स्वीकार कर लिया है। समझौते के अनुसार पुराने सभी दावे और प्रतिदावे समाप्त माने जाएंगे। इसके बदले मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान गुजरात को 550-550 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे। माना जा रहा है कि इससे भविष्य में परियोजना के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और राज्यों के बीच समन्वय में आसानी होगी। सरकार का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाप्त होने से प्रशासनिक और कानूनी जटिलताएं भी कम होंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/agreement-on-narmada-water-dispute-after-three-decades-mps-claim/article-58146</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/agreement-on-narmada-water-dispute-after-three-decades-mps-claim/article-58146</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:16:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/narmada-water-dispute-%281%29.jpg"                         length="200767"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओरछा में 18-19 जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक, चुनावी रणनीति पर होगा मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[नई प्रदेश टीम पहली बार एक मंच पर आएगी, केंद्रीय नेतृत्व को भी भेजा गया आमंत्रण; संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और निकाय-पंचायत चुनाव रहेंगे बैठक के प्रमुख एजेंडे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-first-meeting-of-bjp-state-working-committee-will-be/article-58145"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-bjp.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक 18 और 19 जुलाई को निवाड़ी जिले के धार्मिक और पर्यटन नगर ओरछा में आयोजित की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाली यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक मानी जा रही है। दो दिवसीय बैठक का आयोजन राजमहल होटल में होगा, जहां प्रदेशभर से पार्टी पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य, सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक को आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। संगठन ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं और स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रण भेजा गया है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा तय होता है तो अध्यक्ष बनने के बाद मध्य प्रदेश में यह उनका पहला बड़ा संगठनात्मक कार्यक्रम होगा। केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में प्रदेश संगठन को आगामी राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस बैठक को संगठन के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव मान रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक के दौरान प्रदेश संगठन की नई कार्यसमिति पहली बार एक मंच पर दिखाई देगी। हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हाल ही में नई कार्यसमिति का गठन किया गया था। ऐसे में यह आयोजन नई टीम के औपचारिक परिचय और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे का अवसर भी माना जा रहा है। प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों के बीच संगठन की आगामी कार्ययोजना साझा की जाएगी और विभिन्न विभागों तथा प्रकोष्ठों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भाजपा के सामने आने वाले महीनों में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव जैसी महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौतियां हैं। ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में चुनावी रणनीति सबसे अहम मुद्दा रहने की उम्मीद है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, सदस्यता अभियान को गति देने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने को लेकर भी मंथन किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संगठनात्मक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि चुनावी मैदान में कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ उतर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के मुद्दों पर संगठन की रणनीति तय की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश चुनाव समिति और अनुशासन समिति के गठन को अंतिम रूप दिए जाने की भी संभावना है। पार्टी के भीतर संगठनात्मक अनुशासन, चुनावी प्रबंधन और भविष्य की गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों और मोर्चों की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बड़े आयोजन को देखते हुए ओरछा में ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। प्रदेशभर से आने वाले नेताओं और पदाधिकारियों के लिए शहर के तीन प्रमुख होटलों में 300 से अधिक कमरे आरक्षित किए जा रहे हैं। इनमें राजमहल होटल, ओरछा पैलेस और ओरछा क्लब एंड रिजॉर्ट प्रमुख हैं। स्थानीय संगठन के कार्यकर्ता आवास, परिवहन, भोजन और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। बैठक में बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह बैठक केवल संगठनात्मक औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि आगामी चुनावी दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी साबित हो सकती है। प्रदेश में भाजपा लगातार संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है। पिछले कुछ महीनों में सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक अभियानों के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की कोशिश की गई है। अब कार्यसमिति की बैठक में इन अभियानों की समीक्षा के साथ नई रणनीति तैयार की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बना रहे, ताकि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिक लाभ भी संगठन को मिल सके। इसी के साथ विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब देने और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने की रणनीति भी तैयार की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ओरछा का चयन भी संगठन की विशेष रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह शहर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। भाजपा इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यसमिति और प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश करती रही है। इस बार ओरछा में होने वाला आयोजन संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने का भी अवसर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-first-meeting-of-bjp-state-working-committee-will-be/article-58145</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-first-meeting-of-bjp-state-working-committee-will-be/article-58145</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:15:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mp-bjp.jpg"                         length="174798"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशकों पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म, चार राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता; अमित शाह बोले- पानी का लाभ पूरे देश को मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद पर वन-टाइम सेटलमेंट समझौते पर किए हस्ताक्षर, वर्षों से लंबित भुगतान और दावों का हुआ अंतिम निपटारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmada-water-dispute.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">नई दिल्ली में मंगलवार को देश के सबसे लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय जल विवादों में से एक नर्मदा जल विवाद का महत्वपूर्ण समाधान सामने आया। सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत, मुआवजा और विभिन्न राज्यों के बीच वित्तीय दावों को लेकर वर्षों से चल रही खींचतान आखिरकार समाप्त हो गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ परियोजना से जुड़े सभी लंबित वित्तीय मामलों के अंतिम निपटारे का रास्ता साफ हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। बैठक में केंद्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान को सहकारी संघवाद की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पानी चाहे किसी भी राज्य में उपयोग हो, उसका लाभ अंततः भारत के किसानों और नागरिकों को ही मिलता है। उनके अनुसार राज्यों के बीच सहयोग की भावना से ही देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव है और यही विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और वर्षों पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद केवल एक विचार नहीं बल्कि व्यवहार में दिखाई देने वाला मॉडल बन चुका है। कई राज्यों में बेहतर समन्वय के कारण जल विवादों सहित अन्य जटिल मामलों का समाधान तेजी से हो रहा है। सरदार सरोवर परियोजना देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय नदी परियोजनाओं में गिनी जाती है। इस परियोजना से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल तथा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिला है। लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिली है जबकि अनेक शहरों और गांवों में पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। राजस्थान के कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचने के बाद खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परियोजना के निर्माण के दौरान लागत, पुनर्वास, मुआवजा और हिस्सेदारी को लेकर चारों राज्यों के बीच लंबे समय तक मतभेद बने रहे। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसलों के बाद भी कई वित्तीय दावे लंबित थे, जिन पर लगातार चर्चा चल रही थी। अब वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए इन सभी विवादों को समाप्त करने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद हालांकि मध्य प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से अपेक्षित लाभ नहीं मिला। राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बांध के कारण प्रभावित भूमि और मुआवजे के आधार पर लगभग 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था। लेकिन नए समझौते के अनुसार मध्य प्रदेश को उल्टे गुजरात सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इस पहलू को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में सरदार सरोवर बांध पहली बार अपनी पूर्ण क्षमता तक भरने के बाद मध्य प्रदेश के डूब क्षेत्र का वास्तविक आकलन सामने आया। पहले जहां 178 गांव प्रभावित बताए गए थे, वहीं बाद में यह संख्या बढ़कर 192 गांव हो गई। डूब क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जलमग्न हुई, जिससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण बन गया था। इसी आधार पर मध्य प्रदेश ने संशोधित मुआवजे की मांग रखी थी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर अन्य अंतरराज्यीय जल विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद और किशाऊ बांध परियोजना जैसे मामलों में भी सहमति बनी है। उनका कहना था कि राज्यों के बीच विवाद जितनी जल्दी समाप्त होंगे, उतनी ही तेजी से विकास परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:13:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/narmada-water-dispute.jpg"                         length="184391"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी के बयान पर भड़के CM साय, कहा- लोकतांत्रिक मर्यादा टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[CM विष्णुदेव साय ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के लिए अपमानजनक भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%87-cm-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-53861"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cm-vishnudeo-sai-rahul-gandhi&#039;s-statement.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयान के बाद सियासी बहस और भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे उच्च संवैधानिक पदों के लिए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">गद्दार</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा होती रही। भाजपा के नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है और कांग्रेस की ओर से भी जवाबी हमले जारी हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री साय ने ये भी कहा कि कांग्रेस अब सत्ता से दूर रहने के कारण मानसिक संतुलन खोती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब लोकतंत्र की सीमाएं पार कर चुकी है और सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर उतर आई है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़े फैसले लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी नेतृत्व के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना निंदनीय है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा संगठन भी इस बयान पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। प्रदेश के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीएम साय ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विरोध का पूरा स्थान है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियाँ और अपमानजनक भाषा किसी भी राजनीतिक दल के लिए उचित नहीं हैं। उनके अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री और गृह मंत्री केवल व्यक्ति नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल खड़े करती है। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा इस मुद्दे को जल्दी ही और जोर-शोर से उठाने की योजना बना रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%87-cm-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-53861</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A5%87-cm-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-53861</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:15:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/cm-vishnudeo-sai-rahul-gandhi%27s-statement.jpg"                         length="82042"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश दौरे से लौटते ही एक्शन में मोदी, आज दिल्ली में मंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी ने दिल्ली में मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक बुलाई। NEET विवाद, पश्चिम एशिया संकट और फेरबदल की चर्चा तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/modi-in-action-as-soon-as-he-returns-from-foreign/article-53853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/narendra-modi-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पांच देशों की यात्रा से लौटते ही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा </span>buzz <span lang="hi" xml:lang="hi">है। चर्चा सिर्फ सरकारी कामकाज की समीक्षा तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मंत्रिमंडल में फेरबदल की बातें भी फिर से उठने लगी हैं। जो जानकारी मिल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक शाम के करीब 4 बजे नई दिल्ली के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा तीर्थ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य मंत्री शामिल होंगे। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक मानी जा रही है। इस समय यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि एक ओर </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा लीक मामले को लेकर सरकार विपक्ष और छात्रों के निशाने पर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में दिनभर इस बैठक की चर्चाएं होती रही हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों की कामकाजी रिपोर्ट पर भी नज़र डाल सकते हैं। कुछ मंत्रालयों के प्रदर्शन पर पहले ही सवाल उठाए जा चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई मंत्री दबाव में नज़र आ रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बैठक में देश की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया के संकट का आर्थिक असर प्रमुख विषय हो सकता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों पर निर्भर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हालात बिगड़ने से सप्लाई चेन पर असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पहले से ही चर्चा में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सिलेंडर के दाम बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उर्वरक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विमानन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मंत्रालयों को निर्देश दे सकते हैं कि संकट का असर आम जनता पर कम से कम पड़े। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका एजेंडा अभी तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यह माना जा रहा है कि इसमें कानून व्यवस्था और परीक्षा पेपर लीक जैसी समस्याओं पर चर्चा की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों में कई राज्यों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज़ हो गई है। राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ चुका है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा लीक मामला इस समय केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन चुका है। लगभग 23 लाख छात्र परीक्षा से जुड़े फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने परीक्षा को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टेमैटिक फेलियर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बताते हुए एनटीए को हटाने की मांग की है। छात्र संगठनों का विरोध भी लगातार बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना तेज है। ऐसे माहौल में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक समीक्षा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है। </span>BJP <span lang="hi" xml:lang="hi">के भीतर भी चर्चा है कि सरकार आने वाले महीनों में अपनी कार्यशैली और फैसलों को लेकर अधिक आक्रामक रुख अपना सकती है। कुछ नेताओं का कहना है कि बैठक में अगले दस साल की विकास और सुधार रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दिल्ली में इस बैठक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही है। कई मंत्रियों की नजरें इस बात पर हैं कि प्रधानमंत्री बैठक में क्या संकेत देते हैं और क्या वास्तव में बड़े बदलाव की शुरुआत होने वाली है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/modi-in-action-as-soon-as-he-returns-from-foreign/article-53853</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/modi-in-action-as-soon-as-he-returns-from-foreign/article-53853</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:05:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/narendra-modi-cabinet-meeting.jpg"                         length="112630"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जगदलपुर में अमित शाह की मुख्यमंत्रियों के साथ होगी बड़ी बैठक, 4 राज्यों के CM पहुंचे बस्तर</title>
                                    <description><![CDATA[जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, अमित शाह के साथ यूपी, MP, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के CM शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-have-a-big-meeting-with-the-chief/article-53738"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-jagdalpur-bastar-central-zonal-council.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बस्तर दौरे का मंगलवार को दूसरा दिन काफी महत्वपूर्ण है। जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की हाई-लेवल बैठक हो रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। यह बैठक एक निजी होटल में हो रही है और इसकी अध्यक्षता खुद अमित शाह करेंगे। बस्तर जैसे क्षेत्र में इस स्तर की बैठक को लेकर सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। शहर के कई हिस्सों में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक में योगी आदित्यनाथ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोहन यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुष्कर सिंह धामी और विष्णु देव साई शामिल हुए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह जगदलपुर पहुंचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बाकी मुख्यमंत्री सोमवार रात को ही पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पर भाजपा के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बैठक की तैयारियों को लेकर प्रशासन काफी सतर्क नजर आ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और आम लोगों की आवाजाही पर भी कुछ क्षेत्रों में असर देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा के लिए चर्चा में रहा है। ऐसे में यहां चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">; <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक हलकों में इसे एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ये दिखाने की कोशिश कर रही है कि बस्तर अब धीरे-धीरे संघर्ष वाले क्षेत्र की छवि से बाहर निकल रहा है और विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक गतिविधियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में पहले बड़े नेताओं के दौरे सीमित होते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां अब ऐसी बैठकें होना अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैठक में कानून व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यों के बीच समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमा विवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवहन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त रणनीति और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर रहने की संभावना है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई बड़े नक्सली कमांडरों की गिरफ्तारी या मौत की खबरें आई हैं। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान अभी तेज किया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार को अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने बस्तर में आदिवासी समाज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर कई बातें की थीं। उन्होंने कहा था कि पिछले कई दशकों में बस्तर को जो नुकसान हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी भरपाई आने वाले कुछ वर्षों में की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बस्तर पूरी तरह विकसित नहीं होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक सरकार का संकल्प अधूरा रहेगा। गुंडाधुर की धरती का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस इलाके को अब नई पहचान देने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस ने भी बैठक को लेकर सवाल उठाए हैं। दीपक बैज ने कहा कि जब केंद्र सरकार खुद ईंधन बचाने और वर्क फ्रॉम होम की बात करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब इतनी बड़ी बैठक वर्चुअल भी की जा सकती थी। उनका कहना था कि चार राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अलग-अलग विमानों से आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लाखों रुपए खर्च हुए। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा नेताओं का कहना है कि बस्तर में इस तरह की बैठक होना क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे यहां विकास की नई तस्वीर सामने आएगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-have-a-big-meeting-with-the-chief/article-53738</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-have-a-big-meeting-with-the-chief/article-53738</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:05:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/amit-shah-jagdalpur-bastar-central-zonal-council.jpg"                         length="148841"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में आज कई बड़े आयोजन, बिजली कटौती और स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी, जानें और क्या होगा खास</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में आज कई सांस्कृतिक आयोजन, बिजली कटौती और स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी तेज। नगर निगम ने शहरभर में सफाई अभियान बढ़ाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/many-big-events-in-bhopal-today-preparations-for-power-cut/article-53726"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-bhopal-events-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजधानी भोपाल में आज का दिन प्रशासनिक बैठकों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक आयोजनों और नगर निगम की गतिविधियों के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। शहर में एक तरफ मैनिट में कार्यशाला और शोध संगोष्ठी आयोजित की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ मानव संग्रहालय और जनजातीय संग्रहालय में कला प्रदर्शनियां लोगों को आकर्षित करेंगी। इसी बीच कई इलाकों में बिजली कटौती भी तय की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उधर स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम के संभावित दौरे को लेकर नगर निगम ने शहरभर में सफाई और सौंदर्यीकरण का काम तेज कर दिया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कार्यशाला और शोध संगोष्ठी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मैनिट के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में सुबह </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">10<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे से शाम </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे तक कार्यशाला एवं शोध संगोष्ठी का आयोजन रखा गया है। इसमें तकनीकी और रिसर्च से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रोडक्शन बेस्ड कंटेम्परेरी डांस वर्कशॉप</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में सुबह </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">8<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे से प्रोडक्शन बेस्ड कंटेम्परेरी डांस वर्कशॉप शुरू हो रही है। </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">माह का प्रदर्श</span>’</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कला और संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए मानव संग्रहालय में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">माह का प्रदर्श</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">दोपहर </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे से शुरू होगा। </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">73<span lang="hi" xml:lang="hi"> शलाका चित्र प्रदर्शनी</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जनजातीय संग्रहालय की लिखन्दरा दीर्घा में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">73<span lang="hi" xml:lang="hi"> शलाका चित्र प्रदर्शनी भी दोपहर से आम लोगों के लिए खुल जाएगी। बताया जा रहा है कि इन आयोजनों में बड़ी संख्या में छात्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलाकार और शोधार्थी पहुंच सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीएम डॉ. मोहन यदा के कार्यक्रम</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इधर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">26<span lang="hi" xml:lang="hi">वीं बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। इस दौरान मध्यप्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तरप्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधियों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। जानकारी के मुताबिक राज्यों के आपसी समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास कार्यों और प्रशासनिक मामलों पर बैठक में बातचीत की जा रही है। बैठक में नीति आयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतर्राज्यीय परिषद और विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव भी मौजूद हैं। माना जा रहा है कि कुछ लंबित मामलों पर भी सहमति बनने की कोशिश की जा सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उधर भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम पूरी तरह एक्टिव नजर आ रहा है। खबर है कि सर्वेक्षण की टीम अगले दो दिनों में शहर पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए मुख्य बाजारों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलोनियों और प्रमुख सड़कों पर सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। न्यू मार्केट से लेकर कोलार तक कई जगहों पर रंगाई-पुताई और दीवारों पर पेंटिंग बनाई जा रही हैं। हालांकि शहर में खुले नाले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैक लेन की गंदगी और बाजारों में फैला कचरा अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। गुटखे के दाग और अनियमित कचरा प्रबंधन से स्वच्छता रैंकिंग प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। नगर निगम के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी भी लगाई गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में बिजली कटौती</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच राजधानी के कई इलाकों में आज बिजली कटौती भी रहेगी। मेंटेनेंस कार्यों के चलते अलग-अलग क्षेत्रों में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">4 <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>5 <span lang="hi" xml:lang="hi">घंटे तक सप्लाई बंद रखी जाएगी। सुबह </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे से दोपहर </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक ईरानी बस्ती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गीता नगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लीलाधर कॉलोनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समता नगर और आसपास के इलाकों में बिजली नहीं रहेगी। सुबह </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे से दोपहर </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक कोरल कासा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीगल स्टेट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रॉयल होम्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुख सागर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चित्रकूट और शिव नगर फेस-</span>1, 2 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>3 <span lang="hi" xml:lang="hi">में कटौती रहेगी। वहीं राजगालिया कॉलोनी में भी इसी समय बिजली बंद रहेगी। बरखेड़ीखुर्द</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बरखेड़ीकलां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डेयरी स्टेट कॉलोनी और शारदा विहार इलाके में सुबह </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे से शाम </span>4 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक सप्लाई प्रभावित रहेगी। अधिकारियों के अनुसार मेंटेनेंस पूरा होते ही बिजली बहाल कर दी जाएगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/many-big-events-in-bhopal-today-preparations-for-power-cut/article-53726</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/many-big-events-in-bhopal-today-preparations-for-power-cut/article-53726</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 09:09:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/madhya-pradesh-bhopal-events-%282%29.jpg"                         length="240194"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह बोले- आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 15% आरक्षण, बस्तर में किए कई बड़े ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर में अमित शाह ने गुंडाधुर की धरती को तीर्थस्थल बनाने और आदिवासी युवाओं को 15% आरक्षण देने की घोषणा की। डायल-112 वाहन भी लॉन्च किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-said-tribal-youth-will-get-15-reservation-in/article-53688"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-bastar-amit-shah-naxalism-gundadhur-tribal-reservation.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेतानार में सोमवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गुंडाधुर की ये धरती अब तीर्थस्थल के रूप में विकसित की जाएगी। बस्तर दौरे के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा व्यवस्था जिस तरह से मजबूत हुई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके चलते ये क्षेत्र अब विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। अमित शाह ने आदिवासी युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण देने की भी घोषणा की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने संबोधन में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमित शाह ने अतीत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां एक समय ऐसा था जब पुलिस बल पर हमले होते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था और आम लोगों का जीवन प्रभावित रहता था। अब हालात बदल चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सरकार ने सुरक्षा और विकास दोनों को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासी समुदाय के बच्चों को वो सुविधाएं मिल रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं। पीने के साफ पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधार और राशन जैसी सुविधाओं के लिए सरकार की योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कार्यक्रम स्थल का माहौल सामान्य राजनीतिक सभा जैसा नहीं था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सुरक्षा और विकास पर स्पष्ट फोकस था। अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि विकास और संस्कृति से होनी चाहिए। गुंडाधुर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस भूमि को सम्मान और विरासत के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पहले रायपुर में भी गृह मंत्री ने डायल-112 सेवा के 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को पुलिस</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फायर इमरजेंसी सेवाओं को एक ही नंबर से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इनमें जीपीएस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैमरे और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे घटनास्थल पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह सीधे बस्तर पहुंचे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उन्होंने नेतानार में अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे जगदलपुर रवाना हो गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक होनी है। इस बैठक में छत्तीसगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और अंतरराज्यीय समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने बैठक के लिए बस्तर आने और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि यह दौरा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है और इससे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर के सुरक्षा कैंपों को धीरे-धीरे सुविधा केंद्रों में बदला जाएगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दौरे के अंतिम चरण में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके बाद वे शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर के लिए एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-said-tribal-youth-will-get-15-reservation-in/article-53688</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-said-tribal-youth-will-get-15-reservation-in/article-53688</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:18:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/chhattisgarh-bastar-amit-shah-naxalism-gundadhur-tribal-reservation.jpg"                         length="159191"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह आज बस्तर दौरे पर, नेतानार में शुरू करेंगे जन सुविधा केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर नेतानार गांव जाएंगे। डायल-112 विस्तार, जन सुविधा केंद्र और परिषद बैठक पर रहेगा फोकस।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-start-public-convenience-center-from-netanar-during/article-53646"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-bastar-chhattisgarh.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगे। वो शनिवार रात रायपुर पहुंचे और रविवार को सीधे जगदलपुर और फिर नेतानार गांव जाएंगे। कहा जा रहा है कि नक्सलवाद के कमजोर होने के बाद बस्तर में उनका ये पहला बड़ा दौरा है। नेतानार भी वही गांव है जिसे वीर शहीद गुंडाधुर से जोड़ा जाता है। यहां वो जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस केंद्र के जरिए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं का लाभ एक ही जगह पर मिलेगा। दौरे को लेकर बस्तर में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जगदलपुर एयरपोर्ट और उसके आस-पास हलचल देखी जा रही है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें लगातार चल रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुबह अमित शाह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल पहुंचकर डायल-112 सेवा के लिए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। करीब 400 वाहन इस व्यवस्था में शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक ये सेवा सीमित जिलों में थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भविष्य में इसे पूरे छत्तीसगढ़ तक बढ़ाने की योजना है। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी रवाना की जाएंगी। इनमें ऐसे उपकरण होंगे जो घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच करने में मदद करेंगे। सूत्रों की माने तो सरकार इसे कानून व्यवस्था और अपराध जांच को मजबूत करने का एक बड़ा कदम मान रही है। रायपुर कार्यक्रम के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शाह विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां से बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए नेतानार जाएंगे। दोपहर में वो अमर वाटिका जाकर नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। बस्तर में लंबे समय से सुरक्षा बलों की तैनाती और नक्सल ऑपरेशन चर्चा का विषय रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस कार्यक्रम को जवानों के मनोबल के साथ भी जोड़ा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दोपहर बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जगदलपुर में बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। बादल अकादमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा होगी। बताया गया है कि अलग-अलग विभाग प्रेजेंटेशन भी देंगे। शाम को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शाह </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">बस्तर के संग</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम के लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें बस्तर की पारंपरिक कला और नृत्य की प्रस्तुति होगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोमवार को होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के लिए तैयारियां तेज हैं। इस बैठक में छत्तीसगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और विकास योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने इस दौरे को लेकर सवाल भी उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि यह बैठक वर्चुअल तरीके से भी हो सकती थी और इसके लिए बड़े खर्च की जरूरत नहीं थी। हालांकि भाजपा और राज्य सरकार इसे बस्तर के लिए अहम दौर मानती हैं। राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और सुरक्षा कैंपों को आगे चलकर सुविधा केंद्रों में विकसित किया जाएगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-start-public-convenience-center-from-netanar-during/article-53646</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-start-public-convenience-center-from-netanar-during/article-53646</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 10:35:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/amit-shah-bastar-chhattisgarh.jpg"                         length="141315"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज से छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे अमित शाह, हर जिले में डायल-112 और फॉरेंसिक यूनिट्स की देंगे बड़ी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[अमित शाह तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। डायल-112 विस्तार, फॉरेंसिक यूनिट्स और बस्तर विकास योजनाओं पर बड़ा फोकस रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-be-on-chhattisgarh-tour-from-today-will/article-53586"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-chhattisgarh-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17 मई से छत्तीसगढ़ में तीन दिन का दौरा करेंगे। इस दौरे को लेकर प्रशासनिक हलकों में खास हलचल है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले और कार्यक्रम शामिल हैं। अहम बातें डायल-112 सेवा का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉरेंसिक यूनिट्स की शुरुआत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बस्तर क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रहेंगी। बताया गया है कि शाह रायपुर और जगदलपुर में अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रविवार शाम करीब 6:25 बजे गृहमंत्री अहमदाबाद से विशेष विमान से रवाना होंगे और रात लगभग 8:10 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे मेफेयर रिसॉर्ट जाएंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां वे रात बिताएंगे। उनके आगमन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थलों तक अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे में सुरक्षा और विकास दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">18 मई को उनका कार्यक्रम रायपुर में है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां वे पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जाकर डायल-112 सेवा के लिए तैयार किए गए 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य में आपातकालीन पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अभी तक यह सेवा कुछ ही जिलों तक सीमित थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था से आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है। इसी दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए सभी 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स तैनात की जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो घटनास्थल पर शुरुआती वैज्ञानिक जांच में मदद करेंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद शाह रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और नेतानार पहुंचकर जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने में मदद करेगा। इसके बाद वे अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की याद में यह कार्यक्रम खास महत्व रखता है। दोपहर बाद जगदलपुर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठकें भी होंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास योजनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और प्रशासनिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें गृहमंत्री दौरे और फैसलों की जानकारी साझा कर सकते हैं। और फिर शाम को वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के संतुलन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-be-on-chhattisgarh-tour-from-today-will/article-53586</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-be-on-chhattisgarh-tour-from-today-will/article-53586</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:20:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/amit-shah-chhattisgarh-visit.jpg"                         length="115912"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या है कैप्टागॉन ड्रग, जिसे ‘जिहादी ड्रग’ के नाम से जानती है दुनिया, क्यों दुनिया भर की एजेंसियां हैं अलर्ट?</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में पहली बार 182 करोड़ की कैप्टागॉन ड्रग पकड़ी गई। जानिए क्या है जिहादी ड्रग, इसका असर और क्यों चिंतित हैं सुरक्षा एजेंसियां।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/what-is-captagon-drug-which-the-world-knows-as-jihadi/article-53558"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/captagon-jihadi-captagon-synthetic-drug.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत में पहली बार कैप्टागॉन नाम की एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग की बड़ी खेप पकड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता काफी बढ़ गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NCB) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑपरेशन रेजपिल</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत इस ड्रग को जब्त किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी कीमत करीब </span>182<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये है। इस मामले में कुछ सीरियाई नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को सरकार की </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">ज़ीरो टॉलरेंस</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति का हिस्सा बताया है। बताया जा रहा है कि ये ड्रग्स मध्य पूर्व में भेजे जाने वाले थे। इसी सब के चलते कैप्टागॉन फिर से चर्चा में आ गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">जिहादी ड्रग</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">गरीबों का कोकीन</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कैप्टागॉन का असली नाम फेनेथाइलिन है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे </span>1960<span lang="hi" xml:lang="hi"> के दशक में दवा के रूप में विकसित किया गया था। इसके शुरुआती प्रयोग ध्यान संबंधी दिक्कतों और नार्कोलेप्सी जैसी बीमारियों के इलाज में किए जाते थे। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जल्दी ही यह पता चला कि इसकी लत लगना आसान है और लोग इसका गलत प्रयोग करने लगे। धीरे-धीरे कई देशों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया। अब जो कैप्टागॉन अवैध बाजार में मिलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो असली मेडिकल फॉर्मूला से अलग होता है। ड्रग्स के विशेषज्ञों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे अवैध लैब में बनाया जाता है और इसमें एम्फेटामाइन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैफीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेथाम्फेटामाइन जैसे कई सिंथेटिक केमिकल मिलाए जाते हैं। यही कारण है कि इसके असर को बेहद खतरनाक माना जाता है। इसे लेने के बाद लोग लंबे समय तक जाग सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और थकान की कमी महसूस करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अचानक ऊर्जा में वृद्धि होती है। लेकिन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ आक्रामक व्यवहार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक असंतुलन और हिंसक प्रवृत्ति जैसी समस्याएं भी जड़ी रहती हैं। लगातार उपयोग करने से इसकी गंभीर लत लगने का खतरा भी रहता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कैप्टागॉन को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">जिहादी ड्रग</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहे जाने की वजह इसके कथित संबंध युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और चरमपंथी नेटवर्क से बताया जाता है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस ड्रग का इस्तेमाल लड़ाकों को लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखने और डर कम करने के लिए किया जाता था। कई संघर्ष वाले क्षेत्रों में इसकी गोलियां मिलने की बातें भी सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इसकी तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल संगठित अपराध और कुछ आतंकी नेटवर्क की फंडिंग में किया गया है। इसकी कम लागत और भारी मांग के चलते इसे </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">गरीबों का कोकेन</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">भी कहा जाता है। हाल के वर्षों में इसका नेटवर्क काफी बढ़ चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अवैध लैब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केमिकल तस्करी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फर्जी दस्तावेज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री रास्तों से सप्लाई और हवाला नेटवर्क जैसी चीजों का समावेश है। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में इतनी बड़ी कार्रवाई का होना इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क अब नए रास्ते खोज रहे हैं। इसलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एजेंसियां इसे सिर्फ नशे के कारोबार के नजरिए से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/what-is-captagon-drug-which-the-world-knows-as-jihadi/article-53558</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/what-is-captagon-drug-which-the-world-knows-as-jihadi/article-53558</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 09:44:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/captagon-jihadi-captagon-synthetic-drug.jpg"                         length="133655"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों में वीआईपी काफिले और सरकारी वाहनों में कटौती, ईंधन बचत और ई-वाहनों को बढ़ावा दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/effect-of-pm-modis-appeal-cm-mohan-yadav-reduced-the/article-53274"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t144257.278.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम मोदी की अपील के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में वीआईपी सुरक्षा व काफिले में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या कम हो रही है। मिडिल ईस्ट संकट के चलते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन बचाने के लिए कदम उठा रही हैं। खबरों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या लगभग आधी कर दी है और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये निर्देश भी दिए गए हैं कि नए फ्यूल-आधारित वाहनों की खरीद से बचने की कोशिश की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां संभव हो।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने सुरक्षा काफिले में भारी कटौती की है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब उनके साथ चलने वाले वाहनों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई केंद्रीय मंत्रालयों ने भी अपने स्तर पर ईंधन बचाने के उपाय लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ राज्यों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक बैठकें और कामकाज डिजिटल मोड में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई बीजेपी शासित राज्यों ने इस पहल को गंभीरता से लेते हुए काफिले और सरकारी वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">13<span lang="hi" xml:lang="hi"> से घटाकर </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से अनुरोध किया है कि अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें और दौरे पर बेवजह गाड़ियों की लंबी कतारें न लगाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने काफिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों में करीब </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा है कि एक दिन </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">नो व्हीकल डे</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मनाया जाए और सरकारी बैठकों को जहां तक संभव हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन किया जाए। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और आधिकारिक कार्यों के लिए अनावश्यक वाहनों का उपयोग न किया जाए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली में भी इस दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। भाजपा नेता रेखा गुप्ता के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रियों और विधायकों को कम से कम वाहनों के इस्तेमाल और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्राओं पर रोक लगाते हुए यह व्यवस्था लागू की है कि मंत्रियों को सरकारी विमानों के उपयोग के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। गुजरात के राज्यपाल ने उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की है कि वे अब राज्य की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर या विमान के बजाय ट्रेन और बस का उपयोग करेंगे। बिहार में भी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने का फैसला किया है और अनावश्यक आधिकारिक यात्राओं से बचने का निर्णय लिया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई नेताओं और मंत्रियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी ईंधन बचाने के उदाहरण पेश किए हैं। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटर चलाते नजर आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उन्होंने कहा कि यह कदम पीएम की अपील के बाद लिया गया है ताकि पेट्रोल की बचत की जा सके। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी मेट्रो और ई-रिक्शा से सरकारी कार्यों के लिए यात्रा कर ईंधन बचत का संदेश दिया है। कुल मिलाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और राज्यों की यह पहल धीरे-धीरे एक बड़े अभियान में तब्दील होती नजर आ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सरकारी तंत्र में ईंधन की खपत कम करने पर जोर दिया जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/effect-of-pm-modis-appeal-cm-mohan-yadav-reduced-the/article-53274</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/effect-of-pm-modis-appeal-cm-mohan-yadav-reduced-the/article-53274</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 14:47:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-13t144257.278.jpg"                         length="152607"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        