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                <title>गौतम अडाणी फिर बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति, एक महीने बाद हासिल की शीर्ष जगह</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी जांच में राहत के बाद बढ़ी दौलत, शेयरों में तेजी से अंबानी और मसायोशी सन को छोड़ा पीछे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gautam-adani-again-becomes-asias-richest-person-regains-the-top/article-55172"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gautam-adani.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है। करीब एक महीने पहले तक इस सूची में पीछे खिसक चुके अडाणी ने अब जोरदार वापसी करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और जापान की सॉफ्टबैंक के प्रमुख मसायोशी सन को पीछे छोड़ दिया है। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर सूची के अनुसार उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 90 अरब डॉलर यानी लगभग 8.55 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है। बाजार में अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार आई तेजी को इस उछाल की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2026 तक गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर कारोबारी बने हुए थे, लेकिन बाद में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और कुछ निवेशकों की सतर्कता के कारण उनकी रैंकिंग नीचे चली गई थी। मई के दौरान वह तीसरे स्थान पर पहुंच गए थे। हालांकि बीते कुछ हफ्तों में समूह की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसी का असर उनकी कुल संपत्ति पर भी दिखाई दिया और वह फिर से शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार अडाणी के बाद दूसरे स्थान पर मुकेश अंबानी हैं जिनकी अनुमानित संपत्ति करीब 8.43 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं तीसरे स्थान पर सॉफ्टबैंक के सीईओ मसायोशी सन हैं जिनकी कुल नेटवर्थ लगभग 87 अरब डॉलर आंकी गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में अडाणी समूह के शेयरों में आई मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और इसका सीधा फायदा समूह के चेयरमैन की संपत्ति में देखने को मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल 2026 में अडाणी समूह की विभिन्न कंपनियों के शेयरों में 23 प्रतिशत से लेकर 56 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी समूह की कई कंपनियों के शेयर मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। अडाणी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में करीब 7 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली। वहीं अडाणी एनर्जी के शेयर लगभग 4 प्रतिशत मजबूत हुए। अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी पोर्ट्स में भी करीब 2-2 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि अडाणी पावर के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में इस तेजी को निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से अडाणी समूह के खिलाफ लगाए गए कुछ प्रमुख आरोपों को खारिज किए जाने के बाद निवेशकों का रुख तेजी से बदला। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक समूह पर सोलर एनर्जी आपूर्ति से जुड़े अनुबंधों में कथित रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के सामने आने के बाद कई निवेशक सतर्क हो गए थे और बाजार में दबाव देखने को मिला था। लेकिन जांच में राहत मिलने के बाद हालात बदले और समूह की कंपनियों में फिर से खरीदारी बढ़ गई। इसी घटनाक्रम के बाद गौतम अडाणी की संपत्ति में लगभग 10 अरब डॉलर यानी करीब 95 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। बाजार में सकारात्मक संकेत मिलने के साथ विदेशी और घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी। शेयरों में लगातार आई तेजी ने अडाणी को एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में फिर से स्थापित कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गौरतलब है कि वर्ष 2023 में अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडाणी समूह को बड़ा झटका लगा था। रिपोर्ट में समूह पर शेयरों में हेरफेर और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। उस समय अडाणी समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और समूह के बाजार पूंजीकरण में भी बड़ी कमी देखी गई थी। हालांकि बाद में विभिन्न जांचों और नियामकीय प्रक्रियाओं के दौरान कई आरोप साबित नहीं हो सके और धीरे-धीरे निवेशकों का भरोसा लौटता गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में भी गौतम अडाणी की स्थिति मजबूत हुई है। फोर्ब्स के अनुसार वह फिलहाल दुनिया के 23वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनके ठीक बाद मुकेश अंबानी और मसायोशी सन का स्थान है। शुक्रवार को अडाणी दुनिया के उन चुनिंदा अरबपतियों में शामिल रहे जिनकी संपत्ति में एक ही दिन में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। उनकी कुल संपत्ति में करीब 23.74 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस मामले में उनसे आगे केवल दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट रहे, जिनकी संपत्ति में एक दिन के दौरान लगभग 28.49 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक स्तर पर हालांकि एलन मस्क अब भी सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 77 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मस्क की संपत्ति दुनिया के कई बड़े उद्योगपतियों से काफी आगे है। वहीं गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज और ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन भी शीर्ष अरबपतियों की सूची में शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:05:52 +0530</pubDate>
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                <title>फोर्ब्स लिस्ट: दान न करते तो गेट्स-बफे टॉप-3 में, मस्क पहले नंबर पर कायम</title>
                                    <description><![CDATA[फोर्ब्स की नई ‘ट्रू नेट वर्थ’ लिस्ट में दान जोड़ने पर बदली तस्वीर, मस्क पहले, गेट्स-बफे की रैंकिंग में बड़ा उछाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/if-he-had-not-donated-the-forbes-list-musk-would/article-52057"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/forbes-rich-list.jpg" alt=""></a><br /><p>दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने इस बार अरबपतियों की संपत्ति का आकलन एक अलग नजरिए से किया है, जिसमें उनके द्वारा किए गए दान को भी जोड़ा गया है। इस ‘ट्रू नेट वर्थ’ लिस्ट में यह देखा गया कि अगर अरबपतियों ने अपनी संपत्ति का दान न किया होता, तो उनकी कुल संपत्ति और रैंकिंग क्या होती।इस नए आकलन में इलॉन मस्क दोनों लिस्ट में पहले स्थान पर बने हुए हैं, लेकिन बिल गेट्स और वॉरेन बफे जैसे दिग्गजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। </p>
<h5><span><strong>कैसे बनी नई लिस्ट</strong></span></h5>
<p>फोर्ब्स ने ‘ट्रू नेट वर्थ’ लिस्ट तैयार करते समय यह मान लिया कि अरबपतियों ने जो शेयर दान किए, वे उनके पास ही रहते।नकद दान को भी बाजार दर के अनुसार निवेश मानकर उसकी वर्तमान वैल्यू जोड़ी गई। इससे एक नई तस्वीर सामने आई, जिसमें उदारता का सीधा असर रैंकिंग पर दिखा।</p>
<h5><span><strong>गेट्स-बफे को बड़ा फायदा</strong></span></h5>
<p>बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट के करीब 73.1 करोड़ शेयर दान किए हैं। अगर ये शेयर उनके पास रहते, तो उनकी संपत्ति करीब चार गुना ज्यादा होती।ऐसी स्थिति में गेट्स 19वें स्थान से सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच जाते। वहीं वॉरेन बफे भी 9वें से तीसरे स्थान पर आ जाते। उनके द्वारा 2006 से दान किए गए शेयरों की कीमत में करीब 700% तक वृद्धि हुई है।</p>
<h5><span><strong>मस्क और अन्य अरबपति</strong></span></h5>
<p>इलॉन मस्क इस नई और पुरानी दोनों लिस्ट में पहले स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का केवल 0.06% ही दान किया है, जो अन्य अरबपतियों की तुलना में काफी कम है।वहीं, जेफ बेजोस की पूर्व पत्नी मैकिंजी स्कॉट की रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। अगर उन्होंने दान न किया होता, तो वे 58 स्थान ऊपर चढ़कर 26वें स्थान पर पहुंच जातीं। दूसरी ओर, जेफ बेजोस टॉप-5 से बाहर हो जाते।यह नई सूची इस बात को रेखांकित करती है कि परोपकार और दान का वैश्विक संपत्ति रैंकिंग पर कितना बड़ा प्रभाव पड़ता है। </p>
<hr />
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:35:17 +0530</pubDate>
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