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                <title>Pakistan News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Pakistan News RSS Feed</description>
                
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                <title>सिंधु जल विवाद पर बिलावल भुट्टो का नया बयान, भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री के ताजा बयान के बाद फिर चर्चा में आया सिंधु जल समझौता, जानिए भारत की रणनीति, कानूनी स्थिति और आगे की संभावनाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bilawal-bhuttos-new-statement-on-indus-water-dispute-what-does/article-57514"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bilawal-bhutto.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सिंधु जल विवाद को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के ताजा बयान के बाद दोनों देशों के बीच जल सहयोग और सिंधु जल समझौते को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही कई मुद्दों पर संवेदनशील बने हुए हैं। हालांकि भारत की ओर से अब तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय जल सुरक्षा और भविष्य की कूटनीतिक बातचीत के संदर्भ में अहम मान रहे हैं। सिंधु जल समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1960 में हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के जल उपयोग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई थी। इस समझौते के अनुसार पूर्वी नदियों का अधिकांश जल उपयोग भारत के हिस्से में है, जबकि पश्चिमी नदियों के जल उपयोग से जुड़े अधिकारों का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान को मिला है। इसके बावजूद भारत को पश्चिमी नदियों पर निर्धारित नियमों के तहत जलविद्युत परियोजनाएं और सीमित उपयोग की अनुमति भी प्राप्त है।</p>
<p>बिलावल भुट्टो के हालिया बयान के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर सिंधु जल समझौते को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। पाकिस्तान लगातार यह कहता रहा है कि सिंधु नदी प्रणाली उसके कृषि क्षेत्र और पेयजल व्यवस्था की रीढ़ है। वहीं भारत का कहना रहा है कि वह समझौते के सभी प्रावधानों का पालन करते हुए अपने वैध अधिकारों का उपयोग करता है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर तकनीकी और कानूनी स्तर पर कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। सिंधु जल विवाद केवल पानी का विषय नहीं बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय स्थिरता से भी जुड़ा हुआ है। भारत के उत्तरी राज्यों में सिंचाई, बिजली उत्पादन और जल प्रबंधन की कई परियोजनाएं इसी नदी प्रणाली से जुड़ी हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था भी इन नदियों पर काफी हद तक निर्भर करती है। इसलिए इस विषय पर दोनों देशों की ओर से दिए जाने वाले प्रत्येक सार्वजनिक बयान को गंभीरता से देखा जाता है।</p>
<p>भारत के लिए इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सिंधु जल समझौता आज भी लागू है और इसकी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। यदि किसी तकनीकी या कानूनी विवाद की स्थिति बनती है तो उसके समाधान के लिए समझौते में पहले से निर्धारित प्रक्रियाएं मौजूद हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बयान से समझौते की कानूनी स्थिति तत्काल प्रभावित नहीं होती, लेकिन राजनीतिक माहौल अवश्य प्रभावित हो सकता है। आने वाले वर्षों में जल संसाधनों का महत्व और बढ़ेगा। जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, बढ़ती आबादी और कृषि की बढ़ती जरूरतों के कारण दक्षिण एशिया में जल प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल होता जा रहा है। ऐसे में सिंधु नदी प्रणाली से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और तकनीकी सहयोग के माध्यम से ही संभव माना जाता है।</p>
<p>भारत पिछले कुछ वर्षों से अपने हिस्से के जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर लगातार काम कर रहा है। जलविद्युत परियोजनाओं का विस्तार, सिंचाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण, नदी प्रबंधन और जल संरक्षण जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपने वैध अधिकारों का प्रभावी उपयोग करना भारत की दीर्घकालिक जल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p>भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक बयान अक्सर राजनीतिक संदेश भी होते हैं। ऐसे बयानों का उद्देश्य घरेलू राजनीति, अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना या अपनी स्थिति स्पष्ट करना भी हो सकता है। इसलिए किसी भी टिप्पणी का मूल्यांकन उसके व्यापक कूटनीतिक संदर्भ में किया जाता है। व्यापार और आर्थिक दृष्टि से भी स्थिर क्षेत्रीय संबंध महत्वपूर्ण माने जाते हैं। दक्षिण एशिया में शांति और सहयोग का माहौल बनने से निवेश, ऊर्जा परियोजनाओं, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं लंबे समय तक तनाव बने रहने से विकास परियोजनाओं और आर्थिक सहयोग पर भी असर पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:58:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>भारत-पाक की 117 हस्तियों ने पीएम मोदी और शहबाज शरीफ को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों देशों के प्रमुख लोगों ने संवाद, शांति और आपसी रिश्तों को मजबूत करने की अपील की, युवाओं के भविष्य और क्षेत्रीय विकास पर दिया जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/117-celebrities-from-india-and-pakistan-wrote-letters-to-pm/article-57509"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/india-pakistan-relations.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने एक संयुक्त पहल करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा है। इस पत्र में दोनों नेताओं से आपसी संवाद को आगे बढ़ाने, बातचीत का रास्ता अपनाने और दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाने की अपील की गई है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों का कहना है कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और विकास तभी संभव है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़े और दोनों देश आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें। इस संयुक्त पत्र में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव का असर केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सबसे अधिक प्रभाव आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से जारी तनाव के कारण विकास, व्यापार, शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय सहयोग जैसी कई संभावनाएं प्रभावित हुई हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं ने दोनों प्रधानमंत्रियों से आग्रह किया है कि वे भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे कदम उठाएं, जिनसे विश्वास का माहौल बने और दोनों देशों के बीच संवाद की नई शुरुआत हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संयुक्त पहल में भारत और पाकिस्तान के कुल 117 प्रमुख लोगों ने भाग लिया है। इनमें पूर्व नौकरशाह, पूर्व राजनयिक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, राजनीतिक हस्तियां और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ लोग शामिल हैं। भारत की ओर से 61 लोगों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, मीरवाइज उमर फारूक और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। वहीं पाकिस्तान की ओर से 56 लोगों ने इस पहल का समर्थन किया है, जिनमें पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत कई पूर्व अधिकारी और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग शामिल हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और ऐसे में किसी भी प्रकार का तनाव पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। हस्ताक्षरकर्ताओं का मानना है कि संवाद और कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का हिस्सा होता है। उनका कहना है कि बातचीत का उद्देश्य मतभेदों को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का रास्ता तैयार करना होता है। पत्र में दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शैक्षणिक सहयोग, खेल प्रतियोगिताओं और नागरिक स्तर पर संवाद को बढ़ावा देने की बात कही गई है। हस्ताक्षरकर्ताओं का मानना है कि जब आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा तो आपसी विश्वास भी मजबूत होगा और लंबे समय से चली आ रही दूरियां कम करने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इस पत्र पर अभी तक भारत या पाकिस्तान की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न मुद्दों को लेकर चुनौतीपूर्ण रहे हैं। इसके बावजूद समय-समय पर अलग-अलग मंचों से शांति और संवाद की पहल की मांग उठती रही है। इस बार भी दोनों देशों की प्रमुख हस्तियों ने साझा रूप से यह संदेश देने की कोशिश की है कि क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए संवाद का रास्ता खुला रहना जरूरी है। इस तरह की नागरिक पहलें सरकारों के बीच औपचारिक बातचीत का विकल्प नहीं होतीं, लेकिन वे सकारात्मक माहौल बनाने में अपनी भूमिका निभा सकती हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों का दावा, 36 नागरिकों की मौत; सीमा पर फिर बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान सरकार ने महिलाओं और बच्चों समेत 36 लोगों के मारे जाने का दावा किया, पाकिस्तान बोला- हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a423786ad3d6/article-57312"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/afghanistan-pakistan-conflict.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव गहरा गया है। तालिबान सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से किए गए सीमा-पार हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन का कहना है कि पक्तिया, पक्तिका और कुनर प्रांतों में कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ। दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन आरोपों के बीच अपनी कार्रवाई को हाल के आतंकी हमलों के जवाब में चलाया गया खुफिया-आधारित सैन्य अभियान बताया है। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बीती रात हुए हमलों में 36 नागरिकों की मौत हुई है और 163 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलों में तीन रिहायशी मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। उनके मुताबिक मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अफगान प्रशासन ने इस घटना को नागरिक आबादी पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।<br /><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">फितरत ने आरोप लगाया कि पक्तिया प्रांत के चमकनी जिले के मंडोखेल गांव में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने एक नागरिक के घर को निशाना बनाया। इस हमले में एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे तो उसी स्थान पर दूसरी बार भी बमबारी की गई। तालिबान प्रशासन का दावा है कि इस दूसरी कार्रवाई में 28 ग्रामीणों की मौत हो गई और 158 लोग घायल हो गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। तालिबान सरकार ने यह भी कहा कि पक्तिका प्रांत के गियान जिले के वालुस्त गांव में भी एक घर पर हमला किया गया। इस घटना में छह लोगों की मौत होने का दावा किया गया है, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे बताए गए हैं। वहीं कुनर प्रांत के मनोगई जिले के बारोलो गांव में भी एक रिहायशी मकान को नुकसान पहुंचा। इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन मकान पूरी तरह तबाह हो गया और परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ की गई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर सीमावर्ती क्षेत्र में सुनियोजित सैन्य अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में हुए आतंकी हमलों के बाद यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। पाकिस्तान का दावा है कि उसका निशाना केवल आतंकी ठिकाने थे, न कि आम नागरिक।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="Z"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">सीमा पर बढ़े तनाव की एक बड़ी वजह हाल में पाकिस्तान के कराची शहर में हुआ हमला भी माना जा रहा है। कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय पर शनिवार रात हमला हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार हमलावरों ने एक वाहन से मुख्य द्वार को टक्कर मारी, जिसके बाद गोलीबारी और विस्फोट हुए। इस हमले में तीन अर्द्धसैनिक जवान और तीन हमलावर मारे गए थे। पाकिस्तान ने इस हमले को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया था। कराची हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग हुए एक संगठन ने ली है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की सीमा से संचालित आतंकी संगठन उसके भीतर हमलों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है और कहती है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद, आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच कई बार सीमा पार गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाओं का सबसे अधिक असर सीमावर्ती गांवों में रहने वाले आम नागरिकों पर पड़ता है, जिन्हें बार-बार विस्थापन और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। यदि दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया मजबूत नहीं हुई तो सीमा पर हालात और जटिल हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पहले कई मौकों पर दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील कर चुका है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से अपने-अपने दावों पर कायम रहने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अफगानिस्तान में हुए इन हमलों ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तालिबान सरकार नागरिकों के मारे जाने की बात कह रही है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:55:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा तनाव, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[ख्वाजा आसिफ ने जल सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा सकता है। संधि निलंबन के बाद दोनों देशों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/tension-increases-again-on-indus-water-treaty-big-statement-of/article-56609"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indus-water-treaty-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनावपूर्ण बयानबाजी सामने आई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि यदि पाकिस्तान को यह महसूस होता है कि उसकी जल सुरक्षा को खतरा पहुंच रहा है तो स्थिति गंभीर हो सकती है और देश अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि को लेकर चल रही बहस फिर चर्चा में आ गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान पहले से ही पानी की कमी और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में दखल देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पानी किसी भी देश के लिए जीवनरेखा की तरह होता है और यदि इस पर असर पड़ता है तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। हालांकि बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल के महीनों में इस विषय पर हुए सभी तकनीकी घटनाक्रमों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। इसके बावजूद उनका बयान पाकिस्तान में जल संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दरअसल अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। उस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। भारत ने स्पष्ट किया था कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि को बहाल नहीं किया जाएगा। भारत का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और आतंकवाद से जुड़े मामलों पर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। सिंधु जल संधि वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी। विश्व बैंक की मध्यस्थता में तैयार इस समझौते को दुनिया के सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय जल समझौतों में गिना जाता रहा है। इस संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के जल उपयोग को लेकर दोनों देशों के अधिकार तय किए गए थे। इनमें सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का अधिकांश जल पाकिस्तान को दिया गया, जबकि रावी, ब्यास और सतलुज नदियों पर भारत को अधिकार मिला। कई युद्धों और राजनीतिक तनावों के बावजूद यह संधि दशकों तक लागू रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान की जल व्यवस्था काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। देश की लगभग 90 प्रतिशत सिंचित कृषि भूमि को पानी इसी नदी तंत्र से मिलता है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण है और ग्रामीण आबादी का बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर है। ऐसे में पानी की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कमी का असर सीधे खाद्य उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है। पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। सिंध और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में पानी की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कई प्रमुख नहरों में पानी का स्तर सामान्य से काफी नीचे पहुंच चुका है। नॉर्थ वेस्ट कैनाल में 64 प्रतिशत से अधिक पानी की कमी दर्ज की गई है, जबकि राइस कैनाल और दादू कैनाल में भी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले मौसम में फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जल संकट का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान के कई बड़े बांध और हाइड्रोपावर परियोजनाएं भी नदी के जल प्रवाह पर निर्भर करती हैं। मंगल और तारबेला जैसे प्रमुख जलाशयों में पानी की उपलब्धता कम होने की आशंका जताई जा रही है। यदि जल स्तर में लगातार गिरावट आती है तो बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है और पहले से दबाव झेल रही अर्थव्यवस्था को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर भारत का कहना है कि सिंधु जल संधि को लेकर उसका रुख स्पष्ट है। भारत लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन से संचालित होने वाले आतंकी ढांचे के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करता। इसी कारण भारत ने पहलगाम हमले के बाद कड़ा रुख अपनाया। भारतीय अधिकारियों का मानना है कि आतंकवाद और द्विपक्षीय सहयोग एक साथ नहीं चल सकते। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि जल संसाधनों का मुद्दा आने वाले वर्षों में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाला है। दक्षिण एशिया में बढ़ती आबादी, जलवायु परिवर्तन और सीमित जल स्रोतों के कारण पानी को लेकर चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए जल प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता एक बड़ा विषय बना रहेगा। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी इस मुद्दे को और जटिल बना रही है। सिंधु जल संधि को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है। पाकिस्तान अपनी जल सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहा है, जबकि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख पर कायम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:38:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलूचिस्तान में ट्रेन के पास हुआ आत्मघाती धमाका, जाफर एक्सप्रेस हादसे में 30 की मौत, 82 लोग घायल</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला हुआ। जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे, 30 लोगों की मौत हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/suicide-attack-in-balochistan-30-killed-82-injured-in-jafar/article-54117"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/balochistan-pakistan-jaffar-express-suicide-attack.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रविवार को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक भयंकर आत्मघाती हमला हुआ। ये धमाका क्वेटा शहर के चमन फाटक के नजदीक रेलवे ट्रैक के पास हुआ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें जाफर एक्सप्रेस ट्रेन शामिल थी। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस त्रासदी में कम से कम 30 लोगों की जान गई है और 82 से अधिक लोग घायल हुए हैं। धमाका इतना तेज था कि कई ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए और आसपास अफरा-तफरी मच गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्थानीय मीडिया के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये घटना तब हुई जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा कैंट की ओर बढ़ रही थी। धमाके के तुरंत बाद रेलवे ट्रैक के आस-पास आग लग गई। कुछ डिब्बे पलटे भी और कई को नुकसान हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने तेज आवाज के बाद चीखें सुनीं और धुएं का गुबार उठते देखा। सोशल मीडिया पर भी इस घटना के कई वीडियो सामने आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें ट्रेन के डिब्बों से आग और धुआं निकलते हुए नजर आ रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटना के बाद पुलिस</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फायर ब्रिगेड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल वहां पहुंचे। घायलों को अस्पताल भेजा गया और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि धमाके के कारण आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और जांच चल रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे घटना स्थल के आसपास भीड़ न लगाएं। इस हमले की कोई जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकी हमला मानते हुए जांच कर रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया गया है कि जाफर एक्सप्रेस पहले भी कई बार हमलों का शिकार हो चुकी है। यह ट्रेन बलूचिस्तान के संवेदनशील क्षेत्र से गुजरती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियां और आतंकी हमले होते रहे हैं। इन क्षेत्रों में बलूच लिबरेशन आर्मी का प्रभाव है। पिछले साल भी इस ट्रेन को हाईजैक करने की घटना सामने आई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कई यात्रियों को बंधक बनाए जाने का दावा किया गया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बलूचिस्तान में अलगाववाद और हिंसा की घटनाएं लंबे समय से जारी हैं। यहां कई संगठन पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सक्रिय हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ट्रैक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर लगातार हमले हुए हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल ही में जारी ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान को दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बताया गया है। रिपोर्ट में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां आतंकी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:50:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के इस पडोसी देश में 6 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल, लगातार दूसरी बार घटे दाम</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल 6 रुपये और डीजल 6.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया। लगातार दूसरी बार ईंधन कीमतों में राहत दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/petrol-becomes-cheaper-by-6-rupees-in-this-neighboring-country/article-54068"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pakistan-petrol-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान की सरकार ने फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने का ऐलान किया है। शुक्रवार रात जारी किए गए नए रेट के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (</span>HSD) <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत </span>6.80<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर कम की गई है। अब पाकिस्तान में पेट्रोल </span>403.78<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर और डीजल </span>402.78<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों में यह राहत की दूसरी बड़ी खबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इससे पहले भी सरकार ने दोनों ईंधनों की कीमतें </span>5-5<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये घटाई थीं। इस तरह से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को पेट्रोल पर </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये और डीजल पर लगभग </span>11.80<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की राहत मिल चुकी है। बढ़ती महंगाई के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस फैसले को आम जनता के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ महीनों से हर शुक्रवार को ईंधन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। फरवरी में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच हालात के बिगड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर पाकिस्तान समेत कई देशों पर पड़ा। मार्च की शुरुआत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक झटके में </span>55<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी गई थीं। इसके बाद वित्त मंत्री </span>Muhammad Aurangzeb <span lang="hi" xml:lang="hi">और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। हालाँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ समय बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री </span>Shehbaz Sharif <span lang="hi" xml:lang="hi">ने पेट्रोलियम लेवी को कम कर जनता को राहत दी। अब लगातार दो हफ्तों से कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों का सीधा असर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्यूंकि वहां बड़ी संख्या में लोग दोपहिया वाहन और रिक्शे का उपयोग करते हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर साफ-साफ दिखता है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में हालात थोड़े अलग हैं। हाल के दिनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। नई दिल्ली में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>99.51 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत </span>92.49 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति लीटर हो गई है। तेल कंपनियों ने </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई के बाद से तीसरी बार दाम बढ़ाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का प्रभाव दोनों देशों में अलग-अलग तरीके से नजर आ रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:41:56 +0530</pubDate>
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                <title>पाकिस्तान में बदले जा रहे पुराने नाम, बाबरी मस्जिद चौक बना जैन मंदिर चौक</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के लाहौर में कई सड़कों और चौकों के पुराने हिंदू-सिख दौर के नाम फिर बहाल किए गए, जैन मंदिर चौक चर्चा में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/old-names-being-changed-in-pakistan-babri-masjid-chowk-becomes/article-53826"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/old-names-are-being-changed-in-pakistan.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लाहौर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान में लगभग आठ दशकों बाद एक ऐसा निर्णय लिया गया है जो न केवल भारत में बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पंजाब प्रांत की मरियम नवाज सरकार ने कई ऐतिहासिक सड़कों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चौकों और क्षेत्रों के पुराने नामों को फिर से बहाल करने की योजना को मंजूरी दी है। ये नाम वो हैं जिन्हें बंटवारे के बाद धार्मिक या स्थानीय राजनीतिक पहचान के आधार पर बदल दिया गया था। अब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां पुराने हिंदू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिख और ब्रिटिश काल के नाम वाले साइन बोर्ड फिर से लगाए जा रहे हैं। हाल ही में लाहौर की सड़कों पर नए बोर्ड लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां सबसे अधिक चर्चा बाबरी मस्जिद चौक का नाम बदलकर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जैन मंदिर चौक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">किए जाने की हो रही है। इसके साथ ही इस्लामपुरा क्षेत्र को फिर से कृष्ण नगर के रूप में जाना जाने लगा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सब </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">लाहौर अथॉरिटी फॉर हेरिटेज रिवाइवल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>LAHR <span lang="hi" xml:lang="hi">परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का बजट करीब 50 अरब पाकिस्तानी रुपये है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसकी शुरुआत 2025 में की गई थी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मरियम नवाज की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई ऐतिहासिक नामों को दोबारा बहाल करने पर सहमति बनी। शहर के कुछ स्थानीय निवासियों का मानना है कि ये बदलाव लाहौर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि सोशल मीडिया पर इसे पाकिस्तान की बदलती सोच और अपने इतिहास से फिर से जुड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ हलकों में इस निर्णय पर बहस भी शुरू हो गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुन्नतनगर का नाम बदलकर संत नगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुस्तफाबाद का नाम धरमपुरा और मौलाना जफर अली खान चौक को लक्ष्मी चौक के रूप में फिर से पहचान मिल रही है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल्लामा इकबाल रोड को अब जेल रोड और फातिमा जिन्ना रोड को क्वींस रोड के नाम से जाना जा रहा है। बाग-ए-जिन्ना को भी अब लॉरेंस गार्डन कहा जा रहा है।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन सभी बदलावों के साथ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाहौर के पुराने खेल और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास पर भी काम चल रहा है। खबरें हैं कि मिंटो पार्क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे बाद में ग्रेटर इकबाल पार्क कहा गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां पुराने क्रिकेट मैदान और पारंपरिक अखाड़ों को फिर से स्थापित किया जाएगा। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने तीन क्रिकेट फील्ड और एक कुश्ती अखाड़े के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2015 में शहरी विकास परियोजना के दौरान इन ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके लिए काफी आलोचना हुई थी। मिंटो पार्क का क्रिकेट इतिहास भी बहुत पुराना है। पाकिस्तानी टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी यहां अभ्यास कर चुके हैं। विभाजन से पहले भारतीय क्रिकेटर लाला अमरनाथ भी इसी क्षेत्र के क्रिकेट क्लबों में खेलते थे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुराने अखाड़ों में गामा पहलवान और गूंगा पहलवान जैसे प्रसिद्ध पहलवानों के मुकाबले आयोजित होते थे। इन ऐतिहासिक नामों की वापसी को कुछ लोग सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करने की कोशिश मानते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बहुत से लोग इसे राजनीतिक संदेश के रूप में भी देख रहे हैं। इस समय लाहौर में चल रहे इन बदलावों ने दोनों देशों में नई चर्चाएं जरूर शुरू कर दी हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 11:48:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलूचिस्तान में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने 35 आतंकियों का किया खात्मा, 3 कमांडर भी किए गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों ने बड़ा अभियान चलाकर 35 आतंकियों को मार गिराया और 3 वरिष्ठ कमांडरों को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-action-in-balochistan-35-terrorists-eliminated-3-commanders-arrested/article-53677"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pakistan-counter-terrorism-action-balochistan-operation.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने एक बड़े सैन्य अभियान में 35 आतंकियों को मार गिराने और 3 वरिष्ठ कमांडरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। यह कार्रवाई मंगला जरघून घर इलाके में की गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पिछले कुछ दिनों से लगातार ऑपरेशन चल रहा था। इस पूरे ऑपरेशन ने इलाके में तनाव और सख्ती की स्थिति बनाई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सुरक्षा इंतजाम भी कड़े कर दिए गए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह अभियान 13 मई को शुरू हुआ था और पिछले चार दिनों में लगातार कार्रवाई चलती रही। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और उनके सहयोगी नेटवर्क थे। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने क्वेटा में मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पहले से पकड़े गए आतंकियों से मिली जानकारी भी शामिल थी। उनके अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पकड़े गए तीनों कमांडर काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई ठिकानों को भी निशाना बनाया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां आतंकी बेस कैंप सक्रिय थे। अधिकारियों का दावा है कि इन कैंपों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी तक पाकिस्तानी सेना की ओर से इस ऑपरेशन पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हाल ही में बलूचिस्तान में हुए एक अन्य सैन्य अभियान का भी उल्लेख किया जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एक मेजर समेत पांच सैनिकों की मौत हुई थी। उस घटना में भी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सात आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बलूचिस्तान लंबे समय से उग्रवाद और आतंकी गतिविधियों से प्रभावित रहा है। पाकिस्तान सरकार और सेना समय-समय पर बड़े अभियानों का दावा करती रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जमीनी स्थिति अभी भी पूरी तरह से स्थिर नहीं मानी जाती। इस हालिया कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के अभियानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब पहले से ही स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति हो।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिलहाल सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों या कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 13:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुआ आत्मघाती हमला, 9 की मौत, 35 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के नौरंग बाजार में आत्मघाती धमाके में 9 लोगों की मौत और 35 घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/9-killed-35-injured-in-suicide-attack-in-pakistans-khyber/article-53213"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t170342.886.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मंगलवार को एक आत्मघाती धमाके ने इलाके को हिला कर रख दिया। लक्की मरवत के नौरंग बाजार में हुए इस बम धमाके में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और 35 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की कई दुकानें और गाड़ियां नुकसान झेल गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरे एक ऑटो रिक्शा में चढ़कर भीड़-भाड़ वाले बाजार में आया और फिर खुद को उड़ा दिया। जब ये हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब बाजार में काफी भीड़ थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे अचानक अफरा-तफरी मच गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों का कहना है कि मृतकों में दो ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी और एक महिला भी शामिल हैं। कई घायल गंभीर हालत में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के बाद चारों तरफ धुआं फैल गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वहां चीख-पुकार मच गई थी। रेस्क्यू 1122 की टीमों और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पहले सराय नौरंग के तहसील मुख्यालय अस्पताल में लाया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन गंभीर हालत के चलते कई लोगों को बन्नू और पेशावर के बड़े अस्पतालों में भेजा गया। अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ भी बुलाया गया है। धमाके के कारण बाजार के आसपास का क्षेत्र कई घंटों तक सील रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच में इसे आत्मघाती हमला माना जा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अभी तक किसी भी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। जिला पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और विस्फोट में इस्तेमाल की गई सामग्री की भी जांच की जा रही है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सुहैल अफरीदी ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए </span>IG <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। हाल के समय में पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। नौरंग बाजार में हुए इस हमले के बाद पूरे इलाके में आतंक और तनाव का माहौल बना हुआ है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/9-killed-35-injured-in-suicide-attack-in-pakistans-khyber/article-53213</link>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में US-ईरान बातचीत पर असमंजस, आमने-सामने वार्ता पर मतभेद</title>
                                    <description><![CDATA[US-ईरान बातचीत को लेकर अलग-अलग संकेत, पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में; बैठक पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं ईरान और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज है, लेकिन तस्वीर अब भी साफ नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/confusion-over-us-iran-talks-in-pakistan-disagreement-over-face-to-face-talks/article-52061"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/us-iran-talks-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बातचीत को लेकर स्थिति उलझी हुई नजर आ रही है। एक ओर अमेरिका सीधे संवाद की उम्मीद जता रहा है, वहीं ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह आमने-सामने वार्ता के बजाय पाकिस्तान के जरिए अपनी बात रखेगा। इसी बीच दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं, जिससे कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी पहुंचने की संभावना जताई गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी और क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है।</p>
<p>हालांकि, दोनों पक्षों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास दिख रहा है। अमेरिका का कहना है कि वह सीधे शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन ईरान ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि कोई औपचारिक बैठक तय नहीं है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि बातचीत की प्रक्रिया अभी शुरुआती और अनिश्चित चरण में है।</p>
<h5><span><strong>बातचीत पर मतभेद</strong></span></h5>
<p>अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधी बातचीत कर सकता है। इसके लिए विशेष दूतों को भेजा गया है।</p>
<p>वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अलग रुख अपनाते हुए कहा है कि वह सीधे अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा। ईरान की ओर से कहा गया है कि उसकी बातें पाकिस्तान के अधिकारियों के जरिए साझा की जाएंगी।</p>
<p>इस रुख से यह साफ होता है कि बातचीत अगर होती भी है, तो वह अप्रत्यक्ष रूप में हो सकती है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा।</p>
<h5><span><strong>पहला दौर रहा बेनतीजा</strong></span></h5>
<p>इससे पहले अप्रैल के मध्य में पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी, जो करीब 21 घंटे चली लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।</p>
<p>मुख्य विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और निर्बाध रहे, जबकि ईरान इस पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है। इसके अलावा, अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की मांग करता रहा है। ईरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह इसे बंद नहीं करेगा।</p>
<h5><span><strong>बढ़ता क्षेत्रीय तनाव</strong></span></h5>
<p>इसी दौरान क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी बढ़ी हैं। अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में एक ईरानी झंडे वाले जहाज को रोकने की कार्रवाई की। यह कदम समुद्री सुरक्षा और प्रतिबंधों के पालन के तहत उठाया गया बताया गया है।</p>
<p>दूसरी ओर, ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को लेकर दावा किया है कि वह अब देश में ही बड़ी संख्या में हथियारों का उत्पादन कर रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष दबाव की रणनीति भी साथ-साथ अपना रहे हैं।</p>
<h5><span><strong>आंतरिक मतभेद भी असरदार</strong></span></h5>
<p>ईरान के भीतर भी बातचीत को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। कुछ नेता बातचीत में लचीलापन दिखाने के पक्ष में हैं, जबकि कट्टर रुख रखने वाला धड़ा किसी भी समझौते के खिलाफ है। वार्ता टीम में बदलाव की चर्चा भी चल रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान के भीतर रणनीति को लेकर स्पष्ट सहमति नहीं है।फिलहाल नजर इस बात पर टिकी है कि पाकिस्तान में दोनों पक्षों के बीच किसी तरह का संवाद स्थापित हो पाता है या नहीं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/confusion-over-us-iran-talks-in-pakistan-disagreement-over-face-to-face-talks/article-52061</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 11:06:36 +0530</pubDate>
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