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                <title>fire incident - दैनिक जागरण</title>
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                <description>fire incident RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रायपुर कलेक्टर निवास में देर रात लगी आग, शॉर्ट-सर्किट की आशंका; एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते आग बुझाई, कोई जनहानि नहीं; पार्किंग शेड, फर्नीचर और विद्युत उपकरणों को नुकसान, प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/fire-broke-out-late-night-in-raipur-collectors-residence-suspicion/article-57951"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-collector-residence.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रायपुर के कलेक्टर गौरव सिंह के सरकारी निवास परिसर में रविवार देर रात अचानक आग लगने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पार्किंग शेड, फर्नीचर, विद्युत उपकरण और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार आग शनिवार और रविवार की दरमियानी रात लगभग दो से ढाई बजे के बीच लगी। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक परिसर से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई देने पर वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड और पुलिस कंट्रोल रूम को भी जानकारी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया। करीब एक घंटे तक लगातार पानी की बौछारें और अन्य अग्निशमन उपकरणों का उपयोग कर आग को नियंत्रित किया गया। इसके बाद यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट-सर्किट माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विद्युत प्रणाली में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता विस्तृत तकनीकी जांच और फॉरेंसिक निरीक्षण के बाद ही चल सकेगा। जांच पूरी होने तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आग की चपेट में आने से कलेक्टर निवास परिसर का पार्किंग शेड सबसे अधिक प्रभावित हुआ। इसके अलावा वहां रखे कुछ फर्नीचर, विद्युत उपकरण, वायरिंग और अन्य सामग्री भी जल गई। नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए संबंधित विभागों की टीम को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि सभी क्षतिग्रस्त वस्तुओं का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। अधिकारियों का मानना है कि यदि बिजली चालू रहती तो आग और अधिक फैल सकती थी या किसी अन्य दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती थी। बिजली विभाग की टीम ने बाद में पूरे परिसर की वायरिंग और विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग बुझाने के कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार आग लगने के बाद सबसे पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि परिसर में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हों। इसके बाद आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए व्यवस्थित तरीके से अभियान चलाया गया। दमकल कर्मियों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आग बुझाने का कार्य पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने भी बताया कि देर रात अचानक दमकल वाहनों के सायरन सुनाई दिए, जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सरकारी भवनों और आवासीय परिसरों में नियमित रूप से विद्युत वायरिंग, फायर सेफ्टी सिस्टम और अग्निशमन उपकरणों की जांच बेहद आवश्यक होती है। समय-समय पर फायर ऑडिट कराने से इस प्रकार की घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। साथ ही आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए कर्मचारियों को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">रायपुर कलेक्टर निवास में लगी आग भले ही समय रहते नियंत्रित कर ली गई, लेकिन इस घटना ने सरकारी परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर, नियमित फायर ऑडिट और विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देकर इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:40:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर की पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[उरला क्षेत्र की फैक्ट्री से उठता धुएं का गुबार दूर तक दिखा, दमकल और पुलिस टीमों ने समय रहते पाया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-factory-fire.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में शुक्रवार को अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर से उठते काले धुएं के घने गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिए, जिसके बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग फैक्ट्री के उत्पादन क्षेत्र में उस समय लगी जब वहां सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही थी। बताया जा रहा है कि तकनीकी कारणों से एक वाल्व पूरी तरह बंद नहीं हो पाया, जिसके चलते गर्म पदार्थ बाहर निकलने लगा। जैसे ही यह पदार्थ ऑक्सीजन के संपर्क में आया, सेल्फ इग्नीशन यानी स्वतः दहन की प्रक्रिया शुरू हो गई और देखते ही देखते आग फैल गई। फैक्ट्री कर्मचारियों ने शुरुआत में खुद आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बढ़ने पर दमकल विभाग को सूचना दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान सैंपल ले रहे एक कर्मचारी के हाथ में हल्की चोट आई। फैक्ट्री प्रबंधन ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि आग लगने के बाद कुछ समय तक फैक्ट्री परिसर और आसपास का इलाका धुएं से घिरा रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं का गुबार आसमान में कई मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया था। दूर से गुजर रहे लोगों ने भी धुएं के बड़े-बड़े गुबार देखे और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। कई लोगों ने घटना के वीडियो भी बनाए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो में फैक्ट्री परिसर से उठता धुआं और मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां साफ दिखाई दे रही हैं। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में ज्वलनशील पदार्थों के इस्तेमाल के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका थी। इसी वजह से अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी मौके पर भेजा गया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया। सुरक्षा के लिहाज से फैक्ट्री के कुछ हिस्सों को खाली कराया गया और आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में टायरों को प्रोसेस कर डामर और बिटुमिनस उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस तरह के उद्योगों में उच्च तापमान और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा नियमों के पालन में कोई कमी तो नहीं रही। इस घटना ने कुछ सप्ताह पहले रायपुर के एमजी रोड स्थित जया ऑटोमोबाइल बिल्डिंग में लगी भीषण आग की याद भी ताजा कर दी। उस हादसे में आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में दमकल विभाग को करीब 11 घंटे का समय लगा था। आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक फैल गई थी और फायर कर्मियों को जेसीबी मशीन की मदद से भवन का हिस्सा तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा था। हालांकि पोरवाल ऑयल फैक्ट्री की घटना उस स्तर की नहीं रही, लेकिन इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री का निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना पूरी तरह तकनीकी खराबी का परिणाम थी या फिर सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:22:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रायपुर के एमजी रोड स्थित ऑटोमोबाइल शोरूम में भीषण आग, कई घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[जया ऑटोमोबाइल की बिल्डिंग में लगी आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंची, टायर-ट्यूब और ज्वलनशील सामान के कारण बढ़ी लपटें; आसपास की दुकानों को कराया गया खाली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/massive-fire-in-the-automobile-showroom-located-on-mg-road/article-55617"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-fire-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र एमजी रोड में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जया ऑटोमोबाइल नामक एक ऑटोमोबाइल शोरूम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौदहापारा थाना क्षेत्र में स्थित इस शोरूम में आग लगने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान खुलने के कुछ समय बाद ही इमारत के भीतर से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि शोरूम के भीतर बड़ी मात्रा में वाहन स्पेयर पार्ट्स, टायर, ट्यूब, प्लास्टिक सामग्री और लुब्रिकेंट्स रखे हुए थे। ये सभी सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील मानी जाती हैं। इसी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही समय में इमारत की दूसरी मंजिल से होते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोग भी चिंतित हो गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था संभाली। आग के फैलने की आशंका को देखते हुए आसपास की कई दुकानों को एहतियातन बंद कराया गया। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा, क्योंकि दमकल वाहनों और राहत टीमों को रास्ता देने के लिए पुलिस ने सड़क के कुछ हिस्सों को नियंत्रित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फायर ब्रिगेड की पांच से अधिक गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं। दमकल कर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। टायर और प्लास्टिक सामग्री के लगातार जलने से तापमान बढ़ता गया और धुआं भी अधिक मात्रा में निकलता रहा। आग बुझाने के लिए लगातार पानी की बौछार की गई, वहीं कुछ स्थानों पर विशेष अग्निशमन उपकरणों का भी उपयोग किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आग इमारत के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच चुकी थी। ऐसे में दमकलकर्मियों को सावधानी के साथ अंदर प्रवेश करना पड़ा। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कराई गई ताकि किसी प्रकार की अतिरिक्त दुर्घटना न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ समय तक लगातार धमाके जैसी आवाजें भी सुनाई दीं। माना जा रहा है कि यह आवाजें आग की चपेट में आने वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स या अन्य सामग्री के कारण हुई होंगी। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कई लोग अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो और तस्वीरें बनाते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी आग की तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकड़ा आग पूरी तरह बुझने और निरीक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग लगने की असली वजह क्या थी। शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या अन्य किसी कारण की संभावना को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण के बाद फॉरेंसिक और तकनीकी टीमों की मदद से कारणों की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। वहीं शोरूम प्रबंधन से भी आग सुरक्षा व्यवस्था और भवन में मौजूद सामग्री के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी। रायपुर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल एमजी रोड पर हुई इस घटना ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आग ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:54:11 +0530</pubDate>
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                <title>भोपाल के लालघाटी में तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में आग, छह रेस्टोरेंट प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[भोज इन रेस्टोरेंट के किचन से शुरू हुई आग ने पूरे भवन को चपेट में लिया, फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/fire-in-three-storey-complex-in-lalghati-bhopal-six-restaurants-affected/article-55173"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-fire-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भोपाल के लालघाटी इलाके में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत से घना धुआं उठता दिखाई दिया। एलर कॉम्प्लेक्स नाम की इस इमारत में स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय इमारत के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग की वजह से रेस्टोरेंट और अन्य दुकानों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले भोज इन रेस्टोरेंट के किचन में लगी थी। शुरुआती समय में किसी को इसका अंदाजा नहीं हुआ। सुबह करीब सात बजे पड़ोस की एक इमारत में तैनात सुरक्षा गार्ड ने कॉम्प्लेक्स की खिड़कियों से धुआं निकलते देखा। पहले उसे लगा कि यह रोज की तरह किचन से निकलने वाला सामान्य धुआं है, लेकिन कुछ ही देर बाद जब धुएं के साथ लपटें दिखाई देने लगीं तो स्थिति की गंभीरता समझ में आई। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलर कॉम्प्लेक्स इलाके की प्रमुख व्यावसायिक इमारतों में गिना जाता है। यहां कुल छह रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। बेसमेंट में प्रसिद्ध भोजनालय बापू की कुटिया स्थित है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर डोमिनोज का आउटलेट और कई अन्य दुकानें मौजूद हैं। आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं भर गया और कुछ ही समय में आसपास के क्षेत्र में भी इसकी चर्चा फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत से उठ रहा काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूचना मिलने के बाद शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। तीन वाटर टैंकरों सहित कुल आठ दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए दमकलकर्मियों को भवन के अंदर पहुंचने में कठिनाई हुई। कई हिस्सों में घना धुआं भर जाने के कारण सामान्य रास्तों से प्रवेश संभव नहीं था। ऐसे में फायर ब्रिगेड के जवानों ने एक दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगातार पानी की बौछार और विशेष उपकरणों की मदद से लपटों को नियंत्रित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हादसे के दौरान सबसे बड़ा खतरा रेस्टोरेंट के किचन में रखे कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों से था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वहां चार बड़े एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे। यदि इनमें विस्फोट हो जाता तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था और आसपास की इमारतें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। दमकलकर्मियों ने तेजी दिखाते हुए सबसे पहले इन सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते यह कदम उठा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक आग की लपटें तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच रही थीं। रेस्टोरेंट के अंदर मौजूद फर्नीचर, लकड़ी की सजावट और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग फैलने की गति और बढ़ गई। हालांकि दमकल विभाग की टीमों ने लगातार प्रयास करते हुए आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया। करीब एक घंटे बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उनके अनुसार जिस समय आग लगी, उस वक्त रेस्टोरेंट बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि परिसर में फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस घटना के बाद एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स में बड़ी मात्रा में गैस, बिजली के उपकरण और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए नियमित सुरक्षा जांच और फायर सेफ्टी ड्रिल बेहद जरूरी है। स्थानीय प्रशासन भी अब इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी कर रहा है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन और फायर विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:06:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में सेंट्रल बैंक के जोनल ऑफिस में भीषण आग, जरूरी दस्तावेज जलने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[बॉम्बे मार्केट स्थित कार्यालय में सुबह उठता दिखा धुआं, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/major-fire-in-the-zonal-office-of-central-bank-in/article-55087"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ebola-virus-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बॉम्बे मार्केट इलाके में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। सुबह करीब 9 बजे आसपास से गुजर रहे लोगों ने बंद पड़े कार्यालय की खिड़कियों और वेंटिलेशन से निकलता धुआं देखा तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। आग बैंक के जोनल ऑफिस में लगी थी, इसलिए शुरुआत से ही आशंका जताई जा रही थी कि अंदर रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और कार्यालयी रिकॉर्ड इसकी चपेट में आ सकते हैं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। शुरुआती हालात को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि आग अंदरूनी हिस्से में तेजी से फैल चुकी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार्यालय बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की खबर सामने नहीं आई।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। फायर ब्रिगेड के जवानों को आग तक पहुंचने और उसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि धुएं की वजह से कुछ समय तक अंदर प्रवेश करना भी मुश्किल हो रहा था। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से भवन के भीतर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और फिर अलग-अलग हिस्सों में फैल रही आग को नियंत्रित किया। घटना के दौरान आसपास की दुकानों और इमारतों में मौजूद लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर आग लगने वाले हिस्से के आसपास आवाजाही सीमित कर दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मात्रा बढ़ने लगी, जिसके बाद लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को सूचना दी। बैंक कार्यालय में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम और रिकॉर्ड रूम को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसका आकलन अभी किया जा रहा है।</p>
<p>आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले अधिकारी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। पुलिस और फायर विभाग की टीम संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रही है। आग किस हिस्से से शुरू हुई और कितनी तेजी से फैली, इसे लेकर तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। बैंक प्रबंधन भी घटना के बाद सक्रिय हो गया है और अंदर रखे दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जोनल ऑफिस होने के कारण यहां कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और प्रशासनिक दस्तावेज रखे होने की संभावना बताई जा रही है। ऐसे में आग से हुए नुकसान की वास्तविक तस्वीर जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी। इस बीच एडीसीपी मध्य तारकेश्वर पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार आग अब पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखी गई है ताकि किसी प्रकार की दोबारा आग भड़कने की स्थिति न बने। शहर के व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने एक बार फिर संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सूचना मिल जाने से बड़ा हादसा टल गया, वरना आग आसपास की अन्य इमारतों तक भी फैल सकती थी। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर के मिवान स्टील प्लांट में भीषण आग, पांच घंटे बाद पाया गया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर हसौद स्थित औद्योगिक इकाई में सुबह लगी आग से मचा हड़कंप, 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार, शॉर्ट सर्किट की आशंका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/massive-fire-in-raipurs-miwan-steel-plant-brought-under-control/article-54742"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-fire-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद औद्योगिक क्षेत्र स्थित मिवान स्टील लिमिटेड प्लांट में मंगलवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी विकराल थी कि इसकी ऊंची लपटें और आसमान में उठता काले धुएं का घना गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। सुबह के समय हुई इस घटना के बाद आसपास के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और कई घंटों तक चले रेस्क्यू एवं राहत अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे प्लांट परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआती समय में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी तेजी से फैल जाएगी। कुछ ही मिनटों में आग ने प्लांट के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें कई फीट ऊंची उठने लगीं और आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार छा गया। धुएं का यह गुबार दूर-दराज के क्षेत्रों से भी साफ दिखाई दे रहा था, जिससे लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट प्रबंधन ने तत्काल दमकल विभाग और प्रशासन को सूचना दी। सूचना के बाद रायपुर, मंदिर हसौद और आसपास के क्षेत्रों से कई फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर भेजे गए। आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को भी बुलाया गया। आग लगातार फैल रही थी, इसलिए फायर कर्मियों को काफी सतर्कता के साथ काम करना पड़ा। प्लांट में मौजूद ज्वलनशील सामग्री और औद्योगिक उपकरणों के कारण स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दमकल विभाग के कर्मचारियों ने आग को नियंत्रित करने के लिए पानी और फोम का लगातार उपयोग किया। कई घंटों तक लगातार प्रयास किए गए ताकि आग प्लांट के अन्य हिस्सों तक न पहुंच सके। करीब पांच घंटे तक चले अभियान के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, जिससे आग आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक नहीं फैल सकी।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्लांट के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों में मौजूद लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और राहत कार्यों का लगातार निरीक्षण किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस आगजनी की घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, जिसे सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। हालांकि आग के कारण प्लांट को भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। आग से मशीनरी, कच्चा माल और अन्य औद्योगिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। नुकसान का वास्तविक आंकलन विस्तृत जांच और सर्वेक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">आग बुझने के बाद अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों की टीम को आग के कारणों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच के दौरान विद्युत व्यवस्था, मशीनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस बड़ी घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े उद्योगों में अग्नि सुरक्षा मानकों का नियमित परीक्षण और उपकरणों का समय-समय पर रखरखाव बेहद जरूरी है। किसी भी छोटी तकनीकी खराबी को नजरअंदाज करना बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में इस घटना के बाद अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह अचानक आसमान में घना काला धुआं दिखाई देने लगा था। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर यह धुआं कहां से उठ रहा है। जब आग की जानकारी सामने आई तो बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास पहुंचने लगे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लोगों को दूर रखा और क्षेत्र को नियंत्रित किया।</p>
<p>प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और विशेषज्ञों की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस भीषण आग के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह जिम्मेदार थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:16:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्तर के तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग, हजार बोरे राख; बीजापुर मामले में DFO हटाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[सरगीपाल गोदाम में आग से बड़ा नुकसान, शॉर्ट सर्किट और लापरवाही की आशंका; बीजापुर अग्निकांड के बाद सरकार सख्त, सागर जाधव को नई जिम्मेदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/major-fire-in-tendupatta-godown-of-bastar-thousands-of-sacks/article-54441"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bastar-fire.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में तेंदूपत्ता गोदाम में लगी भीषण आग ने वन विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार शाम सरगीपाल स्थित गोदाम में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब एक हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग और दमकल टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।</p>
<p>जानकारी के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता का स्टॉक रखा गया था, जिसे सुकमा जिले से लाकर यहां सुरक्षित रखा गया था। यह तेंदूपत्ता पिछले साल का संग्रहित स्टॉक बताया जा रहा है। आग लगने की सूचना मिलते ही वन अमला, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग पर नियंत्रण पाने के लिए कई दमकल वाहनों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास के ग्रामीण भी आग बुझाने के प्रयास में जुट गए थे। हालांकि सूखे तेंदूपत्ते और गर्म मौसम के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। अधिकारियों ने समय रहते आसपास के हिस्सों को खाली कराया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।</p>
<p>वन विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब एक हजार बोरा तेंदूपत्ता पूरी तरह जल चुका है। फिलहाल नुकसान का सटीक आंकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी प्रकार की लापरवाही को वजह माना जा रहा है। हालांकि अधिकारी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच की बात कह रहे हैं।</p>
<p>यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले ही बीजापुर जिले में एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लगी थी। उस हादसे में करीब 18 हजार बोरे जलकर खाक हो गए थे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक बीजापुर की घटना में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>बीजापुर अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली थी। इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बीजापुर के डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जगह सागर जाधव को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>सरकार का मानना है कि तेंदूपत्ता जैसे महत्वपूर्ण वन उत्पाद के संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही कारण है कि लगातार दूसरी बड़ी आग की घटना के बाद विभागीय स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और आग से बचाव के इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>तेंदूपत्ता छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा माना जाता है। हजारों ग्रामीण और वनवासी परिवार इसकी तुड़ाई और व्यापार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर तेंदूपत्ता का नुकसान न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करता है बल्कि स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डालता है।</p>
<p>इन घटनाओं के बाद बीमा क्लेम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक तेंदूपत्ता के बड़े स्टॉक का अक्सर बीमा कराया जाता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन घटनाओं के पीछे बीमा क्लेम का एंगल तो नहीं हो सकता। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित गोदामों का बीमा हुआ था या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक किया गया।</p>
<p>वन विभाग का कहना है कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि गोदामों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, बिजली व्यवस्था सुरक्षित थी या नहीं और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी या नहीं। लगातार हो रही आग की घटनाओं ने विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। गर्मियों के मौसम में सूखे तेंदूपत्ते अत्यधिक ज्वलनशील हो जाते हैं। यदि गोदामों में पर्याप्त वेंटिलेशन, बिजली सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था न हो तो छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। इसलिए गोदामों की नियमित जांच और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/major-fire-in-tendupatta-godown-of-bastar-thousands-of-sacks/article-54441</link>
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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:11:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल के रचना टॉवर के बेसमेंट में लगी आग, SUV जलकर हुई खाक</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल के रचना टॉवर बेसमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने के बाद SUV जल गई। घटना से बिल्डिंग में अफरातफरी मच गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-breaks-out-in-bhopals-rachna-tower-basement-suv-burnt/article-54163"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhopal-rachna-tower-fire-incident.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल के रचना नगर क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक आवासीय बिल्डिंग के बेसमेंट में अचानक आग लग गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे हड़कंप मच गया। यह घटना रचना टॉवर में हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से आग शुरू हुई। बहुत जल्दी ही यह आग पास खड़ी एक एसयूवी को भी अपनी चपेट में ले ली। थोड़ी ही देर में एसयूवी धू-धूकर जलने लगी और बेसमेंट में धुआं भर गया। यह घटना करीब डेढ़ बजे हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेसमेंट में कई गाड़ियां खड़ी थीं। जिस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह चार्जिंग पर थी। अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और कुछ ही सेकंड में लपटें उठने लगीं। आसपास के लोगों ने पहले खुद आग बुझाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आग तेजी से फैल गई। पास की एसयूवी भी आग की चपेट में आ गई और वह भी कुछ ही मिनटों में जल गई। बेसमेंट बंद होने की वजह से धुआं तेजी से पूरे बिल्डिंग में फैलने लगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस घटना के समय वहां कई परिवार मौजूद थे। धुआं फैलते ही लोग घबराकर घरों से बाहर निकलने लगे। कुछ लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सीढ़ियों से नीचे आए। इस वजह से थोड़ी देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने पहले बेसमेंट खाली कराया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आग इतनी भयंकर थी कि उसका धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बैटरी या चार्जिंग सिस्टम में खराबी की आशंका जताई जा रही है। लेकिन आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चलेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं अलग-अलग शहरों में सामने आई हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर बेसमेंट पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इमारतों में सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच जरूरी है ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:36:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग में ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी से लगी कबाड़ी दुकान में भीषण आग, दमकल टीम ने पाया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग के राधिका नगर में ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी के बाद कबाड़ी दुकान में भीषण आग लग गई। दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a12a41365855/article-54111"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/durg-arson-fire-at-scrap-shop.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शनिवार रात एक कबाड़ी दुकान में अचानक आग लग गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना सुपेला थाना क्षेत्र के राधिका नगर की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां रात करीब 10:30 बजे ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी ने कबाड़ी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में ऊंची लपटें उठने लगीं और आस-पास के लोग घरों से बाहर निकल आए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्थानीय लोगों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रांसफॉर्मर में पहले तेज आवाज सुनाई दी और उसके बाद चिंगारी निकलने लगी। इसके बाद आग पास के कबाड़ी दुकान तक पहुंच गई। दुकान में बड़ी मात्रा में कबाड़ और ज्वलनशील सामान रखा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आग तेजी से फैलती चली गई। घटना की खबर मिलते ही लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही समय में अग्निशामक टीम वहां पहुंच गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आग पहले से ही काफी बढ़ चुकी थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग परमानंद चंदेल की कबाड़ी दुकान में लगी थी। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी के छींटे मारकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी मेहनत के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग पर काबू पाया गया और इसे आसपास की दुकानों और मकानों तक फैलने से रोक लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। धुएं और आग की लपटों के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सुनने में आया है कि ट्रांसफॉर्मर में भी आग लग गई थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही किसी के घायल होने की खबर है। पुलिस और बिजली विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आग की वजह से इलाके की बिजली सप्लाई पर भी असर पड़ा। राधिका नगर और आस-पास का क्षेत्र काफी समय तक अंधेरे में रहा। बाद में बिजली विभाग की टीम ने सुधार कार्य शुरू किया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद सप्लाई को बहाल किया गया। जिला सेनानी और अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत रवाना की गई थी और समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:05:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक डीजल की शीशी बनी मौत की वजह, कुम्हारी आगकांड में जांच रिपोर्ट ने खोले कई राज</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग के कुम्हारी अग्निकांड जांच में खुलासा हुआ कि गैस रिसाव और सिलेंडर ब्लास्ट से 4 लोगों की मौत हुई। डीजल की शीशी से आग तेजी से फैली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/a-diesel-bottle-became-the-cause-of-death-investigation-report/article-53956"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/durg-fire-tragedy-gas-cylinder-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">12<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके के खपरी गांव में हुए भयानक अग्निकांड की जांच रिपोर्ट के बाद इस हादसे के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शुरुआत में यह आशंका जताई गई थी कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ है कि घर में रखे गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से गैस लीक हो रही थी। गैस कमरे में फैल गई और किसी चिंगारी के कारण अचानक आग लग गई। देखते ही देखते झोपड़ी आग की लपटों में घिर गई। रिपोर्ट के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महज ढाई मिनट के अंदर पूरा घर जलने लगा और चार लोगों की मौत हो गई। बताया गया है कि घर में रखी एक छोटी डीजल की बोतल ने आग को और भयानक बना दिया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनिल वैष्णव ने उसी दिन सुबह गैस सिलेंडर भरवाकर घर लाया था। उनका परिवार कई दिनों से चूल्हे पर खाना बना रहा था क्योंकि घर में गैस खत्म हो गई थी। सिलेंडर को घर के अंदर रखने के कुछ समय बाद ही रेगुलेटर से गैस रिसने लगी। जांच टीम का मानना है कि गैस पूरे कमरे में फैल चुकी थी और इसी दौरान किसी कारणवश चिंगारी आई। फिर आग इतनी तेजी से फैल गई कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। सिलेंडर के विस्फोट से स्थिति और भी बिगड़ गई। आसपास के लोगों ने बचाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लपटें बहुत तेज थीं। घटना पास के सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई है। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई महत्वपूर्ण सबूत मौके पर ही नष्ट हो गए। राख के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनकी रिपोर्ट अभी बाकी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस हादसे में अनिल वैष्णव</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी बेटियां लक्ष्मी और चांदनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और दो साल की मासूम गोपिका की भी जलकर मौत हो गई थी। गोपिका कुछ महीने पहले ही अपनी नानी के घर आई थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बच्ची की आंखों में सफेद दाग की समस्या थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका इलाज रायपुर एम्स में होना था। उसके पिता नंदकिशोर आर्थिक तंगी के बावजूद उसकी चिकित्सा कराने की कोशिश कर रहे थे। हादसे वाले दिन भी वह वेतन लेने रायपुर गया था ताकि बेटी का इलाज करवा सके। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच टीम ने बिजली विभाग से भी जानकारी जुटाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई से </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई के बीच इलाके में बिजली के खंभों से चिंगारी निकलने या शॉर्ट सर्किट की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। मौके पर मिले बिजली के उपकरण भी सामान्य हालत में पाए गए। तहसीलदार रवि विश्वकर्मा की अध्यक्षता में गठित टीम ने आसपास के लोगों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। पुलिस जांच में किसी विवाद या आपराधिक एंगल की बात सामने नहीं आई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा है कि अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/a-diesel-bottle-became-the-cause-of-death-investigation-report/article-53956</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:25:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>प्रयागराज में बड़ा हादसा: सिविल लाइंस के होटल में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज के सिविल लाइंस में विक्टल होटल में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी है, कारण स्पष्ट नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-accident-in-prayagraj-massive-fire-broke-out-in-civil/article-53697"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/prayagraj-civil-lines,viththal-hotel-massive-fire.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार दोपहर को प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जब महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित बिट्ठल होटल में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि होटल के दूसरे तल पर बने एक कमरे से शुरुआत में हल्का धुआं उठने लगा था</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन पल भर में ही आग ने भयानक रूप ले लिया। लपटें तेजी से बढ़ने लगीं और पूरा होटल धुएं से भर गया। वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पहले ही भागने लगे। चीख-पुकार और मदद की आवाजें सुनकर माहौल डरावना हो गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लोगों के मुताबिक</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आग इतनी तेजी से फैली कि होटल के स्टाफ के पास सामान निकालने का भी समय नहीं मिला। कई लोग बिना अपने सामान के ही बाहर आ गए। सड़क पर खड़े लोगों ने देखा कि आसमान की ओर उठती लपटें और काले धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था। जैसे ही सूचना मिली</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चार फायर टेंडर की मदद से आग को बुझाने की कोशिश की जा रही थी। दमकलकर्मियों ने पहले होटल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर ध्यान दिया और फिर आग बुझाने का काम शुरू किया। हालांकि</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आग लगने के कारणों के बारे में अभी भी जानकारी नहीं मिल पाई है</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और इसकी जांच की जाने की बात कही जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं और अब तक किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं आई है। उन्होंने कहा कि आग किस वजह से लगी</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आसपास के इलाकों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में देर तक दहशत का माहौल बना रहा और लोग सड़क पर खड़े होकर स्थिति पर नजर रखते रहे। स्थानीय प्रशासन राहत और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दे रहा है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:17:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी आग, 68 यात्रियों को बचाया गया, दिल्ली-मुंबई रूट ठप</title>
                                    <description><![CDATA[रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने से हड़कंप मच गया। 68 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, दिल्ली-मुंबई रूट प्रभावित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-in-ac-coach-of-delhi-going-rajdhani-express-68/article-53564"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/massive-fire-breaks-out-on-rajdhani-express.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन जा रही इस ट्रेन के एसी कोच में रतलाम जिले के आलोट के पास अचानक आग लग गई। यह घटना सुबह लगभग 5:15 बजे लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग सबसे पहले बी-1 एसी कोच में दिखाई दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उस समय 68 यात्री मौजूद थे। ट्रेन स्टाफ और रेलवे कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और करीब 15 मिनट के भीतर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालाँकि कोच पूरी तरह जल गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहा जा रहा है कि राजधानी एक्सप्रेस रात करीब 3:45 बजे रतलाम जंक्शन से निकली थी और इसका अगला स्टॉप कोटा जंक्शन था। राजस्थान में प्रवेश करने से पहले ही यात्रियों ने कोच से धुआं उठता देखा। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यह बी-1 कोच के पीछे लगी सेकंड लगेज कम गार्ड वैन तक पहुंच गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि दूर से ही धुएं का गुबार नजर आने लगा था। आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि रेलवे स्टाफ यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर ले जाने की कोशिश कर रहा था। आग बढ़ने के बाद ट्रेन का बिजली कनेक्शन काट दिया गया और प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया। स्थानीय फायर ब्रिगेड और रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन काफी देर तक कोच से धुआं और लपटें निकलती रहीं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल रूट पर ट्रैफिक रोक दिया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों तरफ की 5 से 6 ट्रेनों के शेड्यूल प्रभावित हुए हैं और कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। घटना स्थल तकनीकी तौर पर कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रतलाम मंडल का मुख्यालय पास होने के कारण रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार भी मौके पर पहुंच गए। रेलवे ने राहत और बचाव के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन और टावर वैगन भेजी है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे अधिकारी अभी कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रहे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी मिल सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:43:19 +0530</pubDate>
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