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                <description>travel news RSS Feed</description>
                
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                <title>रेल यात्रियों को बड़ी राहत: शालीमार-LTT एक्सप्रेस में बढ़ाया गया अतिरिक्त AC-3 कोच</title>
                                    <description><![CDATA[11 से 19 जुलाई तक चयनित फेरों में मिलेगी अतिरिक्त सुविधा, बढ़ती यात्री भीड़ के बीच कंफर्म बर्थ मिलने की बढ़ेगी संभावना।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-relief-to-railway-passengers-additional-ac-3-coach-extended-in/article-58390"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/shalimar-ltt-express.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के शालीमार और मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) के बीच सफर करने वाले यात्रियों को अब कंफर्म बर्थ मिलने की संभावना पहले से अधिक रहेगी। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस फैसले से विशेष रूप से छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, यह अतिरिक्त कोच सीमित अवधि के लिए लगाया जाएगा ताकि त्योहारों, छुट्टियों और बढ़ती यात्रा मांग के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। रेलवे का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराना और यात्रा को अधिक आरामदायक बनाना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रेल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक:-</strong></h5>
<ul style="list-style-type:square;text-align:justify;">
<li>गाड़ी संख्या 18030 शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) एक्सप्रेस में अतिरिक्त एसी-3 कोच 11 जुलाई से 17 जुलाई तक लगाया जाएगा।</li>
<li>गाड़ी संख्या 18029 लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)-शालीमार एक्सप्रेस में यह सुविधा 13 जुलाई से 19 जुलाई तक उपलब्ध रहेगी।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इस अवधि के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सीटों का लाभ मिलेगा और वेटिंग टिकट कंफर्म होने की संभावना भी बढ़ जाएगी। शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में शामिल है। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसी वजह से पूरे वर्ष इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। गर्मी की छुट्टियों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर इस ट्रेन में लंबी वेटिंग लिस्ट आम बात होती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अतिरिक्त कोच लगाए जाते हैं। इससे न केवल अधिक यात्रियों को सीट मिलती है, बल्कि ट्रेन में यात्रा का दबाव भी कम होता है। इस बार भी बढ़ती मांग को देखते हुए एसी-3 श्रेणी में अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसी-3 कोच उन यात्रियों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय माने जाते हैं, जो किफायती किराए में आरामदायक यात्रा करना चाहते हैं। यही कारण है कि इस श्रेणी में अक्सर सबसे ज्यादा वेटिंग रहती है। अतिरिक्त कोच जुड़ने से बड़ी संख्या में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रा मांग के अनुसार अतिरिक्त कोच लगाने की व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी लाभदायक साबित होती है। इससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलता है। साथ ही रेलवे की परिचालन क्षमता का भी प्रभावी उपयोग हो पाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए यह निर्णय विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह ट्रेन राज्य के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती है। मुंबई में रोजगार, शिक्षा, व्यापार और इलाज के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या बड़ी है। वहीं पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी यह ट्रेन महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में अतिरिक्त कोच जुड़ने से दोनों दिशाओं में यात्रा करने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने टिकट की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें। अतिरिक्त कोच जोड़े जाने के बाद वेटिंग टिकटों के कंफर्म होने की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा यात्रियों को अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराने और यात्रा संबंधी जानकारी रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से प्राप्त करने की सलाह भी दी गई है। भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। अलग-अलग रूटों पर यात्रियों की संख्या के अनुसार अतिरिक्त कोच, विशेष ट्रेनें और नई सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 13:13:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेट फ्यूल महंगा होने से हवाई यात्रा पर असर, किराए बढ़ने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[मैकिंजी की रिपोर्ट में दावा, वैश्विक सप्लाई दबाव और बढ़ती ईंधन लागत के चलते आने वाले महीनों में एयर टिकट 25% तक महंगे हो सकते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3ccd1c3b033/article-56883"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/air-travel-cost.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले समय में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। वैश्विक कंसल्टिंग फर्म मैकिंजी की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के कारण एयर टिकटों के दाम में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, रिफाइनरियों की सीमित उत्पादन क्षमता और ईंधन भंडारों को फिर से भरने की कोशिशों ने जेट फ्यूल बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर एयरलाइंस कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है और यदि हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका बोझ यात्रियों तक पहुंच सकता है। एविएशन इंडस्ट्री में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। आमतौर पर किसी भी हवाई टिकट की कुल कीमत में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा केवल फ्यूल कॉस्ट का होता है। ऐसे में जेट फ्यूल के दाम बढ़ने का असर एयरलाइंस के परिचालन खर्च पर तुरंत दिखाई देता है। एयरलाइंस कंपनियां लगातार बढ़ती लागत को लंबे समय तक खुद वहन नहीं कर सकतीं, इसलिए अंततः किराए में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों को लेकर होने वाला हर बदलाव एयर ट्रैवल सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैकिंजी की रिपोर्ट में ‘क्रैक स्प्रेड’ को भी प्रमुख कारण बताया गया है। क्रैक स्प्रेड वह अंतर होता है जो कच्चे तेल और उससे तैयार होने वाले रिफाइंड उत्पादों की कीमतों के बीच होता है। सामान्य परिस्थितियों में जेट फ्यूल का क्रैक स्प्रेड 20 डॉलर प्रति बैरल या उससे कम रहता है। हालांकि रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 के दौरान यह औसतन 50 डॉलर प्रति बैरल से अधिक तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो एयरलाइंस कंपनियों के लिए ईंधन खरीदना काफी महंगा हो जाएगा और परिचालन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। खाड़ी क्षेत्र और प्रमुख एशियाई देशों से जेट फ्यूल की आपूर्ति में कमी भी बाजार को प्रभावित कर रही है। वैश्विक जेट फ्यूल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों से आता है। हाल के महीनों में कई देशों ने अपने रणनीतिक ईंधन भंडार को सुरक्षित रखने के लिए निर्यात पर सीमित नियंत्रण लगाए हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध आपूर्ति घट गई है। भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की नीतियों का असर भी वैश्विक ईंधन व्यापार पर पड़ता है, क्योंकि ये देश ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कई बड़ी रिफाइनरियां पहले से ही अपनी अधिकतम क्षमता के करीब काम कर रही हैं। ऐसे में मांग बढ़ने पर उत्पादन को तुरंत बढ़ा पाना आसान नहीं है। सप्लाई और मांग के बीच पैदा हो रहा यह असंतुलन कीमतों को ऊपर बनाए रख सकता है। फिलहाल कई देशों और कंपनियों द्वारा पुराने ईंधन भंडार का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि बाजार में तत्काल कमी न दिखाई दे, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं मानी जा रही। हालांकि बाजार में कुछ राहत के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम हाल के दिनों में नीचे आए हैं, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को कुछ राहत मिली है। जानकारों का मानना है कि यदि तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है और बड़े भू-राजनीतिक संकट नहीं उभरते हैं तो जेट फ्यूल की कीमतों पर दबाव कुछ कम हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बावजूद विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि केवल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा। जेट फ्यूल की कीमतें केवल क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि रिफाइनिंग क्षमता, लॉजिस्टिक्स, भंडारण और वैश्विक मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है। एयरलाइंस कंपनियां भी बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और लागत प्रबंधन के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि एयर टिकट महंगे होते हैं तो इसका असर पर्यटन, व्यापारिक यात्राओं और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। खासतौर पर त्योहारी सीजन और छुट्टियों के दौरान यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को अधिक खर्च का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 12:16:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा-हैदराबाद के बीच समर स्पेशल ट्रेन शुरू, 8 जून से यात्रियों को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे का फैसला, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/summer-special-train-between-rewa-hyderabad-will-start-from-june-8/article-55102"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-hyderabad-special-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दक्षिण मध्य रेलवे ने रीवा और चारलपल्ली (हैदराबाद) के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि जून महीने में बड़ी संख्या में लोग छुट्टियों, पारिवारिक कार्यक्रमों, शिक्षा और नौकरी से जुड़े कारणों से यात्रा करते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों पर दबाव काफी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए यह विशेष ट्रेन शुरू की जा रही है, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह सेवा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। रीवा-हैदराबाद के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अब अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा और कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 02158 रीवा-चारलपल्ली समर स्पेशल 8 जून 2026 से 28 जून 2026 तक प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन रीवा स्टेशन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे चारलपल्ली पहुंचेगी। निर्धारित अवधि के दौरान यह विशेष ट्रेन कुल चार फेरे लगाएगी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी और कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति बनी हुई थी। रेलवे ने यात्रियों की मांग और उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद इस विशेष सेवा को मंजूरी दी है। इससे उन लोगों को विशेष राहत मिलेगी जो हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा या पारिवारिक कारणों से नियमित रूप से यात्रा करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">चारलपल्ली से रीवा लौटने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रेन संख्या 02157 चारलपल्ली-रीवा समर स्पेशल 7 जून से 29 जून 2026 तक संचालित होगी। यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार को शाम 5 बजे चारलपल्ली से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी दिशा में भी यह सेवा कुल चार ट्रिप के लिए उपलब्ध रहेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोनों दिशाओं में समान रूप से यात्री दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे उन यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी जो छुट्टियां बिताने के बाद अपने कार्यस्थल या घर वापस लौटना चाहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा, सतना और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा लोग हैदराबाद, सिकंदराबाद और तेलंगाना के अन्य शहरों की ओर यात्रा करते हैं। आईटी सेक्टर, शिक्षा संस्थानों और निजी कंपनियों में कार्यरत लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में रीवा-हैदराबाद रेल संपर्क को मजबूत बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। गर्मी के मौसम में यह मांग और बढ़ जाती है क्योंकि परिवारों के साथ यात्रा करने वालों की संख्या भी काफी अधिक रहती है। कई यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण अंतिम समय में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे को उम्मीद है कि विशेष ट्रेन के संचालन से ऐसी समस्याओं में कमी आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे यात्रियों को अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिल सकेगा। हालांकि सीटों की उपलब्धता और बुकिंग की स्थिति पर नजर रखने की सलाह भी दी गई है क्योंकि विशेष ट्रेनों में भी छुट्टियों के दौरान मांग तेजी से बढ़ जाती है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को समय पर टिकट आरक्षित कराने का प्रयास करना चाहिए ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए भारतीय रेलवे अलग-अलग जोनों में विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। रीवा-चारलपल्ली समर स्पेशल भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्रियों की संख्या और मांग अपेक्षा से अधिक रहती है तो भविष्य में ऐसे रूटों पर अतिरिक्त सेवाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद रीवा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। यात्रियों का मानना है कि हैदराबाद जैसे बड़े शहर के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रा का दबाव कम होगा और सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनेगा।  यह विशेष सेवा यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी और छुट्टियों के दौरान यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु उड़ानों में कटौती, इंडिगो ने जारी किया नया शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[ईंधन लागत बढ़ने का असर हवाई सेवाओं पर, यात्रियों को किराया और उपलब्धता दोनों की चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/indigo-cuts-flights-from-jabalpur-to-mumbai-and-bengaluru-releases/article-54734"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-flight-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">जबलपुर से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में कुछ मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निजी विमानन कंपनी इंडिगो ने जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित अपनी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव करते हुए उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार अब ये उड़ानें सप्ताह के चुनिंदा दिनों में ही संचालित होंगी। अब तक प्रतिदिन उपलब्ध रहने वाली कुछ सेवाएं सीमित कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से अधिक सावधानी से बनानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एविएशन सेक्टर पर बढ़ती ईंधन लागत का असर लगातार दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के कारण विमानन कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ा है। इसका असर अब छोटे और मध्यम शहरों को जोड़ने वाली घरेलू उड़ानों पर भी देखने को मिल रहा है। जबलपुर जैसे शहर, जहां हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही थी, वहां भी उड़ानों में कटौती का निर्णय यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंडिगो द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक 16 जून से 30 जून के बीच जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानों में बदलाव लागू रहेगा। पहले जहां मुंबई और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब उनकी संख्या घटा दी गई है। नए कार्यक्रम के अनुसार मुंबई से जबलपुर और जबलपुर से मुंबई की उड़ानें सप्ताह में केवल चार दिन संचालित होंगी। इसी तरह बेंगलुरु रूट पर भी उड़ानों की संख्या सीमित कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार अब जबलपुर से बेंगलुरु के लिए उड़ान सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं मुंबई के लिए उड़ानें मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित की जाएंगी। इससे उन यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी हो सकती है जो व्यवसाय, शिक्षा, चिकित्सा या अन्य जरूरी कारणों से नियमित रूप से इन शहरों की यात्रा करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उड़ानों में कटौती का असर केवल समय-सारणी तक सीमित नहीं है। यात्रियों की जेब पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ने लगा है। विमानन कंपनियों ने कई रूटों पर किराए में बढ़ोतरी की है। जबलपुर से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और इंदौर जाने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। कई मामलों में टिकट की कीमतों में चार हजार से आठ हजार रुपये तक का अंतर देखा जा रहा है। अचानक बढ़े किराए ने मध्यम वर्गीय यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यात्रियों का कहना है कि पहले से सीमित विकल्पों वाले शहरों में उड़ानों की संख्या कम होने से टिकट मिलना भी कठिन हो सकता है। यदि किसी दिन की उड़ान रद्द हो जाए या सीटें भर जाएं तो यात्रियों को अगले उपलब्ध दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे व्यापारिक यात्राओं और जरूरी कामों पर भी असर पड़ सकता है। खासतौर पर दक्षिण भारत और महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरलाइन कंपनियां लगातार बढ़ती परिचालन लागत से जूझ रही हैं। विमान ईंधन की कीमतें कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होती हैं। जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियां लागत कम करने के लिए कम लाभ वाले रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाने का विकल्प चुनती हैं। इसके अलावा विमान उपलब्धता, रखरखाव खर्च और यात्री भार भी किसी रूट के संचालन को प्रभावित करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि विमानन कंपनियों का कहना है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है। यदि आने वाले समय में यात्रियों की संख्या बढ़ती है और परिचालन लागत नियंत्रित होती है तो उड़ानों की संख्या फिर से बढ़ाई जा सकती है। एयरलाइन उद्योग लगातार बाजार की स्थिति और मांग का मूल्यांकन करता है और उसी आधार पर अपने नेटवर्क में बदलाव करता है। फिलहाल कंपनियां उन रूटों पर अधिक ध्यान दे रही हैं जहां यात्रियों की संख्या और राजस्व अपेक्षाकृत अधिक है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जबलपुर शहर पिछले कुछ वर्षों में हवाई संपर्क के मामले में तेजी से विकसित हुआ है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों ने यात्रियों को बड़ी सुविधा दी थी। ऐसे में उड़ानों की संख्या में कमी को लेकर स्थानीय व्यापारिक संगठनों और यात्रियों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क किसी भी शहर के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए जरूरी होता है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट समय रहते बुक कर लें। उड़ानों की सीमित उपलब्धता और बढ़ते किराए को देखते हुए अंतिम समय में टिकट लेना महंगा पड़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:35:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ के ये बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस छुट्टियों को बना देंगे यादगार, जानें यहां</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर और आसपास के छत्तीसगढ़ के बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस, जहां कम खर्च में परिवार और दोस्तों संग छुट्टियां यादगार बन सकती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/these-best-tourist-places-of-chhattisgarh-will-make-your-holidays/article-53546"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-tourist-places.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में घूमने के लिए सिर्फ बड़े शहर या मशहूर जगहें ही नहीं हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वहां कई प्राकृतिक और धार्मिक स्थल भी हैं जहां आप कम खर्च कर शानदार समय बिता सकते हैं। रायपुर और उसके आसपास के ये टूरिस्ट प्लेस परिवार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोस्तों और बच्चों के साथ एक दिन की ट्रिप के लिए बेहद पसंद किए जाते हैं। खास बात ये है कि ज्यादातर जगहें </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> किलोमीटर की दूरी पर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोग सुबह जाते हैं और शाम तक लौट आते हैं। इन दिनों गर्मी और छुट्टियों के चलते यहां पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई लोग धार्मिक यात्रा के साथ पिकनिक का भी प्लान बना रहे हैं। अगर आप भी इस बार कहीं घूमने का मन बना रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो छत्तीसगढ़ के ये </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> टूरिस्ट प्लेस आपकी ट्रिप को खास बना सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर से करीब </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">45<span lang="hi" xml:lang="hi"> किलोमीटर दूर चंपारण धार्मिक पर्यटन के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है। महानदी के किनारे बने मंदिरों की बनावट लोगों को वृंदावन की याद दिलाती है। यह महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्य की जन्मस्थली भी मानी जाती है। यहां चंपेश्वर महादेव मंदिर और राम जानकी मंदिर लोगों को काफी आकर्षित करते हैं। वहीं बलौदाबाजार जिले का तुरतुरिया भी घूमने वालों के बीच पसंदीदा बनता जा रहा है। ये माना जाता है कि यह लव-कुश की जन्मस्थली है। घने जंगल और पहाड़ों के बीच स्थित बाल्मीकि आश्रम का शांत वातावरण लोगों को भाता है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां महानदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैरी और सोंढुर नदी का संगम होता है। संगम के बीच बने कुलेश्वर महादेव मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और छुट्टियों के दौरान यहां भीड़ और बढ़ जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर आपको प्राकृतिक जगहें पसंद हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जतमई-घटारानी वाटरफॉल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। पहाड़ियों से गिरता झरना और चारों तरफ हरियाली यहां की सबसे बड़ी खासियत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बारिश के मौसम में यहां का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। रायपुर के पास स्थित जंगल सफारी भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसे एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल सफारी कहा जाता है। यहां खुले माहौल में जंगली जानवरों को देखने का अलग अनुभव होता है। चंदखुरी में स्थित कौशल्याधाम भी धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है। कहा जाता है कि यह भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मस्थली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और तालाब के बीच बना मंदिर यहां आने वाले लोगों को बहुत आकर्षित करता है। इसी तरह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बालोद जिले का सियादेवी मंदिर भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। झरनों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जंगल और पहाड़ियों के बीच स्थित ये जगह पिकनिक के लिए काफी मशहूर है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धमतरी का गंगरेल बांध भी इन दिनों पर्यटकों के बीच पसंदीदा बना हुआ है। कई लोग इसे छत्तीसगढ़ का मिनी गोवा भी कहते हैं। यहां वाटर स्पोर्ट्स</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोटिंग और रिसॉर्ट्स का मजा लिया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और शाम के वक्त बांध का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। वहीं सिमगा के पास सोमनाथ मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहां का प्राचीन शिवमंदिर और स्वयंभू शिवलिंग देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। खारून और शिवनाथ नदी का संगम स्थल होने के चलते यहां का माहौल काफी शांत और सुखद रहता है। तो अगर आप कम बजट में परिवार या दोस्तों के साथ घूमने का सोच रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो छत्तीसगढ़ के ये टूरिस्ट प्लेस आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:42:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या विदेश जाने वालों पर लगेगा नया टैक्स? पीएम मोदी ने खुद बताई पूरी सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश यात्रा पर टैक्स लगाए जाने की खबरों को पीएम मोदी ने गलत बताया। सरकार ने साफ किया कि कोई नया टैक्स लगाने की तैयारी नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/will-there-be-a-new-tax-on-those-going-abroad/article-53522"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pm-modi-foreign-travel-tax.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश यात्रा पर संभावित अतिरिक्त टैक्स लगाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी। सोशल मीडिया और कुछ खबरों में दावा किया गया था कि सरकार विदेश यात्रा करने वालों पर नया टैक्स या सेस लगाने पर विचार कर रही है। जैसे ही यह चर्चा तेज हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने इन अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और विदेश यात्रा पर कोई अतिरिक्त शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहा जा रहा है कि हाल के दिनों में ईरान-अमेरिका तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार चिंतित है। इसी बीच पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन की बचत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गैर-जरूरी खर्चों को कम करने और आवश्यकता पड़ने पर ही विदेश यात्रा करने की अपील की थी। इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार अस्थायी रूप से विदेश यात्राओं पर नया टैक्स लगाने की सोच सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि एक साल के लिए लागू हो सकता है और इस पर उच्च स्तरीय चर्चा चल रही है। लेकिन पीएम ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लोगों की जिंदगी आसान बनाने और व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डालने की।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">करीब 12 सालों में यह पहली बार है जब पीएम मोदी ने किसी मीडिया रिपोर्ट पर सीधे प्रतिक्रिया दी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए उनका यह बयान काफी चर्चा में रहा। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब विदेश यात्रा पर टैक्स की खबरें सोशल मीडिया पर फैलीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी। कई लोग जानना चाह रहे थे कि क्या विदेश यात्रा पर अतिरिक्त पैसे देने होंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत स्थिति को साफ किया। बाद में संबंधित मीडिया संस्थान ने भी अपनी रिपोर्ट वापस लेते हुए खेद जताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे साफ हो गया कि फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से विदेश यात्रा पर कोई नया टैक्स लगाने की योजना नहीं है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब विश्व के कई हिस्सों में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार लगातार ईंधन की बचत और खर्चों में संतुलन की बात कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों से की गई अपील का मतलब किसी तरह की पाबंदी या नया टैक्स लगाना नहीं था। इसलिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश यात्रा करने वालों को फिलहाल किसी अतिरिक्त शुल्क को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी में एयर टिकट महंगे: युद्ध असर से किराए 25% तक बढ़े</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी एयर टिकट महंगे होने से मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर रूट प्रभावित; ATF महंगा होने से यात्रियों पर बढ़ा बोझ वैश्विक तनाव का असर अब आम यात्रियों तक पहुंच चुका है। हवाई यात्रा पहले से ज्यादा महंगी होती जा रही है।

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/air-tickets-became-expensive-in-mp-fares-increased-by-25/article-52076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-air-ticket-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश से देश के प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा अब पहले से काफी महंगी हो गई है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसका सीधा प्रभाव एयर टिकट पर देखने को मिल रहा है, जहां किराए 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इंदौर समेत राज्य के अन्य शहरों से मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर और जयपुर जाने वाले यात्रियों को अब अधिक खर्च करना पड़ रहा है। एयरलाइंस कंपनियों ने बढ़ती लागत को देखते हुए फ्यूल सरचार्ज भी लागू कर दिया है। इसके साथ ही समर शेड्यूल के बाद कई सीधी उड़ानों के बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। अब लोगों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।</p>
<h5><strong>किराए में बढ़ोतरी</strong></h5>
<p>इंदौर से उड़ान भरने वाले यात्रियों पर इस समय सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। मुंबई का किराया जहां पहले करीब 4500 रुपए था, अब बढ़कर 6500 रुपए तक पहुंच गया है।</p>
<p>कोलकाता रूट पर सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। पहले जहां टिकट 6500 से 7500 रुपए के बीच मिलता था, अब यह 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच चुका है।</p>
<h5><strong>कनेक्टिविटी पर असर</strong></h5>
<p>मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद हो गई हैं। इसका असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ा है।</p>
<p>अब यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे यात्रा लंबी और महंगी हो गई है। इसका असर खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों की यात्रा योजनाओं पर दिख रहा है।</p>
<h5><strong>अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर</strong></h5>
<p>सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इंटरनेशनल टिकट 30 से 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बदलाव के कारण दूरी और ईंधन खर्च बढ़ गया है, जिससे किराए में यह उछाल आया है। फिलहाल एमपी एयर टिकट महंगे होने का असर साफ दिख रहा है और यात्रियों को अपने बजट और यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 11:43:12 +0530</pubDate>
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