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                <title>Government Meeting - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Government Meeting RSS Feed</description>
                
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                <title>साय कैबिनेट की अहम बैठक आज, ट्रांसफर नीति और CM हेल्पलाइन पर फैसला संभव</title>
                                    <description><![CDATA[नवा रायपुर में हुई बैठक में तबादलों से रोक हटाने, किसानों से जुड़े प्रस्तावों और CM हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत पर चर्चा, कई बड़े फैसलों की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/important-meeting-of-sai-cabinet-today-decision-on-transfer-policy/article-55392"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sai-cabinet-meeting-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रही। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित इस बैठक को सरकार की प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा तबादलों पर लगी रोक और नई ट्रांसफर नीति को लेकर रही। लंबे समय से अधिकारी और कर्मचारी स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही तबादलों का रास्ता खोल सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नई स्थानांतरण नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले शुरू हो सकते हैं।</p>
<p>प्रदेश में पिछले कुछ समय से तबादलों पर लगी रोक के कारण कई विभागों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे थे। कई कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से अपनी पसंद या जरूरत के अनुसार स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट का यह फैसला प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार नई नीति में पारदर्शिता और जरूरत आधारित स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। बैठक शुरू होने से पहले मंत्रालय परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा रही और विभिन्न विभागों के कर्मचारी फैसले का इंतजार करते नजर आए।</p>
<p>बैठक के एजेंडे में खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को भी अहम स्थान दिया गया। आगामी खरीफ विपणन वर्ष को देखते हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा कस्टम मिलिंग नीति और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए सरकार खेती से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दे रही है। सूत्रों के मुताबिक किसानों के हित में कुछ नए प्रस्तावों पर भी विचार किया गया, जिनकी घोषणा आने वाले दिनों में की जा सकती है।</p>
<p>इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत रही। सुशासन तिहार के समापन के बाद सरकार ने लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए इस नई व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है। अब आम नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक आसान और प्रभावी बनेगी। इसके साथ ही वेब पोर्टल, मोबाइल एप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा।</p>
<p>सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिकायतें और सुझाव प्राप्त हुए थे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में इन फीडबैक पर भी चर्चा हुई है। सरकार विभिन्न जिलों से मिले सुझावों का अध्ययन कर प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, राजस्व और अन्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए थे। ऐसे में सरकार इन समस्याओं के समाधान को लेकर भी रणनीति तैयार कर सकती है।</p>
<p>बैठक में कर्मचारियों, उद्योगों और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुछ नई पहल पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बैठक समाप्त होने तक सभी फैसलों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई थी, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आज लिए जाने वाले फैसले आने वाले महीनों में प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं की दिशा तय कर सकते हैं।</p>
<p>सरकार एक ओर जहां प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता देने के संकेत दे रही है। यही वजह है कि साय कैबिनेट की इस बैठक को केवल नियमित सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के मंच के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक निर्णयों पर टिकी हुई है, जिनका असर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, किसानों और आम नागरिकों पर पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड आज पेश करेंगे मंत्री, CM और जामवाल करेंगे वन-टू-वन फुल रिव्यू</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में CM मोहन यादव और अजय जामवाल की बैठक, मंत्रियों से ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड और टारगेट व अचीवमेंट पर विस्तृत समीक्षा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/minister-cm-will-present-the-report-card-of-two-and/article-53587"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-bhopal-mohan-yadav-ajay-jamwal-ministerial-review.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में आज मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने जा रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें मंत्री अपने कामकाज का पूरा ब्योरा पेश करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल समत्व कार्यालय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री निवास में पूरे दिन अलग-अलग मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इस बैठक को लेकर अंदर सरकार में हलचल बढ़ गई है क्योंकि 13 जून को सरकार को ढाई साल पूरे होने वाले हैं और उससे पहले "ढाई साल के टारगेट वर्सेज अचीवमेंट" की पूरी समीक्षा की जा रही है। दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद अब तक के कार्यों की जांच के साथ-साथ अगले ढाई साल का रोडमैप भी मंत्रियों से लिया जाएगा। बैठक का फोकस सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी कामकाज और संगठनात्मक स्थिति पर भी रहेगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रियों से उनके जिम्मे के जिलों की हर छोटी-बड़ी जानकारी मांगी जाएगी। खासकर अशासकीय समितियों के गठन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी- जैसे दिशा समिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिला स्तरीय समन्वय समिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मॉनिटरिंग कमेटी और जनभागीदारी समितियों की स्थिति पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही उन विधानसभा सीटों की भी समीक्षा की जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पार्टी पिछली बार हार गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी स्थिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बूथ स्तर की कमजोरियों और विपक्ष की गतिविधियों पर भी चर्चा होनी है। मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों और समस्याओं के बारे में भी जानकारी देनी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुछ जगहों पर अफसरशाही को लेकर असंतोष भी जताया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी बातें चल रही हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बैठक में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी पर भी नजर रखी जाएगी। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उनके जिलों में चुनावी स्थिति क्या है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौन सी सीटें मजबूत हैं और कहां रणनीति में बदलाव की जरूरत है। साथ ही मुख्यमंत्री की प्रमुख योजनाओं जैसे लाड़ली बहना योजना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और अन्य प्रमुख योजनाओं में मंत्रियों की भागीदारी का भी आकलन किया जाएगा। निगम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंडल और बोर्ड के नए अध्यक्षों के साथ तालमेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके प्रशिक्षण और विभागीय समन्वय की स्थिति पर भी सवाल उठाए जाएंगे। जिन मंत्रियों के साथ राज्यमंत्री जुड़े हुए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके बीच कामकाज का बंटवारा कितनी स्पष्ट है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी समीक्षा का एक अहम हिस्सा होगा। पार्टी संगठन के साथ तालमेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिलों में दौरे और बैठकों की संख्या</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। कुल मिलाकर यह बैठक सिर्फ औपचारिक समीक्षा नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अगले चुनावों की तैयारी और प्रशासनिक कसावट का संकेत भी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:20:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल में CM मोहन यादव की बैठक, किसान योजनाओं पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल बैठक में किसान हितैषी योजनाओं पर चर्चा, कलेक्टरों से भी करेंगे समीक्षा किसान कल्याण वर्ष को लेकर सरकार ने तेज की तैयारी। बैठक के बाद फैसलों को जमीन पर उतारने की रणनीति बनेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/cm-mohan-yadavs-meeting-in-bhopal-brainstorming-on-farmer-schemes/article-52104"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cm-farmer-schemes.jpg" alt=""></a><br /><p>राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मोहन यादव</span></span> ने शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण स्कूल में वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक का फोकस किसान कल्याण वर्ष के तहत लागू की जा रही योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं पर रहा। बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, राजस्व, वित्त और ग्रामीण विकास सहित कई विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य किसानों के लिए योजनाओं को और प्रभावी बनाना और उनके क्रियान्वयन की गति तेज करना है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे, ताकि लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू किया जा सके।</p>
<p>बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत घटाने और सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इसमें सिंचाई, बिजली, फसल खरीदी और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।</p>
<h5><strong>योजनाओं पर फोकस</strong></h5>
<p>बैठक के दौरान किसान हित में नई योजनाओं और मौजूदा योजनाओं के विस्तार पर मंथन किया गया। अधिकारियों ने सुझाव दिए कि कैसे किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी सहायता और वित्तीय लाभ दिया जा सकता है। बता दें,सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।</p>
<h5><strong>गेहूं खरीदी बढ़ी</strong></h5>
<p>बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया गया है। पहले यह लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन था, जिसे अब बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।</p>
<p>इसके अलावा, सरकार ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब खरीदी सप्ताह में छह दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है। उड़द की खरीदी पर बोनस देने और किसानों को सस्ते दर पर कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने जैसे फैसले भी चर्चा में रहे।</p>
<p>साथ ही किसानों को अब दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई समितियों का गठन किया गया है।</p>
<p>इस बैठक का सीधा असर राज्य के किसानों पर पड़ने की उम्मीद है। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से कृषि क्षेत्र में स्थिरता और आय में वृद्धि संभव मानी जा रही है। </p>
<p>बैठक के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टरों के साथ समीक्षा करेंगे, जहां उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू हों। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नीति स्तर पर लिए गए फैसले जमीनी स्तर पर भी असर दिखाएं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 16:23:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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