<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sun-worship/tag-11220" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>sun worship - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/11220/rss</link>
                <description>sun worship RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आज का पंचांग 24 मई 2026: रविवार को सप्तमी तिथि, जानें राहुकाल और शुभ समय</title>
                                    <description><![CDATA[24 मई 2026 रविवार का पंचांग, जानें सप्तमी तिथि, मघा नक्षत्र, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और सूर्य पूजा का महत्व।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-24-may-2026-saptami-tithi-on-sunday-know/article-54085"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/aaj-ka-panchang-24-may-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Aaj Ka Panchang 24 May 2026:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">24 मई 2026 रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है और यह दिन सूर्य देव की उपासना के लिए शुभ बताया गया है। पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा और मघा नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक रविवार को बनने वाला हर्षण योग कई लोगों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। सुबह से ही मंदिरों में सूर्य अर्घ्य और पूजा-पाठ का सिलसिला देखने को मिल सकता है। माना जाता है कि सप्तमी तिथि पर सूर्य उपासना करने से स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति में बढ़ोतरी होती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पंचांग गणना के अनुसार आज सूर्योदय सुबह करीब 5 बजकर 29 मिनट पर होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 27 मिनट के आसपास माना गया है। आज का नक्षत्र मघा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मान और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। चंद्रमा सिंह राशि में रहने की वजह से कई लोगों में आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ने के संकेत बताए जा रहे हैं। वहीं हर्षण योग के प्रभाव से नए कामों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। करण की बात करें तो आज वणिज और विष्टि करण का संयोग बन रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज के शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल सुबह 8 बजे से 9 बजकर 35 मिनट तक माना गया है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान पूजा-पाठ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि राहुकाल शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में इस समय कोई नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है। गुलिक काल दोपहर 3 बजे से 4:30 बजे तक और यमगण्ड काल दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार को सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। कई लोग आज </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">ॐ सूर्याय नमः</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्र का जाप भी करेंगे। गेहूं और गुड़ का दान करने की भी परंपरा है। ऐसा कहा जाता है कि इससे आत्मबल बढ़ता है और नकारात्मकता कम होती है। ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी को लेकर धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा और अनुष्ठान की तैयारियां भी देखी जा सकती हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-24-may-2026-saptami-tithi-on-sunday-know/article-54085</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-24-may-2026-saptami-tithi-on-sunday-know/article-54085</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 00:02:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/aaj-ka-panchang-24-may-2026.jpg"                         length="154982"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूर्य को जल चढ़ाने का सही समय और तरीका क्या है? जानें मंत्र, नियम और लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्य को जल चढ़ाने का सही समय, सही तरीका, मंत्र और लाभ जानें। ज्योतिष अनुसार सूर्य को अर्घ्य देने से यश, स्वास्थ्य और समृद्धि बढ़ती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/rules-for-offering-water-to-the-sun-what-is-the/article-52442"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/surya-ko-jal-chadhane-ka-sahi-samay.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;"><strong>Surya Ko Jal Arpit karne Ke Niyam:</strong> हिंदू धर्म में सूर्य को अर्घ्य देने का बड़ा महत्व बताया गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सूर्य को यश, तेज, प्रसिद्धि, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। अब अगर आप नियमित रूप से सूर्य को जल चढ़ाते हैं तो जीवन में सूर्य की कृपा बनी रहती है। इससे जातक की समृद्धि और प्रसिद्धि में बढ़ौतरी होती है। हालांकि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सूर्य को अर्घ्य देते समय कुछ मंत्रो का ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर आप गलत तरीके से जल चढ़ाते हैं तो पूजा का फल नहीं मिलता है। आइए आपको इस बारे पूरी जानकारी देते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूर्य देवे को जल चढ़ाने का सही समय क्या है?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ज्योतिषचार्य के अनुसार, सूर्य को सही समय पर अर्घ्य देना जरूरी होता है। वरना इसका कम फल मिलता है। माना जाता है कि सूर्य देव को जल अर्पित करने का सबसे सही समय सुबह 5 से 8 बजे के बीच होता है। इस दौरान सूर्य पूर्व दिशा में होते हैं और 8 बजे के बाद दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर चले जाते हैं। ज्योतिषशास्त्र में कहा जाता है कि जब सूर्य खुद की दिशा में हो तभी सूर्य को अर्घ्य देने से ज्यादा महत्व मिलता है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">क्या है सूर्य देव को अर्घ्य देने का सही तरीका</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मान्यता के अनुसार सबसे पहले सुबह सूरज उगने के पहले उठना अच्छा माना जाता है। इसलिए सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद साफ कपडे पहनने चहिए। इसके बड़ा एक तांबे के लोटे में जल लेकर दोनों से हाथों से पकड़कर अपने सर के ऊपर से नीचे जल डालें। सूर्य को जल अर्पित करते समय हाथ हमेशा सर के ऊपर होने चाहिए। इस तरीके से सूर्य को जल अर्पित करना सही और शुभ माना जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूर्य को जल अर्पित करते समय किन बातों का ध्यान रखें</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूर्य को जल करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना होता है। जैसे कि जब जल की धारा नीचे गिरे तो एक धार में गिरनी चाहिए। यानी जल की धारा कभी भी बीच से नहीं टूटनी चाहिए। मान्यता है कि जल की एक धारा गिरने से उसकी ऊर्जा इंसान के अंदर समाहित होती है। इसके साथ हमेशा साफ स्थान पर ही सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। जल को किसी गंदे नाले या किसी गंदे स्थान पर नहीं देना चाहिए। जल को किसी पौधे, नदी या किसी ऐसे स्थान पर देना चाहिए, जहां पर पानी को धरती सोख लें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूर्य को जल अर्पित करते समयँम इन मंत्रों का जाप करें</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सूर्य देव को जल अर्पित करते समय कुछ जाप करने से बहुत शुभ माना जाता है। जा सूर्य को जल अर्पित करें तो उसी स्थान पर खड़े रहकर 'ओम घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके आलावा आदित्य हृदय स्तोत्र और गायत्री मंत्र का जाप करना भी काफी शुभ माना जाता है। सूर्य को जल अर्पति करते समय इन मंत्रों का जाप करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सूर्य देव को जल अर्पित करने से लाभ</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सूर्य देव को विधि-विधान से जल देने से काफी शुभ फल की प्राप्ति होती है। इससे सेहत अच्छी रहती है। सूर्य को प्रसिद्धि को प्रतीक माना जाता है, इसलिए जातक की प्रसिद्धि और समृद्धि बढ़ती है। सूर्य को नियम से जल अर्पित करने से कई तरह की बिमारियों का नाश होता है। इसका वैज्ञानिक कारण भी माना गया है। वैज्ञानिक कारणों के अनुसार, सुबह 5 से 8 क बीच सूर्य से निकलने वाली किरणों और ऊर्जा को काफी अच्छा माना जाता है। सूर्य की किरणों से विटामिन डी की भी कमी पूरी होती है। इसके साथ ही कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी खत्म होती हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/rules-for-offering-water-to-the-sun-what-is-the/article-52442</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/rules-for-offering-water-to-the-sun-what-is-the/article-52442</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 11:50:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/surya-ko-jal-chadhane-ka-sahi-samay.jpg"                         length="92531"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रविवार के उपाय : जानें पूजा विधि, मंत्र जाप और शुभ टोटके जो बढ़ाते हैं मान-सम्मान और सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्य उपासना से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रगति के संकेत; जानें सरल धार्मिक उपाय और सावधानियां]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/sundays-surya-remedies-2026-know-the-puja-method-mantra-chanting/article-52114"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/ravivaar-ke-upaye-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p>रविवार का दिन हिंदू धर्म में सूर्य देव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इस दिन की गई पूजा और साधना व्यक्ति के जीवन में मान-सम्मान, उत्तम स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में सफलता के योग को मजबूत करती है। धार्मिक ग्रंथों और लोक परंपराओं में रविवार को सूर्य उपासना को विशेष फलदायी बताया गया है।</p>
<p><strong>इस दिन का महत्व</strong><br />रविवार को सूर्य देव को सृष्टि की ऊर्जा और आत्मबल का स्रोत माना जाता है। इसी कारण इस दिन सूर्य आराधना को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला माना गया है। विशेष रूप से वे लोग जो करियर या व्यापार में प्रगति चाहते हैं, उनके लिए यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p><strong>कैसे करें सूर्य देव की पूजा</strong><br />धार्मिक परंपराओं के अनुसार रविवार की सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल, रोली और चावल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। अर्घ्य देते समय “ॐ घृणि सूर्याय नमः” या “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा है। इससे मानसिक स्थिरता और आत्मबल में वृद्धि होने की मान्यता है।</p>
<p><strong>दान और व्रत का महत्व</strong><br />रविवार के दिन गुड़, गेहूं, तांबे के बर्तन और लाल या नारंगी वस्त्रों का दान करने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। कई लोग रविवार का व्रत रखकर संयम और साधना का पालन करते हैं।</p>
<p><strong>विशेष टोटके और लोक मान्यताएं</strong><br />लोक परंपराओं में रविवार को घर के मुख्य द्वार पर देसी घी का दीपक जलाना शुभ माना गया है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। आर्थिक समृद्धि के लिए कुछ लोग तिजोरी में बरगद का पत्ता रखने या जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा निभाते हैं। वहीं, बुरी नजर से बचाव के लिए नींबू और काले तिल से किए जाने वाले उपाय भी प्रचलित हैं।</p>
<p><strong>क्या न करें रविवार को</strong><br />मान्यताओं के अनुसार रविवार को नमक का अधिक सेवन, मांसाहार और नशे से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही बाल और नाखून काटने से भी परहेज करने की परंपरा बताई जाती है, हालांकि यह पूर्णतः धार्मिक विश्वासों पर आधारित है।</p>
<p>धार्मिक दृष्टि से सूर्य देव को स्वास्थ्य, ऊर्जा और आत्मबल का कारक माना गया है। इसी कारण रविवार की पूजा को जीवन में अनुशासन और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि नियमित सूर्य उपासना से जीवन में स्थिरता और सफलता के मार्ग खुलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/sundays-surya-remedies-2026-know-the-puja-method-mantra-chanting/article-52114</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/sundays-surya-remedies-2026-know-the-puja-method-mantra-chanting/article-52114</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 08:20:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/ravivaar-ke-upaye-%281%291.jpg"                         length="194425"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        