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                <title>banking news - दैनिक जागरण</title>
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                <description>banking news RSS Feed</description>
                
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                <title>जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, जरूरी काम समय रहते निपटाएं</title>
                                    <description><![CDATA[चार रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार समेत अलग-अलग राज्यों में छह अतिरिक्त छुट्टियां, ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं रहेंगी जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/banks-will-remain-closed-for-12-days-in-july-complete/article-57191"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/july-bank-holidays.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर जुलाई महीने में आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करना है तो पहले छुट्टियों की सूची जरूर देख लें। अगले महीने देशभर में अलग-अलग राज्यों और शहरों में कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें चार रविवार और महीने के दूसरे व चौथे शनिवार की नियमित छुट्टियां शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण छह अतिरिक्त दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। ऐसे में चेक जमा कराने, ड्राफ्ट बनवाने, नकद निकासी, केवाईसी, पासबुक अपडेट या अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनानी होगी। भारतीय रिजर्व बैंक के अवकाश कैलेंडर के अनुसार जुलाई में 5, 12, 19 और 26 जुलाई को रविवार होने की वजह से देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे। वहीं 11 जुलाई को महीने का दूसरा शनिवार और 25 जुलाई को चौथा शनिवार होने के कारण भी सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इसके अलावा कुछ राज्यों में स्थानीय पर्व और क्षेत्रीय आयोजनों के चलते अलग-अलग तारीखों पर बैंक बंद रहेंगे। हालांकि इन छुट्टियों का असर पूरे देश में एक समान नहीं होगा, क्योंकि अतिरिक्त अवकाश संबंधित राज्य या शहर तक ही सीमित रहेंगे। महीने की शुरुआत और अंत में ग्राहकों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे में यदि किसी को बड़ी राशि जमा करनी है, चेक क्लियर कराना है या किसी दस्तावेज से जुड़ा काम करवाना है तो छुट्टियों से पहले बैंक पहुंचना बेहतर रहेगा। कई बार लगातार छुट्टियां पड़ने से बैंक खुलने के बाद शाखाओं में लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। इसलिए जरूरी बैंकिंग कार्यों को अंतिम समय तक टालने से बचना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल सेवाओं में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए लेनदेन सामान्य रूप से जारी रहेगा। ग्राहक घर बैठे फंड ट्रांसफर, बिजली-पानी के बिलों का भुगतान, मोबाइल रिचार्ज, टैक्स भुगतान और अन्य ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान प्रणाली पर इन छुट्टियों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बैंकों की छुट्टियों के दौरान एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा यूपीआई और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म चौबीसों घंटे सक्रिय रहते हैं। यदि किसी ग्राहक को केवल पैसे निकालने या ऑनलाइन भुगतान करने की जरूरत है तो उसे बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट, लॉकर संचालन, पासबुक प्रिंटिंग और दस्तावेज सत्यापन जैसे कार्य केवल बैंक शाखा खुलने पर ही किए जा सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिन लोगों को लोन की किस्त जमा करनी है या बैंक से जुड़े दस्तावेज पूरे करने हैं, वे छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए पहले ही अपना काम निपटा लें। व्यापारियों और कारोबारियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे नकदी प्रबंधन और बैंकिंग लेनदेन की योजना पहले से बना लें ताकि कारोबार प्रभावित न हो। वेतन, पेंशन और अन्य भुगतान भी डिजिटल माध्यमों से आसानी से किए जा सकते हैं। ग्राहकों के लिए यह भी जरूरी है कि वे अपने संबंधित बैंक की वेबसाइट या शाखा से स्थानीय अवकाश की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। अलग-अलग राज्यों में त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण बैंक अवकाश की तारीखें अलग हो सकती हैं। इसलिए यदि किसी दूसरे शहर में बैंकिंग कार्य करना है तो वहां की छुट्टियों की जानकारी पहले लेना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर जुलाई में बैंकों की कुल 12 दिनों की छुट्टियां ग्राहकों के लिए पहले से योजना बनाने का संकेत हैं। यदि समय रहते जरूरी बैंकिंग कार्य पूरे कर लिए जाएं तो किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकता है। वहीं डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी, जिससे अधिकांश वित्तीय लेनदेन बिना किसी रुकावट के किए जा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>साइबर ठगी पर सख्ती: बार-बार बैंक खाते खुलवाने वालों पर रहेगी पुलिस की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में बैंकों और पुलिस की बैठक में बड़े फैसले, फर्जी खातों, संदिग्ध लेन-देन और साइबर अपराधों पर लगाम कसने की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/strict-action-on-cyber-fraud-police-will-keep-an-eye/article-55521"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cyber-fraud-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देशभर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच रायपुर पुलिस ने बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी जो अलग-अलग बैंकों में बार-बार खाते खुलवा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि साइबर ठगी के कई मामलों में ऐसे खातों का इस्तेमाल किया जाता है जिनके जरिए ठगी की रकम को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह भेज दिया जाता है। इसी खतरे को देखते हुए बैंक अधिकारियों और पुलिस के बीच हुई अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करना और ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में आयोजित इस बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय और निजी बैंकों के नोडल अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए खातों पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है और अधिकांश मामलों में अपराधी ऐसे खातों का उपयोग करते हैं जिनकी निगरानी समय पर नहीं हो पाती। कई बार एक व्यक्ति अलग-अलग बैंकों में कई खाते खुलवा लेता है और ठगी की रकम को लगातार ट्रांसफर करके जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में पुलिस ने बैंक अधिकारियों से ऐसे खाताधारकों की पहचान करने और उनकी जानकारी समय-समय पर साझा करने का आग्रह किया। अधिकारियों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हो जाए तो करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को रोका जा सकता है। पुलिस का मानना है कि बैंकिंग सिस्टम और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय प्रत्येक बैंक में लीगल नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रहा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कई बार जांच के दौरान जरूरी दस्तावेज और बैंकिंग जानकारी प्राप्त करने में देरी हो जाती है, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती है। यदि हर बैंक में कानूनी मामलों के लिए एक समर्पित अधिकारी नियुक्त किया जाता है और उसके लिए स्थायी मोबाइल नंबर जारी किया जाता है, तो जांच एजेंसियों को समय पर जानकारी मिल सकेगी। इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने निर्देश दिए कि सभी बैंक शाखाओं में कैमरों की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए और मुख्य प्रवेश द्वार के साथ-साथ पिछले हिस्सों को भी निगरानी दायरे में लाया जाए। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में सीसीटीवी फुटेज जांच का महत्वपूर्ण आधार बनती है। ऐसे में कैमरों की गुणवत्ता और कवरेज क्षेत्र को बेहतर बनाना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में साइबर ठगी के शिकार लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। बैंकों को निर्देश दिए गए कि यदि कोई ग्राहक ठगी की शिकायत लेकर बैंक पहुंचता है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के बारे में भी जानकारी देने को कहा गया है। सभी बैंक शाखाओं में हेल्पलाइन नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नए बैंक खातों को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश सामने आए हैं। पुलिस ने मोबाइल नंबर और पहचान दस्तावेजों का गहन सत्यापन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके अलावा कॉर्पोरेट खातों के मामले में खाता खुलने के लगभग 15 दिन बाद दोबारा पते का सत्यापन करने का सुझाव दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से फर्जी कंपनियों और संदिग्ध खातों की पहचान करना आसान होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में संदिग्ध ट्रांजेक्शन यानी असामान्य वित्तीय लेन-देन की निगरानी को भी प्राथमिकता दी गई। बैंकों से कहा गया है कि यदि किसी खाते में असामान्य गतिविधि दिखाई देती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना दी जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर कम समय में बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन करते हैं, जिससे उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:29:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केनरा बैंक पर RBI की बड़ी कार्रवाई, KYC नियमों में चूक पर लगा 41.8 लाख रुपए का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड समय पर अपलोड नहीं करने और सक्रिय खातों को निष्क्रिय श्रेणी में डालने के मामले में रिजर्व बैंक ने केनरा बैंक पर पेनल्टी लगाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-action-by-rbi-on-canara-bank-fine-of-rs/article-55076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/canara-bank.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शामिल केनरा बैंक के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई करते हुए उस पर 41.8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक की ओर से की गई जांच में बैंक द्वारा कुछ महत्वपूर्ण बैंकिंग नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से नो योर कस्टमर यानी KYC नियमों के अनुपालन में कमी और खातों के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को लेकर की गई है। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना बैंक की नियामकीय चूक के कारण लगाया गया है और इसका ग्राहकों की जमा राशि या बैंकिंग सेवाओं पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले की जानकारी सामने आने के बाद बैंकिंग क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा शुरू हो गई है। RBI के अनुसार केनरा बैंक कई ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड निर्धारित समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री यानी CKYCR पर अपलोड नहीं कर पाया। बैंकिंग प्रणाली में KYC प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसके जरिए ग्राहकों की पहचान सत्यापित की जाती है और वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से सभी बैंकों को अपने नए और मौजूदा ग्राहकों का KYC डेटा निर्धारित समय के भीतर केंद्रीय रजिस्ट्री में अपडेट करना अनिवार्य होता है। जांच में पाया गया कि केनरा बैंक इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में विफल रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI की कार्रवाई का दूसरा आधार खातों की संचालन स्थिति से जुड़ा है। केंद्रीय बैंक के नियमों के अनुसार यदि किसी बैंक खाते में पिछले एक वर्ष के भीतर ग्राहक की ओर से कोई लेनदेन किया गया है तो उस खाते को सक्रिय माना जाता है। हालांकि जांच में यह पाया गया कि केनरा बैंक ने कुछ ऐसे खातों को भी इनऑपरेटिव या निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया था जिनमें एक वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले ही ग्राहक की ओर से लेनदेन दर्ज किया गया था। इस तरह की प्रक्रिया ग्राहकों के लिए असुविधा का कारण बन सकती है और बैंकिंग संचालन में पारदर्शिता से जुड़े सवाल भी खड़े कर सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि यह मामला RBI द्वारा किए गए सुपरवाइजरी मूल्यांकन के दौरान सामने आया। केंद्रीय बैंक ने 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति और बैंक के संचालन की समीक्षा की थी। इसी समीक्षा प्रक्रिया में कुछ ऐसे बिंदु सामने आए जिन पर नियामकीय मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया था। इसके बाद रिजर्व बैंक ने केनरा बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और बैंक से विस्तृत जवाब मांगा। बैंक द्वारा दिए गए लिखित उत्तर और अधिकारियों की मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद RBI ने यह निष्कर्ष निकाला कि नियमों के उल्लंघन के पर्याप्त आधार मौजूद हैं और पेनल्टी लगाना आवश्यक है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हाल के वर्षों में RBI ने नियामकीय अनुपालन को लेकर अपनी निगरानी और सख्त की है। केंद्रीय बैंक लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि बैंक केवल वित्तीय प्रदर्शन पर ही ध्यान न दें, बल्कि ग्राहकों के डेटा प्रबंधन, जोखिम नियंत्रण और नियामकीय दिशा-निर्देशों के पालन को भी प्राथमिकता दें। KYC नियमों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है क्योंकि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ धोखाधड़ी के मामलों की संभावना भी बढ़ी है। ऐसे में ग्राहकों के रिकॉर्ड का सही और समय पर अद्यतन होना बेहद आवश्यक माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि RBI ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माना लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए लेनदेन या अनुबंधों की वैधता पर कोई सवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय कमियों को ध्यान में रखकर की गई है। बैंक के सामान्य संचालन, खाताधारकों की जमा पूंजी और ग्राहकों की बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक पहले की तरह बैंक की सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इस तरह की कार्रवाई बैंकिंग प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी होती है। इससे अन्य वित्तीय संस्थानों को भी नियमों का कड़ाई से पालन करने का संदेश मिलता है। नियामकीय संस्थाएं समय-समय पर ऐसी जांच करती रहती हैं ताकि बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों का विश्वास बना रहे और वित्तीय प्रणाली सुरक्षित बनी रहे।</p>
<p>केनरा बैंक की ओर से इस मामले पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि बैंक भविष्य में ऐसी कमियों को दूर करने के लिए अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा कर सकता है। RBI की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संकेत देती है कि नियामकीय अनुपालन में छोटी दिखने वाली चूक भी बैंकों के लिए वित्तीय और प्रतिष्ठागत दोनों स्तरों पर महंगी साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:44:09 +0530</pubDate>
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                <title>50 हजार की सैलरी पर कितना मिलेगा होम लोन? ऐसे तय होती है आपकी लिमिट</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है तो बैंक आपको कितना होम लोन दे सकता है? जानें EMI, ब्याज दर और लोन पात्रता का पूरा गणित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/how-much-home-loan-will-you-get-on-a-salary/article-54088"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/home-loan-calculator.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच आज अपना घर खरीदना आम लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन जब भी कोई बैंक में लोन के लिए आवेदन करता है तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि आखिर उसकी सैलरी के हिसाब से कितना होम लोन मिल सकता है। अगर आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">50<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भी आप अच्छी-खासी लोन राशि के पात्र बन सकते हैं। हालांकि बैंक केवल सैलरी देखकर फैसला नहीं करते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि कई दूसरे फैक्टर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक होम लोन मंजूर करने से पहले FOIR यानी Fixed Obligation to Income Ratio को ध्यान में रखता है। आसान भाषा में समझें तो बैंक यह देखता है कि आपकी कमाई का कितना हिस्सा EMI चुकाने में जा सकता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आमतौर पर बैंक कुल सैलरी का </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>55<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीसदी हिस्सा ही </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए सुरक्षित मानते हैं। यानी अगर आपकी सैलरी </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक यह मानकर चलते हैं कि आप हर महीने लगभग </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये तक </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">दे सकते हैं। बाकी रकम आपके घर खर्च और दूसरी जरूरतों के लिए जरूरी मानी जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो अगर होम लोन की ब्याज दर करीब </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">8.75<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत मान ली जाए और आपके ऊपर पहले से कोई बड़ा लोन न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की अवधि के लिए आपको लगभग </span>26<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकता है। इस स्थिति में आपकी मासिक </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">करीब </span>23<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार से </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये तक बन सकती है। वहीं अगर आप लोन चुकाने के लिए </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की लंबी अवधि चुनते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक आपको करीब </span>32<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से </span>36<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये तक का होम लोन देने पर विचार कर सकते हैं। लंबी अवधि होने से </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">कम हो जाती है और लोन की पात्रता बढ़ जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि आपकी अंतिम लोन राशि कुछ दूसरी चीजों पर भी निर्भर करती है। अगर पहले से कार लोन</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्सनल लोन या किसी अन्य </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">का बोझ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक आपकी पात्रता कम कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी में से पहले से </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार रुपये </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">कट रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक नई </span>EMI <span lang="hi" xml:lang="hi">की सीमा घटा देंगे। इससे होम लोन की रकम भी कम हो सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्रेडिट स्कोर भी यहां बेहद अहम माना जाता है। अगर आपका सिबिल स्कोर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">750<span lang="hi" xml:lang="hi"> या उससे ज्यादा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंक बेहतर ब्याज दर पर ज्यादा लोन देने के लिए तैयार रहते हैं। वहीं खराब क्रेडिट स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग अपनी लोन पात्रता बढ़ाने के लिए पत्नी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पति या माता-पिता को को-एप्लीकेंट भी बनाते हैं। इससे संयुक्त आय बढ़ जाती है और बैंक ज्यादा लोन मंजूर कर सकते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन लेने से पहले </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EMI, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्याज दर और कुल भुगतान की सही गणना कर लेना जरूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े। सही प्लानिंग के साथ लिया गया होम लोन लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 00:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PNB की धांसू स्कीम! 1.5 लाख रुपये जमा करने पर मिलेगा 1 लाख से ज्यादा ब्याज, जानें पूरा गणित</title>
                                    <description><![CDATA[PNB FD Scheme में 1.5 लाख रुपये जमा करने पर वरिष्ठ नागरिकों को 1,07,254 रुपये तक ब्याज मिल सकता है। जानें पूरी FD डिटेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pnbs-cool-scheme-you-will-get-more-than-rs-1/article-53925"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pnb-fd-scheme.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>PNB FD Scheme:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक यानी </span>PNB <span lang="hi" xml:lang="hi">इन दिनों अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। बैंक अलग-अलग समयावधियों के लिए एफडी पर काफी अच्छे ब्याज दरें देने की पेशकश कर रहा है। खासतौर पर लंबी अवधि की एफडी स्कीम में निवेश करने वाले ग्राहकों को बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। अगर कोई ग्राहक </span>PNB FD Scheme <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत 1 लाख 50 हजार रुपये जमा करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैच्योरिटी पर उसे ब्याज के रूप में 1 लाख रुपये से ज्यादा मिल सकता है। ऐसे में यह स्कीम सुरक्षित निवेश पसंद करने वालों के बीच काफी चर्चित हो रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">PNB <span lang="hi" xml:lang="hi">7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए एफडी की सुविधा प्रदान करता है। बैंक की कुछ विशेष समयावधि वाली योजनाओं पर ज्यादा ब्याज मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">444 दिनों की एफडी पर बैंक 7.40 फीसदी तक ब्याज ऑफर कर रहा है। जबकि 5 से 10 साल की लंबी अवधि की एफडी पर सामान्य ग्राहकों को लगभग 6 से 6.80 फीसदी तक ब्याज दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये दरें और भी बेहतर हैं। लंबे समय तक निवेश करने वाले ग्राहकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर कोई सामान्य नागरिक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">PNB <span lang="hi" xml:lang="hi">की 8 साल की एफडी स्कीम में 1.5 लाख रुपये का निवेश करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 2,35,901 रुपये मिल सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें करीब 85,901 रुपये ब्याज के तौर पर शामिल होंगे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह स्कीम और भी फायदेमंद साबित हो रही है। अगर वे इसी अवधि के लिए 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्हें मैच्योरिटी पर कुल 2,57,254 रुपये मिल सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थात् करीब 1,07,254 रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक 5 से 10 साल तक की एफडी पर वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का भी लाभ दे रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश करने से पहले ब्याज दरों और नियमों की पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बैंक समय-समय पर अपनी एफडी दरों में बदलाव करते रहते हैं। इसीलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से जानकारी लेना सबसे अच्छा रहेगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 00:00:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>444 दिन की इस FD में जमा करें 4 लाख रुपये, मैच्योरिटी पर मिलेगा तगड़ा रिटर्न</title>
                                    <description><![CDATA[Bank of Baroda की 444 दिनों की FD में ₹4 लाख जमा करने पर सामान्य, वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को कितना रिटर्न मिलेगा, जानिए पूरी डिटेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/see-calculation-to-see-how-much-return-you-will-get/article-53803"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bank-of-baroda-fd,-444-days-fd.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकारी बैंकिंग सेक्टर के बड़े बैंकों में से एक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, Bank of Baroda, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन दिनों अपनी 444 दिनों वाली स्पेशल एफडी स्कीम को लेकर चर्चा में है। इस बैंक की </span>‘bob Square Drive Deposit Scheme’ <span lang="hi" xml:lang="hi">पर ग्राहकों को सामान्य एफडी की तुलना में ज्यादा ब्याज मिल रहा है। खास बात ये है कि इस स्कीम में वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त लाभ भी है। ऐसे में कई लोग जानना चाह रहे हैं कि अगर वे 4 लाख रुपये इस एफडी में लगाते हैं तो मैच्योरिटी पर उन्हें कुल कितनी रकम मिलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">444 दिनों की इस स्पेशल एफडी स्कीम पर सामान्य नागरिकों को 6.45 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.95 फीसदी और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.05 फीसदी है। बैंक ऑफ बड़ौदा इस अवधि की एफडी पर सबसे ज्यादा रिटर्न दे रहा है। हाल के दिनों में फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की बढ़ती संख्या के चलते इस स्कीम में ग्राहकों की रुचि भी काफी बढ़ गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर कोई सामान्य नागरिक बैंक ऑफ बड़ौदा की 444 दिनों वाली एफडी में 4 लाख रुपये जमा करता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैच्योरिटी पर उसे करीब 32,377 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। मतलब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुल राशि बढ़कर 4,32,377 रुपये हो जाएगी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों को इसी निवेश पर लगभग 34,972 रुपये का ब्याज मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मैच्योरिटी अमाउंट 4,34,972 रुपये तक पहुंच जाएगा। अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह रिटर्न थोड़ा और ज्यादा है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">4 लाख रुपये जमा करने पर उन्हें करीब 35,492 रुपये ब्याज मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुल मैच्योरिटी राशि 4,35,492 रुपये हो जाएगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर हम बैंक की अन्य एफडी योजनाओं की बात करें</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो 7 से 45 दिनों की अवधि पर सबसे कम 3.50 फीसदी से 4 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है। 46 से 60 दिनों की एफडी पर 5 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। लेकिन 444 दिनों वाली स्कीम इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में है। विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहकर सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके लिए ये स्कीम एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश करने से पहले आपको बैंक शाखा या उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर ब्याज दरें चेक कर लेनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इनमें समय-समय पर बदलाव होता रहता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 00:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SBI FD में 6 महीने के लिए 2 लाख रुपये जमा करें, तो कितना मिलेगा रिटर्न, देखें कैलकुलेशन</title>
                                    <description><![CDATA[SBI की 6 महीने की FD में ₹2 लाख जमा करने पर सामान्य, वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को कितना ब्याज मिलेगा, जानें पूरा कैलकुलेशन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/if-you-deposit-rs-2-lakh-in-sbi-fd-for/article-53065"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t155015.676.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश का चलन तेजी से बढ़ा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसके बावजूद देश में बड़ी संख्या में लोग आज भी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी </span>FD <span lang="hi" xml:lang="hi">को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। खासकर सरकारी बैंकों की एफडी पर लोगों का भरोसा ज्यादा रहता है। ऐसे में भारतीय स्टेट बैंक यानी </span>SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की एफडी स्कीम्स लगातार निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं। </span>SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">फिलहाल अलग-अलग अवधि की एफडी पर </span>3.05%<span lang="hi" xml:lang="hi"> से लेकर </span>7.15%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक ब्याज दे रहा है। ब्याज दरें निवेश की अवधि और ग्राहक की उम्र के हिसाब से तय होती हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">में ग्राहक </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन से लेकर </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल तक की अवधि के लिए एफडी करा सकते हैं। बैंक की </span>444<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों वाली </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">अमृत वृष्टि</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कीम इन दिनों काफी चर्चा में है। इसमें सामान्य ग्राहकों को </span>6.45%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक ब्याज मिल रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा फायदा दिया जा रहा है। </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल से अधिक उम्र के ग्राहकों को </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की एफडी पर </span>7.05%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक ब्याज ऑफर किया जा रहा है। अति वरिष्ठ नागरिकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>80<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए यह ब्याज दर </span>7.15%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक पहुंच जाती है। बैंक की इन स्कीम्स को लेकर ग्राहकों में रुचि बनी हुई है क्योंकि इसमें रिटर्न तय होता है और जोखिम काफी कम माना जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब बात करते हैं उस सवाल की जिसे लेकर सबसे ज्यादा लोग जानकारी तलाशते हैं कि अगर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">में </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने के लिए </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये की </span>FD <span lang="hi" xml:lang="hi">कराई जाए तो मैच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा। बैंक के मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से सामान्य नागरिक अगर </span>180<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन यानी करीब </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने के लिए </span>2,00,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये जमा करते हैं तो उन्हें करीब </span>5,650<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये ब्याज मिलेगा। ऐसे में मैच्योरिटी पर कुल रकम </span>2,05,650<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये हो जाएगी।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं वरिष्ठ नागरिकों को इसी अवधि की एफडी पर थोड़ा ज्यादा फायदा मिलता है। अगर कोई सीनियर सिटीजन </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये की एफडी कराता है तो उसे लगभग </span>6,150<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये ब्याज मिलेगा। यानी मैच्योरिटी के समय कुल रकम </span>2,06,150<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये हो जाएगी। इसके अलावा अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज और ज्यादा है। </span>80<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल या उससे अधिक उम्र के ग्राहक अगर </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने की </span>FD <span lang="hi" xml:lang="hi">में </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये निवेश करते हैं तो उन्हें करीब </span>6,250<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये ब्याज मिलेगा। इस हिसाब से मैच्योरिटी पर कुल रकम </span>2,06,250<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये बनती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में एफडी में निवेश बढ़ा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर उन लोगों के बीच जो जोखिम लेने से बचते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच फिक्स्ड रिटर्न वाली योजनाओं की तरफ लोगों का रुझान फिर बढ़ा है। बैंकिंग सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि छोटी अवधि की एफडी उन लोगों के लिए बेहतर मानी जाती है जिन्हें कुछ महीनों बाद पैसों की जरूरत पड़ सकती है और साथ ही वे सुरक्षित रिटर्न भी चाहते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि एफडी कराने से पहले निवेशकों को ब्याज दर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवधि और टैक्स नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। कई बार ब्याज दरों में बदलाव होता रहता है। ऐसे में निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से ताजा जानकारी लेना जरूरी माना जाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 16:27:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>सीनियर सिटीजन FD 2026: स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.5% तक रिटर्न</title>
                                    <description><![CDATA[शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव; सरकारी, प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों में ब्याज दरों का अंतर स्पष्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/increased-returns-on-fd-for-senior-citizens-small-finance-banks/article-52121"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-26t090230.949.jpg" alt=""></a><br /><p>शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे सीनियर सिटीजन के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर प्रमुख विकल्प बनकर उभरा है। 2026 में विभिन्न बैंकों द्वारा आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश के चलते बुजुर्ग निवेशकों का रुझान एफडी की ओर बढ़ा है, खासकर स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जहां 8.5% तक रिटर्न मिल रहा है।</p>
<p><strong>क्या है मौजूदा स्थिति</strong><br />बैंकिंग सेक्टर में सीनियर सिटीजन को आम ग्राहकों की तुलना में करीब 0.50% अधिक ब्याज दिया जा रहा है। सरकारी बैंकों में यह दर लगभग 7% के आसपास बनी हुई है, जबकि प्राइवेट बैंकों में यह थोड़ा अधिक है। वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे ज्यादा रिटर्न ऑफर कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कौन दे रहा है सबसे ज्यादा ब्याज</strong><br />सरकारी बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक और केनरा बैंक 7.10% तक ब्याज दे रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा लंबी अवधि के लिए 7.00% से 7.05% तक रिटर्न प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p>प्राइवेट सेक्टर में इंडसइंड बैंक 7.50% के साथ आगे है, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक 7.00% से 7.30% के बीच ब्याज दे रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, सबसे ज्यादा रिटर्न स्मॉल फाइनेंस बैंकों में देखा जा रहा है। ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक 501 दिनों की एफडी पर 8.50% तक ब्याज दे रहा है। इसके अलावा सूर्योदय, शिवालिक, इक्विटास और जना जैसे बैंक 8.00% से 8.30% तक रिटर्न ऑफर कर रहे हैं।</p>
<p><strong>क्यों बढ़ रही है FD की लोकप्रियता</strong><br />रिटायरमेंट के बाद निवेशक पूंजी की सुरक्षा और नियमित आय को प्राथमिकता देते हैं। एफडी में निवेश से तय समय पर निश्चित ब्याज मिलता है, जिससे मासिक या तिमाही आय सुनिश्चित होती है। शेयर बाजार की तुलना में इसमें जोखिम बेहद कम होता है।</p>
<p><strong>कैसे करें सही निवेश</strong><br />विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक अपनी पूरी राशि एक ही एफडी में न लगाएं। इसे अलग-अलग अवधि—जैसे 1 साल, 2 साल और 3 साल—में बांटकर निवेश करना अधिक सुरक्षित और लाभदायक होता है। इस रणनीति को ‘FD लैडरिंग’ कहा जाता है, जिससे ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का फायदा उठाया जा सकता है।</p>
<p><strong>टैक्स और नियम क्या कहते हैं</strong><br />एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है और यह निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार कर के दायरे में आता है। बैंक इस पर टीडीएस काटते हैं, लेकिन जिन सीनियर सिटीजन की आय टैक्स सीमा से कम है, वे फॉर्म 15H जमा कर टीडीएस से बच सकते हैं।</p>
<p><strong>जोखिम और सावधानियां</strong><br />हालांकि स्मॉल फाइनेंस बैंक अधिक ब्याज दे रहे हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है। ऐसे में निवेश से पहले बैंक की विश्वसनीयता और अपनी जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करना जरूरी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 09:04:13 +0530</pubDate>
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