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                <description>railway news RSS Feed</description>
                
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                <title>रीवा से ग्वालियर के लिए नई ट्रेन शुरू, सांसद प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन से विंध्य और ग्वालियर अंचल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत, यात्रियों और व्यापारियों में खुशी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रीवा के रेल यात्रियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। लंबे समय से रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा की मांग कर रहे लोगों को आखिरकार नई ट्रेन की सौगात मिल गई। बुधवार रात करीब 9 बजे रीवा रेलवे स्टेशन से रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर रीवा सांसद प्रतिनिधि (रेलवे) राजीव खंडेलवाल ने ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। नई ट्रेन के संचालन को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे रीवा और ग्वालियर के बीच सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है। ट्रेन रवाना होने के मौके पर स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रेलवे से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया समिति के सदस्य योगेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होते ही यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(1).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="896"></img></p>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04191 ने 8 जुलाई को ग्वालियर से अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। यह ट्रेन सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होकर निर्धारित समय पर रीवा पहुंची। इसके बाद बुधवार रात इसे रीवा से वापस ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। नई स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे ने इसमें कुल 22 एलएचबी कोच लगाए हैं। इनमें 7 स्लीपर क्लास कोच, 4 थर्ड एसी कोच, 3 इकोनॉमी थर्ड एसी कोच, 2 सेकंड एसी कोच, 4 जनरल कोच और 1 दिव्यांगजन के लिए विशेष कोच शामिल है। आधुनिक एलएचबी कोच होने के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे शामिल किए जाने से हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(2).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार दूसरे शहरों से ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। नई ट्रेन के संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी मिलेगा, जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी इस नई रेल सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रीवा और ग्वालियर दोनों ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सीधी रेल सुविधा मिलने से व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने रेलवे और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(3).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस नई रेल सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि रीवा अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों से सीधे रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ता जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को फायदा मिलेगा। कई यात्रियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसकी आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इस ट्रेन के संचालन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इस मार्ग पर स्थायी ट्रेन सेवा या अतिरिक्त फेरों पर भी विचार किया जा सकता है। रेलवे लगातार प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:13:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल में लगेंगे एलएचबी कोच, 23 जुलाई से यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का फैसला किया है। नई रेक के साथ यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, कम झटके और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a468fced6f05/article-57710"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rani-kamalapati-agartala-special.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में पुराने आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के अनुसार यह बदलाव 23 जुलाई 2026 से लागू होगा। गाड़ी संख्या 01665 रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल का संचालन इस तारीख से एलएचबी रेक के साथ शुरू होगा, जबकि वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल में 26 जुलाई 2026 से नए कोच लगाए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे अधिकारियों के मुताबिक एलएचबी कोच वर्तमान समय की आधुनिक तकनीक पर आधारित होते हैं और इन्हें पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने के कारण सफर के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। साथ ही इनमें अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन की रुकने की क्षमता बेहतर होती है। दुर्घटना की स्थिति में भी एलएचबी कोचों की संरचना इस प्रकार तैयार की जाती है कि कोच एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना काफी कम रहती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में एलएचबी कोच शामिल कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति और अगरतला के बीच चलने वाली यह ट्रेन मध्यप्रदेश को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में शामिल है। इस ट्रेन में हर वर्ष बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाने से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा और सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई एलएचबी रेक में कुल 22 कोच होंगे। इनमें 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे, 8 स्लीपर कोच, 5 एसी थर्ड एसी कोच, 1 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच, 2 एसी सेकेंड टियर कोच, 1 गार्ड सह लगेज एवं ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार शामिल रहेगी। इस संरचना के जरिए विभिन्न श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है ताकि सामान्य श्रेणी से लेकर वातानुकूलित श्रेणी तक सभी यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलएचबी कोचों की एक और विशेषता उनकी अधिकतम गति क्षमता भी है। इन कोचों को उच्च गति पर भी अधिक स्थिरता के साथ चलने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि किसी ट्रेन की वास्तविक गति ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और परिचालन नियमों पर निर्भर करती है, फिर भी एलएचबी कोचों की वजह से सफर पहले की तुलना में अधिक संतुलित और आरामदायक माना जाता है। इसके अलावा इन कोचों में शोर कम होता है और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कंपन भी अपेक्षाकृत कम महसूस होता है। यही वजह है कि रेलवे लगातार अपनी प्रमुख ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोचों को हटाकर एलएचबी कोचों से बदल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल सेवा है। इस ट्रेन का उपयोग नौकरी, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले हजारों यात्री करते हैं। एलएचबी कोच लगने के बाद विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बेहतर सस्पेंशन, आधुनिक ब्रेकिंग प्रणाली और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं के कारण यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में काफी बेहतर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से अपने नेटवर्क का आधुनिकीकरण करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। रेलवे स्टेशनों के विकास, नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन, आधुनिक सिग्नल प्रणाली, ट्रैक अपग्रेडेशन और एलएचबी कोचों के विस्तार जैसे कदम इसी रणनीति का हिस्सा हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना भी रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोचों का उपयोग बढ़ने से दुर्घटनाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेन के कोच संयोजन और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी पर ध्यान दें। 23 जुलाई से रानी कमलापति से अगरतला जाने वाली ट्रेन और 26 जुलाई से वापसी दिशा की सेवा नए एलएचबी रेक के साथ संचालित होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन में किन्नरों का हंगामा, वीडियो वायरल होने के बाद दो गुटों में विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों से बदसलूकी और उगाही के आरोप, वायरल वीडियो के बाद राजा और रजिया गुट आमने-सामने, थाने में भी चला हंगामा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/dispute-between-two-groups-after-video-of-eunuchs-ruckus-in/article-56299"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-train-video.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में किन्नरों द्वारा यात्रियों के साथ कथित बदसलूकी और जबरन पैसे मांगने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ किन्नर ट्रेन के कोच के भीतर आपत्तिजनक तरीके से डांस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला केवल यात्रियों से उगाही के आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच चल रहा पुराना विवाद भी खुलकर सामने आ गया। हालात ऐसे बने कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और बाद में मामला थाने तक पहुंच गया। बिलासपुर में लंबे समय से किन्नर समुदाय के दो अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। इनमें राजा किन्नर और रजिया किन्नर के नेतृत्व वाले समूह शामिल हैं। दोनों गुटों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व और ट्रेनों में पैसे मांगने के अधिकार को लेकर पहले से तनाव बना हुआ था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो और पोस्ट साझा कर रहे थे, जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी बीच एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ किन्नर ट्रेन के डिब्बे के अंदर यात्रियों के बीच नाचते और अश्लील हरकतें करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ यात्रियों के असहज होने की बात भी सामने आई है। आरोप लगाया गया कि पैसे नहीं देने पर यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं और मामला चर्चा का विषय बन गया। वायरल वीडियो को लेकर दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले राजा किन्नर के समर्थकों और रजिया किन्नर के कुछ चेलों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। इस घटना के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय स्तर पर भी दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने लगे। मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार राजा किन्नर के समूह के सदस्य मुख्य रूप से कोटा-पेंड्रा रोड रूट की ट्रेनों में यात्रियों से पैसे मांगते हैं। वहीं रजिया किन्नर के समूह के सदस्य बिलासपुर, बिल्हा, रायपुर और रायगढ़ रूट पर सक्रिय बताए जाते हैं। इसी क्षेत्रीय बंटवारे को लेकर भी दोनों पक्षों में काफी समय से खींचतान चल रही है। कई लोगों का कहना है कि ट्रेनों में यात्रियों से पैसे मांगने को लेकर दोनों गुटों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली पूजा नाम की एक किन्नर ने पूरे मामले पर सफाई भी दी है। उनका कहना है कि वीडियो हाल का नहीं बल्कि करीब चार महीने पुराना है। पूजा के अनुसार हाल में हुए विवाद के बाद उन्हें और उनके समूह को बदनाम करने की नीयत से इस पुराने वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और इसके पीछे आपसी रंजिश मुख्य कारण है। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्ष शिकायत लेकर तोरवा थाना पहुंचे। लेकिन वहां भी मामला शांत नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थाने के भीतर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। एक-दूसरे पर आरोप लगाने का सिलसिला चलता रहा और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों की मौजूदगी के कारण थाने में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा ताकि स्थिति और न बिगड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के दौरान काफी देर तक शोर-शराबा चलता रहा। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि शुरुआत में हालात को नियंत्रित करने में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों को समझाइश दी गई और बाद में मामला शांत कराया गया। अधिकारियों के अनुसार दोनों गुटों के बीच आपसी समझौता हो गया है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और इसे दोबारा वायरल करने के पीछे किसका हाथ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:06:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आग की अफवाह बनी जानलेवा, ट्रेन से कूदे यात्रियों पर चढ़ी दूसरी ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना के पास उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मची अफरा-तफरी, पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/rumor-of-fire-became-deadly-passengers-jumped-from-the-train/article-55969"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/morena-train-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार दोपहर एक दर्दनाक रेल हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच कुछ यात्री जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए और कई लोग चलती ट्रेन से कूदने लगे। इसी दौरान समानांतर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे कुछ यात्री दूसरी दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और रेलवे प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। यह हादसा मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के बीच सरायछौला थाना क्षेत्र में स्थित हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ। बताया जा रहा है कि खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में किसी यात्री का मोबाइल फोन अचानक गर्म होकर फट गया। इसके बाद डिब्बे में धुआं और आग लगने की आशंका को लेकर अफवाह फैल गई। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच डर और घबराहट का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोग बिना स्थिति की पुष्टि किए अपनी सीट छोड़कर दरवाजों की तरफ दौड़ पड़े। इसी दौरान किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन ट्रैक पर ही रुक गई। ट्रेन रुकते ही लोग जान बचाने के लिए तेजी से नीचे उतरने लगे। कई यात्रियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस ट्रैक पर वे उतर रहे हैं, वहां से दूसरी ट्रेन गुजर सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रेलवे अधिकारियों के अनुसार रविवार शाम करीब 4:15 बजे गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर खड़ी थी। इसी दौरान ट्रेन के दूसरे कोच में हुई चेन पुलिंग के कारण गाड़ी को सेक्शन में रोकना पड़ा। जब तक रेलवे स्टाफ स्थिति को समझ पाता, तब तक बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से उतर चुके थे। कुछ लोग घबराहट में दूसरी लाइन तक पहुंच गए। इसी समय अप दिशा से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। तेज रफ्तार ट्रेन को देखकर कई लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कुछ लोग घायल यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक ले गए, जबकि रेलवे और प्रशासन को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कई लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही मिनट पहले तक लोग ट्रेन में सामान्य यात्रा कर रहे थे और फिर अचानक अफवाह ने पूरे माहौल को बदल दिया। हादसे के बाद कई यात्रियों की आंखों में डर और सदमे के भाव साफ दिखाई दे रहे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया तथा प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि मोबाइल फटने की घटना के बाद अफवाह किस तरह फैली और यात्रियों में इतनी तेजी से दहशत क्यों फैल गई। रेलवे सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसे हादसे अक्सर घबराहट और अफवाहों के कारण होते हैं। किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। बिना पुष्टि के ट्रेन से उतरना या दूसरे ट्रैक पर जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मुरैना में हुआ यह हादसा भी इसी बात की दुखद याद दिलाता है कि कई बार वास्तविक खतरे से ज्यादा अफवाहें जानलेवा बन जाती हैं। रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। शुरुआती जानकारी में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मोबाइल फटने के बाद फैली अफवाह को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। चार लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/rumor-of-fire-became-deadly-passengers-jumped-from-the-train/article-55969</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:43:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन को मिली नई पहचान, आज से शुरू होगा संचालन</title>
                                    <description><![CDATA[आधुनिक सुविधाओं से लैस नई स्टेशन बिल्डिंग तैयार, चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी यात्री सेवाएं, भविष्य में दो नए प्लेटफॉर्म भी बनाए जाएंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indores-lakshmibai-nagar-railway-station-gets-new-identity-operations-will/article-55721"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/laxmibai-nagar-railway-station.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के बाद स्टेशन की नई और आधुनिक भवन संरचना तैयार हो गई है। रेलवे प्रशासन शुक्रवार से इसका चरणबद्ध संचालन शुरू करने जा रहा है। शुरुआत में स्टेशन मास्टर सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय नई बिल्डिंग में स्थानांतरित किए जाएंगे, जबकि अगले कुछ दिनों में यात्रियों से जुड़ी सभी प्रमुख सुविधाएं भी नए परिसर से संचालित होने लगेंगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी बल्कि यात्रियों को पहले की तुलना में कहीं बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन इंदौर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है और पिछले कुछ वर्षों में यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसी को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया था। अब तैयार हुई नई बिल्डिंग पुराने भवन की तुलना में लगभग दोगुनी बड़ी बताई जा रही है। स्टेशन भवन को आधुनिक वास्तुशिल्प और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसकी लंबाई करीब 100 मीटर और चौड़ाई लगभग 40 मीटर है, जिससे स्टेशन परिसर पहले की तुलना में अधिक विस्तृत और सुविधाजनक हो गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई बिल्डिंग में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। ग्राउंड फ्लोर पर विशाल वेटिंग हॉल बनाया गया है, जहां यात्रियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, स्टेशन मास्टर कक्ष, हेल्थ यूनिट, आरपीएफ कार्यालय, पार्सल कार्यालय और अन्य आवश्यक सेवाएं भी इसी तल पर उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं मिलने से स्टेशन पर आने-जाने वालों को काफी राहत मिलेगी। पहली मंजिल को प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के लिए तैयार किया गया है। यहां रेलवे के विभिन्न विभागों के कार्यालय संचालित होंगे। इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं को एक ही परिसर में स्थान दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और स्टेशन संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई बिल्डिंग शुरू होने के साथ ही स्टेशन के विस्तार की अगली योजना पर भी काम तेज होने की संभावना है। रेलवे प्रशासन लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पुरानी स्टेशन बिल्डिंग को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनने से ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने में मदद मिलेगी और भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालना आसान होगा। रेलवे के लिए यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि इंदौर के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वर्तमान में इंदौर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन का विस्तार होने के बाद कुछ ट्रेनों का संचालन यहां से भी किया जा सकेगा। इससे मुख्य रेलवे स्टेशन पर भीड़ और परिचालन दबाव कम होने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने भी नई स्टेशन बिल्डिंग को लेकर उत्साह जताया है। कई यात्रियों का कहना है कि पुराने भवन में जगह की कमी और सीमित सुविधाओं के कारण असुविधा होती थी। अब नए स्टेशन भवन से सफर का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है। विशेष रूप से प्रतीक्षालय, टिकट व्यवस्था और अन्य यात्री सेवाओं में सुधार लोगों के लिए राहत लेकर आएगा। रेलवे अधिकारियों ने निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान संबंधित एजेंसियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि आगामी 15 दिनों के भीतर टिकट काउंटर, वेटिंग हॉल और अन्य यात्री सुविधाओं का संचालन भी पूरी तरह नई बिल्डिंग से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद स्टेशन का अधिकांश कामकाज आधुनिक परिसर से संचालित होने लगेगा। इंदौर शहर तेजी से विकसित हो रहा है और रेलवे ढांचे को भी उसी गति से मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का यह नया स्वरूप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में स्टेशन विस्तार, नए प्लेटफॉर्म और बढ़ती ट्रेन सेवाओं के साथ यह रेलवे स्टेशन इंदौर के प्रमुख परिवहन केंद्रों में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indores-lakshmibai-nagar-railway-station-gets-new-identity-operations-will/article-55721</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:57:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लुधियाना रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, वैष्णो देवी जा रही ट्रेन का कपलर टूटा, यात्रियों में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तेज आवाज के बाद अफरा-तफरी मच गई, जांच में कपलर टूटने की बात सामने आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/major-accident-averted-at-ludhiana-railway-station-coupler-of-train/article-55063"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ludhiana-railway-station.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही एक स्पेशल ट्रेन में अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी जोरदार थी कि यात्रियों को पहले पहल किसी धमाके या बड़ी अनहोनी का अंदेशा हो गया। कुछ ही पलों में ट्रेन के भीतर बैठे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई और कई लोग अपनी सीटों से उठकर कोच के दरवाजों की तरफ बढ़ने लगे। घटना उस समय हुई जब ट्रेन लुधियाना स्टेशन से आगे बढ़ने की तैयारी में थी। शुरुआती सूचना सामने आते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। चूंकि पंजाब में इन दिनों ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, इसलिए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन शनिवार तड़के नई दिल्ली से रवाना हुई थी और निर्धारित समय के अनुसार सुबह करीब 8:47 बजे लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन जब स्टेशन से आगे बढ़ने लगी तो अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज के साथ ही झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई लोगों ने इसे धमाके जैसी आवाज बताया। ट्रेन के एक हिस्से में मौजूद यात्रियों ने घबराकर बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान कुछ समय के लिए स्टेशन पर भी तनावपूर्ण माहौल बन गया। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया और यात्रियों को शांत रहने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया था। कपलर टूटने के कारण कोचों के बीच अचानक दबाव और झटका पैदा हुआ, जिससे एक स्लीपर कोच का शौचालय हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों के अनुसार हादसा गंभीर हो सकता था, लेकिन समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई। रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत प्रभावित हिस्से का निरीक्षण शुरू कर दिया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और रेलवे प्रशासन दोनों सक्रिय नजर आए। लुधियाना के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा ने जांच के बाद बताया कि यह किसी प्रकार का विस्फोट नहीं था। उनके अनुसार ट्रेन चलने के दौरान दो कोचों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया, जिसके कारण तेज आवाज आई और यात्रियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर फिरोजपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि जिस डिब्बे में यह समस्या सामने आई, उसकी उम्र अभी निर्धारित सीमा से काफी कम है। रेलवे के अनुसार एक कोच की सामान्य सेवा अवधि लगभग 25 वर्ष होती है, जबकि संबंधित कोच करीब 15 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। ऐसे में तकनीकी खराबी की सटीक वजह जानने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी यांत्रिक हिस्से के टूटने पर तेज आवाज आना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद कुछ यात्रियों ने दावा किया कि उन्होंने कपलर टूटने से पहले धमाके जैसी आवाज सुनी थी। इसी कारण शुरुआती स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की। हालांकि रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन के आगे बढ़ने के दौरान कपलिंग सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ने से यह घटना हुई हो सकती है। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या कपलर में पहले से कोई खामी थी या फिर परिचालन के दौरान किसी वजह से उस पर अत्यधिक तनाव पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शनिवार सुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती है और इस मामले में भी सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से जुड़े हर तथ्य की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।</p>
<p style="text-align:justify;">राहत की बात यह है कि समय रहते स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेलवे और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना केवल तकनीकी खराबी का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:00:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव, 5 कोचों के शीशे टूटे</title>
                                    <description><![CDATA[गदा पुलिया के पास वारदात, CCTV में संदिग्ध दिखे; RPF ने केस दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/stone-pelting-on-vande-bharat-train-in-ujjain-glass-of/article-54306"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/vande-bharat-train-stone-pelting.jpg" alt=""></a><br /><p>उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच यह घटना हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>घटना शाम करीब 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन तेज गति से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कई कोचों के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस घटना में ट्रेन के कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए कोचों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<h5><strong>CCTV में दिखे संदिग्ध</strong></h5>
<p>घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक रेलवे ट्रैक के आसपास ट्रेन के आने से पहले घूमते हुए नजर आ रहे हैं। फुटेज में यह भी दिखता है कि जैसे ही ट्रेन नजदीक पहुंचती है, युवक पथराव शुरू कर देते हैं और मौके से भाग जाते हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह सुनियोजित नहीं बल्कि मौके पर किया गया हमला हो सकता है, हालांकि सभी एंगल से जांच की जा रही है।</p>
<h5><strong>यात्रियों में फैली दहशत</strong></h5>
<p>पथराव के दौरान ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अचानक जोरदार आवाजें सुनाई दीं और कांच टूटने से कोचों में डर का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने तुरंत अपने मोबाइल से घटना की जानकारी रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को दी। कुछ यात्रियों के अनुसार पत्थर इतनी तेजी से आ रहे थे कि कुछ समय तक समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। हालांकि ट्रेन को रोकने की जरूरत नहीं पड़ी और यह अपने निर्धारित समय पर आगे रवाना हो गई।</p>
<h5><strong>RPF की जांच तेज</strong></h5>
<p>घटना की सूचना मिलते ही उप निरीक्षक जयवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। रेलवे पुलिस ने प्रभावित कोचों का निरीक्षण कर यात्रियों से बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही आसपास के इलाके में लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।</p>
<h5><strong>सुरक्षा पर उठे सवाल</strong></h5>
<p>वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड और हाई-सिक्योरिटी ट्रेन पर पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि ट्रैक के आसपास निगरानी और बढ़ाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:05:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी आग, 68 यात्रियों को बचाया गया, दिल्ली-मुंबई रूट ठप</title>
                                    <description><![CDATA[रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने से हड़कंप मच गया। 68 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, दिल्ली-मुंबई रूट प्रभावित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-in-ac-coach-of-delhi-going-rajdhani-express-68/article-53564"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/massive-fire-breaks-out-on-rajdhani-express.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन जा रही इस ट्रेन के एसी कोच में रतलाम जिले के आलोट के पास अचानक आग लग गई। यह घटना सुबह लगभग 5:15 बजे लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग सबसे पहले बी-1 एसी कोच में दिखाई दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उस समय 68 यात्री मौजूद थे। ट्रेन स्टाफ और रेलवे कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और करीब 15 मिनट के भीतर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालाँकि कोच पूरी तरह जल गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कहा जा रहा है कि राजधानी एक्सप्रेस रात करीब 3:45 बजे रतलाम जंक्शन से निकली थी और इसका अगला स्टॉप कोटा जंक्शन था। राजस्थान में प्रवेश करने से पहले ही यात्रियों ने कोच से धुआं उठता देखा। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यह बी-1 कोच के पीछे लगी सेकंड लगेज कम गार्ड वैन तक पहुंच गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि दूर से ही धुएं का गुबार नजर आने लगा था। आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि रेलवे स्टाफ यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर ले जाने की कोशिश कर रहा था। आग बढ़ने के बाद ट्रेन का बिजली कनेक्शन काट दिया गया और प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया। स्थानीय फायर ब्रिगेड और रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन काफी देर तक कोच से धुआं और लपटें निकलती रहीं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल रूट पर ट्रैफिक रोक दिया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों तरफ की 5 से 6 ट्रेनों के शेड्यूल प्रभावित हुए हैं और कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। घटना स्थल तकनीकी तौर पर कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रतलाम मंडल का मुख्यालय पास होने के कारण रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार भी मौके पर पहुंच गए। रेलवे ने राहत और बचाव के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन और टावर वैगन भेजी है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे अधिकारी अभी कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रहे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी मिल सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:43:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन में अब हर टिकट चेकिंग होगी रिकॉर्ड, नए पहनावे के साथ दिखेंगे TTE</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रेलवे अब TTE को बॉडी कैमरा देगा। टिकट चेकिंग की पूरी रिकॉर्डिंग होगी, जिससे विवाद और फर्जी शिकायतों पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-every-ticket-will-be-checked-in-the-train-records/article-53468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indian-railways-new-rule-tte-ticket-checking.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे एक नई व्यवस्था पर काम कर रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका उद्देश्य ट्रेनों में टिकट चेकिंग को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। इसके लिए रेलवे ने ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर या </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए बॉडी कैमरा सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। शुरुआत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ मंडलों में इसका पायलट प्रोजेक्ट भी चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट जांच के समय होने वाली सभी गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों और </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। कई बार ट्रेन में टिकट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट या जुर्माने को लेकर बहस होने लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो विवाद में बदल सकती है। ऐसे मामलों में अब वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर काम आ सकेगी। रेलवे को लंबे समय से टिकट चेकिंग के दौरान अभद्र व्यवहार और झूठी शिकायतों की शिकायते मिल रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बॉडी कैमरों में कई आधुनिक फीचर्स हैं। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये कैमरे </span>HD <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो के साथ-साथ ऑडियो भी रिकॉर्ड कर सकेंगे। रात के समय के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन कैमरों में नाइट विजन फीचर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कम रोशनी में भी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इनकी बैटरी क्षमता भी काफी महत्वपूर्ण है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे का कहना है कि एक बार चार्ज करने पर ये करीब 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये फीचर्स खास महत्व रखते हैं। कैमरों को टैंपर-प्रूफ भी बनाया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ ना हो सके। खबर है कि मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वॉल्टेयर और रायपुर मंडल में इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुछ </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">को विशेष प्रशिक्षण देकर कैमरों के इस्तेमाल की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक फीडबैक सकारात्मक रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगर अच्छे परिणाम सामने आए तो इसे दूसरे मंडलों में भी लागू किया जा सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बॉडी कैमरा सिस्टम लागू होने से ट्रेनों में अनुशासन में वृद्धि होगी। कई बार यात्रियों और टिकट जांच कर्मचारियों के बीच कहासुनी होती है। कुछ मामलों में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर आधी जानकारी के साथ वीडियो वायरल होने से विवाद और बढ़ जाता है। अब जब सभी रिकॉर्डिंग उपलब्ध होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो घटनाओं की सही तस्वीर सामने आ सकेगी। रेलवे का मानना है कि यह सिस्टम ईमानदारी से काम करने वाले </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए भी फायदेमंद साबित होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अगर उन पर गलत आरोप लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो रिकॉर्डिंग उनके पक्ष में साबित हो सकती है। यात्रियों को भी उम्मीद है कि कैमरों की मौजूदगी से टिकट जांच के दौरान व्यवहार में सुधार आएगा। पिछले कुछ वर्षों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे लगातार तकनीक पर आधारित बदलावों पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन टिकटिंग</span>, AI <span lang="hi" xml:lang="hi">निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट स्टेशन और फेस रिकग्निशन जैसी सुविधाओं के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब बॉडी कैमरा सिस्टम को भी उसी श्रृंखला में शामिल किया जा रहा है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसे देशभर में कब तक लागू किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रेलवे की इस पहल को बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:05:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेलवे का बड़ा तोहफा: आज से दौड़ेंगी अयोध्या-मुंबई और बनारस-पुणे अमृत भारत ट्रेनें</title>
                                    <description><![CDATA[अमृत भारत ट्रेन की दो नई सेवाएं आज से शुरू। अयोध्या-मुंबई और बनारस-पुणे रूट पर यात्रियों को सस्ती, सीधी और सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/69f0700f8ec19/article-52267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/amrit-bharat-ayodhya-mumbai-varanasi-pune-train.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे  दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों अयोध्या धाम से मुंबई और बनारस से पुणे की शुरुआत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। बनारस-पुणे अमृत भारत एक्सप्रेस वाराणसी से हडपसर (पुणे) तक चलेगी। उत्तर भारत से महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों के लिए यह सीधा और किफायती विकल्प होगा।अमृत भारत ट्रेन की यह नई सौगात उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगी। । यह ट्रेन सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और नासिक रोड जैसे 14 प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन अपने मार्ग में प्रयागराज, झांसी, बीना, रानी कमलापति, इटारसी, भुसावल और मनमाड समेत करीब 20 प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी। अधिकारियों के अनुसार, इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को कम किराए में बेहतर यात्रा विकल्प मिलेगा। अयोध्या-मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस अयोध्या धाम जंक्शन से लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक संचालित होगी।  </p>
<p style="text-align:justify;">नई अमृत भारत ट्रेन सेवाओं का सबसे बड़ा असर धार्मिक यात्रा पर दिख सकता है। बनारस रूट से काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, जबकि अयोध्या रूट राम मंदिर आने वाले यात्रियों के लिए सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। रेलवे ने इन रूटों को यात्रियों की मांग, तीर्थ यात्रा और बढ़ते ट्रैफिक को ध्यान में रखकर चुना है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलेगी। छोटे कारोबारियों, कामकाजी यात्रियों और छात्रों के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 15:18:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंदे भारत बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज: दिल्ली से पटना सफर सिर्फ 4 घंटे में संभव, अगले साल ट्रायल</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु में तैयार हुआ हाई-स्पीड ट्रेन प्लांट; 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी स्वदेशी B28 ट्रेन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/vande-bharat-bullet-train-project-fast-delhi-to-patna-journey/article-52123"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-26t092210.976.jpg" alt=""></a><br /><p>देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत विकसित हो रही ‘वंदे भारत बुलेट ट्रेन’ के जरिए आने वाले समय में दिल्ली से पटना की दूरी महज चार घंटे में तय की जा सकेगी। रेल मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ashwini Vaishnaw</span></span> ने बेंगलुरु में इस ट्रेन के निर्माण के लिए तैयार विशेष प्लांट का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी।</p>
<p><strong>क्या है पूरा प्रोजेक्ट</strong><br />यह परियोजना स्वदेशी तकनीक पर आधारित हाई-स्पीड ट्रेन सेट ‘B28’ के निर्माण से जुड़ी है, जिसे आम तौर पर ‘वंदे भारत बुलेट ट्रेन’ कहा जा रहा है। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। इसे <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">BEML</span></span> के बेंगलुरु स्थित अत्याधुनिक ‘आदित्य कॉम्प्लेक्स’ में तैयार किया जाएगा।</p>
<p>रेल मंत्रालय के अनुसार, इस हाई-स्पीड ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप अगले वर्ष परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा। शुरुआती ट्रायल गुजरात के सूरत-वापी सेक्शन में किया जाएगा, जो <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Ahmedabad-Mumbai Bullet Train Corridor</span></span> का हिस्सा है। इस कॉरिडोर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।</p>
<p><strong>कैसे बदलेगा यात्रा समय</strong><br />मौजूदा समय में दिल्ली से पटना की दूरी तय करने में ट्रेनों को 12 से 16 घंटे तक का समय लगता है। लेकिन यदि B28 ट्रेन 250 से 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, तो यह सफर करीब चार घंटे में पूरा हो सकता है। इसी मॉडल के आधार पर बेंगलुरु से चेन्नई (353 किमी) की दूरी 73 मिनट में तय करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>इस परियोजना में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और BEML मिलकर काम कर रहे हैं। डिजाइन से लेकर निर्माण तक पूरी प्रक्रिया स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। रेल मंत्री के अनुसार, यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का अहम हिस्सा है, जिसमें भारत अपनी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक खुद विकसित कर रहा है।</p>
<p>हाई-स्पीड रेल से यात्रा समय में भारी कमी आएगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह परियोजना भारत को वैश्विक स्तर पर आधुनिक रेल तकनीक वाले देशों की श्रेणी में मजबूत स्थिति दिला सकती है।रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इंजीनियरिंग सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/vande-bharat-bullet-train-project-fast-delhi-to-patna-journey/article-52123</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 09:23:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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