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                <title>divorce case - दैनिक जागरण</title>
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                <description>divorce case RSS Feed</description>
                
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                <title>करिश्मा कपूर की जिंदगी: स्टारडम से विवादों तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रहीं करिश्मा कपूर की निजी जिंदगी, रिश्ते और कानूनी विवाद फिर चर्चा में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/karisma-kapoors-journey-from-stardom-to-controversies/article-56942"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/karisma-kapoor.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">करिश्मा कपूर का नाम 90 के दशक की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल है जिन्होंने बहुत कम समय में बॉलीवुड में अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी। कपूर खानदान से आने के बावजूद उन्होंने अपने दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई और एक समय ऐसा भी आया जब उनकी फिल्में लगातार बॉक्स ऑफिस पर हिट हो रही थीं। लेकिन जितनी चमक उनका फिल्मी करियर रहा, उतना ही उतार-चढ़ाव उनके निजी जीवन में भी देखने को मिला। आज 52 साल की उम्र में भी करिश्मा कपूर की जिंदगी अक्सर सुर्खियों में रहती है, कभी उनके पुराने रिश्तों को लेकर तो कभी कानूनी विवादों को लेकर। करिश्मा कपूर का जन्म 25 जून 1974 को मुंबई में रणधीर कपूर और बबीता कपूर के घर हुआ था। फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उस दौर में कपूर खानदान में महिलाओं के फिल्मों में आने को लेकर अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति थी। कहा जाता है कि राज कपूर भी शुरुआत में इस बात के पक्ष में नहीं थे कि घर की लड़कियां फिल्म इंडस्ट्री में जाएं। लेकिन करिश्मा ने इस परंपरा को तोड़ा और बहुत कम उम्र में फिल्मों में कदम रख दिया। शुरुआती दौर आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी एक्टिंग और मेहनत से पहचान बना ली।</p>
<p style="text-align:justify;">90 के दशक में करिश्मा कपूर ने लगातार हिट फिल्में दीं। ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘दिल तो पागल है’, ‘गोपी किशन’, ‘जुड़वा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। उस समय वह इंडस्ट्री की सबसे व्यस्त और सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगी थीं। कई सालों तक उन्होंने लगातार काम किया और अपनी एक्टिंग के दम पर दर्शकों के बीच मजबूत जगह बनाई। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि एक समय पर उनके पास कई फिल्मों की लाइन लगी रहती थी और सालभर में उनकी कई रिलीज होती थीं। लेकिन करियर की इस ऊंचाई के बीच उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में आने लगी। शुरुआती दौर में उनका नाम अभिनेता अक्षय खन्ना से जुड़ा। बताया जाता है कि दोनों परिवारों के बीच रिश्ते की बातचीत भी हुई थी, लेकिन यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद उनका नाम अभिषेक बच्चन के साथ जुड़ा और दोनों की सगाई तक की चर्चा सामने आई। उस समय दोनों परिवारों की सहमति भी मानी जा रही थी और सार्वजनिक रूप से इस रिश्ते को लेकर सकारात्मक माहौल था, लेकिन बाद में अचानक यह रिश्ता टूट गया, जिसने सबको चौंका दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद करिश्मा कपूर ने 2003 में अपने बचपन के दोस्त संजय कपूर से शादी की। शुरुआत में यह शादी एक स्थिर और शांत जीवन की शुरुआत मानी जा रही थी, लेकिन कुछ सालों के बाद रिश्तों में तनाव की खबरें आने लगीं। धीरे-धीरे यह मामला घरेलू विवादों और कानूनी लड़ाइयों तक पहुंच गया। करिश्मा ने संजय कपूर और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें मानसिक उत्पीड़न, मारपीट और दहेज प्रताड़ना जैसे आरोप शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि शादी के शुरुआती समय से ही उन्हें परेशान किया जा रहा था और कई बार उन्हें अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।इस विवाद ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरीं। करिश्मा ने बाद में कानूनी कार्रवाई भी की और मामला कोर्ट तक पहुंचा। लंबे समय तक चले इस विवाद के बाद 2016 में दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद बच्चों की कस्टडी करिश्मा कपूर को मिली और दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी उन्होंने संभाली। इस दौरान उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और अपने निजी जीवन पर ध्यान केंद्रित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">तलाक के बाद भी करिश्मा कपूर का नाम कई बार चर्चा में रहा। कभी उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर तो कभी पूर्व पति से जुड़े मामलों को लेकर। 2025 में संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति को लेकर नया विवाद सामने आया। करोड़ों की संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई, जिसमें वसीयत को लेकर भी सवाल उठाए गए। इस विवाद में करिश्मा कपूर के बच्चों का नाम भी सामने आया, जिन्होंने कुछ दावों पर आपत्ति जताई है। इन सभी घटनाओं के बीच करिश्मा कपूर ने खुद को काफी हद तक लाइमलाइट से दूर रखा। लंबे समय तक फिल्मों से दूरी के बाद उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म के जरिए वापसी की और फिर से अभिनय में सक्रिय हुईं। हालांकि उनकी जिंदगी अब पहले जैसी फिल्मी दुनिया की भागदौड़ से दूर है, लेकिन वह समय-समय पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती हैं। करिश्मा कपूर की कहानी केवल एक अभिनेत्री की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे सफर की कहानी है जिसमें स्टारडम, रिश्तों की जटिलताएं, पारिवारिक दबाव और कानूनी विवाद सब शामिल हैं। उन्होंने बहुत कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल की, लेकिन निजी जीवन में कई कठिन दौर भी देखे। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले की सुनवाई टली, 7 अगस्त को अगली तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[27 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते को खत्म करने की प्रक्रिया जारी, चेंगलपट्टू महिला अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त तक स्थगित की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/hearing-of-divorce-case-of-tamil-nadu-chief-minister-vijay/article-56015"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vijay-divorce-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत से जुड़े चर्चित चेहरे मुख्यमंत्री विजय और उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के तलाक मामले में सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। चेंगलपट्टू महिला अदालत में सुबह करीब 10:30 बजे इस मामले पर सुनवाई की गई, जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 7 अगस्त तय कर दी। इस तरह दोनों के बीच चल रही कानूनी प्रक्रिया फिलहाल जारी रहेगी और मामले का अंतिम फैसला आने में अभी समय लग सकता है। यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब संगीता सोर्नालिंगम ने इसी साल फरवरी में अदालत में तलाक की याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए थे। अदालत ने पहले इस मामले की सुनवाई अप्रैल में निर्धारित की थी, लेकिन उस दौरान दोनों पक्षों की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी। बाद में अदालत ने दोनों को 15 जून को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। सोमवार को हुई सुनवाई में मामले की प्रगति पर चर्चा हुई और अदालत ने अगली तारीख तय कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संगीता की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें अपने पति के निजी जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियां मिली थीं, जिनके बाद वैवाहिक संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2021 में उन्हें कथित तौर पर एक महिला कलाकार के साथ विजय के संबंधों की जानकारी मिली थी। इसके बाद परिवार के भीतर कई बार बातचीत हुई, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं आया। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि बाद के वर्षों में दोनों के बीच दूरियां लगातार बढ़ती चली गईं। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, संगीता ने दावा किया है कि इन परिस्थितियों का असर उनके पारिवारिक जीवन और बच्चों पर भी पड़ा। उन्होंने मानसिक तनाव और भावनात्मक कठिनाइयों का भी उल्लेख किया है। हालांकि मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम सत्यता अदालत की प्रक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अदालत में दोनों पक्षों के दावों और कानूनी तर्कों पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विजय और संगीता का विवाह वर्ष 1999 में हुआ था। करीब 27 वर्षों तक साथ रहने के बाद अब दोनों अपने वैवाहिक संबंध को कानूनी रूप से समाप्त करने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। लंबे समय तक यह जोड़ी दक्षिण भारतीय मनोरंजन जगत की चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती रही। सार्वजनिक कार्यक्रमों और पारिवारिक अवसरों पर दोनों को कई बार साथ देखा गया था। यही वजह है कि उनके अलगाव की खबर ने प्रशंसकों और राजनीतिक समर्थकों को भी हैरान किया था। इस बीच विजय का राजनीतिक सफर लगातार चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। चुनावी सफलता के बाद विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राजनीति में उनकी एंट्री को दक्षिण भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक माना गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा यह मामला भी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। निजी और सार्वजनिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना किसी भी बड़े नेता के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि विजय ने इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से बहुत कम प्रतिक्रिया दी है और उनका ध्यान फिलहाल प्रशासनिक कार्यों तथा राजनीतिक गतिविधियों पर केंद्रित दिखाई देता है। फिल्मी करियर की बात करें तो विजय लंबे समय तक दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल रहे हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। उनकी अंतिम फिल्म ‘जन नायकन’ भी चर्चा में रही, हालांकि इसके रिलीज को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। फिल्म और राजनीति दोनों क्षेत्रों में विजय का प्रभाव लगातार बना हुआ है। सोमवार की सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है। अब सभी की नजरें 7 अगस्त पर टिकी हैं, जब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई होगी।आने वाली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें और स्पष्ट रूप से सामने आ सकती हैं। फिलहाल अदालत की प्रक्रिया जारी है और मामले का अंतिम निष्कर्ष भविष्य की सुनवाई पर निर्भर करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:49:42 +0530</pubDate>
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                <title>ग्वालियर तलाक मामला: ननद को ‘सौतन’ बताकर लिया एकतरफा तलाक, हाईकोर्ट में पहुंचा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[फैमिली फोटो को दूसरी शादी का सबूत बताकर मिली डिक्री; पति ने कोर्ट को गुमराह करने का लगाया आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/gwalior-divorce-case-one-sided-divorce-by-calling-sister-in-law-as-sautan/article-52141"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/gwalior-divorce-case.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Gwalior</span></span> में तलाक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने पति से अलग होने के लिए कथित तौर पर अदालत को गलत जानकारी दी। महिला ने अपनी ही ननद (पति की बहन) को ‘सौतन’ बताकर फैमिली कोर्ट से एकतरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली। अब इस मामले को पति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिससे यह विवाद कानूनी बहस का विषय बन गया है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />जानकारी के मुताबिक, दंपति की शादी वर्ष 1998 में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पति एक निजी कंपनी में कार्यरत है और काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था। इसी कारण दोनों के संबंधों में दूरी बढ़ती गई और वर्ष 2015 में महिला अलग रहने लगी। महिला तलाक चाहती थी, जबकि पति इसके लिए तैयार नहीं था।</p>
<p><strong>कैसे मिला एकतरफा तलाक</strong><br />वर्ष 2021 में महिला ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है। सबूत के तौर पर उसने एक पारिवारिक फोटो पेश किया, जिसमें पति अपनी बहन और अन्य रिश्तेदारों के साथ खड़ा था। महिला ने इस फोटो में दिख रही अपनी ननद को ही पति की दूसरी पत्नी बताते हुए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।</p>
<p>अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर पति को एकपक्षीय घोषित कर दिया, जिससे वह अपनी ओर से सफाई पेश नहीं कर सका। इसके बाद महिला को तलाक की डिक्री मिल गई।</p>
<p><strong>पति का आरोप और हाईकोर्ट की शरण</strong><br />पति का कहना है कि तलाक की प्रक्रिया के दौरान उसकी मां का निधन हो गया था, जिसका फायदा उठाकर उसे मामले से अनभिज्ञ रखा गया। हाल ही में जब उसने अदालत के रिकॉर्ड की जांच की, तब उसे इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। उसने आरोप लगाया कि पत्नी ने जानबूझकर अदालत को गुमराह किया और गलत साक्ष्य पेश किए।इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एकतरफा तलाक की डिक्री को रद्द करने की मांग की है।</p>
<p>यदि अदालत में गलत साक्ष्य प्रस्तुत कर निर्णय हासिल किया गया है, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। इससे न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की संभावना भी बनती है।</p>
<p>अब मामला हाईकोर्ट के समक्ष है, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या तलाक की डिक्री वैध है या इसे निरस्त किया जाना चाहिए। इस केस ने पारिवारिक विवादों और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 15:02:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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