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                <title>trade agreement - दैनिक जागरण</title>
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                <title>प्रधानमंत्री मोदी अगले सप्ताह करेंगे न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह पहली बार आधिकारिक दौरे पर न्यूजीलैंड जाएंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के क्रियान्वयन और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-will-make-his-first-official-visit-to/article-57766"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pm-modi-new-zealand-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अपनी पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा की घोषणा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि भारतीय प्रधानमंत्री पहली बार आधिकारिक दौरे पर न्यूजीलैंड आ रहे हैं। उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और मजबूत होते सहयोग का प्रतीक बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा अप्रैल 2026 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) के बाद पहला बड़ा उच्चस्तरीय दौरा होगी। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सेवा क्षेत्र, कृषि, शिक्षा, पर्यटन और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना है। दोनों देशों की सरकारों का मानना है कि इस समझौते से व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही निवेश बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की भी उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से न्यूजीलैंड के उत्पादों और सेवाओं को 1.4 अरब से अधिक आबादी वाले भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे निर्यात बढ़ेगा, नए रोजगार पैदा होंगे और न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">न्यूजीलैंड सरकार ने अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग 20 अरब डॉलर तक का निवेश बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस निवेश को सुगम बनाने के लिए भारत सरकार ने न्यूजीलैंड के निवेशकों के लिए विशेष "सिंगल डेस्क" या "वन-स्टॉप सुविधा" स्थापित करने पर सहमति दी है। इस व्यवस्था के तहत निवेश से जुड़े अनुमोदनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज़ी से पूरा किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के निवेशकों को आसानी होगी। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने पहले भी कहा था कि भारत में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार हो रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। इसमें कृषि उत्पादकता, निवेश, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), महिला उद्यमिता, खेल, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास और प्रतिभा आदान-प्रदान जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अलावा दोनों देश छात्रों, शोधकर्ताओं और कुशल पेशेवरों के लिए भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। इससे दोनों देशों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोनों देशों के बीच होने वाला सहयोग कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा। न्यूजीलैंड डेयरी, पशुपालन और आधुनिक कृषि तकनीकों के लिए विश्वभर में जाना जाता है, जबकि भारत कृषि उत्पादन और विशाल उपभोक्ता बाजार के कारण एक महत्वपूर्ण साझेदार है। सेवा क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, पर्यटन और खेल सहयोग भी इस यात्रा के प्रमुख एजेंडों में शामिल रहने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत और न्यूजीलैंड के बीच पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, मुक्त व्यापार और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी साझा दृष्टिकोण रखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर आगे की कार्ययोजना तय होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। मुक्त व्यापार समझौते के बाद यह दौरा आर्थिक सहयोग, निवेश, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को नई गति देने का अवसर प्रदान करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:30:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नीदरलैंड्स पहुंचे पीएम मोदी, बोले- यहां आकर भारत जैसा महसूस हो रहा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड्स पहुंचे जहां भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया. व्यापार, तकनीक और निवेश पर अहम चर्चा होगी.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reached-netherlands-and-said-feeling-like-india/article-53532"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pm-modi-netherlands-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स पहुंच चुके हैं। द हेग में जब वह पहुंचे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब भारतीय समुदाय ने उनका दिल से स्वागत किया। होटल के बाहर शाम को लोगों की एक बड़ी संख्या तिरंगा लेकर आई थी। वहां कथक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरबा और भोजपुरी गाने भी पेश किए गए। माहौल पूरी तरह से भारतीय नजर आ रहा था। पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर भारत जैसा एहसास हो रहा है। उन्होंने द हेग को शांति और दोस्ती का प्रतीक बताया। कहा जा रहा है कि भारतीय समुदाय के जोश को देखते हुए पीएम मोदी थोड़ी देर तक लोगों के बीच रुके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां कई लोग </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी-मोदी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">के नारे लगाते दिखाई दिए और बच्चों ने पारंपरिक कपड़े पहनकर उनका स्वागत किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम मोदी नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब जेटन के विशेष निमंत्रण पर वहां पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत और यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। पीएम मोदी नीदरलैंड्स के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा भारत-यूरोप संबंधों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रीन एनर्जी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल व्यापार और हाईटेक सेक्टर में कुछ बड़े समझौतों का सामने आना भी संभव है। भारतीय निर्यातकों की नजर भी इस यात्रा पर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यूरोपीय बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पहले</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात यानी </span>UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">पहुंचे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उनका शानदार स्वागत हुआ। अबू धाबी एयरपोर्ट पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत और यूएई के बीच सामरिक रक्षा साझेदारी समेत कई अहम समझौतों पर सहमति बनी है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं और भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग क्षेत्र में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम का यह छह दिन का दौरा केवल कूटनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">FIEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">का मानना है कि यह यात्रा भारतीय निर्यात को नई दिशा दे सकती है। पूरे दौरे के दौरान 70 अरब डॉलर से अधिक के द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और </span>TEPA <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे विषय भी बातचीत में शामिल हो सकते हैं। नीदरलैंड्स के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी स्वीडन और नॉर्वे का दौरा करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फिर इटली जाकर वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मिलेंगे। विदेश नीति के जानकार मानते हैं कि मौजूदा वैश्विक हालात के मद्देनजर भारत अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को तेजी से मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पीएम मोदी का यह दौरा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:34:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कल साइन, 5 साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[5000 भारतीय प्रोफेशनल्स को हर साल वीजा, 20 बिलियन डॉलर निवेश का वादा; संवेदनशील सेक्टरों को समझौते से बाहर रखा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/india-new-zealand-fta.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज  हस्ताक्षर किए जाएंगे। राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले शामिल होंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।</p>
<p>इस करार के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवा और नवाचार क्षेत्रों में करीब 20 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा। सरकार का मानना है कि इससे देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।</p>
<p>समझौते का एक अहम पहलू सेवा क्षेत्र से जुड़ा है। इसके तहत न्यूजीलैंड हर साल 5,000 भारतीय पेशेवरों को अस्थायी कार्य वीजा प्रदान करेगा। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ आयुष विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षक भी शामिल होंगे। यह वीजा अधिकतम तीन वर्षों के लिए मान्य होगा।</p>
<p>सरकार ने इस समझौते में घरेलू उद्योग और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। डेयरी उत्पाद, चीनी, दालें, अनाज, मसाले और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। इन उत्पादों पर मौजूदा शुल्क व्यवस्था जारी रहेगी, जिससे स्थानीय उत्पादन पर असर न पड़े।</p>
<p>दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत निर्यात उत्पादों पर शुल्क में कमी या समाप्ति का प्रावधान किया गया है। ऊन, कोयला, लकड़ी और मांस जैसे उत्पादों को ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी, जबकि कीवीफ्रूट, सेब, वाइन और शहद जैसे उत्पादों के लिए सीमित कोटा के तहत शुल्क में राहत दी जाएगी।</p>
<p>फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड की नियामक संस्था भारत की गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) रिपोर्ट को मान्यता देगी, जिससे भारतीय कंपनियों को वहां अपने उत्पादों की मंजूरी जल्दी मिल सकेगी और लागत में कमी आएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:31:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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