<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/new-zealand/tag-11344" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>new zealand - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/11344/rss</link>
                <description>new zealand RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-became-emotional-in-auckland-and-said-i/article-58507"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narendra-modi-(8).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने न्यूजीलैंड दौरे के अंतिम दिन ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक याद साझा की, जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि करीब 25 से 30 वर्ष पहले, जब वे किसी सरकारी पद पर नहीं थे, तब पहली बार न्यूजीलैंड आने का अवसर मिला था। उसी यात्रा के दौरान उन्हें एक मफलर, एक कैप और दस्तानों का एक सेट उपहार में मिला था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन उपहारों में मिला मफलर आज भी उन्होंने संभालकर रखा है और इसी दौरे के दौरान वही मफलर पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उनके इस व्यक्तिगत अनुभव ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्षों पुराने आत्मीय संबंधों की झलक भी पेश की।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि समय बदल सकता है, जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, लेकिन लोगों से मिले स्नेह और सम्मान की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि यह मफलर केवल एक वस्तु नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि वर्षों बाद फिर उसी देश में आने और भारतीय समुदाय से मिलने का अवसर मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के लोगों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद भारतीय समुदाय का दिल हमेशा भारत के साथ धड़कता है। उन्होंने कहा कि भले ही शरीर न्यूजीलैंड में हो, लेकिन मन भारत में ही रहता है। यही कारण है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय देश की हर उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हैं और उसे अपनी सफलता मानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए किसी देश की जनसंख्या या आकार से अधिक महत्वपूर्ण उसकी जनकल्याण की भावना है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने कई ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं, जिनसे भारत लगातार सीखता रहा है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि न्यूजीलैंड दुनिया का पहला देश था जिसने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया और यह लोकतांत्रिक मूल्यों की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग का है। यदि सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया की भाषा में कहा जाए तो यह "कोलेबरेशन" का समय है। भारत और न्यूजीलैंड कई क्षेत्रों में मिलकर नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से खेल, शिक्षा, कृषि, तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया।</p>
<p style="text-align:justify;">खेलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड की रग्बी टीम पूरी दुनिया में अपनी उत्कृष्टता के लिए जानी जाती है। भारत भी रग्बी के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है और इसके लिए न्यूजीलैंड के अनुभव तथा विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहता है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश इस दिशा में साथ काम करें तो भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब भारत का चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरा था, तब न्यूजीलैंड में भी लोगों ने इस उपलब्धि का उत्साहपूर्वक स्वागत किया था। उन्होंने कहा कि यह केवल भारत की सफलता नहीं थी, बल्कि विज्ञान और मानवता की साझा उपलब्धि थी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड की कई स्पेस कंपनियां भारत के साथ मिलकर काम कर चुकी हैं और आने वाले वर्षों में यह सहयोग और मजबूत होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाले 18 महत्वपूर्ण फैसलों और 10 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया। इसके अलावा निवेश, शिक्षा, कृषि, रक्षा, नवाचार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में न्यूजीलैंड सरकार की ओर से गाला लंच का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों और प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान भारत और न्यूजीलैंड के कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री का पारंपरिक माओरी शैली में स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय समुदाय के बीच अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि प्रवासी भारतीय भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक हैं। उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से दुनिया के हर कोने में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हमेशा प्रवासी भारतीयों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-became-emotional-in-auckland-and-said-i/article-58507</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-became-emotional-in-auckland-and-said-i/article-58507</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 17:50:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/narendra-modi-%288%29.jpg"                         length="117947"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी, 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[द्विपक्षीय वार्ता में मुक्त व्यापार समझौते पर होगी अहम चर्चा, ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को करेंगे संबोधित; ऑस्ट्रेलिया दौरे में BBL के भारत में पहले मैच का भी किया ऐलान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reaches-new-zealand-historic-visit-by-indian-prime/article-58414"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narendra-modi-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह ऐतिहासिक दौरा माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने न्यूजीलैंड की यात्रा की थी। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यूजीलैंड पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान उनका मुख्य फोकस भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना, व्यापारिक संबंधों का विस्तार करना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को नई गति देना है। प्रधानमंत्री की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश आपसी व्यापार और निवेश बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की शुरुआत न्यूजीलैंड सरकार के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता से होगी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, डेयरी, शिक्षा, पर्यटन और तकनीकी सहयोग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापारिक संगठनों की भी इस समझौते पर विशेष नजर बनी हुई है क्योंकि इससे भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान एक प्रमुख बिजनेस कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे, जहां भारत और न्यूजीलैंड के उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने, नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी भविष्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी एक खेल कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को भी दोनों देशों की मित्रता का अहम आधार माना जाता है। क्रिकेट समेत कई खेलों में दोनों देशों के बीच लंबे समय से सहयोग रहा है और इस यात्रा के दौरान खेलों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के दौरे का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम ऑकलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ संवाद रहेगा। यहां करीब 40 हजार भारतीय मूल के लोगों को प्रधानमंत्री संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर भारतीय समुदाय में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए 'किया ओरा मोदी' नाम से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। भारतीय समुदाय का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करेगी तथा विदेशों में बसे भारतीयों के साथ भारत के संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ी खेल घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित बिग बैश लीग (बीबीएल) का उद्घाटन मुकाबला इस वर्ष भारत में आयोजित किया जाएगा। यह मुकाबला 12 दिसंबर को चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार होगा जब ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी-20 लीग का कोई मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के बाहर आयोजित किया जाएगा। क्रिकेट जगत इसे दोनों देशों के बीच खेल सहयोग का नया अध्याय मान रहा है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का भी मानना है कि भारत जैसे बड़े क्रिकेट बाजार में बीबीएल का पहला मैच आयोजित होने से लीग को वैश्विक पहचान मिलेगी और दोनों देशों के क्रिकेट संबंध और मजबूत होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reaches-new-zealand-historic-visit-by-indian-prime/article-58414</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reaches-new-zealand-historic-visit-by-indian-prime/article-58414</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:32:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/narendra-modi-%287%29.jpg"                         length="141749"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी अगले सप्ताह करेंगे न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह पहली बार आधिकारिक दौरे पर न्यूजीलैंड जाएंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के क्रियान्वयन और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-will-make-his-first-official-visit-to/article-57766"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pm-modi-new-zealand-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अपनी पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा की घोषणा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि भारतीय प्रधानमंत्री पहली बार आधिकारिक दौरे पर न्यूजीलैंड आ रहे हैं। उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और मजबूत होते सहयोग का प्रतीक बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा अप्रैल 2026 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) के बाद पहला बड़ा उच्चस्तरीय दौरा होगी। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सेवा क्षेत्र, कृषि, शिक्षा, पर्यटन और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना है। दोनों देशों की सरकारों का मानना है कि इस समझौते से व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही निवेश बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की भी उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से न्यूजीलैंड के उत्पादों और सेवाओं को 1.4 अरब से अधिक आबादी वाले भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे निर्यात बढ़ेगा, नए रोजगार पैदा होंगे और न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">न्यूजीलैंड सरकार ने अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग 20 अरब डॉलर तक का निवेश बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस निवेश को सुगम बनाने के लिए भारत सरकार ने न्यूजीलैंड के निवेशकों के लिए विशेष "सिंगल डेस्क" या "वन-स्टॉप सुविधा" स्थापित करने पर सहमति दी है। इस व्यवस्था के तहत निवेश से जुड़े अनुमोदनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज़ी से पूरा किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के निवेशकों को आसानी होगी। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने पहले भी कहा था कि भारत में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार हो रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। इसमें कृषि उत्पादकता, निवेश, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), महिला उद्यमिता, खेल, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास और प्रतिभा आदान-प्रदान जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अलावा दोनों देश छात्रों, शोधकर्ताओं और कुशल पेशेवरों के लिए भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। इससे दोनों देशों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दोनों देशों के बीच होने वाला सहयोग कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा। न्यूजीलैंड डेयरी, पशुपालन और आधुनिक कृषि तकनीकों के लिए विश्वभर में जाना जाता है, जबकि भारत कृषि उत्पादन और विशाल उपभोक्ता बाजार के कारण एक महत्वपूर्ण साझेदार है। सेवा क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, पर्यटन और खेल सहयोग भी इस यात्रा के प्रमुख एजेंडों में शामिल रहने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारत और न्यूजीलैंड के बीच पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, मुक्त व्यापार और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी साझा दृष्टिकोण रखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर आगे की कार्ययोजना तय होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। मुक्त व्यापार समझौते के बाद यह दौरा आर्थिक सहयोग, निवेश, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को नई गति देने का अवसर प्रदान करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-will-make-his-first-official-visit-to/article-57766</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-will-make-his-first-official-visit-to/article-57766</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:30:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/pm-modi-new-zealand-visit.jpg"                         length="126781"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गन सेलिब्रेशन पर बढ़ा विवाद, ईरानी टीम ने लगाया आरोप- मैच के बाद तुरंत अमेरिका छोड़ने को कहा गया</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 ड्रॉ के बाद ईरानी खिलाड़ियों को तुरंत मेक्सिको लौटने का निर्देश मिलने का दावा, मोहम्मद मोहेबी के गन सेलिब्रेशन पर भी मचा विवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a314176e29c7/article-56135"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/iran-football-team.jpg" alt=""></a><br /><p>ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फीफा विश्व कप मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। ईरानी फुटबॉल टीम ने आरोप लगाया है कि मैच समाप्त होने के तुरंत बाद उसे अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने के लिए कहा गया। टीम प्रबंधन का कहना है कि खिलाड़ियों को आराम और रिकवरी का पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे उनकी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टूर्नामेंट के दौरान पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक तनाव चर्चा का विषय बना हुआ है। लॉस एंजिल्स में खेले गए ग्रुप-जी के मुकाबले में ईरान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। मैच काफी रोमांचक रहा और दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। ईरान की ओर से रेमिन रेजाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने गोल किए, जबकि न्यूजीलैंड के लिए एलिजाह जस्ट ने दोनों गोल दागे। मुकाबले के 64वें मिनट में मोहेबी ने शानदार गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर किया। गोल के बाद उन्होंने जिस तरह का सेलिब्रेशन किया, उसी ने बाद में विवाद का रूप ले लिया। मोहेबी ने गोल करने के बाद हाथों से बंदूक जैसी आकृति बनाकर जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और हालिया संघर्षों के बीच इस तरह का सेलिब्रेशन संवेदनशील माना जा सकता है। कई लोगों ने फीफा से मामले की जांच करने और खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की। हालांकि मैच के बाद ईरानी टीम या खिलाड़ी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई।</p>
<p>इस बीच ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने फीफा और अमेरिकी अधिकारियों पर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई। उनका कहना है कि टीम को मुकाबले के तुरंत बाद मेक्सिको स्थित अपने बेस कैंप लौटने के निर्देश दिए गए। कोच के मुताबिक टीम की योजना अगले दिन रवाना होने की थी ताकि खिलाड़ी आराम कर सकें और मेडिकल रिकवरी प्रक्रिया पूरी हो सके। लेकिन अचानक यात्रा की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे खिलाड़ियों की थकान बढ़ी। कोच ने कहा कि टूर्नामेंट जैसे बड़े आयोजन में सभी टीमों को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि लगातार यात्रा और कड़ी सुरक्षा प्रक्रियाओं के कारण खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान का आधिकारिक बेस कैंप मेक्सिको के तिजुआना शहर में बनाया गया है और अमेरिका में होने वाले प्रत्येक मैच के बाद टीम को वहीं लौटना पड़ता है।</p>
<p>ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि मेक्सिको से लॉस एंजिल्स पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताओं के कारण टीम को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। तारेमी ने कहा कि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान फुटबॉल पर होना चाहिए, लेकिन इस समय कई बाहरी परिस्थितियां तैयारियों को प्रभावित कर रही हैं।</p>
<p>मैच के दौरान और उसके बाहर राजनीतिक माहौल भी चर्चा में रहा। स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। इनमें कुछ लोग ईरानी सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे, जबकि कई समर्थक अपनी टीम के पक्ष में मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में अतिरिक्त व्यवस्था की थी। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और उसका असर खेल आयोजनों में भी दिखाई दे रहा है। ईरानी फुटबॉल महासंघ पहले भी शिकायत कर चुका है कि विश्व कप से जुड़ी तैयारियों के दौरान उसे कई प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुछ अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को वीजा मिलने में दिक्कतें आईं। इसके अलावा टिकट आवंटन को लेकर भी विवाद सामने आया था। महासंघ का दावा था कि उसके समर्थकों के लिए निर्धारित टिकटों में कटौती की गई, जिससे बड़ी संख्या में प्रशंसक मैच देखने से वंचित रह गए। इन सबके बावजूद लॉस एंजिल्स में हजारों ईरानी समर्थक अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। मैच के दौरान टीम को अच्छा समर्थन मिला और ड्रॉ के बाद भी खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा दिखाई दिया। हालांकि अब टीम के सामने असली चुनौती आगे है। ग्रुप-जी में ईरान को अगले मुकाबलों में बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दोनों टीमें टूर्नामेंट में बेहतर शुरुआत करने की क्षमता रखती हैं और ऐसे में ईरान पर अंक जुटाने का दबाव बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a314176e29c7/article-56135</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a314176e29c7/article-56135</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:17:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/iran-football-team.jpg"                         length="151033"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान और न्यूजीलैंड का रोमांचक 2-2 ड्रॉ, तनावपूर्ण माहौल में वर्ल्ड कप की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की, राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच मुकाबला रहा चर्चा में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/world-cup-begins-in-a-tense-atmosphere-with-thrilling-2-2/article-56042"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/iran-new-zealand-world-cup-match.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में सोमवार रात खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप मुकाबले में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच 2-2 का रोमांचक ड्रॉ देखने को मिला। यह मुकाबला केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक तनाव, विरोध और दर्शकों की मिश्रित प्रतिक्रियाओं के कारण भी लगातार चर्चा में बना रहा। ईरान ने दो बार पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मैच को बराबरी पर समाप्त किया। मैच की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड ने आक्रामक रुख अपनाया और कप्तान क्रिस वुड की सक्रियता का फायदा टीम को मिला। सातवें मिनट में ही न्यूजीलैंड ने बढ़त हासिल कर ली जब वुड ने विपक्षी डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए एलियाह जस्ट को गेंद पास की और उन्होंने शानदार फिनिश करते हुए गोल दाग दिया। शुरुआती झटके के बाद ईरानी टीम थोड़ी दबाव में दिखी, लेकिन धीरे-धीरे उसने खेल पर नियंत्रण बनाना शुरू किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान ने 32वें मिनट में वापसी की जब रेमिन रेज़ेयान ने दाहिनी ओर से मिले मौके को बाहर से बेहद सटीक शॉट में तब्दील किया। गेंद गोलकीपर को चकमा देते हुए नेट में चली गई और स्कोर 1-1 हो गया। पहले हाफ के बाद दोनों टीमें बराबरी पर थीं, लेकिन खेल में आक्रामकता लगातार बनी रही। दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने फिर से बढ़त हासिल कर ली। 54वें मिनट में क्रिस वुड ने एक बार फिर अपनी भूमिका निभाई और गेंद को नियंत्रण में रखते हुए एलियाह जस्ट को पास दिया, जिन्होंने डिफेंडरों के बीच से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया। इस गोल के बाद न्यूजीलैंड की टीम आत्मविश्वास में दिख रही थी और दर्शकों के बीच भी हलचल बढ़ गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लेकिन ईरान ने हार नहीं मानी और 64वें मिनट में एक बार फिर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। रेज़ेयान ने इस बार एक लंबा और सटीक पास मिडफील्ड से मोहमद मोहेबी के लिए भेजा, जिन्होंने बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद ईरानी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और माहौल पूरी तरह बदल गया। मैच के बाद दोनों टीमों ने खेल भावना का परिचय देते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाया और जर्सी का आदान-प्रदान भी किया। हालांकि मैच से पहले और दौरान स्टेडियम के बाहर और अंदर राजनीतिक माहौल भी साफ दिखाई दिया। बड़ी संख्या में ईरानी मूल के दर्शक मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने अपने देश की नीतियों के खिलाफ विरोध भी दर्ज कराया। वहीं कई समर्थकों ने टीम का खुलकर समर्थन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मुकाबले के दौरान ईरान और न्यूजीलैंड दोनों ने अपने-अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत एक अंक के साथ की। समूह में अन्य मैचों के बाद स्थिति और भी दिलचस्प हो गई है, क्योंकि सभी टीमें अंक तालिका में बराबरी पर बनी हुई हैं। इससे आने वाले मुकाबले और भी अहम हो गए हैं। ईरान की टीम ने इस टूर्नामेंट की तैयारी बेहद असामान्य परिस्थितियों में की है। बताया गया है कि टीम ने अपना ट्रेनिंग बेस अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से बदलकर मैक्सिको के तिजुआना में शिफ्ट किया और मैच के लिए हर बार अमेरिका में यात्रा करनी पड़ी। इसके बावजूद टीम ने मैदान पर अच्छा प्रदर्शन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">न्यूजीलैंड के लिए यह परिणाम ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि टीम लंबे समय बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ड्रॉ हासिल करना उनके लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं ईरान, जो लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है, अभी भी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका है और इस बार भी उसके सामने बड़ी चुनौती है। अब ईरान का अगला मुकाबला बेल्जियम से होगा, जबकि न्यूजीलैंड का सामना मिस्र से होगा। दोनों मैचों के परिणाम इस ग्रुप की आगे की स्थिति तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/world-cup-begins-in-a-tense-atmosphere-with-thrilling-2-2/article-56042</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/world-cup-begins-in-a-tense-atmosphere-with-thrilling-2-2/article-56042</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:58:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/iran-new-zealand-world-cup-match.jpg"                         length="206781"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कल साइन, 5 साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[5000 भारतीय प्रोफेशनल्स को हर साल वीजा, 20 बिलियन डॉलर निवेश का वादा; संवेदनशील सेक्टरों को समझौते से बाहर रखा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/india-new-zealand-fta.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज  हस्ताक्षर किए जाएंगे। राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले शामिल होंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।</p>
<p>इस करार के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवा और नवाचार क्षेत्रों में करीब 20 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा। सरकार का मानना है कि इससे देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।</p>
<p>समझौते का एक अहम पहलू सेवा क्षेत्र से जुड़ा है। इसके तहत न्यूजीलैंड हर साल 5,000 भारतीय पेशेवरों को अस्थायी कार्य वीजा प्रदान करेगा। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ आयुष विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षक भी शामिल होंगे। यह वीजा अधिकतम तीन वर्षों के लिए मान्य होगा।</p>
<p>सरकार ने इस समझौते में घरेलू उद्योग और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। डेयरी उत्पाद, चीनी, दालें, अनाज, मसाले और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। इन उत्पादों पर मौजूदा शुल्क व्यवस्था जारी रहेगी, जिससे स्थानीय उत्पादन पर असर न पड़े।</p>
<p>दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत निर्यात उत्पादों पर शुल्क में कमी या समाप्ति का प्रावधान किया गया है। ऊन, कोयला, लकड़ी और मांस जैसे उत्पादों को ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी, जबकि कीवीफ्रूट, सेब, वाइन और शहद जैसे उत्पादों के लिए सीमित कोटा के तहत शुल्क में राहत दी जाएगी।</p>
<p>फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड की नियामक संस्था भारत की गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) रिपोर्ट को मान्यता देगी, जिससे भारतीय कंपनियों को वहां अपने उत्पादों की मंजूरी जल्दी मिल सकेगी और लागत में कमी आएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/india-new-zealand-free-trade-agreement-signed-tomorrow-aim-to-double/article-52182</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:31:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/india-new-zealand-fta.jpg"                         length="160033"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        