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                <title>WeatherForecast - दैनिक जागरण</title>
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                <description>WeatherForecast RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मध्य प्रदेश मौसम पूर्वानुमान: दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक, 27 जून को भोपाल सहित कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[आईएमडी भोपाल ने जारी की चेतावनी; 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, किसानों और आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-weather-forecast-south-west-monsoon-hits-on-june-27/article-57106"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-weather-forecast-27-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span>भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत मौसम केंद्र भोपाल ने मध्य प्रदेश के लिए आगामी दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी जारी की है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) तेजी से आगे बढ़ रहा है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। 26 जून 2026 को मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<p style="text-align:justify;"><span>आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, उत्तर अरब सागर, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। वर्तमान में कई चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और मौसमी ट्रफ सक्रिय हैं, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और वज्रपात की आशंका जताई गई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मौसमी सिस्टम और सिनोप्टिक परिस्थितियां</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, इस समय देश और प्रदेश में कई मजबूत मौसमी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>:</span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span><strong>समुद्र तल की ट्रफ:</strong> माध्य समुद्र तल पर स्थित मौसमी ट्रफ इस समय राजस्थान से लेकर ओडिशा तक उत्तरी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होते हुए गुजर रही है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span><strong>चक्रवातीय परिसंचरण (गुजरात):</strong> उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर के बीच एक चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span><strong>उत्तर-दक्षिण ट्रफ:</strong> एक अन्य ट्रफ पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक फैली हुई है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span><strong>पश्चिमी विक्षोभ:</strong> हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किलोमीटर के बीच एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ लगातार बना हुआ है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पिछले 24 घंटों का मौसम का हाल और तापमान की स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम और उज्जैन संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर संभागों में कुछ स्थानों पर तथा चंबल, शहडोल और सागर संभागों में कहीं-कहीं वर्षा हुई</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>। प्रदेश में सबसे प्रमुख रूप से वारासिवनी में 74.2 मिमी, पठारी में 65.6 मिमी और सिरोंज में 53.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तापमान के मुख्य आंकड़े:</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span><strong>सर्वाधिक अधिकतम तापमान:</strong> <span class="math-inline">$41.6^\circ\text{C}$</span> नौगांव (छतरपुर) में दर्ज किया गया</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span><strong>सबसे कम न्यूनतम तापमान:</strong> <span class="math-inline">$20.4^\circ\text{C}$</span> खंडवा में दर्ज हुआ</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span><strong>तेज हवाएं:</strong> पिछले 24 घंटों में इंदौर में 44 किमी/घंटा, नरसिंहपुर में 43 किमी/घंटा और सीहोर व सतना में 41 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>27 जून 2026 की सुबह तक का संभावित पूर्वानुमान</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के जिलों को वर्षा के स्थानिक वितरण के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>:</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1. कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2. कुछ स्थानों पर वर्षा:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>3. मुख्यतः शुष्क मौसम:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>झंझावात, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>मौसम विभाग ने देवास, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सागर सहित भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के लगभग सभी जिलों में झंझावात, वज्रपात (बिजली चमकने) और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली झोंकेदार हवाओं का अलर्ट जारी किया है</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आम जनता के लिए सुझाये गए मुख्य कार्य:</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span>गरज-चमक और आंधी के दौरान घरों के अंदर रहें; पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय बिल्कुल न लें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span>बिजली के झटकों और सर्ज से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span>यात्रा करने से बचें और यदि वाहन चला रहे हैं, तो गति धीमी रखें और स्टीयरिंग को मजबूती से पकड़ें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p><span>प्रचुर मात्रा में पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कृषकों (किसानों) के लिए विशेष सलाह:</strong></h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<p><span>वर्षा और तेज हवाओं के दौरान खेतों में सिंचाई, उर्वरक का प्रयोग और कीटनाशकों के छिड़काव को पूरी तरह रोक दें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p><span>खेतों में जलभराव से बचने के लिए उचित जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था करें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<p><span>कटी हुई फसल, बीज और उर्वरकों को जलरोधक तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span> </p>
</li>
<li>
<p style="text-align:justify;"><span>बिजली कड़कने की स्थिति में खुले खेतों में काम न करें और तुरंत किसी पक्के आश्रय में चले जाएं</span><span><sup class="superscript"></sup></span><span>।</span></p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 12:39:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर, रायपुर में 45 डिग्री का अलर्ट; कई जिलों में लू, दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग की चेतावनी, बिलासपुर में 44.4 डिग्री दर्ज; तीन दिन तक राहत नहीं, फिर गिर सकता है तापमान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/effect-of-severe-heat-in-chhattisgarh-45-degree-alert-in/article-52200"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-weather-(9).jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दक्षिणी क्षेत्रों में हल्की बारिश से कुछ राहत के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताते हुए ग्रीष्म लहर का अलर्ट जारी किया है।</p>
<p>पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन गर्मी का प्रभाव लगातार बना हुआ है। रविवार को बिलासपुर में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रायपुर में 44.2 डिग्री, दुर्ग में 43.9 डिग्री और माना एयरपोर्ट क्षेत्र में 43.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p>राजधानी रायपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान 44 डिग्री से ऊपर रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा रहा और लोग धूप से बचने के लिए सिर ढककर या छाता लेकर निकलते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहेगा, जिससे रात में भी उमस और गर्मी बनी रहेगी।</p>
<p>हालांकि बस्तर सहित दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में स्थिति अलग है। यहां बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश में तीन अलग-अलग ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।</p>
<p>राजनांदगांव इस सीजन में सबसे अधिक तापमान दर्ज करने वाले जिलों में शामिल रहा है, जहां हाल के दिनों में पारा 45 डिग्री से ऊपर पहुंचा। हालांकि रविवार के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं होने से स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास गिरावट की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।</p>
<p>यह स्थिति आम जनजीवन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर स्वास्थ्य, जल संकट और कामकाज पर पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।</p>
<p>फिलहाल, छत्तीसगढ़ में मौसम का यह मिला-जुला रुख जारी रहेगा, जहां एक ओर गर्मी का दबाव बना रहेगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में बारिश अस्थायी राहत देती नजर आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/effect-of-severe-heat-in-chhattisgarh-45-degree-alert-in/article-52200</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:03:23 +0530</pubDate>
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