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                <title>theft case - दैनिक जागरण</title>
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                <description>theft case RSS Feed</description>
                
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                <title>भैंस खरीदने के लिए दोस्त ने करवाई करोड़ों की चोरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना के नंदपुरा गांव में रिटायर्ड फौजी के घर 55 लाख की चोरी का खुलासा, बचपन के दोस्त ने ही अपराधियों को दी थी रेकी की जानकारी, पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/friend-got-crores-of-rupees-stolen-to-buy-buffalo/article-57570"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/morena-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। नंदपुरा गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर हुई करीब 55 लाख रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि चोरी की पूरी साजिश कथित तौर पर विष्णु के करीबी दोस्त रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार ने रची। पुलिस का दावा है कि उसने महज एक भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये पाने की लालच में अपने ही दोस्त के घर की पूरी जानकारी बदमाशों को दे दी।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/morena-theft-case.jpg" alt="Morena Theft Case" width="1366" height="1057"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के मुताबिक घटना 21 और 22 मई की दरम्यानी रात की है। अगले दिन सुबह रिटायर्ड सैनिक विष्णु सिकरवार के घर उनके बेटे के रिश्ते के सिलसिले में मेहमान आने वाले थे। परिवार पूरे दिन मेहमानों की आवभगत में व्यस्त रहा। शाम करीब पांच बजे जब मेहमान विदा हो गए तो विष्णु अपने कमरे में पहुंचे। वहां उनकी लाइसेंसी .315 बोर बंदूक अपनी जगह पर नहीं थी। पहले उन्हें लगा कि शायद बंदूक कहीं और रख दी गई होगी, लेकिन जब पूरे घर की तलाशी ली गई तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान भी गायब मिला। छत से पीछे खेत की ओर देखने पर टूटे हुए सूटकेस पड़े मिले, जिससे साफ हो गया कि घर में बड़ी चोरी हुई है। चोरी की खबर फैलते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने घर आए मेहमानों पर भी संदेह जताया। पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में इस एंगल को देखा, लेकिन जल्द ही जांच की दिशा बदल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने चार विशेष जांच टीमों का गठन किया। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध वाहनों की गतिविधियां और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/ramprakash-rampa.jpg" alt="Ramprakash Rampa" width="1366" height="913"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र का 32 हजार रुपये का इनामी बदमाश रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर हाल के दिनों में नंदपुरा इलाके में देखा गया था। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की जांच में पुलिस को रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार का नाम सामने मिला। रम्पा कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़ित विष्णु सिकरवार का वर्षों पुराना घनिष्ठ मित्र था। वह अक्सर उनके घर आता-जाता था और घर के हर कमरे, अलमारी और सामान की जानकारी रखता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि कुछ दिन पहले स्वरूपा गुर्जर के बेटे के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम में रम्पा भी पहुंचा था। वहीं बातचीत के दौरान उसने कथित रूप से बताया कि उसे भैंस खरीदने के लिए एक लाख रुपये की जरूरत है। पुलिस के अनुसार इसी दौरान स्वरूपा ने किसी संपन्न घर की जानकारी देने के बदले रकम देने की बात कही। आरोप है कि रम्पा ने अपने दोस्त विष्णु सिकरवार के घर की पूरी जानकारी दे दी और बताया कि घर में जेवर और नकदी मौजूद है। इसके बाद चोरी की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार 21 मई की रात आरोपी पीछे के खेत के रास्ते घर में दाखिल हुए। उन्हें पहले से पता था कि किस कमरे में क्या रखा है। आरोपियों ने अलमारी और बक्सों से नकदी, सोने-चांदी के जेवर और लाइसेंसी बंदूक चोरी कर ली। सामान को सूटकेस में भरकर खेत की ओर ले जाया गया, जहां अनावश्यक सामान छोड़कर आरोपी कार से फरार हो गए। परिवार को पूरी घटना की जानकारी अगले दिन तब लगी, जब मेहमानों के जाने के बाद घर का सामान देखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/vishnu-sikarwar.jpg" alt="Vishnu Sikarwar" width="1366" height="771"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर, उसके भाई राहुल उर्फ गूंगा, प्रदीप गुर्जर, देशराज उर्फ देसा, जसरथ उर्फ कल्लू और रामप्रकाश उर्फ रम्पा सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार रम्पा के पास से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए, जो कथित तौर पर उसे चोरी की जानकारी देने के बदले दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रामस्वरूप उर्फ स्वरूपा गुर्जर के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर 32 हजार रुपये का इनाम घोषित था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से मुरैना, भिंड और ग्वालियर क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। पुलिस अब चोरी का शेष सामान बरामद करने और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जिस व्यक्ति को परिवार अपना सबसे करीबी मानता था, उसी पर घर की जानकारी देकर चोरी कराने का आरोप लगा है। हालांकि पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:37:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बिलासपुर में ओडिशा के चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, गिरोह के 3 सदस्य अभी भी फरार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chain-snatching-gang-of-odisha-busted-in-bilaspur-6-arrested/article-56641"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-chain-snatching.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने ओडिशा से आए इस गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह गिरोह पिछले कुछ समय से शहर में सक्रिय था और खासकर सुबह के समय अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले शहर में किराए का मकान लेकर रहते थे और फिर इलाके की रेकी कर सुनियोजित तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार चेन स्नैचिंग की घटनाएं सामने आ रही थीं। शुरुआती जांच में पुलिस को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि यह एक ही गिरोह है या अलग-अलग घटनाएं हैं, लेकिन बाद में मिले CCTV फुटेज ने पूरे मामले की कड़ी जोड़ दी। फुटेज में एक बिना नंबर की स्कूटी लगातार अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों में दिखाई दी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच तेज की और अलग-अलग थानों की घटनाओं को जोड़ते हुए पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश शुरू की। पुलिस को जांच के दौरान सिरगिट्टी और तोरवा थाना क्षेत्र में हुई तीन अलग-अलग वारदातों का लिंक मिला। इन सभी घटनाओं में तरीका एक जैसा था, जिसमें सुबह के समय अकेली महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। आरोपी स्कूटी पर आते थे, झपट्टा मारते और कुछ ही सेकंड में चेन लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह का तरीका बेहद संगठित और योजनाबद्ध था, जिससे शुरुआत में उन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे और महिलाओं की दिनचर्या पर नजर रखते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को स्थानीय स्तर पर भी एक मददगार का पता चला। गणेश नगर, सिरगिट्टी निवासी नवीन साहू की भूमिका सामने आई, जिसने अपने ओडिशा के साथियों को बिलासपुर में बुलाया और उन्हें रहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई। पूछताछ में सामने आया कि वह गिरोह को इलाके की जानकारी देने और संभावित टारगेट की पहचान में भी मदद कर रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां तेजी से खुलने लगीं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि यह अंतरराज्यीय नेटवर्क के रूप में अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहता था। आरोपी पहले किसी शहर में जाकर किराए का मकान लेते, फिर स्थानीय सहयोगियों की मदद से इलाके को समझते और उसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के दौरान वे बिना नंबर की स्कूटी का इस्तेमाल करते थे ताकि पहचान छिपी रहे और पुलिस को ट्रैकिंग में दिक्कत हो। लूट के बाद वे मुख्य सड़कों या हाईवे के रास्ते तुरंत फरार हो जाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह विशेष रूप से उन महिलाओं को निशाना बनाता था जो सुबह अकेले टहलने निकलती थीं या घर के बाहर किसी काम में व्यस्त रहती थीं। आरोपियों का तरीका पूरी तरह से सुनियोजित था और वे हर कदम सोच-समझकर उठाते थे। इसी वजह से शुरुआती दिनों में यह समझना मुश्किल हो गया था कि वारदातें किस पैटर्न में हो रही हैं। लेकिन CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पूरा मामला साफ हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों में शिव सिंह, शक्ति प्रसाद, प्रमोद सिंह, अतुल मुंडा, बसंता खड़िया और नवीन साहू शामिल हैं। सभी आरोपियों की उम्र 18 से 32 वर्ष के बीच है और अधिकांश ओडिशा के सुंदरगढ़ और संबलपुर जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की स्कूटी भी जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने तीन अलग-अलग वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इस मामले में लूट और चेन स्नैचिंग के अलावा संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के संगठित गिरोह शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनते हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:09:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नर्मदा एक्सप्रेस में 90 हजार की चोरी, सो रही महिला का बैग और पर्स लेकर फरार हुआ चोर</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन से बिलासपुर के बीच हुई वारदात, बाथरूम में मिला खाली पर्स; रायगढ़ पहुंचकर महिला ने दर्ज कराई शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/90-thousand-rupees-stolen-in-narmada-express-the-thief-escaped/article-56098"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/narmada-express-theft.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ की रहने वाली एक महिला नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में चोरी का शिकार हो गई। महिला अपने पति के साथ उज्जैन से बिलासपुर की यात्रा कर रही थी, तभी देर रात अज्ञात चोर ने उसका पर्स और बैग पार कर दिया। बैग में मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, कॉस्मेटिक सामान, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री रखी हुई थी। महिला के अनुसार चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 90 हजार रुपए है। घटना के बाद महिला ने रायगढ़ पहुंचकर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रायगढ़ के इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित केशर परिसर कॉलोनी में रहने वाली 34 वर्षीय पद्मावती थवाईत अपने पति अरुण कुमार थवाईत के साथ शनिवार को उज्जैन से बिलासपुर आने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुई थीं। दोनों बी-4 कोच में सीट नंबर 5 और 6 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी और रात करीब 12 बजे के बाद दोनों अपनी सीट पर सो गए। बताया जा रहा है कि महिला ने अपना पर्स तकिए के पीछे रखा था, जबकि बैग सीट के नीचे रखा हुआ था। रात के समय ट्रेन में अधिकांश यात्री सो रहे थे और इसी दौरान अज्ञात चोर ने मौके का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 6 बजे जब उसकी आंख खुली, तब ट्रेन नीवार स्टेशन के आसपास पहुंच रही थी। नींद खुलने के बाद उसने सबसे पहले अपने सामान की ओर देखा तो पर्स और बैग दोनों गायब मिले। शुरुआत में उसे लगा कि शायद सामान कहीं खिसक गया होगा, लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी कुछ पता नहीं चला। इससे महिला और उसके पति की चिंता बढ़ गई। दोनों ने आसपास मौजूद यात्रियों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को घटना की जानकारी नहीं थी। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद ट्रेन के एक बाथरूम में महिला का पर्स मिला। हालांकि पर्स पूरी तरह खाली था। उसमें रखी नकदी और अन्य जरूरी सामान गायब था। बैग का भी कहीं कोई पता नहीं चला। महिला को तब यह स्पष्ट हो गया कि किसी अज्ञात चोर ने उसका सामान चोरी कर लिया है। चोरी की इस घटना से महिला और उसका परिवार परेशान हो गया, क्योंकि बैग में दैनिक उपयोग की कई जरूरी वस्तुएं रखी हुई थीं। यात्रा के दौरान इस तरह की घटना होने से वे काफी तनाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद महिला और उसके पति बिलासपुर पहुंचे। वहां तत्काल रायगढ़ जाने वाली ट्रेन उपलब्ध होने के कारण उन्होंने उसी समय बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। बाद में रायगढ़ पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने जाकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(सी) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ट्रेन के रूट, यात्रियों की जानकारी तथा उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। रेल यात्रियों के बीच इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में रात के समय चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर स्लीपर और एसी कोच में सफर करने वाले यात्री भी अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कई बार चोर रात के समय सो रहे यात्रियों को निशाना बनाते हैं और स्टेशन आने से पहले ही सामान लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में चोरी का पता सुबह होने पर चलता है, जिससे आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दरअसल यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों में ट्रेनों में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब एक सप्ताह पहले बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया था। महिला अपनी बेटी के साथ अकलतरा जा रही थी, तभी भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसका मंगलसूत्र पार कर दिया। इसी तरह ओडिशा के सिंदरिया निवासी शेख इमामुद्दीन भी ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी का शिकार हुए थे। वे बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में सफर कर रहे थे, जहां अज्ञात चोर उनका बैग लेकर फरार हो गया था। बैग में लैपटॉप, पर्स, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत करीब 45 हजार रुपए का सामान रखा हुआ था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाना चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को भी सफर के दौरान अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 15:56:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सरोना शराब दुकान में 7 लाख की बड़ी चोरी, लॉकर उखाड़ ले गए बदमाश</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर के सरोना स्थित विदेशी शराब दुकान को निशाना बनाकर चोर नकदी से भरा लॉकर और CCTV का DVR ले गए, पुलिस और आबकारी विभाग ने जांच शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2e95b539d98/article-55925"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-theft.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के सरोना इलाके में स्थित एक कंपोजिट विदेशी शराब दुकान में हुई बड़ी चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाशों ने दुकान में घुसकर करीब 7 लाख रुपए नकद से भरा लॉकर ही उखाड़ लिया और मौके से फरार हो गए। इतना ही नहीं, अपनी पहचान छिपाने और पुलिस जांच को भटकाने के लिए चोर दुकान में लगे CCTV कैमरों का DVR भी अपने साथ ले गए। रविवार सुबह जब दुकान का स्टाफ वहां पहुंचा तो घटना का पता चला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना आमानाका थाना क्षेत्र के सरोना इलाके की बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरों ने पूरी योजना के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। जिस तरीके से नकदी से भरे भारी लॉकर को उखाड़कर ले जाया गया और CCTV रिकॉर्डिंग सिस्टम को भी गायब कर दिया गया, उससे पुलिस को शक है कि इस घटना में पेशेवर अपराधियों का हाथ हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात को अंजाम देने वाले लोगों को दुकान की आंतरिक व्यवस्था और नकदी रखने की जानकारी पहले से हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रविवार सुबह दुकान कर्मचारियों ने जैसे ही शटर खोला, अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। कैश काउंटर के पास रखा लॉकर गायब था और CCTV सिस्टम भी क्षतिग्रस्त मिला। कर्मचारियों ने तुरंत प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुकान में शनिवार की बिक्री के बाद बड़ी मात्रा में नकदी जमा थी। इसी नकदी को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर में रखा गया था। अनुमान है कि लॉकर में करीब 7 लाख रुपए मौजूद थे। हालांकि वास्तविक राशि का निर्धारण दुकान के रिकॉर्ड और कैश मिलान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। आबकारी विभाग के अधिकारी भी इस मामले की जांच में शामिल हो गए हैं और दुकान प्रबंधन से विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती CCTV फुटेज का न होना है। चोरों ने वारदात के बाद दुकान में लगा DVR निकाल लिया, जिससे घटना के दौरान की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है। हालांकि पुलिस आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पंपों और मुख्य सड़कों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि किसी न किसी कैमरे में संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई होंगी, जिससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एडिशनल डीसीपी वेस्ट, एसीपी पुरानी बस्ती और आमानाका थाना प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके अलावा डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया। पुलिस ने मौके से कई तकनीकी और भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इलाके में देर रात तक गतिविधियां रहती हैं, ऐसे में इतनी बड़ी चोरी का बिना किसी की नजर में आए अंजाम दिया जाना कई सवाल खड़े करता है। कुछ लोगों का मानना है कि बदमाशों ने पहले से रेकी की होगी और दुकान के बंद होने के बाद मौके का फायदा उठाया। पुलिस भी इस संभावना से इनकार नहीं कर रही है और दुकान के कर्मचारियों सहित कई लोगों से पूछताछ कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी दुकान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। यह देखा जा रहा है कि दुकान में सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत है। विभाग के सूत्रों के अनुसार, नकदी प्रबंधन और सुरक्षा प्रणाली को लेकर भी रिपोर्ट तैयार की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में हाल के महीनों में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन शराब दुकान से नकदी से भरा पूरा लॉकर उखाड़कर ले जाने की यह घटना काफी अलग और गंभीर मानी जा रही है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अपराधी अब अधिक संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम देने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और आसपास के कैमरों की मदद से जल्द ही आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:55:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में विधायक आवास में दिनदहाड़े चोरी, पीए का लैपटॉप और दस्तावेज लेकर फरार हुए चोर</title>
                                    <description><![CDATA[मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी आवास में हुई वारदात, अलमारी का ताला तोड़कर नकदी, एटीएम कार्ड और विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चोरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/thieves-stole-pas-laptop-and-documents-in-broad-daylight-from/article-55388"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-theft-case.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक में चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी आवास से जुड़ा है, जहां उनके निजी सहायक यानी पीए के कमरे में घुसकर चोर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड और कई जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित विधायक रेस्ट हाउस की बताई जा रही है। खास बात यह है कि वारदात दिन के समय हुई, जब परिसर में सामान्य गतिविधियां जारी थीं। ऐसे में यह घटना न केवल पुलिस बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर रही है।</p>
<p>प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विधायक के पीए डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल पहुंचे थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर 74 में ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10:30 बजे वे अपने कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने निकले थे। इसके बाद वे परिसर में ही मौजूद अपने एक साथी के कमरे में चले गए और वहां बातचीत करने लगे। सब कुछ सामान्य था और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। लेकिन करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो उनके होश उड़ गए।</p>
<p>कमरे में प्रवेश करते ही उन्हें सामान अस्त-व्यस्त दिखाई दिया। जांच करने पर पता चला कि उनका लैपटॉप गायब है। इसके साथ ही कमरे में रखी अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जब उन्होंने अलमारी और बैग की जांच की तो कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी गायब थीं। इनमें पेन ड्राइव, दो एटीएम कार्ड, नकदी, घड़ी और अन्य निजी सामान शामिल था। चोरी गए लैपटॉप की कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई जा रही है, लेकिन उससे कहीं अधिक चिंता की बात उसमें मौजूद डेटा को लेकर है।</p>
<p>डॉ. रामानंद पटेल ने पुलिस को बताया कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जरूरी जानकारी सुरक्षित थी। ऐसे में चोरी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं मानी जा रही। दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के गलत हाथों में जाने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान ले जाना था या फिर किसी विशेष जानकारी तक पहुंच बनाना भी इसका हिस्सा हो सकता है।</p>
<p>घटना सामने आने के बाद विधायक आवास परिसर की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जिस इलाके में यह वारदात हुई है, वहां कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के आवास मौजूद हैं। आमतौर पर इस क्षेत्र को सुरक्षित माना जाता है और यहां निगरानी की भी व्यवस्था रहती है। इसके बावजूद दिन के समय चोरी हो जाना कई सवाल छोड़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में चोर आसानी से घुसकर वारदात कर सकते हैं, तो सामान्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।</p>
<p>घटना के बाद अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे और संदिग्ध गतिविधियां कहां-कहां दर्ज हुई हैं। इसके अलावा कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।</p>
<p>जांच अधिकारियों का मानना है कि चोरी को अंजाम देने वाले व्यक्ति को परिसर की कुछ जानकारी हो सकती है, क्योंकि वारदात सीमित समय में की गई और सीधे उस कमरे को निशाना बनाया गया जहां महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था। हालांकि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एक तरफ पीए का निजी और आधिकारिक डेटा चोरी होने की चिंता है, तो दूसरी तरफ सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं संबंधित लोगों को उम्मीद है कि चोरी गया सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित बरामद हो सकेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:57:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंजीनियरिंग छात्र निकला हाईटेक चोरी गैंग का मास्टरमाइंड, 94 लाख का माल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट के जरिए करता था संपर्क, बीहड़ में छिपाकर रखा था सोना-चांदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a1fd53884c97/article-54839"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-theft-gang.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ग्वालियर में पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए शहर के कई सूने मकानों को निशाना बनाया और लाखों रुपये के जेवरात व कीमती सामान पर हाथ साफ किया। इस गिरोह का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसका कथित मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि कंप्यूटर इंजीनियरिंग का छात्र रहा है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है और करीब 94 लाख 25 हजार रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह इस वर्ष की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक मानी जा रही है। मामले की शुरुआत 5 मई 2026 को हुई थी, जब इंदरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले अजय शंकर मित्तल के घर में चोरी की वारदात सामने आई। परिवार के बाहर होने का फायदा उठाकर बदमाशों ने घर का ताला तोड़ा और लाखों रुपये के जेवरात तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में यह एक सामान्य चोरी का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को एक संगठित और तकनीक आधारित गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिलने लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस की नजर विवेक प्रजापति नामक युवक पर गई। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि विवेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। पुलिस के अनुसार उसने कम समय में अधिक पैसा कमाने की चाह में अपराध का रास्ता चुना और अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे मकानों की पहचान करते थे जहां लंबे समय तक कोई मौजूद नहीं रहता था। इसके बाद रेकी कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की कार्यप्रणाली काफी अलग थी। सामान्य फोन कॉल या मैसेजिंग एप का उपयोग करने के बजाय आरोपी इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट फीचर का इस्तेमाल करते थे। इससे उनके बीच होने वाली बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। जांच में सामने आया कि विवेक अपने साथियों और परिचितों से संपर्क के लिए इसी माध्यम का उपयोग करता था। यही वजह रही कि शुरुआत में पुलिस को उनके नेटवर्क तक पहुंचने में कठिनाई हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तारी के बाद भी मुख्य आरोपी ने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार करीब 48 घंटे तक वह लगातार अलग-अलग जानकारी देकर जांच को भटकाता रहा। हालांकि उसके साथी फरहान खान से मिली जानकारियों के बाद पूरे मामले की तस्वीर साफ होने लगी। इसके बाद पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश देकर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान एक बड़ा खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने चोरी के माल को छिपाने की जगह के बारे में जानकारी दी। पुलिस टीम आरोपियों को साथ लेकर पनिहार टोल प्लाजा के आगे बीहड़ इलाके में पहुंची। वहां जमीन में गाड़कर और बड़े पत्थरों के नीचे छिपाकर रखा गया चोरी का माल बरामद किया गया। बरामदगी के दौरान पुलिस को करीब 300 ग्राम सोना और साढ़े 14 किलो चांदी मिली। इसके अलावा चोरी से मिले पैसों से खरीदी गई एक आई-20 कार भी जब्त की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के कुछ जेवरात स्थानीय स्तर पर बेचने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के आरोप में एक सराफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में कुछ अन्य सदस्य भी शामिल थे, जिनमें एक नाबालिग का नाम भी सामने आया है। सभी आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस गिरोह ने केवल एक ही बड़ी चोरी को अंजाम दिया था या फिर शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य वारदातों से भी इसका संबंध है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्वालियर पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक का गलत उपयोग अपराधियों के लिए नया हथियार बनता जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड चैट और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अपराधी पुलिस की निगरानी से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में साइबर विश्लेषण और तकनीकी जांच की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस मामले में पुलिस की सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि न केवल गिरोह का पर्दाफाश हुआ, बल्कि बड़ी मात्रा में चोरी का माल भी बरामद कर लिया गया। इससे पीड़ित परिवारों को राहत मिली है और शहर में सक्रिय एक संगठित अपराध नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रवीना टंडन के भाई के घर 25 लाख की चोरी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[केयरटेकर पर गहने चोरी और धमकी देने के आरोप, पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/theft-of-rs-25-lakh-revealed-in-raveena-tandons-brothers/article-54786"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raveena-tandon-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन के परिवार से जुड़ा एक बड़ा चोरी का मामला सामने आया है। रवीना टंडन के भाई राजीव टंडन के घर से करीब 25 लाख रुपये के सोने-हीरे के गहने और दो महंगी घड़ियां चोरी होने का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने जिस महिला को गिरफ्तार किया है, वह परिवार की बुजुर्ग मां वीणा टंडन की देखभाल के लिए केयरटेकर के रूप में काम कर रही थी। आरोपी का नाम राशि छाबड़िया बताया गया है, जिसकी उम्र 47 साल है।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला पिछले कई वर्षों से टंडन परिवार से जुड़ी हुई थी और धीरे-धीरे उसने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने घर के अंदर रखी तिजोरी से गहनों की चोरी को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक यह वारदात पिछले साल अक्टूबर में सामने आई थी, जब परिवार ने अपने घर की सेफ की जांच की और पाया कि लॉकर टूटा हुआ है और उसमें रखे कीमती गहने गायब हैं। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। इसमें सोने और हीरे के गहनों के साथ-साथ दो महंगी घड़ियां भी शामिल थीं। घर की दूसरी मंजिल पर केवल परिवार के सदस्य और केयरटेकर को ही जाने की अनुमति थी, जहां यह लॉकर रखा गया था। इसी वजह से परिवार को शुरुआत से ही शक के दायरे में मौजूद लोगों पर ध्यान गया और बाद में जांच के दौरान केयरटेकर पर शक गहरा गया।</p>
<p>जब राजीव टंडन ने आरोपी महिला से इस बारे में पूछताछ की, तो शुरुआत में उसने चोरी से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने चोरी की दो घड़ियां वापस कर दी थीं, लेकिन गहनों को वापस नहीं किया। आरोपी ने दावा किया कि उसने गहने अपने एक साथी जगदीश को सौंप दिए हैं और उन्हें जल्द वापस लाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक गहने बरामद नहीं हो सके हैं। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब परिवार ने लगातार अपने गहनों की वापसी की मांग की। शिकायत के अनुसार, आरोपी और उसके साथी की तरफ से परिवार को धमकियां मिलने लगीं। बताया गया कि एक व्यक्ति ने खुद को पुलिस का मुखबिर बताकर परिवार को डराने की कोशिश की और कहा कि अगर उन्होंने गहनों की मांग बंद नहीं की, तो उन्हें झूठे नारकोटिक्स केस में फंसा दिया जाएगा। इस धमकी के बाद परिवार ने पूरी घटना की शिकायत जुहू पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला का परिवार से जुड़ाव साल 2020 से था। वह खार इलाके की रहने वाली है और कुछ कॉमन जान-पहचान के माध्यम से टंडन परिवार के संपर्क में आई थी। समय के साथ वह परिवार के काफी करीब आ गई और उसे घर में आने-जाने की पूरी छूट मिल गई थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। जुहू पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राशि छाबड़िया को 21 मई को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 29 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए गहने वास्तव में कहां गए और क्या इसमें कोई और व्यक्ति भी शामिल था।</p>
<p>इस घटना ने एक बार फिर घरेलू सुरक्षा और केयरटेकर पर भरोसे से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार घरेलू सहायकों और केयरटेकर पर बिना पर्याप्त जांच के भरोसा कर लिया जाता है, जो बाद में बड़ी घटनाओं का कारण बन सकता है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और चोरी हुए गहनों की बरामदगी के लिए आरोपी के संपर्कों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। परिवार की ओर से भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:44:44 +0530</pubDate>
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                <title>रीवा में दुकान कर्मचारी की चोरी का खुलासा, CCTV में कैद वारदात</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/theft-of-shop-employee-revealed-in-rewa-incident-captured-in/article-52219"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/rewa-news-(11).jpg" alt=""></a><br />
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<p>मध्य प्रदेश के रीवा शहर में एक हैरान करने वाला चोरी का मामला सामने आया है, जहां एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में काम करने वाला कर्मचारी ही चोरी का मास्टरमाइंड निकला। आरोपी महंगे और ब्रांडेड कपड़ों को अंडरवियर में छिपाकर दुकान से बाहर निकालता था। मामला तब सामने आया जब सीसीटीवी फुटेज में उसकी हरकतें रिकॉर्ड हो गईं।यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रकाश चौराहा स्थित एक कपड़ा दुकान की है, जहां यह पूरी वारदात लंबे समय से चल रही थी।</p>
<p>दुकान मालिक जितेंद्र खुवानी की दुकान में काम करने वाला कर्मचारी आशीष सिंह लंबे समय से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। वह शर्ट, कुर्ते और ब्लेजर जैसे महंगे कपड़े बेहद चालाकी से अंडरवियर के अंदर छिपाकर बाहर ले जाता था।</p>
<p>15 अप्रैल से लगातार स्टॉक में कमी महसूस होने के बाद दुकान मालिक को शक हुआ। उन्होंने दुकान के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें आरोपी कर्मचारी की हरकतें साफ नजर आईं। फुटेज में वह कई बार कपड़े चुराते हुए दिखाई दिया।जब सच्चाई सामने आई, तो आरोपी ने नौकरी छोड़ दी और दुकान मालिक को पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दे डाली।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने लालच में आकर यह अपराध किया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह धीरे-धीरे कपड़े चुराकर उन्हें बाहर बेच देता था और उससे आर्थिक लाभ कमाता था।</p>
<p>मामले की शिकायत मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ चोरी और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।</p>
<p>फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितनी बार चोरी की और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी थी। दुकान मालिक ने भी भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त करने की बात कही है।</p>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:02:17 +0530</pubDate>
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