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                <title>hygiene tips - दैनिक जागरण</title>
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                <title>मानसून में फंगल संक्रमण से बचाएगा एंटी-फंगल साबुन, त्वचा विशेषज्ञों ने दी जरूरी सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के मौसम में नमी और पसीने से बढ़ता है स्किन इंफेक्शन का खतरा, सही स्किनकेयर अपनाकर कई समस्याओं से बचा जा सकता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/anti-fungal-soap-will-protect-against-fungal-infection-in-monsoon-dermatologists/article-55857"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/monsoon-skin-care.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बारिश का मौसम गर्मी से राहत और हरियाली लेकर आता है, लेकिन इसी मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं। बढ़ी हुई नमी, लगातार पसीना आना और लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर रहने की आदत कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में फंगल संक्रमण के मामले सामान्य दिनों की तुलना में अधिक देखने को मिलते हैं। ऐसे में एंटी-फंगल साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल त्वचा को सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। शरीर के जिन हिस्सों में हवा का प्रवाह कम होता है, वहां फंगस तेजी से पनप सकता है। बगल, गर्दन, जांघों के बीच का हिस्सा, पैर की उंगलियों के बीच की जगह और त्वचा की सिलवटें संक्रमण के लिए सबसे संवेदनशील मानी जाती हैं। शुरुआत में खुजली, लालिमा, जलन या छोटे चकत्तों के रूप में दिखने वाली यह समस्या समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल सामान्य साबुन से सफाई करना हमेशा पर्याप्त नहीं होता। एंटी-फंगल गुणों वाले साबुन में मौजूद तत्व संक्रमण पैदा करने वाले फंगस और बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। बाजार में उपलब्ध कई उत्पादों में टी ट्री ऑयल, नीम, तुलसी और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक तत्व शामिल होते हैं। टी ट्री ऑयल अपने एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल गुणों के लिए जाना जाता है, जबकि नीम त्वचा को संक्रमण से बचाने और खुजली कम करने में सहायक माना जाता है। बारिश के मौसम में सबसे बड़ी समस्या गीले कपड़ों और जूतों को लंबे समय तक पहने रखना है। ऑफिस, कॉलेज या यात्रा के दौरान भीगने के बाद कई लोग कपड़े नहीं बदलते, जिससे त्वचा लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहती है। यही स्थिति फंगल संक्रमण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। इसी तरह गीले मोजे और जूते पहनने से पैरों में संक्रमण, दुर्गंध और एथलीट फुट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर सलाह देते हैं कि बारिश में भीगने के बाद जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनने चाहिए। स्नान के दौरान एंटी-फंगल साबुन का उपयोग करना लाभकारी हो सकता है। नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना भी बेहद जरूरी है। त्वचा पर बची थोड़ी सी नमी भी संक्रमण को बढ़ावा दे सकती है। खासतौर पर पैरों और त्वचा की सिलवटों को सूखा रखना चाहिए। मानसून में पसीना अधिक आने की समस्या भी आम है। पसीना और नमी मिलकर फंगस के विकास के लिए आदर्श स्थिति बनाते हैं। इसलिए इस मौसम में सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। सूती कपड़े पसीना आसानी से सोख लेते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना सही उत्पाद का चयन करना। तौलिया, कपड़े और जूते किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। यदि परिवार में किसी सदस्य को पहले से फंगल संक्रमण है तो उसकी निजी वस्तुओं के उपयोग से बचना चाहिए, ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले। बच्चों, बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों को मानसून में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इन लोगों में संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में त्वचा की नियमित सफाई और उचित देखभाल बेहद जरूरी मानी जाती है। यदि खुजली, लाल चकत्ते, त्वचा का छिलना या जलन जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">संतुलित आहार भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्याप्त पानी पीना, हरी सब्जियां और ताजे फल खाना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिसका सकारात्मक असर त्वचा पर भी दिखाई देता है।  मानसून में स्किनकेयर रूटीन में छोटे-छोटे बदलाव बड़े फायदे दे सकते हैं। एंटी-फंगल साबुन का इस्तेमाल, गीले कपड़ों से बचाव, नियमित सफाई और त्वचा को सूखा रखने जैसी आदतें फंगल संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। इसलिए बारिश के मौसम में त्वचा की देखभाल को नजरअंदाज करने के बजाय उसे दैनिक दिनचर्या का जरूरी हिस्सा बनाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 17:42:53 +0530</pubDate>
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                <title>गर्मी में बढ़ती शरीर की दुर्गंध से राहत के उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[पसीने की बदबू से बचाव के लिए दिनचर्या और प्राकृतिक उपाय सबसे असरदार, त्वचा विशेषज्ञों की भी राय शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/ways-to-get-relief-from-increasing-body-odor-in-summer/article-52233"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/sweat-odor-remedies.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मी बढ़ने के साथ ही पसीने और शरीर की दुर्गंध की समस्या आम हो जाती है। यह समस्या भले ही सामान्य लगे, लेकिन कई बार यह सामाजिक और व्यक्तिगत असहजता का कारण बनती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही नहाने की आदतें और कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<h5><span><strong>क्या है समस्या की असली वजह</strong></span></h5>
<p>हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पसीने में खुद कोई बदबू नहीं होती, बल्कि त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया पसीने के संपर्क में आकर दुर्गंध पैदा करते हैं। यही कारण है कि केवल नहाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही तरीके से साफ-सफाई जरूरी है।</p>
<h5><span><strong> उपाय </strong></span></h5>
<p>गर्मी में शरीर की दुर्गंध से बचने के लिए कुछ सरल उपाय बेहद असरदार माने जाते हैं। इनमें एंटी-बैक्टीरियल साबुन का उपयोग सबसे प्रमुख है। यह त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया को कम करता है, जिससे बदबू की समस्या घटती है।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Body odor</span></span> को नियंत्रित करने के लिए नहाते समय कुछ विशेष ट्रिक्स अपनाने की सलाह दी जाती है, जो दिनभर ताजगी बनाए रखने में मदद करती हैं।</p>
<h5><span><strong>नहाते समय अपनाएं ये 5 आसान ट्रिक्स</strong></span></h5>
<p>नहाते समय एंटी-बैक्टीरियल साबुन से शरीर के उन हिस्सों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए जहां पसीना अधिक आता है, जैसे अंडरआर्म्स, गर्दन और पैर।</p>
<p>नीम के पानी से नहाना भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। नीम में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को साफ रखते हैं और कीटाणुओं को खत्म करते हैं।</p>
<p>फिटकरी का उपयोग भी एक पुराना और प्रभावी उपाय है। नहाने के बाद हल्की गीली त्वचा पर फिटकरी लगाने से बैक्टीरिया कम होते हैं और दुर्गंध नियंत्रित रहती है।</p>
<p>नींबू का रस भी कारगर उपाय माना जाता है। यह त्वचा के pH स्तर को संतुलित करता है और बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करता है।</p>
<p>इसके अलावा, नारियल तेल में टी ट्री ऑयल मिलाकर लगाने से त्वचा को संक्रमण से बचाने और दुर्गंध कम करने में मदद मिलती है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:32:32 +0530</pubDate>
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