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                <title>Animal Welfare - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Animal Welfare RSS Feed</description>
                
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                <title>रायपुर में स्ट्रीट डॉग्स के लिए फीडिंग जोन तय, अब निर्धारित जगहों पर ही मिलेगा भोजन</title>
                                    <description><![CDATA[हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम ने शहर के सभी 70 वार्डों में फीडिंग जोन बनाए, विवाद कम करने और आवारा कुत्तों के बेहतर प्रबंधन पर रहेगा जोर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/feeding-zone-fixed-for-street-dogs-in-raipur-now-food/article-55518"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-street-dogs.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर लंबे समय से चल रहे विवादों के बीच नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में शहर के सभी 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के लिए विशेष फीडिंग जोन निर्धारित कर दिए गए हैं। अब पशु प्रेमी केवल इन तय स्थानों पर ही आवारा कुत्तों को भोजन करा सकेंगे। निगम की ओर से इन स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को नियमों की स्पष्ट जानकारी मिल सके और भविष्य में अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर रहवासियों और पशु प्रेमियों के बीच मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में कुत्तों के इकट्ठा होने से बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानी होती है। दूसरी ओर पशु प्रेमियों का कहना था कि जानवरों को भोजन देना उनका नैतिक दायित्व है। इसी खींचतान के चलते कई मामले नगर निगम और प्रशासन तक पहुंचे थे। अब हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद इस समस्या का व्यवस्थित समाधान निकालने की कोशिश की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के सभी जोनों में ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां स्ट्रीट डॉग्स को सुरक्षित तरीके से भोजन कराया जा सके। इनमें खाली मैदान, सार्वजनिक स्थल, तालाब के आसपास के क्षेत्र, सामुदायिक भवन परिसर, मुक्तिधाम के आसपास की जगहें और कुछ खाली प्लॉट शामिल किए गए हैं। इन स्थानों का चयन इस तरह किया गया है कि आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो और कुत्तों को भी भोजन उपलब्ध कराया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम का कहना है कि फीडिंग जोन बनाए जाने का मुख्य उद्देश्य व्यवस्था को नियंत्रित करना और दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि जब भोजन कराने के लिए तय स्थान उपलब्ध होंगे तो रिहायशी इलाकों में कुत्तों की भीड़ कम होगी और विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी। इसके अलावा इन स्थानों की निगरानी करना भी आसान होगा, जिससे स्ट्रीट डॉग्स से जुड़ी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस नई व्यवस्था के साथ नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई पहले की तरह जारी रहेगी। यदि किसी क्षेत्र से शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित कुत्तों को पकड़कर उनकी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके बाद एनिमल बर्थ कंट्रोल यानी एबीसी नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इनमें डी-वॉर्मिंग, एंटी रेबीज टीकाकरण और नसबंदी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। निगम का दावा है कि इससे कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर समय-समय पर चिंता भी जताई जाती रही है। कई इलाकों में कुत्तों के झुंड के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं पशु कल्याण से जुड़े संगठन लगातार यह मांग करते रहे हैं कि जानवरों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उनके भोजन तथा स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाए। ऐसे में फीडिंग जोन की व्यवस्था को दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि लोगों को अपने वार्ड में निर्धारित फीडिंग जोन की जानकारी स्थानीय सूचना बोर्डों और जोन कार्यालयों से मिल सकेगी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि नागरिकों को इस नई व्यवस्था के बारे में जागरूक किया जाए। आने वाले दिनों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है ताकि लोग नियमों का पालन करें और व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यदि नागरिक निर्धारित स्थानों पर ही कुत्तों को भोजन कराएंगे तो शहर में पशु प्रबंधन से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है। इससे कुत्तों की निगरानी, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों को भी बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा सकेगा। साथ ही आवारा कुत्तों को लेकर होने वाले विवादों और शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:29:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: सार्वजनिक जगहों से हटेंगे आवारा कुत्ते, सड़कों पर खाना खिलाना भी बंद</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आदेश बरकरार रखते हुए सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने और शेल्टर में रखने का निर्देश दिया। खाना खिलाने पर भी रोक जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-order-of-supreme-court-stray-dogs-will-be-removed/article-53759"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/supreme-court-verdict-on-stray-dogs.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उसने पहले दिए गए आदेश में किसी भी तरह की ढील देने से इंकार कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अस्पतालों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूलों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस स्टैंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे स्टेशनों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल परिसरों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद भी वहीं नहीं छोड़ा जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। इस निर्णय के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नगर निकायों और प्रशासनिक इकाइयों पर दबाव बढ़ गया है कि वे सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित रखने के लिए कठोर कदम उठाएं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक को बरकरार रखा है। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने यह भी कहा कि निर्धारित फीडिंग स्पॉट बनाए जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां नियमों के तहत ही आवारा कुत्तों को भोजन दिया जा सकेगा। कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि बच्चों और बुजुर्गों पर कुत्तों के हमलों के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बहुत चिंताजनक हैं। अदालत ने यह भी बताया कि कई विदेशी यात्रियों को भी कुत्तों के काटने के मामले का सामना करना पड़ा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे यह समस्या अब केवल स्थानीय ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यापक स्तर की बन चुकी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि पहले दिए गए निर्देशों का पालन गंभीर रूप से कम हो रहा है। जस्टिस विक्रम नाथ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके खिलाफ अवमानना और विभागीय कार्रवाई हो सकती है। अदालत ने यह भी माना कि यह समस्या अब शहरी क्षेत्रों के बाहर जाकर हवाई अड्डों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह मामला जुलाई 2025 में तब शुरू हुआ था जब सुप्रीम कोर्ट ने एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया। उस रिपोर्ट में एक बच्चे की कुत्ते के काटने से मौत का मामला बताया गया था। इसके बाद अगस्त में अदालत ने एनसीआर क्षेत्र के सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर काफी विवाद हुआ। बाद में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मामले को तीन जजों की बड़ी पीठ को सौंपा गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने कुछ संशोधित करते हुए कहा कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को छोड़ा जा सकता है। लेकिन नए आदेश में सार्वजनिक संस्थानों से पकड़े गए कुत्तों को वापस छोड़ने पर रोक फिर से लगा दी गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अदालत ने यह भी दोहराया कि शैक्षणिक संस्थानों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पतालों और बस अड्डों जैसे संवेदनशील स्थानों पर कुत्तों की मौजूदगी को रोकना महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़कें और हाईवे से अन्य आवारा जानवरों को हटाने पर भी चर्चा की गई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख अब काफी सख्त नजर आ रहा है। अदालत ने यह संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कुत्तों के काटने की घटनाओं के लिए राज्यों पर भारी मुआवज़े का बोझ डालने का भी विचार किया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जो लोग लापरवाही बरतेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:16:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा में गोसेवकों का बड़ा प्रदर्शन, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत हजारों हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपा, गोशालाओं की हालत सुधारने पर जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-demonstration-of-cowsevaks-in-rewa-demand-to-give-status/article-52237"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/rewa-news-(14)-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>रीवा में सोमवार को गोसेवकों और संत समाज ने ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत संगठित होकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे शहर में रैली निकालते हुए गोसेवक तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान लगभग 5 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजने की मांग की गई।</p>
<p>यह प्रदर्शन रीवा जिले में संत समाज और विभिन्न गोसेवा संगठनों द्वारा किया गया। आंदोलन का उद्देश्य गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और गोवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना था। गोसेवकों ने शहर भ्रमण के बाद तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को औपचारिक रूप से दर्ज कराया।</p>
<p>ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की थी। इसके साथ ही गोशालाओं की खराब स्थिति में सुधार, बेसहारा गोवंश के संरक्षण, चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।</p>
<p><strong>संत समाज और गोसेवकों की राय</strong><br />अभियान से जुड़े देवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस मांग को लेकर जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।</p>
<p>कुसुम सिंह ने गोशालाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्थानों पर व्यवस्था बेहद कमजोर है। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश सड़कों पर भटक रहा है, जिससे दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार को ठोस नीति बनाकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।</p>
<p>बृजेंद्र पांडेय ने कहा कि गोसेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन किया है, जो जनभावनाओं को दर्शाता है।</p>
<p><strong>प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन</strong><br />गोसेवकों ने प्रशासन से अपील की कि ज्ञापन को गंभीरता से लिया जाए और इसे उच्च स्तर तक भेजा जाए। उन्होंने मांग की कि इस विषय पर जल्द निर्णय लेकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जबकि गोसेवक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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