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                <title>FIR - दैनिक जागरण</title>
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                <description>FIR RSS Feed</description>
                
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                <title>सोशल मीडिया दोस्ती से फंसी युवती, पांच साल का शोषण मामला</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के जामिया नगर में दर्ज FIR में युवती ने यौन शोषण, धमकी और जबरन निकाह के गंभीर आरोप लगाए, पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/five-years-old-exploitation-case-of-girl-trapped-due-to/article-57569"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/meerut-faheem-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">राजधानी दिल्ली के जामिया नगर थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। 23 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे एक लंबे शोषण, धमकी और बंधक जैसी स्थिति में बदल गई। पीड़िता का कहना है कि उसे प्रेम के जाल में फंसाकर कई वर्षों तक मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पीड़िता की पहचान बदलकर सामने आई शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2021 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक युवक से उसकी बातचीत शुरू हुई थी।<img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/delhi-news.jpg" alt="Delhi News" width="1366" height="1037"></img></p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><br />शुरुआत में यह बातचीत सामान्य दोस्ती तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता गहराता गया। पीड़िता का आरोप है कि युवक ने पहले खुद को अलग पहचान के साथ पेश किया और बाद में उस पर मिलने और रिश्ते में बने रहने का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार मुलाकातों के दौरान कथित तौर पर उसे नशीला पदार्थ दिए जाने और उसके साथ शोषण की घटनाओं का दावा किया गया है। इसके बाद आरोपी द्वारा वीडियो बनाकर धमकाने और ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि धमकी और डर के कारण वह लंबे समय तक चुप रही और आरोपी के संपर्क में बनी रही। आरोप है कि इस दौरान उसे बार-बार अलग-अलग स्थानों पर बुलाया जाता था और विरोध करने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में उसे एक अन्य स्थान पर ले जाकर जबरन रोके रखा गया और वहां उसकी पहचान और निजी स्वतंत्रता को सीमित कर दिया गया। इस पूरे मामले में पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके परिवार को गुमराह करने के लिए गलत जानकारी दी गई, जिससे वह लंबे समय तक लापता स्थिति में रही।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/meerut-faheem-(1).jpg" alt="MEERUT FAHEEM (1)" width="731" height="800"></img></p>
<p>मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि पीड़िता को कई बार अलग-अलग लोगों के संपर्क में लाया गया, जिससे उसका मानसिक और शारीरिक शोषण हुआ। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बयान, डिजिटल साक्ष्य और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/jamia-nagar-case.jpg" alt="Jamia Nagar Case" width="1366" height="1037"></img></p>
<p>जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पीड़िता की शिकायत में गंभीर आरोप हैं, जिनमें यौन शोषण, धमकी, जबरन रोककर रखना और पहचान बदलने जैसे पहलू शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलते ही संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया और कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसमें कोई संगठित तरीके से की गई आपराधिक गतिविधि शामिल थी या नहीं। पीड़िता के अनुसार यह पूरा मामला धीरे-धीरे एक जाल में बदल गया, जिसमें वह खुद को फंसा हुआ महसूस करने लगी थी। उसका दावा है कि मानसिक दबाव और धमकियों के कारण उसने कई वर्षों तक किसी से खुलकर बात नहीं की। बाद में हालात बिगड़ने पर उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसे सुरक्षा और काउंसलिंग सहायता भी उपलब्ध कराई है।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/exploitation-case.jpg" alt="Exploitation Case" width="1366" height="978"></img></p>
<p>अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा रही है। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें किसी तरह का आर्थिक या संगठित नेटवर्क भी शामिल था।इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना को सोशल मीडिया के दुरुपयोग और ऑनलाइन रिश्तों में सावधानी बरतने की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत में सतर्कता बरती जाए और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत शिकायत की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:37:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर भोपाल में FIR, कुक से मारपीट का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज मामले में कुक ने मारपीट, गाली-गलौज और जबरन काम कराने के आरोप लगाए, पुलिस ने जांच शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/ipl-cricketer-shashank-singh-and-his-father-accused-of-assaulting/article-57431"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/shashank-singh.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता, मध्यप्रदेश पुलिस के सेवानिवृत्त स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। रातीबड़ थाना पुलिस ने एक कुक की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और उसका मोबाइल भी छीन लिया गया। घटना के बाद शिकायतकर्ता का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी देता दिखाई दे रहा है। हालांकि मामले में आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर, जो रीवा जिले के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्हें परिचित मोहित सिंह सेंगर के माध्यम से भोपाल बुलाया गया था। उनके अनुसार उन्हें बताया गया था कि शैलेष सिंह के यहां खाना बनाने का काम करना होगा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने में भी मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ रहने और खाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर वे भोपाल पहुंचे और नीलबड़ स्थित आवास पर काम शुरू किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विपेंद्र सिंह का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों बाद लगातार काम कराया जाने लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर में पहले से काम कर रहे दूसरे कुक के साथ भी गाली-गलौज की जा रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने यह माहौल देखकर काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनसे कथित रूप से कहा गया कि यदि काम नहीं करना था तो यहां आए क्यों। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उन्हें काम जारी रखने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में आगे कहा गया है कि डर के कारण उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद शैलेष सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और एक ड्राइवर कमरे तक पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटना में उन्हें चेहरे और शरीर पर चोटें आईं। बाद में उन्होंने अपने शरीर पर चोटों के निशान भी दिखाए और एक वीडियो जारी कर पूरी घटना का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। रातीबड़ थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की गई। फरियादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार शैलेष सिंह, शशांक सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब शैलेष सिंह के खिलाफ इस तरह के आरोप सामने आए हैं। इससे पहले मई 2026 में विदिशा जिले के गंजबासौदा निवासी राजीव विश्वकर्मा ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नौकरी के दौरान उन्हें घर में बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और उनका मोबाइल तथा बैग छीन लिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि नौकरी छोड़ने की बात करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई थी। हालांकि उस मामले की जांच और परिणाम अलग कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं। दूसरी ओर, शशांक सिंह क्रिकेट जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के साथ की थी, लेकिन शुरुआती वर्षों में उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले। वर्ष 2024 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें पहचान मिली। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें लगातार दो सीजन के लिए रिटेन किया। हालांकि 2026 का आईपीएल सीजन उनके लिए अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वे सीमित रन ही बना सके। क्रिकेट मैदान पर प्रदर्शन और अब इस कानूनी मामले के कारण शशांक सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। भारतीय कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>भूपेश चैट विवाद में जेल बंद दो यूट्यूबर्स पर दूसरी FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग और उगाही का आरोप, वीडियो हटाने के बदले पहले 50 हजार और फिर 2 लाख रुपए मांगने की शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3f8b5a2fbd1/article-57133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhupesh-baghel-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में गिरफ्तार दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस बार दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत एक महिला ने की है, जिसने आरोप लगाया है कि वीडियो हटाने के बदले उससे पहले 50 हजार रुपए मांगे गए और बाद में 2 लाख रुपए की मांग करते हुए बदनाम करने की धमकी दी गई। फिलहाल दोनों आरोपी पहले से ही कथित इंस्टाग्राम चैट मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता नेहा मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से अपने गांव उमदा में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रही हैं। उनके अनुसार कुछ समय पहले सागर साहू और पुष्पराज सिंह आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके केंद्र पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान रिकॉर्ड की गई बातों को तोड़-मरोड़कर एक वीडियो तैयार किया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर के रूप में प्रसारित कर दिया गया। महिला का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उनकी छवि प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों के बीच गलत संदेश गया और उनके ग्राहक सेवा केंद्र की साख पर भी असर पड़ा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 जून को वीडियो हटाने के एवज में आरोपियों ने 50 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर और सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए आरोपियों को दिए। महिला का दावा है कि पैसे मिलने के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि शिकायत के मुताबिक मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद दोनों यूट्यूबर्स ने दोबारा संपर्क किया और इस बार 2 लाख रुपए की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर नए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और लगातार बदनाम करने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने के बाद आरोपियों ने तीन से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यावसायिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि वायरल वीडियो के बाद उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी असहजता महसूस होने लगी। कई लोगों ने उनसे सवाल पूछे, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ा। उन्होंने पुलिस से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य धाराओं की आवश्यकता होगी तो उन्हें भी जोड़ा जा सकता है। यह पहला मामला नहीं है जब दोनों यूट्यूबर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई हो। करीब नौ दिन पहले भी दोनों पर एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। वह मामला महादेव सट्टा ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर के नाम से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट के वायरल स्क्रीनशॉट से संबंधित था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित स्क्रीनशॉट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एक संदेश दिखाई दिया था, जिसमें लिखा गया था कि "नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।" इसी कथित चैट के आधार पर दोनों यूट्यूबर्स ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और खबरें प्रसारित की थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल कंटेंट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई थी। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सार्वजनिक रूप से इस कथित चैट और उससे जुड़े कंटेंट को पूरी तरह फर्जी बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी लीगल टीम इस तरह की झूठी और भ्रामक सामग्री तैयार करने तथा प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। अब महिला की शिकायत पर दर्ज हुई दूसरी एफआईआर ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर की जा रही है। यदि जांच में ब्लैकमेलिंग, उगाही या सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने के आरोप साबित होते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 14:36:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सरगुजा में शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण का मामला, FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[लिव-इन रिलेशन में रही युवती ने लगाए गंभीर आरोप, शादी से इनकार के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/fir-registered-in-surguja-for-physical-exploitation-on-the-pretext/article-56927"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/surguja-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि युवक ने शादी का वादा कर उसके साथ लंबे समय तक लिव-इन रिलेशन में रहकर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार पीड़िता 25 वर्षीय युवती है, जो वर्ष 2022 से अंबिकापुर के नावापारा क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवक से हुई, जो सूरजपुर जिले के भटगांव क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे संबंध गहरे होते चले गए। शिकायत में बताया गया है कि युवक ने युवती को शादी का भरोसा दिया, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 26 जनवरी 2025 को युवक ने उसे घूमने के लिए बुलाया था। उस दौरान दोनों एक साथ समय बिताने के बाद किराए के मकान में पहुंचे, जहां शादी का वादा दोहराते हुए शारीरिक संबंध बनाए गए। इसके बाद युवती ने भरोसे के आधार पर युवक के साथ रहने का फैसला किया और फरवरी 2025 में अपना सामान लेकर उसके साथ रहने चली गई। इसके बाद दोनों करीब डेढ़ साल तक लिव-इन रिलेशन में रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस दौरान युवती ने आरोप लगाया है कि उसने कई बार शादी की बात की, लेकिन हर बार युवक टालता रहा। बाद में जब दबाव बढ़ा तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने यह कहते हुए शादी से मना किया कि दोनों अलग-अलग धर्म और जाति से हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर युवक ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद युवती ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। गांधीनगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी के अनुसार मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने क्षेत्र में सामाजिक और कानूनी बहस को भी जन्म दिया है। लिव-इन रिलेशनशिप और सहमति से बने संबंधों में विवाद की स्थिति को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की जिम्मेदारी और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी और सामाजिक जटिलता से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की गहन जांच की जा रही है और पीड़िता के बयान को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। साथ ही मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। मामले में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, पीड़िता फिलहाल पुलिस की सुरक्षा में है और उसे आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक इंतजार करें। यह मामला फिलहाल जांच के शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इसमें और भी तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। सरगुजा जिले में सामने आया यह मामला एक बार फिर रिश्तों में विश्वास, सामाजिक जटिलताओं और कानूनी अधिकारों पर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:14:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस अफसरों के नाम पर युवक से एक लाख की ठगी, बिलासपुर में मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[थाने में हुए विवाद के बाद परिवार को डराकर मांगे गए पांच लाख रुपए, एक आरोपी गिरफ्तार, दो अन्य की भूमिका की जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/case-registered-in-bilaspur-for-cheating-a-young-man-of/article-56913"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-fraud-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों के नाम पर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने में हुए एक विवाद के बाद युवक की घबराहट का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उसके परिवार को डरा-धमकाकर पैसों की मांग की। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए बड़ी रकम देनी पड़ेगी। परिवार डर गया और एक लाख रुपए आरोपियों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद भी आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई और वे लगातार बाकी रकम के लिए दबाव बनाते रहे। मामले की शिकायत मिलने के बाद तारबाहर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम मोहदा निवासी रूपेश पटेल फोटोग्राफी का काम करता है। 19 जून को वह अपने निजी कार्य से बिलासपुर आया था। इसी दौरान उसकी परिचित महिलाओं भारती मिरे और नेहा पंत के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर सभी पक्ष तारबाहर थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि थाने का माहौल और संभावित कार्रवाई को लेकर रूपेश काफी घबरा गया था। इसी दौरान उसने अपने एक परिचित दोस्त सचिन मेहर को फोन कर पूरी स्थिति की जानकारी दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सचिन मेहर ने यह जानकारी अपने परिचित सुमित देवांगन को दी। आरोप है कि दोनों ने मिलकर रूपेश की मानसिक स्थिति और डर का फायदा उठाने की योजना बनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने रूपेश के परिवार से संपर्क किया और कहा कि मामला गंभीर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों को संतुष्ट करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी। परिवार को यह विश्वास दिलाया गया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो रूपेश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। परिजनों के अनुसार आरोपियों ने शुरुआत में पांच लाख रुपए की मांग की थी। परिवार पहले से ही तनाव में था और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि वास्तव में मामला कितना गंभीर है। इसी डर और दबाव के माहौल में परिवार ने आरोपियों की बातों पर भरोसा कर लिया। शिकायत में कहा गया है कि बाद में सुमित देवांगन द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में एक लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। परिवार को उम्मीद थी कि रकम देने के बाद मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोप है कि एक लाख रुपए मिलने के बाद भी आरोपी लगातार रूपेश और उसके परिवार पर बाकी चार लाख रुपए देने का दबाव बनाते रहे। चार दिनों तक फोन कॉल और मैसेज के जरिए उनसे संपर्क किया गया। पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया जाता रहा। इसी दौरान परिवार को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। जब उन्होंने मामले की गहराई से जानकारी जुटाने की कोशिश की तो कई बातें संदिग्ध नजर आईं। पीड़ित रूपेश पटेल ने बाद में सुमित देवांगन से सीधे पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान सुमित ने बताया कि 19 जून की शाम पांच से सात बजे के बीच प्राप्त एक लाख रुपए की राशि उसने चांपा निवासी महेंद्र देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी थी। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिकायत मिलने के बाद तारबाहर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सचिन मेहर और सुमित देवांगन सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अवैध वसूली से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर लोगों के डर और असमंजस का फायदा उठाया जाता है। किसी कानूनी या पुलिस मामले में फंसने की आशंका होने पर कई लोग बिना सत्यापन किए पैसों का लेनदेन कर बैठते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारियों के नाम पर पैसे मांगता है या किसी कार्रवाई को रोकने के बदले रकम देने का दबाव बनाता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एमपी के दो टीआई समेत 100 पर FIR, ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की अदालत ने घाटाखेड़ी गांव में हुई NDPS कार्रवाई को संदिग्ध माना, जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/questions-raised-on-drugs-factory-action-against-100-including-two/article-56075"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-police-fir.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश और राजस्थान की पुलिस व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 लोगों के खिलाफ राजस्थान में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में हुई कथित ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। उस समय मध्य प्रदेश पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया था, लेकिन अब अदालत के आदेश और जांच रिपोर्ट के बाद पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चौमहला कोर्ट ने 13 जून को दिए अपने आदेश में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डग थाने में आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों की पहचान भी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर धाराओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूरा मामला 21 जनवरी 2026 से शुरू हुआ था, जब आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को कथित रूप से 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में फैजान ने बताया था कि यह मादक पदार्थ राजस्थान के घाटाखेड़ी गांव निवासी शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया गया था। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने 28 जनवरी को बड़ी कार्रवाई का दावा करते हुए 80 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ घाटाखेड़ी गांव में दबिश दी थी। उस समय पुलिस ने कहा था कि वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे बड़ी सफलता बताया था। उन्होंने दावा किया था कि मौके से हथियार, मशीनें और ड्रग्स निर्माण से जुड़ा सामान बरामद हुआ है। लेकिन जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की कार्रवाई को संदेह के घेरे में ला दिया। जांच में पाया गया कि जब्त किया गया कुछ सामान बिल्कुल नया दिखाई दे रहा था, जिस पर सवाल उठे थे। इसके अलावा यह दावा भी किया गया था कि कार्रवाई में राजस्थान पुलिस शामिल थी, जबकि जांच के दौरान सामने आया कि स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की कोई पूर्व जानकारी ही नहीं थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उठा। पुलिस ने कहा था कि पूरे ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई थी, लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई वीडियोग्राफी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इतना ही नहीं, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज समय और सीसीटीवी फुटेज में भी बड़ा अंतर पाया गया। रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तारियां और जब्ती की कार्रवाई सुबह 4:40 बजे से 5:40 बजे के बीच हुई थी, जबकि जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश पुलिस की टीम सुबह 5:05 बजे तक ही उस इलाके में मौजूद थी। ऐसे में इतने कम समय में NDPS अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने को लेकर सवाल खड़े हुए। गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताया था। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए उनके घर में प्रवेश किया, परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे मामले में फंसाया। इसके बाद उन्होंने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर किया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी गई। उन्होंने मध्य प्रदेश जाकर कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों से नहीं हो सकी। इन्हीं तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। अब डग थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल प्रक्रियागत त्रुटियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/questions-raised-on-drugs-factory-action-against-100-including-two/article-56075</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गे फ्रेंड के साथ मिलकर पत्नी से दुष्कर्म का आरोप, पति फरार</title>
                                    <description><![CDATA[अंबिकापुर में महिला ने पति और उसके दोस्त पर दुष्कर्म, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया, पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/husband-accused-of-raping-wife-with-gay-friend-absconds/article-55930"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ambikapur-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में सामने आए एक संवेदनशील मामले ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। एक विवाहिता ने अपने पति और उसके एक परिचित युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसके पति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया, लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस के अनुसार पीड़िता की उम्र लगभग 25 वर्ष है और उसकी शादी करीब चार साल पहले अंबिकापुर निवासी एक युवक से हुई थी। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही वैवाहिक जीवन सामान्य नहीं था। समय बीतने के साथ उसे अपने पति के व्यवहार में बदलाव महसूस होने लगा। महिला का कहना है कि कुछ समय बाद उसे पति के निजी संबंधों और गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिकायत में बताया गया है कि करीब छह महीने पहले उसका पति काम के सिलसिले में राजस्थान गया था। वहां रहने के दौरान उसकी पहचान एक युवक से हुई। बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और कुछ महीनों बाद वह युवक अंबिकापुर आ गया। महिला का आरोप है कि इसके बाद उसका पति उस युवक को अपने घर लेकर आया और दोनों लंबे समय तक साथ रहने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीड़िता का कहना है कि घर में रहने के दौरान उसे लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। उसने आरोप लगाया कि पति और उसका दोस्त उसके साथ अभद्र व्यवहार करते थे और कई बार उसे धमकाया भी गया। महिला ने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने उसे घर से बाहर किसी को जानकारी नहीं देने की चेतावनी दी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">महिला का आरोप है कि एक मौके पर पति के दोस्त ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद जब उसने विरोध किया तो उसे चुप रहने के लिए कहा गया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ महीनों से वह लगातार तनाव और भय के माहौल में रह रही थी। उसे यह डर था कि अगर उसने किसी को जानकारी दी तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद महिला ने अपनी बहन के घर जाकर शरण ली। उसने पुलिस को बताया कि वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थी और इसी कारण कुछ समय तक अपने रिश्तेदारों के यहां रही। आरोप है कि वहां भी उसका पति पहुंच गया और उसे वापस आने के लिए दबाव बनाने लगा। महिला का कहना है कि उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं, जिसके बाद उसने पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">गांधीनगर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की गई और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और तकनीकी माध्यमों से भी उनकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले के कई पहलुओं पर और स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे मामलों में जांच बेहद संवेदनशील तरीके से की जाती है। पुलिस को पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ानी होती है। इसलिए मामले के सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में चर्चा है। महिला संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि पीड़ितों का कानून पर भरोसा बना रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खंडवा के बड़ियातुला गांव में अवशेष मिलने से तनाव फैला, पुलिस तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[ईद से जुड़ी आशंका और गोवंश के अवशेष मिलने के बाद गांव में हंगामा, पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/tension-spread-after-remains-were-found-in-badiyatula-village-of/article-54537"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/khandwa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">खंडवा जिले के मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत के बड़ियातुला गांव में शुक्रवार देर रात अचानक हालात उस समय बिगड़ गए जब सड़क किनारे पॉलिथीन में गाय के अवशेष मिलने की सूचना फैली। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे कुछ ग्रामीणों ने देखा कि बाइक पर दो-तीन संदिग्ध लोग तेज रफ्तार में इलाके से गुजर रहे थे और उनके पास पॉलिथीन में कुछ रखा हुआ था। कुछ ही देर बाद जानकारी सामने आई कि उसमें गोवंश के सिर और पैर जैसे अवशेष थे, जिन्हें कथित तौर पर सड़क किनारे फेंकने की कोशिश की जा रही थी। इसी बीच आसपास के गांवों से पहुंचे कुछ युवाओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को समझने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही बाइक सवार लोगों को भीड़ के इकट्ठा होने की भनक लगी, वे मौके से भाग निकले। इसके बाद गांव में अचानक आक्रोश फैल गया और लोग सड़कों पर उतर आए। रात का समय था लेकिन अफरा-तफरी इतनी बढ़ गई कि कई जगहों पर लोग एक-दूसरे से बहस करते और स्थिति को संभालने की कोशिश करते नजर आए। कुछ जगहों पर वाहनों को नुकसान पहुंचाने की भी बात सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर सीएसपी अभिनव बारंगे के नेतृत्व में पुलिस बल पहुंचा। स्थिति को काबू में करने के लिए आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया और पूरे इलाके को घेर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से गोवंश के अवशेष और एक बाइक बरामद की गई है, जिसे आरोपी मौके पर छोड़कर भाग गए थे। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 5 बजे इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। हिरासत में लिए गए आरोपियों में वसीम, अकरम, आजम और सलमान के नाम सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में केवल यही चार लोग नहीं बल्कि कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिनकी तलाश जारी है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि अवशेष कहां से लाए गए और उन्हें फेंकने की योजना किस स्तर पर बनाई गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर कड़ी को जोड़कर जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह की गलत जानकारी या अफवाह न फैले।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद बड़ियातुला गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर मोघट रोड और रामेश्वर चौकी क्षेत्र से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जो लगातार गश्त कर रहा है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर चर्चा और नाराजगी देखी जा रही है। कुछ लोग इसे गंभीर कानून व्यवस्था का मामला बता रहे हैं तो कुछ इसे सोची-समझी साजिश से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दे रहा है। गांव में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से संवाद बनाए रखने की कोशिश की जा रही है ताकि माहौल सामान्य हो सके। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है या फिर यह सिर्फ स्थानीय स्तर पर हुई एक घटना है, जिसका उद्देश्य माहौल बिगाड़ना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 10:50:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉक्सिंग कोच ने ट्रेनिंग देने के बहाने किया नाबालिग खिलाड़ी का उत्पीड़न, POCSO केस दर्ज, जानें क्या है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु में 17 साल की महिला बॉक्सर ने कोच पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/boxing-coach-harasses-minor-player-on-the-pretext-of-giving/article-54048"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bengaluru-boxing-pocso-case-harassment-of-female-boxer.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक गंभीर मामला सामने आया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां एक </span>17<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल की महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी ने अपने कोच पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय कोच के खिलाफ </span>POCSO <span lang="hi" xml:lang="hi">एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह शिकायत पीड़िता की मां ने की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद शुक्रवार दोपहर संपंगीरामनगर थाने में </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज की गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपी कोच शहर के कस्तूरबा रोड पर एक प्राइवेट बॉक्सिंग क्लब में ट्रेनिंग देते हैं। आरोप है कि पिछले चार महीनों से लगातार उन्होंने इस नाबालिग खिलाड़ी का उत्पीड़न किया। इस घटना के बाद खेल जगत में भी हलचल मच गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिकायत के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हाल ही में एक बॉक्सिंग प्रतियोगिता के दौरान जो चेन्नई में आयोजित हुई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां स्थिति और गंभीर हो गई। </span>17<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोच ने कथित तौर पर नाबालिग खिलाड़ी को अपने कमरे में बुलाया और उसके विरोध के बावजूद गलत तरीके से उसे छुआ। पीड़िता ने यह भी कहा कि बेंगलुरु के एक स्टेडियम में भी कई बार उसके साथ अनुचित शारीरिक संपर्क किया गया। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लड़की डरी हुई थी और इसलिए उसने लंबे समय तक अपने परिवार को इस बारे में नहीं बताया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी कोच ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी और किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी। इसी डर के चलते नाबालिग काफी समय तक चुप रही।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीड़िता की मां का कहना है कि उनकी बेटी पिछले करीब </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल से उसी क्लब में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही है। परिवार के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोच का व्यवहार पहले भी ठीक नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हाल के पांच-छह महीनों में स्थिति ज्यादा खराब हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचने से पहले क्लब की आंतरिक समिति के सामने भी आरोपी के खिलाफ शिकायत की गई थी। अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ </span>POCSO <span lang="hi" xml:lang="hi">एक्ट की धारा </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस पीड़िता और क्लब से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:57:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गिफ्ट-हॉलिडे पैकेज के नाम पर 50 लाख की ठगी, FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर के मैग्नेटो मॉल में हॉलिडे पैकेज के नाम पर 50 लाख की ठगी का मामला सामने आया। कंपनी समेत 16 लोगों पर FIR दर्ज, जांच जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/fir-registered-for-fraud-of-rs-50-lakh-in-the/article-52830"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(100).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन और कॉल के जरिए लोगों को गिफ्ट और हॉलिडे पैकेज का लालच देकर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। शहर के मैग्नेटो मॉल स्थित चौथी मंजिल पर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">क्लब्रियोंट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से चल रही कंपनी पर आरोप है कि उसने करीब 15 से 20 लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है और पुलिस ने कंपनी के संचालक समेत 16 लोगों के खिलाफ </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीड़ितों का कहना है कि उन्हें फोन कॉल के जरिए बताया गया कि उनका नाम लकी ड्रॉ या कूपन में निकला है और उन्हें फ्री गिफ्ट या सस्ते हॉलिडे पैकेज दिए जाएंगे। इसी झांसे में आकर लोग मैग्नेटो मॉल के ऑफिस तक पहुंचते रहे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें आकर्षक टूर पैकेज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">होटल स्टे और विदेश यात्रा जैसे सपने दिखाए जाते थे। धीरे-धीरे उनसे अलग-अलग बहाने से पैसे वसूले जाते रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर तो कभी टिकट बुकिंग और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक पीड़ित अमित गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें 20 फरवरी को कॉल आया था और कहा गया कि उनका नाम गिफ्ट लकी ड्रॉ में आया है। इसके बाद उन्हें मैग्नेटो मॉल की चौथी मंजिल पर स्थित ऑफिस बुलाया गया। अमित वहां पहुंचे तो उन्हें काफी प्रीमियम सेटअप दिखाया गया और भरोसा दिलाया गया कि कंपनी पूरी तरह रजिस्टर्ड है और जल्द ही उन्हें विदेश टूर पैकेज मिलेगा। शुरुआती भरोसे के बाद उनसे 27 फरवरी को 25 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए और फिर धीरे-धीरे अलग-अलग बहानों से 50 हजार रुपये और वसूले गए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालात तब बदलने लगे जब पैसे लेने के बाद कंपनी के कर्मचारी लगातार टालमटोल करने लगे। पीड़ितों के मुताबिक वादा किया गया था कि टिकट और पैकेज की पूरी जानकारी ईमेल पर भेजी जाएगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कुछ ही दिनों में सभी नंबर बंद आने लगे। जब लोग दोबारा ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। यही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस वक्त तक कई और लोग भी वहां पहुंच चुके थे जो इसी तरह की ठगी का शिकार हुए थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस की शुरुआती जांच में अब तक करीब 8 लाख 12 हजार रुपये की ठगी का हिसाब सामने आया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पीड़ितों का दावा है कि यह रकम 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। अलग-अलग लोगों से 75 हजार से लेकर 1.28 लाख रुपये तक की वसूली की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि रायपुर और भिलाई जैसे शहरों के मॉल में भी इनके ऑफिस होने की बात सामने आई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक कंपनी के कर्मचारी रोजाना नए लोगों को कॉल करते थे और उन्हें फ्री गिफ्ट या हॉलिडे पैकेज का लालच देकर ऑफिस बुलाते थे। खास बात यह है कि इनके निशाने पर नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा होते थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के जरिए पेमेंट करवाया जाता था।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिलहाल पुलिस ने कंपनी के संचालक नागेश बालासाहेब साखरे समेत 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठगी का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अभी कई पीड़ित सामने आना बाकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/fir-registered-for-fraud-of-rs-50-lakh-in-the/article-52830</link>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:51:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>भूपेश बघेल-सौम्या का AI वीडियो वायरल, FIR दर्ज कर साइबर टीम जांच में जुटी</title>
                                    <description><![CDATA[भूपेश बघेल AI वीडियो मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की। वायरल वीडियो की साइबर जांच जारी, इंस्टाग्राम अकाउंट बैन, महिला आयोग ने लिया संज्ञान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AC%E0%A4%98%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-ai-%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B2--fir-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-52288"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/bhupesh-baghel-soumya-chaurasia-ai-video.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कथित AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो में भूपेश बघेल को पूर्व उपसचिव सौम्या चैरसिया के साथ आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश बताते हुए जिले के अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है। मामला दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां इस वीडियो को लेकर पहली औपचारिक कार्रवाई हुई। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पुलिस ने जिन इंस्टाग्राम अकाउंट्स से वीडियो साझा किया गया था, उनके संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शुरुआती जांच के बाद संबंधित इंस्टाग्राम आईडी को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, साइबर टीम अब वीडियो के मूल स्रोत, एडिटिंग पैटर्न और इसे सबसे पहले अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान में जुटी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य महिला आयोग ने भी खुद संज्ञान लिया है और तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पुलिस के मुताबिक यह वीडियो इंस्टाग्राम पर ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;" xml:lang="en-us">’</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us"> </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">नाम के अकाउंट से शेयर किया गया था। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इसे आपत्तिजनक और भ्रामक बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सोमवार को जिले के कई थाना क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे और अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, नंदिनी नगर, जामुल, धमधा, अंडा, जेवरा सिरसा और रानीतराई समेत कई इलाकों में विरोध दर्ज कराया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पुलिस की साइबर टीम वीडियो की तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस डिजिटल टूल या प्लेटफॉर्म की मदद से तैयार किया गया, किस डिवाइस से अपलोड हुआ और इसे सबसे पहले किसने प्रसारित किया। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लॉग, IP डिटेल और अकाउंट ऑपरेशन डेटा भी जुटा रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जांच का फोकस सिर्फ वीडियो अपलोड करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों की पहचान भी की जा रही है जिन्होंने इसे संगठित तरीके से आगे बढ़ाया। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद आगे की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">राज्य महिला आयोग ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दुर्ग एसएसपी को पत्र भेजा है। आयोग ने कहा है कि किसी महिला की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए AI तकनीक का दुरुपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है। आयोग ने साइबर सेल को निर्देश दिया है कि वीडियो की प्रामाणिकता, निर्माण स्रोत और प्रसार नेटवर्क की तकनीकी जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए। अधिकारियों के अनुसार, महिला से जुड़ी आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री के मामलों में अब निगरानी और सख्ती बढ़ाई जा सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:36:25 +0530</pubDate>
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