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                <title>Irrigation - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Irrigation RSS Feed</description>
                
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                <title>दशकों पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म, चार राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता; अमित शाह बोले- पानी का लाभ पूरे देश को मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद पर वन-टाइम सेटलमेंट समझौते पर किए हस्ताक्षर, वर्षों से लंबित भुगतान और दावों का हुआ अंतिम निपटारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmada-water-dispute.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">नई दिल्ली में मंगलवार को देश के सबसे लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय जल विवादों में से एक नर्मदा जल विवाद का महत्वपूर्ण समाधान सामने आया। सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत, मुआवजा और विभिन्न राज्यों के बीच वित्तीय दावों को लेकर वर्षों से चल रही खींचतान आखिरकार समाप्त हो गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ परियोजना से जुड़े सभी लंबित वित्तीय मामलों के अंतिम निपटारे का रास्ता साफ हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। बैठक में केंद्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान को सहकारी संघवाद की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पानी चाहे किसी भी राज्य में उपयोग हो, उसका लाभ अंततः भारत के किसानों और नागरिकों को ही मिलता है। उनके अनुसार राज्यों के बीच सहयोग की भावना से ही देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव है और यही विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और वर्षों पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद केवल एक विचार नहीं बल्कि व्यवहार में दिखाई देने वाला मॉडल बन चुका है। कई राज्यों में बेहतर समन्वय के कारण जल विवादों सहित अन्य जटिल मामलों का समाधान तेजी से हो रहा है। सरदार सरोवर परियोजना देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय नदी परियोजनाओं में गिनी जाती है। इस परियोजना से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल तथा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिला है। लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिली है जबकि अनेक शहरों और गांवों में पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। राजस्थान के कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचने के बाद खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परियोजना के निर्माण के दौरान लागत, पुनर्वास, मुआवजा और हिस्सेदारी को लेकर चारों राज्यों के बीच लंबे समय तक मतभेद बने रहे। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसलों के बाद भी कई वित्तीय दावे लंबित थे, जिन पर लगातार चर्चा चल रही थी। अब वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए इन सभी विवादों को समाप्त करने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद हालांकि मध्य प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से अपेक्षित लाभ नहीं मिला। राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बांध के कारण प्रभावित भूमि और मुआवजे के आधार पर लगभग 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था। लेकिन नए समझौते के अनुसार मध्य प्रदेश को उल्टे गुजरात सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इस पहलू को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में सरदार सरोवर बांध पहली बार अपनी पूर्ण क्षमता तक भरने के बाद मध्य प्रदेश के डूब क्षेत्र का वास्तविक आकलन सामने आया। पहले जहां 178 गांव प्रभावित बताए गए थे, वहीं बाद में यह संख्या बढ़कर 192 गांव हो गई। डूब क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जलमग्न हुई, जिससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण बन गया था। इसी आधार पर मध्य प्रदेश ने संशोधित मुआवजे की मांग रखी थी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर अन्य अंतरराज्यीय जल विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद और किशाऊ बांध परियोजना जैसे मामलों में भी सहमति बनी है। उनका कहना था कि राज्यों के बीच विवाद जितनी जल्दी समाप्त होंगे, उतनी ही तेजी से विकास परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:13:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>उज्जैन में आज 207 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे सीएम मोहन यादव</title>
                                    <description><![CDATA[झारड़ा में 188.42 करोड़ के सामाकोटा बैराज का लोकार्पण, 18 गांवों के 11 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को मिलेगा सिंचाई का लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a32456f9e388/article-56171"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-mohan-yadav.jpg" alt=""></a><br /><p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को उज्जैन जिले के झारड़ा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही सामाकोटा बैराज परियोजना का लोकार्पण करेंगे। करीब 188.42 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस बैराज को मालवा अंचल की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार छोटी कालीसिंध नदी पर निर्मित यह परियोजना लंबे समय से क्षेत्र के किसानों की जरूरत रही है। बैराज के शुरू होने के बाद आसपास के गांवों में खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को फसल उत्पादन में भी लाभ मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>सामाकोटा बैराज की जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटर है। इस परियोजना के जरिए पाइपलाइन आधारित सिंचाई प्रणाली विकसित की गई है, जिससे करीब 7236 हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि झारड़ा, नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टियाजस्सा, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाटा, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, महिदपुरिया, सोमचिड़ी सहित कुल 18 गांवों के 11 हजार से अधिक किसान परिवारों को इस योजना का सीधा फायदा मिलेगा। क्षेत्र में लंबे समय से बारिश पर निर्भर खेती की समस्या रही है और कई बार कम वर्षा के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। ऐसे में बैराज से मिलने वाली सिंचाई सुविधा को खेती की स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में केवल बैराज का लोकार्पण ही नहीं होगा, बल्कि विभिन्न विभागों से जुड़े कई विकास कार्य भी जनता को समर्पित किए जाएंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार करीब 19 करोड़ रुपए से अधिक लागत के अन्य निर्माण कार्यों का उद्घाटन भी इसी अवसर पर किया जाएगा। इनमें उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 4.35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित महाविद्यालय भवन प्रमुख है। इसके अलावा लोक शिक्षण विभाग के तहत सेमलिया, महिदपुर रोड और कुंडीखेड़ा में बनाए गए कन्या विद्यालय भवनों का भी लोकार्पण किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में इन भवनों को स्थानीय विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>विकास कार्यों की सूची में ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनाएं भी शामिल हैं। मोचीखेड़ा में तैयार किए गए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र को भी जनता को समर्पित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण इलाकों में वोल्टेज संबंधी समस्याओं में कमी आने की संभावना है। वहीं झारड़ा क्षेत्र में निर्मित 13 नए उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री के हाथों होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से इन भवनों का निर्माण किया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो सकेंगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सुबह से ही बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, किसानों और स्थानीय नागरिकों के कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। क्षेत्र के किसानों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि सामाकोटा बैराज परियोजना को उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों में शामिल माना जाता रहा है। कई किसान संगठनों ने भी इस परियोजना के शुरू होने को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली से जुड़े नए बुनियादी ढांचे का लाभ भी ग्रामीण आबादी को सीधे तौर पर मिलेगा। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस दौरे के दौरान लगभग 207 करोड़ रुपए के विकास कार्य उज्जैन जिले की जनता को समर्पित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 13:32:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MP कैबिनेट के बड़े फैसले: विकास के लिए 26,800 करोड़ मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक में इस बार प्रदेश के विकास को लेकर २६ हजार ८०० करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई।  वहीं लोक निर्माण विभाग की आगामी पांच वर्षों की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के लिए 26 हजार 311 करोड़ रूपए की राषि को भी मंजूदी दी गई। मंत्री परिषद ने पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये छात्रवृत्ति राषि को 1550 रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए प्रतिमाह करने को निर्णय भी लिया है। इसके अलावा ग्रामीण सिंचाई व्यवस्था के लिए लखुंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और प्रदेष की 38 हजार 901 आंगनवाड़ियों में बिजली</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/big-decisions-of-mp-cabinet-%E2%82%B926800-crore-approved-for-development/article-52336"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(70).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक में इस बार प्रदेश के विकास को लेकर २६ हजार ८०० करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई।  वहीं लोक निर्माण विभाग की आगामी पांच वर्षों की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के लिए 26 हजार 311 करोड़ रूपए की राषि को भी मंजूदी दी गई। मंत्री परिषद ने पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये छात्रवृत्ति राषि को 1550 रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए प्रतिमाह करने को निर्णय भी लिया है। इसके अलावा ग्रामीण सिंचाई व्यवस्था के लिए लखुंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और प्रदेष की 38 हजार 901 आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्षन के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधान किए हैं। राजधानी भोपाल और रीवा के चिकित्सा काॅलेजों के लिए पुनरीक्षित प्रषासनिक स्वीकृतियां भी दी गई हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रि-परिषद द्वारा शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">155</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">82</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">17</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> एवं उज्जैन जिले की तराना तहसील के </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">7</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्राम इस तरह कुल </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">24</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्रामों के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">9</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">200</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना अंतर्गत लखुंदर नदी पर शाजापुर जिले में मक्सी के समीप पूर्व से ही निर्मित जलाशय से </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">24.37</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> मीट्रिक घन. मीटर जल का उद्वहन कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाऐगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही केन्द्रीय सड़क अधोसंरचना निधि संबंधी योजनाओं के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">6</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">925</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रूपये</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एफ-टाईप से उच्च श्रेणी के शासकीय आवास एवं गैर आवासीय भवनों का अनुरक्षण का कार्य संबंधी योजना के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">1</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">680</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रूपये और भू-अर्जन के लिए मुआवजा संबंधी योजना के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">6</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">500</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा दूरस्थ अंचलों में तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पी.जी. सीट वृद्धि योजना के अंतर्गत गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के लिए रेडियोथैरिपी विभाग की ओ.पी.डी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लीनियक मशीन बंकर</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथलैब का निर्माण कार्य के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">14</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">8</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने के साथ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">79</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रि-परिषद द्वारा श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के अंतर्गत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के तहत निर्माण कार्य के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">164</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">49</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये के स्थान पर </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">174</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">80</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="en-us" xml:lang="en-us">38,901</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आँगनवाड़ी भवनों में विद्युतीकरण के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">80</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">41</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये की स्वीकृति</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत विद्युतविहीन आँगनवाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था अन्तर्गत </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">38</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">901</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> ऑगनवाड़ी भवनों में बाहय विद्युतीकरण संबंधी योजना की </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वें वित्त आयोग की निर्धारित अवधि (वित्तीय वर्ष </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">2026-27</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">2030-31</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> तक) की स्वीकृति एवं निरंतरता के लिए </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">80</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">41</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रूपये की स्वीकृति दी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वीकृति अनुसार प्रदेश में संचालित कुल </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">97,882</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आँगनवाड़ी केन्द्रों में से विद्युत व्यवस्थाविहीन </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">38,901</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> विभागीय आँगनवाड़ी भवनों में विदयुत व्यवस्था करवाई जाएगी। आंगनवाड़ी भवनों में बाहय विदयुतीकरण होने पर ट्यूबलाईट/बल्ब</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पंखा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कूलर</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट टी.वी.</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">,</span><span lang="hi" xml:lang="hi">वॉटर प्यूरीफायर इत्यादि के समुचित उपयोग होगा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समस्त विभागीय योजनाओं का बेहतर तरीके से संचालन होगा। विभागीय योजनाओं की गतिशीलता बढ़ेगी। आँगनवाड़ी केन्द्र के बच्चें सुविधाजनक वातावरण में शालापूर्व शिक्षा व अन्य सेवायें ले सकेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय वर्ष </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">2026-27</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong> </strong>से वित्तीय वर्ष </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">2030-31</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> तक कुल </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">38,814</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> विभागीय आँगनवाड़ी भवनों</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धरती आबा योजना अंतर्गत शेष संभावित </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">69</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आँगनवाड़ी भवन एवं जिला खनिज फंड से निर्मित </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">18</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आँगनवाड़ी भवनों सहित अनुमानत </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">38,901</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> आँगनवाड़ी भवनों में बाहय विदयुतीकरण का लक्ष्य है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:44:42 +0530</pubDate>
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