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                <title>StockMarket - दैनिक जागरण</title>
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                <description>StockMarket RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 24,100 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू बाजार में मजबूत शुरुआत के बीच आईटी और मेटल सेक्टर में खरीदारी लौटी, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/great-rise-in-the-stock-market-sensex-jumped-400-points/article-57613"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/today-stock-market-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 2 जुलाई को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 77,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 100 अंकों से अधिक की बढ़त लेकर 24,100 के स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार में शुरुआती घंटों में आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा और प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी कंपनियों के शेयरों का रहा। देश की प्रमुख टेक कंपनियों इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में करीब चार प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी का रुख बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी सेक्टर में सुधार की उम्मीद और आगामी तिमाही नतीजों को लेकर सकारात्मक माहौल के कारण निवेशक आईटी शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मेटल सेक्टर में भी अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे इस क्षेत्र के अधिकांश शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। घरेलू बाजार की मजबूती के बीच एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दबाव में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में अलग-अलग संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों की मजबूती और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद निवेशकों का भरोसा बनाए हुए है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान हल्की गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। हालांकि अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का भारतीय बाजार पर ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया। बाजार जानकारों का मानना है कि घरेलू निवेशकों का फोकस फिलहाल भारत की आर्थिक स्थिति, कॉर्पोरेट आय और आने वाले तिमाही नतीजों पर अधिक है, इसलिए विदेशी संकेतों का प्रभाव सीमित नजर आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी बाजार को सहारा देती दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने पिछले सात कारोबारी दिनों में करीब 3,907 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वहीं पिछले एक महीने में उनकी कुल बिकवाली 36,000 करोड़ रुपये से अधिक रही है। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी है और पिछले एक महीने में 71,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। यही वजह है कि विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट से बचा हुआ है।  घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भारतीय बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेश, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और खुदरा निवेशकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा यह हुआ है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर पहले की तुलना में कम दिखाई देता है। घरेलू निवेशक बाजार में गिरावट आने पर भी खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया था। एक जुलाई को सेंसेक्स 443 अंकों की बढ़त के साथ 76,922 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 140 अंक चढ़कर 24,005 के स्तर पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी का माहौल निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि यह रुझान आगे भी जारी रहता है तो प्रमुख सूचकांक नए रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे निवेशकों की दिशा तय करेंगे। विशेष रूप से आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और मेटल कंपनियों के परिणामों पर बाजार की नजर रहेगी। यदि अपेक्षा से बेहतर नतीजे आते हैं तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है। वहीं वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> मौजूदा तेजी के दौरान भी सोच-समझकर निवेश करें। केवल तेजी देखकर किसी शेयर में निवेश करने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और मूल्यांकन का आकलन करना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियां अब भी बेहतर विकल्प मानी जा रही हैं। बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है और आईटी तथा मेटल सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले कारोबारी सत्रों में भी मजबूती के साथ आगे बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:27:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजार में फ्लैट कारोबार, सेंसेक्स 77,100 पर स्थिर रुख</title>
                                    <description><![CDATA[मेटल और फार्मा सेक्टर की खरीदारी से बाजार को सपोर्ट, ऑटो-IT में दबाव जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/flat-trading-in-stock-market-sensex-stable-at-77100/article-57281"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-today-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">शेयर बाजार में आज 29 जून को कारोबार की शुरुआत बेहद सीमित दायरे में हुई और दिनभर बाजार लगभग सपाट रुख के साथ ही चलता रहा। सेंसेक्स करीब 77,100 के स्तर पर स्थिर दिखाई दिया, वहीं निफ्टी 24,100 के आसपास हल्की उठापटक के बीच कारोबार करता रहा। शुरुआती घंटों में ही यह साफ हो गया था कि बाजार में इस समय कोई मजबूत दिशा नहीं बन पा रही है और निवेशक भी बड़ी पोजीशन लेने से बचते नजर आ रहे हैं। सुबह के समय हल्की तेजी और हल्की गिरावट के बीच इंडेक्स लगातार ऊपर-नीचे होते रहे, लेकिन कुल मिलाकर पूरा ट्रेडिंग सेशन सीमित दायरे में ही सिमटा रहा।  बाजार में इस समय घरेलू संकेत तो स्थिर हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर मिल रहे मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। यही वजह रही कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स किसी बड़ी तेजी या गिरावट की ओर नहीं जा सके। बाजार में सेक्टोरल मूवमेंट जरूर देखने को मिला, जहां कुछ सेक्टरों में खरीदारी और कुछ में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। खासकर ऑटो, आईटी और मीडिया सेक्टर में पूरे दिन दबाव बना रहा, जिससे बाजार की तेजी सीमित हो गई। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने इंडेक्स को बड़े नुकसान से बचाए रखा। सुबह जैसे ही बाजार खुला, वैसे ही कुछ स्टॉक्स में हल्की गिरावट देखने को मिली। शुरुआती आधे घंटे में ही ऑटो सेक्टर में बिकवाली बढ़ गई और आईटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ गए। बताया जा रहा है कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी मार्केट में सुस्ती और ऑटो सेक्टर में डिमांड को लेकर अनिश्चितता की वजह से निवेशकों ने इन सेक्टरों से दूरी बनाए रखी। वहीं दूसरी ओर फार्मा सेक्टर में लगातार खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे इस इंडेक्स को सपोर्ट मिला। मेटल सेक्टर में भी कुछ बड़े स्टॉक्स में मजबूत खरीदारी देखी गई, खासकर ऐसे समय में जब ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में स्थिरता के संकेत मिल रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के मध्य तक बाजार में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी अपेक्षाकृत कम ही बना रहा। कई ट्रेडर्स का कहना है कि फिलहाल बाजार में “वेट एंड वॉच” का माहौल है, जहां निवेशक किसी बड़े आर्थिक या वैश्विक संकेत का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सेंसेक्स बार-बार 77,000 के आसपास और निफ्टी 24,100 के आसपास घूमता रहा, जिससे यह साफ हुआ कि बाजार एक सीमित रेंज में फंसा हुआ है। कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की-फुल्की गतिविधि देखने को मिली, लेकिन वह भी किसी बड़े ट्रेंड को जन्म नहीं दे सकी। एशियाई बाजारों में भी आज का कारोबार मिला-जुला रहा। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई भी कमजोर रुख में रहा। इसके उलट हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स मजबूती के साथ ऊपर चढ़ा। इस अस्थिरता का असर भारतीय बाजार पर भी साफ देखने को मिला। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों ने भारतीय निवेशकों को सतर्क बनाए रखा और इसी वजह से बाजार में कोई बड़ी तेजी नहीं बन सकी। गुरुवार के कारोबार की बात करें तो उस दिन भी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच हल्की बढ़त दर्ज की गई थी, लेकिन वह तेजी भी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दिन के अंत में सीमित बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे यह साफ हो गया था कि बाजार में फिलहाल कोई मजबूत ट्रेंड नहीं बन रहा है। इसी वजह से आज भी बाजार लगभग उसी रेंज में घूमता नजर आया और निवेशकों की रणनीति भी काफी हद तक सतर्क रही। आने वाले कुछ सत्रों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। अभी के लिए निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और सिर्फ चुनिंदा सेक्टरों में ही हल्की खरीदारी कर रहे हैं। मेटल और फार्मा सेक्टर में जिस तरह की मजबूती दिख रही है, वह आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है अगर वैश्विक संकेत कमजोर रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:35:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेंसेक्स 550 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी 24,200 के करीब पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[ऑटो, एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार में तेजी, रिलैक्सो फुटवियर 11% से ज्यादा उछला जबकि बंधन बैंक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3cc8cbd97f2/article-56874"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान मजबूत तेजी देखने को मिली। निवेशकों की खरीदारी और प्रमुख सेक्टर्स में सकारात्मक माहौल के बीच सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 24,200 के स्तर के करीब पहुंच गया। सुबह के कारोबार के बाद बाजार में तेजी का रुख लगातार बना रहा और ऑटो, एफएमसीजी तथा बैंकिंग शेयरों ने इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान दिया। बाजार की चाल से यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है, हालांकि व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। देर सुबह करीब 11:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 567.38 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,558.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 175.95 अंक यानी 0.73 प्रतिशत चढ़कर 24,197.60 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला था और प्रमुख सूचकांकों ने धीरे-धीरे अपनी बढ़त को मजबूत किया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी और कुछ सेक्टर्स में सकारात्मक कारोबारी संकेतों ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि बाजार की चौड़ाई मिश्रित रही। कारोबार के दौरान 1,726 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,839 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इसका मतलब यह रहा कि सूचकांक भले ही मजबूत रहे, लेकिन सभी शेयरों में समान रूप से तेजी नहीं रही। कई छोटे और मझोले शेयरों में दबाव भी देखने को मिला। इसके बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते रहे, जिससे निवेशकों का रुझान व्यापक बाजार में भी बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">सेक्टोरल आधार पर ऑटो शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वाहन कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे सेक्टर को मजबूती मिली। एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई। इसके अलावा रियल्टी और निजी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार दर्ज किया गया। बाजार में तेजी का एक और महत्वपूर्ण संकेत इंडिया वीआईएक्स में आई गिरावट रही। इंडिया वीआईएक्स, जिसे बाजार की अस्थिरता का पैमाना माना जाता है, 4.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और निकट भविष्य को लेकर विश्वास बढ़ा है। निफ्टी के प्रमुख शेयरों की बात करें तो मैक्स हेल्थकेयर सबसे बड़े लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी का शेयर करीब 4.65 प्रतिशत उछल गया। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन में 4.60 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी के शेयरों में 4.56 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा भी 3.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। ऑटो सेक्टर में आई इस तेजी ने पूरे बाजार को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर कुछ शेयरों में दबाव भी बना रहा। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में बंधन बैंक सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाला शेयर रहा। बैंक का शेयर 5.5 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा सुप्रीम इंडस्ट्रीज में 3.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नेशनल एल्युमिनियम कंपनी यानी नाल्को का शेयर 2.56 प्रतिशत कमजोर हुआ, जबकि इमामी में भी 2.29 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इन शेयरों में बिकवाली के बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही। मिडकैप शेयरों में रिलैक्सो फुटवियर निवेशकों की खास पसंद बनकर उभरा। कंपनी का शेयर 11.54 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग के साथ शीर्ष गेनर रहा। इसके अलावा ऑटो कंपोनेंट कंपनी यूएनओ मिंडा में 4.35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कायन्स टेक्नोलॉजी 3.80 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एलएंडटी फाइनेंस में भी 3.10 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। इन शेयरों में आई तेजी ने मिडकैप सेगमेंट में निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। निवेशकों का ध्यान कंपनियों के प्रदर्शन, आर्थिक संकेतकों और वैश्विक बाजारों से आने वाले संकेतों पर बना हुआ है। यदि विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक रहता है और घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहती हैं, तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि कई सेक्टर्स में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 12:16:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>इलॉन मस्क की संपत्ति में रिकॉर्ड गिरावट, एक हफ्ते में ₹33 लाख करोड़ से ज्यादा डूबे</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेसएक्स शेयर 16% गिरने से भारी नुकसान, AI निवेश चिंता और वैश्विक बाजार दबाव से ट्रिलियनेयर मस्क की नेटवर्थ में बड़ी कटौती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/the-woman-who-reached-shahjahanpur-temple-wearing-a-burqa-said/article-56844"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/elon-musk-net-worth-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क की संपत्ति में इस हफ्ते अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ ही दिन पहले ट्रिलियनेयर बने मस्क की नेटवर्थ अब तेज गिरावट के चलते भारी नुकसान में चली गई है। मुख्य वजह उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही है। इस गिरावट ने एक हफ्ते के भीतर उनकी कुल संपत्ति को करीब 350 बिलियन डॉलर यानी लगभग 33.13 लाख करोड़ रुपए तक कम कर दिया है। यह आंकड़ा खुद में इतना बड़ा है कि यह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति की कुल संपत्ति से भी अधिक है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के अनुसार, स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट के बाद इलॉन मस्क की नेटवर्थ 1.45 ट्रिलियन डॉलर से घटकर लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 104.15 लाख करोड़ रुपए रह गई है। इस अचानक आई गिरावट ने वैश्विक निवेशकों और टेक सेक्टर में हलचल पैदा कर दी है। खास बात यह है कि मस्क की संपत्ति में यह गिरावट किसी सामान्य उतार-चढ़ाव से कहीं अधिक मानी जा रही है क्योंकि इसमें एक ही हफ्ते में अरबों डॉलर का नुकसान शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के शेयरों में यह गिरावट उस समय तेज हुई जब कंपनी ने अपने एआई विस्तार और भविष्य की परियोजनाओं के लिए करीब 20 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1.89 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना की घोषणा की। इसके लिए कंपनी ने इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग का ऐलान किया, जिसके बाद बाजार में निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई और शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। इसी दबाव के कारण स्पेसएक्स के स्टॉक में एक ही दिन में 16.4% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली का असर केवल शेयर कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कंपनी की कुल वैल्यूएशन पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स की मार्केट वैल्यू कुछ ही दिनों में लगभग 928 बिलियन डॉलर यानी करीब 87.84 लाख करोड़ रुपए तक कम हो गई। कंपनी की कुल वैल्यूएशन अब अपने हाई लेवल 2.9 ट्रिलियन डॉलर से गिरकर लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के आसपास आ गई है। यह गिरावट टेक सेक्टर में चल रही अनिश्चितता और एआई निवेश से जुड़ी चिंताओं को भी दर्शाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि यह पहली बार नहीं है जब इलॉन मस्क को इतनी बड़ी वित्तीय गिरावट का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले वर्ष 2022 में टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट के दौरान उनकी संपत्ति में लगभग 165 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था, जो उस समय किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति गिरावट मानी गई थी। मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा स्पेसएक्स में उनकी करीब 38 प्रतिशत हिस्सेदारी और टेस्ला में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण इन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव सीधे उनकी नेटवर्थ को प्रभावित करते हैं। स्पेसएक्स की ओर से जारी हालिया कदमों ने बाजार में यह चिंता भी बढ़ा दी है कि क्या बड़ी टेक कंपनियां एआई सेक्टर में बढ़ते मुकाबले के बीच लगातार भारी निवेश जारी रख पाएंगी या नहीं। कंपनी ने हालांकि यह भी दावा किया है कि उसके पास लगभग 100 बिलियन डॉलर से अधिक की नकदी मौजूद है, जो उसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाती है। इसके बावजूद निवेशकों के बीच अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों में भी इसका असर देखने को मिला है। अमेरिकी नैस्डैक इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया। साउथ कोरिया, जापान और हॉन्गकॉन्ग जैसे बाजारों में तकनीकी शेयरों में बिकवाली तेज रही। भारत के शेयर बाजार पर भी इसका असर पड़ा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। इससे यह साफ है कि एआई और टेक सेक्टर से जुड़ी अनिश्चितता अब वैश्विक स्तर पर असर डाल रही है। इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड जैसी वित्तीय रणनीतियां कंपनियों के लिए विस्तार का जरिया तो होती हैं, लेकिन यदि बाजार में विश्वास कमजोर हो जाए तो इसका सीधा असर शेयरों पर पड़ता है। स्पेसएक्स के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली है। निवेशकों ने कंपनी के भारी एआई निवेश योजनाओं को लेकर सतर्कता दिखाई, जिसके कारण शेयरों में तेज गिरावट आई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 17:47:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[वेदांता के शेयर में 6% गिरावट और मेटल-आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली के बीच सेंसेक्स 76,550 और निफ्टी 23,900 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-falls-by-more-than-500-points-market-under-pressure/article-56726"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex2.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान कमजोरी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूटकर 76,550 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी करीब 180 अंक फिसलकर 23,900 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे अधिक दबाव मेटल और आईटी शेयरों पर रहा, जबकि वेदांता के शेयर में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कारोबार के शुरुआती घंटों से ही निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी गिरावट का एक प्रमुख कारण रही। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।</p>
<h2>वेदांता में तेज गिरावट</h2>
<p class="isSelectedEnd">कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा वेदांता के शेयरों की रही। ब्लॉक डील के जरिए प्रमोटर समूह द्वारा लगभग ₹2,149 करोड़ मूल्य की हिस्सेदारी बेचे जाने की खबर के बाद कंपनी का शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री से बाजार में सप्लाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे अल्पकालिक दबाव बन सकता है। इसका असर मेटल सेक्टर के अन्य शेयरों पर भी देखा गया।</p>
<h2>एशियाई बाजारों का असर</h2>
<p class="isSelectedEnd">एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मंगलवार को कमजोरी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया, जापान और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख और आर्थिक चिंताओं का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाउ जोंस बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई। इसका प्रभाव भी भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी बीच प्राथमिक बाजार में गतिविधियां जारी हैं। कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड संचालित करने वाली कंपनी वाटरवेज लीजर टूरिज्म का आईपीओ मंगलवार से निवेशकों के लिए खुल गया। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए ₹585 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हालिया खरीदारी ने बाजार को कुछ समर्थन जरूर दिया है, लेकिन वैश्विक संकेतों और सेक्टर आधारित बिकवाली के कारण दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में निवेशकों की निगाहें वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट अपडेट्स और विदेशी निवेश प्रवाह पर बनी रहेंगी।</p>
<p>फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक सतर्क रणनीति के साथ कारोबार कर रहे हैं। भारत समाचार अपडेट, बिजनेस न्यूज और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में शेयर बाजार की यह गिरावट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वॉटरवेज लीजर टूरिज्म का IPO खुला, ₹585 करोड़ जुटाने की तैयारी, 1 जुलाई को संभावित लिस्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[कॉर्डेलिया क्रूजेस संचालित करने वाली वॉटरवेज लीजर टूरिज्म ने IPO के लिए ₹769-₹808 का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक 25 जून तक आवेदन कर सकेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/waterways-leisure-tourisms-ipo-opens-preparation-to-raise-%E2%82%B9585-crore/article-56722"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ipo.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत के तेजी से बढ़ते क्रूज टूरिज्म सेक्टर की प्रमुख कंपनी <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Waterways Leisure Tourism</span></span> का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) मंगलवार, 23 जून से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹585 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। निवेशक 25 जून तक इस IPO में बोली लगा सकेंगे। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 1 जुलाई को भारतीय शेयर बाजारों में हो सकती है।</p>
<p>IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹263.25 करोड़ जुटाकर संस्थागत निवेशकों की रुचि का संकेत दिया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूज टूरिज्म उद्योग में कंपनी की मजबूत मौजूदगी निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है, हालांकि वैल्युएशन और सीमित लिस्टिंग गेन को लेकर कुछ सावधानियां भी जताई जा रही हैं।</p>
<p>कंपनी ने IPO के लिए ₹769 से ₹808 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। लॉट साइज 18 शेयरों का रखा गया है, जिसके चलते रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹14,544 का निवेश करना होगा। इश्यू में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए अधिकतम 75%, गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए न्यूनतम 15% और रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 10% हिस्सा आरक्षित किया गया है।</p>
<h2>एंकर निवेशकों का भरोसा</h2>
<p>कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले आठ एंकर निवेशकों को 32.58 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। इनमें प्रमुख घरेलू और वैश्विक फंड शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एंकर बुक का सफल रहना बाजार में कंपनी की स्वीकार्यता को दर्शाता है।</p>
<p>IPO का आवंटन 29 जून को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उन्हें 30 जून से रिफंड मिलना शुरू होगा। इसी दिन सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर भी जमा कर दिए जाएंगे।</p>
<h2>GMP और वैल्युएशन पर नजर</h2>
<p>ग्रे मार्केट में इस IPO को फिलहाल सीमित प्रतिक्रिया मिल रही है। उपलब्ध बाजार संकेतों के अनुसार, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग ₹12 के आसपास बना हुआ है। इसके आधार पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य ₹820 प्रति शेयर के करीब हो सकता है, जो इश्यू प्राइस की तुलना में मामूली बढ़त दर्शाता है।</p>
<p>ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि कंपनी भारत के उभरते क्रूज टूरिज्म बाजार में मजबूत स्थिति रखती है और यात्री मांग में लगातार सुधार देखा गया है। हालांकि ईंधन लागत, परिचालन जोखिम और ऊंचे वैल्युएशन जैसे कारकों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p>
<p>कंपनी द्वारा जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपनी सहायक इकाई के लीज भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि यह IPO उन निवेशकों के लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है जो लंबी अवधि के नजरिए से पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं।</p>
<p>भारत में क्रूज टूरिज्म उद्योग को लेकर बढ़ती रुचि के बीच यह IPO बाजार की प्रमुख घटनाओं में शामिल हो गया है। आने वाले दिनों में निवेशकों की प्रतिक्रिया और सब्सक्रिप्शन आंकड़े इस इश्यू की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:03:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौतम अडाणी फिर बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति, एक महीने बाद हासिल की शीर्ष जगह</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी जांच में राहत के बाद बढ़ी दौलत, शेयरों में तेजी से अंबानी और मसायोशी सन को छोड़ा पीछे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gautam-adani-again-becomes-asias-richest-person-regains-the-top/article-55172"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gautam-adani.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है। करीब एक महीने पहले तक इस सूची में पीछे खिसक चुके अडाणी ने अब जोरदार वापसी करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और जापान की सॉफ्टबैंक के प्रमुख मसायोशी सन को पीछे छोड़ दिया है। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर सूची के अनुसार उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 90 अरब डॉलर यानी लगभग 8.55 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है। बाजार में अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार आई तेजी को इस उछाल की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2026 तक गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर कारोबारी बने हुए थे, लेकिन बाद में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और कुछ निवेशकों की सतर्कता के कारण उनकी रैंकिंग नीचे चली गई थी। मई के दौरान वह तीसरे स्थान पर पहुंच गए थे। हालांकि बीते कुछ हफ्तों में समूह की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसी का असर उनकी कुल संपत्ति पर भी दिखाई दिया और वह फिर से शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार अडाणी के बाद दूसरे स्थान पर मुकेश अंबानी हैं जिनकी अनुमानित संपत्ति करीब 8.43 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं तीसरे स्थान पर सॉफ्टबैंक के सीईओ मसायोशी सन हैं जिनकी कुल नेटवर्थ लगभग 87 अरब डॉलर आंकी गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में अडाणी समूह के शेयरों में आई मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और इसका सीधा फायदा समूह के चेयरमैन की संपत्ति में देखने को मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल 2026 में अडाणी समूह की विभिन्न कंपनियों के शेयरों में 23 प्रतिशत से लेकर 56 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी समूह की कई कंपनियों के शेयर मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। अडाणी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में करीब 7 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली। वहीं अडाणी एनर्जी के शेयर लगभग 4 प्रतिशत मजबूत हुए। अडाणी एंटरप्राइजेज और अडाणी पोर्ट्स में भी करीब 2-2 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि अडाणी पावर के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में इस तेजी को निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से अडाणी समूह के खिलाफ लगाए गए कुछ प्रमुख आरोपों को खारिज किए जाने के बाद निवेशकों का रुख तेजी से बदला। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक समूह पर सोलर एनर्जी आपूर्ति से जुड़े अनुबंधों में कथित रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के सामने आने के बाद कई निवेशक सतर्क हो गए थे और बाजार में दबाव देखने को मिला था। लेकिन जांच में राहत मिलने के बाद हालात बदले और समूह की कंपनियों में फिर से खरीदारी बढ़ गई। इसी घटनाक्रम के बाद गौतम अडाणी की संपत्ति में लगभग 10 अरब डॉलर यानी करीब 95 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। बाजार में सकारात्मक संकेत मिलने के साथ विदेशी और घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी। शेयरों में लगातार आई तेजी ने अडाणी को एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में फिर से स्थापित कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गौरतलब है कि वर्ष 2023 में अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडाणी समूह को बड़ा झटका लगा था। रिपोर्ट में समूह पर शेयरों में हेरफेर और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। उस समय अडाणी समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और समूह के बाजार पूंजीकरण में भी बड़ी कमी देखी गई थी। हालांकि बाद में विभिन्न जांचों और नियामकीय प्रक्रियाओं के दौरान कई आरोप साबित नहीं हो सके और धीरे-धीरे निवेशकों का भरोसा लौटता गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में भी गौतम अडाणी की स्थिति मजबूत हुई है। फोर्ब्स के अनुसार वह फिलहाल दुनिया के 23वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनके ठीक बाद मुकेश अंबानी और मसायोशी सन का स्थान है। शुक्रवार को अडाणी दुनिया के उन चुनिंदा अरबपतियों में शामिल रहे जिनकी संपत्ति में एक ही दिन में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। उनकी कुल संपत्ति में करीब 23.74 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस मामले में उनसे आगे केवल दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट रहे, जिनकी संपत्ति में एक दिन के दौरान लगभग 28.49 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक स्तर पर हालांकि एलन मस्क अब भी सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 77 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मस्क की संपत्ति दुनिया के कई बड़े उद्योगपतियों से काफी आगे है। वहीं गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज और ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन भी शीर्ष अरबपतियों की सूची में शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:05:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सेंसेक्स 383 अंक चढ़कर बंद, IT-ऑटो शेयरों में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी में भी मजबूती, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार में रिकवरी; दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप में भारत को पीछे छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-closes-383-points-higher-it-auto-shares-rise/article-54768"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">शेयर बाजार में आज यानी 2 जून को लगातार उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार मजबूती देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 383 अंक की बढ़त के साथ 74,650 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 101 अंक की तेजी दर्ज की गई और यह 23,484 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में IT, FMCG और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती सत्र में हल्की कमजोरी के बाद दोपहर के बाद बाजार में खरीदारी तेज हुई और अंत में इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd"> IT और ऑटो सेक्टर में आई खरीदारी ने पूरे बाजार को संभालने का काम किया। निवेशकों की नजरें ग्लोबल संकेतों पर भी बनी रहीं, जहां अमेरिकी बाजारों में पहले से ही मजबूती का रुख देखने को मिला था। वहीं एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा, जिससे घरेलू निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी असर पड़ा। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच एक बड़ी वैश्विक आर्थिक खबर सामने आई है, जिसमें दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप के मामले में भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। यह बदलाव मुख्य रूप से दक्षिण कोरिया की टेक और चिप निर्माण कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन की वजह से हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई ऊंचाई दी है, जिससे वहां की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल दक्षिण कोरिया की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 86 प्रतिशत बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 475 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 456 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई है। यह अंतर निवेशकों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है कि वैश्विक पूंजी प्रवाह फिलहाल टेक-ड्रिवन बाजारों की ओर झुक रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी तरफ, एशियाई बाजारों में आज मिश्रित रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट में रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स मजबूत तेजी के साथ बंद हुआ, जो क्षेत्रीय निवेशकों के सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाता है। वैश्विक बाजारों में यह उतार-चढ़ाव संकेत देता है कि निवेशक अभी भी अलग-अलग आर्थिक संकेतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखी गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&amp;P 500 सभी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए थे। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी का असर अमेरिकी बाजारों पर साफ दिखाई दिया। इसका सकारात्मक प्रभाव एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा, जिससे घरेलू बाजार में रिकवरी देखने को मिली।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि चिंता की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। पिछले 30 दिनों में उन्होंने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं और भारी खरीदारी कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह और महीने में DII की नेट खरीदारी काफी मजबूत रही है, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति में दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली दबाव बना रही है, तो दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से बाजार में तेज गिरावट की जगह सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे पहले 1 जून को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 165 अंक गिरकर 23,382 पर आ गया था। लेकिन अगले ही कारोबारी सत्र में बाजार ने रिकवरी दिखाई और निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:57:54 +0530</pubDate>
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                <title>सेंसेक्स 609 अंक उछला, 77,496 पर बंद; निफ्टी भी मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[शेयर बाजार में तेजी के बीच ऑटो और FMCG शेयरों में खरीदारी, सेंसेक्स 609 अंक बढ़कर 77,496 पर बंद रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-jumped-609-points-closed-at-77496-nifty-also-strong/article-52363"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-29t173155.626.jpg" alt=""></a><br /><p>शेयर बाजार में तेजी का रुख मंगलवार, 29 अप्रैल 2026 को साफ तौर पर देखने को मिला। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स 609 अंक की बढ़त के साथ 77,496 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 182 अंक चढ़कर 24,178 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार बंद होने तक निवेशकों में खरीदारी का माहौल बना रहा और प्रमुख इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए।शेयर बाजार में तेजी का यह रुझान खासतौर पर ऑटो, आईटी, रियल्टी और FMCG सेक्टर में भारी खरीदारी की वजह से देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल से जुड़ी उम्मीदों ने भी बाजार को सपोर्ट दिया।दिन के दौरान बाजार में कई बार उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंत में सेंसेक्स 609 अंक की बढ़त के साथ मजबूती से बंद हुआ।</p>
<h5><strong>तेजी के पीछे वैश्विक संकेत</strong></h5>
<p>शेयर बाजार में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल को लेकर बनी स्थिति को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओपेक और ओपेक़ से जुड़े फैसलों और आपूर्ति बढ़ने की संभावना ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो भारत जैसे आयातक देशों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे महंगाई पर भी नियंत्रण की उम्मीद बढ़ती है और यही वजह है कि शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली।हालांकि, ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से ऊर्जा सेक्टर में हलचल भी बनी हुई है।</p>
<h5><strong>सेक्टरवार प्रदर्शन मजबूत</strong></h5>
<p>शेयर बाजार में तेजी के दौरान सबसे अधिक खरीदारी ऑटो, आईटी, FMCG और रियल्टी सेक्टर में देखी गई। इन सेक्टरों के मजबूत प्रदर्शन ने पूरे बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई।बैंकिंग सेक्टर में भी चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। फेडरल बैंक ने वित्तीय नतीजों में 22.92% की बढ़त दर्ज की, जिससे बैंकिंग शेयरों में सकारात्मक माहौल बना रहा।विश्लेषकों के अनुसार, लगातार अच्छे कॉर्पोरेट नतीजे भी बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं।</p>
<h5><strong>पिछले सत्र का हाल</strong></h5>
<p>इससे पहले सोमवार को बाजार में गिरावट देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स 417 अंक टूटकर 76,887 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 97 अंक गिरकर 23,996 पर बंद हुआ था।इसके मुकाबले मंगलवार का सत्र पूरी तरह बदल गया और शेयर बाजार में तेजी ने निवेशकों को राहत दी।</p>
<p>मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में शेयर बाजार में तेजी और उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिल सकते हैं। वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क लेकिन सकारात्मक रुख बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार में तेजी के बावजूद वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 17:32:53 +0530</pubDate>
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